samacharsecretary.com

नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन में पांचों स्तंभों को एकीकृत करने में छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी

रायपुर. बस्तर की शांति के लिए सरकार प्रतिबद्ध- उपमुख्यमंत्री  शर्मा उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा ने आज गृह एवं जेल विभाग की उपलब्धियों के संबंध में नया रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में पत्रकारों से चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार बनने के साथ ही हम एक नई सोच को लेकर कार्य कर रहे हैं। राज्य की क्षमता में विस्तार के लिए नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन अन्तर्गत आइसीजेएस के तहत पांचों स्तंभों पुलिस, अभियोजन, फारेंसिक, जेल एवं न्यायालय को एकीकृत करने की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी है। दुर्ग एवं बिलासपुर जिले पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर पांचों पिलर्स को एकीकृत कर एक मॉडल जिले के रूप में उभर कर सामने आये हैं। पहले पुलिस को साक्ष्यों को लेकर कई बार समास्याओं का सामना करना पड़ता था अब ई- साक्ष्य के आने से तुरंत साक्ष्य उपलब्ध हो रहे हैं। जिससे पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ा है। 8 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना किसी प्रीमियम के सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई                  गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि पुलिस कार्यों के आधुनिकीकरण के लिए सीसीटीएनएस द्वारा मेडलीपार, ई- साक्ष्य, ई -सम्मन, ऑनलाइन एफआईआर, ई- साइन, ई- कोर्ट, ई- श्रुति के द्वारा कार्यों को त्वरित और आसान बनाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को न्याय प्राप्ति में आसानी होगी। पुलिस कर्मियों के लिए अब तक किसी प्रकार की बीमा की व्यवस्था नहीं थी, जिस पर ध्यान देते हुए सरकार द्वारा 08 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना किसी प्रीमियम के सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, इसका लाभ छत्तीसगढ़ पुलिस के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्राप्त हो रहा है। यह पुलिस कर्मियों के लिये कल्याणकारी योजनाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत अब तक 15 शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 16 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। शिकायतों के निराकरण हेतु ऑनलाईन कम्पलेंट मैंनेजमेंट पोर्टल का निर्माण   गृह मंत्री ने बताया कि पहले अपराध समीक्षा हाथ से लिखकर उपलब्ध कराया जाता था जो पुलिस विवेचना में देरी होती थी, अब राज्य की अभिनव पहल के रूप में अपराध समीक्षा एप्लीकेशन से पूरे राज्य में दर्ज एफआईआर की निगरानी, समीक्षा एवं विश्लेषण की जा रही है। जहां समय-सीमा में अपराधों का विवेचना के साथ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप इसका पर्यवेक्षण किया जा रहा है जिससे जवाबदेहिता सुनिश्चित हो रही है और हर स्तर पर उसकी निगरानी की जा रही है।  उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय में विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु ऑनलाईन कम्पलेंट मैंनेजमेंट पोर्टल का निर्माण किया गया है। पूर्व में  शिकायतों को संबंधित जिलों में डाक के माध्यम से प्रेषित किया जाता था और जिलों के द्वारा भी संबंधित शिकायतों का जांच प्रतिवेदन डाक के माध्यम से ही मुख्यालय को प्राप्त होता था। इस पोर्टल के निर्माण से इस प्रक्रिया को ऑनलाईन किया गया है, जिससे संसाधनों व समय की बचत के साथ-साथ शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है। शिकायतों के त्वरित निराकरण से पुलिस की छवि में सुधार तथा पीड़ितों को राहत मिल रहा है। अवैध प्रवासियों की पहचान कर विशेष टास्क फोर्स का गठन गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि अवैध प्रवासियों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में टोल फ्री नम्बर जारी कर अवैध प्रवासियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए अवैध प्रवासियों की पहचान कर विशेष टास्क फोर्स का गठन द्वारा उनकी गिरफ्तारी एवं विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत उन पर कार्रवाई करते हुए 34 लोगों को देश से निष्कासित करने का भी कार्य किया गया है। विचाराधीन लोगों के लिए होल्डिंग सेंटर भी बनाये गए हैं जहां उनकी जांच कर नियमानुसार प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा एंटी टेरीरिस्ट स्क्वाड को भी क्रियाशील करने का कार्य किया है जहां बनने के बाद से अब तक इसमें कोई केस दर्ज नहीं हुआ था वर्ष 2025 में इसके द्वारा पहली बार कार्रवाई की गई थी। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण के मामलों पर सरकार विशेष ध्यान देते हुए इन्हें रोकने के लिए संलग्न लोगों पर कार्रवाई कर रही है सरकार बनने के 23 वर्षों में जितने मामले दर्ज हुए थे उससे दोगुने मामले पिछले 2 वर्षों में दर्ज किए गए हैं। गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार की रोकथाम गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि प्रदेश में गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार की रोकथाम हेतु पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है, जिसमें गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के प्रकरण दर्ज कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इनमें प्रयुक्त वाहनों को जप्त कर 142 वाहनों को राजसात कर 27 वाहनों की नीलामी भी की जा चुकी है। देश में पहली बार गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के आदतन आरोपियों की सूची बनाई गई है और उनपर गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 19 पर निगरानी भी खोलकर सतत् निगरानी की जा रही है। राज्य में नशे के व्यापार के विरूद्ध सख्त कार्रवाई  शर्मा ने बताया कि राज्य में नशे के व्यापार के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार कार्य किया जा रहा है। आदतन आरोपी के विरूद्ध निरोधक आदेश जारी कर एनडीपीएसए के वित्तीय जांच कर नशे के व्यापारियों की वित्तीय आधार खत्म करने के लिए उनकी सम्पत्ति जब्त कर उसे नीलाम करने का भी कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही गांजा, नशीली दवाइयों, एमडीएमए, हेरोईन, ब्राउन शुगर, डोडा को नष्टीकरण करने का कार्य किया गया है एवं संलग्न वाहनों की नीलामी भी की जा रही है। अनाधिकृत ऑनलाईन गैम्बलिंग को रोकने का भी कार्य         गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधियों के विरूद्ध तीव्र गति से कार्रवाई के करते हुए ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों के खातों को सीज करने के साथ फर्जी सिम जारी करने वाले पीओएस पर भी अपराध पंजीबद्ध कर 165 संचालको की गिरफ्तारी की कार्यवाही की गई है साथ ही म्यूल खातों पर कार्यवाही करते हुये अपराध पंजीबद्ध कर बैंक कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी की गई है। राज्य में संचालित अनाधिकृत ऑनलाईन गैम्बलिंग प्लेटफार्म पर पहली बार कार्रवाई करते हुए 255 ऑनलाइन लिंक्स और पोर्टल्स को रोकने का भी … Read more

