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होली के लिए स्व सहायता समूह की महिलाएं बना रहीं प्राकृतिक गुलाल

रायपुर. रंगों के त्योहार होली को स्वसहायता समूह की महिलाएं इस बार और खास बना रही है। होली के त्योहार को प्राकृतिक रंगों से मनाने के लिए महिलाएं हर्बल गुलाल बना रही है। गरियाबंद जिले के ग्राम सढ़ौली की राखी महिला ग्राम संगठन की 10 सक्रिय महिलाएँ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत हर्बल गुलाल का निर्माण कर आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की मिसाल पेश कर रही हैं। समूह की महिलाएं पलाश से पीला, चुंकदर से लाल और पालक के पत्तों से हरा रंग निकालकर मक्के की सूखी डंठल से प्राप्त अरारोट पाउडर में मिलाकर प्राकृतिक गुलाल का निर्माण कर रही है। इसमें हानिकारक रसायनिक तत्वों का बिल्कुल भी उपयोग नहीं किया जाता। जिससे हर्बल गुलाल त्वचा एवं सेहत के लिए सुरक्षित रहता है। राखी महिला ग्राम संगठन की ये महिलाएँ न केवल होली के त्योहार को प्राकृतिक और सुरक्षित बना रही हैं, बल्कि अपनी आजीविका को भी मजबूत कर रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएँ आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की नई कहानी लिख रही हैं। यह पहल प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो रही है। कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने इन महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज महिलाएं स्वरोजगार सृजित कर आत्मनिर्भर बन रही है और समाज में अपनी अलग पहचान बना रही है। पीआरपी मीना साहू ने बताया कि पिछले वर्ष भी बिहान समुह के दीदियों द्वारा कुल 30 हजार रूपये से अधिक की बिक्री कर लगभग 10 हजार रूपये से अधिक की शुद्ध मुनाफा अर्जित की थी। समूह की महिलाओं से चर्चा के फलस्वरूप पारंपरिक तरीकों से बनाए गए प्राकृतिक गुलाल से न केवल सेहत स्वस्थ रहेगा, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी अनुकूल रहेगा। साथ ही महिलाओं के लिए आमदनी का नया स्रोत भी बन रहा है। पिछले वर्ष हर्बल गुलाल की मांग अधिक रही, जिसे देखते हुए इस बार महिलाओं ने रंग बनाना शुरू कर दिया है। महिलाओं ने बताया कि गुलाल बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह प्राकृतिक है। इसे तैयार करने में फूलों और पत्तियों का उपयोग किया जाता है, जिससे यह त्वचा के लिए सुरक्षित होता है। विभिन्न रंग बनाने के लिए प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया जाता है गुलाबी रंग के लिए चुकंदर और गुलाब की पंखुड़ियां, पीला रंग के लिए हल्दी और गेंदे के फूल, हरा रंग के लिए पालक व मेंहदी के पत्ते, नीला रंग के लिए अपराजिता के फूल और लाल रंग के लिए टेसू के फूलों का इस्तेमाल कर रही है।

मुख्यमंत्री साय से पूर्व क्रिकेटर कपिल देव ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कपिल देव को बेल मेटल से बनी प्रतिकृति, पुण्यभूमि छत्तीसगढ़ कॉफी टेबल बुक भेंट कर उनका अभिनंदन किया। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने, आधुनिक खेल अधोसंरचना के विकास, अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण केंद्र तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह  उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार द्वारा खेलों के प्रोत्साहन और खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए अधोसंरचना, प्रशिक्षण और अवसरों का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है। पूर्व कप्तान कपिल देव ने छत्तीसगढ़ में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा, विश्वास और विकास के इस माहौल में प्रदेश की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट मंच प्राप्त होगा तथा छत्तीसगढ़ सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राज्य के रूप में आगे बढ़ेगा।

बजट में कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा पर CM साय का किया अभिनन्दन

