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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में बड़ा सड़क हादसा, पिकअप पलटने से चार की मौत

रायगढ़  सगाई कार्यक्रम से लौटने के दौरान ग्रामीणों से भरी पिकअप वाहन के खाई में गिरने से चार लोगों की मौत हो गई वहीं 10 से अधिक लोग गंभीर हो गए। गंभीर रुप से घायल लोगों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खरसिया विकासखंड के छाल थाना क्षेत्र के बंगुरसुता गांव से बड़ी संख्या में राठिया परिवार के लोग बुधवार की रात एक पिकअप में सवार होकर कापू थाना क्षेत्र के गोसाईपोड़ी निवासी रणविजय सिंह राठिया के घर आयोजित सगाई कार्यक्रम में गए थे। यहां सगाई समारोह के बाद परिवारिक के 40 लोग व रिश्तदार पिकअप वाहन क्रमांक सीजी 12 एपी 7405 में लौट रहे थे। रात लगभग दस बजे के करीब धरमजयगढ़ कापू मार्ग पर मड़वाताल घाट में पिकअप दुर्घटनाग्रस्त हो गई। चालक के वाहन से नियंत्रण खो देने के कारण वाहन खाई में गिरकर पलट गई। इससे लोगों में चीख पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। हादसे की सूचना घायलों ने पुलिस-प्रशासन तथा डायल 112 को दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने तक दो लोगों की मौत हो गई थी। आनन- फानन में पुलिस टीम ने ग्रामीणों की मदद से घायलों को धरमजयगढ़ अस्पताल पहुंचाया। यहां नीरज राठिया, देवेंद्र, बालसिंह, रामकुमार, गाढ़ाराम राठिया, विपल राम राठिया, राशीराम राठिया, सुमेंद्र राठिया, विजय राठिया सहित 20 अन्य घायलों का उपचार किया जा रहा है। गंभीर रूप से घायल सुरेन्द्र तथा देवेंद्र को पहले रायगढ़ मेडिकल कालेज फिर रायपुर रिफर किया गया। हादसे में मृत कलाराम राठिया पिता वृज राम (60), छतरसिंह राठिया पिता सिदार सिंह (60) का धरमजयगढ़ में पोस्टमार्टम कराया गया। इजबल सिंह राठिया पिता उदय बैगा (45) नीरज सिंह राठिया पिता प्रभन सिंह (65) की रायगढ़ में इलाज के दौरान मौत हो गई।  

कुल 10 प्रकरणों पर की गई समीक्षा एवं सुनवाई, 04 प्रकरणों में आदेश जारी करने के दिए गए निर्देश

