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पूर्व CM का महिला IAS अधिकारी के साथ वीडियो वायरल, कांग्रेस ने SP ऑफिस के बाहर किया विरोध प्रदर्शन

रायपुर  छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और निलंबित आईएएस अधिकारी सौम्या चौरसिया से जुड़ा एक कथित AI जनित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस ने इसे गंभीर साजिश और चरित्र हनन का मामला बताते हुए मोर्चा खोल दिया है। दुर्ग, भिलाई और ग्रामीण कांग्रेस नेताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और दोषियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की है। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो इंस्टाग्राम पर एक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया गया, जिसमें भूपेश बघेल और सौम्या चौरसिया को कथित रूप से निजी संबंधों में दिखाया गया है। वीडियो में दोनों को बाइक पर घूमते, साथ समय बिताते और धूम्रपान करते हुए दर्शाया गया है।  कांग्रेस का आरोप है कि यह पूरा वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य पूर्व मुख्यमंत्री की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाना है। गौरतलब है कि भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान सौम्या चौरसिया उनकी सचिव रह चुकी हैं। इसी वजह से इस वीडियो ने राजनीतिक हलकों में और अधिक चर्चा पैदा कर दी है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति की छवि खराब करने का प्रयास नहीं, बल्कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत विपक्ष को बदनाम करने की सुनियोजित कोशिश है। दुर्ग जिला कांग्रेस, भिलाई कांग्रेस और ग्रामीण कांग्रेस के पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि जब भाजपा से जुड़े लोग शिकायत करते हैं तो तत्काल कार्रवाई होती है, लेकिन कांग्रेस नेताओं के मामले में प्रशासन चुप्पी साध लेता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि दो दिनों के भीतर FIR दर्ज नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीण दुर्ग कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस तरह की अश्लील और भ्रामक सामग्री लगातार फैलाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थित कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फर्जी कंटेंट के जरिए कांग्रेस नेताओं की छवि खराब करने में लगे हुए हैं। उनका कहना है कि बिना किसी प्रमाण के किसी व्यक्ति के खिलाफ इस तरह का वीडियो जारी करना न केवल अनैतिक है, बल्कि उसके परिवार और सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। पुलिस अधीक्षक ने मामले में जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि कांग्रेस कार्यकर्ता इस बार केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं दिख रहे। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह मामला सड़क से लेकर सदन तक गूंजेगा। AI तकनीक के बढ़ते दुरुपयोग ने अब राजनीति को भी अपनी चपेट में ले लिया है। सवाल केवल एक वीडियो का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादा, व्यक्तिगत सम्मान और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग का है। आने वाले दिनों में यह विवाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में और बड़ा रूप ले सकता है।  

नक्सलमुक्त जिले में बदली तस्वीर, जगरगुंडा में पुलिस की वापसी से फिर बसने लगी जिंदगी

सुकमा. कभी शाम होते ही बंद हो जाने वाला जगरगुंडा अब रात में भी जाग रहा है। दो दशकों तक भय के साए में जीने वाला इलाका अब बदलता नजर आ रहा है। सड़कों के निर्माण से बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा से संपर्क आसान हुआ है। बाजारों में फिर से चहल-पहल लौटने लगी है। कभी इमली मंडी के लिए मशहूर क्षेत्र फिर व्यापार की राह पकड़ रहा है। महुआ, इमली और चिरौंजी का कारोबार दोबारा गति पकड़ रहा है। जनवरी 2026 में वर्षों बाद बैंक शाखा खुलना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सैकड़ों ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ चुके हैं। अब लोग पैसे निकालने दूर-दराज नहीं जा रहे। रात में भी लोगों का बेखौफ बाहर निकलना बदलाव का संकेत है। हालांकि नेटवर्क और अधूरी सड़कें अब भी चुनौती बनी हुई हैं। जगरगुंडा अब खौफ नहीं, विकास की नई कहानी लिख रहा है। नक्सलमुक्त जिले में पुलिस लौटी खाकी पहचान में कोंडागांव को नक्सलमुक्त घोषित किए जाने के बाद बड़ा बदलाव दिखा है। जिला पुलिस ने ड्यूटी में पारंपरिक खाकी वर्दी पहनने के निर्देश दिए हैं। पहले संवेदनशील इलाकों में कैमफ्लाज वर्दी का उपयोग किया जाता था। यह वर्दी ऑपरेशन और सुरक्षा जरूरतों के लिहाज से जरूरी थी। अब फोकस कानून व्यवस्था और जनसेवा पर केंद्रित किया गया है। खाकी वर्दी से पुलिस आमजन के बीच अधिक सहज दिखेगी। जनता और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत होने की उम्मीद है। पहचानने योग्य पुलिसिंग से पारदर्शिता भी बढ़ेगी। अधिकारियों ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है। सूचना या शिकायत पर नजदीकी थाने से संपर्क करने कहा गया है। यह बदलाव शांति और सामान्य हालात का प्रतीक माना जा रहा है। कोंडागांव अब सुरक्षा से विकास की ओर कदम बढ़ा रहा है।

