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किसानों से जुड़े मुद्दों पर मंथन, समीक्षा बैठक में खाद-बीज और योजनाओं की स्थिति का आकलन

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी ने महासमुंद जिले के कृषि एवं समवर्गीय विभागों की समीक्षा बैठक लेकर खरीफ सीजन की तैयारियों, खाद-बीज की उपलब्धता और किसान हितैषी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक उप संचालक कृषि कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में चंद्रवंशी ने जिले की सभी सहकारी समितियों में किसानों के लिए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा निर्धारित दर पर वितरण व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विभागीय कार्ययोजना में किसानों के सुझावों और समस्याओं को शामिल कर शासन स्तर पर भेजने के निर्देश भी दिए। बैठक में ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत रासायनिक खेती के बजाय जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने, दलहन एवं तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने, किसानों को प्रशिक्षण देने तथा व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, सिंचाई, विपणन संघ, सहकारी बैंक और कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी एवं वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

सक्ती की दूरपती की सफलता की कहानी, बिहान योजना के सहारे सिलाई से कमाए 1.20 लाख रुपये

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की नई कहानियां गढ़ रहा है। इसी कड़ी में सक्ती जिले के ग्राम कुसुमझर की निवासी दूरपती सिदार को जनसमस्या निवारण शिविर में ‘लखपति दीदी’ के रूप में सम्मानित किया गया। ग्राम पंचायत खुरघटी में आयोजित समाधान शिविर में दूरपती को उनकी उपलब्धियों के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। आर्थिक तंगी से जूझ रहीं दूरपती ने स्व-सहायता समूह के माध्यम से प्राप्त आरएफ और सीआईएफ राशि से सिलाई मशीन खरीदी और अपना व्यवसाय शुरू किया। बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने बैंक से ऋण लेकर व्यवसाय का विस्तार किया। आज वह सिलाई कार्य के जरिए प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। उनकी इस सफलता ने उन्हें गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना दिया है। दूरपती सिदार का कहना है कि बिहान योजना ने उन्हें रोजगार के साथ आत्मविश्वास और सम्मान भी दिया है। अब वह परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

शिक्षा, संस्कार और सपनों की उड़ान ही बच्चों का अधिकार: अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर मंत्री राजवाड़े

रायपुर. अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और खुशहाल बचपन प्रदान करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बाल श्रम बच्चों के अधिकारों का हनन है, जो उनके शिक्षा, स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास के अवसरों को छीन लेता है। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। उनके हाथों में किताबें, खेल और रचनात्मक अवसर होने चाहिए, न कि श्रम का बोझ। किसी भी बच्चे से मजदूरी कराना उसके सपनों और संभावनाओं को सीमित करने के समान है। बाल श्रम केवल सामाजिक बुराई ही नहीं, बल्कि कानूनन दंडनीय अपराध भी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और संरक्षण का अधिकार दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बाल श्रम, बाल तस्करी और बच्चों के शोषण जैसी कुप्रथाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। लेकिन इस अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। राजवाड़े ने नागरिकों से आह्वान किया कि यदि किसी बच्चे से अवैध रूप से कार्य कराया जा रहा हो, उसे शिक्षा से वंचित रखा जा रहा हो अथवा उसके साथ किसी प्रकार का शोषण या दुर्व्यवहार हो रहा हो, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला एवं बाल विकास विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि एक संवेदनशील और जागरूक समाज ही बच्चों को सुरक्षित बचपन और उज्ज्वल भविष्य दे सकता है। आइए, हम सभी मिलकर यह संकल्प लें कि किसी भी बच्चे का बचपन श्रम में नहीं, बल्कि शिक्षा, सुरक्षा और अवसरों के साथ विकसित हो, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर देश और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।

सिनेमा बदल सकता है समाज की सोच, राज्यपाल डेका ने फिल्मों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण

फिल्में समाज को संदेश देने का सशक्त माध्यम- राज्यपाल डेका रायपुर,  फिल्में और डॉक्युमेंट्री केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज को जागरूक करने और सकारात्मक संदेश देने का एक प्रभावी साधन हैं। राज्यपाल रमेन डेका ने आज राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के सम्मान समारोह में उक्त बातें कही। यह कार्यक्रम रायपुर के एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम और संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।           राज्यपाल ने कहा कि आदिम युग से ही मनुष्य विभिन्न माध्यमों से अपने विचार और संदेश व्यक्त करता रहा है। समय के साथ नाटक, रेडियो, टेलीविजन और अब डिजिटल माध्यमों ने इस भूमिका को और व्यापक बनाया है। उन्होंने कहा कि पहले सिनेमा का मूल उद्देश्य केवल धन अर्जित करना नहीं था, बल्कि समाज को संदेश देना और जागरूक करना था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी भारतीय सिनेमा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।           राज्यपाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलता मिली है। फिल्म निर्माताओं को चाहिए कि अब वे बस्तर की समृद्ध संस्कृति से  देश और दुनिया  को परिचित कराएं। इससे क्षेत्र की सकारात्मक छवि को मजबूती मिलेगी।           राज्यपाल ने सद्गति, चरणदास चोर और देवदास जैसी फिल्मों और नाटकों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और जागरूकता लाने वाली फिल्मों की आज भी उतनी ही आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा की लोककलाओं, लोकगीतों, जनजातीय परंपराओं और पर्व-त्योहारों जैसे हमारे धरोहर को स्थायी रूप से संरक्षित करने का महत्वपूर्ण माध्यम डॉक्यूमेंट्री फिल्में हैं। उन्होंने कलाकारों से लोककला, लोकगीत, जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।            राज्यपाल ने कहा कि मोबाइल की बढ़ती लत आज गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है। बच्चे खेल के मैदानों से दूर हो रहे हैं और उनकी रचनात्मकता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कलाकारों  से आग्रह किया कि वे नई पीढ़ी को कला, संगीत, नाटक और नृत्य जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए आगे आएं। इस अवसर पर राज्यपाल ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त डॉक्युमेंट्री फिल्मों छत्तीसगढ़ के भीम दाऊ चिंताराम, हैप्पी बर्थडे और स्क्रीन के निर्माता-निर्देशकों को सम्मानित किया।           कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन संस्कृति विभाग के संचालक संजय कन्नौजे ने दिया। छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। आभार प्रदर्शन प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक मनोज वर्मा ने किया। कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, विभिन्न डॉक्युमेंट्री फिल्मों के निर्माता-निर्देशक कलाकार एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

‘बारह साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के’ संदेश के साथ सक्ती में आयोजित हुई मैराथन

सक्ती. कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में ‘बारह साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के’ थीम के तहत जिला प्रशासन तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग सक्ती द्वारा आज जिला मुख्यालय सक्ती में मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों में स्वास्थ्य, फिटनेस और जनभागीदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। मैराथन दौड़ का शुभारंभ सुबह 6:30 बजे सेजेस स्कूल सक्ती से हुआ। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर एवं जिला पंचायत सीईओ वाशु जैन की उपस्थिति में बड़ी संख्या में अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियो और नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक दौड़ में भाग लिया। निर्धारित मार्ग के अनुसार मैराथन सेजेस स्कूल से प्रारंभ होकर कचहरी चौक, गौरव पथ, बुधवारी बाजार, राजापारा चौक, शनि मंदिर चौक एवं मालखरौदा बस स्टैंड होते हुए पुनः सेजेस स्कूल पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। कार्यक्रम के दौरान सेजेस स्कूल परिसर में पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ वाशु जैन सहित विभिन्न अधिकारियों ने क्रिकेट खेलकर खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया तथा युवाओं और नागरिकों को नियमित रूप से खेलों से जुड़ने का संदेश दिया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर बीरेंद्र लकड़ा, अपर कलेक्टर बालेश्वर राम, जिला खेल अधिकारी हरि पटेल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि अधिकारी-कर्मचारी एवं नगरवासी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में निवेशकों का भरोसा बढ़ा, 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव; सरकार ने बिछाया रेड कारपेट

छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए बिछा रेड कारपेट, 9,580 करोड़ रुपये के मिले प्रस्ताव इन्वेस्टर कनेक्ट में हैदराबाद के निवेशकों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का न्योता आईटी, टेक्सटाइल, डेटा सेंटर, फार्मा के क्षेत्र में खुली 7,800 रोजगार की राह  रायपुर  छत्तीसगढ़ ने निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हैदराबाद में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की सात प्रमुख कंपनियों ने 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिनसे 7,800 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा विकसित भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में छत्तीसगढ़ तेजी से उभर रहा है और राज्य में निवेशकों के लिए ‘रेड कारपेट’ बिछा हुआ है।  कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन सहित दक्षिण भारत के कई बड़े उद्योगपति, निवेशक और कारोबारी प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु के साथ-साथ जापान और दक्षिण कोरिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज निवेश के लिए देश के सबसे बेहतर राज्यों में से एक बनकर उभर रहा है। राज्य में उद्योगों के लिए आसान प्रक्रियाएं, सिंगल विंडो व्यवस्था, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और उद्योग अनुकूल नीतियां उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हैदराबाद ने आईटी, फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ भी इन क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और दोनों राज्यों के उद्योगपति एवं उद्यमी मिलकर नए अवसरों का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मध्य भारत में स्थित छत्तीसगढ़ देश का सबसे उपयुक्त लॉजिस्टिक हब बनने की क्षमता रखता है। छत्तीसगढ़ सात राज्यों से घिरा हुआ है और 60 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं तक सीधी पहुंच प्रदान करता है। रेलवे नेटवर्क, भारतमाला परियोजना, एयर कार्गो सुविधाओं तथा खनिज संसाधनों की उपलब्धता उद्योगों के लिए इसे अत्यंत अनुकूल बनाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में ग्रीन स्टील को बढ़ावा देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। ऊर्जा क्षेत्र में राज्य को 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे प्रदेश देश के प्रमुख पावर हब के रूप में उभर रहा है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सात प्रमुख कंपनियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए ‘इन्विटेशन टू इन्वेस्ट’ (ऑफर लेटर) प्रदान किए। इनमें डेटा सेंटर, सीमेंट, सेमीकंडक्टर एवं जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल और डेयरी प्रसंस्करण क्षेत्रों की अग्रणी कंपनियां शामिल हैं। सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव हाइपरनेक्स्ट डाटा सेंटर लिमिटेड की ओर से प्राप्त हुआ, जिसने छत्तीसगढ़ में भारत का पहला समर्पित डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर कैंपस स्थापित करने के लिए ₹4,200 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया। इस परियोजना से राज्य में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी और छत्तीसगढ़ डेटा सेंटर क्षेत्र का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकेगा। इस परियोजना से लगभग 250 रोजगार सृजित होंगे।  फीग्रेड एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने सीमेंट क्षेत्र में 2,912 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 4,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं निवाई लैब्स प्राइवेट लिमिटेड ने ₹1,000 करोड़ के निवेश से एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर असेंबली से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव दिया। इससे राज्य में आधुनिक तकनीकी उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा एवं लगभग 200 रोजगार सृजित होंगे। सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण क्षेत्र की एसजी मार्ट लिमिटेड ने 700 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 450 लोगों को रोजगार मिल सकता है।  सरवणा मिल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ₹528 करोड़ के निवेश से अत्याधुनिक टेक्सटाइल और परिधान निर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इस परियोजना से लगभग 2,500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। फार्मास्यूटिकल क्षेत्र की काबरा ड्रग्स ने 200 करोड़ रुपये तथा डेयरी क्षेत्र की दिनशॉज़ डेयरी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने 40 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन दोनों परियोजनाओं से क्रमशः लगभग 250 और 150 रोजगार सृजित होंगे। हैदराबाद दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने देश की कई अग्रणी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। इनमें गूगल इंडिया, आईबीएम, पॉलीकैब इंडिया, पेज इंडस्ट्रीज और डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल रहीं। बैठकों में छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा स्वामी नारायण गुरुकुल संगठन के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर  रायपुर के टाटीबंध में 650 बिस्तरों वाले चैरिटेबल अस्पताल की स्थापना के प्रस्ताव पर चर्चा की। इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में आईटी, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, एयरोस्पेस एवं रक्षा, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और उन्नत विनिर्माण जैसे भविष्य के उद्योगों में निवेश के अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। निवेशकों ने इन क्षेत्रों में विशेष रुचि दिखाई। कार्यक्रम में सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर सुऋतु सेन, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार, उद्योग विभाग के संचालक प्रभात मलिक एवं अन्य अधिकारीगण शामिल थे।

हौसलों की उड़ान: संघर्षों से लड़कर बनीं ‘लखपति दीदी’ कांति साहू, अब चार सफल कारोबार की मालिक