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने राज्य बजट में कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए कैशलैस चिकित्सा सुविधा शामिल किए जाने पर अभिनंदन करते हुए आभार व्यक्त किया. मुख्यमंत्री साय से छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि यह निर्णय कर्मचारी वर्ग एवं उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है. गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक चिंता से मुक्ति मिलना एक ऐतिहासिक एवं कर्मचारी हितैषी कदम है. उन्होंने कहा कि फेडरेशन सरकार के इस संवेदनशील निर्णय का स्वागत करता है और आशा करता है कि भविष्य में भी कर्मचारी हितों को इसी प्रकार प्राथमिकता दी जाती रहेगी. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार अधिकारियों-कर्मचारियों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है. कैशलैस चिकित्सा सुविधा का लाभ शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलेगा. मेडिकल लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के सरलीकरण से कर्मचारीगण अपने और अपने परिवार की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर निश्चिंत रहेंगे, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी कार्य गुणवत्ता पर भी पड़ेगा. प्रतिनिधिमंडल में कमल वर्मा (प्रांतीय संयोजक), सुनील उपाध्याय, जय कुमार साहू, राजेश सिंघी, संतोष कुमार वर्मा, संजीत शर्मा, देवाशीष दास, लोकेश वर्मा, अमित शर्मा, सोनाली तिडके, आकाश त्रिपाठी, जगेश्वर भट्ट, दीपक सोनकर, प्रवीण सिंह और निशा यादव उपस्थित रहे.

मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर रहंगी में सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा, तैयारियां जारी

रहंगी में मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियां तेज, कलेक्टर-एसएसपी ने किया स्थल निरीक्षण   बिलासपुर बिल्हा विकासखंड के ग्राम रहंगी में 28 फरवरी को आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियां प्रशासनिक स्तर पर तेज कर दी गई हैं। कार्यक्रम स्थल का कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं एसएसपी रजनेश सिंह ने संयुक्त रूप से निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।      मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रहंगी के खेल मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को धान खरीदी के अंतर की प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। साथ ही विभिन्न विभागों के करोड़ों रुपए के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा भूमिपूजन भी किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मुख्य सभामंच, सांस्कृतिक मंच, विभागीय स्टॉल, बैठक व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, पार्किंग, हेलीपैड एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थल चिन्हांकित करते हुए सभी तैयारियां समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। खेल मैदान के समीप ही हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा। अधिकारियों ने प्रस्तावित पार्किंग स्थलों का भी अवलोकन कर यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने की रूपरेखा तय की। एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संभावित जनसमूह को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण एवं प्रवेश-निकास व्यवस्था की विस्तृत योजना बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल सहित लोक निर्माण विभाग, कृषि विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन द्वारा कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है।

बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, अफसरों की तैनाती बदली, आदेश आते ही अफसरों में हलचल

जांजगीर  जिले के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के तबादले के आदेश जारी कर दिए हैं। इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद जिले की कई तहसीलों में नए अधिकारी पदभार संभालेंगे। जारी आदेश के अनुसार शशिभूषण सोनी को तहसीलदार अकलतरा से बम्हनीडीह भेजा गया है, जबकि अविनाश चौहान को बम्हनीडीह से अकलतरा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शालिनी तिवारी को अतिरिक्त तहसीलदार अकलतरा से नवागढ़ पदस्थ किया गया है। इसी क्रम में महेंद्र लहरे को पामगढ़ से शिवरीनारायण, टिकेन्द्र नुरूटी को शिवरीनारायण से बलौदा और अमरनाथ श्याम को बलौदा से पामगढ़ तहसीलदार बनाया गया है। नायब तहसीलदार स्तर पर भी बदलाव हुआ है। संजय बरेठ को शिवरीनारायण से बम्हनीडीह तहसीलदार बनाया गया है, जबकि चंद्रकुमार साहू को बम्हनीडीह से शिवरीनारायण नायब तहसीलदार पदस्थ किया गया है। कलेक्टर कार्यालय के मुताबिक यह तबादले प्रशासनिक आवश्यकता को देखते हुए किए गए हैं। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का कोयंबटूर में हुआ स्लिप डिस्क का ऑपरेशन

