samacharsecretary.com

अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी पर बड़ा प्रहार: 68 लाख का माल बरामद, महिला समेत 8 आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद छत्तीसगढ़ की महासमुंद पुलिस ने अतंर्राज्यीय गांजा तस्करी पर बड़ी कार्रवाई की है. दो कार में ओडिशा से गांजा लेकर महाराष्ट में सप्लाई करने जा रहे 8 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें एक महिला तस्कर भी शामिल है. चेकिंग के दौरान बड़ी मात्रा में गांजा मिला. इसकी कीमत 68.50 लाख रुपए आंकी गई है. एन्टी नारकोटिक टाॅस्क फोर्स और थाना सिंघोड़ा पुलिस की टीम ने यह कार्रवाई की है. ईको (ओ डी 19 टी 6003) और टोयोटा कार (एम एच 01 बी के 4102) से आ रही कार को नेशनल हाइवे 53 पर रेहटीखोल पर नाकेबंदी कर रोका गया. पुलिस को सूचना मिली थी कि दोनों कार गांजा लेकर जा रहे हैं. पूछताछ में कुछ महाराष्ट तो कुछ ने ओडिशा का निवासी होना बताया, एक बिहार का रहने वाला है. तलाशी लेने पर टोयोटा कार की डिक्की से प्लास्टिक बोरी के अंदर गांजा रखा हुआ पाया. यह कुल 137 किलों गांजा था, जिसकी बाजार में कीमत 68.50 लाख रुपए है. आरोपियों ने बताया कि वह ओडिशा के अंगुल से गांजा को महाराष्ट के अकोला ले जाया जा रहा था. गांजा तस्करों के कब्जे से 7 मोबाईल, 11,400 कैश को जप्त किया गया है. वहीं आरोपियों के खिलाफ अपराध धारा (20बी (दो)(सी), 29 -1) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है. इस कार्रवाई से पुलिस को पूरे सप्लाई चैन को तोड़ने में सफलता मिली है. गिरफ्तार आरोपियो का नाम 01- शिवा साहू पिता विश्वनाथ साहू उम्र 40साल साकिन एवं थाना छेन्दीपदा जिला अंगुल ओडिशा 02 बुधु भूतिया पिता धोबा भूतिया उम्र 29 साल साकिन छेन्दीपदा थाना छेन्दीपदा जिला अंगुल ओडिशा 03- महिला निलो फार शफी पति मो0शफी उम्र 40 साल साकिन फिलदोस कॉलोनी मोतीवाल थाना अकोटफेल जिला अकोला महाराष्ट्र 04- सुल्तान खान पिता समरोज खान उम्र 34 साल साकिन पंजरापुल दिन क्यूरी रोड थाना टाम्बे जिला चेम्बूर महाराष्ट्र, 05-नरोत्तम बेहरा पिता गोविन्द बेहरा उम्र 40 साल साकिन बहालसाही थाना छेन्दीपदा जिला अंगुल उडिसा 06- सुशील साहू पिता निलंकठ साहू उम्र 34 साल साकिन बहालसाही थाना छेन्दीपदा जिला अंगुल उड़ीसा 07- दिलशाद खान पिता शाहिब खान उम्र 33 साल साकिन चन्नी डोरिया थाना अमौर जिला पुर्णिया बिहार 08-शेख जब्बार पिता शेख जफफार उम्र 27 साल साकिन ‍फिरदोस कालोनी मोतीवाल थाना अकोटपेल जिला अकोला महाराष्ट्र

जहरीला पानी बना जानलेवा, दो लोगों की मौत पर TS सिंहदेव का हमला—स्वास्थ्य सुरक्षा ट्रिपल इंजन सरकार की जिम्मेदारी