रायपुर आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आदिम जाति अनुसंधान एक प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष, नवा रायपुर में संपन्न हुई। बैठक में कुल 10 प्रकरणों की समीक्षा एवं सुनवाई की गई। इनमें जाति जांच प्रकरण से संबंधित 08 प्रकरणों में पक्षकार समिति के समक्ष उपस्थित हुए। 04 प्रकरणों में गुण-दोष के आधार पर विनिश्चय किए जाने का निर्णय करते हुए आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए। इनमें एक डीजे स्तर के अधिकारी एवं एक ग्रामीण विकास विभाग में ईएनसी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। 02 प्रकरणों में वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सुनवाई की गई एवं पक्षकार को 10 दिवस के भीतर समिति के समक्ष उपस्थित होकर अपने पक्ष में प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। 01 प्रकरण में विजिलेंस टीम को दुबारा मौके पर जाकर सोशल स्टेटस एवं अन्य प्रमाणित तथ्यों की गहन जांच कर 45 दिवस के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। जबकि 03 प्रकरणों में जाति प्रमाण पत्र धारकों को सुनवाई का एक और अंतिम अवसर प्रदान करते हुए आगामी बैठक में उपस्थित होकर अपनी जाति के संबंध में प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करन के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति द्वारा नियमित अंतराल में बैठक आयोजित कर जाति प्रमाण पत्र एवं सामाजिक प्रस्थिति से संबंधी प्रकरणों का निपटारा किया जा रहा है। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय से संबद्ध प्रकरणों पर भी नियमानुसार पारदर्शी एक समयबद्ध तरीके से सुनवाई कर प्रकरणों का शीघ्र निपटारा किया जा रहा है। आज की बैक में बड़ी संख्या में पक्षकार एवं अधिवक्ता अपना पक्ष प्रस्तुत करने हेतु उपस्थित हुए। बैठक में आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास डॉ. सारांश मित्तर (सदस्य), संचालक, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान मती हिना अनिमेष नेताम (सदस्य सचिव), संचालक लोक शिक्षण संचालनालय  ऋतुराज रघुवंशी (सदस्य), संचालक, भू अभिलेख,  विनीत नदनवार, संयुक्त संचालक, टीआरटीआई मती गायत्री नेताम (प्रभारी अधिकारी, जाति जांच पकोष्ठ), मती रमा उइके (सदस्य), डॉ. अनिल विरूलकर (सदस्य) सहित, विजिलेंस टीम से  एमानुअल लकड़ा (डीएसपी),  जितेन्द्र गुप्ता एवं मती अंजनी भगत इत्यादि उपस्थित थे। विदित हो माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश में दिये गये मार्गदर्शी निर्देश एवं छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (सामाजिक प्रास्थिति के प्रमाणीकरण का विनियमन) अधिनियम 2013 में विहित प्रावधानों के अंतर्गत कुल 07 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति का गठन किया गया है। समिति अर्द्ध न्यायिक स्वरूप में कार्य करते हुए निष्पक्ष एंव समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित कर रही है।

हौसलों की सवारी: गीता दीदी ई-रिक्शा से गढ़ रहीं आत्मनिर्भरता की कहानी

रायपुर ई-रिक्शा से बच्चों को विद्यालय पहुंचाकर स्वावलंबन की मिसाल बनीं गीता दीदी कभी घरेलू कार्यों तक सीमित रहने वाली ग्रामीण महिलाएं अब स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर सशक्त कदम बढ़ा रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित ‘बिहान’ योजना ने महिलाओं को संगठित कर उनके आर्थिक विकास की मजबूत नींव रखी है। कलेक्टर मती चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिले में बिहान से जुड़ी महिलाओं को पारंपरिक कार्यों से आगे बढ़ाकर नए व्यवसायों से जोड़ा जा रहा है। इसी पहल का प्रेरक उदाहरण है ग्राम पंचायत रटगा की गीता दीदी, जो अब ई-रिक्शा से बच्चों को विद्यालय पहुंचाकर स्वावलंबन की राह पर अग्रसर हैं। बिहान से जुड़कर मिली नई दिशा बैकुंठपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रटगा की 14 महिलाओं ने वर्ष 2018 में ‘जय मां लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह’ का गठन किया। समूह की अध्यक्ष चुनी गईं गीता दीदी ने वर्ष 2020 में पौधों की सुरक्षा हेतु ट्री-गार्ड निर्माण कार्य शुरू किया। लगभग 50 हजार रुपये की सामूहिक लागत से शुरू हुए इस कार्य से समूह ने तीन लाख रुपये की आय अर्जित की, जिससे आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। वर्ष 2021 में गीता दीदी ने समूह के माध्यम से बैंक से व्यक्तिगत ऋण प्राप्त कर 70 हजार रुपये की लागत से किराना दुकान शुरू की। इससे उनके परिवार की दैनिक आय सुनिश्चित हुई और आर्थिक स्थिति में सुधार आया। गत वर्ष कलेक्टर मती चंदन त्रिपाठी द्वारा बिहान से जुड़ी महिलाओं को नए व्यवसायों से जोड़ने की पहल की गई। ई-रिक्शा संचालन के विकल्प को गीता दीदी ने उत्साहपूर्वक स्वीकार किया। मुख्यमंत्री के हाथों मिली ई-रिक्शा की चाबी गत 17 फरवरी को कोरिया महोत्सव के अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के हाथों गीता दीदी को ई-रिक्शा की चाबी प्रदान की गई। इसके पश्चात उन्होंने अपने गांव में अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को विद्यालय पहुंचाने की सेवा प्रारंभ की। शुरुआत में ही उन्हें 5600 रुपये की अग्रिम राशि प्राप्त हुई और अब वे नियमित रूप से ग्राम पंचायत रटगा एवं आश्रित ग्राम दुधनियां के बच्चों को विद्यालय पहुंचा रही हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से प्रेस क्लब प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात रंगोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में किया आमंत्रित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने आज सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में प्रेस क्लब अध्यक्ष  मोहन तिवारी, महासचिव  गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष  दिलीप साहू सहित पत्रकार  सौरभ सिंह परिहार शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रेस क्लब द्वारा आयोजित किए जाने वाले रंगोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय को औपचारिक आमंत्रण दिया। साथ ही पत्रकार हित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए सकारात्मक पहल की अपेक्षा व्यक्त की। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा सभी विषयों पर समुचित पहल करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार  आर. कृष्णा दास  तथा मीडिया प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मुकेश बनिया और संजू दबोचे गए, गांजा, नशीली गोलियां व हथियार बरामद

