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SBI रिपोर्ट में खुलासा: पारंपरिक अपराध कम हुए, साइबर अपराधों ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली देश में अपराध की तस्वीर बदल रही है. एक तरफ पारंपरिक अपराधों में कमी दर्ज की जा रही है, तो दूसरी तरफ इंटरनेट और डिजिटल दुनिया में अपराधियों के नए तरीके सामने आ रहे हैं. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की ताजा रिपोर्ट बताती है कि भारत में कुल अपराध दर घटी है, लेकिन साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं. रिपोर्ट में अपराध, अर्थव्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और तकनीक के बीच के रिश्ते पर भी महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं।  SBI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में वर्ष 2024 के दौरान 58.86 लाख संज्ञेय (Cognizable) अपराध दर्ज किए गए. यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 6 प्रतिशत कम है. देश की कुल अपराध दर भी घटकर प्रति लाख आबादी पर 448.3 से 418.9 रह गई है. रिपोर्ट के अनुसार सार्वजनिक निवेश, डिजिटलीकरण और निगरानी तंत्र में सुधार इसके प्रमुख कारण हैं।  हालांकि कुल अपराध कम हुए हैं, लेकिन साइबर अपराध लगातार बढ़ रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में साइबर क्राइम के मामले 1 लाख के आंकड़े को पार कर सकते हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन बैंकिंग और इंटरनेट आधारित सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी, डेटा चोरी और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं।  रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में भी थोड़ी कमी दर्ज की गई है. वर्ष 2023 में ऐसे 4.48 लाख मामले दर्ज हुए थे, जो 2024 में घटकर 4.41 लाख रह गए. यह करीब 1.5 प्रतिशत की गिरावट है। हालांकि रिपोर्ट का कहना है कि चुनौती का स्तर अभी भी बहुत बड़ा है और इसे सफलता नहीं माना जा सकता।  एएनआई के मुताबिक, SBI का मानना है कि UPI, FASTag और डिजिटल निगरानी जैसे साधनों ने अपराधियों के लिए जोखिम बढ़ा दिया है. डिजिटल ट्रेल की वजह से अपराध करने वालों की पहचान और गिरफ्तारी की संभावना पहले की तुलना में अधिक हो गई है. इससे अपराध करने की लागत और खतरा दोनों बढ़े हैं।  रिपोर्ट में बताया गया है कि जिन क्षेत्रों में अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं, वहां अपराध में हल्की गिरावट देखने को मिली है. वर्ष 2022 से 2024 के बीच CCTV कैमरों और अपराध दर के बीच नकारात्मक संबंध (-0.148) दर्ज किया गया. इसका मतलब है कि निगरानी बढ़ने से अपराध कम होने की संभावना बढ़ती है।  स्मार्ट सिटी मिशन के तहत देश के सभी 100 स्मार्ट शहरों में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) संचालित किए जा रहे हैं. ये सेंटर डेटा, तकनीक, निगरानी और रियल-टाइम मॉनिटरिंग को एक साथ जोड़ते हैं. इसका मकसद शहरी प्रबंधन को बेहतर बनाना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।  रिपोर्ट के अनुसार 100 स्मार्ट शहरों में 84,000 से अधिक CCTV कैमरे लगाए जा चुके हैं. इसके अलावा 1,884 इमरजेंसी कॉल बॉक्स और लगभग 3,000 पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी स्थापित किए गए हैं. SBI का कहना है कि ये सुविधाएं लोगों में सुरक्षा की भावना और अपराधियों में पकड़े जाने का डर बढ़ाती हैं।  रिपोर्ट में अपराध और आर्थिक विकास के बीच दिलचस्प संबंध का उल्लेख किया गया है. अध्ययन बताते हैं कि अपराध बढ़ने से निवेश प्रभावित होता है, व्यापारिक लागत बढ़ती है और आर्थिक गतिविधियों पर नकारात्मक असर पड़ता है. इससे विकास की गति धीमी हो सकती है और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है।  SBI के अनुसार प्रति लाख आबादी पर IPC/BNS अपराध दर में 1 प्रतिशत की कमी आने पर अल्पकाल में वास्तविक GDP वृद्धि लगभग 0.11 प्रतिशत बढ़ सकती है. यानी अपराध कम होने का फायदा केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा लाभ अर्थव्यवस्था और विकास दर को भी मिलता है।  रिपोर्ट में कहा गया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध श्रम बाजार में बाधा पैदा करते हैं और महिला कार्यबल की भागीदारी को प्रभावित करते हैं. NCRB 2024 के अनुसार पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता के 1,20,227 मामले और 1,21,166 पीड़ित दर्ज किए गए।  वहीं NFHS-5 के आधार पर अनुमान है कि करीब 27.88 करोड़ विवाहित महिलाओं में से 24 प्रतिशत ने पिछले 12 महीनों में शारीरिक या यौन हिंसा का सामना किया. इसका अनुमानित वार्षिक बोझ करीब 6.69 करोड़ महिलाओं तक पहुंचता है. रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि आर्थिक और श्रम नीति का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। 

