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उप मुख्यमंत्री ने केमिस्ट के पद पर चयनितों को सौंपे नियुक्ति पत्र

रायपुर. उप मुख्यमंत्री ने केमिस्ट के पद पर चयनितों को सौंपे नियुक्ति पत्र उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में केमिस्ट के पद पर चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 10 चयनितों को नियुक्ति पत्र सौंपा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव  मोहम्मद कैसर अब्दुलहक और प्रमुख अभियंता  ओंकेश चंद्रवंशी भी इस दौरान मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री ने केमिस्ट के पद पर चयनितों को सौंपे नियुक्ति पत्र उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  अरुण साव ने नव नियुक्त केमिस्टों को संबोधित करते हुए कहा कि केमिस्टों की संख्या बढ़ने से विभागीय जल परीक्षण प्रयोगशालाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा मैदानी स्तर पर जल की गुणवत्ता की जांच में सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता और प्रतिबद्धता है। इन नियुक्तियों से विभाग में तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन की संख्या बढ़ी है।  साव ने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया से प्रदेश के युवाओं में विश्वास और उत्साह बढ़ा है। युवाओं को उनकी मेहनत और प्रतिभा का उचित प्रतिफल मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवनियुक्त सभी केमिस्ट पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और सेवा-भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि जल गुणवत्ता की निगरानी में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली को आधुनिक एवं परिणाममुखी बनाया जाएगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता  ओंकेश चंद्रवंशी ने बताया कि विभाग द्वारा स्वीकृत केमिस्ट के 12 पदों पर व्यापम के माध्यम से चयन प्रक्रिया संपन्न की गई थी। दस्तावेज परीक्षण में 11 अभ्यर्थी पात्र पाए गए, जबकि एक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहा। चयनित 11 अभ्यर्थियों में 2 महिला एवं 9 पुरुष अभ्यर्थी शामिल हैं।

हाईकोर्ट को मिली बम धमकी, ईमेल में अजमल कसाब का नाम, सुरक्षा एजेंसियों ने बताया अफवाह

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। यह धमकी एक संदिग्ध ईमेल के जरिए दी गई थी। ईमेल में अजमल कसाब का भी जिक्र होने की बात सामने आई है। धमकी मिलने के बाद एहतियात के तौर पर हाईकोर्ट की सभी अदालतों में सुनवाई रोक दी गई। परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से कड़ा कर दिया गया। डॉग स्क्वायड और बॉम्ब स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने हाईकोर्ट परिसर की सघन जांच की। जिले के पुलिस कप्तान एसएसपी रजनेश सिंह ने पूरे सर्च ऑपरेशन की निगरानी की। इस दौरान एएसपी और सीएसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। हालांकि, गहन जांच के बाद कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि धमकी में किए गए दावे केवल दहशत फैलाने की नीयत से किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था और जांच धमकी के तुरंत बाद हाईकोर्ट परिसर को छावनी में बदल दिया गया। सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए। डॉग स्क्वायड ने हर कोने की तलाशी ली। बॉम्ब स्क्वायड ने भी अत्याधुनिक उपकरणों से जांच की। पुलिस ने परिसर के चप्पे-चप्पे की पड़ताल की। ईमेल स्रोत की पड़ताल पुलिस अब संदिग्ध ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से ईमेल भेजने वाले की पहचान की जा रही है। पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस धमकी के पीछे कौन है।

