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होली स्पेशल ट्रेनें: SECR जोन से 70 ट्रेनें चलने से यात्रियों को मिलेगी राहत

रायपुर होली पर्व पर घर जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने खास तैयारियां की हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत कुल 70 होली स्पेशल ट्रेनों के फेरे संचालित होंगे, जिससे यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा कन्फर्म बर्थ और सुविधाजनक यात्रा मिल सके। इन 70 फेरों में से 14 फेरे एसईसीआर के दुर्ग, बिलासपुर और गोंदिया स्टेशनों से बनकर चलेंगे, जबकि 56 फेरे एसईसीआर जोन के विभिन्न स्टेशनों से होकर गुजरेंगे। एसईसीआर से शुरू होने वाली प्रमुख ट्रेनें     दुर्ग-हजरत निजामुद्दीन-दुर्ग: दुर्ग से 1 और 2 मार्च को तथा वापसी में निजामुद्दीन से 2 और 3 मार्च को चलेगी। यह रायपुर, उसलापुर, पेंड्रा रोड होते हुए जाएगी।     गोंदिया-छपरा-गोंदिया: गोंदिया से 1 व 2 मार्च को और वापसी में छपरा से 3 व 4 मार्च को चलेगी।     दुर्ग-मधुबनी-दुर्ग: दुर्ग से 1 मार्च को और मधुबनी से 2 मार्च को झारसुगुड़ा होकर चलेगी। इसका ठहराव रायपुर, बिलासपुर, चाम्पा एवं रायगढ़ में होगा।     गोंदिया-पटना-गोंदिया: गोंदिया से 2 मार्च को और पटना से 3 मार्च को चलेगी।     बिलासपुर-चर्लपल्ली-बिलासपुर : बिलासपुर से 27 फरवरी और चर्लपल्ली से 28 फरवरी को बल्हारशाह होकर चलेगी। जोन से होकर गुजरने वाली स्पेशल ट्रेनों के 56 फेरे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर 56 फेरे अन्य राज्यों को जोड़ने वाली स्पेशल ट्रेनों के गुजरेंगे। जारी सूची के अनुसार, इनमें मुख्य रूप से तिरुपति-रक्सौल, चर्लपल्ली-रक्सौल, पटना-चर्लपल्ली, हटिया-दुर्ग और चर्लपल्ली-दानापुर स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं । ये गुजरने वाली ट्रेनें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, गोंदिया, भाटापारा और रायगढ़ जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहरेंगी । इस व्यवस्था से दिल्ली, बिहार, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों को होली के दौरान सफर में राहत मिलेगी।

SBI में महिला कैशियर की बड़ी चोरी, 2.6 करोड़ की हेराफेरी के बाद फरार थी, ACB ने किया गिरफ्तार

