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मुंगेली में स्वास्थ्य सेवाओं का हुआ सुधार, विभाग की पहल से हुआ बड़ा बदलाव

मुंगेली कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन से आम नागरिकों को बेहतर, सुलभ एवं निरंतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 तक जिले में कुल 777 मरीजों की जांच की गई, जिनमें टीबी से ग्रसित मरीजों को नियमित रूप से दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। सभी चिन्हांकित मरीजों का निक्षय पोर्टल में पंजीयन भी सुनिश्चित किया गया है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु विकासखंड स्तर पर, विशेषकर बैगा एवं आदिवासी ग्रामों में जनजागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 तक 09 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 478 मरीजों को लाभान्वित किया गया। इसी प्रकार राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में 08 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक सघन कुष्ठ खोज अभियान चलाया जा रहा है, ताकि रोग की शीघ्र पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके। शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के सुदृढ़ क्रियान्वयन के लिए जिले के सभी विकासखंडों में प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को नियमित टीकाकरण किया जा रहा है, जिसकी एंट्री पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। इससे टीकाकरण की निगरानी एवं पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। जिले में वर्तमान में 125 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं, जहां प्रत्येक बुधवार को स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं। अप्रैल 2025 से अब तक कुल 3760 स्वास्थ्य मेला/शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से नागरिकों को नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, जिले में 21 से 23 दिसंबर तक पल्स पोलियो अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया। अभियान के लिए 814 बूथ स्थापित किए गए, जहां 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 01 लाख 19 हजार 505 लक्ष्य के विरुद्ध 01 लाख 20 हजार 163 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई।

सरगुजा संभाग में शीतलहर के असर से तापमान में गिरावट

रायपुर. प्रदेश में मौसम का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। दिन के समय तेज धूप निकलने से तापमान दो डिग्री तक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, वहीं रात होते ही पारा तेजी से गिर रहा है। इस उतार-चढ़ाव के चलते सुबह और देर रात ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी रायपुर सहित उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में एक-दो स्थानों पर शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। रायपुर में दिन गरम, रात ठंडी राजधानी में मंगलवार को अधिकतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जिससे रात और सुबह के समय ठिठुरन बढ़ गई। सुबह 8.30 बजे आर्द्रता 71 प्रतिशत और शाम 5.30 बजे 48 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा की गति औसतन 2 किमी प्रति घंटा रही और आकाश साफ बना रहा। एक-दो पाकेट में शीतलहर मौसम विभाग के अनुसार सरगुजा, दुर्ग और रायपुर संभाग के एक-दो इलाकों में शीत लहर चली। हालांकि प्रदेश में कहीं भी वर्षा नहीं हुई और मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा। आगे क्या कहता है मौसम अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में एक-दो स्थानों पर शीतलहर की संभावना बनी हुई है। वहीं अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे रात की ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। रायपुर में ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने बताया कि बुधवार को राजधानी में सुबह के समय कुहासा छाने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

दंतेवाड़ा में पुनर्वासितों के लिए बड़ी पहल, लाइवलीहुड कॉलेज में कौशल प्रशिक्षण और किट वितरण

