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छत्तीसगढ़ का मॉडल — वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण की मिसाल

रायपुर : विशेष लेख : वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध – छत्तीसगढ़ का आदर्श मॉडल रायपुर भारतीय संस्कृति के केंद्र में हमारे बुजुर्ग हैं – जिनके अनुभव समाज को दिशा देते हैं और जिनकी स्मृतियाँ हमारी सभ्यता की नींव हैं, लेकिन बदलते सामाजिक परिदृश्य में पारिवारिक संरचना और सामाजिक दायरे सिमटने लगे हैं। ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सहभागिता और गरिमामय जीवन सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता बन जाता है। इसी भावना को साकार करती है – छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील नीतियाँ और सशक्त क्रियान्वयन। बुजुर्ग – संस्कृति, अनुभव और मूल्यों के स्तंभ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने वरिष्ठजनों के सम्मान को शासन प्रणाली में प्रमुख स्थान दिया है। उनका मानना है “माता-पिता की पूजा ही ईश्वर की पूजा है।” इसी सोच के साथ राज्य में ऐसे प्रकल्पों का विस्तार हो रहा है जो बुजुर्गों के जीवन की गुणवत्ता बढ़ाते हैं। एक अक्टूबर अंतर्राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और दुर्ग में पीपीपी मॉडल के तहत आधुनिक वृद्धाश्रम स्थापित करने तथा असहाय बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए रायपुर में उपकरण सर्विस सेंटर खोलने की घोषणा की। इसी के साथ राज्य में “सियान गुड़ी” जैसे सामाजिक-आध्यात्मिक केंद्रों का विस्तार बुजुर्गों को मानसिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सहारा प्रदान कर रहा है। छत्तीसगढ़ की समाज कल्याण मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने वृद्धजन केंद्रित कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक पहुँचाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उनका कहना है “संवेदनशील शासन का अर्थ है, हर बुजुर्ग तक सेवा और सुरक्षा पहुँचाना।” राज्य में 35 वृद्धाश्रम सक्रिय रूप से संचालित हैं, जहाँ लगभग 1049 वरिष्ठ नागरिक भोजन, आवास, स्वास्थ्य, परामर्श और मनोरंजन की सुविधाएँ प्राप्त कर रहे हैं। गंभीर रोगों या असहाय स्थिति में रह रहे बुजुर्गों के लिए रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम, रायगढ़, बालोद और बेमेतरा इन 6 जिलों में प्रशामक देखभाल गृह संचालित किए जा रहे हैं, जहाँ 128 वरिष्ठजनों को निःशुल्क उपचार, दवाइयाँ और नियमित स्वास्थ्य देखभाल मिल रहा है। वरिष्ठजनों की समस्याओं के निवारण हेतु स्थापित हेल्पलाइन सेवा द्वारा अब तक 2 लाख 70 हजार से अधिक प्रकरणों का समाधान किया जा चुका है। यह सेवा न केवल उनकी पहुँच बढ़ाती है, बल्कि आत्मविश्वास और सुरक्षा बोध भी जगाती है। वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम – 2007 का राज्य में सख्ती से पालन किया जा रहा है। अनुविभाग स्तर पर – भरण-पोषण अधिकरण, जिला स्तर पर – अपीलीय अधिकरण इन व्यवस्थाओं ने बुजुर्गों को संपत्ति, सुरक्षा और भरण-पोषण से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया है। गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को नियमित पेंशन सहायता प्रदान की जा रही है 60 से 79 वर्ष तक की आयु के बुजुर्गों को 500 रुपए प्रति माह और 80 वर्ष से अधिक आयु वाले वरिष्ठजनों को 650 रुपए प्रति माह सहायता राशि दी जा रही है। वर्तमान में 14 लाख से अधिक बुजुर्ग इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। यह सहायता उनके जीवन में आर्थिक सुरक्षा का आधार बनती है। राज्य सरकार की योजनाएँ गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा के अधिकार को सुदृढ़ कर रही हैं। आयुष्मान भारत और शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजनाओं के तहत 8 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क उपचार मिला है। साथ ही वरिष्ठ नागरिक सहायक उपकरण प्रदाय योजना के अंतर्गत 50 हजार से अधिक बुजुर्गों को व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, छड़ी, चश्मा जैसे उपकरण प्रदान किए गए हैं। आध्यात्मिक संतोष बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य का आधार है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और  रामलला दर्शन योजना के माध्यम से 2.5 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक, 278 व्यक्ति तीर्थयात्राओं का लाभ ले चुके हैं। यात्रा के दौरान भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। प्रत्येक वर्ष एक अक्टूबर वृद्धजन दिवस राज्य और जिला स्तर पर मनाया जाता है। इन कार्यक्रमों से समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान, संवेदना और सहयोग की भावना को प्रोत्साहन मिलता है। वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान केवल एक सामाजिक मूल्य नहीं, बल्कि एक कर्तव्य है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और समाज कल्याण मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने यह सिद्ध किया है कि संवेदनशील शासन, सुचारु क्रियान्वयन और मानवीय दृष्टिकोण मिलकर बुजुर्गों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला सकते हैं। बुजुर्ग – संस्कृति, अनुभव और मूल्यों के स्तंभ     डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक जनसंपर्क विभाग  

केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने रायपुर में लोगों को दी खुशियों की चाबी

रायपुर : केंद्रीय राज्यमंत्री  तोखन साहू ने बांटी खुशियों की चाबी श्रम विभाग की योजनाओं से लाभान्वित हुए हितग्राही, आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ा एक और कदम रायपुर बिलासपुर में जिला स्तरीय राज्योत्सव कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्य मंत्री  तोखन साहू ने श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को चेक और सहायता सामग्री वितरित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की योजनाएँ आमजन को आत्मनिर्भर बनाने और समाज के अंतिम पायदान तक विकास की रोशनी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत हितग्राही तानिया राठौर को 20 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया। वहीं दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत कुसुम साहू को ई-रिक्शा की चाबी सौंपकर उन्हें आत्मनिर्भर जीवन की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।  तोखन साहू ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए ठोस कदम उठा रही हैं। श्रम विभाग की योजनाएँ श्रमिक परिवारों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में सेतु का कार्य कर रही हैं। उन्होंने उपस्थित हितग्राहियों से योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं से वंचित न रहे। राज्योत्सव के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, श्रमिक हितग्राही एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ की उन्नति और संस्कृति को मिला वैश्विक सम्मान — अटल जी के सपनों को साकार कर रहा प्रदेश

रायपुर : अटल जी का सपना हुआ साकार – प्रदेश की उन्नति व गौरवशाली संस्कृति को मिली पहचान :  मंत्री  टंकराम वर्मा जांजगीर-चांपा में तीन दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम का हुआ भव्य समापन छत्तीसगढ़ रजत जयंती महोत्सव पर गूंजा ‘छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया’ का जयघोष 2047 तक होगा पूर्ण विकसित भारत, छत्तीसगढ़ निभा रहा अग्रणी भूमिका रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर जांजगीर-चांपा जिले में आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ। शासकीय हाई स्कूल मैदान जांजगीर में 2 से 4 नवम्बर तक चले इस आयोजन के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री  टंकराम वर्मा शामिल हुए। कार्यक्रम में मंत्री  वर्मा ने अतिथियों के साथ विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों की विकास यात्रा, नवाचारों और जनकल्याणकारी योजनाओं की झलक प्रस्तुत की गई थी। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं के अंतर्गत सम्मानित भी किया गया। वहीं विद्यालयीन छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय कलाकारों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। छत्तीसगढ़ी नृत्य, लोकगीत और नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में विधायक  ब्यास कश्यप, पूर्व नेता प्रतिपक्ष  नारायण चंदेल, पूर्व सांसद मती कमला देवी पाटले, पूर्व विधायक  चुन्नीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष मती सत्यलता आनंद मिरी, नगर पालिका अध्यक्ष मती रेखा देवागढ़ेवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  गगन जयपुरिया, कलेक्टर  जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक  विजय कुमार पांडेय, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी  गोकुल रावटे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि यह गर्व का क्षण है जब पूरा प्रदेश विकास, संस्कृति और आत्मगौरव की दिशा में आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ की आत्मा इसकी लोककला और परंपराओं में बसती है। उन्होंने कहा, “हम छत्तीसगढ़िया हैं — यही हमारी असली पहचान है।"उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने रायपुर में राज्योत्सव का शुभारंभ करते हुए छत्तीसगढ़ को निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गरीब कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य देकर सरकार ने अपना वादा निभाया है। मंत्री  वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद से लगभग मुक्त हो चुका है और 2026 तक यह पूरी तरह शांतिपूर्ण व समृद्ध प्रदेश बन जाएगा। प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा हमें मिलकर अपने राज्य को ‘रामराज्य’ की भावना से सशक्त, सक्षम और समृद्ध बनाना है। मंत्री  वर्मा ने अटल बिहारी वाजपेयी जी के योगदान को नमन करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण संभव हुआ। आज उनकी दृष्टि साकार हो रही है,प्रदेश संस्कृति, संकल्प और समृद्धि का संगम बन चुका है। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद मती कमलेश जांगड़े ने कहा कि यह गर्व का क्षण है जब हमारा छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित भारत की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास” की भावना के साथ राज्य प्रगति पथ पर है। दर्शकों की मांग पर गूंजा ‘मोर गवई गंगा हे’ समापन कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा जब दर्शकों की मांग पर मंत्री  टंकराम वर्मा ने मंच पर स्वयं छत्तीसगढ़ी गीत “मोर भाखा संग दया माया के सुंदर हवे मिलाप रे”, “गेंदा फूल” और “मोर गवई गंगा हे” गुनगुनाए। उनकी इस संगीतमय प्रस्तुति पर दर्शक भाव-विभोर हो उठे और कार्यक्रम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