निवेशकों के लिए खुशखबरी! बैंकों की नई FD योजनाओं में मिल रहा शानदार रिटर्न

नई दिल्ली  वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों के मन में सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर इस समय क्या कहां पैसा लगाएं? गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में भी भारी उथल-पुथल देखने को मिल रहा है। शेयर बाजार पिछले एक साल में 7 प्रतिशत से अधिक लुढ़क चुका है। इस अनिश्चितता के माहौल में फिक्सड डिपॉजिट एक शानदार विकल्प हो सकता है। यहां रिटर्न की पूरी गारंटी रहती है। मौजूदा समय में कुछ बैंक 2.5 प्रतिशत से 8 प्रतिशत तक का रिटर्न फिक्सड डिपॉजिट पर दे रहे हैं। बैंकों की तरफ से कुछ खास एपडी योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। यह स्कीम के तहत 444 दिन की एफडी ग्राहकों को करवानी होगी। इस योजना में कोई भी व्यक्ति 1000 रुपये से 3 करोड़ रुपये तक निवेश कर सकता है। स्कीम में मंथली, तिमाही और छमाही मैच्योरिटी का विकल्प प्रदान करता है। SBI Amrit Vrishti एफडी स्कीम पर सामान्य नागिरकों को 6.45 प्रतिशत का ब्याज बैंक की तरफ से दिया जा रहा है। सीनियर सिटीजन को बैंक 6.95 प्रतिशत ब्याज और सुपर सीनियर सिटीजन को बैंक की तरफ से 7.05 प्रतिशत तक ब्याज ऑफर किया जा रहा है। बता दें, समय से पैसा निकालने पर 5 लाख रुपये तक की एफडी पर 0.5 प्रतिशत की पेनाल्टी लगेगी। वहीं, अगर अमाउंट 5 लाख रुपये से अधिक है तब की स्थिति में पेनाल्टी 1 प्रतिशत होगी। इंडियन बैंक IND सिक्योर एफडी यह स्कीम भी 444 दिन की है। इस योजना के तहत ग्राहक 1000 रुपये से 3 करोड़ रुपये तक का निवेश कर सकता है। सामान्य नागरिकों के लिए 6.60 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है। सीनियर सिटीजन के लिए बैंक की तरफ से 7.10 प्रतिशत और सुपर सीनियर सिटीजन को बैंक की तरफ से 7.35 प्रतिशत तक ब्याज दिया जा रहा है। इस स्कीम में मैच्योरिटी से पहले पैसा निकालने की अनुमति ग्राहकों को है। बैंक ऑफ बड़ौदा bob Square Drive Deposit Scheme यह योजना भी 444 दिन की है। बैंक की तरफ से इस एफडी स्कीम पर 6.45 प्रतिशत से 7.10 प्रतिशत तक ब्याज ऑफर किया रहा है। सामान्य नागिरकों को बैंक 6.45 प्रतिशत तक ब्याज ऑफर कर रहा है। सीनियर सिटीजन को बैंक की तरफ से 6.95 प्रतिशत और सुपर सीनियर सिटीजन को बैंक की तरफ से 7.05 प्रतिशत तक ब्याज देने का फैसला किया गया है। सीनियर सिटीज के लिए अलग एफडी स्कीम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने वी केयर डिपॉडिट स्कीम को शुरू किया है। इस स्कीम के तहत बैंक की तरफ से 50 बेसिस प्वाइंट ब्याज 5 साल और 10 साल तक के एफडी पर ब्याज दिया जा रहा है। इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौडा और आईसीआईसीआई बैंक सीनियर सिटीजन को स्पेशल एफडी दे रहा है।

बैंकिंग सेवाएं रहेंगी सुचारु, SBI समेत अन्य बैंकों की प्रस्तावित हड़ताल फिलहाल स्थगित