बिलासपुर  भारतीय स्टेट बैंक के बिल्हा ब्रांच में 2 करोड़ 6 लाख 37 हजार 600 रुपये के गबन का मामला सामने आया है। बैंक प्रबंधन की ओर से इसकी शिकायत एसीबी में की गई थी। शिकायत की जांच के बाद एसीबी की टीम ने बैंक के तत्कालीन कैशियर को गिरफ्तार किया है। आरोपी को रिमांड पर लेकर एसीबी की टीम आगे की पूछताछ करेगी। बिल्हा स्थित भारतीय स्टेट बैंक के ब्रांच मैनेजर पीयूष बारा ने एसीबी मुख्यालय में आर्थिक अनियमितता की शिकायत की थी। इसमें बताया गया कि बैंक के कर्मचारियों ने मिलकर 19 दिसंबर 2024 से दो जनवरी 2025 के बीच बैंक खातों और रिकॉर्ड में गड़बड़ी कर दो करोड़ छै लाख सैंतीस हजार 600 का गबन किया है। बैंक की ओर से किए गए आंतरिक जांच में तत्कालीन कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा की भूमिका सामने आई थी। इस पर एसीबी ने 19 जनवरी को बैंक की कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा के खिलाफ धारा 13 (1) A,13(2) पीसी एक्ट व बीएनएस की धारा 316(5), 318(4),61(2), 338, 336(3), 340(2) के तहत जुर्म दर्ज कर लिया। इस बीच आरोपित कैशियर अपने ठिकाने से फरार हो गई थीं। इस पर एसीबी की ओर से उनकी तलाश की जा रही थी। इसी बीच गुरुवार को सूचना मिली कि कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा बिल्हा किसी काम से आई हैं। तब एसीबी की टीम ने घेराबंदी कर कैशियर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार कैशियर को एसीबी की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया है। उन्हें रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी। निलंबन के बाद से हैं गायब बैंक में आर्थिक अनियमितता की जानकारी मिलने पर प्रबंधन की ओर से जांच कराई गई। प्राथमिक जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर कैशियर तेजवथ को जून 2025 में निलंबित कर रिजनल बिजनेस आफिस जगदलपुर में अटैच कर दिया गया। इसके बाद से वे गायब हो गईं। कैशियर मूल रूप से आंध्रप्रदेश के खम्मन जिले की रहने वाली हैं। एसीबी की टीम ने वहां पर भी उनकी जानकारी जुटाई थी। खुद को बचाने बैंक के खर्च में जोड़ दी रकम बैंक की तत्कालीन कैशियर ने गबन की राशि को कई लोगों के खाते में ट्रांसफर किया था। अपनी गलती को छुपाने के लिए उन्होंने रुपयों को बैंक की सेवाओं जैसे पेय पदार्थ, भोजन, किराया और रखरखाव के मद में खर्च करना बताया। जांच में पूरी गड़बड़ी सामने आ गई। इसके बाद एसीबी में शिकायत की गई। एसीबी ने कैशियर का मोबाइल भी जब्त किया है। इसकी जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है।

बिलासपुर हादसा: ट्रेलर की टक्कर से 4 की मौत, परिवार सालगिरह मनाकर लौट रहा था, शव गैस कटर से निकाले गए

बिलासपुर  बिलासपुर में रायपुर-रतनपुर नेशनल हाईवे पर ग्राम सम्बलपुरी स्थित यादव ढाबा के सामने तेज रफ्तार ट्रेलर और स्कॉर्पियो की आमने-सामने टक्कर में चार लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। घायल को सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. देर रात करीब 2 बजे ट्रेलर (CG 11 BD 9044) सकरी-रतनपुर की ओर से रायपुर जा रहा था। इसी दौरान ट्रेलर अनियंत्रित होकर रॉन्ग साइड में पहुंच गया और सामने से आ रही स्कॉर्पियो (CG 04 MQ 4220) को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेलर पास में खड़े एक अन्य ट्रेलर को भी अपनी चपेट में लेते हुए पलट गया। स्कॉर्पियो बुरी तरह डैमेज हो गई और उसमें सवार लोग वाहन के अंदर फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही सकरी पुलिस मौके पर पहुंची। वाहन में फंसे लोगों को निकालने के लिए गैस कटर का सहारा लिया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला गया, तब तक चार लोगों की मौत हो चुकी थी। सालगिरह मनाकर लौट रहा था परिवार बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो में पांच लोग सवार थे, जो यादव ढाबा में आयोजित एक पारिवारिक शादी की 25वीं सालगिरह के कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम से लौटते ही कुछ ही दूरी पर यह दर्दनाक हादसा हो गया। कैसे हुआ हादसा? प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बिलासपुर-रायपुर रोड पर तेज रफ्तार से आ रहे ट्रेलर ने सामने से आ रही स्कॉर्पियो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग बुरी तरह फंस गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला। घायल युवक को गंभीर हालत में अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतकों की पहचान में जुटी पुलिस मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक सभी मृतक तखतपुर-मुंगेली क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई थी। ट्रेलर चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि तेज रफ्तार और लापरवाही इसकी वजह हो सकती है।

मुंगेली में जल जीवन मिशन का असर: 1135 ग्रामीणों को घर-घर नल कनेक्शन से मिल रहा स्वच्छ पेयजल