रायपुर रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सूखे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कालीबाड़ी-नेहरू नगर क्षेत्र में सक्रिय अवैध नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। कार्रवाई में लंबे समय से फरार चल रहा हिस्ट्रीशीटर मुकेश बनिया और उसका भाई संजू गिरफ्तार किए गए हैं। दोनों के कब्जे से भारी मात्रा में गांजा, नशीली गोलियां और हथियार बरामद किए गए हैं। बता दें कि यह पूरी कार्रवाई डीसीपी (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और डीसीपी (सेंट्रल जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता के संयुक्त मॉनिटरिंग में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना सिटी कोतवाली पुलिस की टीम ने अंजाम दिया। गौरतलब है कि मामले की कड़ियां 24 फरवरी 2026 को जुड़ीं, जब थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने नेहरू नगर नरैया तालाब क्षेत्र में अब्दुल जाफर और सुनील जगत को गांजा की फुटकर बिक्री करते हुए गिरफ्तार किया। पूछताछ में मिले मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने कालीबाड़ी क्षेत्र में नाले के पास बने एक हाइडआउट पर दबिश दी। यह ठिकाना आधुनिक तकनीक से लैस पाया गया। यहां से लगभग 7 किलो 397 ग्राम गांजा, पैकिंग में प्रयुक्त भारी मात्रा में प्लास्टिक झिल्ली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, वाई-फाई उपकरण, सीसीटीवी कैमरे और मोशन सेंसर बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार यह ठिकाना कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से हाईटेक तरीके से तैयार किया गया था। अब्दुल जाफर के खिलाफ पहले से 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण भी शामिल हैं। दरम्यानी रात दबिश, सरगना और भाई धराए 25-26 फरवरी की दरम्यानी रात मुखबिर की सूचना पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिटी कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने नरेश्वर मंदिर, नरैया तालाब क्षेत्र में सुनियोजित दबिश दी। सूचना को विधिवत रोज़नामचा में दर्ज कर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया और निर्देशानुसार कार्रवाई की गई। दबिश के दौरान नेटवर्क का सरगना मुकेश बनिया और उसका भाई संजू मौके से पकड़े गए। तलाशी में दोनों के कब्जे से 6 किलो 119 ग्राम गांजा, एक देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, 2400 नग अल्प्राजोलम की नशीली गोलियां तथा मोबाइल फोन बरामद किए गए। मुकेश बनिया के खिलाफ दर्ज हैं 31 से अधिक आपराधिक मामले पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी मुकेश बनिया के खिलाफ 31 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, आर्म्स एक्ट, गुंडागर्दी, बलवा, मारपीट, अवैध शराब बिक्री और एनडीपीएस एक्ट के गंभीर प्रकरण शामिल हैं। वह लंबे समय से फरार था और क्षेत्र में दहशत का माहौल बनाए हुए था। उसका भाई संजू भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसके खिलाफ 15 से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें आर्म्स एक्ट, पॉक्सो एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और चोरी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि मुकेश बनिया लगातार मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और उड़ीसा में अपने ठिकाने बदलता रहा, ताकि गिरफ्तारी से बच सके। नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सप्लाई चेन की पतासाजी में जुटी पुलिस आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(बी), 21(बी) और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया है। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और सप्लाई चेन की पतासाजी में जुटी है। पूछताछ में मिली जानकारियों के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जा रही है। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि सूखे नशे के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति के तहत इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