अवैध गांजा परिवहन का भंडाफोड़, बाइक से मादक पदार्थ ले जा रहा आरोपी गिरफ्तार

पखांजूर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा का अवैध परिवहन कर रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में “नशा मुक्त अभियान” के तहत की गई. थाना पखांजूर पुलिस को गुरुवार को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम पीव्ही 21 दुर्गापुर निवासी गुरूपद विश्वास (33 वर्ष) बिना नंबर की लाल-काले रंग की एचएफ डिलक्स मोटरसाइकिल में गांजा छुपाकर महाराष्ट्र की ओर से ग्राम पेनकोडों मार्ग होते हुए अपने गांव की ओर आ रहा है. एएसआई बिन्दुलता देवांगन के नेतृत्व में गठित टीम ने ग्राम पीव्ही 37 रूपनगर चौक तिराहा मेन रोड पर घेराबंदी कर संदेही को रोका. तलाशी लेने पर मोटरसाइकिल की डिक्की में एक पिंक रंग के फूलदार झोले के अंदर प्लास्टिक में पैक 885 ग्राम गांजा, एक इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया गया. आरोपी के विरुद्ध NDPS Act की धारा 20(b)(ii)(A) के तहत अपराध क्रमांक 34/2026 पंजीबद्ध कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर कांकेर जेल भेज दिया गया.