मुंगेली : विशेष लेख : जल जीवन मिशन: घर-घर नल कनेक्शन से 1135 ग्रामीणों को मिल रहा स्वच्छ पेयजल ग्राम करही में पेयजल की समस्या का हुआ स्थायी समाधान मुंगेली   शासन की महत्वकांक्षी जल जीवन मिशन अंतर्गत जिले में कलेक्टर  कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार हर घर जल पहुंचाने लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में पथरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम करही में 254 घरों और लगभग 01 हजार 135 से अधिक ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। इस गांव में जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन ने पेयजल व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। जो गांव कभी 05 हैंडपंप और 05 पावर पंप पर निर्भर था, आज वहां प्रत्येक घर में नल से नियमित, स्वच्छ और पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है। अब ग्राम करही में पानी के लिए न कतार है, न भागदौड़ और न ही चिंता।           पूर्व में जलस्तर कम होने पर गांव में पानी की भारी किल्लत हो जाती थी। विशेषकर गर्मी के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती थी। महिलाओं को दूरस्थ स्थानों तक पानी लाने जाना पड़ता था और लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ता था। इससे घरेलू कार्यों में देरी होती थी और मजदूरी तथा खेती-किसानी का कार्य भी प्रभावित होता था। गांव की महिलाओं के लिए यह केवल पानी की समस्या नहीं थी, बल्कि समय, श्रम और सम्मान से जुड़ा प्रश्न था, लेकिन जब से जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूरे गांव में पाइपलाइन का विस्तार कर प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंचाया गया है, तब से सभी परिवारों को घर बैठे स्वच्छ पेयजल मिल रहा है। पानी के लिए होने वाली रोज़मर्रा की भागदौड़ समाप्त हो गई है और ग्रामीणों की दिनचर्या व्यवस्थित हो गई है। ग्राम की निवासी अंजीरा राजपूत, जानकी नेताम, गणेशिया यादव और सुखमनी यादव ने कहा कि अब उन्हें पानी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता। वे अपने घरेलू कार्य समय पर पूरा कर पा रही हैं और खेतों व मजदूरी कार्यों के लिए भी समय पर निकल पाती हैं।    ग्राम की सरपंच मती कमलेश बंजारे के अनुसार योजना के सफल संचालन और संधारण के लिए जल कर संग्रह की व्यवस्था की गई है। नियमित देखरेख और सामुदायिक सहभागिता से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी ग्रामीणों को समय पर और पर्याप्त पानी मिलता रहे। पथरिया के जनपद सदस्य  संजीव नेताम ने कहा कि अब ग्रामीणों के दरवाजे पर ही पानी उपलब्ध है, जिससे वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान हो गया है। उन्होंने इस योजना को ग्राम करही के लिए वरदान बताते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

रायपुर: राष्ट्रीय बागवानी मिशन से किसानों को संबल, उन्नत तकनीक से टमाटर उत्पादन और मुनाफा बढ़ा

रायपुर : राष्ट्रीय बागवानी मिशन से किसानों को संबल : उन्नत तकनीक से टमाटर खेती में बढ़ा उत्पादन और मुनाफा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ने और केंद्र व राज्य शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सतत प्रयास कर रही है। इसी क्रम में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक बागवानी पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत टेम्पू के किसान श्री सुनील भगत ने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में टमाटर की उन्नत खेती कर सफलता हासिल की है। उन्होंने विभागीय परामर्श के बाद जीके देशी किस्म का टमाटर लगाया, जिससे प्रति एकड़ लगभग 9 टन उत्पादन प्राप्त हुआ। किसान श्री भगत ने बताया कि वे मौसम के अनुसार सब्जी फसलों की खेती करते हैं। वर्तमान सीजन में उन्होंने लगभग 85 हजार 500 रुपये का टमाटर विक्रय किया। कुल लागत व्यय निकालने के बाद उन्हें 55 हजार 500 रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। वे अन्य विभागीय योजनाओं का भी लाभ ले रहे हैं और अब ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग जैसी उन्नत तकनीकों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। श्री सुनील भगत की सफलता से ग्राम पंचायत टेम्पू सहित आसपास के गांवों के किसान भी प्रेरित हुए हैं। कई किसान अब उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने और विभागीय योजनाओं से जुड़ने के लिए आगे आ रहे हैं, ताकि कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त कर सकें। राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य के किसानों को न केवल आधुनिक खेती की दिशा मिल रही है, बल्कि वे आर्थिक रूप से अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं।