विकसित भारत के संकल्प के साथ विकसित छत्तीसगढ़ की ओर तेजी से बढ़ रहा प्रदेश : व्यापार एवं उद्योग के लिए छत्तीसगढ़ में बना है अनुकूल माहौल – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में हुए शामिल मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ-साथ व्यापार एवं उद्योग के लिए भी अनुकूल वातावरण बना है, जिसका परिणाम है कि व्यापारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि राज्य में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वित्त मंत्री  ओ. पी. चौधरी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का यह तीसरा वर्ष चल रहा है और दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। पहले वर्ष प्रस्तुत बजट का थीम “ज्ञान” था, जिसमें जी का अर्थ गरीब, वाय का अर्थ युवा, ए का अर्थ अन्नदाता किसान और एन का अर्थ नारी था तथा इन सभी वर्गों के विकास पर विशेष फोकस किया गया था। दूसरे वर्ष उसी विकास को गति देने के उद्देश्य से बजट का थीम “गति” रखा गया, जबकि इस वर्ष का बजट थीम “संकल्प” है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को आत्मसात करते हुए तैयार किया गया है और पूरे प्रदेश के हित में है। उन्होंने बताया कि इस बजट में विशेष फोकस बस्तर और सरगुजा क्षेत्र पर किया गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र केरल राज्य से भी बड़ा क्षेत्र है और प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुंदर है, जिसे धरती का स्वर्ग कहा जा सकता है, लेकिन चार दशक से अधिक समय तक नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र विकास से अछूता रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के नेतृत्व तथा हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस के कारण नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में नक्सली सक्रिय थे, लेकिन विगत दो वर्षों में हमारे जवानों ने जिस तरह से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है, उसमें कई बड़े माओवादी मारे गए हैं तथा बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इससे राज्य अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि माओवाद के कारण इन क्षेत्रों में समुचित विकास नहीं हो पाया था, जिसकी भरपाई के लिए अब सरकार इन क्षेत्रों के विकास पर विशेष फोकस कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि सरकार ने अबूझमाड़ और जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी के लिए बजट में प्रावधान किया है। साथ ही क्षेत्र में कृषि को बढ़ावा देने और फॉरेस्ट प्रोड्यूस के वैल्यू एडिशन पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा दोनों संभागों में सैकड़ों प्रकार के वन उत्पाद उपलब्ध हैं, जिनका मूल्य संवर्धन कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए है और प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। राज्य का लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है।  उन्होंने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत 7 करोड़ पेड़ लगाए गए हैं तथा उद्योग नीति के तहत काटे जाने वाले पेड़ों की भरपाई भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है और उसी के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी आवश्यक है। इसके लिए राज्य सरकार ने विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीएसडीपी दर को आने वाले पांच वर्षों में दोगुना करने तथा वर्ष 2047 तक राज्य का जीएसडीपी 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। नई उद्योग नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और विभिन्न बड़े शहरों में आयोजित इन्वेस्ट मीट के माध्यम से अब तक प्रदेश को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर धरातल पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। इनमें सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े निवेश भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में व्यापारी बंधुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने नेशनल ट्रेड एक्सपो के सफल आयोजन के लिए कैट की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ट्रेड एक्सपो में विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया तथा कैट द्वारा प्रकाशित स्वदेशी पोस्टर का विमोचन भी किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन  सुनील सिंघी, रायपुर महापौर मती मीनल चौबे, कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  अमर परवानी सहित कैट छत्तीसगढ़ के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बजट-2026 में बड़ी घोषणाएं: वन विभाग में 1000 पदों पर भर्ती, रायपुर में तीरंदाजी अकादमी, बच्चियों को मिलेगा डेढ़ लाख