बिजली दरों में बदलाव पर जनता की राय जरूरी, 17–18 फरवरी को क्षेत्रीय जनसुनवाई आयोजित

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने राज्य की बिजली कंपनियों की ओर से दायर याचिकाओं पर जनसुनवाई का कार्यक्रम जारी किया है। आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड एवं छत्तीसगढ़ राज्य भार पोषण केंद्र द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के ट्रूअप, वर्ष 2026-27 से 2029-30 तक वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR), टैरिफ निर्धारण और पूंजीगत निवेश योजना के अनुमोदन से संबंधित याचिकाओं पर क्षेत्रीय स्तर पर दो दिन ऑनलाइन जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। आयोग ने बताया कि याचिकाओं का सारांश पूर्व में समाचार पत्रों और आयोग की वेबसाइट www.cserc.gov. in पर प्रकाशित किया जा चुका है। इच्छुक उपभोक्ता और हितधारक निर्धारित तिथियों पर संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से सुनवाई में भाग ले सकते हैं। निर्धारित कार्यक्रम के तहत 17 फरवरी को दुर्ग (प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक), बिलासपुर (दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक) और राजनांदगांव (दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक) में जनसुनवाई होगी। वहीं 18 फरवरी को अंबिकापुर (प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक), जगदलपुर (दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक) और रायगढ़ (दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक) में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। आयोग ने उपभोक्ताओं, जन-प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से जनसुनवाई में सक्रिय भागीदारी की अपील की है, ताकि टैरिफ निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।

परंपरागत खेती से बदलाव: ब्राम्ही की खेती से किसानों की बढ़ी आय

रायपुर. धान से ब्राम्ही तक : कम लागत में अधिक लाभ की ओर अग्रसर किसान ब्राम्ही की खेती किसानों के लिए आय का नया और भरोसेमंद फसल है l  यह एक प्रमुख औषधीय पौधा है, जिसका उपयोग याददाश्त बढ़ाने, मानसिक शांति और आयुर्वेद में किया जाता है, जिससे इसकी बाजार में मांग बहुत है। छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड जैसे संस्थानों द्वारा इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है, और कुछ स्थानों पर सीधे खरीद (Buy Back) की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे किसानों को सीधा फायदा हो रहा है l  धान से ब्राम्ही तक : कम लागत में अधिक लाभ की ओर अग्रसर किसान       छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के प्रयासों से राज्य के किसान अब पारंपरिक धान की खेती के साथ-साथ औषधीय फसलों की ओर भी तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। विशेष रूप से ब्राम्ही की खेती किसानों के लिए आय का नया और भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरी है। धान से ब्राम्ही तक : कम लागत में अधिक लाभ की ओर अग्रसर किसान        बोर्ड द्वारा संचालित औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती योजना के अंतर्गत किसानों को ब्राम्ही की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ब्राम्ही एक ऐसी औषधीय फसल है, जिसकी लागत कम और लाभ अधिक है। एक बार रोपण करने के बाद 3 से 4 वर्षों तक हर तीन माह में इसकी कटाई की जा सकती है। ब्राम्ही का उपयोग स्मरण शक्ति बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य सुधारने, मस्तिष्क संबंधी औषधियों तथा सौंदर्य उत्पादों के निर्माण में किया जाता है, जिससे बाजार में इसकी मांग लगातार बनी रहती है। ब्राम्ही की खेती से किसानों को लगभग 1 लाख 20 हजार रूपए तक शुद्ध लाभ      जहां धान की खेती में प्रति एकड़ लागत अधिक और मुनाफा सीमित होता है, वहीं ब्राम्ही की खेती में सालाना लागत लगभग 21 हजार रुपये तक आती है और एक वर्ष में लगभग 30 क्विंटल तक उत्पादन से किसानों को करीब 1 लाख 50 हजार रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। इस प्रकार किसानों को लगभग 1 लाख 20 हजार रूपए तक का शुद्ध लाभ मिल रहा है। यही कारण है कि किसान अब ब्राम्ही की खेती को लाभकारी विकल्प के रूप में अपना रहे हैं। किसानों को ब्राम्ही के लिए बाजार की चिंता नहीं बोर्ड द्वारा किसानों को ब्राम्ही की रोपण सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी प्रारंभिक लागत और कम हो गई है। साथ ही किसानों की उपज के विक्रय की समस्या को दूर करते हुए पहले से ही क्रय अनुबंध की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे किसानों को बाजार की चिंता नहीं रहती। रायपुर एवं धमतरी जिले के लगभग 36 किसान 15 एकड़ क्षेत्र में ब्राम्ही की खेती        ब्राम्ही की खेती छत्तीसगढ़ की जलवायु और भूमि अत्यंत उपयुक्त है। यह नमी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में भी आसानी से उग जाती है, जहां अन्य फसलों में नुकसान की आशंका रहती है। इसी कारण अब किसान धीरे-धीरे धान के साथ वैकल्पिक खेती की ओर आगे बढ़ रहे हैं। वर्तमान में रायपुर एवं धमतरी जिले के लगभग 36 किसान 15 एकड़ क्षेत्र में सफलतापूर्वक ब्राम्ही की खेती कर रहे हैं और अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम ब्राम्ही छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने किसानों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार और निरंतर प्रयासों से औषधीय पौधों की खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने बताया कि बोर्ड किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, रोपण सामग्री और विपणन सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।  औषधीय की खेती में छत्तीसगढ का अग्रणी स्थान     राज्य में औषधीय पौधों की खेती को नई पहचान मिलने के साथ साथ छत्तीसगढ़ में उत्पादित ब्राम्ही और अन्य औषधीय पौधों की मांग भविष्य में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बढ़ेगी और राज्य औषधीय खेती के क्षेत्र में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा। ब्राम्ही की खेती से आत्मनिर्भर बनता किसान वन विभाग और बोर्ड के संयुक्त प्रयासों से आज छत्तीसगढ़ के किसान नई सोच के साथ खेती कर रहे हैं। ब्राम्ही की खेती न केवल उनकी आय बढ़ा रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की नई राह भी दिखा रही है।