दंतेवाड़ा : दंतेवाड़ा में पुनर्वासितों के पुनर्वास की दिशा में बड़ी पहल लाइवलीहुड कॉलेज में कौशल प्रशिक्षण के बाद वेलकम किट एवं टूल किट का वितरण दंतेवाड़ा राज्य शासन एवं जिला प्रशासन की पुनर्वास नीति के अंतर्गत पुनर्वासितों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दंतेवाड़ा जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज, दंतेवाड़ा में हिंसा का रास्ता छोड़ समाज की मुख्यधारा में शामिल होने वाले पुनर्वासितों के लिए रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है।  इस क्रम में आज लाइवलीहुड कॉलेज परिसर में वेलकम किट एवं टूल किट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके 147 पुनर्वासितों को आवश्यक टूल किट प्रदान की गई, जिससे वे स्वरोजगार अपनाकर सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें।   रोजगारोन्मुखी ट्रेड्स में प्रशिक्षण   प्रशिक्षणार्थियों को इलेक्ट्रिशियन, सिलाई, वेल्डिंग, प्लंबिंग, सोलर पैनल ऑपरेटर सहित अन्य तकनीकी एवं आजीविका आधारित ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण उपरांत संबंधित ट्रेड्स की टूल किट प्रदान की गई, ताकि वे अपने कौशल का व्यावहारिक उपयोग कर सकें। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी रहे। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्री गौरव रॉय, जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा तथा जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविंद कुंजाम विशिष्ट अतिथि, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री संतोष गुप्ता प्रभारी अधिकारी लाइवलीहुड राजीव कुजूर, सहायक संचालक कौशल विकास, अमित वर्मा, प्राचार्य लाइवलीहुड हरीश सिन्हा, डीएसपी नसर उल्ला सिद्दीकी, डीएसपी विशाल कुमार उपस्थित रहे। अतिथियों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को वेलकम किट एवं टूल किट का वितरण किया गया।   स्थानीय भाषा में संवाद, विश्वास बहाली पर जोर  विधायक श्री चैतराम अटामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पुनर्वासितों को बधाई दी और उनके सामान्य जीवन में लौटने को सराहनीय कदम बताया। विधायक ने स्थानीय गोंडी भाषा में संवाद कर प्रशिक्षणार्थियों से सीधा संवाद स्थापित किया, जिससे विश्वास और सहभागिता को मजबूती मिली।   प्रशासन की सतत सहायता का आश्वासन पुलिस अधीक्षक श्री गौरव रॉय ने प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रदान की जाने वाली 10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि की जानकारी देते हुए कहा कि जिला एवं पुलिस प्रशासन पुनर्वासितों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से इस राशि का सदुपयोग कर स्वरोजगार अपनाने का आह्वान किया। वहीं जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा ने प्रशिक्षणार्थियों को पर्यटन क्षेत्र एवं स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने दंतेवाड़ा एवं रायपुर भ्रमण कार्यक्रम की जानकारी दी तथा आगामी वर्ष आयोजित होने वाले दंतेवाड़ा स्टार्टअप हंट में भाग लेकर व्यवसाय प्रारंभ करने की सलाह दी। जिला प्रशासन द्वारा दुकान संचालन हेतु सहयोग प्रदान किए जाने की भी जानकारी दी गई।  शांति और विकास की दिशा में सशक्त कदम प्रशासन का उद्देश्य पुनर्वासितों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना तथा क्षेत्र में स्थायी शांति, विकास और विश्वास बहाली सुनिश्चित करना है। यह पहल बस्तर अंचल में सामाजिक समरसता और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 

