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जसदेव सिंह जब्बल बने बिजली निर्माता, पीएम सूर्य घर योजना से मिली ₹1.08 लाख की सब्सिडी, अब जीरो आता है बिजली बिल

बिजली उपभोक्ता से बिजली निर्माता बने जसदेव सिंह जब्बल पीएम सूर्य घर योजना ने बदली जसदेव सिंह की जिंदगी, ₹1.08 लाख की मिली सब्सिडी, अब जीरो आता है बिजली बिल दुर्ग आधुनिक जीवन शैली में बिजली की बढ़ती मांग की वजह से बढ़ते बिजली बिलों से परेशान आम आदमी के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना किसी वरदान से कम नहीं है। इसका जीवंत उदाहरण पेश किया है श्री जसदेव सिंह जब्बल ने, जिन्होंने न केवल अपने घर को सौर ऊर्जा से रोशन किया है, बल्कि वे अब खुद बिजली निर्माता बन चुके हैं। जसदेव सिंह बताते हैं कि उनके घर में चार किलोवॉट का सोलर पैनल लगे लगभग तीन से चार महीने हो चुके हैं और इसके परिणाम बेहद सुखद हैं। वे कहते हैं, पहले हम बिजली का बिल भरने की चिंता में रहते थे, लेकिन आज हम खुद बिजली बना रहे हैं। मेरे घर की जितनी खपत है, उसे मेरा सोलर प्लांट अच्छी तरह से पूरा कर रहा है। अब मुझे बिजली बिल भरने की जरूरत नहीं पड़ती, जो पैसा पहले बिल में जाता था, वह अब मेरी शुद्ध बचत और एक तरह से अतिरिक्त आय है।   योजना के आर्थिक लाभों पर चर्चा करते हुए श्री जसदेव ने बताया कि उन्हें कुल 01 लाख 08 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई है। इसमें 78,000 रुपये केंद्र सरकार द्वारा और 30,000 रुपये राज्य सरकार द्वारा दिए गए हैं। जसदेव जी ने सरकार की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि सब्सिडी के लिए उन्हें कहीं भटकना नहीं पड़ा। आवेदन के महज एक महीने के भीतर सब्सिडी की राशि सीधे उनके बैंक खाते में क्रेडिट हो गई। जसदेव सिंह इस योजना को केवल पैसों की बचत तक सीमित नहीं मानते। उनका मानना है कि यह पर्यावरण को बचाने की एक बड़ी मुहिम है। वे कहते हैं कि जीवाश्म ईंधन सीमित हैं और पर्यावरण के लिए खतरनाक भी। अगर हम आज जागरूक नहीं हुए और रिन्यूएबल सोर्सेस (अक्षय ऊर्जा) को नहीं अपनाया, तो भविष्य मुश्किल भरा होगा। सोलर पैनल लगाकर हम अपनी निर्भरता खत्म कर रहे हैं और कल को सुरक्षित कर रहे हैं। अपनी सफलता से उत्साहित होकर जसदेव सिंह जब्बल अन्य नागरिकों को भी प्रेरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार इस योजना में बहुत बड़ा आर्थिक सहयोग दे रही है, इसलिए हर घर को इस योजना का लाभ उठाना चाहिए। यह न केवल हमारी आर्थिक स्थिति के लिए अच्छा है, बल्कि हमारे देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।   छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री संजय खंडेलवाल ने कहा कि हम आज जागरूक होंगे, तो ही हम अपने कल को बचा पाएंगे। सोलर अपनाएं, आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने कहा कि श्री जसदेव सिंह ने न केवल अपने घर का बिजली बिल शून्य किया है, बल्कि पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाकर समाज के लिए एक बेहतरीन उदाहरण भी पेश किया है।

तमनार हिंसा: महिला आरक्षक को अर्धनग्न कर घसीटा, भीड़ ने दौड़ाया, वीडियो में रोते हुए बोली- भाई छोड़ दो