नई दिल्ली देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहकों के लिए जरूरी खबर है। बैंक ने बताया कि 25 और 26 मई 2026 को होने वाली बैंक कर्मचारियों की हड़ताल फिलहाल टाल दी गई है। इसका मतलब है कि इन दोनों दिनों में देशभर में SBI की सभी शाखाएं सामान्य रूप से खुली रहेंगी और ग्राहकों को सभी बैंकिंग सेवाएं बिना किसी रुकावट के मिलती रहेंगी। SBI ने क्या कहा? SBI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने बयान में कहा, "हम अपने सम्मानित ग्राहकों को सूचित करते हैं कि ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) द्वारा 25 और 26 मई 2026 को प्रस्तावित हड़ताल टाल दी गई है। हमारी सभी शाखाएं सामान्य रूप से काम करेंगी और सभी नियमित बैंकिंग सेवाएं प्रदान करेंगी।" क्यों टल गई हड़ताल? SBI स्टाफ एसोसिएशन, बंगाल सर्किल के सचिव सुदीप दत्ता ने कहा, ‘प्रबंधन के साथ मुंबई में हुई बैठक पॉजिटिव रही और कर्मचारी महासंघ की कई मांगों पर प्रगति हुई है। इन परिस्थितियों में प्रस्तावित हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है।’ SBI कर्मचारी महासंघ के महासचिव एल चंद्रशेखर ने अपने सदस्यों को भेजे संदेश में कहा, “मुंबई स्थित कॉरपोरेट सेंटर में बैंक प्रबंधन और महासंघ के बीच हुई बैठक सकारात्मक रही। हमें यह बताते हुए खुशी है कि हमारी मांगों पर सकारात्मक प्रगति हुई है। चर्चा के दौरान हुई प्रगति को देखते हुए प्रस्तावित हड़ताल स्थगित कर दी गई है।” क्या थी मांगें? यह हड़ताल All India State Bank of India Staff Federation (AISBISF) ने बुलाई थी। यूनियन का कहना था कि बैंक में कर्मचारियों की कमी, आउटसोर्सिंग, पेंशन से जुड़े मुद्दे और वेतन असमानता जैसे कई मामलों पर लंबे समय से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। यूनियन ने 16 मांगों की एक सूची रखी थी। इसमें नए कर्मचारियों की भर्ती, खाली पदों को भरना, स्थायी नौकरियों में आउटसोर्सिंग बंद करना, NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में ज्यादा लचीलापन देना और कर्मचारियों के ट्रांसफर नियमों में बदलाव जैसी मांगें शामिल थीं। कर्मचारी संगठन का कहना था कि स्टाफ कम होने से मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। साथ ही, कई शाखाओं में सुरक्षा गार्डों की कमी से सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई थी। हालांकि, बैंक प्रबंधन और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद फिलहाल यह आंदोलन वापस ले लिया गया है। इससे बैंकिंग सेवाओं में संभावित रुकावट टल गई है और ग्राहकों को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

SBI में महिला कैशियर की बड़ी चोरी, 2.6 करोड़ की हेराफेरी के बाद फरार थी, ACB ने किया गिरफ्तार

बिलासपुर  भारतीय स्टेट बैंक के बिल्हा ब्रांच में 2 करोड़ 6 लाख 37 हजार 600 रुपये के गबन का मामला सामने आया है। बैंक प्रबंधन की ओर से इसकी शिकायत एसीबी में की गई थी। शिकायत की जांच के बाद एसीबी की टीम ने बैंक के तत्कालीन कैशियर को गिरफ्तार किया है। आरोपी को रिमांड पर लेकर एसीबी की टीम आगे की पूछताछ करेगी। बिल्हा स्थित भारतीय स्टेट बैंक के ब्रांच मैनेजर पीयूष बारा ने एसीबी मुख्यालय में आर्थिक अनियमितता की शिकायत की थी। इसमें बताया गया कि बैंक के कर्मचारियों ने मिलकर 19 दिसंबर 2024 से दो जनवरी 2025 के बीच बैंक खातों और रिकॉर्ड में गड़बड़ी कर दो करोड़ छै लाख सैंतीस हजार 600 का गबन किया है। बैंक की ओर से किए गए आंतरिक जांच में तत्कालीन कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा की भूमिका सामने आई थी। इस पर एसीबी ने 19 जनवरी को बैंक की कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा के खिलाफ धारा 13 (1) A,13(2) पीसी एक्ट व बीएनएस की धारा 316(5), 318(4),61(2), 338, 336(3), 340(2) के तहत जुर्म दर्ज कर लिया। इस बीच आरोपित कैशियर अपने ठिकाने से फरार हो गई थीं। इस पर एसीबी की ओर से उनकी तलाश की जा रही थी। इसी बीच गुरुवार को सूचना मिली कि कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा बिल्हा किसी काम से आई हैं। तब एसीबी की टीम ने घेराबंदी कर कैशियर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार कैशियर को एसीबी की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया है। उन्हें रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी। निलंबन के बाद से हैं गायब बैंक में आर्थिक अनियमितता की जानकारी मिलने पर प्रबंधन की ओर से जांच कराई गई। प्राथमिक जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर कैशियर तेजवथ को जून 2025 में निलंबित कर रिजनल बिजनेस आफिस जगदलपुर में अटैच कर दिया गया। इसके बाद से वे गायब हो गईं। कैशियर मूल रूप से आंध्रप्रदेश के खम्मन जिले की रहने वाली हैं। एसीबी की टीम ने वहां पर भी उनकी जानकारी जुटाई थी। खुद को बचाने बैंक के खर्च में जोड़ दी रकम बैंक की तत्कालीन कैशियर ने गबन की राशि को कई लोगों के खाते में ट्रांसफर किया था। अपनी गलती को छुपाने के लिए उन्होंने रुपयों को बैंक की सेवाओं जैसे पेय पदार्थ, भोजन, किराया और रखरखाव के मद में खर्च करना बताया। जांच में पूरी गड़बड़ी सामने आ गई। इसके बाद एसीबी में शिकायत की गई। एसीबी ने कैशियर का मोबाइल भी जब्त किया है। इसकी जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है।