यूथ फेस्ट-2026: सौरभ द्विवेदी का संदेश—फिटनेस, पॉजिटिविटी और परिवार का साथ

यूथ फेस्ट-2026: सौरभ द्विवेदी का मंत्र—फिट रहें, पॉजिटिव सोचें, परिवार संग आगे बढ़ें संस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य,स्टार्टअप, एजुकेशन एवं स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप की रही धूम रायपुर  जिले में आयोजित “यूथ फेस्ट-2026” के अंतर्गत आज शाम एक विशेष प्रेरक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें देश के वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं, विशेषकर छात्र-छात्राओं एवं महिलाओं को जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों पर केंद्रित रहते हुए आगे बढ़ने का संदेश दिया।    गौरतलब है कि “यूथ फेस्ट-2026” के तहत बीते दो दिनों 24-25  को जिले के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में विभिन्न रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य प्रस्तुतियां, स्टार्टअप, एजुकेशन एवं स्किल डेवलपमेंट से संबंधित वर्कशॉप, फूड स्टॉल्स, कला एवं संस्कृति से जुड़ी प्रदर्शनियां तथा युवाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करने वाले अनेक कार्यक्रम शामिल रहे। अंतिम दिवस पर दायरा बैंड (जादू बस्तर) की प्रस्तुति ने आयोजन में सांस्कृतिक रंग भर दिए और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।    अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि आज के बदलते दौर में निरंतर सीखना, स्वयं को अपडेट रखना और सकारात्मक सोच बनाए रखना ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने विशेष रूप से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य (मेंटल हेल्थ) के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस समय में संतुलित जीवनशैली अपनाना अत्यंत आवश्यक है।   सौरभ द्विवेदी ने युवाओं से कहा कि वे बाहरी दुनिया की अनावश्यक आलोचनाओं और भ्रामक बातों से प्रभावित न हों, बल्कि अपने मन की सुनें और परिवार की सलाह को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि परिवार ही व्यक्ति का सबसे बड़ा शुभचिंतक होता है, इसलिए अपने माता-पिता, बहनों और परिवारजनों की चिंता करना और उनका ख्याल रखना हर युवा का दायित्व है।   महिलाओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि “विकसित भारत” के निर्माण में माताओं और बहनों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब महिलाएं घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं, तब समाज और देश की प्रगति को नई गति मिलती है। उन्होंने महिलाओं को घर और कार्य के बीच संतुलन बनाते हुए अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की भी सलाह दी।   उन्होंने युवाओं, महिलाओं एवं बच्चों को अनावश्यक विज्ञापनों और भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने का संदेश देते हुए कहा कि सही जानकारी, जागरूकता और विवेकपूर्ण निर्णय ही उन्हें सशक्त बनाएंगे। साथ ही उन्होंने सभी से प्रतिदिन कुछ नया सीखने और अपने कौशल को निरंतर निखारने का आह्वान किया। आयोजन के लिए    कार्यक्रम में  महापौर श्री रामू रोह कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा डीएफओ श्री कृष्ण जाधव एवं शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धमतरी के प्राचार्य श्री विनोद पाठक सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक, गणमान्य नागरिक, मीडिया प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।     युवा फेस्ट-2026 का यह आयोजन युवाओं के सर्वांगीण विकास, उनकी रचनात्मकता को मंच देने और उन्हें सकारात्मक दिशा में प्रेरित करने की दृष्टि से अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।      महापौर श्री रामू रोहरा ने युवा फेस्ट-2026 विभिन्न  प्रतियोगिता में विजय प्रतिभागियों को ट्राफी और प्रशस्ति  पत्र देकर सम्मानित किया ।