तमनार  रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में  उद्योग को आबंटित गारे पेलमा सेक्टर वन कोयला खदान के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान हिंसा की एक शर्मनाक घटना सामने आई है. प्रदर्शन के दौरान एक महिला आरक्षक के साथ मारपीट की गई. प्रदर्शनकारियों ने उसे लगभग आधा किलोमीटर तक दौड़ाया और जब वह खेत में गिर गई, तो उसकी वर्दी फाड़ दी गई, जिससे वह अर्धनग्न हो गई.  यह घटना 27 दिसंबर की है, जब आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था. जानकारी के अनुसार,  उद्योग की कोल ब्लाक जनसुनवाई को पहले प्रस्तावित स्थल से दूसरी जगह कराए जाने के बाद भी आंदोलन शांत नहीं हुआ. 12 दिसंबर से चल रहे आंदोलन के बीच 27 दिसंबर को एक सड़क दुर्घटना के बाद विवाद इतना बढ़ा कि पथराव, आगजनी और पुलिस पर सीधा हमला किया गया. मिन्नतें करती रही महिला आरक्षक  तमिनार ब्लॉक में महिला आरक्षक के साथ हुई अमानवीय व्यवहार का वीडियो भी वायरल हो रहा है. करीब 40 सेकंड की इस वीडियो में एक महिला आरक्षक रोती हुई और प्रदर्शनकारियों से मिन्नतें करती हुई दिख रही है. महिला आरक्षक प्रदर्शनकारियों से कह रही है, 'भाई मुझे माफ कर दो, मुझे जाने दो.' वीडियो में प्रदर्शनकारी महिला पुलिस कर्म से पूछते हैं, 'तुम यहां क्या कर रही थी? तुम्हें चप्पल से मारूं? यहां से चली जाओ.' फिर वे उसे अकेला छोड़ देते हैं. इससे पहले महिला आरक्षक को भीड़ ने करीब आधा किलोमीटर तक दौड़ाया और जब वह खेत में गिर गई, तो उसकी वर्दी फाड़-फाड़कर उसे अर्धनग्न कर दिया गया. यह घटना 27 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है. बता दें इस घटना से पहले एक हिंसक झड़प के दौरान एक महिला पुलिस इंस्पेक्टर को लात मारे जाने का वीडियो भी सामने आया था.  हिंसा का शर्मनाक वीडियो वायरल  सबसे गंभीर और शर्मनाक वीडियो में एक महिला आरक्षक के साथ बर्बरता दिखाई दे रही है. वीडियो में आंदोलनकारी महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ते हुए नजर आ रहे हैं. महिला आरक्षक हाथ जोड़कर रहम की गुहार लगाती दिखाई देती है. करीब 20 सेकंड का यह वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि आंदोलन प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत के बाद समाप्त हो गया है और जनसुनवाई निरस्त करने का भरोसा दिया गया है, लेकिन 27 दिसंबर की इस घटना को लेकर पुलिस अधिकारियों की चुप्पी चर्चा का विषय बनी हुई है. क्या है पूरा मामला? सूत्रों के मुताबिक, तमनार पुलिस स्टेशन में अलग-अलग FIR में 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों पर गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, जबकि कुछ को गिरफ्तार भी किया गया है. बता दें कि यह घटना 8 दिसंबर 2025 को धौरभाठा में हुई जनसुनवाई के विरोध से जुड़ा है. JPL कोल माइन सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के लोग 12 दिसंबर से धरना प्रदर्शन कर रहे थे. 27 दिसंबर की सुबह करीब 9:00 बजे लगभग 300 ग्रामीण लिबारा चौक पर इकट्ठा हुए और सड़क पर बैठकर ट्रैफिक जाम कर दिया. हालात बिगड़ता देख पुलिस के बड़े अधिकारी करीब 10:00 बजे मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों से बात की और उन्हें लौटने के लिए मनाया. कुछ देर के लिए स्थिति शांत रही, लेकिन बाद में तनाव बड़ गया.   सूत्रों के मुताबिक तमनार थाने में अलग-अलग एफआईआर के तहत सौ से अधिक आंदोलनकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं. कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है. अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है इस मामले में बिलासपुर संभाग के आईजी संजीव शुक्ला ने बताया कि दोषियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया जा चुका है. अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है. पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जल्द अन्य आरोपियों को भी पकड़ा जाएगा.