पुरातत्व स्थलों को संरक्षित और संवर्धित किया जाएगा – केंद्रीय मंत्री शेखावत

रायपुर : केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किया ऐतिहासिक सिरपुर के पुरातात्विक स्थलों का निरीक्षण उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा पुरातत्व स्थलों को संरक्षित और संवर्धित किया जाएगा – केंद्रीय मंत्री शेखावत सिरपुर आकर गौरव की अनुभूति हो रही है-केंद्रीय मंत्री शेखावत रायपुर भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत आज जिला महासमुंद अंतर्गत स्थित ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल सिरपुर के दौरे पर रहे। इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल भी उनके साथ उपस्थित रहे। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री शेखावत का सिरपुर हेलीपैड पर सांसद महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिन्हा, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रभास कुमार एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया।   केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किया ऐतिहासिक सिरपुर के पुरातात्विक स्थलों का निरीक्षण इसके पश्चात केंद्रीय मंत्री शेखावत ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल सिरपुर पहुंचे, जहाँ उन्होंने लक्ष्मण देवालय, आनंद प्रभु कुटी विहार, तीवरदेव विहार, सुरंग टीला एवं स्थानीय हाट बाजार का निरीक्षण किया। उन्होंने सिरपुर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सिरपुर भारत की प्राचीन धरोहर का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जिसे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की आवश्यकता है। निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की प्रगति की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुरातात्विक स्थलों की मूल संरचना को सुरक्षित रखते हुए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाए। उन्होंने पर्यटकों की सुविधा के लिए बेहतर सड़क, साइन बोर्ड, सूचना केंद्र, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया। आनंद प्रभु कुटी विहार, सुरंग टीला, तिवरदेव विहार, लक्ष्मण देवालय स्थानीय हाट बाजार का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सिरपुर में कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जाएगा जिससे  पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि यहां आकर गौरव की अनुभूति हो रही है। सिरपुर को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल करने का प्रयास जारी है। यहां की ऐतिहासिक, पुरातत्विक और आध्यात्मिक नगरी हमारे समृद्ध संस्कृति और परम्परा का प्रतीक है। इसके  संरक्षण और संवर्धन का कार्य किया जाएगा।  इस दौरान उन्होंने विभिन्न विहारों और मंदिरों के अवशेषों की वर्तमान स्थिति को सहजने और संरक्षित करने पर ज्यादा जोर दिया। उन्होंने  गंधेश्वर  मंदिर पहुंचकर  गंधेश्वर महादेव की पूजा अर्चना कर देश के समृद्धि की कामना की।  इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, धर्मस्व एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, राज्य  बीज निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ विमल चोपडा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम ठाकुर, जनपद अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान, उपाध्यक्ष श्रीमती हुलसी चंद्राकर, नगर पालिका उपाध्यक्ष देवी चंद राठी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्टर विनय लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार एवं राजस्व व विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।  उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सिरपुर के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय बनाकर कार्य कर रही है, ताकि यह स्थल पर्यटन के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर सके। आज भोरम देव कॉरिडोर का शुभारंभ किया जाएगा। इस दौरान सांसद रूपकुमारी चौधरी एवं विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा सहित जनप्रतिनिधियों द्वारा सिरपुर को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने हेतु  महत्वपूर्ण सुझाव भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा गया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, संस्कृति एवं पर्यटन, पुरातत्व विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि सिरपुर प्राचीन नाम श्रीपुर/श्रिपुरा महानदी के तट पर बसी एक प्राचीन नगरी है, जिसका इतिहास 5वीं से 12वीं सदी तक फैला हुआ है। यह दक्षिण कोसल का प्रमुख राजनीतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र रहा है और यहां हिंदू, बौद्ध व जैन तीनों धर्मों के तीर्थ, मठ, मंदिर और विहारों का दुर्लभ संग्रह मिलता है। खुदाई में यहां 22 शिव मंदिर, 5 विष्णु मंदिर, 10 बुद्ध विहार और 3 जैन विहार के अवशेष मिले हैं।  लक्ष्मण मंदिर सिरपुर का सबसे प्रसिद्ध और पुरातन हिंदू मंदिर है, जो 6वीं-7वीं सदी में बनाया गया था। यह भगवान विष्णु को समर्पित है और प्रमुख रूप से लाल ईंटों से निर्मित है। रानी वासटादेवी ने इसे अपने पति राजा हर्षगुप्त की स्मृति में बनवाया था इसे एक प्रेम कथा का प्रतीक भी माना जाता है। तिवरदेव विहार एक प्राचीन बौद्ध विहार है, जो 7वीं-8वीं सदी का बताया जाता है। यह बड़े पैमाने पर ईंटों का बना हुआ था और खुदाई में इसका अवशेष मिला है। बौद्ध संप्रदाय से जुड़ा यह विहार सिरपुर में बुद्ध के अनुयायियों द्वारा ध्यान, शिक्षा और धार्मिक क्रियाओं के लिए उपयोग में लाया गया था। आनंद प्रभु कुटी विहार सिरपुर का एक प्रमुख बौद्ध स्थल है, जिसे भिक्षु आनंद प्रभु द्वारा स्थापित किया गया था। यह विहार 14 कमरे वाला एक बड़ा बौद्ध मठ है, जिसमें एक मुख्य प्रवेश द्वार और सुंदर नक्काशीदार स्तंभ पाए गए हैं। यहां बुद्ध की एक विशाल मूर्ति और अन्य बौद्ध प्रतिमाएँ मिलती हैं। सुरंग टीला सिरपुर का एक अनोखा पुरातात्विक स्थल है, जिसमें प्राचीन काल के मंदिर के अवशेष मिले हैं। यह 7वीं सदी का मंदिर था, जिसमें 5 गर्भगृह पाए गए हैं। इन गर्भगृहों में शिवलिंग और गणेश की प्रतिमा स्थित है, जो इस धार्मिक स्थल की विविधता को दर्शाता है।

महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बालिकाओं को साइकिल वितरण कर बढ़ाया उत्साह महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बालिकाओं का सशक्तिकरण ही सशक्त राज्य और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला: मंत्री राजवाड़े रायपुर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बालिकाओं को साइकिल वितरण कर बढ़ाया उत्साह महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बालिकाओं का सशक्तिकरण ही सशक्त राज्य और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। वे भारतीय स्टेट बैंक, बैरन बाजार रायपुर द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के अंतर्गत आयोजित “बेटी बचाओ अभियान” के तहत शासकीय विद्यालयों की बालिकाओं को साइकिल वितरण कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए संबोधित कर रही थीं। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बालिकाओं को साइकिल वितरण कर बढ़ाया उत्साह मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को साइकिल वितरित कर उन्हें शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि साइकिल जैसी सुविधाएँ बालिकाओं की शिक्षा को निरंतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे स्कूल आने-जाने में सुविधा होती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और ड्रॉपआउट की समस्या में कमी आती है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने भारतीय स्टेट बैंक के इस सामाजिक सरोकार की सराहना करते हुए कहा कि जब शासकीय योजनाओं के साथ बैंक एवं अन्य संस्थाएँ CSR के माध्यम से जुड़ती हैं, तो समाज में व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है। राज्य सरकार बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े कार्यक्रम में बैंक के अधिकारीगण, विद्यालयों के शिक्षक, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं। साइकिल पाकर बालिकाओं के चेहरे पर उत्साह और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

राज्य के शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए बनेंगे विश्राम गृह