मारुति सुजुकी का ओपन कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव, 15 जनवरी को शासकीय आईटीआई चिरमिरी में होगा आयोजन

एमसीबी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था चिरमिरी में आईटीआई उत्तीर्ण युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से भारत सरकार के निर्देशानुसार भारत की नंबर एक पैसेंजर कार मैन्युफैक्चरिंग कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड द्वारा भव्य ओपन कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया जा रहा है। यह प्लेसमेंट ड्राइव 15 जनवरी 2026 को प्रातः 10:00 बजे शासकीय आईटीआई चिरमिरी, जिला कोरिया (छत्तीसगढ़) में आयोजित होगी। इस विशेष प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से योग्य एवं इच्छुक आईटीआई पासआउट अभ्यर्थियों को देश की प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कंपनी में करियर बनाने का बेहतरीन अवसर मिलेगा। प्लेसमेंट ड्राइव में मोटर मैकेनिक, डीजल मैकेनिक, ट्रैक्टर मैकेनिक, मशीनिस्ट, इलेक्ट्रीशियन, फिटर, टर्नर, वेल्डर, पेंटर, वायर मैन, शीट मेटल, सीआई ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक, टूल एंड डाई तथा पीपीओ ट्रेड के अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। पात्रता के अनुसार जॉइनिंग के समय अभ्यर्थी की आयु 18 से 26 वर्ष के बीच होनी चाहिए। 10वीं कक्षा में न्यूनतम 40 प्रतिशत एवं आईटीआई में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। अभ्यर्थी का शारीरिक रूप से फिट होना आवश्यक है, जिसमें कोई वर्णांधता, शारीरिक विकृति या अत्यधिक कम अथवा अधिक बीएमआई न हो। चयनित अभ्यर्थियों को आकर्षक वेतन एवं सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। एफटीसी के अंतर्गत 25,300 रुपए प्रति माह सीटीसी के साथ वार्षिक वैधानिक बोनस दिया जाएगा, जो 12 माह के अनुबंध पर आधारित होगा। अप्रेंटिसशिप के लिए 19,500 रुपए प्रति माह स्टाइपेंड निर्धारित है। इसके अतिरिक्त सब्सिडी युक्त भोजन एवं छात्रावास, वर्दी, पीपीई एवं सुरक्षा जूते तथा कंपनी की नीति के अनुसार अवकाश और छुट्टियों की सुविधा भी मिलेगी। चयनित उम्मीदवारों की कार्यस्थल पोस्टिंग मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के गुजरात प्लांट में की जाएगी, जो प्लॉट क्रमांक 334-335, ग्राम हंसपुर, पिराराजी, मंडल तालुका, अकाद, गुजरात में स्थित है। साक्षात्कार में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों को 10वीं एवं आईटीआई की मार्कशीट की स्व-सत्यापित प्रति, आधार कार्ड, पैन कार्ड की स्व-सत्यापित प्रति तथा एक पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्य रूप से साथ लाना होगा। यह प्लेसमेंट ड्राइव पूर्णतः निःशुल्क है, इसके लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। प्लेसमेंट ड्राइव का समन्वय शेपर्स टैलेंट इंडिया द्वारा किया जा रहा है। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी +91-9953002111, +91-9990724900 अथवा +91-9560015542 पर संपर्क कर सकते हैं। शासकीय आईटीआई चिरमिरी द्वारा सभी पात्र युवाओं से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की गई है।

SBI के खजाने से शेयर ट्रेडिंग में पैसे उड़ाने के आरोप में रायपुर में चीफ मैनेजर गिरफ्तार, ACB जांच में जुटा