रायपुर  छत्तीसगढ़ में साय सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश करते हुए बस्तर और अन्य पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार का बड़ा रोडमैप सामने रखा है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साय सरकार का तीसरा बजट संकल्प थीम पर प्रस्तुत किया.  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बजट 2026–27 को जनकल्याण और विकास को समर्पित बताते हुए कहा कि यह बजट किसानों, महिलाओं, युवाओं और कर्मचारियों के सशक्तिकरण के साथ छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर विशेष प्रावधानों से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आम जनता के जीवन स्तर में सुधार आएगा. रायपुर में 200 बिस्तर वाले अस्पताल, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी में जिला अस्पताल और 15 नए थाने खोले जाएंगे। ई-वाहनों (EV) में सब्सिडी दी जाएगी। नवा रायपुर में राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी स्थापित होगी और कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार योजना के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलाव बस्तर के अंदरूनी इलाकों में बस सेवा शुरू की जाएगी और अबूझमाड़-जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी बसाई जाएंगी। स्कूल शिक्षा विभाग को सबसे ज्यादा 22 हजार करोड़ की राशि मिली है। स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना के लिए 100 करोड़ का प्रावधान है। वनों के संरक्षण के लिए 930 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 1 हजार पदों पर भर्ती होगी। छत्तीसगढ़ सरकार अब 5 प्रमुख मिशन पर काम करेगी। इनमें मुख्यमंत्री एआई मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री खेल उत्कृष मिशन, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन और मुख्यमंत्री स्टार्टअप और निपुण मिशन शामिल हैं। हर मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह स्वाथ्यगत कारणों से राज्य से बाहर हैं। डॉ रमन सिंह की अनुपस्थिति में धर्मजीत सिंह सभापति के तौर पर आसंदी में रहे। डॉ रमन सिंह सर्वाइकल की दिक्कत से जूझ रहे हैं। इसके चलते कोयंबटूर में भर्ती में किए गए। आज उनकी सर्जरी होगी। धरमलाल कौशिक कार्यवाहक विधानसभा अध्यक्ष होंगे। छत्तीसगढ़ बजट 2026-27, बड़ी घोषणाएं-     15 नए पुलिस थाने खोले जाएंगे।     5 नए साइबर थानों का निर्माण होगा।     महिला थानों की संख्या बढ़ाई जाएगी।     तेलीबांधा (रायपुर) थाना का नवीनीकरण होगा।     सीन ऑफ क्राइम यूनिट स्थापना हेतु ₹3 करोड़।     वनों के संरक्षण के लिए ₹930 करोड़, 1000 पदों पर भर्ती।     अभ्यारण्यों के विकास हेतु ₹11,000 करोड़ का प्रावधान।     शक्तिपीठ भ्रमण योजना शुरू, ₹5 करोड़ प्रावधान।     प्रदेश में शक्तिपीठ सर्किट का निर्माण।     राजिम में कांस्य प्रतिमा स्थापना हेतु ₹5 करोड़।     सिरपुर विकास के लिए ₹36 करोड़, रिवर फ्रंट व मेडिटेशन सेंटर बनेगा।     ईको टूरिज्म के लिए फिक्की से एमओयू, ₹500 करोड़ निवेश प्रस्ताव।     सरकारी स्कूली छात्रों के लिए युवा दर्शन योजना, ₹5 करोड़।     रायपुर देवभवन (स्वामी विवेकानंद निवास) राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने ₹5 करोड़।     पत्रकार भ्रमण हेतु बजट प्रावधान।     साहित्य महोत्सव हर वर्ष आयोजित होगा।     अप्रवासी छत्तीसगढ़ियों का NIR सम्मेलन हर साल होगा।     जनसंपर्क विभाग का बजट ₹475 करोड़।     ईवी वाहनों की सब्सिडी के लिए ₹100 करोड़।     नवा रायपुर में राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना।     नवा रायपुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण।     क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना हेतु ₹57 करोड़।     कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार योजना, ₹100 करोड़।     हर मिशन के लिए ₹100 करोड़ का प्रावधान।     रायपुर में 200 बिस्तर का अस्पताल बनेगा।     5 प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट पर शोरूम खोले जाएंगे।     नमक योजना के लिए ₹1,000 करोड़।     पेंशन के लिए ₹1,400 करोड़।     सयानगुड़ी के विकास हेतु ₹5,000 करोड़।     रायपुर मठपुरैना दृष्टिबाधित शाला के लिए ₹2.50 करोड़।     नशा मुक्ति केंद्र संचालन हेतु ₹20 करोड़।     अनुसूचित जाति छात्रों के लिए हॉस्टल-स्कूल निर्माण अनुदान।     OBC छात्राओं के लिए रायपुर में 200 सीट का छात्रावास।     अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण हेतु ₹80 करोड़।     भूमिहीन कृषि परिवारों के लिए ₹600 करोड़।     कृषक उन्नति योजना हेतु ₹10,000 करोड़।     मार्कफेड के लिए ₹6,000 करोड़।     नेचुरल फार्मिंग के लिए ₹40 करोड़।     कृषि पंपों के लिए ₹5,500 करोड़।     रायपुर कालीबाड़ी में 200 बिस्तर MCH अस्पताल व चिरमिरी में जिला अस्पताल निर्माण।     डेयरी समग्र विकास योजना शुरू, ₹90 करोड़।     शिल्पकारों को राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भागीदारी हेतु वित्तीय सहयोग।     उपहार प्लेटफॉर्म के लिए ₹25 करोड़।     50 लाख तक के कार्यों की एजेंसी ग्राम सभाएं होंगी।     प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ₹1,700 करोड़।     नवा रायपुर-राजनांदगांव इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स हेतु ₹10 करोड़।     प्रदेश में 23 नए उद्योग स्थापित होंगे।     भिलाई में व्यावसायिक परिसर हेतु ₹10 करोड़।     बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स भवन का निर्माण।     उद्योग बजट तीन गुना बढ़ा, अनुदान हेतु ₹750 करोड़।     खनिज ऑनलाइन 2.2 के लिए ₹35 करोड़।     उद्योग विभाग का बजट ₹248 करोड़ से बढ़कर ₹775 करोड़।     रायपुर में मेगा परीक्षा केंद्र बनेगा।     गिरौदपुरी मेले को ₹50 लाख अनुदान।     5 नालंदा लाइब्रेरी के लिए ₹22 करोड़।     मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना, ₹200 करोड़।     शहीद वीरनारायण सिंह आयुष्मान योजना के तहत ₹5 लाख तक इलाज, ₹1,500 करोड़ प्रावधान।     मुख्यमंत्री सड़क योजना के लिए ₹200 करोड़, 36 सड़कें शामिल।     रानी दुर्गावती योजना – 18 वर्ष पर बेटियों को ₹1.5 लाख।     250 महतारी सदन निर्माण, ₹75 करोड़।     मैनपाट व जशपुर कोतेबेरा में पर्यटन विकास।     रायपुर में फूड लैब निर्माण।     कांकेर, कोरबा, महासमुंद में नर्सिंग कॉलेज।     मेकाहारा में एआई उपयोग हेतु ₹10 करोड़।     मितानिन कल्याण निधि के लिए ₹350 करोड़।     मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना लागू।     बस्तर व सरगुजा में डॉक्टरों की भर्ती।     बस्तर-सरगुजा में रोड नेटवर्क कनेक्टिविटी विस्तार।     इंद्रावती बैराज हेतु ₹68 करोड़ स्वीकृत। … Read more

