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संकट में मिली संजीवनी, देवरीखुर्द निवासी शिवांश रामटेके को मिली 15 लाख की स्वास्थ्य सहायता

बिलासपुर देवरीखुर्द निवासी मनीष रामटेके को अपने पुत्र शिवांश रामटेके के  इलाज के लिए मुख्यमन्त्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से बड़ी राहत मिली है सिकलसेल की गंभीर बीमारी से  जूझ रहे 15  वर्षीय बालक को इस  सहायता से जीवनदान मिला है जिसके लिए परिवार ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का आभार जताया है।        देवरीखुर्द निवासी मनीष रामटेके ने बताया कि उनके जीवन की सबसे बड़ी चुनौती तब खड़ी हो गई, जब उन्हें ये पता चला कि उनका पुत्र सिकलसेल की गंभीर बीमारी से ग्रसित है। प्राइवेट कंपनी में नौकरी से महँगा इलाज करा पाना उनके लिए संभव नहीं था ऐसे में उन्हें मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना की जानकारी मिली और उन्होंने इसके लिए आवेदन किया। त्वरित रूप से उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्हें 15 लाख रुपए इलाज के लिए मिले।        मनीष कश्यप बताते हैं कि यह दिन उनके लिए सबसे बड़ी खुशी का दिन था उन्हें बेटे के इलाज और जीवन बचाने की उम्मीद मिली योजना के तहत 15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता से बेटे के इलाज का रास्ता आसान हुआ और परिवार के जीवन में खुशियां लौटी, शिवांश इलाज के बाद अब पूरी तरह स्वस्थ है और डाक्टरों की निगरानी में है। शिवांश के पिता भावुक होकर कहते हैं कि मुख्यमन्त्री  विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल ने उनके बेटे को नया जीवन दिया है , जिसके लिए वे उनका हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। रेहाना/

सिम्स में रेबीज रोकथाम पर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

बिलासपुर छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में सामुदायिक चिकित्सा विभाग एवं जिला स्वास्थ्य तंत्र के सहयोग से “रेबीज की रोकथाम एवं पशु काटने के प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।        प्रशिक्षण का उद्देश्य नर्सिंग स्टाफ को रेबीज संक्रमण की पहचान, समय पर उपचार एवं मरीजों की प्रभावी देखभाल के लिए प्रशिक्षित करना था। विशेषज्ञों ने रेबीज की उत्पत्ति, लक्षणों की पहचान तथा आपातकालीन उपचार की विस्तृत जानकारी दी। बताया गया कि संक्रमित पशु के काटने पर वायरस तंत्रिकाओं के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुंचकर गंभीर प्रभाव डालता है, लेकिन समय पर टीकाकरण और सही प्रबंधन से इससे बचाव संभव है।       सत्र में नर्सिंग स्टाफ को घाव की तत्काल सफाई, एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) एवं इम्युनोग्लोब्युलिन के उपयोग सहित मरीज की निगरानी के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। अधिष्ठाता डॉ. मूर्ति ने कहा कि रेबीज एक जानलेवा लेकिन पूरी तरह रोके जा सकने वाला रोग है, वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने हर पशु काटने के मामले में सतर्कता बरतने पर जोर दिया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. हेमलता ठाकुर सहित अन्य चिकित्सकों और बड़ी संख्या में नर्सिंग स्टाफ, इंटर्न्स व स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