हर घर जल योजना से ग्राम कन्हारी में बदली पेयजल की तस्वीर

रायपुर. जल जीवन मिशन के तहत चल रही हर घर जल योजना से ग्रामीणों का जीवन काफी आसान हो गया है। कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के दूरस्थ वनांचल और बैगा जनजाति बहुल ग्राम कन्हारी में अब गांव के हर घर तक नल कनेक्शन के माध्यम से साफ और पर्याप्त पानी मिल रहा है, जिससे कई सालों पुरानी पेयजल की समस्या दूर हो गई है। इससे लोगों के जीवन में सुविधा, सुरक्षा और सम्मान की भावना बढ़ी है। पहले गांव के लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों को पानी लाने के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था। वे कुएं, नाले और हैंडपंप पर निर्भर रहते थे, जिससे रोज कई घंटे मेहनत करनी पड़ती थी। इससे उनका समय और ऊर्जा दोनों खर्च होते थे और पढ़ाई, कामकाज और सेहत पर भी असर पड़ता था। अब हर घर में नल से पानी मिलने से यह परेशानी खत्म हो गई है। महिलाओं का समय बच रहा है, जिसे वे अब घर, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी कामों में लगा पा रही हैं। साफ और सुरक्षित पानी मिलने से गांव में पानी से होने वाली बीमारियां भी कम हुई हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिल रहा है। इससे इलाज पर खर्च भी कम हुआ है और लोगों का जीवन पहले से बेहतर हुआ है। ग्राम कन्हारी में यह योजना ग्राम पंचायत, जल समिति और ग्रामीणों के सहयोग से सफलतापूर्वक चल रही है। पानी की व्यवस्था और देखभाल भी गांव के लोग मिलकर कर रहे हैं, जिससे नियमित और सही मात्रा में पानी मिलता रहे। हर घर जल योजना ने ग्राम कन्हारी में सिर्फ पानी की सुविधा ही नहीं दी, बल्कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य, समय की बचत और सम्मान के साथ जीने का मौका भी दिया है। यह योजना जनजातीय क्षेत्रों में विकास का एक अच्छा उदाहरण बन गई है।

