samacharsecretary.com

दंतेवाड़ा में सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान के तहत कुपोषण प्रबंधन की शुरुआत

दंतेवाड़ा जिले में सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत कुपोषण से मुक्ति के उद्देश्य से समुदाय आधारित कुपोषण प्रबंधन कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सखी केन्द्र दंतेवाड़ा के सभा कक्ष में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता तथा जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर उपस्थित रहीं। उनके साथ अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारीगण भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले में कुपोषण की दर में कमी लाना तथा एनीमिक गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाना है। इसके अंतर्गत गंभीर एवं मध्यम कुपोषित (एसएएम,एमएएम) बच्चों, संकटग्रस्त बच्चों तथा चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता वाली गर्भवती माताओं को विशेष समुदाय आधारित प्रयासों के माध्यम से लक्षित किया जाएगा।      अभियान के तहत सुपोषण दूत का चयन किया जाएगा, जो 70 प्रतिशत मध्यम कुपोषित एवं 30 प्रतिशत गंभीर कुपोषित बच्चों को गोद लेकर विभागीय योजनाओं एवं समुदाय के सहयोग से उनकी नियमित देखभाल करेंगे। बच्चों को सामान्य पोषण स्तर में लाने पर सुपोषण दूतों को प्रति बच्चा प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार महिला स्व-सहायता समूहों को भी कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उनकी देखभाल हेतु जोड़ा जाएगा, जिन्हें निर्धारित मानदेय के अनुसार प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। कुपोषण के प्रभावी प्रबंधन हेतु जिला स्तर पर प्रबंध समिति का गठन किया गया है। साथ ही कुपोषित बच्चों को स्थानीय निधि से पोषण आहार उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान के संभागीय सलाहकार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा महिला स्व-सहायता समूहों के अध्यक्ष एवं सदस्य उपस्थित रहे।

रायपुर में रोजगार, कौशल और स्वास्थ्य में बड़ा कदम, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर

रायपुर : रोजगार, कौशल और बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में बड़ा कदम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में हेल्थ केयर में कौशल विकास हेतु सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के साथ एमओयू  रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण एवं सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू राज्य में हेल्थकेयर क्षेत्र का दायरा बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन तैयार करने तथा युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करने की दिशा में एक अहम कदम है। इसके माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। समझौते का मुख्य उद्देश्य हेल्थकेयर प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना, युवाओं का कौशल उन्नयन तथा आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार करना है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से आवासीय एवं गैर-आवासीय दोनों प्रकार के निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे। एमओयू के तहत चार प्रकार के कोर्स संचालित किए जाएंगे, जिनमें मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, कार्डियोलॉजी तकनीशियन, ईसीजी तकनीशियन, कार्डियक केयर तकनीशियन तथा इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन के प्रशिक्षण शामिल हैं। ये कोर्स युवाओं को विशेषज्ञता के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर निर्माण का अवसर उपलब्ध कराएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास को विकास की रीढ़ मानती है और विशेष रूप से हेल्थकेयर सेक्टर की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशलयुक्त कार्यबल तैयार करने पर बल दे रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ युवाओं के लिए व्यापक रोजगार संभावनाएँ भी उत्पन्न करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कौशल विकास पर केंद्रित यह साझेदारी राज्य के दूरस्थ अंचलों तक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में सहायक सिद्ध होगी। प्रशिक्षित युवा अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों और आपातकालीन सेवाओं में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष सी. श्रीनिवास सहित ट्रस्ट के प्रतिनिधि एवं कौशल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

धमतरी : धमतरी जिले में फसल चक्र परिवर्तन एवं मृदा स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