रायपुर : चार जिलों में संशोधित गाइडलाइन दरें 27 फरवरी से लागू

रायपुर : चार जिलों में संशोधित गाइडलाइन दरें 27 फरवरी से लागू रायपुर  छत्तीसगढ़ में दिनांक 20 नवम्बर 2025 से नवीन गाइडलाइन दरें लागू की गई हैं। राज्य शासन द्वारा जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देश जारी किए गए थे कि स्थानीय परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं के अनुसार गाइडलाइन दरों में संशोधन संबंधी प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजे जा सकते हैं।उक्त निर्देशों के अनुरूप दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा तथा बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से संशोधित प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों पर विचार हेतु महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिलों से प्राप्त प्रस्तावित गाइडलाइन दरों का परीक्षण कर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में समग्र परीक्षण के पश्चात केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा एवं बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से प्राप्त गाइडलाइन दरों के प्रस्तावों का अनुमोदन प्रदान किया गया। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित नवीन गाइडलाइन दरें उपरोक्त चारों जिलों में दिनांक 27 फरवरी 2026 से प्रभावशील होंगी। आम नागरिक एवं संबंधित हितधारक नवीन दरों की जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों तथा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।अन्य जिलों की संशोधित गाइडलाइन दरें भी शीघ्र जारी की जाएंगी।

वन विकास निगम में ‘डिजिटल क्रांति‘ और ‘रोजगार संगम‘ का सफल मॉडल

रायपुर वन विकास निगम में ‘डिजिटल क्रांति‘ और ‘रोजगार संगम‘ का सफल मॉडल वन मंत्री  केदार कश्यप के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के कवर्धा परियोजना मंडल अंतर्गत बोड़ला काष्ठागार में डिजिटल प्रणाली लागू कर कार्यों को अधिक पारदर्शी और सरल बनाया गया है। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार देकर इसे ‘डिजिटल क्रांति‘ और ‘रोजगार संगम‘ का सफल उदाहरण बनाया गया है। काष्ठागार में लगभग 2500 घन मीटर इमारती लकड़ी और 1200 नग जलाऊ लकड़ी का वैज्ञानिक तरीके से भंडारण किया गया है। लकड़ी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित जांच और लंबाई के अनुसार छंटाई की व्यवस्था की गई है। इससे लकड़ी लंबे समय तक सुरक्षित रहती है और नीलामी के दौरान खरीदारों को बेहतर सुविधा मिलती है। डिजिटल प्रणाली से बढ़ी पारदर्शिता काष्ठागार में अब अधिकतर कार्य ऑनलाइन और डिजिटल माध्यम से किए जा रहे हैं। प्राप्त लकड़ी का डिजिटल पंजीयन कर व्यवस्थित लॉट तैयार किए जा रहे हैं। लकड़ी और जलाऊ लकड़ी की नीलामी पूरी तरह ऑनलाइन की जा रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और राजस्व में वृद्धि हुई है। खरीदारों को ऑनलाइन भुगतान की सुविधा दी गई है, जिससे समय और श्रम की बचत हो रही है। सेल संकल्प, कार्य आदेश और परिवहन अनुमति जैसे दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार बोड़ला काष्ठागार केवल लकड़ी भंडारण केंद्र नहीं, बल्कि ग्रामीणों के लिए रोजगार का माध्यम भी बन रहा है। लकड़ी की छंटाई, लॉट निर्माण और लोडिंग जैसे कार्यों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे ग्रामीणों को गांव के पास ही नियमित रोजगार मिल रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। इस प्रकार वन विकास निगम का यह प्रयास शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण है। डिजिटल व्यवस्था से जहां कार्यों में पारदर्शिता आई है, वहीं रोजगार के अवसर बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ली वर्चुअल बैठक