सरगुजा गर्मी की आहट के साथ ही अंबिकापुर शहर में पीलिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। नमनाकला खटिकपारा में 13 वर्षीय बालक दिव्यांश राय की पीलिया से मौत के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। इससे पहले 22 फरवरी को झंझटपारा नवापारा निवासी 40 वर्षीय सोना लाल की भी पीलिया से मौत हो चुकी है। लगातार हो रही मौतों से लोगों में दहशत का माहौल है। वहीं पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताया है। दूषित पेयजल से फैली बीमारी, 40 से अधिक लोग पीलिया से ग्रसित शहर में फैल रहे पीलिया के पीछे दूषित पेयजल आपूर्ति को मुख्य कारण माना जा रहा है। नवागढ़, घुटरापारा, नमनाकला सहित कई वार्डों में पीलिया के मरीज सामने आ चुके हैं। अब तक 40 से अधिक लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई किया जा रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद नगर निगम द्वारा समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में पानी के सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है और मरीजों की स्क्रीनिंग भी की जा रही है। विभाग का दावा है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि नए मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। कांग्रेस ने निगम कार्यालय का किया घेराव इधर दूषित पेयजल सप्लाई और पीलिया से हो रही मौतों को लेकर शहर की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज नगर निगम कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा की शहर सरकार लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में पूरी तरह नाकाम रही है। निगम की लापरवाही से लोगों के घरों तक दूषित पानी पहुंचा, जिससे बड़ी संख्या में लोग पीलिया से ग्रसित हुए। इस दौरान कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों से इस्तीफे की भी मांग की गई है। पीलिया से अब तक जिन दो लोगों की मौत हुई है, उनमें-     जनजातपरा निवासी सोना लाल (40 वर्ष), मृत्यु दिनांक 22 फरवरी 2026     खटिकपारा निवासी दिव्यांश राय (13 वर्ष), मृत्यु दिनांक 23 फरवरी 2026 टीएस सिंहदेव ने साधा निशाना इस पूरे मामले पर पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि नमनाकला खटिकपारा, अंबिकापुर में पीलिया से 13 वर्षीय छात्र की मृत्यु का समाचार बेहद पीड़ादायक और अत्यंत चिंताजनक है। शोकाकुल परिवार के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि हम पिछले कई हफ्तों से इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या की ओर ध्यान दिला रहे थे, लेकिन स्थानीय प्रशासन की लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि आज एक मासूम ज़िंदगी चली गई। 2–3 दिन पहले भी पीलिया से एक युवक की दर्दनाक मृत्यु हुई थी। यह साफ़ संकेत है कि हालात को हल्के में लिया गया। नमनाकला खटिकपारा, अंबिकापुर में पीलिया से 13 वर्षीय छात्र की मृत्यु का समाचार बेहद पीड़ादायक और अत्यंत चिंताजनक है। शोकाकुल परिवार के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ। टीएस सिंहदेव ने कहा, क्षेत्र की ट्रिपल इंजन सरकार की ज़िम्मेदारी बनती है कि वह जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करे। दुर्भाग्य से लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है- न रोकथाम की ठोस व्यवस्था है, न समय पर इलाज की समुचित पहुंच। जवाबदेही तय हो और गैर-ज़िम्मेदार लोगों पर तत्काल कार्रवाई हो। अंबिकापुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के प्रभावित इलाकों में तुरंत व्यापक स्वास्थ्य जांच अभियान चलाए जाएं। स्वच्छ पानी, जांच और उपचार की सुविधाएं हर ज़रूरतमंद तक शीघ्र पहुंचाई जाएं। लोगों की जान ऐसी बीमारी से नहीं जानी चाहिए जो रोकी भी जा सकती है और समय पर इलाज से ठीक भी हो सकती है।

इन मार्गों पर नहीं होंगे धरना-प्रदर्शन व जुलूस, पुलिस आयुक्त ने लगाया प्रतिबंध

रायपुर राजधानी रायपुर की हेवी ट्रैफिक वाली सड़कों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने को लेकर रायपुर कमिश्नरेट ने नया आदेश जारी किया है. 4 प्रमुख मार्गों पर अब रैली, जुलूस और प्रदर्शन जैसे सार्वजनिक आयोजनों पर पाबंदी लगा दी गई है. अगले दो महीने तक के लिए आदेश लागू किया गया है.   जारी आदेश के मुताबिक, सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक बीएनएसएस 2023 की धारा 163 तक सार्वजनिक आयोजन पर प्रतिबंध रहेगा. आदेश का आदेश का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी. पुलिस कमिश्नर ने आम नागरिकों और संगठनों से अपील की है कि वे शहर में शांति और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन का सहयोग करें. इन सड़कों पर नहीं निकाल सकेंगे रैली 1. जी.ई. रोड: शारदा चौक से जयस्तंभ चौक होते हुए फूल चौक तक. 2. एम.जी. रोड: जयस्तंभ चौक से कोतवाली चौक तक. 3. सदर बाजार रोड: कोतवाली से सत्ती बाजार चौक तक. 4. एम.जी. रोड: मौलाना चौक से शारदा चौक तक.