धमतरी धमतरी  जिले में फ़सलचक्र परिवर्तन केतहत किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना (Soil Health Card Scheme) अंतर्गत  कुरूद के गातापार में किसानों soil health card का वितरण सरपंच, पंच, सचिव की उपस्थिति में किया गया ।      मृदा स्वास्थ्य कार्ड का उपयोग कर मृदा में फसल अनुसार संतुलित मात्रा में खाद उर्वरकों का उपयोग कर मृदा की स्वास्थ्य को कैसे बेहतर बनाया जा सकता हैं और कम उर्वरकों के उपयोग से फसल उत्पादन को कैसे बढ़ाया जा सकता है साथ ही रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कैसे कम किया जा सकता हैं इसके बारे में किसानों को जानकारी दिया गया। फसल चक्र परिवर्तन से मृदा में होना वाले सुधार के बारे में किसानों को जानकारी देते हुए फसल चक्र अपनाने हेतु किसानों को प्रेरित किया गया।  धरती माता बचाव अभियान के तहत ग्राम भेंड़ा में कृषकों को जानकारी दिया गया।प्रधानमंत्री मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड योजना के अंतर्गत  प्रदर्शन में कृषकों को जिंक सल्फेट माइकोर्रहिज़ा एवं माइक्रोन्यूट्रिएंट का वितरण किया गया एवं मृदा स्वास्थ्य को अच्छा रखने के लिए कृषकों को नाइट्रोजन जिंक, पोटाश एवं अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों का जानकारी दिया गया।

फ्लैट स्टील उत्पादों पर सेफगार्ड ड्यूटी का ऐलान, आईएसए प्रेसिडेंट नवीन जिन्दल ने किया स्वागत

फ्लैट स्टील उत्पादों पर सेफगार्ड ड्यूटी, आईएसए प्रेसिडेंट नवीन जिन्दल ने किया स्वागत रायपुर  01.01.2026 फ्लैट स्टील उत्पादों पर ‘सेफगार्ड ड्यूटी’ लगाना सरकार का एक सोच-समझकर लिया गया संतुलित कदम है। इसका उद्देश्य घरेलू स्टील बाज़ार को स्थिर रखना है, ताकि उपभोक्ताओं और देश की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को स्टील की लगातार और भरोसेमंद आपूर्ति मिलती रहे। आज जब दुनिया का स्टील उद्योग कमजोर मांग और अतिरिक्त उत्पादन की समस्या से जूझ रहा है, तब भारत का स्टील सेक्टर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यह प्रगति बढ़ती घरेलू मांग और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में हो रहे निरंतर निवेश का परिणाम है। लेकिन इसी बढ़ती मांग को देखते हुए चीन, जापान, कोरिया और वियतनाम जैसे देशों से सस्ते स्टील को भारत में खपाने की कोशिशें हो रही हैं। इसका सीधा असर हमारी घरेलू क्षमता, नए निवेश और रोज़गार पर पड़ता है। सेफगार्ड ड्यूटी ऐसे दबाव को रोकने में मदद करती है। यह अनुचित प्रतिस्पर्धा से घरेलू उद्योग की रक्षा करती है, बाज़ार में संतुलन बनाए रखती है और स्टील वैल्यू चेन को मजबूत करती है। इसी संतुलन से उद्योग आत्मनिर्भर बनता है और देश के हित सुरक्षित रहते हैं। इसलिए मौजूदा वैश्विक आपूर्ति असंतुलन को देखते हुए, घरेलू स्टील क्षेत्र के दीर्घकालीन विकास के लिए सरकार से आगे भी ऐसे आवश्यक व्यापारिक उपायों पर विचार किए जाने की हमें उम्मीद है।