निर्माण कार्यों में बढ़ रही ‘साईं बाबा समूह’ की आजीविका

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जिसे ष्बिहानष्  के नाम से जाना जाता है, ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी कम करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का एक प्रमुख कार्यक्रम है। यह भारत सरकार के दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का छत्तीसगढ़ में क्रियान्वयन कर रहा है। ग्रामीण गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं के लिए स्थायी और विविध स्व-रोजगार के अवसर पैदा करना ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।                 छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली ‘बिहान’ (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) योजना महिलाओं के जीवन में सामाजिक और आर्थिक बदलाव का बड़ा माध्यम बन रही है। सहारा आजीविका क्लस्टर के उदयपुर विकासखंड के डाड़गांव की रहने वाली सकीना की कहानी आज अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। जो सकीना कभी बैंक जाने के नाम से घबराती थीं, वे आज स्वयं सहायता समूह के माध्यम से न केवल अपना व्यवसाय संचालित कर रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। अभिसरण का कमालः डीएमएफ मद से मिली मिक्सर मशीन             शासन की विभिन्न योजनाओं के आपसी समन्वय से जमीनी स्तर पर बड़े बदलाव आ रहे हैं। इसी कड़ी में जिला प्रशासन की पहल पर डीएमएफ मद से सीमेंट मिक्सर मशीनें समूहों प्रदान की गई हैं। इन्ही में से एक मशीन ‘रामगढ़’ ग्राम संगठन के ‘साईं बाबा समूह’ को मिली, जिसकी सदस्य सकीना हैं। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्र में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहयोग और प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। निर्माण कार्यों में बढ़ी भागीदारी, बढ़ी आमदनी         सकीना ने बताया कि उन्होंने अपनी आजीविका विस्तार के लिए समूह से 60,000 का ऋण लिया था। समूह को मिली मिक्सर मशीन और शटरिंग प्लेट्स अब उनकी आय का मुख्य जरिया बन गई हैं। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे प्रधानमंत्री आवास निर्माण कार्यों के लिए उनकी मिक्सर मशीन और शटरिंग प्लेट्स की भारी मांग है। उन्होंने बताया कि ट्रांसपोर्टिंग और अन्य खर्चे निकालकर समूह से अब तक 6,000 से 7,000 की प्रतिदिन की कमाई हो रही है। आत्मविश्वास से भरा सफरः बैंक जाने की हिचकिचाहट हुई खत्म             सकीना अपनी सफलता का श्रेय बिहान योजना को देते हुए कहती हैं, पहले मुझे बैंक जाने में भी डर लगता था, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद मैं जागरूक और सक्रिय हो गई हूँ। अब मुझे किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं है, मैं खुद सक्षम हूँ। अब मैं दूसरी दीदियों को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हूँ। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव            सकीना की आर्थिक मजबूती का सीधा असर उनके परिवार पर पड़ा है। उनकी बेटी अब कॉलेज में है और बेटा हाई स्कूल की पढ़ाई कर रहा है। सकीना का कहना है कि आर्थिक स्वतंत्रता मिलने से अब बच्चों की पढ़ाई-लिखाई बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चल रही है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक करने का प्रयास किया जा रहा है। योजना के लिए शासन का जताया आभार         सकीना ने अपनी इस सफलता और आत्मनिर्भरता के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इन योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं को केवल काम ही नहीं दिया, बल्कि समाज में एक सम्मानित पहचान भी दी है।

हाईकोर्ट का फैसला: Bhojram Nag की जीत बरकरार, निर्वाचन चुनौती देने वाली याचिका खारिज

बिलासपुर. सांसद भोजराज नाग को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कांकेर से निर्वाचित सांसद भोजराज नाग पर ईवीएम मशीन में छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए तत्कालीन उम्मीदवार बीरेश ठाकुर ने निर्वाचन रद्द करने याचिका दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया. हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि मशीनों की दोबारा जांच के लिए कोई निर्देश तब तक जारी नहीं किया जा सकता, जब तक मौखिक या डॉक्यूमेंट के ज़रिए गड़बड़ी के बारे में कोई सबूत रिकॉर्ड पर न रखा गया हो. याचिका खारिज कर याचिकाकर्ता को डॉक्यूमेंट्री सबूत रिकॉर्ड करने के बाद नई एप्लीकेशन फाइल करने की छूट दी गई है. हाईकोर्ट में यह एप्लीकेशन कांकर से सांसद पद के उम्मीदवार बीरेश ठाकुर ने डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर, रिटर्निंग ऑफिसर को 26 अप्रैल 2024 को कांकेर पार्लियामेंट्री सीट के लिए हुए इलेक्शन में इस्तेमाल हुई ईवीएम (बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट, वीवीपेट यूनिट) की चेकिग और वेरिफिकेशन करने की इजाज़त देने के लिए एक ऑर्डर जारी करने के लिए फाइल की है. इस इलेक्शन पिटीशन में पिटीशनर ने आरोप लगाया है कि इलेक्शन प्रोसेस रिटîनग ऑफिसर ने गलत इरादे से किया था, और इसमें कई तरह की गड़बड़ियां और गलत काम किए, जिससे इलेक्शन के नतीजे पर काफी असर पड़ा. पिटीशनर ने आरोप लगाया है कि दूसरी रैंडमाइजेशन रिपोर्ट में मशीन नंबर वीवीपेट यूनिट और अलग-अलग असेंबली सीटों गुंडरदेही नंबर 61, सिहावा नंबर 56, संजरीबालोड नंबर 59, डोंडी लोहारा (एसटी ) नंबर 60, और केशकाल नंबर 82 के पोलिग स्टेशनों के फॉर्म 17सी में मशीन नंबर में कुछ अंतर हैं. गिनती में गड़बड़ी के सबूत लाएं बताई गई कानूनी स्थिति और इलेक्शन पिटीशन में दी गई दलीलों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने माना कि इस समय ईवीएम मशीनों की दोबारा जांच के लिए कोई निर्देश तब तक जारी नहीं किया जा सकता जब तक पार्टियों द्बारा मौखिक या डॉक्यूमेंट्री सबूत के ज़रिए गड़बड़ी के बारे में कोई सबूत पहली नज़र में रिकॉर्ड पर न रखा गया हो. याचिका को खारिज कर पिटीशनर को कांकेर संसदीय क्षेत्र नंबर 11 के इन विधानसभा क्षेत्रों में वोटों की गिनती में गड़बड़ी के बारे में कुछ मौखिक या डॉक्यूमेंट्री सबूत रिकॉर्ड करने के बाद नई एप्लीकेशन फाइल करने की छूट दी है.