रायपुर : अस्पताल की दहलीज पर अब परिजनों को मिलेगा घर जैसा सुकून : छत्तीसगढ़ सरकार की एक संवेदनशील पहल राज्य के शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए बनेंगे विश्राम गृह चिकित्सा शिक्षा विभाग और सेवादान आरोग्य फाउंडेशन के बीच हुआ एमओयू रायपुर  जब कोई गंभीर बीमारी घर में दस्तक देती है, तो पूरा परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से टूट जाता है। ऐसे वक्त में दूर-दराज के गांवों से शहर आने वाले गरीब परिवारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती इलाज के साथ-साथ खुद के ठहरने की होती है। अक्सर मरीज तो वार्ड में इलाज करा रहा होता है, लेकिन उसके अपने लोग अस्पताल के गलियारों, ठंडी सीढ़ियों या खुले आसमान के नीचे रातें गुजारने को मजबूर होते हैं। इसी मानवीय पीड़ा को महसूस करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बहुत ही प्रशंसनीय कदम उठाया है। अब राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के परिजनों के लिए सर्वसुविधायुक्त ‘विश्राम गृह’ बनाए जाएंगे, ताकि किसी भी मजबूर आंख को रात बिताने के लिए सुरक्षित छत की तलाश में भटकना न पड़े। इस नेक काम को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में मंत्रालय नवा रायपुर में मेडिकल एजुकेशन विभाग और सेवादान आरोग्य फाउंडेशन के बीच एक एमओयू संपादित हुआ है। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री खुशवंत साहेब , स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त रितेश अग्रवाल सहित सेवादान फाउंडेशन के सदस्य उपस्थित थे। इस समझौते की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इन आश्रय स्थलों के निर्माण, सजावट और उनके रोजमर्रा के संचालन का पूरा जिम्मा संस्था खुद उठाएगी। इसका सीधा मतलब यह है कि सरकार और संस्था मिलकर एक ऐसा मानवीय ढांचा तैयार कर रहे हैं जहाँ परिजनों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहद किफायती ठहराव मिलेगा। इन विश्राम गृहों में केवल सिर छुपाने की जगह ही नहीं मिलेगी, बल्कि अपनों की सेवा में लगे लोगों के लिए 24 घंटे सुरक्षा, सीसीटीवी की निगरानी, साफ-सुथरा भोजन और एक गरिमामय माहौल भी सुनिश्चित किया जाएगा। योजना के पहले पड़ाव में रायपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ और जगदलपुर जैसे प्रमुख शहरों के मेडिकल कॉलेजों को चुना गया है, जहां दूरस्थ अंचलों से बड़ी संख्या में लोग उम्मीद लेकर पहुँचते हैं। यह पहल दिखाती है कि स्वास्थ्य सेवाएं सिर्फ दवा और डॉक्टर तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनमें उन लोगों के लिए भी जगह होनी चाहिए जो अपने बीमार परिजनों के लिए संबल बनकर साथ खड़े रहते हैं। यह कदम न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि उन हजारों परिवारों को एक बड़ी मानसिक राहत भी पहुँचाएगा जिनके पास शहर में रहने का कोई ठिकाना नहीं होता।  *"इलाज सिर्फ दवाओं से नहीं, अपनों के साथ और सुकून से भी होता है।छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को नया विस्तार मिलने जा रहा है।  इस MoU के तहत राज्य के मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के परिजनों के लिए बेहतर और सुविधाजनक 'विश्राम गृह' बनेंगे जो  'नो प्रॉफिट-नो लॉस' के आधार पर संचालित होंगे।" स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल *"राज्य सरकार का उद्देश्य केवल बेहतर इलाज उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि मरीजों के साथ आने वाले परिजनों की गरिमा और सुविधा का भी ख्याल रखना है। दूर-दराज़ से आने वाले लोग कई दिनों तक अस्पतालों के आसपास असुविधाजनक परिस्थितियों में रुकने को मजबूर होते हैं। विश्राम गृह की व्यवस्था उनके लिए सुरक्षित, स्वच्छ और किफायती ठहराव का बड़ा सहारा साबित होगी।यह पहल संवेदनशील और उत्तरदायी शासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विश्राम गृहों के माध्यम से मरीज परिजनों को सम्मानजनक आवास, भोजन और बुनियादी सुविधाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ मानवता और संवेदना का समन्वय और सुदृढ़ होगा।" – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए मशाल गौरव यात्रा को दिखाई हरी झंडी

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए मशाल गौरव यात्रा को दिखाई हरी झंडी फरवरी में छत्तीसगढ़ में होगा आयोजन, देशभर के जनजातीय खिलाड़ी 7 खेलों में दिखाएंगे अपनी प्रतिभा रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के प्रचार-प्रसार के लिए मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के प्रचार-प्रसार के लिए यह वाहन राज्य के सभी जिलों में जाएगी। आयोजन के शुभंकर मोरवीर, थीम-सांग और मशाल के साथ प्रदेशभर में घूम-घूमकर यह लोगों को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की जानकारी देगी।   उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए मशाल गौरव यात्रा को दिखाई हरी झंडी उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास कार्यालय से मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाने के बाद कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का विषय है कि देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ को मिली है। उन्होंने इसके लिए भारत सरकार तथा केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अगले माह फरवरी में होने वाले इस आयोजन के बारे में लोगों को जानकारी देने आज मशाल गौरव यात्रा को रवाना किया गया है।   खिलाड़ियों के चयन के लिए ट्रायल 7-8 जनवरी को खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में सात खेलों को शामिल किया गया है। इनमें हॉकी, फुटबॉल, तीरंदाजी, तैराकी, कुश्ती, एथलेटिक्स और वेट-लिफ्टिंग शामिल हैं। इन खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भागीदारी करने वाले खिलाड़ियों के चयन के लिए आगामी 7 जनवरी और 8 जनवरी को ट्रायल का आयोजन किया गया है। बिलासपुर स्थित स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में तीरंदाजी, तैराकी और एथलेटिक्स के लिए ट्रायल प्रक्रिया आयोजित की गई है। वहीं हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती और वेट-लिफ्टिंग के लिए ट्रायल रायपुर के स्वामी विवेकानन्द स्टेडियम कोटा में होंगे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाए जाने के दौरान खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।