सामाजिक समरसता का उत्सव बना सामूहिक विवाह, मुख्यमंत्री ने 13 जोड़ों को दिया आशीर्वाद

रायपुर दुर्ग जिले के ग्राम भरर (जामगांव-आर) में आयोजित तहसील स्तरीय विशाल कर्मा महोत्सव एवं सामूहिक आदर्श विवाह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और परंपरा का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा, जहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सहभागिता करते हुए 13 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखमय दांपत्य जीवन एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने साहू समाज भवन पाटन में शेड निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही ग्राम भरर पंचायत में शौचालय एवं शेड निर्माण तथा ग्राम पंचायत में सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने साहू समाज को छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और गौरवशाली समाज बताते हुए माता कर्मा के योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उन्होंने कहा कि माता कर्मा की भक्ति और सेवा भावना समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रही है। इस दौरान उन्होंने स्वर्गीय ताराचंद साहू को भी नमन किया और उनके साथ कार्य करने के अपने अनुभव साझा किए। राज्य सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले 28 महीनों में राज्य में सुशासन स्थापित करने के साथ-साथ “मोदी की गारंटी” को पूरा करने की दिशा में ठोस कार्य किए गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि राज्य में 18 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। किसानों को बकाया बोनस राशि का भुगतान, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी तथा “महतारी वंदन योजना” के माध्यम से महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं और सिलाई-कढ़ाई, किराना दुकान सहित अन्य छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा  कि “रामलला दर्शन योजना” के अंतर्गत दो वर्षों में लगभग 42 हजार लोगों को लाभ मिला है । उन्होंने बस्तर क्षेत्र में नक्सल समस्या के उन्मूलन और विकास कार्यों में आई तेजी को राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। ऊर्जा क्षेत्र की पहल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 की शुरुआत मार्च 2026 में की गई है, जो उन उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जिनका बिजली बिल लंबे समय से बकाया है। “मोर बिजली ऐप” के माध्यम से उपभोक्ता मोबाइल से ऑनलाइन पंजीकरण कर अपनी पात्रता की जांच कर सकते हैं। इस योजना के तहत बकाया राशि पर लगने वाले ब्याज या सरचार्ज में 100 प्रतिशत छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में अटल डिजिटल केंद्र खोलकर डिजिटल सेवाओं को सुलभ बनाया जा रहा है, जबकि प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। राज्य में सुशासन को सुदृढ़ करने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं, जिससे विकास कार्यों में तेजी आई है। इस अवसर पर सांसद विजय बघेल, कमिश्नर सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर अभिजीत सिंह, अध्यक्ष जिला साहू संघ नंदलाल साहू, अध्यक्ष तेलघानी बोर्ड जितेन्द्र साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिकगण उपस्थित थे।

संस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य,स्टार्टअप, एजुकेशन एवं स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप की रही धूम