सियासी परिवार में मातम, पूर्व विधायक के पुत्र की आत्महत्या; घरेलू कलह की आशंका

रायपुर. राजधानी रायपुर से दुखद खबर सामने आई है, जहां पूर्व विधायक धनीराम साहू के पुत्र जय साहू ने आत्महत्या कर ली। इस घटना से इलाके में शोक का माहौल है। 45 वर्षीय जय साहू ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दी। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के पीछे की स्पष्ट वजह सामने नहीं आ सकी है। शुरुआती तौर पर घरेलू विवाद की आशंका जताई जा रही है। पंडरी थाना पुलिस जांच में जुटी: पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव घटना की सूचना मिलते ही पंडरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है, ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। परिवार और परिचितों से पूछताछ: कारणों की तलाश जारी पुलिस अब परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि जय साहू ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। राजनीतिक पृष्ठभूमि: पिता रहे चुके हैं विधायक बताया जा रहा है कि जय साहू के पिता धनीराम साहू वर्ष 1977 में कसडोल विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। उन्होंने जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर तत्कालीन मध्यप्रदेश सरकार में राज्य मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई थी। संवेदनशील मामला: सच्चाई सामने आने का इंतजार यह मामला फिलहाल संवेदनशील बना हुआ है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सकेगी।

चलती बाराती बस में लगी भीषण आग, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट का अंदेशा

बालोद. शादियों के सीजन के बीच सड़क दुर्घटनाएं भी सामने आ रहीं हैं. बालोद जिले में भी उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सड़क के बीच बाराती बस में अचानक आग लग गई. घटना से मौजूद बारातियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. देखते ही देखते बस में पूरी तरह आग लग गई. जानकारी के मुताबिक, शर्मा ट्रेवल्स (CG 07 E 1171) की बस बारातियों को कांकेर जिले के अरौद गांव से लेकर बालोद जिले के बड़गांव आ रही थी. जैसे ही बस पुरुर थाना क्षेत्र के जगतरा मंदिर के पास पहुंची अचानक आग लग गई. गनीमत रही कि बस में मौजूद लोगों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, जिससे जनहानि होने से टल गई. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल आग कैसे लगी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है. हालांकि शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है.

विश्व मलेरिया दिवस पर बड़ी पहल: पीएमएसएमए के तहत 480+ गर्भवती महिलाओं की हुई मलेरिया जांच

