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ताम्रध्वज साहू के बयान पर भड़के विजय शर्मा, कहा– नक्सलियों के खिलाफ कदमों में भी राजनीति शर्मनाक

कवर्धा उप मुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के निर्धारित समय सीमा के भीतर नक्सलियों को खत्म नहीं कर पाने वाले बयान पर तगड़ा प्रहार किया है. उन्होंने कहा कि पांच साल तक सरकार में रहने के दौरान अपने ही शहीदों के लिए कभी कुछ न कर पाए. और आज जब विष्णु देव साय की सरकार उस पर काम कर रही है, तो कांग्रेसियों को उसमें राजनीति दिखती है. धिक्कार है ऐसे लोगों को. छत्रपति शिवाजी की जयंती पर कवर्धा के शिवाजी चौक पर छत्रपति शिवाजी की भव्य प्रतिमा का उप मुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने अनावरण किया. इस दौरान उन्होंने पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के बयान पर कहा कि जब भी मैं झीरम घाटी को क्रास किया हूं, शहीदों को याद किया हूं. कांग्रेस वाले भले ही कहते हैं कि हमारे लोग हैं. लेकिन हम कहते हैं कि छत्तीसगढ़ का नेतृत्व था. उन्होंने अपना कहा, लेकिन अपनी 5 साल की सरकार में उनके लिए कभी कुछ नहीं किया. षड्यंत्र करते रहे. विजय शर्मा ने कहा कि आज भाजपा की सरकार देश के गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ से नक्सलियों का सफाया को रहा है, और उन शहीदों को हमारे सशत्र बल के जवान सच्ची श्रद्धांजलि दे रहे हैं. झीरम में मैं रुककर उस स्थान को प्रणाम किया था, वहां एक मेमोरियल जैसा भी बना हुआ है. मैंने उसी दिन मन ही मन संकल्प लिया था कि जिस दिन नक्सलियों से प्रदेशवासियों को मुक्ति मिलेगी, उस दिन इन सारे वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करूंगा. परंतु कांग्रेस को इसमें में राजनीति दिखती है, तो धिक्कार है ऐसे पार्टी को.

जल संरक्षण को दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का मुख्यमंत्री ने किया आह्वान

मुख्यमंत्री  साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की हुई गहन समीक्षा केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की 31 मई तक 10 लाख जल संरचनाओं का लक्ष्य, जल सुरक्षा को मिलेगा नया आधार डबरी निर्माण से बढ़ेगा भू-जल स्तर, किसानों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए और बैठक को संबोधित किया। इस दौरान बिलासपुर, दुर्ग और सूरजपुर जिले के कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जल संकट 21वीं सदी की केवल गंभीर पर्यावरणीय ही नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और विकासात्मक चुनौती भी बन चुका है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को स्थायी और प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी अनिवार्य है।उन्होंने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का उल्लेख किया, जिसमें पानी के उपयोग को प्रसाद के समान मानते हुए जल के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभियान के पहले चरण में छत्तीसगढ़ ने देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा विभिन्न जिलों को भी अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिले। पहले चरण में सामुदायिक भागीदारी के मॉडल पर कार्य करते हुए बड़े पैमाने पर बोरवेल रिचार्ज, रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट, सोक पिट और ओपनवेल रिचार्ज जैसी संरचनाओं का निर्माण किया गया। साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 5 क्रिटिकल और 21 सेमी-क्रिटिकल भू-जल ब्लॉक चिन्हित हैं। वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में इनमें से 5 ब्लॉकों में भू-जल निकासी में कमी और भू-जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है, जो जल संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणामों का संकेत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभियान के दूसरे चरण “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” के अंतर्गत तकनीक आधारित और अधिक परिणाममूलक रणनीति अपनाई जा रही है। राज्य सरकार ने 31 मई 2026 तक 10 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने इसे जल सुरक्षा की दिशा में प्रदेश का ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर एक विशेष पहल के तहत 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले चार लाख से अधिक किसानों को अपने खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस कार्य में जिला प्रशासन के साथ-साथ औद्योगिक समूहों का सहयोग भी लिया जा रहा है। इन डबरियों से भू-जल स्तर में वृद्धि के साथ किसानों को सिंचाई एवं मछली पालन जैसी अतिरिक्त सुविधाएँ मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण में सभी जल संरचनाओं की जियोटैगिंग, ग्राम पंचायतों के वॉटर बजट तथा जल सुरक्षा योजनाओं के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही गांवों के युवाओं को “जल मित्र” के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि अभियान को गति मिल सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि क्रिटिकल और सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों पर विशेष फोकस रखते हुए सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों में 40 प्रतिशत तथा क्रिटिकल ब्लॉकों में 65 प्रतिशत जल संरक्षण कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा करने और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का आह्वान भी किया। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जल संरक्षण के प्रयासों में छत्तीसगढ़ देशभर में दूसरे स्थान पर रहा, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2024 को सूरत से ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ की शुरुआत की थी और ‘कर्मभूमि से मातृभूमि के लिए जल संचयन में सहयोग’ का आह्वान किया था। इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना है। केंद्रीय मंत्री पाटिल ने प्रदेश के समस्त कलेक्टरों से मनरेगा के तहत जल संचय कार्यों के लिए प्राप्त राशि का पूर्ण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने राजनांदगांव प्रवास के दौरान एक महिला सरपंच द्वारा स्वयं के प्रयासों से जल संचयन के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों की प्रशंसा की। इसके साथ ही उन्होंने जल संचय में व्यापक जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो तथा जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव कांताराव और छत्तीसगढ़ के समस्त कलेक्टर वर्चुअली उपस्थित थे।