रायपुर. विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह का कोयंबटूर में स्लिप डिस्क का ऑपरेशन हुआ. डॉक्टर रमन सिंह का आपरेशन सफल रहा. खुद डॉक्टर रमन सिंह ने सोशल मीडिया साइट x पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी. (CG Vidhansabha Speaker) डॉ. रमन सिंह ने पोस्ट कर कहा कि “आज तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित हॉस्पिटल में मेरे कमर संबंधी (स्लिप डिस्क) समस्या का ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हुआ है और चिकित्सकों के परामर्श अनुरूप मैं स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहा हूँ. आप सभी की मंगलकामनाओं के लिए आभारी हूं .” बता दें विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह कल 23 फरवरी को बजट प्रस्तुत होने पर विधानसभा में थे. उन्होंने विधानसभा सत्र की कार्यवाहियों का संचालन भी किया था. कल बजट सत्र के संचालन के बाद वह शाम को तमिलनाडु के कोयंबटूर के लिए रवाना हुए. इसके बाद वहां उनका सफल आपरेशन हुआ. ऑपरेशन के बाद चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार वे कुछ समय तक विश्राम में रहेंगे. विधानसभा अध्यक्ष की अनुपस्थिति में वर्तमान में चल रहे बजट सत्र का संचालन सुचारू रूप से जारी रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं. इस दौरान सत्र संचालन की जिम्मेदारी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रहे वर्तमान बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक और विधानसभा उपाध्यक्ष रहें. वर्तमान तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह को सौंपी गई है. इनके सहयोग के लिए पैनल ऑफ चेयरमेन का गठन किया गया हैं. जो जरूरत पड़ने पर विधायी कार्यों और सदन की कार्यवाही का संचालन किया जाएगा. 

पारंपरिक ईंधन की जगह ग्रीन हाइड्रोजन पर ऊर्जा सचिव ने दिया जोर

रायपुर. छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) द्वारा आज छत्तीसगढ़ को ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने तथा ग्लोबल क्लीन एनर्जी के विस्तार के उद्देश्य से अर्धदिवसीय सेमिनार का आयोजन कोर्टयार्ड बाय मैरियट में किया गया. कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के ऊर्जा विभाग के सचिव रोहित यादव (आईएएस) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. सचिव रोहित यादव ने कहा कि सेमिनार का उद्देश्य राज्य के औद्योगिक परिवेश में ग्रीन हाइड्रोजन के उपयोग को बढ़ावा देना तथा पारंपरिक औद्योगिक ईंधनों के स्थान पर स्वच्छ विकल्पों को अपनाने की दिशा में कार्य करना है. उन्होंने बताया कि बायोमास आधारित ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए इसे प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे जैविक खेती को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि हो सकेगी. सेमिनार में चर्चा के दौरान बताया गया कि छत्तीसगढ़ में कृषि अवशेष, डेयरी उद्योग से उत्पन्न अपशिष्ट, फल एवं सब्जी मंडियों का जैविक कचरा तथा गोबर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है. उपयुक्त तकनीक के माध्यम से इनके प्रसंस्करण द्वारा बड़े पैमाने पर ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन की व्यापक संभावनाएँ मौजूद हैं. राज्य में स्टील एवं स्पंज आयरन उद्योग का मजबूत आधार रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्र जैसे उरला, सिलतरा, भिलाई तथा रायगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों में है. इसके अतिरिक्त जगदलपुर एवं बस्तर में भी औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित हैं. इन क्षेत्रों में ग्रीन हाइड्रोजन के उपयोग से औद्योगिक डिकार्बोनाइजेशन को बढ़ावा मिलेगा तथा राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित पर्यावरणीय लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायता मिलेगी. ग्रीन हाइड्रोजन को औद्योगिक ईंधन के रूप में अपनाने से दोहरे लाभ होंगे—एक ओर स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, वहीं बायोमास के मूल्य संवर्धन से किसानों की आय में वृद्धि होगी. यह पहल भारत की ऊर्जा सुरक्षा, अपशिष्ट से आय सृजन तथा नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक सिद्ध होगी. ऊर्जा विभाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित सरकार ने कहा कि सेमिनार का उद्देश्य राज्य के औद्योगिक इकोसिस्टम में ग्रीन हाइड्रोजन के उपयोग को बढ़ावा देना, भविष्य के अनुसंधान की दिशा तय करना, संभावित बाधाओं की पहचान करना तथा इसके व्यापक क्रियान्वयन के लिए मार्ग प्रशस्त करना है. सेमिनार में उपस्थित विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए. “Hydrogen Economy: Innovation-Led Growth in Industrial Clusters in Chhattisgarh” विषय पर भाभा परमाणु अनुसंधान रिसर्च संस्थान (बार्क) के वरिष्ठ वैज्ञानिक सयाजी मैहत्रे ने बायोमास आधारित ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन पर प्रस्तुतीकरण दिया. “Accelerating Green Hydrogen Adoption in Chhattisgarh” विषय पर Ministry of New and Renewable Energy, भारत सरकार के विषय विशेषज्ञ श्री धर्मेन्द्र कुमार पंचार्या, भिलाई स्टील प्लांट के प्रतिनिधियों एवं अन्य उद्यमियों ने पैनल चर्चा में भाग लिया. सेमिनार में वित्तीय संस्थानों जैसे एसबीआई एवं नाबार्ड के प्रतिनिधियों की भी सहभागिता रही.इसके अतिरिक्त नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन से डॉ. धर्मेन्द्र कुमार, शक्ति सस्टेनेबल एनर्जी फाउंडेशन के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. सचिन कुमार, बार्क, सीएसएमसीआरआई भावनगर, आईआईटी भिलाई के वरिष्ठ वैज्ञानिक, विभिन्न निजी औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि तथा सीबीडीए के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