रायपुर: राज्यपाल डेका ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय को दिए पांच नए कम्प्यूटर

रायपुर : राज्यपाल डेका ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय को प्रदान किए पांच कम्प्यूटर रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने बालिकाओं की शिक्षा को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए कस्तूबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, राजपुर कला लखनपुर जिला सरगुजा की छात्राओं के लिए अपने स्वेच्छानुदान मद से पांच कम्प्यूटर प्रदान किए है। राज्यपाल ने सरगुजा जिले के प्रवास के दौरान उक्त आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने छात्राओं की शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया और विद्यालय में सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से अतिरिक्त कम्प्यूटर उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी थी। जिसके फलस्वरूप आज विद्यालय को लोेकभवन में राज्यपाल के हाथों पांच कम्प्यूटर प्राप्त हुए। इस सुविधा से छात्राओं की पढ़ाई में गुणात्मक सुधार आएगा और वे डिजिटल शिक्षा से बेहतर रूप से जुड़ सकेंगी। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना, विद्यालय की अधीक्षिका श्रीमती अनुराधा सिंह एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

राज्यपाल डेका ने रायपुर में सरस्वती शिक्षा संस्थान को प्रदान किए चार ई-रिक्शे

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोकभवन में सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ रायपुर को चार ई-रिक्शे प्रदान किए। उन्होंने लोकभवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में अपने स्वेच्छानुदान मद से चार ई-रिक्शे की चाबी वाहन चालकों को सौंपी और हरी झंडी दिखाकर वाहनों को रवाना किया। इन वाहनों का उपयोग विभिन्न सरस्वती शिक्षा संस्थानों में किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. पुर्णेन्द्रु सक्सेना सहित संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित थे।

गौरेला पेंड्रा मरवाही : एकीकृत किसान पोर्टल से जुड़ी समस्याओं का 7 जनवरी तक होगा निराकरण

गौरेला पेंड्रा मरवाही छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य के किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से पंजीयन एवं सत्यापन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। किसानों द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन से संबंधित संशोधन एवं आवेदन किए गए हैं। किसानों को समयबद्ध लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया सुचारु रूप से जारी है। प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के उपरांत, राज्य शासन द्वारा निर्देशित किया गया है कि दिनांक 7 जनवरी 2026 तक संबंधित राजस्व विभाग एवं अन्य अधिकृत विभागों के अधिकारियों व पटवारियों द्वारा भौतिक सत्यापन का कार्य पूर्ण किया जाए, ताकि पात्र किसानों को योजना का लाभ बिना विलंब के प्रदान किया जा सके। जिले के सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को वीसी के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान करकेे आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसानों से अनुरोध किया गया है कि वे सत्यापन प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग प्रदान करें। जिला प्रशासन किसानों के हित में पारदर्शी, तकनीक-आधारित और समयबद्ध सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