श्रमिकों के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी देने श्रमिक जन संवाद सम्मेलन का आयोजन

श्रमिकों के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए नवीन लेबर कोड एक ऐतिहासिक निर्णय : योगेश दत्त मिश्रा 1242 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं में तहत एक करोड़ से अधिक धनराशि वितरित रायपुर, राज्य शासन द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं के विषय में जागरूक करने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय बलौदाबाजार  स्थित जिला ऑडिटोरियम में  गुरुवार को श्रमिक जन संवाद सम्मेलन का आयोजन किया गया।कार्यकम में श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को 1 करोड़ 4 लाख से अधिक की राशि  डीबीटी के माध्यम से श्रमिक एवं उनके परिवार के खाते में आतंरित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा  ने कहा कि राज्य शासन द्वारा श्रमिकों और उनके परिवार को खुशहाल बनाने के लिए 31 से अधिक कार्यक्रम और योजनाएँ संचालित हैं,जिनकी जानकारी सभी श्रमिक भाइयों और बहनों को होना ज़रूरी है तभी वे इन योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। श्रमिक जन संवाद सम्मेलन का यही उद्देश्य है। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ज़्यादा से ज़्यादा श्रमिक भाई बहनों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने ऐसे कार्यकम सार्थक भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्रम कल्याण मंडलके अध्यक्ष  श्री योगेश दत्त मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा श्रमिकों के हितों के लिए क्रांतिकारी कदम उठाते हुए चार नए लेबर कोड लागू करने का निर्णय लिया गया है जो निश्चित रूप से श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सबल करने की दिशा में बड़ा कदम है।उन्होंने कहा देश की आबादी का 45 प्रतिशत असंगठित क्षेत्र के मजदूर हैं जिनके आर्थिक और सामाजिक विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है इसी लिहाज से यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।उन्होंने देश में लागू चार नए लेबर कोड (श्रम संहिताओं)मजदूरी संहिता, 2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थितियों या ओएसएच संहिता 2020 और औद्योगिक संबंध संहिता 2020 के लाभ के बारे में विस्तार से बताया। नए श्रम कानूनों के मुताबिक देश भर में राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन  तय किया जाएगा।एक बार घोषित होने के बाद राज्य इससे कम वेतन तय नहीं कर सकते।मजदूरों और उनके परिवारों की सुरक्षा और इलाज की व्यवस्था ,भविष्य निधि ,आदि के बारे में बताया। उन्होंने कार्यक्रम में आए जन प्रतिनिधियों और श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि आप सभी अपना नैतिक दायित्व समझते हुए ज़्यादा से ज़्यादा श्रमिकों को विभागीय योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रेरित और जागरूक करें तभी हम विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की संकल्पना को साकार कर सकेंगे। नगर पालिका अध्यक्ष श्री अशोक जैन  ने कहा विकास और निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले श्रमिकों के कल्याण के लिए राज्य शासन लगातार प्रयासरत है । कार्यक्रम में विभिन योजनाओं में हितग्राहियों से बातचीत कर उनका अनुभव भी जाना कंचन वर्मा ने बताया कि उन्हें नोनी सुरक्षा का लाभ मिला है,जिसके कारण वो अपने कॉलेज की पढ़ाई कर पा रही हैं। सियान सहायता योजना के हितग्राही भगवान दत्त ने बताया कि 60 वर्ष  की आयु  पूरी करने पर उन्हें 20 हज़ार रुपये मिले जिससे उनको काफ़ी मदद मिली।इसी तरह दीप्ति विश्वकर्मा ने बताया उन्हें नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिला है। सभी हितग्राहियों ने छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यकम में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत जिले की 113 महिलाओं को 20-20 हज़ार की राशि प्रदान की गई इस प्रकार योजना के तहत कुल 22.60 लाख रुपये प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत 918 बच्चों को 19.43 लाख, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 97 बुजुर्ग श्रमिकों को 19.40 लाख,मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना के तहत 89 बालिकाओं को 17.80 लाख, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 14 लाख, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मण्डल अंतर्गत असंगठित कर्मकार मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 11 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की । श्रमिक जन संवाद सम्मेलन में कुल 1242 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं में तहत एक करोड़ चार लाख तेइस हजार की धनराशि वितरित की गई। जिले में एक लाख से अधिक श्रमिक पंजीकृत 4 लाख अधिक हैं,अब तक श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत 90 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदाय की जा चुकी है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल , जनपद पंचायत अध्यक्ष सुलोचना यादव भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि,श्रम विभाग के अधिकारी -कर्मचारी और श्रमिकगण उपस्थित थे।