विभिन्न रंगों और आकर्षक पैकेजिंग के साथ समूह द्वारा निर्मित हर्बल गुलाल

रायपुर विभिन्न रंगों और आकर्षक पैकेजिंग के साथ समूह द्वारा निर्मित हर्बल गुलाल छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़ी कबीरधाम ज़िले की महिला स्व-सहायता समूह महिला सशक्तीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है। जनपद पंचायत बोडला के ग्राम राजा नवागांव की जय गंगा मैया स्व-सहायता समूह से जुड़ी दीदियों ने रंगोत्सव त्योहार होली के लिए हर्बल गुलाल का निर्माण किया है। महिला समूह ने हर्बल गुलाल के व्यवसाय से जुड़कर आजीविका के नए रास्ते खोले है। इस गतिविधि में 10 महिलाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी है, जो उनके आय का अच्छा स्रोत है। लाल, गुलाबी, पीले सहित अन्य रंगों और प्रकृति खुशबू से भरपूर हर्बल गुलाल बाजार में आने के लिए उपलब्ध है।          कलेक्टर कबीरधाम श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि प्रत्येक वर्ष होली के अवसर पर जिले की विभिन्न महिला समूह द्वारा हर्बल गुलाल का निर्माण किया जाता है। कलेक्टोरेट, सभी जनपद पंचायत कार्यालय एवं अन्य स्थानों पर उनके द्वारा स्टॉल लगाकर हर्बल गुलाल की बिक्री की जाती है। समूह की दीदियों द्वारा बनाए गए गुलाल पूरी तरह से प्राकृतिक होने के साथ-साथ बाजार में मिलने वाले अन्य रंगों की तुलना में सस्ता होता है। हर्बल गुलाल की पैकेजिंग बहुत आकर्षक है और यह उपहार देने के भी बहुत अच्छा है। हर्बल गुलाल अनेक रंगो के साथ अलग-अलग मात्रा में पैकेजिंग सहित उपलब्ध है। गतवर्ष भी हमने देखा है कि समूह की दीदियों द्वारा बनाए गए हर्बल गुलाब को क्षेत्रवासियों ने बहुत पसंद किया है और इस व्यवसाय से जुड़कर हमारी ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही है।         जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि प्रत्येक वर्ष बहुत से समूह इसका निर्माण करते है। प्रत्येक समूह को इस व्यवसाय द्वारा 50 से 60 हजार रुपए का लाभ हो जाता है। हर्बल गुलाल की अच्छी गुणवत्ता और आकर्षक पैकिंग सभी को पसंद आती है। योजना से जुड़े मैदानी कर्मचारियों द्वारा समूह को मौसमी व्यवसाय करने के लिए प्रेरित करते हुए हर्बल गुलाल का निर्माण करने प्रोत्साहित किया जाता है। इसके निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल की उपलब्धता के लिए समूह को सहायता प्रदान की जाती है। हर्बल गुलाल के कई फायदे हर्बल गुलाल प्राकृतिक सामग्री जैसे फूल-पत्तियों आदि से बनाए जाते हैं और त्वचा के लिए यह पूरी तरह से सुरक्षित होते हैं। इसके साथ हर्बल गुलाल के और भी कई फायदे हैं। हर्बल गुलाल में प्राकृतिक रंग होता हैं और इसके निर्माण में कोई अतिरिक्त मिलावट नही की जाती। हर्बल गुलाल पर्यावरण अनुकूल होता हैं। अन्य रंगों की तरह इसे छुड़ाने में मेहनत नहीं लगती बल्कि पानी द्वारा आसानी से धो कर साफ किया जा सकता है। इससे पानी की बचत भी होती है। हर्बल गुलाल में हानिकारक रसायन नहीं होते और यह त्वाचा के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। हर्बल गुलाल का निर्माण प्राकृतिक सामग्रियों से होने के कारण शरीर पर एलर्जी नहीं होती। हर्बल गुलाल में प्राकृतिक सुगंध होता है। खुशबू के लिए कोई केमिकल का उपयोग नहीं होने के कारण यह पूरा तरह सुरक्षित है।