राज्य में पुलिस विभाग में नया साल, 9 अधिकारियों के तबादले का फैसला

कोरबा  नए साल के पहले ही दिन कोरबा पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से 9 पुलिस अधिकारियों का तबादला किया है। इस सूची में 4 थाना प्रभारी (टीआई), 2 सब-इंस्पेक्टर (एसआई) और 3 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) शामिल हैं। तबादला आदेश के तहत युवराज तिवारी को बालको थाना प्रभारी, मृत्युंजय पांडे को कुसमुंडा थाना प्रभारी, आशीष कुमार सिंह को करतला थाना प्रभारी और प्रमोद कुमार डडसेना को हरदीबाजार थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, मानिकपुर चौकी प्रभारी नवीन पटेल को शहर के सबसे महत्वपूर्ण थाने सिविल लाइन की कमान दी गई है। सिविल लाइन थाना एसपी कार्यालय, कलेक्ट्रेट और न्यायालय जैसे अति संवेदनशील क्षेत्रों को कवर करता है, जिससे यह पद और भी अहम माना जाता है। मानिकपुर चौकी का प्रभार अब परमेश्वर राठौर को सौंपा गया है। इसके अलावा जिले के कई थाना और चौकी प्रभारियों को उनके वर्तमान पदों पर ही यथावत रखा गया है, जिनमें कटघोरा थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी, कोतवाली प्रभारी एमबी पटेल, दर्री थाना प्रभारी नागेंद्र तिवारी, पाली थाना प्रभारी जितेंद्र यादव, उरगा थाना प्रभारी राजेश तिवारी, दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू, रजगामार चौकी प्रभारी लक्षमण खूंटे, सर्वमंगला चौकी प्रभारी विभव तिवारी और सीएसईबी चौकी प्रभारी भीमसेन यादव शामिल हैं।

मुख्यमंत्री साय ने भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमिपूजन किया, छत्तीसगढ़ की धरोहर को मिलेगा नया जीवन

रायपुर : भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमिपूजन वर्ष 2026 की शुभ शुरुआत: छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहर को मिलेगी नई पहचान – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय   रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कबीरधाम ज़िले के भोरमदेव धाम में आयोजित कार्यक्रम में भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने नववर्ष 2026 की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि नए वर्ष की शुरुआत ऐसे ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कार्य से होना छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना राज्य की प्राचीन धरोहर को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का प्रतीक है। कबीरधाम जिले के इस भोरमदेव धाम में महादेव शिव की आराधना, अतुलनीय प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एक साथ  दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमिपूजन किया जा रहा है। यह परियोजना लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बेहतर शुरुआत नए वर्ष की नहीं हो सकती थी और इस परियोजना के लिए उन्होंने समस्त छत्तीसगढ़वासियों को बधाई दी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भोरमदेव की महत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस पहल के लिए केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के प्रति आभार व्यक्त किया। भोरमदेव मंदिर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरे-भरे वनांचल के बीच स्थित इस मंदिर को “छत्तीसगढ़ का खजुराहो” कहा जाता है। यह केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि हजार वर्षों की साधना, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। यहाँ भगवान शिव की पूजा भोरमदेव के रूप में की जाती है, जहाँ शैव दर्शन, लोक आस्था और आदिवासी परंपराएँ एक साथ मिलकर भारतीय संस्कृति की विविधता में एकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि सावन के महीने में निकलने वाली कांवड़ यात्रा यहाँ की एक महत्वपूर्ण परंपरा है और उन्हें स्वयं कांवड़ियों का स्वागत करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य के मध्य स्थित भोरमदेव मंदिर, मड़वा महल और छेरकी महल ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व