कृषि मंडी अधिकारी पर यौन शोषण का मामला, शिकायत के बाद भेजा गया जेल

कोरबा महिला से यौन उत्पीड़न के एक मामले में कटघोरा में पदस्थ रहे पूर्व कृषि मंडी अधिकारी राहुल साहू को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस टीम ने रायगढ़ जिले के घरघोड़ा से आरोपी को गिरफ्तार कर कटघोरा लाया, जहां उसे न्यायालय में पेश किया गया। अदालत के आदेश पर आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला ने शिकायत में बताया कि राहुल साहू कटघोरा कृषि मंडी में अधिकारी के पद पर कार्यरत था। इसी दौरान उसने महिला से दोस्ती की और शादी का प्रलोभन देकर करीब एक साल तक शारीरिक संबंध बनाया। महिला का आरोप है कि दोनों की इसी माह शादी होने वाली थी, लेकिन इसी बीच राहुल साहू ने शादी से साफ इंकार कर दिया। महिला की शिकायत पर कटघोरा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया। वहीं कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे रायगढ़ जिले के घरघोड़ा से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मां की ममता का अनोखा नज़ारा: जंगल से सामने आई हाथियों की बेहद खूबसूरत तस्वीर

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के जंगल से हाथियों के दल का एक शानदार तस्वीर आई है. 11 हाथियों के दल बीच दो नन्हें शावक सुरक्षित घेरे में विचरण करते नजर आ रहे हैं, मामला धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज का है. रायगढ़ जिले के जंगल से हाथियों के दल का ड्रोन कैमरे का एक शानदार तस्वीर सामने आई है. 11 हाथियों के दल में दो नन्हे शावक हैं जो अपनी मां के साथ जंगलों में घूमते नजर आ रहे हैं. हाथियों का यह दल छाल रेंज के कुडेकेला परिसर के गूडाघाट डेम किनारे विचरण कर रहा था. वीडियो में देखा जा सकता है कि मादा हाथी अपने शावक को सुरक्षित घेरे में रखते हुए जंगल में आगे बढ़ते नजर आ रही है. बताया जा रहा है कि दोनों हाथी शावक की उम्र करीब 6 महीने के आसपास है. वन विभाग एवं हाथी मित्र दल की टीम ने कुडेकेला, बांसाझार के अलावा आस-पास गांव के ग्रामीणों को सावधानी बरतने के साथ-साथ किसी भी काम के सिलसिले जंगल तरफ नही जाने की अपील की है. बताया जा रहा है कि हाथियों का यह दल अब घरघोड़ा रेंज में चला गया है. दल में शावक होने की स्थिति पर इस दल पर विशेष रूप से निगरानी की जा रही है.