रायपुर जिले में आयोजित “यूथ फेस्ट-2026” के अंतर्गत आज शाम एक विशेष प्रेरक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें देश के वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं, विशेषकर छात्र-छात्राओं एवं महिलाओं को जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों पर केंद्रित रहते हुए आगे बढ़ने का संदेश दिया। गौरतलब है कि “यूथ फेस्ट-2026” के तहत बीते दो दिनों 24-25  को जिले के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में विभिन्न रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य प्रस्तुतियां, स्टार्टअप, एजुकेशन एवं स्किल डेवलपमेंट से संबंधित वर्कशॉप, फूड स्टॉल्स, कला एवं संस्कृति से जुड़ी प्रदर्शनियां तथा युवाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करने वाले अनेक कार्यक्रम शामिल रहे। अंतिम दिवस पर दायरा बैंड (जादू बस्तर) की प्रस्तुति ने आयोजन में सांस्कृतिक रंग भर दिए और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि आज के बदलते दौर में निरंतर सीखना, स्वयं को अपडेट रखना और सकारात्मक सोच बनाए रखना ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने विशेष रूप से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य (मेंटल हेल्थ) के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस समय में संतुलित जीवनशैली अपनाना अत्यंत आवश्यक है। सौरभ द्विवेदी ने युवाओं से कहा कि वे बाहरी दुनिया की अनावश्यक आलोचनाओं और भ्रामक बातों से प्रभावित न हों, बल्कि अपने मन की सुनें और परिवार की सलाह को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि परिवार ही व्यक्ति का सबसे बड़ा शुभचिंतक होता है, इसलिए अपने माता-पिता, बहनों और परिवारजनों की चिंता करना और उनका ख्याल रखना हर युवा का दायित्व है। महिलाओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि “विकसित भारत” के निर्माण में माताओं और बहनों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब महिलाएं घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं, तब समाज और देश की प्रगति को नई गति मिलती है। उन्होंने महिलाओं को घर और कार्य के बीच संतुलन बनाते हुए अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की भी सलाह दी। उन्होंने युवाओं, महिलाओं एवं बच्चों को अनावश्यक विज्ञापनों और भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने का संदेश देते हुए कहा कि सही जानकारी, जागरूकता और विवेकपूर्ण निर्णय ही उन्हें सशक्त बनाएंगे। साथ ही उन्होंने सभी से प्रतिदिन कुछ नया सीखने और अपने कौशल को निरंतर निखारने का आह्वान किया। आयोजन के लिए कार्यक्रम में  महापौर  रामू रोह कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा डीएफओ  कृष्ण जाधव एवं शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धमतरी के प्राचार्य  विनोद पाठक सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक, गणमान्य नागरिक, मीडिया प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।  युवा फेस्ट-2026 का यह आयोजन युवाओं के सर्वांगीण विकास, उनकी रचनात्मकता को मंच देने और उन्हें सकारात्मक दिशा में प्रेरित करने की दृष्टि से अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।     महापौर  रामू रोहरा ने युवा फेस्ट-2026 विभिन्न  प्रतियोगिता में विजय प्रतिभागियों को ट्राफी और प्रशस्ति  पत्र देकर सम्मानित किया ।

स्थानीय विलुप्ति से लेकर लगभग 200 की संख्या तक पहुँचे काले हिरण : ‘मन की बात’ में मिली राष्ट्रीय पहचान