बिलासपुर हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल में कैंपस पर हमला करने की चेतावनी, पुलिस और साइबर टीम जांच में जुटी

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना से बुधवार को न्यायिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही उच्च न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और बम स्क्वॉड तथा डॉग स्क्वॉड की टीमों को मौके पर तैनात कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। बारीकी से हो रही निगरानी पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार धमकी मिलने के बाद एहतियातन पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लिया गया। प्रवेश द्वारों पर जांच सख्त कर दी गई है तथा संदिग्ध वस्तुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी निगरानी भी बढ़ा दी गई है। अन्य जिला न्यायालयों को भी मिल चुकीं धमकियां गौरतलब है कि इससे पूर्व भी प्रदेश के अन्य जिला न्यायालयों को इसी प्रकार की धमकियां मिल चुकी हैं। राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा और जगदलपुर के जिला न्यायालयों में भी ऐसी सूचनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया था। हालांकि बाद की जांच में वे सूचनाएं अफवाह साबित हुई थीं। तलाशी और जांच जारी, ढिलाई नहीं… फिलहाल, बिलासपुर उच्च न्यायालय परिसर में तलाशी और जांच की कार्रवाई जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था और जांच धमकी के तुरंत बाद हाईकोर्ट परिसर को छावनी में बदल दिया गया। सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए। डॉग स्क्वायड ने हर कोने की तलाशी ली। बॉम्ब स्क्वायड ने भी अत्याधुनिक उपकरणों से जांच की। पुलिस ने परिसर के चप्पे-चप्पे की पड़ताल की। ईमेल स्रोत की पड़ताल पुलिस अब संदिग्ध ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से ईमेल भेजने वाले की पहचान की जा रही है। पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस धमकी के पीछे कौन है। 

ज्योति मिशन स्कूल में यौन उत्पीड़न पर फादर जोसेफ को उम्रकैद व दो महिला स्टाफ को जेल

बिलासपुर. कोरिया जिले के ज्योति मिशन स्कूल यौन उत्पीड़न मामले में निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट ने पलट दिया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने निचली अदालत द्वारा आरोपियों को दोषमुक्त किए जाने के फैसले को त्रुटिपूर्ण बताते हुए स्कूल के फादर जोसेफ धन्ना स्वामी को उम्रकैद की सजा सुनाई है, और घटना को छिपाने वाली दो महिला स्टाफ को 7-7 साल कारावास की सजा दी है। दरअसल, कोरिया के सरभोका स्थित ज्योति मिशन स्कूल में चौथी की 9 वर्षीय छात्रा हॉस्टल में रहती थी, उसके साथ 9 सितंबर 2015 को दुष्कर्म हुआ था। पीड़िता ने बताया कि वह रात को बाथरूम गई थी, जहां नशीला पाउडर छिड़का हुआ था, जिससे उसे चक्कर आने लगे। इसके बाद जब वह अपने कमरे में सो रही थी, तब आरोपी ने दुष्कर्म किया। छात्रा ने सुबह इसकी शिकायत स्कूल की सिस्टर फिलोमिना और किसमरिया से की, तो उन्होंने मदद करने की बजाय उसे छड़ी से पीटा और किसी को न बताने की धमकी दी। इस मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। 9 जनवरी 2017 को बैकुंठपुर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तीनों आरोपियों को बरी कर दिया था। राज्य सरकार ने इस फैसले को चुनौती दी थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने इस फैसले को त्रुटिपूर्ण ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने पीड़िता के ठोस बयानों और मेडिकल साक्ष्यों को तकनीकी आधार पर खारिज कर गलत फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में डॉ. कलावती पटेल की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला दिया है। रिपोर्ट में पीड़िता के निजी अंगों पर गंभीर चोटों और सूजन की पुष्टि हुई थी। साथ ही एफएसएल रिपोर्ट में पीड़िता के कपड़ों पर मानव शुक्राणु पाए गए थे, जो अपराध की पुष्टि करते हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि बलात्कार पीड़िता की गवाही अपने आप में पूर्ण है और उसे किसी अन्य स्वतंत्र गवाह के समर्थन की अनिवार्य आवश्यकता नहीं है। हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी फादर जोसेफ धन्ना स्वामी को आईपीसी की धारा 376 (2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद व 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, फिलोमिना केरकेट्टा और किसमरिया को अपराध छिपाने और पीड़िता मदद न करने के लिए आईपीसी की धारा 119 के तहत 7-7 साल की कठोर कारवास और 5-5 हजार रु के जुर्माने की सजा सुनाई है।