रायपुर  छत्तीसगढ़ में भारतीय स्टेट बैंक के चीफ मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है। मैनेजर पर आरोप है कि उसने ट्रेडिंग के नाम पर 2.78 करोड़ रुपए की हेराफेरी की है। यह हेराफेरी बैंक के इंटरनल अकाउंट से हुई है। बैंक की तरफ से की गई शिकायत के बाद चीफ मैनेजर विजय कुमार आहके की गिरफ्तारी हुई है। आगे की जांच चल रही है। एसबीआई में धांधली का आरोप यह मामला रायपुर से सामने आया है, जहां एसबीआई के चीफ मैनेजर ने स्पेशलाइज्ड करेंसी मैनेजमेंट ब्रांच का प्रमुख रहते हुए इस धांधली को अंजाम दिया। उन्होंने एक ऐसे इंटरनल अकाउंट का इस्तेमाल किया, जिसकी कोई तय सीमा नहीं होती। पिछले 8 महीनों में, उन्होंने फर्जी एंट्री करके करीब 2.78 करोड़ रुपए अपने और अपनी पत्नी के खातों में ट्रांसफर कर लिए। इसके बाद, इन पैसों को धन ऐप और डेल्टा एक्सचेंज जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग करके ट्रेडिंग में लगा दिया गया। रेड फ्लैग इंडिकेटर को चकमा दिया एसीबी की जांच में पता चला है कि आरोपी ने बैंक के रेड फ्लैग इंडिकेटर (RFI) सिस्टम को भी चकमा दिया। यह सिस्टम किसी भी गड़बड़ी का पता लगाने में मदद करता है। आरोपी ने इस सिस्टम से बचने के लिए, तय 30 दिन की अवधि से पहले ही अलग-अलग फर्जी एंट्री करके रकम का रोलओवर कर दिया। इस चालाकी के कारण सिस्टम अलर्ट जनरेट नहीं कर पाया और यह बड़ा घोटाला लंबे समय तक छिपा रहा। एसबीआई के कई अहम दस्तावेज मिले रायपुर स्थित आरोपी के घर पर तलाशी के दौरान, एसीबी को कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले हैं। इन पुख्ता सबूतों के आधार पर, 18 दिसंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। ब्यूरो के अधिकारी इस मामले में अन्य अधिकारियों की भूमिका, सुपरवाइजरी चूक और ड्यू डेलिजेंस (कर्तव्यनिष्ठता) की कमी की भी जांच कर रहे हैं। इसका मतलब है कि यह पता लगाया जा रहा है कि क्या बैंक के अन्य कर्मचारी भी इस गड़बड़ी में शामिल थे या उन्होंने इसे रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए।