छत्तीसगढ़ से कोस्टा रिका को फोर्टिफाइड राइस कर्नेल का निर्यात — मुख्यमंत्री साय बोले, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम

रायपुर : छत्तीसगढ़ से कोस्टा रिका को 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल का निर्यात: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि – मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय रायपुर छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है कि प्रदेश से 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (Fortified Rice Kernel – FRK) का निर्यात कोस्टा रिका को किया गया है।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर कहा कि  छत्तीसगढ़ की पहचान न सिर्फ वैश्विक मंच पर सुदृढ़ हो रही है, बल्कि पोषण, गुणवत्ता और समृद्धि के क्षेत्र में राज्य की साख को नई ऊँचाई भी प्राप्त हो रही  है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह उपलब्धि माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में कुपोषण के खिलाफ छेड़ी गई उस मुहिम का विस्तार है, जो अब वैश्विक स्तर पर प्रभाव दिखा रही है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह हमारे किसानों, मिल संचालकों और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार में नए अवसर और मूल्यवर्धित कृषि निर्यात को बढ़ावा देने वाला सराहनीय कदम है। साथ ही यह आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन-बी12 जैसे आवश्यक पोषक तत्वों का समावेश किया जाता है। यह प्रयास न केवल खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, बल्कि समाज के पोषण स्तर को भी बेहतर बनाता है। अब छत्तीसगढ़ के उत्पाद वैश्विक बाजार में ‘पोषण के प्रतीक’ के रूप में उभर रहे हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को “आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़” की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह निर्यात छत्तीसगढ़ के किसानों, मिल संचालकों और उद्योगों की मेहनत, गुणवत्ता और समर्पण का परिणाम है। आज हमारा छत्तीसगढ़ केवल भारत का अन्नदाता नहीं, बल्कि पोषण, नवाचार और गुणवत्ता का वैश्विक ब्रांड बन रहा है। यह गर्व का क्षण है, जो हमारे प्रदेश को वैश्विक व्यापार और पोषण मिशन – दोनों में अग्रणी बनाता है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह सफलता न केवल आर्थिक समृद्धि की दिशा में राज्य को आगे बढ़ाएगी, बल्कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के ‘कुपोषण मुक्त भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करके जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ से 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल की पहली खेप कोस्टा रिका के लिए निर्यात की गई है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के कुपोषण के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाते हुए यह वैश्विक स्तर पर किया गया प्रयास न केवल हमारे विदेशी व्यापार को सशक्त करता है, बल्कि हमारे पोषण मिशन को भी नई ऊर्जा प्रदान करता है।यह पहल हमारे किसानों, मिल संचालकों और निर्यातकों को नए बाजार, बेहतर मूल्य प्राप्ति और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के अवसर प्रदान करती है।  

छत्तीसगढ़ बन रहा है टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का नया पावर सेंटर – मुख्यमंत्री साय