रायपुर में दो हादसों में एक युवक की मौत और दूसरा घायल

रायपुर. राजधानी में नए साल के पहले ही दिन सड़क हादसों ने खुशियों को मातम में बदल दिया। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए दो हादसों में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। एक मामले में परिजनों ने थाने पहुंचकर घेराव करते हुए मुआवजे और एफआईआर की मांग की। पहला हादसा रायपुर–धमतरी रोड पर हुआ पहला हादसा रायपुर–धमतरी रोड पर अभनपुर स्थित इंडियन ढाबा के पास हुआ। नए साल का जश्न मनाकर धमतरी लौट रहे दो दोस्त बाइक से जा रहे थे, तभी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में बाइक चला रहे कार्तिक मरकाम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके दोस्त दीपांशु शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल का अस्पताल में इलाज जारी है। हादसा राखी थाना क्षेत्र का है। घरवालों को लौटने की सूचना दी थी पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। बताया गया कि हादसे से कुछ देर पहले दोनों दोस्तों ने स्नैपशॉट के जरिए घरवालों को लौटने की सूचना दी थी। दोनों का आखिरी वीडियो भी सामने आया है। दूसरा मामला गुढ़ियारी थाना क्षेत्र का दूसरा मामला गुढ़ियारी थाना क्षेत्र का है, जहां दोपहिया सवार को ट्रक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन शिकायत लेकर थाने पहुंचे और ट्रक चालक व मालिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने थाने का घेराव करते हुए ट्रक मालिक पर एफआईआर दर्ज करने और मुआवजा देने की मांग की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।  

कोरिया जिले में सैकड़ों बोरी अवैध धान सहित वाहन जब्त

कोरिया. जिले में अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं धान खरीदी में अनियमितताओं के खिलाफ प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत मंगलवार को ग्राम रनई में वाहन क्रमांक सीजी -16-सीएफ-2949 को अवैध रूप से धान परिवहन करते हुए पकड़ा गया। वाहन चालक सतनारायण साहू पिता मालिकचंद साहू के कब्जे से अवैध धान जब्त कर वाहन सहित थाना पटना की सुपुर्दगी में दिया गया। वहीं, धान खरीदी केंद्र जामपारा में की गई जांच के दौरान अवैध रूप से लाया गया 384 बोरी धान (लगभग 160 क्विंटल), दो ट्रैक्टर एवं एक माजदा 407 वाहन को अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) की उपस्थिति में जब्त कर समिति प्रबंधक को सुपुर्द किया गया। यह धान बड़गांव निवासी माधोराम पिता सोनसाय द्वारा लाया गया था। इसी दिन शिवम एग्रो राइस मिल का भौतिक सत्यापन अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, सहकारिता निरीक्षक बैकुंठपुर, खाद्य निरीक्षक बैकुंठपुर एवं विद्युत विभाग के संयुक्त दल द्वारा किया गया। सत्यापन में पिछले वर्ष का 735 क्विंटल धान भौतिक रूप से अनुपलब्ध पाया गया। वहीं, चालू वर्ष में अब तक 4400 क्विंटल धान का उठाव दर्ज किया गया, जो मिल में भौतिक रूप से मौजूद पाया गया। इसके अलावा मोहित राइस मिल के भौतिक सत्यापन में पिछले वर्ष का 500 क्विंटल धान कम पाया गया। चालू वर्ष में अब तक 2780 क्विंटल धान का उठाव किया गया, जो मिल में भौतिक रूप से उपलब्ध है। साथ ही मिल द्वारा पिछले दो माह का विद्युत बिल भुगतान लंबित पाया गया। बुधवार को तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं फूड इंस्पेक्टर सोनहत द्वारा सोनहत एवं रजौली समितियों की मौके पर जांच की गई। जांच के दौरान सोनहत समिति में 25 बोरी (10 क्विंटल) अमानक धान को रिजेक्ट कर जब्त किया गया। जप्त धान फिलहाल समिति परिसर में सुरक्षित रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि सोनहत एवं रजौली दोनों समितियाँ सैचुरेट हो चुकी हैं, जिससे शीघ्र धान उठाव की आवश्यकता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी एवं परिवहन में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की मशाल गौरव यात्रा को दिखाई हरी झंडी