हौसलों की उड़ान: संघर्षों को मात देकर 'लखपति दीदी' बनीं कांति साहू दोना-पत्तल से कारोबार शुरू कर चार व्यवसायों का कर रही हैं सफल संचालन गांव की महिलाओं के लिए पेश की मिसाल रायपुर, स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर श्लखपति दीदीश् बन रही हैं और दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। ऐसी कई महिलाओं ने प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं और छोटी पूंजी की मदद से  स्वरोजगार अपनाकर अपनी तकदीर बदली है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत चल रहा लखपति दीदी अभियान छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहा है। इसका सबसे सटीक और जीवंत उदाहरण बनी हैं बैकुण्ठपुर विकासखंड के ग्राम तलवापारा की रहने वाली श्रीमती कांति साहू। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच कांति ने न सिर्फ अपनी किस्मत बदली, बल्कि आज वे गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं। समूह से जुड़ाव और 4 लाख की वित्तीय मदद          एक सामान्य कृषक परिवार से ताल्लुक रखने वाली कांति साहू हमेशा से खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहती थीं, लेकिन पूंजी के अभाव में उनका यह सपना दबा हुआ था। करीब तीन साल पहले वह गांव की महिलाओं के साथ मिलकर शारदा महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। समूह में आने के बाद उन्हें बचत और व्यावसायिक बारीकियों की समझ मिली। इसके बाद बिहान योजना के तहत बैंक लिंकेज, एसवीईपी योजना और मुद्रा ऋण के माध्यम से उन्हें करीब 4 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इस पूंजी ने उनके सपनों को पंख दे दिए। एक नहीं, शुरू किए कई व्यवसाय          कांति दीदी ने जोखिम उठाते हुए किसी एक व्यवसाय पर निर्भर रहने के बजाय विविधता को चुना। उन्होंने एक साथ कई आजीविका गतिविधियों की शुरुआत की। दोना-पत्तल निर्माण इकाई, धान कृषि बीज केंद्र, मैचिंग सेंटर (कपड़ा व्यवसाय), सिलाई केंद्र, पति का मिला मजबूत साथ कांति साहू बताती हैं कि इस पूरे सफर में उनके पति महेन्द्र साहू हर कदम पर उनके साथ खड़े रहे। शुरुआती चुनौतियों को मात देने में पति-पत्नी की साझा मेहनत और समर्पण का बड़ा योगदान रहा। सालाना आय 3 लाख के पार           आज कांति साहू के सभी व्यवसाय सफलतापूर्वक चल रहे हैं। वर्तमान में इन व्यवसायों से हर महीने 1 से 1.5 लाख रुपये तक का टर्नओवर (कारोबार) हो रहा है, जिसमें से वे 30 से 35 हजार रुपये का शुद्ध मासिक लाभ कमा रही हैं। इस तरह उनकी वार्षिक शुद्ध आय 3 लाख रुपये से अधिक हो गई है, जिससे उन्होंने आधिकारिक तौर पर श्लखपति दीदीश् की श्रेणी में अपनी जगह बना ली है। महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल           आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ ही कांति का सामाजिक आत्मविश्वास भी बढ़ा है। आज वे न केवल अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर रही हैं, बल्कि गांव की दूसरी महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिखा रही हैं। कांति साहू की यह सफलता साबित करती है कि यदि ग्रामीण महिलाओं को सही मार्गदर्शन, वित्तीय सहयोग और अवसर मिले, तो वे समाज में महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल कायम कर सकती हैं।

मनरेगा साइट पर गिरी बिजली, कांकेर में 2 मजदूरों की दर्दनाक मौत, 5 की हालत बिगड़ी

भानुप्रतापपुर/कांकेर. कांकेर जिले के अंतागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कलगांव में आकाशीय बिजली गिरने से मनरेगा में काम कर रहे दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं 5 मजदूर घायल हो गए. घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं. जानकारी के अनुसार, गांव में मनरेगा योजना के तहत चल रहे तालाब निर्माण कार्य में लगभग 50 मजदूर लगे हुए थे. इस दौरान अचानक मौसम में बदलाव हुआ और बारिश होने लगी. मजूदरों ने पानी से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े थे. इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने से पेड़ के नीचे खड़े उपसरपंच धनराज पटेल के साथ एक अन्य मजदूर की मौके पर मौत हो गई. वहीं हादसे में पांच मजदूर घायल हो गए, जिनमें 3 महिला और 2 पुरुष शामिल हैं. घायल मजदूरों को उपचार के लिए अंतागढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है. सुबह-सुबह हुई इस घटना ने पूरे जिले के झकझोर दिया है. घटना के संबंध में कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर ने बताया कि मौके पर भेजे गए अधिकारी स्थिति का जायजा ले रहे हैं. घायल के उचित इलाज की व्यवस्था की है. हमने एंबुलेंस को रवाना कर दिया है. इसके साथ डॉक्टर्स को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं कि घायलों का बेहतर उपचार किया जाए.