एंटी माओवादी ऑपरेशन में सफलता: बीजापुर में दो नक्सलियों का खात्मा, एसएलआर-इंसास बरामद

बीजापुर बीजापुर जिले के इंद्रावती नदी क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर एक संयुक्त टीम ने एंटी माओवादी अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान बृहस्पतिवार सुबह इंद्रावती नदी क्षेत्र में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि मुठभेड़ के बाद की गई सर्चिंग में वर्दीधारी दो माओवादियों के शव बरामद किए गए। मुठभेड़ स्थल से एक एसएलआर राइफल, एक इंसास राइफल और एक 12 बोर राइफल सहित विस्फोटक तथा अन्य माओवादी सामग्री बरामद की गई है।  

नक्सलियों को तगड़ा झटका: सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता, हथियारों का जखीरा हाथ लगा

नारायणपुर नारायणपुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है. सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा डंप किए गए भारी मात्रा में हथियार के साथ दैनिक उपयोग की सामग्री तथा मेडिकल वस्तुएं बरामद की है. नारायणपुर एसपी रॉबिंसन विकास गुड़िया ने बताया कि विश्वसनीय सूचना पर त्वरित एवं एवं सुनियोजित एडीपी ऑपरेशन संचालित करने के दौरान ग्राम कुमुराडी क्षेत्र में नक्सली ठिकाना से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, आधुनिक एवं इंप्रोवाइज्ड हथियार तथा मेडिकल सामग्री एवं अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद हुए हैं. 25 फरवरी को विश्वसनीय सूचना प्राप्त होने पर कार्रवाई करते हुए सीओबी मंदोडा, 53 वीं बटालियन आईटीबीपी और पुलिस बल के जवानों की एरिया डॉमिनेशन पेट्रोलिंग पार्टी ग्राम कुमुराडी के जंगल पहाड़ की ओर रवाना हुई थी. इस दौरान सघन सर्च ऑपरेशन में जवानों ने नक्सलियों के एक ठिकाने में छिपाकर रखे गए डंप को बरामद किया. नक्सलियों के डंप में मिली सामग्रियां जप्त सामग्रियों में प्राइमा कॉर्ड, सेफ्टी फ्यूज, ऑरेंज फ्यूज, लगभग 35 किलोग्राम सुतली बम, 38 किलोग्राम उर्वरक पाउडर (भूरा), 18 किलोग्राम इम्प्रोवाइज्ड विस्फोटक, 2.5 किलोग्राम चारकोल, 5 एएमएन पाउच, 1 इम्प्रोवाइज्ड रॉकेट लॉन्चर, 13 रॉकेट लॉन्चर सेल, 19 मोर्टार सेल (भारी), 11 मोर्टार सेल (हल्का), 1 बीजीएल लॉन्चर (इम्प्रोवाइज्ड – बड़ा), 1 बीजीएल लॉन्चर (इम्प्रोवाइज्ड – छोटा), 8 बीजीएल कारतूस (मध्यम), 15 बीजीएल कारतूस (छोटा), 12 बीजीएल कारतूस (बड़ा), 70 लंबी दूरी बीजीएल राउंड, 55 छोटी दूरी बीजीएल राउंड, 2 इम्प्रोवाइज्ड हैंड ग्रेनेड और चिकित्सकीय सामग्री एवं दवाइयां शामिल है.