रायपुर. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के प्रचार-प्रसार के लिए मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के प्रचार-प्रसार के लिए यह वाहन राज्य के सभी जिलों में जाएगी। आयोजन के शुभंकर मोरवीर, थीम-सांग और मशाल के साथ प्रदेशभर में घूम-घूमकर यह लोगों को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की जानकारी देगी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए मशाल गौरव यात्रा को दिखाई हरी झंडी उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास कार्यालय से मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाने के बाद कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का विषय है कि देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ को मिली है। उन्होंने इसके लिए भारत सरकार तथा केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अगले माह फरवरी में होने वाले इस आयोजन के बारे में लोगों को जानकारी देने आज मशाल गौरव यात्रा को रवाना किया गया है। खिलाड़ियों के चयन के लिए ट्रायल 7-8 जनवरी को खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में सात खेलों को शामिल किया गया है। इनमें हॉकी, फुटबॉल, तीरंदाजी, तैराकी, कुश्ती, एथलेटिक्स और वेट-लिफ्टिंग शामिल हैं। इन खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भागीदारी करने वाले खिलाड़ियों के चयन के लिए आगामी 7 जनवरी और 8 जनवरी को ट्रायल का आयोजन किया गया है। बिलासपुर स्थित स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में तीरंदाजी, तैराकी और एथलेटिक्स के लिए ट्रायल प्रक्रिया आयोजित की गई है। वहीं हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती और वेट-लिफ्टिंग के लिए ट्रायल रायपुर के स्वामी विवेकानन्द स्टेडियम कोटा में होंगे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाए जाने के दौरान खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक रश्मि ठाकुर और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ में बस्तर जिले के 11 सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को मिली भावभीनी विदाई

जगदलपुर. बस्तर जिला प्रशासन ने वर्ष के अंतिम दिन बुधवार 31 दिसम्बर को कलेक्टोरेट स्थित आस्था कक्ष में आयोजित एक गरिमामय समारोह में बस्तर जिला अंतर्गत विभिन्न विभागों में कार्यरत रहे अपने 11 सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को भावभीनी विदाई दी। कलेक्टर हरिस एस. के निर्देशानुसार प्रशासन ने संवेदनशीलता और सुशासन का परिचय देते हुए सभी सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के दिन ही पेंशन भुगतान आदेश, ग्रेच्युटी भुगतान आदेश और भविष्य निधि भुगतान आदेश प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन ने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, श्रीफल और पुष्प गुच्छ भेंट कर आत्मीयता के साथ सम्मानित किया। प्रशासन की तत्परता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विदाई की बेला में ही कर्मचारियों के हाथों में उनके पेंशन भुगतान आदेश, ग्रेच्युटी भुगतान आदेश और भविष्य निधि भुगतान आदेश सौंप दिए गए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन ने सेवानिवृत्त हो रहे सहयोगियों की कार्यशैली की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि आप सभी शासकीय सेवा के क्षेत्र में अत्यंत अनुभवी हैं और अपने-अपने कार्यों में पूरी तरह निपुण हैं। भले ही आज आप शासकीय दायित्वों से मुक्त हो रहे हैं, लेकिन आपका संचित अनुभव समाज के लिए अमूल्य है। मेरी आप सभी से अपील है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी आप सक्रिय रहें और अपने दीर्घकालीन अनुभवों का लाभ समाज और नई पीढ़ी को प्रदान करते रहें। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के स्वस्थ, सुदीर्घ और खुशहाल जीवन की कामना करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। विदाई की इस बेला में प्रशासन द्वारा त्वरित गति से किए गए भुगतान और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मिले सम्मान से सेवानिवृत्त शासकीय सेवक बेहद अभिभूत और प्रसन्न नजर आए। हाथों-हाथ पेंशन और ग्रेच्युटी के आदेश प्राप्त करना उनके लिए एक सुखद अनुभव था। उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जिला प्रशासन की यह पहल बहुत ही सराहनीय और राहत भरी है, जिससे उन्हें सेवा के अंतिम दिन ही भविष्य की आर्थिक सुरक्षा मिल गई है। इस अवसर पर वरिष्ठ कोषालय अधिकारी श्री अनिल कुमार पाठक ने पेंशनरों को मिलने वाले समस्त हितलाभों के बारे में विस्तार से बताया और बदलते दौर के साथ तालमेल बिठाने के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की प्रक्रिया और उपयोगिता समझाई। कार्यक्रम में सहायक कोषालय अधिकारी सुश्री ममता ध्रुव और श्री नरेंद्र सिंह नाग सहित कोषालय एवं अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के परिजन भी मौजूद रहे।