हर्बल गुलाल बना रही कबीरधाम की महिलाएं, होली पर बढ़ेगी बिक्री और आय

कबीरधाम छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़ी कबीरधाम की महिला स्व सहायता समूह महिला सशक्तीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है। जनपद पंचायत बोडला के ग्राम राजा नवागांव की जय गंगा मैया स्वयं सहायता समूह से जुड़ी दीदियों ने रंगोत्सव पर्व होली के लिए हर्बल गुलाल का निर्माण किया है। महिला समूह ने हर्बल गुलाल के व्यवसाय से जुड़कर आजीविका के नए रास्ते खोले हैं। इस गतिविधि में 10 महिलाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी है, जो उनके आय का अच्छा स्रोत है। लाल, गुलाबी, पीले सहित अन्य रंगों और प्रकृति खुशबू से भरपूर हर्बल गुलाल बाजार में आने के लिए उपलब्ध है। इस संबंध में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि प्रत्येक वर्ष होली के अवसर पर जिले की विभिन्न महिला समूह द्वारा हर्बल गुलाल का निर्माण किया जाता है। कलेक्टोरेट, सभी जनपद पंचायत कार्यालय एवं अन्य स्थानों पर उनके द्वारा स्टॉल लगाकर हर्बल गुलाल की बिक्री की जाती है। समूह की दीदियों द्वारा बनाए गए गुलाल पूरी तरह से प्राकृतिक होने के साथ-साथ बाजार में मिलने वाले अन्य रंगों की तुलना में सस्ता होता है। उन्होंने बताया कि हर्बल गुलाल की पैकेजिंग बहुत आकर्षक है और यह उपहार देने के भी बहुत अच्छा है। हर्बल गुलाल अनेक रंगों के साथ अलग-अलग मात्रा में पैकेजिंग सहित उपलब्ध है। गत वर्ष भी हमने देखा है कि समूह की दीदियों द्वारा बनाए गए हर्बल गुलाब को क्षेत्रवासियों ने बहुत पसंद किया है और इस व्यवसाय से जुड़कर हमारी ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही है। हर्बल गुलाल निर्माण के संबंध में चर्चा करते हुए सीईओ जिला पंचायत अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि प्रत्येक वर्ष बहुत से समूह इसका निर्माण करते हैं। प्रत्येक समूह को इस व्यवसाय द्वारा 50 से 60 हजार रुपए का लाभ हो जाता है। हर्बल गुलाल की अच्छी गुणवत्ता और आकर्षक पैकिंग सभी को पसंद आती है। योजना से जुड़े मैदानी कर्मचारियों द्वारा समूह को मौसमी व्यवसाय करने के लिए प्रेरित करते हुए हर्बल गुलाल का निर्माण करने प्रोत्साहित किया जाता है। इसके निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल की उपलब्धता के लिए समूह को सहायता प्रदान की जाती है।

जांजगीर-चांपा जिले में पदस्थ तहसीलदार, नायब तहसीलदारों का नवीन पदस्थापना

जांजगीर-चांपा कलेक्टर  जन्मेजय महोबे ने जिले में पदस्थ तहसीलदार, नायब तहसीलदारों को प्रशासनिक आधार पर आदेश जारी कर आगामी आदेश पर्यन्त अस्थायी रूप से नवीन पदस्थापना पर पदस्थ किया है।  जारी आदेश के अनुसार  शशिभूषण सोनी को तहसीलदार अकालतरा से तहसीलदार बम्हनीडीह,  अविनाश चौहान को तहसीलदार बम्हनीडीह से तहसीलदार अकालतरा, मती शालिनी तिवारी को अतिरिक्त तहसीलदार अकालतरा से अतिरिक्त तहसीलदार नवागढ़,  महेंद्र लहरे को तहसीलदार पामगढ़ से तहसीलदार शिवरीनारायण,  टिकेन्द्र नुरूटी को तहसीलदार शिवरीनारायण से तहसीलदार बलौदा,  अमरनाथ श्याम को तहसीलदार बलौदा से तहसीलदार पामगढ़,  संजय बरेठ को नायब तहसीलदार शिवरीनारायण से तहसीलदार बम्हनीडीह एवं  चंद्रकुमार साहू नायब को तहसीलदार बहनीडीह से नायब तहसीलदार शिवरीनारायण पर पदस्थ किया है।  

