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प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने पर मुख्यमंत्री ने दी बधाई

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रख्यात साहित्यकार श्री विनोद कुमार शुक्ल को साहित्य जगत के प्रतिष्ठित ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने पर बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री विनोद कुमार शुक्ल हिंदी साहित्य की उस विराट परंपरा के प्रतिनिधि हैं, जिसने अपनी सादगी, संवेदना और अद्भुत लेखन-शक्ति से साहित्य की दुनिया में एक विशिष्ट स्थान बनाया है। उनकी लेखनी ने न केवल हिंदी भाषा को समृद्ध किया है, बल्कि पाठकों की अनेक पीढ़ियों को गहराई से प्रभावित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व का क्षण है कि श्री विनोद कुमार शुक्ल को यह सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान साहित्य जगत में उनके अद्वितीय योगदान को प्रदर्शित करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री विनोद कुमार शुक्ल के सुदीर्घ, स्वस्थ और सक्रिय जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनका रचनात्मक योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

राजकुमार भगत ने नारायणपुर धान खरीदी केंद्र में बेचा धान

ऑनलाइन टोकन जारी होने से किसानों को मिल रही बड़ी सुविधा रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार राज्यभर के सभी धान खरीदी केंद्रों में खरीदी प्रक्रिया सुचारू और व्यवस्थित रूप से जारी है। इसी क्रम में आज जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड के ग्राम नारायणपुर धान खरीदी केंद्र में किसान राजकुमार भगत अपने धान की बिक्री के लिए पहुँचे। उन्होंने बताया कि उनका ऑनलाइन टोकन आसानी से कट गया और उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। राजकुमार भगत ने कहा कि वे हर वर्ष इसी केंद्र में धान बेचते हैं और इस बार भी सभी व्यवस्थाएँ बेहद सुव्यवस्थित हैं। उन्होंने खरीदी केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं जैसे—ऑनलाइन टोकन जारी व्यवस्था, माइक्रो एटीएम, पर्याप्त बारदाना, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर संतोष प्रकट किया। प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप सभी प्रबंध किसानों की सुविधा को ध्यान में रखकर किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक किसान को धान खरीदी की प्रक्रिया सहज, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो। इसके लिए प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। क्या है माइक्रो एटीएम सुविधा? धान उपार्जन केंद्रों में किसानों की त्वरित जरूरतों को पूरा करने हेतु छत्तीसगढ़ सरकार ने माइक्रो एटीएम सुविधा उपलब्ध कराई है। इस सुविधा के माध्यम से किसान 2,000 रुपये से 10,000 रुपये तक की राशि तुरंत प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की इस पहल से किसानों को बैंक की शाखाओं में लंबी कतारों में लगने की आवश्यकता नहीं पड़ती, और धान बेचने के तुरंत बाद आवश्यक राशि आसानी से मिल जाती है। यह सुविधा किसानों की तत्काल आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में अत्यंत मददगार साबित हो रही है और संपूर्ण धान खरीदी प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक, सुगम एवं किसान-फ्रेंडली बना रही है।

प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व में श्रम सुधारों का ऐतिहासिक क्रियान्वयन : मुख्यमंत्री साय