रखते हैं। मंदिर की दीवारों पर उत्कीर्ण भव्य शिल्पाकृतियाँ खजुराहो की कला से तुलना योग्य हैं। नागवंशी शासनकाल में निर्मित नागर शैली की यह अद्वितीय वास्तुकला अपने आप में अद्भुत है। यह स्थल न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्रीय इतिहास, कला और सामाजिक जीवन का सशक्त साक्ष्य भी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महाशिवरात्रि पर यह स्थान प्रमुख तीर्थ के रूप में हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, जहाँ आदिवासी परंपराओं और शैव प्रथाओं का अनोखा संगम दिखाई देता है। मड़वा महल, जिसका संबंध विवाह मंडप से माना जाता है, तथा छेरकी महल की दीवारों पर अंकित वन और नदी से जुड़ी आकृतियाँ प्रकृति-निष्ठ जीवनदर्शन को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि भोरमदेव का यह संपूर्ण क्षेत्र धर्म और अध्यात्म के साथ-साथ पर्यटन का भी बड़ा केंद्र है, जिसे वर्तमान सरकार व्यापक रूप से विकसित करने जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान किया है, जिससे पर्यटन क्षेत्र को संरचनात्मक मजबूती मिली है। नई पर्यटन नीति एवं होम-स्टे पॉलिसी के माध्यम से सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर दशहरा सहित छत्तीसगढ़ के अनेक स्थानीय उत्सवों ने प्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। हमारी सांस्कृतिक परंपराएँ केवल मंदिरों और स्थापत्य तक सीमित नहीं हैं; बल्कि नाचा परंपरा, 13 पारंपरिक वाद्ययंत्र, लोकनृत्य और गीत हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के दर्पण हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि धार्मिक आस्थाओं में यहाँ भगवान राम को ‘भाँचा राम’ या ‘वनवासी राम’ के रूप में पूजा जाता है क्योंकि उनके वनवास के लगभग 10 वर्ष दंडकारण्य क्षेत्र में व्यतीत हुए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युवाओं को पर्यटन क्षेत्र में प्रशिक्षण देकर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पूरे छत्तीसगढ़ में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है तथा रेल और हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँचना सरल होगा और पर्यटन को नई गति मिलेगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मज़बूत होगी। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों को नई दिशा मिलेगी। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भोरमदेव महोत्सव स्थल पर काॅरिडोर के भूमिपूजन के बाद सभा को संबोधित करते हुए कबीरधाम जिले सहित पूरे प्रदेश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। उन्होंने नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि बीते दो वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को धरातल पर उतारते हुए विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा थी, जिसे समाप्त करने का बीड़ा राज्य सरकार ने उठाया है और आज प्रदेश नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के नागरिकों में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि भारत को कमजोर करने वाली किसी भी ताकत या षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध लिए गए कठोर निर्णयों ने देश की सुरक्षा नीति को नई मजबूती प्रदान की है। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि सुशासन का प्रभाव आज देश-दुनिया में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। भारत तेजी से विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर है। सड़कों, पुल-पुलियों एवं अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जल, बिजली, बैंक खाता और रोजगार जैसी सुविधाएं गरीबों के घर-घर तक पहुंच रही हैं।  केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने कहा कि भोरमदेव मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है और इस कॉरिडोर निर्माण के माध्यम से आने वाले हजार वर्षों तक इसे संरक्षित रखने का कार्य किया जा … Read more