इलाज के बीच मासूम की मौत से भड़का आक्रोश, मेडिकल कॉलेज अस्पताल में परिजनों का विरोध

कोरबा कोरबा जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लापरवाही का मामला फिर आया सामने आया है जिससे परिजन काफी आक्रोशित है।परिजनों ने डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही से 13 महीने की मासूम की हुई मौत को लेकर सवाल खड़े कर रहे है। परिजनों ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दोषियो पर कार्यवाही की मांग कर रहे है। परिजनों का आरोप है कि गलत इंजेक्शन देने से मासूम कोमा में चली गईं थी मासूम वानिया केवट की तबियत बिगड़ती गई और बुधवार की सुबह उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि ईलाज के दौरान ट्रेनी डॉक्टरों के भरोशे जिला मेडिकल कॉलेज में ईलाज चल रहा था।जिसके चलते मासूम की तबियत बिगड़ी और ये हालात सामने आए हैं इसकी शिकायत कलेक्टर जनदर्शन में भी कल की थी। बच्ची की नानी अमृता निषाद ने बताया कि 20 तारीख को सर्दी खांसी के इलाज के लिए बच्ची वानिया को कोरबा जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया था। Kenola के बाद सबसे पहले बच्ची को इंजेक्शन लगाया गया जिसके तुरंत बाद ही वह कोमा में चली गई। वही कड़ी इलाज करने के बाद भी बच्ची को नहीं बचा जा सका। 24 फरवरी की रात 9 बजे बच्ची ने दम तोड़ दिया। अमृता ने बताया कि इंजेक्शन मेडिकल कॉलेज की स्टूडेंट ने लगाया था। अमित निषाद ने मेडिकल कॉलेज पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आए दिन यहां ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने मांग की है कि इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्यवाही होनी चाहिए। पिता संजू केवट ने बताया कि सर्दी खांसी की इलाज के लिए बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इंजेक्शन लगने के बाद बच्चे की हालत गंभीर हो चुकी थी उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया था। पिता ने आरोप लगाया है कि एक स्टाफ फोन के माध्यम से नर्स के कहे अनुसार बच्ची का इलाज कर रहा था। पिता ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। बच्ची की मां ने बताया कि कनोला इंजेक्शन लगाने के तुरंत बाद बच्ची बेहोश हो गई। मां का कहना है कि इसके शिकायत को लेकर वे कलेक्टर ऑफिस पहुंचे थे जहां कलेक्टर ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस घटना के बाद जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ट्रामा सेंटर गेट के सामने मासूम के परिजन और लोग धरने पर बैठ गए है।जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक गोपाल कंवर को परिजनों ने घेरा और कार्यवाही कि मांग कर रहे है। जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक गोपाल कंवर लोगो को देख भागे केबिन की ओर जिसके बाद गुसाये लोगों ने गेट पर बैठ प्रदर्शन शुरु कर दिया। लोगो की मांग है कि दोषी डॉक्टर और कर्मचारियों पर कार्यवाही करे।जब तक कार्रवाई नहीं होगी तब तक मासूम के पोस्टमार्टम करने से परिजनों ने इनकार कर दिया हैं मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक गोपाल कंवर ने बताया कि बच्चों को निमोनिया था और उसका इलाज किया जा रहा था अगर लापरवाही हुई है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

नक्सल विरोधी अभियान को बढ़त: कांकेर में माओवादी मल्लेश ने हथियार डालकर किया सरेंडर