अरुण साव के निर्देश पर ठेकेदार को नोटिस, निरीक्षण में धीमी प्रगति मिलने पर जताई नाराजगी

उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश पर ठेकेदार को नोटिस जारी, निरीक्षण के दौरान काम की धीमी प्रगति पर जताई थी नाराजगी साव ने 6 जून को किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे लाइन पर बन रहे ओवरब्रिज की देखी थी प्रगति, लेट-लतीफी पर ठेकेदार और अधिकारियों को लगाई थी फटकार रायपुर.  उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की धीमी प्रगति पर ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। उप मुख्यमंत्री साव ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान 6 जून को राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर केशलूर-जगदलपुर मार्ग में किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे लाइन के ऊपर बन रहे फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण किया था। उन्होंने निरीक्षण के दौरान काम के पिछड़ने एवं लेट-लतीफी पर ठेकेदार और अधिकारियों को फटकार लगाई थी। उन्होंने अनुबंध के अनुसार कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर गहरी नाराजगी जताते हुए ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे। बस्तर जिले में केशलूर के पास 69 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से इस रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता ने निर्माण एजेंसी मेसर्स अशोक कुमार मित्तल को जारी नोटिस में कहा है कि साइट उपलब्ध होने के बावजूद मैन-पॉवर, मटेरियल और मशीनरी की खराब व्यवस्था के कारण अलग-अलग चरणों में निर्माण के समयबद्ध लक्ष्यों को हासिल नहीं किया जा सका है। कार्यस्थल पर काम की प्रगति मंजूर किए गए निर्माण कार्यक्रम से काफी पीछे है और तय किए गए माइलस्टोन्स (महत्वपूर्ण पड़ावों) के अनुरूप नहीं है। विभाग द्वारा प्रगति की लगातार समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाने के लिए बार-बार निर्देशित और नोटिस जारी करने के बावजूद काम की गति असंतोषजनक है। विभाग ने ठेकेदार को जारी नोटिस में कहा है कि उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री द्वारा विगत 6 जून को साइट के निरीक्षण के दौरान काम की बेहद धीमी प्रगति पर गंभीर चिंता जताई गई थी। उन्होंने अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार ठेकेदार के विरूद्ध तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य अभियंता ने ठेकेदार को नोटिस जारी कर तुरंत पर्याप्त मैन-पॉवर, मशीनरी, सामग्री और अन्य जरूरी संसाधन जुटाकर काम में तेजी लाने तथा प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए तय लक्ष्यों को हासिल करने सभी जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए हैं। काम की प्रगति में उल्लेखनीय सुधार नहीं पाए जाने पर विभाग द्वारा अनुबंध के प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निवेश आकर्षित करने की कवायद तेज, हैदराबाद में इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में CM साय की अहम मौजूदगी

रायपुर. हैदराबाद में छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट का आयोजन आज किया जाएगा. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन शामिल होंगे. इस दौरान देशभर के कई उद्योगपति और निवेशक भी मौजूद रहेंगे. बैठक में छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की जानकारी उद्योग जगत को दी जाएगी. साथ ही राज्य में निवेश और उद्योग स्थापना के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा. सरकार के अनुसार अब तक राज्य को करीब 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं. केंद्रीय मंत्री दो दिवसीय दौरे पर केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह आज से छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे. आज वह रायपुर में विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में शामिल होंगे. हैंडलूम, हस्तशिल्प, सिल्क और टेक्सटाइल अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. वहीं सड्डू, बैरन बाजार और शांति नगर में जनसंपर्क कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. दौरे के दूसरे दिन वह सफाई अभियान और पौधरोपण कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके अलावा वह सदर बाजार-बुढ़ातालाब क्षेत्र में भी जनसंपर्क करेंगे.