निकायों को कर्मचारियों के वेतन के चुंगी क्षतिपूर्ति के 51.71 करोड़ आवंटित

रायपुर. प्रदेश के नगरीय निकायों में कार्यरत कर्मचारियों को होली के पहले वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने आज चुंगी क्षतिपूर्ति मद से कुल 62.85 करोड़ रुपये का आबंटन जारी किया। इसमें वेतन भुगतान के लिए 51.71 करोड़ रुपये और नियमित मासिक चुंगी क्षतिपूर्ति के रूप में 11.14 करोड़ रुपये शामिल हैं। फरवरी 2026 की स्थिति के अनुसार लंबित वेतन और देयकों को ध्यान में रखते हुए यह आबंटन किया गया है ताकि नगरीय निकायों में वित्तीय संतुलन कायम रहे और कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सके। प्रदेश के 11 नगर निगमों को वेतन भुगतान के लिए कुल 25.05 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। इसमें प्रमुख नगर निगमों का विवरण इस प्रकार है:     नगर निगम भिलाई – 4 करोड़     नगर निगम बिलासपुर – 5 करोड़     नगर निगम दुर्ग – 1.65 करोड़     नगर निगम राजनांदगांव – 3 करोड़     नगर निगम जगदलपुर – 1.50 करोड़     नगर निगम अंबिकापुर – 3 करोड़     नगर निगम चिरमिरी – 2 करोड़     नगर निगम रिसाली – 2 करोड़     नगर निगम बीरगांव – 0.54 करोड़     नगर निगम धमतरी – 1.07 करोड़     नगर निगम भिलाई-चरोदा – 1.27 करोड़ इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से नियमित कर्मचारियों, स्वच्छता कर्मियों और संविदा कर्मचारियों के वेतन भुगतान तथा चुंगी समाप्त होने से उत्पन्न राजस्व अंतर की भरपाई के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सभी 14 नगर निगमों को चुंगी क्षतिपूर्ति के अंतर्गत 7.51 करोड़ रुपये और आबंटित किए गए हैं। वेतन के लिए नगर पालिकाओं को 16.48 करोड़ व नगर पंचायतों को 10.17 करोड़ नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश के 38 नगर पालिका परिषदों में 16 करोड़ 48 लाख की राशि और 85 नगर पंचायतों को कुल 10 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक की राशि होली के पूर्व निकाय कर्मियों को वेतन भुगतान के लिए आबंटित की है। छोटे एवं मध्यम नगरीय निकायों के लिए यह वित्तीय सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रदेश के सभी 54 नगर पालिकाओं को भी चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि दी गई है। इसके लिए 2 करोड़ 8 लाख 52 हजार 17 रुपए का आबंटन जारी किया गया है। इसके अलावा सभी 124 नगर पंचायतों को एक करोड़ 54 लाख 31 हजार 55 रुपए की मासिक चुंगी क्षतिपूर्ति राशि दी गई है। गौरतलब है कि है कि राज्य में चुंगी समाप्त होने के बाद नगरीय निकायों को राजस्व में कमी का सामना करना पड़ा था। इस स्थिति में राज्य सरकार द्वारा चुंगी क्षतिपूर्ति मद के माध्यम से निकायों को नियमित अंतराल पर राशि प्रदान की जाती है, ताकि वे अपने प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी दायित्वों का निर्वहन सुचारू रूप से कर सकें। यह मद विशेष रूप से वेतन भुगतान, स्वच्छता व्यवस्था, जल प्रदाय सेवाओं एवं दैनिक संचालन व्यय को संतुलित करने में सहायक होती है। विभाग द्वारा आज आबंटित राशि से नगरीय निकायों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को होली के पूर्व वेतन प्राप्त होगा। इससे निकायों में स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य शहरी सेवाओं में निरंतरता बनी रहेगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आबंटित राशि का उपयोग निर्धारित मदों में ही किया जाएगा। सभी निकायों को वित्तीय नियमों का पालन करते हुए व्यय विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। चुंगी क्षतिपूर्ति मद से वेतन के लिए 51.71 करोड़ एवं नियमित चुंगी क्षतिपूर्ति के रूप में 11.14 करोड़, इस प्रकार कुल 62.85 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का होली के पहले आबंटन नगरीय निकायों के लिए बड़ी राहत है। चुंगी क्षतिपूर्ति मद के माध्यम से निकायों को समस्त कर्मचारियों के वेतन भुगतान करने में स्थिरता आएगी और शहरी प्रशासन को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार की यह पहल शहरी सेवाओं को निरंतर और प्रभावी बनाए रखने की दिशा में एक सशक्त कदम है।