रायपुर में कमिश्नरी प्रणाली के जरिए लाई जाएगी कानून व्यवस्था में कसावट

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज (बुधवार) मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली को साय कैबिनेट ने मंजूरी दी. रायपुर में 23 जनवरी 2026 से पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होगा. इसी साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के दौरान इसकी घोषणा हुई थी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस व्यवस्था के लागू होने की घोषणा की थी. रायपुर महानगरीय पुलिस जिला में पुलिस आयुक्त प्रणाली 23 जनवरी से लागू होगी. बता दें कि पहले चर्चा थी कि एक जनवरी से रायपुर में कमिश्नर प्रणाली लागू हो जाएगी लेकिन बताया जा रहा है कि कैबिनेट में 23 जनवरी से लागू करने पर सहमति बनी क्योंकि 23 जनवरी को ही सुभाष चंद्र बोस की जयंती है. पुलिस कमिश्नर प्रणाली लेकर स्पष्ट खाखा 7 दिन के भीतर तैयार कर लिया जाएगा. बताया जा रहा है कि कई सारे बिंदुओं पर सहमति बन गई है. तीन हिस्सों में रायपुर पुलिस की कमिश्नरी बंटेगी. मध्य, पूर्व और पश्चिम हिस्सा होगा.  हर क्षेत्र की कमान डीएसपी के हाथ में होगी, जो एसपी रैंक का अधिकारी होगा. कैसा होगा पुलिस कमिश्नरेट डीएसपी के ऊपर एक एडिशनल कमिश्नर और फिर कमिश्नर रैंक होंगे, कमिश्नर के अंडर एडिशनल डीसीपी होंगे और 21 एसीपी रहेंगे, यह डीएसपी रैंक के अफसर होंगे.पुलिस थानों के प्रभारी अब टीआई नहीं, बल्कि डीएसपी रैंक के अफसर होंगे. कमिश्नर मुख्यालय में तीन डीसीपी नियुक्त किए जाएंगे. यह क्राइम, प्रोटोकॉल, ट्रैफिक, अजाक और महिला अपराध जैसे विंग देखेंगे.रायपुर नगर निगम और बिरगांव नगर पालिका निगम क्षेत्र कमिश्नरी का हिस्सा होंगे. रायपुर ग्रामीण के लिए अलग एसपी होंगे. होंगे ये बदलाव 23 जनवरी से लागू होने वाले कमिश्नरी सिस्टम का खाका 7 दिन में तैयार किया जाएगा.कमिश्नर को कलेक्टर की तरह 17 अधिकार दिए जाएंगे. पुलिस कमिश्नर आर्म्स एक्ट, धारा 144 लगाने जैसे अधिकार का उपयोग खुद कर सकता है, पहले इसके लिए कलेक्टर की अनुमति लेने की आवश्यकता होती थी.गन लाइसेंस लेने के लिए सीधे कमिश्नर को आवेदन किया जा सकता है .UAPA एक्ट, अनैतिक देह व्यापार, मानव तस्करी, मोटर व्हीकल एक्ट, कारागार अधिनियम, पॉइजन एक्ट, कैटल ट्रेस पास एक्ट समेत कुछ अन्य अधिकार कमिश्नरेट को दिए जा सकते हैं. इन थानों को किया जा सकता है शामिल पुलिस सूत्रों के मुताबिक रायपुर के सिविल लाइन, तेलीबांधा, देवेंद्र नगर, पंडरी, कोतवाली, गोल बाजार, गंज, मौदहापारा, पुरानी बस्ती, राजेंद्र नगर, टिकरापारा, डीडी नगर, आजाद चौक, सरस्वती नगर, आमानाका, कबीर नगर, खमतराई, गुढ़ियारी, उरला, धरसीवा और खमारडीह थाने कमिश्नर प्रणाली में शामिल किए जा सकते हैं. जबकि रायपुर जिले के आरंग, तिल्दा, खरोरा अभनपुर, नया रायपुर और माना क्षेत्र रायपुर ग्रामीण एसपी के अधीन होगा.  