केंद्रीय पर्यटन मंत्री शेखावत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव से पर्यटन विकास और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर की चर्चा

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज नवा रायपुर, सेक्टर-24 स्थित मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं सुदृढ़ीकरण से संबंधित विषयों पर सौहार्दपूर्ण एवं रचनात्मक चर्चा हुई।मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री शेखावत का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें राजकीय गमछा, बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक तथा बेल मेटल से निर्मित स्मृति-चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में जमीन की नई गाइड लाइन दरों पर सौकड़ों आपत्तियां

रायपुर. प्रदेश में जमीन की नई गाइडलाइन दरों को लेकर दवा अपत्तियों के लिए बुधवार अंतिम दिन है। राज्य शासन द्वारा 20 नवंबर से लागू की गई संशोधित गाइडलाइन दरों पर दावा-आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर है, लेकिन इससे पहले ही प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आपत्तियां सामने आ चुकी हैं। अकेले रायपुर जिले में 600 से अधिक दावा-आपत्तियां पंजीयन विभाग को प्राप्त हो चुकी हैं, जबकि अन्य जिलों में भी यही हाल है। इसके अलावा नवा रायपुर अटल नगर क्षेत्र में गाइडलाइन 2025-26 को लेकर 27 गांवों से जुड़े 500 से अधिक प्रभावित किसान नवा रायपुर मुख्यालय में पहुंचे और व्यक्तिगत व सामूहिक आवेदन जमा किए। राज्य शासन ने सभी जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देशित किया है कि नई गाइड लाइन दरों पर प्राप्त आपत्तियों, याचिकाओं और सुझावों की गहन समीक्षा की जाए। 31 दिसंबर के बाद जिला समितियां अपने संशोधन प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजेंगी। अंतिम निर्णय वहीं से लिया जाएगा। शहरी में 20 प्रतिशत, ग्रामीण में 500 प्रतिशत तक बढ़ी दरें सरकार ने इस बार गाइडलाइन दरों में बड़ा बदलाव करते हुए शहरी क्षेत्रों में 20 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 500 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है। अधिकारियों का तर्क है कि वर्ष 2017–18 के बाद गाइडलाइन दरों में कोई संशोधन नहीं हुआ था, जिससे बाजार मूल्य और सरकारी दरों में भारी अंतर आ गया था। अधिकारियों के अनुसार नई दरों से किसानों और भूमिस्वामियों को भूमि अधिग्रहण के समय अधिक और न्यायसंगत मुआवजा मिलेगा, वहीं संपत्ति के एवज में बैंक से अधिक लोन भी स्वीकृत हो सकेगा। रियल इस्टेट बाजार पर सीधा असर दूसरी ओर, नई गाइडलाइन दरों ने रियल इस्टेट बाजार की रफ्तार धीमी कर दी है। जमीन और मकान खरीदना पहले की तुलना में काफी महंगा हो गया है। इसका असर पंजीयन कार्यालयों में साफ दिख रहा है, रजिस्ट्री की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है। रियल इस्टेट से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि कई लोग गाइडलाइन दरों में संभावित संशोधन का इंतजार कर रहे हैं, जिसके चलते खरीदी-बिक्री के सौदे अटके हुए हैं। नई गाइडलाइन दरों के खिलाफ विरोध का स्वर केवल किसानों तक सीमित नहीं रहा। कुछ दिन पहले बिल्डरों के प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात कर गाइडलाइन दरों में संशोधन की मांग की थी। समीक्षा करने के निर्देश दिए – राज्य शासन द्वारा जिला मूल्यांकन समितियों को नई गाइडलाइन दरों पर प्राप्त सभी आपत्तियों, याचिकाओं और सुझावों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। समितियों के प्रस्तावों की जांच के बाद केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड अंतिम रूप से संशोधित गाइडलाइन दरों को तय करेगा। -पुष्पेंद्र कुमार मीणा, महानिरीक्षक, पंजीयन विभाग