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज देश में चार श्रम संहिताओं के ऐतिहासिक क्रियान्वयन पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रम सुधारों का यह महत्वपूर्ण निर्णय देश के 40 करोड़ से अधिक श्रमिकों के अधिकार, सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण की एक अभूतपूर्व गारंटी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन भारत के श्रम क्षेत्र के इतिहास में एक मील का पत्थर है। चारों श्रम संहिताओं के लागू होने से न्यूनतम वेतन का अधिकार, महिलाओं को समान वेतन का प्रावधान, फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, प्रत्येक श्रमिक के लिए सामाजिक सुरक्षा, मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा और ओवरटाइम पर डबल वेतन जैसी व्यवस्थाएँ पूरे देश में सुनिश्चित होंगी। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों से न केवल श्रमिक वर्ग को लाभ मिलेगा, बल्कि औद्योगिक वातावरण अधिक पारदर्शी, संतुलित और श्रमिक-हितैषी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जिस समावेशी और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लिया है, श्रम संहिताओं का लागू होना उस दिशा में एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम है। उन्होंने कहा कि भारत की कार्यशील जनसंख्या राष्ट्र की उत्पादन शक्ति और आर्थिक समृद्धि की आधारशिला है, और उनके अधिकारों का संरक्षण किसी भी सशक्त राष्ट्र की प्राथमिकता है। यह संहिताएँ देश की श्रम शक्ति को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त वातावरण प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, उनके कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले इस निर्णय के लिए वह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी के प्रति आभार प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि यह सुधार नई अर्थव्यवस्था, बेहतर औद्योगिक संबंधों और मजबूत श्रम बाजार का आधार साबित होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन से देशभर में रोजगार, उत्पादन, निवेश और औद्योगिक विकास की गति और अधिक मजबूत होगी, जिससे भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी।

घर बैठे धान विक्रय का नया दौर: तुंहर टोकन ऐप से किसानों को मिली बड़ी राहत

मोबाइल से काट रहे टोकन, धान खरीदी प्रक्रिया हुई पारदर्शी और तेज रायपुर  खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान उपार्जन को सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए शुरू किया गया तुंहर टोकन मोबाइल ऐप किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। धान खरीदी तिहार के बीच इस डिजिटल नवाचार ने उपार्जन केंद्रों में लगने वाली भीड़, समय की बर्बादी और पारंपरिक जटिलताओं को काफी हद तक कम कर दिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में लागू की गई इस व्यवस्था से किसान अब अपने मोबाइल से कुछ ही मिनटों में धान विक्रय हेतु टोकन निकाल पा रहे हैं और निर्धारित समय पर आसानी से केंद्र पहुंचकर धान बेच रहे हैं। शुक्रवार को 52 किसानों ने मोबाइल से काटा टोकन अम्बिकापुर जिले के उपार्जन केंद्रों में शुक्रवार को 52 किसानों ने तुंहर टोकन ऐप का उपयोग कर घर बैठे धान का टोकन काटा। बढ़ती लोकप्रियता यह दर्शाती है कि डिजिटल सुविधा ने किसानों का विश्वास तेजी से जीता है। अम्बिकापुर विकासखंड के आदिमजाति सेवा सहकारी समिति मेड्राकला में पहुंचने वाले ग्राम भिट्ठीकला के कृषक श्री श्याम राजवाड़े और श्री मिलन राम ने बताया कि मोबाइल ऐप से टोकन काटने के बाद केंद्र में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। श्री श्याम राजवाड़े ने कहा कि उन्होंने 26 क्विंटल धान का टोकन कुछ ही मिनटों में घर बैठे निकाल लिया। पूर्व में केंद्र में जाकर टोकन लेने में समय और श्रम दोनों लगते थे, पर अब आते ही बारदाना मिला और धान की तौल भी तत्काल हो गई। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य देने के निर्णय की सराहना की। इसी तरह किसान श्री  मिलन राम ने बताया कि उन्होंने 62 क्विंटल धान का टोकन मोबाइल ऐप से काटा। बार-बार केंद्र नहीं आना पड़ा और पहुंचते ही बारदाना व तौल की प्रक्रिया बिना किसी बाधा पूरी हुई। उन्होंने कहा कि इस बार की खरीदी व्यवस्था पूरी तरह किसान-मित्र साबित हो रही है। डिजिटल नवाचार से बढ़ी पारदर्शिता और सुविधा तुंहर टोकन ऐप के जरिए किसानों को अब लंबी लाइनों से मुक्ति,समय और श्रम की बचत,टोकन प्रक्रिया में पारदर्शिता,भीड़-भाड़ और अव्यवस्था में कमी जैसे सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। किसानों की संतुष्टि यह साबित करती है कि राज्य सरकार की यह डिजिटल पहल सफल रही है और धान विक्रय को अधिक सरल, तेज और भरोसेमंद बनाकर किसानों को बड़ी राहत दी है।