महाराष्ट्र दौरे से लौटे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह

रायपुर. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह और सांसद संतोष पांडे महाराष्ट्र से लौटकर रायपुर पहुंचे। दोनों नेता महाराष्ट्र में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यशाला छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने और संगठनात्मक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार के बजट “संकल्प” और राज्यसभा प्रत्याशी के संबंध को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। पत्रकारों से चर्चा के दौरान प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह ने कहा कि, “छत्तीसगढ़ से हमारा प्रशिक्षण महाअभियान अब शुरू हो रहा है। इसके तहत हमारे छह राज्यों के वरिष्ठ नेताओं ने छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं के लिए मुंबई में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की। इस कार्यशाला में हमारे राष्ट्रीय महामंत्री, संगठन के वरिष्ठ नेता और सभी कार्यकर्ताओं ने अपनी महत्वपूर्ण बातें साझा कीं, ताकि हम सभी प्रशिक्षित हो सकें। प्रशिक्षण महाअभियान को लेकर किरण देव सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण अभियान मंडल स्तर पर शुरू होगा। सभी मंडलों में वरिष्ठ वक्ता प्रशिक्षण देंगे, इसके बाद मंडल प्रशिक्षण अभियान की शुरुआत की जाएगी। यह महाअभियान राज्य भर में भाजपा कार्यकर्ताओं के संगठनात्मक कौशल को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाया जाएगा। बजट को लेकर BJP प्रदेश अध्यक्ष ने दी ये प्रतिक्रिया किरण देव सिंह ने राज्य सरकार के बजट “संकल्प” पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा, “हम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संकल्प को और वित्त मंत्री ओ.पी चौधरी को बधाई देते हैं। निश्चित रूप से हमारी सरकार का पहला बजट ज्ञान को समर्पित था, दूसरा बजट गति को और अब तीसरा बजट संकल्प को समर्पित है। यह संकल्प बजट अत्यंत बेहतरीन है ज्ञान और गति के बाद अब संकल्प के माध्यम से हमारे राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण दिशा निर्धारित की गई है। सर्वव्यापी छत्तीसगढ़ के विकास की दृष्टि से यह बजट अनेक कल्याणकारी योजनाओं का पिटारा खोलता है, जिससे जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।” किरण देव सिंह ने कहा बस्तर से लेकर सरगुजा तक जनता के लिए कई योजनाओं का पिटारा खुला है। 2047 तक प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप यह बजट पूरी तरह विकास बजट है। राज्यसभा प्रत्याशी पर टिप्पणी राज्यसभा प्रत्याशी के संबंध में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि निश्चिंत रहिए, निश्चित समय पर राज्यसभा में किसे भेजना है, सबके सामने स्पष्ट रूप से आएगा।”

सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ में दो वर्दीधारी नक्सली ढेर

बीजापुर. छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां इंद्रावती नदी क्षेत्र में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो नक्सलियों को ढेर किया है। वहीं घटनास्थल से हथियार, विस्फोटक और अन्य नक्सली सामग्री भी जब्त की गई है। इलाके में फिलहाल सर्च अभियान जारी है। जानकारी के अनुसार, थाना जांगला क्षेत्र अंतर्गत इंद्रावती नदी इलाके में माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने पर सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम माओवादी विरोधी अभियान पर रवाना हुई थी। इसी दौरान आज सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। दोनों ओर से फायरिंग हुई, जिसके बाद माओवादी जंगल की ओर भाग निकले। मुठभेड़ के बाद चलाए गए सर्च अभियान में सुरक्षाबलों को दो वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद हुए हैं। साथ ही घटनास्थल से एक एसएलआर राइफल, एक इंसास राइफल, एक 12 बोर राइफल, विस्फोटक सामग्री और अन्य नक्सली सामान भी जब्त किया गया है। इस मुठभेड़ की पुष्टि पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र यादव ने की है। वहीं बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि क्षेत्र में सर्च अभियान जारी है और मुठभेड़ से जुड़ी विस्तृत जानकारी अलग से साझा की जाएगी। 6 फरवरी को 7 नक्सली मारे इससे पहले 6 फरवरी को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर पुलिस और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में 7 नक्सली ढेर हुए थे। इनमें 3 महिला नक्सली शामिल थे। वहीं महाराष्ट्र का एक जवान शहीद हो गया था, 1 अन्य जवान घायल था। नक्सलियों की ओर से फायरिंग में गोली कॉन्स्टेबल दीपक चिन्ना मदावी (38 साल) को जा लगी। उन्हें तुरंत एयरलिफ्ट कर भामरागड़ के अस्पताल लाया गया था। जहां ऑपरेशन के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था। माओवादियों का पूरा सामान बरामद बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने बताया है कि इंद्रावती नदी इलाके में माओवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने पर एक जॉइंट टीम ने माओवादियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया। ऑपरेशन के दौरान आज सुबह इंद्रावती नदी इलाके में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद सर्च के दौरान, 2 वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद किए गए और मुठभेड़ वाली जगह से एक SLR राइफल, एक INSAS राइफल और एक 12-बोर राइफल जैसे हथियार, विस्फोटक और माओवादियों का दूसरा सामान बरामद किया गया। बीजापुर में रहा है नक्सलियों का दबदबा दरअससल, बीजापुर कभी छत्तीसगढ़ में लाल आतंक का गढ़ रहा है। बीजापुर के अधिकांश इलाकों से नक्सलियों का खात्मा हो गया है। वहीं, कुछ खूंखार नक्सलियों ने सरेंडर भी कर दिया है। नक्सलियों के जमा होने की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों के जवान कार्रवाई करते हैं। मुठभेड़ के बाद इंद्रावती नदी के किनारे सर्च ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के कुछ बड़े कमांडर ढेर हो गए हैं तो कुछ ने हथियार डाल दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 की तारीख तय कर दी है कि हम नक्सलवाद को खत्म कर देंगे। पिछले दिनों उन्होंने इस मोर्च पर चल रही लड़ाई का छत्तीसगढ़ पहुंचकर रिव्यू भी किया था।