कोरिया में पीड़ित/सूचनाकर्ता के लिए प्रत्येक थाना एवं चौकी में दो कुर्सियां आरक्षित

कोरिया. जिला कोरिया पुलिस द्वारा जन-संवेदनशील पुलिसिंग को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे के निर्देशन में जिले के समस्त थाना एवं चौकियों में पीड़ितों एवं सूचनाकर्ताओं के लिए दो-दो कुर्सियां आरक्षित कर उपलब्ध कराई गई हैं। पुलिस अधीक्षक द्वारा निर्देशित किया गया कि थाना/चौकी में आने वाले प्रत्येक पीड़ित, फरियादी अथवा सूचना देने वाले नागरिक को सम्मानपूर्वक बैठाकर उनकी समस्या सुनी जाए। इसी उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कार्यालय से सभी थाना एवं चौकी उपरोक्त सामग्री को उपलब्ध कराया गया है, जिसके फलस्वरूप जिले के समस्त थाना एवं पुलिस चौकियों में उक्त व्यवस्था कर ली गई है। इस पहल का उद्देश्य पुलिस एवं आमजन के मध्य विश्वास को सुदृढ़ करना तथा पीड़ितों के साथ संवेदनशील एवं गरिमामय व्यवहार सुनिश्चित करना है। जिला पुलिस यह मानती है कि प्रत्येक नागरिक सम्मान का अधिकारी है और उसकी समस्या को गंभीरता एवं सहानुभूति के साथ सुनना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिला कोरिया पुलिस आमजन से अपील करती है कि वे किसी भी प्रकार की सूचना अथवा शिकायत के लिए निःसंकोच अपने निकटतम थाना/चौकी से संपर्क करें। पुलिस आपकी सेवा एवं सुरक्षा हेतु सदैव तत्पर है।

‘शिकायत निवारण’ के माधयम से महिलाएं आपसी विवाद को सुलझाएंगी

बैकुण्ठपुर. कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत सलका में नारी अदालत का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण ग्राम पंचायत मनसुख एवं ग्राम पंचायत सलका में गठित नारी अदालत के सदस्यों के लिए आयोजित किया गया। नारी अदालत मिशन शक्ति योजना के अंतर्गत संचालित एक महत्वपूर्ण पहल है जिसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाओं से संबंधित शोषण, घरेलू हिंसा, अधिकारों में कटौती एवं अन्य सामाजिक मुद्दों के समाधान के लिए एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र के रूप में कार्य करेगी। नारी अदालत महिलाओं का एक सशक्त समूह है जिसमें समाज एवं शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय महिलाएं शामिल हैं। यह समूह विभिन्न प्रकार के विवादों के समाधान, परामर्श, साक्ष्यों के आधार पर निर्णय, आपसी सहमति से मध्यस्थता एवं सुलह तथा महिलाओं के अधिकारों एवं शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य करेगा। इसके माध्यम से त्वरित, सुलभ एवं किफायती न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। नारी अदालत के संचालन से समाज में महिलाओं के अधिकारों, कानूनी विकल्पों एवं शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूकता में वृद्धि होगी। साथ ही घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना एवं लैंगिक आधारित हिंसा जैसी घटनाओं में पीड़ित महिलाओं को सहयोग प्रदान करने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बोर्ड के अंग्रेजी विषय की परीक्षा में 269 परीक्षार्थी रहे गैरहाजिर