डिजिटल सुविधा केंद्र में 86 वर्षीय भक्तिन राय को अंगूठे के निशान पर मिल रही सुविधाएं

  रायपुर, उम्र 86 साल, चेहरे पर झुर्रियां, लेकिन आँखों में आत्मनिर्भरता की चमक।  कबीरधाम जिले के ग्राम राजानवागांव की भक्तिन राय के लिए डिजिटल तकनीक अब केवल शब्द नहीं, बल्कि उनके बुढ़ापे की लाठी बन गई है। 30 साल पहले पति को खोने के बाद जिस पेंशन के लिए उन्हें बैंक के चक्कर काटने पड़ते थे, आज वही पैसा उनके गांव के डिजिटल सुविधा केंद्र  में एक अंगूठे के निशान पर मिल जाता है। आज एक छोटा सा केंद्र भक्तिन राय जैसे हजारों ग्रामीणों के लिए  डिजिटल वरदान साबित हो रहा है। भक्तिन राय के पति का देहांत लगभग 30 साल पहले हो गया था। लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने के बाद अब उन्हें निराश्रित विधवा पेंशन और महतारी वंदन योजना की राशि हर महीने नियमित रूप से मिल रही है। पहले उन्हें पैसे निकालने के लिए बैंक जाना पड़ता था, जिससे समय और मेहनत दोनों लगते थे। अब गांव के डिजिटल सुविधा केंद्र से ही उन्हें तुरंत पैसा मिल जाता है और यह भी पता चल जाता है कि उनके खाते में कितनी राशि आई है। उनके बेटा और बहू मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बहू को भी महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है, जिससे घर के खर्च में सहारा मिलता है। इलाज और दवाइयों के लिए मिलने वाली पेंशन की राशि भक्तिन राय के लिए बहुत बड़ा सहारा बन गई है। भक्तिन राय का घर भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना है, जिससे उन्हें सुरक्षित रहने की सुविधा मिली है। वे बताती हैं कि अब गांव में ही सभी काम आसानी से हो जाते हैं, जिससे उन्हें कहीं दूर नहीं जाना पड़ता। राजानवागांव के डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से अब तक लगभग 18 लाख रुपए से अधिक का ट्रांजैक्शन किया जा चुका है। यहां ग्रामीणों को कई तरह की वित्तीय और सरकारी सेवाएं मिल रही हैं। केंद्र में नगद आहरण, फंड ट्रांसफर, जीवन, सामान्य और कृषि बीमा, पेंशन, पैन कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं का पंजीयन, बिजली बिल भुगतान, ट्रेन और हवाई यात्रा की टिकट बुकिंग तथा ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं के माध्यम से प्रमाण पत्र भी बनाए जा रहे हैं। गांव के लोग यहां से दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन, महतारी वंदन योजना की राशि निकालने, दूसरे के खाते में पैसा जमा करने, आवास योजना की राशि की जानकारी लेने और अन्य जरूरी काम आसानी से कर पा रहे हैं। डिजिटल सुविधा केंद्र ने खासकर बुजुर्ग, महिलाओं और जरूरतमंद लोगों के लिए बड़ी राहत दी है। भक्तिन राय जैसे लोगों के लिए यह केंद्र अब केवल एक सेवा केंद्र नहीं, बल्कि जीवन को आसान बनाने वाला एक मजबूत सहारा बन गया है।

आंगन में खेल रहे 6 माह के मासूम को आवारा कुत्ते ने काटा, जिला अस्पताल में भर्ती

बिलासपुर    कोतवाली थाना के बिलासपुर चौकी अंतर्गत हर्रवाह – बिलासपुर निवासी 6 माह के अबोध बच्चे आर्यन कोल को आवारा कुत्ते ने काट लिया।बताया जा रहा है कि आर्यन अपने घर के आंगन में खेल रहा था, तभी अचानक एक आवारा कुत्ता वहां पहुंचा और उसने मासूम पर हमला कर दिया। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्ते को भगाया।घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल 108 एम्बुलेंस को सूचना दी गई, जिसके माध्यम से बच्चे को जिला अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों द्वारा आर्यन का इलाज किया जा रहा है। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।घटना के बाद क्षेत्र में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर लोगों में आक्रोश है।