SBI ने घटाया लोन ब्याज, जानिए कैसे कम होगी आपकी EMI

 नई दिल्‍ली भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ब्‍याज में कटौती करने के बाद भारतीय स्‍टेट बैंक (SBI) ने एक बड़ा फैसला लिया है. भारतीय स्‍टेट बैंक ने होम लोन के ब्‍याज दरों में कटौती का ऐलान किया है. एसबीआई मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR), एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR), रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR), बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट (BPLR) और बेस रेट में कटौती करेगा.  यह बदलाव 15 दिसंबर, 2025 से प्रभावी माना जाएगा. अब इस कटौती के साथ आपके लोन ब्‍याज दर कम हो जाएंगे, जिससे आपके लोन की ईएमआई भी 0.25 फीसदी तक कम हो जाएगी. भारत के सबसे बड़े पब्लिक सेक्‍टर बैंक के इस फैसले से लाखों खुदरा और कॉर्पोरेट उधारकर्ताओं को लाभ मिलेगा.  गौरतलब है कि एसबीआई का यह फैसला भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से 25 बेसिस पॉइंट की कटौती के बाद आया है. आरबीआई ने ग्रोथ को बढ़ावा देते हुए लगातार चौथी बार रेपो रेट में कटौती की है. इस कटौती के साथ ही रेपो रेट घटकर 5.25 फीसदी हो चुका है. अभी कितना आपके लोन का ब्‍याज? अभी एसबीआई अपने कस्‍टमर्स से होम लोन पर कम से कम ब्‍याज  7.4% का ब्‍याज वसूलता है और पर्सनल लोन पर ब्‍याज 9 से 10 फीसदी वूसलता है. लेकिन अब इस फैसले के बाद होम लोन और पर्सनल लोन पर ब्‍याज कम हो जाएंगे. इससे कस्‍टमर्स की बड़ी सेविंग हो सकती है. MCLR रेट अब कितना हुआ?  अवधि मौजूदा MCLR (%) संशोधित एमसीएलआर (%) रातोंरात 7.90 7.85 एक महीना 7.90 7.85 तीन महीने 8.30 8.25 छह महीने 8.65 8.60 एक वर्ष 8.75 8.70 दो वर्ष 8.80 8.75 तीन वर्ष 8.85 8.80 लिंक्ड लोन के लिए EBLR और RLLR में कटौती एसबीआई ने अपने ईबीएलआर (EBLR) को 8.15% + क्रेडिट रिस्क प्रीमियम (सीआरपी) + बैंक स्प्रेड (बीएसपी) से घटाकर 7.90% + सीआरपी + बीएसपी कर दिया है, जो बेंचमार्क में 25 बेसिस पॉइंट की गिरावट है. आरएलएलआर (RLLR) 7.75% + सीआरपी से घटकर 7.50% + सीआरपी हो गया है. इन बाहरी बेंचमार्क लोन के उधारकर्ताओं को उनके रिस्‍क प्रोफाइल के आधार पर ईएमआई में कमी देखने को मिलेगी.  ईबीएलआर 8.15% + सीआरपी + बीएसपी 7.90% + सीआरपी + बीएसपी आरएलएलआर 7.75% + सीआरपी 7.50% + सीआरपी बीपीएलआर और बेस रेट अपडेट आखिरी में एसबीआई ने अपने बीपीएलआर को घटाकर 14.65% प्रति वर्ष और बेस रेट को 9.90% कर दिया, जो दोनों 15 दिसंबर से प्रभावी हैं. इन कदमों से क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे घर खरीदने और व्यावसायिक निवेश को प्रोत्साहन मिल सकता है.  कितनी बचेगी आपकी ईएमआई?  अगर आपने EBLR बेस पर 30 लाख रुपये तक का लोन 20 साल के टेन्‍योर पर लिया है और अभी ब्‍याज 8 फीसदी है तो आपकी ईएमआई ₹25,093 होगी. वहीं अब 25 बेसिस पॉइंट की कटौती के बाद यह ईएमआई घटकर ₹24,628 हो जाएगी. 

लेबर कोड से रोजगार और उपभोग में बड़ा लाभ, SBI रिपोर्ट में खुलासा

नई दिल्ली एसबीआई की  आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के नए लेबर कोड एक छोटे ट्रांजीशन चरण के बाद मीडियम टर्म में बेरोजगारी को 1.3 प्रतिशत तक कम करने में प्रभावी साबित होंगे। हालांकि, नए लेबर कोड का यह प्रभाव सुधारों के लागू होने, फर्म-लेवल पर एडजस्टमेंट लागत और कॉम्प्लीमेंट्री राज्य-स्तरीय नियमों जैसे कारकों पर निर्भर करेंगे। इसका मतलब होगा कि वर्तमान लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट 60.1 प्रतिशत और शहरी और ग्रामीण वर्कफोर्स में 70.7 प्रतिशत एवरेज वर्किंग एज पॉपुलेशन के आधार पर इस कदम के साथ 77 लाख लोगों के लिए अतिरिक्त रोजगार का सृजन होगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर, डॉ. सौम्या कांति घोष ने कहा, "लगभग 30 प्रतिशत के सेविंग रेट के साथ नए नियमों के लागू होने से 66 रुपए प्रति व्यक्ति प्रति दिन खपत बढ़ेगी। इससे 75,000 करोड़ रुपए का उपभोग बढ़ेगा। इसलिए लेबर कोड को उपभोग बढ़ाने में एक अहम योगदाकर्ता माना जा रहा है।" रिपोर्ट में कहा गया है कि नए लेबर कोड के लागू होने से कर्मचारी और उद्यम दोनों सशक्त बनेंगे और ऐसे वर्कफोर्स का निर्माण होगा, जिससे भारत के लिए एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी आत्मनिर्भर राष्ट्र की राह बनेगी। भारत में 44 करोड़ लोग असंगठित क्षेत्र में काम कर हैं। जिसमें से 31 करोड़ ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्टर्ड हैं। अगर अनुमान लगाते हैं कि 20 प्रतिशत लोग इनफोर्मल पे रोल से फॉर्मल पे रोल में शिफ्ट होते हैं तो इससे करीब 10 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। जिसके साथ हमारा मानना है कि अगले 2-3 वर्षों में भारत की सोशल सिक्योरिटी कवरेज की पहुंच 80 से 85 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि पीएलएफएस डेटासेट के अनुसार, भारत में फॉर्मल वर्कर्स की भागीदारी 60.4 प्रतिशत है। हमारा मानना है कि नए लेबर कोड लागू होने के बाद फॉर्मलाइजेशन रेट 15.1 प्रतिशत बढ़ जाएगा, जिससे लेबर मार्केट फॉर्मलाइजेशन 75.5 प्रतिशत हो जाएगा।