रायपुर यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के आज के प्रसारण में छत्तीसगढ़ के काले हिरण के संरक्षण प्रयासों का उल्लेख करते हुए  सराहना की। इसने न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान को सुदृढ़ किया है, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे लोगों का मनोबल भी बढ़ाया है। इस उल्लेख से राज्य की पर्यावरणीय पहल राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से सामने आई हैं और बारनवापारा अभयारण्य को नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में 'मन की बात' कार्यक्रम की 133वी कड़ी के श्रवण के बाद यह बात कही। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित, लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य आज वन्यजीव संरक्षण की एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में उभरा है। एक समय ऐसा था जब यह अभयारण्य अपने प्रमुख वन्यजीव – काले हिरण – से लगभग खाली हो चुका था। लेकिन अब यही क्षेत्र करीब 200 काले हिरणों (ब्लैकबक) का सुरक्षित आवास बन गया है। यह उपलब्धि योजनाबद्ध प्रयास, वैज्ञानिक प्रबंधन और निरंतर निगरानी का परिणाम है। बारनवापारा के खुले घास के मैदानों में काले हिरणों (Antilope cervicapra) की सक्रिय मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि लंबे समय बाद भी किसी प्रजाति को उसके प्राकृतिक परिवेश में पुनर्स्थापित किया जा सकता है। जो क्षेत्र कभी सूना हो गया था, वह अब पुनर्जीवन की एक सशक्त कहानी प्रस्तुत कर रहा है। छत्तीसगढ़ में इस उपलब्धि तक पहुंचने की प्रक्रिया लंबी और चुनौतीपूर्ण रही है। 1970 के दशक के बाद अतिक्रमण और प्राकृतिक आवास के नुकसान के कारण काले हिरण इस क्षेत्र से लगभग समाप्त हो गए थे और करीब पांच दशकों तक यहां स्थानीय रूप से विलुप्त रहे। अप्रैल 2018 में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड की नौवीं बैठक में पुनर्स्थापन योजना को स्वीकृति मिलने के बाद स्थिति में बदलाव आया। इसके बाद एक सुविचारित योजना के तहत काले हिरणों को फिर से बसाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी प्रयास के परिणामस्वरूप उनकी संख्या बढ़कर लगभग 200 तक पहुंची और इस सफलता को रविवार को प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी उल्लेखित किया गया। संरक्षण के शुरुआती चरण में कई चुनौतियां सामने आईं। वन अधिकारियों के अनुसार, निमोनिया के कारण लगभग आठ काले हिरणों की मृत्यु हुई, जिसके बाद प्रबंधन प्रणाली में सुधार किए गए। बाड़ों में मजबूत सतह के लिए रेत की परत बिछाई गई, जलभराव रोकने के लिए उचित निकासी व्यवस्था विकसित की गई, अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाया गया और एक समर्पित पशु चिकित्सक की नियुक्ति की गई। इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप काले हिरणों की आबादी पहले स्थिर हुई और फिर धीरे-धीरे बढ़ने लगी। बेहतर पोषण, नियमित निगरानी और अनुकूल वातावरण के कारण आज इनकी संख्या लगभग 200 तक पहुंच चुकी है। यह इस बात का संकेत है कि ये अपने नए परिवेश में सफलतापूर्वक अनुकूलित हो चुके हैं और भविष्य में इन्हें खुले जंगल में छोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है। काले हिरण के बारे में: काला हिरण (ब्लैकबक) भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला एक संकटग्रस्त मृग है। नर काले हिरण का रंग गहरा भूरा से काला होता है, उसके लंबे सर्पिलाकार सींग होते हैं और शरीर का निचला भाग सफेद होता है। मादा काले हिरण हल्के भूरे रंग की होती हैं और सामान्यतः उनके सींग नहीं होते। यह प्रजाति खुले घास के मैदानों में पाई जाती है और दिन के समय सक्रिय रहती है। इसका मुख्य आहार घास और छोटे पौधे होते हैं। इनकी ऊंचाई लगभग 74 से 84 सेंटीमीटर होती है। नर का वजन 20 से 57 किलोग्राम के बीच और मादाओं का 20 से 33 किलोग्राम तक होता है। नर काले हिरण की सर्पिलाकार सींगें, जो लगभग 75 सेंटीमीटर तक लंबी हो सकती हैं, इन्हें आसानी से पहचानने योग्य बनाती हैं।

24 घंटे में 41.75 करोड़ की शराब बिकी छत्तीसगढ़ में, राजस्व में 23% की जबरदस्त बढ़ोतरी

रायपुर नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही आबकारी विभाग के खजाने में धनवर्षा हो रही है। बढ़ती गर्मी और उमस के बीच प्रदेश में शराब की खपत ने पिछले सभी रिकार्ड ध्वस्त कर दिए हैं। हाल ही में जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार बीते 22 अप्रैल को प्रदेशवासियों ने महज 24 घंटे के भीतर 41 करोड़ 75 लाख रुपए से अधिक की शराब खाली कर दी। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 23.3 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्शाता है। बिक्री के आंकड़ों में राजधानी रायपुर एक बार फिर शीर्ष पर रहा है। अकेले रायपुर जिले में एक दिन में 7.39 करोड़ रुपए की शराब बिकी। औद्योगिक नगरी दुर्ग 5.09 करोड़ रुपए के साथ दूसरे और न्यायधानी बिलासपुर 3.71 करोड़ रुपए की खपत के साथ तीसरे स्थान पर रही। बड़े शहरों में शराब की यह मांग लंबे समय से बरकरार है, लेकिन इस साल के आंकड़ों ने विशेषज्ञों को भी चौंका दिया है। कोरिया और सुकमा में रिकार्ड बढ़ोत्तरी रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला पहलू छोटे और दूरस्थ जिलों से सामने आया है। विकास की दौड़ में पीछे माने जाने वाले इन जिलों में शराब की खपत की रफ्तार मेट्रो शहरों से भी तेज है। कोरिया जिले में पिछले वर्ष की तुलना में 78.4 प्रतिशत की सर्वाधिक वृद्धि हुई है। वहीं, माओवाद प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद सुकमा में 74 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी और सूरजपुर में बिक्री में 65.9 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है। हालांकि, नारायणपुर और बीजापुर जैसे अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंच सीमित होने के कारण बिक्री में गिरावट देखी गई है। अप्रैल में आठ अरब के पार पहुंचा कारोबार नया वित्तीय वर्ष शुरू हुए अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन 22 अप्रैल तक के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में आठ अरब 66 करोड़ रुपए से अधिक की शराब बेची जा चुकी है। यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में अब घर खरीदना हुआ सस्ता, रजिस्ट्री पर लगने वाला सेस खत्म, मंगलवार से लागू होंगी नई दरें बिक्री बढ़ने के मुख्य कारण  एक अप्रैल से दुकानों पर कई नए विदेशी और देशी ब्रांड उपलब्ध कराए गए हैं। भीषण गर्मी को भी बीयर और शराब की बढ़ती मांग का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन ने भी खपत को बल दिया है। आबकारी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही प्रवृत्ति जारी रही, तो चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक राजस्व प्राप्ति के सभी पुराने कीर्तिमान धराशायी हो सकते हैं।  