कोंडागांव एवं फरसगांव में एक दिवसीय अग्नि सुरक्षा कार्यशाला आयोजित

रायपुर. कोंडागांव एवं फरसगांव में एक दिवसीय अग्नि सुरक्षा कार्यशाला आयोजित वन विकास निगम, जगदलपुर द्वारा 11 फरवरी को कोंडागांव एवं फरसगांव क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए एक दिवसीय अग्नि सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में क्षेत्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।      कार्यशाला का उद्देश्य वन अग्नि से बचाव, सुरक्षा उपायों की जानकारी तथा आग लगने की स्थिति में त्वरित और सही कार्रवाई के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। अधिकारियों ने बताया कि वन में आग लगने के प्रमुख कारणों में जलती हुई बीड़ी-सिगरेट को लापरवाही से फेंक देना, तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान वृक्षों के नीचे आग लगाकर छोड़ देना तथा अन्य मानवीय असावधानियां शामिल हैं। इन घटनाओं को रोकने के प्रभावी उपायों की भी विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान कंट्रोल्ड बर्निंग (नियंत्रित आग) का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। साथ ही ब्लोअर मशीन के माध्यम से फायर लाइन कटाई का अभ्यास भी कराया गया, ताकि कर्मचारी आपात स्थिति में प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें। अधिकारियों ने कहा कि समय रहते उचित कदम उठाने से बड़ी वन अग्नि घटनाओं को रोका जा सकता है। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम गांवों में जागरूकता बढ़ाने के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। वन विकास निगम के अधिकारियों ने भविष्य में भी इस प्रकार के जनजागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की बात कही।

जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक के समापन समारोह में शामिल हुए आदिम जाति विकास मंत्री

रायपुर. आदिवासी अंचल की प्रतिभाओं को सरगुजा ओलंपिक से मिल रहा सशक्त मंच :  रामविचार नेताम आदिम जाति विकास तथा कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में बलरामपुर में जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक का समापन हुआ। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा बलरामपुर के स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम विद्यालय के खेल मैदान में 10 फरवरी से 12 फरवरी तक इसका आयोजन किया गया था। इस तीन दिवसीय आयोजन में खेल प्रतिभाओं के उत्साह, कौशल और ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। राज्य में पहली बार आयोजित सरगुजा ओलंपिक ग्रामीण और शहरी खिलाड़ियों को अपनी क्षमता  और खेल कौशल प्रदर्शित करने का अच्छा मंच प्रदान कर रहा है। इसके जिला स्तरीय आयोजन के समापन में बलरामपुर पहुंचे आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने खिलाड़ियों के बीच पहुंचकर उनका उत्साहवर्धन किया। वे शंकरगढ़ और बलरामपुर की टीमों के बीच हो रहे बालिका रस्साकसी प्रतियोगिता स्थल पर पहुंचे और प्रतिभागियों से परिचय प्राप्त कर उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने तीरंदाजी प्रतियोगिता भी देखा और स्वयं तीरंदाजी में हाथ आजमाकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने विजेता प्रतिभागियों को शील्ड और मेडल प्रदान किए। सरगुजा ओलंपिक के जिला स्तरीय आयोजन के समापन के अवसर पर  नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि विकासखंड से लेकर जिला स्तर तक सरगुजा ओलंपिक का सुनियोजित एवं व्यवस्थित आयोजन सराहनीय है। सरगुजा ओलंपिक खेल प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त मंच बन रहा है। उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी अंचल के युवाओं को मिल रहे इस अवसर की महत्ता रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और आगे बढ़ने की दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने प्रतिभागी खिलाड़ियों को निरंतर अभ्यास कर संभाग एवं राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया। समापन समारोह में बलरामपुर के कलेक्टर  राजेंद्र कटारा, पुलिस अधीक्षक  वैभव बैंकर, जिला पंचायत की सीईओ मती नयनतारा सिंह तोमर, वनमंडलाधिकारी  आलोक वाजपेयी, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य  कृष्णा गुप्ता, रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष  ओमप्रकाश जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष  लोधीराम एक्का, उपाध्यक्ष  दिलीप सोनी, जिला शिक्षा अधिकारी  एम.आर. यादव और जिला खेल अधिकारी  मारकूस कुजूर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी और खेलप्रेमी बड़ी संख्या में मौजूद थे। इन खेलों में दिखा रहे कौशल सरगुजा ओलंपिक में सरगुजा संभाग के सभी 32 विकासखंडों के खिलाड़ी 12 खेलों में अपने खेल कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें 5 व्यक्तिगत स्पर्धाएं और 7 दलीय खेल हैं। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में एथलेटिक्स (100, 200, 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो, 400 मीटर रिले), तीरंदाजी (इंडियन राउंड), बैडमिंटन, कुश्ती और कराटे शामिल रहे। वहीं दलीय खेलों में फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी और बास्केटबॉल शामिल हैं। सभी प्रतियोगिताएं जूनियर वर्ग (14 से 17 वर्ष, बालक/बालिका) तथा सीनियर वर्ग (18 वर्ष से अधिक, महिला/पुरुष) में आयोजित की जा रही हैं।