SBI में बड़ी लूट: कर्नाटक में 20 किलो सोना और नकदी ले उड़े, मिर्च पाउडर से किया हमला

विजयपुरा कर्नाटक के विजयपुरा जिले के चदचन कस्बे में  स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा में हथियारों से लैस डकैतों ने दिनदहाड़े सनसनीखेज डकैती को अंजाम दिया। इस घटना में डकैतों ने लगभग 21.04 करोड़ रुपये की नकदी और सोने के आभूषण लूट लिए। पुलिस के अनुसार, तीन हथियारबंद डकैतों ने बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बनाकर इस लूट को अंजाम दिया। शाखा प्रबंधक तारकेश्वर की शिकायत के अनुसार, तीन डकैत बैंक में एक चालू खाता खोलने के बहाने घुसे। उनके पास पिस्तौल और चाकू थे, जिनका इस्तेमाल कर उन्होंने बैंक कर्मचारियों और मौजूद ग्राहकों को धमकाया। डकैतों ने सभी को प्लास्टिक टैग से बांध दिया और बैंक के नकदी और सोने के लॉकर खोलने के लिए मजबूर किया। रिपोर्ट के मुताबिक, लूट के दौरान, डकैतों ने 425 सोने के पैकेटों में से 398 पैकेट चुरा लिए, जिनका कुल वजन लगभग 20 किलोग्राम बताया जा रहा है। इसके अलावा, लगभग 1.04 करोड़ रुपये की नकदी भी लूटी गई। पुलिस ने बताया कि डकैत एक सुजुकी ईवा वाहन में फर्जी नंबर प्लेट के साथ भागे, जो महाराष्ट्र के पंढरपुर की ओर जा रहा था। हालांकि, सोलापुर जिले के हुलजंती गांव में वाहन का दुर्घटना हो गई, जिसके बाद डकैत लूटे गए सामान के साथ फरार हो गए। पुलिस अधीक्षक लक्ष्मण निंबर्गी ने पुष्टि की कि इस घटना में बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा। डकैतों की तलाश के लिए कर्नाटक और महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। जिले में दूसरी बड़ी डकैती यह घटना विजयपुरा जिले में कुछ महीनों के भीतर दूसरी बड़ी डकैती है। इससे पहले, 23 से 25 मई के बीच, मंगुली गांव में केनरा बैंक की शाखा से 53.26 करोड़ रुपये की लूट हुई थी, जिसमें लगभग 59 किलोग्राम सोना और 5.3 लाख रुपये की नकदी शामिल थी। जांचकर्ताओं के अनुसार, पहली डकैती की साजिश बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक विजयकुमार मिरियाल ने महीनों तक रची थी। जून में मिरियाल और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, इस डकैती में शामिल अपराधियों ने हॉलीवुड और बॉलीवुड की डकैती से प्रेरित फिल्मों का अध्ययन किया था। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों और बिजली लाइनों को निष्क्रिय कर दिया, खिड़की की ग्रिल काटी, और मिरियाल द्वारा बनाई गई लॉकर की डुप्लिकेट चाबी का उपयोग किया। पकड़े जाने से बचने के लिए, अपराधियों ने मास्क और हेलमेट पहने, स्निफर कुत्तों को भटकाने के लिए मिर्च पाउडर छिड़का, और जांच को गुमराह करने के लिए काले जादू से संबंधित सामान छोड़ा। उन्होंने अपनी मूल योजना को एक आईपीएल मैच के कारण स्थगित कर दिया था और मिरियाल के ट्रांसफर के बाद डकैती को अंजाम दिया ताकि संदेह नए कर्मचारियों पर जाए। पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने दोनों डकैतियों के बाद जांच तेज कर दी है। चदचन डकैती के मामले में, पुलिस संदिग्धों की तलाश में सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों का विश्लेषण कर रही है। विजयपुरा जिले में बढ़ती डकैतियों ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी है, और पुलिस पर अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ने का दबाव है। पुलिस अधीक्षक निंबर्गी ने कहा, "हम सभी संभावित सुरागों पर काम कर रहे हैं और जल्द ही अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा।" इस बीच, बैंक प्रबंधन ने सुरक्षा उपायों को और सख्त करने का आश्वासन दिया है।

पुलिस की सटीक कार्रवाई: उज्जैन बैंक लूट के 5 आरोपी गिरफ्तार, नेपाल भागने का था प्लान