देश के पर्यटन मानचित्र पर सबसे तेजी से उभरता छत्तीसगढ़ : शेखावत

रायपुर : भारत के विकास का ग्रोथ इंजन बना छत्तीसगढ़ : गजेंद्र सिंह शेखावत देश के पर्यटन मानचित्र पर सबसे तेजी से उभरता छत्तीसगढ़ : शेखावत भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया भूमिपूजन स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत 146 करोड़ रूपए की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर होगा निर्माण कॉरिडोर निर्माण से भोरमदेव बनेगा पर्यटन का केंद्र बोड़ला से भोरमदेव तक सड़क उन्नयन हेतु मुख्यमंत्री ने की घोषणा रायपुर केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत के विकास का ग्रोथ इंजन छत्तीसगढ़ बनता जा रहा है छत्तीसगढ़ इस संकल्प के साथ में हम सब लोग काम करेंगे ऐसा भरोसा और विश्वास आप सबको दिलाते हुए आप सबको बहुत सारी बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सतत आगे बढ़े और छत्तीसगढ़ का पर्यटन विकसित हो छत्तीसगढ़ की संस्कृति सुरक्षित और संरक्षित हो जिससे छत्तीसगढ़ की एक अलग पहचान बने। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत 146 करोड़ रुपये की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन सम्पन्न किया गया। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव मंदिर परिसर से मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ एवं सरोदा जलाशय तक एक सुव्यवस्थित एवं समग्र पर्यटन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर के निर्माण होने से जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पुरातात्विक स्थलों को एक सशक्त पर्यटन श्रृंखला में जोड़ते हुए भोरमदेव को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी। उज्जैन और वाराणसी की तर्ज पर भोरमदेव कॉरिडोर का विकास किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, उपमुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने नववर्ष के अवसर पर कबीरधाम जिले को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के आग्रह पर भोरमदेव से बोड़ला तक सड़क चैड़ीकरण एवं नवीनीकरण कार्य की भी घोषणा की।  केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भोरमदेव महोत्सव स्थल पर काॅरिडोर के भूमिपूजन के बाद सभा को संबोधित करते हुए कबीरधाम जिले सहित पूरे प्रदेश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। उन्होंने नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि बीते दो वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को धरातल पर उतारते हुए विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा थी, जिसे समाप्त करने का बीड़ा राज्य सरकार ने उठाया है और आज प्रदेश नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के नागरिकों में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि भारत को कमजोर करने वाली किसी भी ताकत या षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध लिए गए कठोर निर्णयों ने देश की सुरक्षा नीति को नई मजबूती प्रदान की है। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि भारत तेजी से विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर है। सड़कों, पुल-पुलियों एवं अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, पेयजल, बिजली, डीबीटी के माध्यम से राशि का अंतरण और रोजगार जैसी सुविधाएं गरीबों के घर-घर तक पहुंच रही हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में सकारात्मक बदलाव करते हुए अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार प्रदान किया जा रहा है। साथ ही रोजगार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में हर्जाने की गारंटी भी इस योजना में शामिल की गई है। उन्होंने इसे ‘मोदी की गारंटी’ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने कहा कि भोरमदेव मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है और इस कॉरिडोर निर्माण के माध्यम से आने वाले हजार वर्षों तक इसे संरक्षित रखने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों एवं अधिकारियों से आग्रह किया कि 146 करोड़ रुपये की इस परियोजना में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए, क्योंकि यह कार्य धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नागरिक उपस्थित रहे।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि एक हजार साल पुराने बाबा भोरमदेव के मंदिर विकास हेतु आज भूमिपूजन हुआ है जो बहुत ही हर्ष की बात है। सावन के महीने में यहां हजारों की संख्या श्रद्धालु कावड़िये अमरकंटक से माता नर्मदा का जल लेकर बाबा भोरमदेव का जलाभिषेक करते हैं जिनका स्वागत करने के लिए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ मैं भी आया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शासन ने हर वर्ग के विकास के लिए निरन्तर कार्य किया जा रहा है। कवर्धा के जंगलों में वास करने वाले राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के बैगा जैसे प्रदेश की पिछड़ी जनजातियों के लिए शासन द्वारा पीएम जनमन योजना प्रारम्भ की गई है, जिससे अब गांव-गांव तक पक्की सड़कें, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे अनेक योजनाओं का लाभ यहां के लोगों को मिल रहा है। वहीं उनके स्वास्थ्य की देखभाल के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रारम्भ किए गए हैं, जिनमें एंबुलेंस के साथ में डॉक्टर एवं नर्स सहित पूरा तकनीकी स्टाफ भी उपलब्ध रहेगा जो घर घर जाकर लोगों का उपचार करेगा। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता से प्रधानमंत्री मोदी ने वादे किए थे जिन्हें पूरा करने का कार्य शासन द्वारा किया जा रहा है। मोदी की गारंटी को काम पूरा होने की गारंटी बताते हुए उन्होंने कहा हमारी सरकार बनते ही 18 लाख आवास से वंचित लोगों को आवास का अधिकार दिलाया, 70 लाख महिलाओं के खाते में हर महीने एक हजार रुपए पहुंच रहे है इसी तरह छत्तीसगढ़ के हजारों लोगों में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का भी लाभ लिया है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा लगातार क्षेत्र का दौरा कर यहां के विकास के लिए … Read more

रायपुर साहित्य उत्सव की वेबसाइट का मुख्यमंत्री साय ने किया लोकार्पण, 23 से 25 जनवरी तक होगा आयोजन