प्रवर श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए शासकीय सीधी भर्ती में आरक्षण सुनिश्चित

रायपुर, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधानों के तहत राज्य शासन के समस्त विभागों और उनके अधीनस्थ कार्यालयों की प्रत्येक सरकारी स्थापना में सीधी भर्ती से भरे जाने वाले प्रवर श्रेणी के दिव्यांगजनों के लिए पदों का चिन्हांकन कर पद आरक्षित किए जा रहे हैं। आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में समाज कल्याण विभाग के सचिव भुवनेश यादव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिव शामिल हुए।   बैठक में राज्य शासन के सभी विभागों के अंतर्गत सीधी भर्ती के प्रकम में भरे जाने वाले प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की लोक सेवाओं एवं पदों में दिव्यांगजनों के लिए दिव्यांजन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आरक्षण निर्धारित किया जाएगा। बैठक में विभिन्न विभागों के अंतर्गत आने वाले कार्यालयों में अंतिम रूप में पदों के चिन्हांकन हेतु विभागीय सचिवों से विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सभी विभागों के भारसाधक सचिव, विभागाध्यक्ष सहित विभिन्न विभागों द्वारा दिव्यांगजनों के लिए पदों के चिन्हाकन हेतु नियुक्त नोडल अधिकारी शामिल हुए।

क्षेत्र को मिली विकास की सौगात: 1.58 करोड़ के कार्यों का शुभारंभ, मंत्री देवांगन रहे मौजूद

रायपुर मंगल भवन व सामुदायिक भवन, दादर बस्ती में सड़क का होगा कायाकल्प प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रममंत्री  लखनलाल देवांगन ने आज नगर पालिक निगम कोरबा के वार्ड क्र. 17 में मंगल भवन एवं 19 में सामुदायिक भवन एवं दादरखुर्द बस्ती के सड़क डामरीकरण कार्य का भूमिपूजन किया। वहीं वार्ड क्र. 19 मंे बनने जा रहे सामुदायिक भवन निर्माण कार्य का शुभारंभ नारियल तोड़कर किया। इस मौके पर महापौर मती संजू देवी राजपूत, सभापति  नूतन सिंह ठाकुर, पार्षद  नरेन्द्र देवांगन सहित वार्ड के पार्षदगण, जनप्रतिनिधिगण विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।  नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वार्ड क्र. 17 ढोढ़ीपारा भैंसखटाल में काली मंदिर के समीप 20 लाख रूपये की लागत से मंगल भवन का निर्माण कराया जाएगा, इसी प्रकार वार्ड क्र. 19 ढोढ़ीपारा के सामने स्थिता बस्ती में 20 लाख रूपये की लागत से क्षत्रिय राठौर समाज की मांग के अनुरूप 20 लाख रूपये की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण किया जाना हैं, जिसका विधिवत शुभारंभ आज उनके करकमलों से किया गया। निगम द्वारा वार्ड क्र. 34 दादर के कंकालिन मंदिर के सामने से जगन्नाथ मंदिर होते हुए मुख्य द्वार तक सड़क डामरीकरण का कार्य 01 करोड़ 18 लाख रूपये की लागत से निगम द्वारा कराया जाना हैं। इस अवसर पर उद्योग मंत्री  देवांगन ने संबोधित करते हुए कहा कि मैं आप सबके परिवार का एक छोटा सा सदस्य हूॅं, मेरे ऊपर आप सबका पूरा अधिकार है, आपकी विकास संबंधी जो भी आवश्यकताएं होंगी, उन्हें पूरा करना, मेरा प्रथम लक्ष्य है, उन्हें अवश्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां पर मंगल भवन व सामुदायिक भवन का निर्माण होने से बस्तीवासियों के अपने पारिवारिक, सामाजिक व सार्वजनिक कार्यक्रमों हेतु सुविधायुक्त स्थल उपलब्ध हो सकेगा, बस्तीवासियों की यह पुरानी मांग थी, जो आप सब के आशीर्वाद से आज पूरी हो रही है।   देवांगन ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री  मोदी की गारंटी को समय-सीमा में पूरा किया है तथा  साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार समाज के सभी वर्गाे के हितों के लियेे, प्रदेश के सर्वागीण विकास के लिये लगातार कार्य कर रही है। आज मुख्यमंत्री  साय ने इन जनहितैषी योजनाओं को पुनः संचालित कराया है, जिससे प्रदेश के गरीब, निर्धन, किसान, मजदूर, युवा, महिला सहित सभी वर्ग के लोग लाभान्वित हो रहे हैं।   इस मौके पर अपने उद्बोधन में महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने कहा कि उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में कोरबा का तेजी से विकास हो रहा है, उन्होने अपने महापौर कार्यकाल में ऐतिहासिक रूप से विकास कार्य कराये थे, जो आज भी हम सबको दिखाई दे रहे हैं, अब पुनः कोरबा विकास के उसी रास्ते में चल रहा है, वर्षों की समस्याएं दूर हो रही हैं तथा निगम के सभी वार्ड, बस्तियों में वहॉं के रहवासियों की मांग, आवश्यकता व इच्छा के अनुरूप बडे़ पैमाने पर विकास कार्य कराये जा रहे हैं।   इस अवसर पर पार्षद लक्ष्मण वास, मुकेश राठौर, सुनीता चौहान, ममता यादव, अजय गोंड़, रामकुमार साहू, मंडल अध्यक्ष मनोज लहरे, डॉ.राजेश राठौर, मिलाप बरेठ, जगदीश वास, सुनीता राठौर, कृष्णा द्विवेदी, प्रफुल्ल तिवारी, ईश्वर साहू, नारायण सिंह ठाकुर, पुनीराम देवांगन, नरेन्द्र पाटनवार, अनिल यादव, धनसाय साहू, संजय कुमवंशी, हारबाई यादव, आशीष द्विवेदी, सुरेन्द्र राजवाड़े, गिरधारी रजक, हरनारायण विश्वकर्मा, जितेन्द्र साहू सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। 