गुरुकुल परंपरा एवं नैतिक शिक्षा के समन्वय पर बल: रूपनारायण सिन्हा

रायपुर. गुरुकुल परंपरा एवं नैतिक शिक्षा के समन्वय पर बल:  रूपनारायण सिन्हा आधुनिक शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों एवं शिष्टाचार का समावेश अत्यंत आवश्यक है। गुरुकुल परंपरा की मूल भावना को अपनाते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देना समय की आवश्यकता है।उक्त विचार  रूपनारायण सिन्हा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा पीएम  प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला अखरा (पाटन), जिला दुर्ग के वार्षिकोत्सव एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए गए।  सिन्हा ने कहा कि पीएम  विद्यालय की संकल्पना माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में की गई है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधायुक्त, गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र शिक्षा प्रदान करना है। इस पहल के अंतर्गत शिक्षा के साथ-साथ संगीत, खेल एवं योग जैसी गतिविधियों को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है।  कार्यक्रम की अध्यक्षता जितेंद्र वर्मा द्वारा की गई। अतिथियों का शाला प्रबंधन समिति द्वारा पुष्पगुच्छ, शाल, फल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया गया। वार्षिकोत्सव के अवसर पर विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना, योगासन एवं विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रभावी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, खेल एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल, ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में जनप्रतिनिधिगण, शाला प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षकगण एवं अभिभावकगण उपस्थित रहे।

रेडियो की विश्वसनीयता और एआई की गति मिलकर जनसेवा को बनायेंगे अधिक सशक्त : मुख्यमंत्री साय

रायपुर. मुख्यमंत्री विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वंदे मातरम के नए गायन संस्करण का पेन ड्राइव लॉन्च किया।         मुख्यमंत्री  साय ने सभी को विश्व रेडियो दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए आकाशवाणी रायपुर और यूनेस्को को इस खास आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष का विषय ‘रेडियो और एआई’ अत्यंत सामयिक और उपयोगी है। सूचना क्रांति के इस युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग सभी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में एआई के माध्यम से रेडियो को और अधिक जनोपयोगी बनाने पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सही समय पर सही जानकारी नागरिकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और इसमें रेडियो की भूमिका शुरू से ही अत्यंत प्रभावी रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आकाशवाणी देश का सबसे भरोसेमंद समाचार प्रसारक है। निजी चैनलों के बीच तेज़ी से खबरें देने की प्रतिस्पर्धा के बावजूद आकाशवाणी ने अपनी विश्वसनीय, संतुलित और जनहितकारी सूचना परंपरा को बनाए रखा है।              मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में यह सूचना, शिक्षा और स्वस्थ मनोरंजन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने रेडियो से जुड़ी अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि जब दूरस्थ गांवों तक किसी अन्य माध्यम की पहुंच नहीं थी, तब रेडियो ही देश-दुनिया से जुड़ने का एकमात्र माध्यम था। किसानों और ग्रामीण अंचलों के लिए आकाशवाणी आज भी विशेष भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ जैसे लोकप्रिय कार्यक्रम के लिए रेडियो का चयन इसकी व्यापक पहुंच और प्रभाव को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आकाशवाणी के छह स्टेशन संचालित हैं तथा रायपुर से विविध भारती सेवा प्रसारित हो रही है।    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘रेडियो और एआई’ संचार के क्षेत्र में नई क्रांति ला सकता है। एआई की मदद से कंटेंट को अधिक प्रभावी, सटीक और त्वरित बनाया जा सकता है। आपातकालीन सूचनाएं, मौसम पूर्वानुमान, कृषि सलाह और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी अधिक तेजी और सटीकता से प्रसारित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ डिजिटल भविष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। नवा रायपुर में देश का पहला एआई डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और तकनीकी सुरक्षा के क्षेत्र में नए अवसर सृजित होंगे। नई औद्योगिक नीति के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है और डिजिटल तकनीक के जरिए अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी के माध्यम से छत्तीसगढ़ी, गोंडी और हल्बी भाषाओं में प्रसारण से स्थानीय जुड़ाव मजबूत हुआ है और श्रोताओं की रुचि में वृद्धि हुई है।  अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि रेडियो की विश्वसनीयता और एआई की गति मिलकर जनसेवा को और अधिक सशक्त बनाएंगी और विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प सभी के सहयोग से अवश्य साकार होगा।            कार्यक्रम में यूनेस्को के रीजनल एडवाइजर ऑफ कम्युनिकेशन एंड इनफॉर्मेशन सु हज़्ज़ाज़ मा'अली ने सभी को विश्व रेडियो दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि रेडियो पूरी दुनिया में सबसे अधिक पहुंच रखता है और सबसे अधिक भरोसे वाला माध्यम है। रेडियो ने कठिन समय में भी अपनी विश्वसनीयता बनाए रखते हुए दुनिया को सही सूचनाएं प्रदान की। सु अली ने कहा कि एआई के माध्यम से रेडियो को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है और इस दिशा में ठोस प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि आकाशवाणी रायपुर छत्तीसगढ़ी और हिंदी भाषा में पूरे प्रदेश विशेषकर आदिवासी बहुल क्षेत्रों तक अपनी सेवाएं दे रहा है। सु अली ने कहा कि यूनेस्को रेडियो के विस्तार के लिए आकाशवाणी के साथ मिलकर नवाचार और तकनीकी पहलुओं पर लगातार सहयोग करेगा।              इस अवसर पर छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष  शशांक शर्मा, आकाशवाणी के महानिदेशक  राजीव कुमार जैन, उप महानिदेशक  व्ही. राजेश्वर, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के अनुरूप हो सभी गतिविधियों का संचालन : मुख्यमंत्री साय