केंद्रीय कमेटी का बयान: हिड़मा की मौत को ‘फर्जी मुठभेड़’ बताया, 23 को विरोध कार्यक्रम

जगदलपुर बस्तर के सबसे चर्चित नक्सली कमांडर मांडवी हिड़मा की मौत अब एक नए विवाद में बदल गई है। नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय ने प्रेस नोट जारी कर सरकार और सुरक्षा एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को ‘फर्जी मुठभेड़’ बताते हुए 23 नवंबर को देशव्यापी प्रतिरोध दिवस मनाने का ऐलान किया है। अभय का दावा है कि हिड़मा इलाज के लिए विजयवाड़ा गया था, जहां उसे पकड़कर सरेंडर कराने की कोशिश की गई। सुरक्षा बल हिड़मा को जीवित सरेंडर कराना चाहते थे, लेकिन असफल होने पर उसे और उसके साथ मौजूद 6 अन्य नक्सलियों को मार दिया गया। नक्सलियों के केंद्रीय कमेटी का कहना है कि हिड़मा की मौत सिर्फ एक ऑपरेशन का हिस्सा नहीं, बल्कि शीर्ष नेतृत्व को खत्म करने की एक बड़ी रणनीति है। प्रेस नोट में नक्सलियों ने पुलिस पर मानवाधिकार उल्लंघन के भी आरोप लगाए हैं और जनता से ‘विरोध दिवस’ में शामिल होने की अपील की है। आरोप पूरी तरह राजनीतिक और भ्रम फैलाने वाला : सुरक्षा एजेंसी दूसरी ओर सुरक्षा एजेंसियां इन आरोपों को पूरी तरह राजनीतिक और भ्रम फैलाने वाला बता रही है। हिड़मा की मौत के बाद बस्तर में पहले ही सुरक्षा हाई अलर्ट पर है। अब प्रतिरोध दिवस की घोषणा के बाद संवेदनशील जिलों सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और पड़ोसी राज्यों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। नक्सली नेतृत्व इस घटना को संगठन के विरुद्ध ‘हमला’ बताते हुए अपनी रणनीति को नए सिरे से गढ़ने की बात कह रहा है। वहीं प्रशासन का कहना है कि जिस ऑपरेशन में हिड़मा ढेर हुआ, वह पूरी तरह वैधानिक और प्रमाणिक कार्रवाई थी।

प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कर रही है कार्य: मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री "छत्तीसगढ़ 25 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में हुए शामिल रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित “छत्तीसगढ़ 25 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की 25 वर्ष की स्वर्णिम विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की अहम भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने बस्तर सहित पूरे प्रदेश में विकास में बाधक नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं। सुरक्षा कैंप स्थापित किए जाने से सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में किए जा रहे प्रयासों से नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर अपने मूल स्वरूप में भयमुक्त होकर प्रदेश के विकास में बेहतर भागीदारी देगा। श्री साय ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से बस्तर की संस्कृति और प्रतिभा को दुनिया ने देखा है। बस्तर में शांति, समृद्धि और खुशहाली के नए युग का आरंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति पूरी दृढ़ता से लागू है। पूर्व में जो अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुए, उस पर कड़ा प्रहार किया गया है, जिसका परिणाम भी सभी देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने भूखमरी जैसे अभिशाप को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए थे, जिसके तहत गरीब परिवारों को अनाज उपलब्ध कराया गया। साथ ही, जरूरतमंद परिवारों को आज आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपनों को साकार करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की लगभग सभी गारंटियों को पूरा कर दिया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण ‘चरण पादुका योजना’ को भी पुनः प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री ने नई उद्योग नीति के आकर्षक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश लगातार बढ़ रहा है। अब तक राज्य सरकार को पौने आठ लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिससे आने वाले वर्षों में रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले विभिन्न संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री अलोक सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी लोक सेवा आयोग परीक्षा-2024 के सफल प्रतिभागियों को बधाई