Durg में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, वाहन चोरी गैंग के 5 सदस्य दबोचे गए

भिलाई नगर. दोपहिया वाहन चोरी करने वाले संगठित गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोपियों की निशानदेही पर 5 स्प्लेण्डर एवं 1 एक्टिवा सहित कुल 6 चोरी के वाहन बरामद कर जब्त किया है। ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि प्रार्थी सुखदेव पाण्डेय निवासी मदर टेरेसा नगर कैम्प- 01 ने 1 जनवरी को थाना सुपेला में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि 25 दिसंबर 2025 को नेहरू नगर अटल प्रतिमा के पास से उसकी मोटर साइकिल स्प्लेण्डर अज्ञात आरोपी चोरी कर ली थी। प्रकरण में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। विवेचना के दौरान 24 अप्रैल को मुखबिर सूचना पर लक्ष्मी नगर सुपेला क्षेत्र से संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों हर्ष साहू, गजानंद यादव, देवेन्द्र यादव, अजय पटेल व एक नाबालिग ने संगठित होकर अलग-अलग स्थानों से वाहन चोरी करना स्वीकार किया गया। आरोपियों की निशानदेही पर भिलाई नगर रेलवे स्टेशन गौठान के पास झाड़ियों से चोरी के 6 दोपहिया वाहन बरामद कर जब्त किए गए।

अंतर्राष्ट्रीय गोल्फ खिलाड़ी ‘इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ से सम्मानित

रायपुर अम्बिकापुर की प्रतिभाशाली गोल्फ खिलाड़ी शिवानी सोनी ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सर्वाधिक अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली छत्तीसगढ़ की पहली महिला खिलाड़ी के रूप में शिवानी को ‘इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ द्वारा सम्मानित किया गया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने उनसे भेंट कर उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि जब बेटियाँ अपनी मेहनत और प्रतिभा से सफलता के नए आयाम स्थापित करती हैं, तो पूरा समाज गर्व महसूस करता है। शिवानी सोनी की उपलब्धि न केवल युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभा का वैश्विक मंच पर सशक्त प्रमाण भी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और ऐसे खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर शिवानी सोनी ने भी मंत्री  अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश और देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलना गर्व की बात है और वह आगे भी बेहतर प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करने के लिए पूरी मेहनत करेंगी।  शिवानी की इस उपलब्धि से अम्बिकापुर सहित पूरे प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है तथा यह सफलता आने वाली पीढ़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

Anil Tuteja की जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा— सबूतों से छेड़छाड़ का खतरा