रायपुर. मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक संपन्न मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की 16वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में बोर्ड की 15वीं बैठक के पालन प्रतिवेदन तथा नवीन एजेंडों पर चर्चा उपरांत प्रस्तावों को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड के निर्णय हेतु प्रेषित करने पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वन्यजीव हमारी प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं और उनके संरक्षण–संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सतत निगरानी, अवैध गतिविधियों पर रोक तथा उनकी सुरक्षा के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही, वनों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने और युवाओं की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने न्यूनतम हस्तक्षेप के सिद्धांत को अपनाते हुए अत्यावश्यक कार्यों को ही वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में बिना किसी छेड़छाड़ के पूर्ण करने पर बल दिया। उन्होंने सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के अनुरूप सभी गतिविधियों के संचालन की बात कही।          बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति (Standing Committee of State Board for Wildlife) के गठन को मंजूरी दी गई। स्थायी समिति का गठन वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री की अध्यक्षता में किया जाएगा, जिसमें 11 अन्य सदस्य शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि वन्य प्राणियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में होने वाले कार्यों के प्रस्तावों पर राज्य वन्यजीव बोर्ड का अभिमत अनिवार्य होता है। बोर्ड की बैठकों के बीच अधिक अंतराल के कारण प्रस्तावों की स्वीकृति में विलंब की स्थिति बनती है। स्थायी समिति के गठन से वैधानिक मंजूरियों के त्वरित निपटान तथा वन्यजीव प्रबंधन से संबंधित मुद्दों के शीघ्र निराकरण में सहायता मिलेगी।     बैठक में उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व अंतर्गत बरबांधा जलाशय में बांध एवं नहरों के जीर्णोद्धार एवं नवीन कार्य, पीएम जनमन योजना के अंतर्गत कबीरधाम जिले के कवर्धा वनमंडल में पंडरीपानी मेन रोड से सौरु तक मार्ग मजबूतीकरण, गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने से संबंधित 6 प्रस्ताव, सेमरसोत अभ्यारण्य में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने, उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में सीआरपीएफ कैंप की स्थापना तथा उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के प्रस्तावों का अनुमोदन कर उन्हें राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्वीकृति हेतु प्रेषित करने पर सहमति दी गई।               कार्यक्रम में वन मंत्री  केदार कश्यप, विधायक  धर्मजीत सिंह, मुख्य सचिव  विकास शील, अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  व्ही. निवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव)  अरुण कुमार पाण्डेय सहित बोर्ड के अन्य सदस्य एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।