कांकेर नक्सलवाद की खोखली विचारधारा से त्रस्त होकर अब नक्सली संगठन कमजोर पड़ते जा रहे हैं। हाल के दिनों में कई बड़े नक्सली नेताओं ने या तो आत्मसमर्पण किया है या पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए हैं। इसी क्रम में, तेलंगाना में 5 करोड़ के इनामी नक्सली ने अपने 16 साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया है। वहीं, मंगलवार को कांकेर जिले के पखांजूर छोटेबेठिया में स्थित बीएसएफ 94वीं बटालियन में डीवीसीएम मल्लेश ने एके-47 राइफल के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। मल्लेश कई नक्सली घटनाओं में वांछित था और उसकी तलाश लंबे समय से जारी थी। जानकारी के अनुसार, डीवीसीएम रैंक का सक्रिय माओवादी मल्लेश कांकेर पुलिस और सीमा सुरक्षा बल के समक्ष उपस्थित हुआ और आत्मसमर्पण किया। बताया जा रहा है कि, वह लंबे समय से नक्सली संगठन में सक्रिय था। कोई लीडन न होने के चलते नक्सल संगठन को मल्लेश के आत्मसमर्पण से एक बड़ा झटका लगा है। इससे यह साबित होता है कि अब नक्सली विचारधारा ने अपना प्रभाव खो दिया है और नक्सली मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जीना चाहते हैं। इस तरह के आत्मसमर्पण नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण जीत को दर्शाते हैं।

उप मुख्यमंत्री ने केमिस्ट के पद पर चयनितों को सौंपे नियुक्ति पत्र

रायपुर. उप मुख्यमंत्री ने केमिस्ट के पद पर चयनितों को सौंपे नियुक्ति पत्र उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में केमिस्ट के पद पर चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 10 चयनितों को नियुक्ति पत्र सौंपा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव  मोहम्मद कैसर अब्दुलहक और प्रमुख अभियंता  ओंकेश चंद्रवंशी भी इस दौरान मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री ने केमिस्ट के पद पर चयनितों को सौंपे नियुक्ति पत्र उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  अरुण साव ने नव नियुक्त केमिस्टों को संबोधित करते हुए कहा कि केमिस्टों की संख्या बढ़ने से विभागीय जल परीक्षण प्रयोगशालाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा मैदानी स्तर पर जल की गुणवत्ता की जांच में सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता और प्रतिबद्धता है। इन नियुक्तियों से विभाग में तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन की संख्या बढ़ी है।  साव ने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया से प्रदेश के युवाओं में विश्वास और उत्साह बढ़ा है। युवाओं को उनकी मेहनत और प्रतिभा का उचित प्रतिफल मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवनियुक्त सभी केमिस्ट पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और सेवा-भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि जल गुणवत्ता की निगरानी में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली को आधुनिक एवं परिणाममुखी बनाया जाएगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता  ओंकेश चंद्रवंशी ने बताया कि विभाग द्वारा स्वीकृत केमिस्ट के 12 पदों पर व्यापम के माध्यम से चयन प्रक्रिया संपन्न की गई थी। दस्तावेज परीक्षण में 11 अभ्यर्थी पात्र पाए गए, जबकि एक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहा। चयनित 11 अभ्यर्थियों में 2 महिला एवं 9 पुरुष अभ्यर्थी शामिल हैं।

हाईकोर्ट को मिली बम धमकी, ईमेल में अजमल कसाब का नाम, सुरक्षा एजेंसियों ने बताया अफवाह

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। यह धमकी एक संदिग्ध ईमेल के जरिए दी गई थी। ईमेल में अजमल कसाब का भी जिक्र होने की बात सामने आई है। धमकी मिलने के बाद एहतियात के तौर पर हाईकोर्ट की सभी अदालतों में सुनवाई रोक दी गई। परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से कड़ा कर दिया गया। डॉग स्क्वायड और बॉम्ब स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने हाईकोर्ट परिसर की सघन जांच की। जिले के पुलिस कप्तान एसएसपी रजनेश सिंह ने पूरे सर्च ऑपरेशन की निगरानी की। इस दौरान एएसपी और सीएसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। हालांकि, गहन जांच के बाद कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि धमकी में किए गए दावे केवल दहशत फैलाने की नीयत से किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था और जांच धमकी के तुरंत बाद हाईकोर्ट परिसर को छावनी में बदल दिया गया। सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए। डॉग स्क्वायड ने हर कोने की तलाशी ली। बॉम्ब स्क्वायड ने भी अत्याधुनिक उपकरणों से जांच की। पुलिस ने परिसर के चप्पे-चप्पे की पड़ताल की। ईमेल स्रोत की पड़ताल पुलिस अब संदिग्ध ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से ईमेल भेजने वाले की पहचान की जा रही है। पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस धमकी के पीछे कौन है।