अंबिकापुर. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा संचालित हाई स्कूल सर्टिफिकेट मुख्य परीक्षा अंतर्गत जिले के परीक्षा केन्द्र में अंग्रेजी विषय की परीक्षा शांतिपूर्ण व सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई। परीक्षा के दौरान कलेक्टर अजीत वसंत और जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश झा द्वारा संयुक्त रूप से शासकीय बहुउद्देश्यीय उमावि तथा शासकीय कन्या शिक्षा परिसर परीक्षा केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान परीक्षा व्यवस्था, गोपनीय सामग्री की सुरक्षा व परीक्षार्थियों की बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया गया। कलेक्टर ने सभी परीक्षा केन्द्रों में सुचारू रूप से संचालित करने व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के दिए निर्देश। इसके अतिरिक्त गठित उड़नदस्ता दल द्वारा शासकीय कन्या मणीपुर, सेजेस गांधीनगर उदारी, कुन्दीकला, बालक लुण्ड्रा, पडौली बालक सीतापुर, कन्या सीतापुर, सेजेस बतौली, बेलजोरा, बटईकेला, कुन्नी तथा अरगोती पुहपुटरा परीक्षा केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। सभी केन्द्रों में परीक्षा शांतिपूर्वक व निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित होती पाई गई। परीक्षा में कुल 9664 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 9395 परीक्षार्थी उपस्थित रहे तथा 269 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।

रिकॉर्ड छुपाने के मामले में देवेंद्र यादव की अर्जी नामंजूर

बिलासपुर छत्तीसगढ़ भिलाई से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने हाई कोर्ट में लंबित चुनावी याचिका को खारिज करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी (स्पेशल लीव पिटीशन) दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद उनकी विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी है। बता दें इससे पहले हाई कोर्ट ने भी उनकी याचिका खारिज करते हुए चुनावी याचिका को सुनवाई योग्य माना था। विधायक देवेंद्र पर चुनाव के दौरान गलत जानकारी देने और आपराधिक रिकार्ड छुपाने का आरोप है। भिलाई विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रहे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय चुनाव हार गए थे। इसके बाद देवेंद्र यादव के निर्वाचन को चुनौती देते हुए प्रेमप्रकाश पांडेय ने हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दायर की। इसमें कहा गया कि देवेंद्र यादव ने लोक प्रतिनिधित्व कानून का उल्लंघन किया है। चुनाव आयोग हर प्रत्याशी से शपथपत्र में आपराधिक और संपत्ति संबंधी मामलों की जानकारी मांगता है। लेकिन, आयोग से जानकारी छिपाना प्रविधानों का उल्लंघन है। छत्तीसगढ़ के 21 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले, दो साल में चार नए केस यदि कोई उम्मीदवार इस तरह की जानकारी छिपाता है, तो उसका निर्वाचन शून्य घोषित किया जा सकता है। याचिका में कहा है कि देवेंद्र यादव ने जनप्रतिनिधित्व कानून का उल्लंघन कर अपनी संपत्ति की जानकारी छिपाई है। साथ ही आपराधिक मामलों का भी शपथत्र में जिक्र नहीं किया है। सुप्रीम कोर्ट में लगाई थी स्पेशल लीव पिटीशन हाई कोर्ट ने भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम प्रकाश पांडेय की चुनाव याचिका स्वीकार कर लिया था। साथ ही निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका को कोर्ट ने सुनवाई योग्य माना। विधायक देवेंद्र यादव ने इस याचिका को खारिज करने की मांग की थी, जिसे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ देवेंद्र यादव ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। प्रारंभिक सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने देवेंद्र यादव को राहत दी थी। जिसमें चुनाव याचिका पर स्टे दे दिया था। याचिका को पूरी तरह से गलत बताया था सुप्रीम कोर्ट में विधायक देवेंद्र यादव ने याचिका को पूरी तरह से गलत बताया था। अधिवक्ता ने दलील दी थी कि हाई कोर्ट ने सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7 नियम 11 के तहत आवेदन को खारिज करने की गलती की है। जिससे प्रेम प्रकाश पाण्डेय की चुनाव याचिका की स्वीकार्यता पर सवाल उठता है। मामले में प्रेम प्रकाश पांडेय की तरफ से उनके वकील ने तर्क दिया। सभी पक्षों की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने विधायक देवेंद्र यादव की विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी है।