विश्व मलेरिया दिवस पर बड़ी पहल: पीएमएसएमए के तहत 480+ गर्भवती महिलाओं की हुई मलेरिया जांच मनेन्द्रगढ़/एमसीबी विश्व मलेरिया दिवस (25 अप्रैल) के अवसर पर जिले में स्वास्थ्य विभाग ने एक सराहनीय और व्यापक अभियान चलाते हुए गर्भवती महिलाओं की मलेरिया जांच सुनिश्चित की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत यह विशेष पहल की गई, जिसका उद्देश्य हर गर्भवती महिला तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से समय रहते बचाव करना था। अभियान के तहत जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप-स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाली प्रत्येक गर्भवती महिला की अनिवार्य रूप से मलेरिया जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रणनीति बनाकर यह सुनिश्चित किया कि कोई भी महिला जांच से वंचित न रह जाए, विशेषकर वे महिलाएं जो पहले किसी कारणवश जांच नहीं करा पाई थीं। इस दौरान जिले में कुल 480 से अधिक गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई। विकासखंडवार आंकड़ों में खड़गवां में 101, भरतपुर में 118 और मनेन्द्रगढ़ में सर्वाधिक 266 महिलाओं की जांच की गई। राहत की बात यह रही कि सभी जांच रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुईं, जो जिले में मलेरिया नियंत्रण की मजबूत स्थिति को दर्शाती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान मलेरिया संक्रमण मां और शिशु दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे में समय पर जांच और उपचार अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से पीएमएसएमए दिवस पर 100 प्रतिशत जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया, जिसे सफलतापूर्वक हासिल किया गया। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने गर्भवती महिलाओं को मलेरिया से बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया। उन्हें नियमित रूप से मच्छरदानी के उपयोग, साफ-सफाई बनाए रखने, पानी के ठहराव को रोकने और किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी गई। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मलेरिया उन्मूलन में सक्रिय सहयोग दें और अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखें। “मलेरिया मुक्त जिला स्वस्थ मां, सुरक्षित भविष्य” के संकल्प के साथ स्वास्थ्य विभाग लगातार जागरूकता, रोकथाम और समयबद्ध जांच के जरिए जिले को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।

भीषण गर्मी में ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत: भरतपुर के कई गाँवों में खराब हैंडपंप हुए दुरुस्त

भीषण गर्मी में ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत: भरतपुर के कई गाँवों में खराब हैंडपंप हुए दुरुस्त मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और गहराते जल संकट के बीच लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) ने पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए कमर कस ली है। प्रशासन की सक्रियता से ग्रामीण क्षेत्रों में बंद पड़े हैंडपंपों को युद्ध स्तर पर सुधारा जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। इन गाँवों में हुआ त्वरित सुधार विभागीय टीम ने हाल ही में विकासखंड भरतपुर के ग्राम पंचायत घाघरा, बेला और लरकोडा का दौरा किया। यहाँ लंबे समय से खराब और बंद पड़े हैंडपंपों का न केवल निरीक्षण किया गया, बल्कि मौके पर ही उनकी मरम्मत कर उन्हें दोबारा चालू किया गया। प्राथमिकता पर पेयजल आपूर्ति भीषण गर्मी की तीव्रता को देखते हुए प्रशासन ने खराब हैंडपंपों को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने के निर्देश दिए है। (PHE) विभाग की इस मुस्तैदी से ग्रामीणों को अब स्वच्छ पेयजल के लिए दूर नहीं भटकना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना की है। जिलेभर में अभियान जारी प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिले के अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी हैंडपंप सुधार का कार्य निरंतर प्रगति पर है। विभाग का लक्ष्य है कि इस भीषण तपिश में किसी भी ग्रामीण को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े।

ज्ञान भारतम् अभियान: एमसीबी जिले में पांडुलिपि सर्वे शुरू, 1850 की दुर्लभ हस्तलिखित धरोहर का डिजिटलीकरण

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में प्राचीन पांडुलिपियों (हस्तलिखित ग्रंथों) के संरक्षण हेतु व्यापक सर्वे अभियान प्रारंभ कर दिया गया है। इस पहल के तहत तीन मास्टर ट्रेनर एवं 137 सर्वेक्षकों की नियुक्ति कर सभी ग्राम पंचायतों में सर्वे कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने जिला स्तरीय समिति का गठन करते हुए सभी सर्वेक्षकों की ऑनलाइन बैठक ली। उन्होंने अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सर्वे के दौरान कम से कम 60–70 वर्ष या उससे अधिक प्राचीन हस्तलिखित ग्रंथों की पहचान की जाएगी। ऐसे ग्रंथ पुस्तकालयों, मंदिरों एवं निजी संग्रहों में विशेष रूप से मिल सकते हैं, खासकर उन परिवारों में जहां पीढ़ियों से पुरानी धरोहरें सुरक्षित रखी गई हैं। इसी क्रम में चिरमिरी निवासी व्याख्याता प्रदीप कुमार बेहरा के निवास पर विशेष पहल की गई। यहां ज्ञान भारतम् अभियान के जिला नोडल अधिकारी डॉ. विनोद पांडेय, चिरमिरी नगर निगम के महापौर रामनरेश राय एवं रितेश श्रीवास्तव की उपस्थिति में लगभग वर्ष 1850 की उड़िया भाषा की 6 दुर्लभ पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने श्री बेहरा के द्वारा संरक्षित इस अमूल्य विरासत की सराहना की। महापौर ने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने पास उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों की जानकारी देकर इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें। वहीं कलेक्टर ने भी पांडुलिपि संरक्षण के लिए श्री बेहरा को बधाई देते हुए इसे सांस्कृतिक धरोहर बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