रायपुर परिवहन मंत्री  केदार कश्यप और स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल बैठक में हुए शामिल केंद्रीय परिवहन मंत्री  नितिन गडकरी ने आज सभी राज्यों के परिवहन और स्वास्थ्य मत्रियों के साथ पीएम राहत योजना की बैठक ली। इस बैठक में परिवहन मंत्री  केदार कश्यप और स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल वर्चुअल रूप से शामिल हुए और अपने सुझावों को रखा। बैठक में बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा संचालित पीएम राहत योजना के अंतर्गत अब दुर्घटना पीड़ितों को “गोल्डन ऑवर” में त्वरित और कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे के भीतर यदि पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराया जाए तो मृत्यु की संभावना 50 प्रतिशत तक कम हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह योजना प्रभावी रूप से लागू की गई है। इस योजना के तहत भारत में कहीं भी मोटर वाहन से संबंधित सड़क दुर्घटना होने पर पीड़ित को तत्काल निकटतम सूचीबद्ध अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। यह उपचार आयुष्मान भारत (एबी-पीएम-जेएवाई) के अंतर्गत पंजीकृत अस्पतालों में उपलब्ध होगा। पीड़ित या उसके परिजनों से किसी प्रकार का अग्रिम भुगतान नहीं लिया जाएगा। अस्पताल में प्रवेश एवं पंजीकरण पीएम राहत योजना के तहत अस्पताल द्वारा पीड़ित की पहचान सत्यापित कर 24 घंटे के भीतर उसे टीएमएस (Transaction Management System) 2.0 पोर्टल पर पंजीकृत किया जाता है। उपचार की व्यवस्था बैठक में केंद्रीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि योजना के अंतर्गत दुर्घटना की तिथि से अधिकतम 7 दिनों तक ट्रॉमा/पॉलीट्रॉमा पैकेज के अंतर्गत 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। रिपोर्टिंग एवं सत्यापन अस्पताल द्वारा 24 घंटे के भीतर स्थानीय पुलिस को सूचना दी जाती है तथा दुर्घटना का विवरण इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट  (EDAR)  प्रणाली में दर्ज किया जाता है। दावा प्रसंस्करण एवं भुगतान अस्पताल द्वारा दावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के पोर्टल पर प्रस्तुत किया जाता है। स्वीकृत राशि का भुगतान मोटर वाहन दुर्घटना कोष (MVAF) से किया जाता है। योजना के मुख्य बिंदु परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने बताया कि प्रति पीड़ित, प्रति दुर्घटना अधिकतम 7 दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक की सहायता, मोटर वाहन से जुड़ी सभी सड़क दुर्घटनाओं पर लागू होगी तथा पूर्णतः कैशलेस सुविधा और प्रदेश में योजना के सुचारु क्रियान्वयन हेतु सभी 33 जिलों के कलेक्टरों के लिए रिजर्व बैंक में खाते खोले जा चुके हैं तथा टीएमएस और पीएफएमएस (Public Financial Management System) के माध्यम से सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। यह योजना सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और उनकी जान बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर परिवहन सचिव  एस. प्रकाश भी उपस्थित रहे।

पर्यटन विशेषज्ञ किर्सी ने ग्रामीण महिलाओं संग किया महुआ संग्रहण, बस्तर की जैव विविधता और लोकसंस्कृति से हुए अभिभूत