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने कोरबा जिले के डिस्टि्रक्ट मिनरल फंड से जुड़े फंड के इस्तेमाल में भ्रष्टाचार के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा की तुरंत जमानत दिए जाने पेश आवेदन को खारिज कर दिया, कोर्ट ने कहा कि जुर्म की गंभीरता, आवेदक की भूमिका और गवाहों को प्रभावित करने में आवेदक की स्थिति पर गौर किया गया, क्योंकि वह डिपार्टमेंट में सीनियर ऑफिसर था और सप्लायर्स के साथ मिलकर बहुत सारा पब्लिक फंड हड़पा है. आर्थिक अपराध जानबूझकर और सोच-समझकर किया जाता है, जिसमें निजी फ़ायदे को ध्यान में रखा जाता है, चाहे समुदाय पर इसका कोई भी नतीजा हो, जिससे समुदाय का भरोसा और आस्था खत्म हो जाती है और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय हित को नुकसान होता है. मामले की सुनवाई जस्टिस नरेन्द्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच में हुई. ईओडब्ल्यू एवं एसीबी ने कोरबा जिले में डीएमएफ फंड घोटाला मामले में तत्कालीन इंडस्ट्रीयल डिपोर्टमेंट के एडिशनल सिक्रेटरी अनिल टुटेजा को 23 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल दाखिल किया है. जेल में बंद अधिकारी ने हाईकोर्ट में स्थाई जमानत दिए जाने आवेदन दिया था. आवेदन में सह आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत दिए जाने, मामले की सुनवाई में विलंब के आधार पर जमानत की मांग की गई थी. आवेदन पर जस्टिस नरेन्द्र कुमार व्यास की कोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आदेश में कहा करप्शन एक्ट, 1988 की धारा 7 और 12 के तहत अपराध करने में आवेदक की संलिप्तता साबित करते हैं. केस डायरी को और देखने पर, यह साफ़ पता चलता है कि सतपाल सिह छाबड़ा को उन फर्मों से गैर-कानूनी कमीशन के तौर पर 16 करोड़ रुपये मिले हैं. इसमें से आवेदक को पेमेंट किया गया है, इसलिए पहली नज़र में, आवेदक के इस अपराध में शामिल होने से इनकार नहीं किया जा सकता. आवेदक ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करके प्राइवेट कंपनियों द्बारा पब्लिक फंड का गलत इस्तेमाल किया है, जिससे पब्लिक के हित को बहुत नुकसान हुआ है. सतपाल सिह छाबड़ा के 18.02.2025 को पुलिस के सामने दिए गए बयान में लगाए गए आरोपों के बारे में सच्चाई सामने लाने के लिए, आवेदक की कस्टडी ज़रूरी है. आवेदक का यह भी कहना है कि दूसरे सह-आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिल गई है, इसलिए, मौजूदा आवेदक को पैरिटी बेसिस पर ज़मानत दी जा सकती है. इस पर कहा कि केस के रिकॉर्ड से पता चलता है कि आरोपी दीपेश टांक 8 महीने से एक साल से ज़्यादा जेल में रहा, इसी तरह रानू साहू और सौम्या चौरसिया 2 साल से ज़्यादा जेल में रहे, जबकि आवेदक 23.02.2026 से यानी सिर्फ़ दो महीने जेल में रहा, इसलिए आवेदक इन आरोपियों के साथ पैरिटी का दावा नहीं कर सकता है. आवेदक का यह भी कहना है कि ट्रायल में ज़्यादा समय लग सकता है क्योंकि प्रॉसिक्यूशन को कई गवाहों से पूछताछ करनी है और चार्जशीट के साथ बहुत सारे डॉक्यूमेंट्स फाइल किए गए हैं. इस पाइंट पर कोर्ट ने कहा ट्रायल में देरी हमेशा आरोपी को बेल पर रिहा होने का कोई हक नहीं देती. कोर्ट को जुर्म की गंभीरता, एप्लीकेंट की भूमिका और गवाहों को प्रभावित करने में एप्लीकेंट की स्थिति पर गौर करना होगा, क्योंकि वह डिपार्टमेंट में सीनियर ऑफिसर था और एप्लीकेंट ने सप्लायर्स के साथ मिलकर बहुत सारा पब्लिक फंड हड़पा है. एप्लीकेंट पहले भी एक असरदार पद पर था, इस बात की बहुत ज़्यादा संभावना है कि अगर उसे इस कोर्ट ने बेल पर रिहा किया तो वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है, गवाहों को प्रभावित कर सकता है और जांच में रुकावट डाल सकता है. इसके साथ कोर्ट ने आरोपी की जमानत आवेदन को खारिज किया है.