Census 2026: 1 मई से सर्वे में बदला पैटर्न, अब लाइफस्टाइल और खान-पान पर भी पूछे जाएंगे सवाल

राजनांदगांव. वर्ष 2011 के बाद पूरे देशभर में जनगणना कार्य शुरू हो गया है। एक मई से प्रगणक घर घर जाकर 33 बिन्दुओं में लोगों से जानकारी लेगें। इसमें रहने, खाने और लाइफ स्टाइल की जानकारी मांगी जाएगी। स्मार्ट फोन व घर के फर्श में उपयोग होने वाले सभी बिन्दुओं की जानकारी इस बार ली जाएगी। राज्य के गृह मंत्रालय ने जनगणना के लिए निर्देश जारी कर दिए है। जिसके तहत 33 बिन्दुओ के अंदर लोगों को जानकारी मांगी जाएगी। जिसमें लोगों के रहने, खाने, मनोरंजन, इंटरनेट व कौन से अनाज खा रहे सहित मोबाइल नंबर मांगे जाएंगे। बहरहाल जनगणना के पहले चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जानकारी अनुसार वर्ष 2011 में जनगणना होने के बाद दुबारा सर्वे नही हो पाया था । प्रत्येक दस साल में होने वाला जनगणना कार्य अब होने जा रहा हैं। इसकी तैयारी वर्ष 2025 के अंतिम माह से शुरू हो गई है। गृह मंत्रालय द्वारा इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई हैं। जिसमें 33 बिन्दु निर्धारित किए गए है प्रक्रियाः पूरी तरह से पेपरलेस, डिजिटल डेटा संग्रह मोबाइल ऐप के माध्यम से होगा। ये प्रश्न पूछे जाएंगे जनगणना में 1. भवन नंबर (नगर या स्थानीय प्राधिकरण अथवा जनगणना नंबर ) 2. जनगणना मकान नंबर 3. मकान के फर्श में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री 4. मकान के दीवार में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री 5. मकान के छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री 6. मकान के उपयोग 7. मकान की हालत 8. परिवार की जानकारी 9 परिवार में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या 10. परिवार के मुखिया का नाम 11. परिवार के मुखिया का लिंग 12. क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य से संबन्धित है 13. मकान के स्वामित्व की स्थिति 14. परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या 15. परिवार में रहने वाले विवाहित दंपत्तियों की संख्या 16. पेयजल का मुख्य स्रोत 17. पेयजल स्रोत की उपलब्धता 18. प्रकाश का मुख्य स्रोत 19. शौचालय की सुलभता 20. शौचालय का प्रकार 21. गंदे पानी की निकासी 22. बाथरूम की चाबियों की उपलब्धता 23. रसोई घर और एलपीजी, पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, 24. खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईधन 25. रेडियो ट्रांजिस्टर 26. टेलिविजन 27. इंटरनेट सुविधा 28 लैपटॉप कम्प्यूटर 29. टेलीफोन, मोबाइल फोन, स्मार्ट फोन 30. साइकिल, स्कूटर, मोटर साइकिल, मोपेड 31. कार, जीप, वैन 32. परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाले मुख्य अनाज 33. मोबाइल नंबर की जानकारी देनी होगी। चार सहायक उप निरीक्षकों को उप निरीक्षक पद पर पदोन्नति भिलाईनगर। दुर्ग जिला में पदस्थ सहायक उप निरीक्षकों गोरख नाथ चौधरी, पूर्ण बहादुर कांकी, चन्द्रशेखर सोनी व केशव दयाल तिवारी को उप निरीक्षक पद पर पदोन्नत किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल ने पदोन्नत अधिकारियों को स्टार लगा कर शुभकामनाएं दी तथा नई जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, अनुशासन एवं जनोन्मुख पुलिसिंग के साथ करने के लिए प्रेरित किया गया। पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों ने अपने दायित्वों के प्रति समर्पण दोहराते हुए कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं आमजन की सुरक्षा के प्रति और अधिक प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया गया।