जिंदगी में रंगों की दस्तक, हर एहसास को मिलता नया अर्थ

रायपुर विशेष लेख : रंगों से बदलते जीवन के रंग होली का त्यौहार रंगों की उमंग और खुशियों का संदेश लेकर आता है। इस बार छत्तीसगढ़ की बिहान दीदियां प्राकृतिक रंगों से न केवल होली को सुरक्षित बना रही हैं, बल्कि अपने जीवन में खुशहाली के नए रंग भी भर रही हैं। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर स्व-सहायता समूहों के माध्यम से हर्बल गुलाल तैयार कर रही हैं। प्राकृतिक फूलों, सब्जियों से बने ये रंग पूरी तरह सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल हैं। सुगंध के लिए गुलाबजल और प्राकृतिक इत्र का उपयोग किया जाता है, जिससे रंगों की महक भी मन को भा जाती है।      कांकेर जिले में आत्मसमर्पित माओवादियों के समूह ने भी पुनर्वास नीति के तहत हर्बल गुलाल निर्माण का कार्य शुरू किया है। पुनर्वास शिविर में मानकी नेताम, सामको नुरूटी और डाली सलाम जैसे सदस्य पूरे उत्साह से गुलाल तैयार कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह कार्य उन्हें आत्मसम्मान और स्थायी आजीविका दोनों दे रहा है। शासन की पुनर्वास नीति से भटके युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में यह सराहनीय पहल है।       प्रदेश के रायपुर, कबीरधाम, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, नारायणपुर और कांकेर सहित अनेक जिलों में स्व-सहायता समूह हर्बल गुलाल का उत्पादन कर रहे हैं। कई समूह मंदिरों में अर्पित फूलों को एकत्र कर सुगंधित गुलाल बना रहे हैं। अबुझमाड़ जैसे आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं ने इसे अपनी पहचान बना ली है। बिहान योजना के तहत महिलाएं सरस मेला एवं क्षेत्रीय मेलों में स्टॉल लगाकर उत्पादों की बिक्री कर रही हैं। इससे उन्हें 40 से 60 हजार रुपये तक का सीधा लाभ मिल रहा है। कई महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल गढ़ रही हैं।   हर्बल गुलाल के अनेक लाभ हैं। यह त्वचा और आंखों के लिए सुरक्षित है, एलर्जी या जलन की आशंका नहीं होती। यह बायोडिग्रेडेबल है और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाता। हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल गुण और पलाश में रक्त-शोधक विशेषताएं होती हैं, जो इसे और भी उपयोगी बनाती हैं। बाजार में इसकी कीमत 80 से 250 रुपये प्रति किलो तक है, जिससे यह आमजन के लिए भी सुलभ है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार वर्ष 2026 को महिला गौरव वर्ष के रूप में मना रही है। राज्य सरकार के प्रयास से 5 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाओं को आर्थिक संबल देने के लिए चलाई जा रही महतारी वंदन योजना से लगभग 69 लाख से अधिक महिलाओं को हर माह एक-एक हजार रूपए की राशि भी दी जा रही है। चालू बजट में लखपति दीदीयों को एक्सपोजर विजिट के लिए नई योजना भी लाई गई है। महिलाओं के सशक्तिकरण का यह प्रयास विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने में सार्थक भूमिका निभाएगा। 

राज्यपाल डेका ने वीर विनायक दामोदर सावरकर को किया नमन, दी भावभीनी श्रद्धांजलि

रायपुर राज्यपाल  डेका ने वीर विनायक दामोदर सावरकर को श्रद्धांजलि दी राज्यपाल  रमेन डेका ने आज महान सेनानी, विचारक और क्रांतिकारी विनायक दामोदर सावरकर  “वीर सावरकर” जी  की पुण्यतिथि पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि वीर सावरकर भारत माता के उन वीर सपूतों में से एक हैं जिनकी बौद्धिक क्षमता, क्रांतिकारी उत्साह और भारत के भविष्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता अतुलनीय रही। वीर सावरकर जी महज एक क्रांतिकारी से कहीं अधिक थे, वे एक गहन विचारक थे जिनके बौद्धिक योगदान को देश भूल नहीं सकता। इस अवसर पर राज्यपाल के विधिक सलाहकार  भीष्म प्रसाद पाण्डेय, उप सचिव सु निधि साहू एवं अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी सावरकर जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