रायपुर बस्तर की समृद्ध जैव विविधता, जीवंत लोकसंस्कृति और ग्रामीण जीवन की आत्मीयता ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी गूंज दर्ज कराई है। संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध अंतरराष्ट्रीय पर्यटन विशेषज्ञ एवं ‘हिवा कोचिंग एंड कंसल्टिंग’ की संस्थापक  किर्सी ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान ग्रामीण परिवेश को नजदीक से समझते हुए स्थानीय महिलाओं के साथ महुआ संग्रहण में सहभागिता की। प्रवास के तीसरे दिन उन्होंने प्राकृतिक सौंदर्य के बीच ‘नेचर एंड एनवायरमेंट ऑब्जर्वेशन वॉक’ और बर्ड वॉचिंग गतिविधियों से दिन की शुरुआत की। स्थानीय गाइडों के साथ जंगल की पगडंडियों पर चलते हुए उन्होंने बस्तर की जैव विविधता, वन संपदा और पारिस्थितिकी तंत्र की विशेषताओं को समझा। ग्रामीण महिलाओं के साथ महुआ संग्रहण करते हुए वे खासा उत्साहित दिखीं और इसे आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्त उदाहरण बताया। दोपहर के समय बस्तर की सांस्कृतिक विरासत का मनोहारी दृश्य तब सामने आया, जब धुरवा जनजातीय नृत्य दल ने पारंपरिक मंडरी, डंडारी और गुरगाल नाचा की आकर्षक प्रस्तुति दी। पारंपरिक वेशभूषा और वाद्य यंत्रों की थाप पर प्रस्तुत इन लोकनृत्यों ने विदेशी अतिथि को मंत्रमुग्ध कर दिया। पर्यटन बोर्ड के अधिकारियों ने उन्हें इन नृत्यों के ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की। इसके पश्चात उन्होंने पर्यटन विक्रेताओं, स्थानीय हितधारकों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण संवाद किया। इस दौरान बस्तर में ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं, उत्पादों के परिष्करण, विपणन रणनीतियों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकास पर तकनीकी चर्चा हुई। धुरमारास क्षेत्र में स्थानीय बांस शिल्पियों और कारीगरों के साथ आयोजित ‘तकनीकी इंटरैक्शन’ सत्र में  किर्सी ने बस्तर के प्रसिद्ध बांस हस्तशिल्प की बारीकियों को समझा और उत्पादों के गुणवत्ता संवर्धन एवं वैश्विक बाजार तक पहुंच बढ़ाने के सुझाव दिए। उन्होंने ‘कल्चर वॉक’ के माध्यम से ग्रामीण जीवन के विविध आयामों का अनुभव किया और स्थानीय आतिथ्य की सराहना की। दिन का समापन धुरवा डेरा होमस्टे में आयोजित डिब्रीफ सत्र के साथ हुआ, जहां पूरे दिन की गतिविधियों की समीक्षा की गई। जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित इस प्रवास का उद्देश्य बस्तर के ग्रामीण पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करना है। विशेषज्ञ ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि बस्तर में प्रकृति, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता का अद्भुत समन्वय है। यदि इसे सुनियोजित रूप से वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाए, तो यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय पर्यटन का आकर्षक केंद्र बन सकता है। बस्तर का यह प्रवास न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान का माध्यम बना, बल्कि ग्रामीण महिलाओं, कारीगरों और स्थानीय समुदाय के आत्मविश्वास को भी नई ऊर्जा देने वाला साबित हुआ।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के साथ समन्वय बैठक आयोजित

रायपुर राज्य निर्वाचन आयुक्त  अजय सिंह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग में आज  एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  यशवंत कुमार तथा राज्य निर्वाचन आयोग की सचिव मती शिखा राजपूत तिवारी सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे  राज्य निर्वाचन आयुक्त ने स्थानीय निकायो के आगामी आम एवं उप निर्वाचन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों के मध्य बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है।  उन्होंने विशेष रूप से निर्वाचक नामावली के अद्यतन कार्य को प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि आगामी  आम /अप निर्वाचन हेतु आवश्यक ,निर्वाचक नामावली तैयार करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग से विधानसभा क्षेत्रवार निर्वाचक नामावली का अद्यतन डाटा शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। उक्त नामावली प्राप्त होते ही जिससे  स्थानीय निकाय के  आगामी निर्वाचन हेतु समयबद्ध एवं त्रुटिरहित निर्वाचक नामावली  तैयार  की जाएगी तथा निर्वाचन कार्यक्रम जारी किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के नगरीय निकायो में  अध्यक्ष के  6 एव पार्षद  के  75 पद तथा ग्रामीण निकायों में  जनपद पंचायत सदस्य के 06 पद, सरपंच के 70 पद तथा पंच के  977 पद रिक्त हैं जिन पर आम/उप चुनाव अपेक्षित हैं ।