रायपुर: नववर्ष पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय मंत्री ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा

रायपुर : नववर्ष पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए की कामना रायपुर नववर्ष के प्रथम दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कबीरधाम जिले के ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की । उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्रीमती भावना बोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मारुति सुजुकी का ओपन कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव, 15 जनवरी को शासकीय आईटीआई चिरमिरी में होगा आयोजन

एमसीबी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था चिरमिरी में आईटीआई उत्तीर्ण युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से भारत सरकार के निर्देशानुसार भारत की नंबर एक पैसेंजर कार मैन्युफैक्चरिंग कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड द्वारा भव्य ओपन कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया जा रहा है। यह प्लेसमेंट ड्राइव 15 जनवरी 2026 को प्रातः 10:00 बजे शासकीय आईटीआई चिरमिरी, जिला कोरिया (छत्तीसगढ़) में आयोजित होगी। इस विशेष प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से योग्य एवं इच्छुक आईटीआई पासआउट अभ्यर्थियों को देश की प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कंपनी में करियर बनाने का बेहतरीन अवसर मिलेगा। प्लेसमेंट ड्राइव में मोटर मैकेनिक, डीजल मैकेनिक, ट्रैक्टर मैकेनिक, मशीनिस्ट, इलेक्ट्रीशियन, फिटर, टर्नर, वेल्डर, पेंटर, वायर मैन, शीट मेटल, सीआई ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक, टूल एंड डाई तथा पीपीओ ट्रेड के अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। पात्रता के अनुसार जॉइनिंग के समय अभ्यर्थी की आयु 18 से 26 वर्ष के बीच होनी चाहिए। 10वीं कक्षा में न्यूनतम 40 प्रतिशत एवं आईटीआई में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। अभ्यर्थी का शारीरिक रूप से फिट होना आवश्यक है, जिसमें कोई वर्णांधता, शारीरिक विकृति या अत्यधिक कम अथवा अधिक बीएमआई न हो। चयनित अभ्यर्थियों को आकर्षक वेतन एवं सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। एफटीसी के अंतर्गत 25,300 रुपए प्रति माह सीटीसी के साथ वार्षिक वैधानिक बोनस दिया जाएगा, जो 12 माह के अनुबंध पर आधारित होगा। अप्रेंटिसशिप के लिए 19,500 रुपए प्रति माह स्टाइपेंड निर्धारित है। इसके अतिरिक्त सब्सिडी युक्त भोजन एवं छात्रावास, वर्दी, पीपीई एवं सुरक्षा जूते तथा कंपनी की नीति के अनुसार अवकाश और छुट्टियों की सुविधा भी मिलेगी। चयनित उम्मीदवारों की कार्यस्थल पोस्टिंग मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के गुजरात प्लांट में की जाएगी, जो प्लॉट क्रमांक 334-335, ग्राम हंसपुर, पिराराजी, मंडल तालुका, अकाद, गुजरात में स्थित है। साक्षात्कार में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों को 10वीं एवं आईटीआई की मार्कशीट की स्व-सत्यापित प्रति, आधार कार्ड, पैन कार्ड की स्व-सत्यापित प्रति तथा एक पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्य रूप से साथ लाना होगा। यह प्लेसमेंट ड्राइव पूर्णतः निःशुल्क है, इसके लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। प्लेसमेंट ड्राइव का समन्वय शेपर्स टैलेंट इंडिया द्वारा किया जा रहा है। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी +91-9953002111, +91-9990724900 अथवा +91-9560015542 पर संपर्क कर सकते हैं। शासकीय आईटीआई चिरमिरी द्वारा सभी पात्र युवाओं से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की गई है।