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) परीक्षा-2024 में सफलता प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि युवा शक्ति की कड़ी मेहनत, अनुशासन, निरंतर तैयारी और समर्पित प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश की सेवा में एक नई शुरुआत के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी ने हमेशा उत्कृष्टता, साहस और लगन का परिचय दिया है। इस परीक्षा में सफल हुए सभी प्रतिभागियों ने अपने धैर्य और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता  से यह सिद्ध किया है कि प्रदेश की नई पीढ़ी प्रशासनिक सेवाओं में एक सशक्त स्थान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत और दृढ़ निश्चय से प्राप्त यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि ये नवचयनित अधिकारी सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन की नई ऊँचाइयों को स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को जनोन्मुखी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और इन नई नियुक्तियों से शासन-प्रशासन में नई ऊर्जा का संचार होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि  सभी युवा अधिकारी छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, सामाजिक न्याय, गरीबी उन्मूलन, महिला-शिक्षा सशक्तिकरण और ग्रामीण उन्नति जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि इन सफल प्रतिभागियों की उपलब्धि प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने कहा कि यह सफलता संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिश्रम और अनुशासन के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे निरंतर सीखते रहें, स्वयं को बेहतर बनाते रहें और जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं। मुख्यमंत्री ने सभी सफल अभ्यर्थियों को उज्ज्वल, सुखद एवं सफल जीवन की मंगलकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार उनके साथ है और हर स्तर पर एक संवेदनशील, पारदर्शी और सक्षम प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने में उनका सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

साय सरकार की बड़ी पहल: धर्मांतरण रोकने को विधानसभा में आएगा विधेयक

रायपुर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार आ रही धर्मांतरण की खबरों के बीच साय सरकार आखिरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि दिसंबर महीने में आयोजित छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरकार धर्मांतरण पर कानून लाने जा रही है. उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से चर्चा में नक्सली कमांडर हिडमा की मौत पर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पोस्ट पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि जो आज यह कह रहे हैं, वे ताड़मेटला के शहीद जवानों पर क्यों कुछ नहीं कहते. बस्तर में आठ महीने के बच्चे को मार दिया गया, उस पर क्यों नहीं कहते. झीरम में शीर्ष नेतृत्व को समाप्त कर दिया गया, उस पर क्यों कुछ नहीं कहते. ऐसा कहने वाले लोगों शर्म आना चाहिए. ऐसे लोगों को हाथ जोड़कर नक्सल प्रभावित परिवारों से माफी मांगना चाहिए. विजय शर्मा ने इस महीने में दूसरी बार प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह अच्छा है. भाग्य का विषय है. प्रधानमंत्री ने राज्योत्सव के लिए समय दिया. प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्ट मार्गदर्शन मिल रहा है. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का दौरा हो चुका है. छत्तीसगढ़ के शासन-प्रशासन को प्रमोशन मिलता है. वहीं डीजीपी कॉन्फ्रेंस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह हर वर्ष होता है. नवाचार की सभी को जानकारी हो. नवाचार के आधार पर पुलिसिंग मजबूत करे. इसे लेकर डीजीपी कॉन्फ्रेंस हो रही है.