उत्तरी बस्तर समिति को झटका: कांकेर में तीन नक्सलियों ने किया सरेंडर, माओवादी संगठन बिखरने के संकेत

कांकेर छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त करने की डेड लाइन में अब केवल महीनेभर का वक्त बचा है. जंगलों में भटक रहे नक्सली मुख्याधारा में लौट रहे हैं. 3 दिन में 25 लाख रुपये के 3 नक्सली AK-47 हथियार के साथ आत्मसमर्पण चुके हैं. उत्तर बस्तर के जंगल में अभी भी 21 नक्सली शेष हैं. पुलिस का अनुमान है कि जल्द ये नक्सली भी आत्मसमर्पण कर उत्तर बस्तर इलाके को नक्सल मुक्त करने में अपनी अहम रोल अदा करेंगे. नक्सलियों के लिए पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिया है. AK-47 हथियार के साथ लौटे नक्सली, 25 लाख के इनामी उग्रवादियों ने छोड़ी हिंसा दशकों से उत्तर बस्तर का इलाका नक्सलवाद का दंश झेलता आ रहा है. नक्सलियों के दहशत के कारण आज भी अंदरूनी इलाके विकास से कोसो दूर है. केंद्र और राज्य सरकार ने नक्सलवाद की समाप्ति के लिए मार्च 2026 की डेडलाइन तय की है. तय डेडलाइन के आधार पर चलाये जा रहे ऑपरेशन में पुलिस और सुरक्षा बल के जवानों को सफलता मिलती जा रही है. नक्सली मारे जा रहे हैं. बड़ी संख्या में नक्सली हथियारों के साथ मुख्यधारा में लौटकर आत्मसमर्पण कर रहे हैं. कांकेर में बचे हैं करीब 60 लाख के 21 इनामी नक्सली बीते 3 दिनों में दो डिवीसीएम व एक पार्टी सदस्य सहित 25 लाख रुपये के 3 नक्सलियों ने AK-47 हथियार के साथ आत्मसमर्पण किया है. उत्तर बस्तर के भिहड़ में अभी भी 21 नक्सली बचे हैं. पुलिस को उम्मीद है कि ये भी जल्द आत्मसमर्पण कर सकते हैं. पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए बताया कि उत्तर बस्तर कांकेर में 60 लाख रुपये के आसपास के लगभग 21 नक्सली शेष बचे हुए हैं. बीते कुछ दिनों में कुछ नक्सली मुख्यधारा में लौटे हैं. बड़े कैडर के आत्मसमर्पण के बाद अब बचे हुए नक्सलियों के पास कोई आधार नहीं बचा है. उम्मीद है कि बचे हुए नक्सली भी जल्द आत्मसमर्पण कर सकते हैं. नक्सलियों के लिए हेल्पलाइन जारी पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि शेष बचे हुए नक्सलियों के लिए मोबाइल नंबर 9479194119 जारी किया गया है, जिससे वह बिना किसी भय के संपर्क कर सकते हैं. उन्हें सुरक्षित मुख्यधारा में लाने प्रयास किया जाएगा. सूत्र बताते हैं कि आगमी समय में उत्तर बस्तर के इलाके में शेष बचे 21 नक्सली भी जल्द आत्मसमर्पण कर सकते हैं. इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं सरकार की डेड लाइन के पूर्व ही उत्तर बस्तर कांकेर जिला जल्द नक्सल मुक्त हो जाएगा, जो सरकार और पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी. इससे आम लोगों के लिए विकास की राह आसान होगा.