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर साहित्य उत्सव की वेबसाइट का किया लोकार्पण 23 से 25 जनवरी तक आयोजित होगा रायपुर साहित्य उत्सव रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में  रायपुर साहित्य उत्सव की वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, कौशल विकास मंत्री खुशवंत साहेब तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा उपस्थित थे। उल्लखेनीय है कि रायपुर साहित्य उत्सव 23 से 25 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। साहित्य उत्सव में देशभर के प्रख्यात साहित्यकारों, लेखकों, कवियों, पत्रकारों, समीक्षकों एवं पाठकों की सहभागिता होगी। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति, सृजनात्मक लेखन, प्रकाशन जगत, युवा साहित्य तथा नई पीढ़ी के रचनाकारों से जुड़े विषयों पर विविध सत्र आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री साय ने वेबसाइट लॉन्च करते हुए कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाई प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उत्सव लेखक और पाठक के बीच नए संवाद का सशक्त मंच बनेगा तथा युवा पीढ़ी में पढ़ने और लिखने की प्रेरणा जागृत करेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती लोकसाहित्य, लोककथाओं और समृद्ध मौखिक परंपराओं की धरोहर रही है। ऐसे में रायपुर साहित्य उत्सव राज्य की इस सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करने का सुअवसर बनेगा।

स्व-सहायता समूह के माध्यम से बढ़ी आय, ग्रामीण महिलाओं को मिला सशक्तिकरण और सम्मान

बिहान योजना से बदली सिवनी की रूखमणी पाण्डेय की जिंदगी, बनीं ‘लखपति दीदी’ और महिला आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल स्व-सहायता समूह के माध्यम से बढ़ी आय, ग्रामीण महिलाओं को मिला सशक्तिकरण और सम्मान रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ अंतर्गत लखपति दीदी पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम दे रही है। इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले के विकासखंड बलौदा अंतर्गत ग्राम सिवनी निवासी श्रीमती रूखमणी पाण्डेय ने आत्मनिर्भरता की एक प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की है। कभी पूर्णतः घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली रूखमणी पाण्डेय आज प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपये की नियमित आय अर्जित कर ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना चुकी हैं। कोरोना काल एवं लॉकडाउन के दौरान पशुपालन व्यवसाय में हुए आर्थिक नुकसान के बाद परिवार की आय का प्रमुख स्रोत प्रभावित हुआ, जिससे आर्थिक चुनौतियां बढ़ीं। इस कठिन समय में श्रीमती रूखमणी पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने का संकल्प लिया। आरबीके दीदी के सहयोग से ग्राम सिवनी में महिलाओं को संगठित कर उन्होंने ‘जय अम्बे महिला स्व सहायता समूह’ का गठन किया। 25 फरवरी 2020 को गठित यह समूह उन्नति महिला ग्राम संगठन सिवनी तथा बिहान महिला क्लस्टर संगठन कुरदा से संबद्ध है। समूह के माध्यम से बैंक लिंकेज के तहत एक लाख रुपये का ऋण तथा अतिरिक्त समूह ऋण प्राप्त कर उन्होंने पारंपरिक पशुपालन व्यवसाय को पुनः प्रारंभ किया। इसके साथ ही आचार, पापड़, मसाला एवं अगरबत्ती निर्माण जैसी विविध आजीविका गतिविधियों को अपनाया, जिससे उनकी आय में सतत वृद्धि हुई। आज श्रीमती रूखमणी पाण्डेय न केवल अपनी पारिवारिक आवश्यकताओं को स्वयं पूरा कर रही हैं, बल्कि स्व सहायता समूह की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रयासों से गांव की अनेक महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही हैं। श्रीमती रूखमणी पाण्डेय ने कहा कि ‘लखपति दीदी पहल’ ने उन्हें आत्मविश्वास, पहचान और सम्मान प्रदान किया है। उन्होंने इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उनकी सफलता यह प्रमाणित करती है कि प्रभावी मार्गदर्शन, समूह की सामूहिक शक्ति और सरकारी योजनाओं के सहयोग से ग्रामीण महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल कर समाज में सशक्त भूमिका निभा सकती हैं।