रायपुर में लगेगा भव्य आवास मेला: सपनों का घर पाने वालों के लिए सुनहरा अवसर

रायपुर आवासीय योजनाओं की पूरी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल राज्य स्तरीय आवास मेला आयोजित कर रहा है। यह मेला 23, 24 और 25 नवंबर को राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में होगा। मेले को लेकर आज वित्त मंत्री ओपी चौधरी और हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस कॉन्फ्रेंस में हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर अवनीश शरण भी मौजूद रहे। आवास मेला में हाउसिंग लोन के लिए सभी प्रमुख बैंकों के स्टॉल होंगे। लोग साइट विजिट का लाभ ले सकेंगे। वास्तु शास्त्र से जुड़े स्टॉल भी लगाए जाएंगे। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी भी दी जाएगी। साथ ही नई आधुनिक तकनीक को शामिल किया गया है। मेले में कई गिफ्ट वाउचर और गिफ्ट हैम्पर भी रखे गए हैं। हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने कहा कि हमारी सरकार ने हाउसिंग बोर्ड को कर्जमुक्त किया है। पहले लोन और ब्याज को लेकर लगातार चिंताएं थीं, लेकिन अब नई पॉलिसी के माध्यम से व्यवस्थित तरीके से काम किया जा रहा है। आवास परियोजनाएं कितनी जरूरी हैं और सरकार इस विषय को लेकर कितनी संजीदा है, यह इसी से समझा जा सकता है। मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में तेजी से काम हो रहा है। पहले आवास योजनाओं के क्राइटेरिया पूरे नहीं हो पाते थे, लेकिन अब हाउसिंग बोर्ड की योजनाओं और कार्यों की गति में स्पष्ट तेजी आई है। उन्होंने बताया कि आवास मेले का आयोजन 23, 24 और 25 नवंबर को बीटीआई ग्राउंड, शंकर नगर में आवास मेला आयोजित किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री साय करेंगे। अनुराग सिंहदेव ने बताया कि 2 हजार 60 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना शुरू की जा रही है, जो 22 जिलों में चलेगी। हाउसिंग बोर्ड के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी परियोजना एक साथ शुरू होगी। वर्ष 2024 तक पिछले पांच सालों में हाउसिंग बोर्ड ने केवल 250 करोड़ का बिजनेस किया था, जबकि एक वर्ष हमने 600 करोड़ का बिजनेस किया है। यह सफलता इसलिए मिली है क्योंकि सरकार ने पूरे सिस्टम की मॉनिटरिंग की है। पहले भी मेला आयोजित होता था, लेकिन इस बार 2 हजार करोड़ की वैकेंसी के लिए भी रहेगा। लोग राशि जमा कर अपना मकान वहीं चुन सकेंगे। हाउसिंग बोर्ड के जितने भी ब्रांड पार्टनर्स हैं, उनके सभी मटेरियल और तकनीकी स्टॉल भी मेले में शामिल होंगे। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड मृतप्राय स्थिति पर था, जिसे बीजेपी सरकार ने ठीक किया। हाउसिंग बोर्ड पर 700 करोड़ रुपये का लोन पटाने का काम किया गया। जनवरी 2025 में OTS-2 लॉन्च किया गया, जिसे अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। हमारी सरकार में अब परियोजना के लिए पहले 30 फ़ीसदी बुकिंग होना अनिवार्य किया गया है, जिसके बाद ही अब टेंडर प्रक्रिया और निर्माण का काम किया जाएगा। जहां डिमांड होगी, वहीं पर काम किया जाएगा।

थैले में फेंकी गई नवजात: समय पर मदद से अस्पताल पहुंचाया गया शिशु

मनेन्द्रगढ़ मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम पंचायत चनवारीडांड स्थित वन विभाग डिपो के पास शुक्रवार सुबह थैले में नवजात शिशु लावारिस हालत में मिली. सुबह टहलने निकले लोगों को रोने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद उसे अस्पताल लाया गया. फिलाहाल शिशु का स्वास्थ स्थिर बताया जा रहा है. उसे मेडिकल टीम की विशेष निगरानी में रखा गया है. जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत चनवारीडांड क्षेत्र में शुक्रवार सुबह किसी ने एक नवजात शिशु को झोले में डालकर सड़क किनारे छोड़ दिया. स्थानीय लोगों ने शिशु को तत्काल चिकित्सीय सहायता के लिए अस्पताल लाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को “स्वस्थ्य और स्थिर” बताया है. अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को प्राथमिक उपचार दिया. नन्हीं जान सुरक्षित बताई जा रही है और उसे मेडिकल टीम की विशेष निगरानी में रखा गया है. वहीं सूचना पर कोतवाली मनेंद्रगढ़ पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई. पूरी घटना की जांच शुरू कर दी गई है.