लखनपुर क्षेत्र में 259.68 लाख रू. के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

रायपुर धान उपार्जन केन्द्रों में आधारभूत संरचना सुदृढ़ होगी, किसानों को मिलेगा सुव्यवस्थित और सुविधाजनक उपार्जन तंत्र पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम केवरा, जमगला, पुहपुटरा, निम्हा, लहपटरा, खैरबार, केशवपुर, रामपुर एवं सुखरी के धान उपार्जन केन्द्रों में विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की सुविधा और समृद्धि के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। इन धान उपार्जन केन्द्रों में बाउण्ड्री वाल निर्माण, कवर्ड प्लेटफार्म निर्माण तथा अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन सभी कार्यों पर कुल 259.68 लाख रू. की लागत से निर्माण कराया जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिले और उपार्जन प्रक्रिया पूरी तरह सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी हो। धान उपार्जन केन्द्रों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ होने से किसानों को सुरक्षित भंडारण, सुगम परिवहन और व्यवस्थित व्यवस्था का लाभ मिलेगा। इससे उपार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता आएगी, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिक्री का पूरा लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान हित सर्वाेपरि है। धान उपार्जन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि गांवों में ही बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। धान उपार्जन केन्द्रों में आधारभूत संरचना सुदृढ़ होगी, किसानों को मिलेगा सुव्यवस्थित और सुविधाजनक उपार्जन तंत्र मंत्री  अग्रवाल ने आगे कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से धान खरीदी व्यवस्था और अधिक सुचारू होगी, जिससे किसानों को अनावश्यक असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही क्षेत्र में आधारभूत संरचनाएँ मजबूत होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने, किसानों की आय में वृद्धि करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने की दिशा में निरंतर  राज्य सरकार ने धान खरीदी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ले जाकर रजिस्ट्रेशन और भुगतान प्रक्रिया को तेज किया है। सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सड़क, भंडारण और बिजली सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। मंत्री अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि ये विकास कार्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे और छत्तीसगढ़ को किसान कल्याण का मॉडल राज्य बनाएंगे। पिछले वर्षों में राज्य सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड, बीमा योजनाओं और जैविक खेती प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया है। इन पहलों से किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य साकार हो रहा है। लखनपुर विकासखंड के इन ग्रामों में होने वाले कार्य पूर्ण होने पर न केवल उपार्जन केंद्र आधुनिक बनेंगे, बल्कि स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।  कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, कृषकों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। उपस्थित किसानों ने राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए इसे किसान हित में महत्वपूर्ण पहल बताया।