 उज्जैन  उज्जैन में सनसनीखेज एसबीआई बैंक शाखा में देर रात 5 करोड़ के सोने चांदी के आभूषण और 8 लाख नगद रुपये चोरी के मामले का पुलिस ने 12 घंटो में ही खुलासा कर दिया है। मंगलवार देर रात उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए कहा कि इस पूरे मामले में बैंक का आउटसोर्स बैंककर्मी मास्टर माइंड निकला है। पुलिस ने मास्टरमाइंड जय उर्फ जीशान सहित कुल पांच आरोपी गिरफ्तार किए हैं और पांच करोड़ का सोना सहित लाखों रुपये भी बरामद कर लिए हैं। इस मामले में लापरवाही बरतने पर बैंक के 2 अधिकारी को निलंबित किया है। बताया जा रहा है कि चोरी के बाद आरोपी देवास जिले के हाट पिपलिया में रिश्तेदारों के छुपे हुए थे,जिन्हें मंगलवार देर शाम गिरफ्तार कर उज्जैन लेकर आई थी। जानकारी के अनुसार,आरोपियों ने माल का बंटवारा भी कर लिया था और इसके बाद पुरानी कार वाहन खरीद कर सुबह नेपाल भागने की तैयारी में थे। उज्जैन शहर के माधवनगर थाना क्षेत्र के महानंदा नगर में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच शाखा है,जहां सोमवार देर रात बैंक के लॉकर में रखे 5 करोड़ के आभूषण सहित 8 लाख नगद चोरी की सनसनीखेज घटना सामने आई थी। घटना की जानकरी मंगलवार सुबह लगी,जब सफाई कर्मचारी बैंक पहुंचे। बैंक के ताले खुले मिले। सूचना पर मौके पर एडीजी ,एसपी प्रदीप शर्मा सहित पुलिस अधिकारी और थाने का बल पहुंचा ओर जांच पड़ताल में जुट गया। पुलिस को पहले ही आशंका थी, कि इस वारदात में बैंक का ही कोई कर्मचारी शामिल है। मामले को लेकर एक सीसीटीवी भी सामने आया था जिसमे 2 लोग भागते दिखाई दे रहे थे। मास्टरमाइंड सहित 4 गिरफ्तार बैंक का आउटसोर्स कर्मचारी जय भावसार पूर्व जीशान निवासी दानी गेट इस चोरी का मास्टरमाइंड है। उसने साथी अब्दुल्ला कोहिनूर साहिल और अरबाज निवासी जीवाजी गंज के साथ मिलकर पूरी घटना को अंजाम दिया था। इन्होंने पहले खिड़की में हाथ डालकर जय और अब्दुल्ला ने गेट खोला और बैंक में दाखिल हुए। यहां गोल्ड लोन का 19 लॉकरों में रखा, 75 लोगों का करीब 5 करोड़ का सोना चुराने के बाद बाइक से फरार हो गए थे। आरोपियों का सीसीटीवी फुटेज सामने आया था। जिस तरह से बिना ताला तोड़े चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था, उससे पुलिस को पहले ही आशंका थी कि बैंक का ही कोई कर्मचारी इसमें लिप्त हो सकता है। जन्माष्ठमी से बना रहे थे प्लान, सम्भवतः लगवाई थी आग मिली जानकारी के अनुसार मास्टरमाइंड जय जन्माष्टमी से बैंक में चोरी करने का प्लान बना रहे थे। इसके लिए कुछ दिन पहले बैंक मे लगी आग सम्भवतः उसने ही लगवाई थी, जिसमें कैमरे और फर्नीचर जल गए थे। इसके बाद बैंक को फर्स्ट फ्लोर पर शिफ्ट किया गया। इस दौरान लॉकर नीचे ही थे,जबकि पूरी बैंक ऊपर पहली मंजिल पर शिफ्ट कर दी गई थी। इस पूरे काम को आउटसोर्स कर्मचारी जय ने ही करवाया था और शिफ्टिंग के समय अपने साथियों को मजदूर बनकर बैंक में लेकर आया और पूरी बैंक की रेकी की शिफ्टिंग के दौरान ही उसने कैसे लॉकर खुला छोड़ दिया,जिस पर प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया। इस दौरान ही लॉकर की चाबी कहां रखते हैं,यह भी उसे अच्छे से मालूम हो गया था। कुछ दिन पहले किया धर्म परिवर्तन मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले का मास्टर माइंड जय उर्फ जीशान ने कुछ दिनों से कुछ वीडियो लगातार देख रहा था और इसके बाद उसने अपना धर्म परिवर्तन कर लिया था। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि धार्मिक वीडियो देख धर्म परिवर्तन किया था हालांकि इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुरु प्रसाद पाराशर और सीएसपी दीपिका शिंदे जांच पड़ताल कर रही है कि कहीं और लोग तो नहीं हैं, जिनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।