रायपुर : विजन 2047 की ओर सशक्त कदम: छत्तीसगढ़ टेक स्टार्ट 2025 ने खोले नवाचार के नए द्वार छत्तीसगढ़ बन रहा है टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का नया पावर सेंटर – मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ के युवा नवाचार से रच रहे तकनीकी भविष्य – मुख्यमंत्री ने किया आइडियाथॉन विजेताओं का सम्मान रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  नया रायपुर स्थित मेफेयर होटल में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ टेक स्टार्ट’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘टेक स्टार्ट’ का यह आयोजन राज्य में नवाचार और तकनीकी उद्यमिता को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस अवसर पर उन्होंने ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेताओं को सम्मानित किया और छत्तीसगढ़ शासन के साथ पार्टनरशिप एक्सचेंज करने वाली इकाइयों को एग्रीमेंट पत्र सौंपे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञों, उद्यमियों एवं प्रबुद्धजनों को रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे विजनरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदैव बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया है। उनके ‘विकसित भारत’ के संकल्प से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का लक्ष्य तय किया है, जिसके लिए विजन डॉक्यूमेंट भी तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत में लाखों स्टार्टअप कार्यरत हैं, जिनमें से अनेक यूनिकॉर्न बन चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी युवाओं की उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथैरेपिस्ट हैं, वहीं स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल नया रायपुर एयरो शो में फाइटर प्लेन उड़ाकर राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और सिंगल विंडो सिस्टम को सशक्त करते हुए 350 से अधिक सुधार किए हैं, जिससे छत्तीसगढ़ निवेश के लिए देश के सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल हो गया है। औद्योगिक विकास के साथ-साथ आईटी और आईटीईएस सेक्टर में भी राज्य तीव्र गति से प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में आयोजित ‘आइडियाथॉन 2025’ में प्रदेशभर से 1800 से अधिक स्टार्टअप आइडिया प्राप्त हुए, जिनमें दूरस्थ अंचलों के युवाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन नवाचारों को मंच, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि रायपुर को आईटी और तकनीकी सेवाओं का केंद्र बनाने की दिशा में कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। एआई डेटा सेंटर पार्क और सेमीकंडक्टर प्लांट जैसी परियोजनाएं भी साकार हो रही हैं। साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब तक राज्य सरकार को साढ़े सात लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने राज्य में तीव्र आर्थिक गतिविधियों और युवाओं के लिए रोजगार सृजन के बढ़ते अवसरों पर भी विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आपके साथ चट्टान की तरह खड़ी है। अपनी मेहनत और प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर ले जाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी की सफलता ही छत्तीसगढ़ का गौरव बनेगी। मुख्य सचिव विकास शील ने कहा कि नई औद्योगिक नीति 2024 का उद्देश्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और विजन 2047 के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि इस नीति में नवाचार, निवेश, रोजगार और स्टार्टअप के अवसरों को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने ई-वेस्ट मैनेजमेंट, राइजिंग सेक्टर और स्किल डेवलपमेंट जैसे उभरते क्षेत्रों में कार्य करने की आवश्यकता बताई तथा उद्यमियों से अपने सुझाव साझा करने का आग्रह किया। मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार युवाओं और उद्यमियों के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को तकनीकी और औद्योगिक विकास का हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि उद्यमियों और शासन के मध्य संवाद केवल विशेष अवसरों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि निरंतर होना चाहिए ताकि विचारों का आदान-प्रदान सतत रूप से होता रहे। मुख्यमंत्री ने ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेताओं को किया सम्मानित मुख्यमंत्री साय ने टेक स्टार्ट कार्यक्रम के दौरान हाल ही में आयोजित ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया। उन्होंने युवाओं द्वारा प्रस्तुत नवाचारी सृजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब युवा नवाचार से जुड़ते हैं, तो यह अत्यंत सुखद होता है और तकनीकी भविष्य को मजबूती प्रदान करता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एनआईटी रायपुर, रुंगटा बिजनेस इनक्यूबेटर और आईजीकेवीआर को इनक्यूबेटर के रूप में उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आइडियाथॉन 2025 में दिव्यांगजनों के लिए स्मार्ट बैंड के आइडिया के लिए आदर्श वर्मा को प्रथम पुरस्कार, सड़क किनारे पौधों की सुरक्षा हेतु ‘अटल कवच ट्री गार्ड’ के लिए जागृति और नरेंद्र शर्मा को द्वितीय पुरस्कार तथा स्मार्ट सुरक्षा हेलमेट के आइडिया के लिए अथर्व दुबे को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने निपुण वर्मा और अनुष्का सोनकर को भी उनके नवाचारी विचारों के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एग्रोफेब सस्टेनेबल स्टार्टअप के लिए करण चंद्राकर, वर्टेक्स सुइट के लिए सजल मल्होत्रा और लैरक एआई के लिए अमित पटेल को सम्मानित किया। राज्य सरकार के साथ ‘पार्टनरशिप एक्सचेंज’ हेतु समझौता पत्र सौंपे मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में माइटी स्टार्टअप हब, नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन, वाधवानी फाउंडेशन, नैस्कॉम फाउंडेशन, स्टार्टअप मिडिल ईस्ट, कार्व स्टार्टअप लैब और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य पार्टनरशिप एक्सचेंज के लिए समझौता पत्र भी वितरित किए। एआई आधारित नवाचारों का अवलोकन – युवाओं का उत्साहवर्धन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एआई (Artificial Intelligence) आधारित नवाचार स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टार्टअप टीमों द्वारा विकसित मॉडलों, तकनीकों और अनुप्रयोगों की बारीकी से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने युवा नवाचारकर्ताओं द्वारा तैयार किए गए समाधान, सॉफ्टवेयर, ऐप्लिकेशन और तकनीकी मॉडलों को देखकर उनकी उद्यमशीलता एवं शोध-क्षमता की सराहना की। निरीक्षण के दौरान उपस्थित युवा उद्यमियों ने अपने प्रोजेक्ट्स की उपयोगिता, बाज़ार संभावनाओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे निरंतर नई तकनीक के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी पहचान बनाएँ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, … Read more

मुख्यमंत्री ने नक्सल मोर्चे पर अदम्य साहस दिखाने वाले दो शहीदों के परिजनों और 12 पुलिस जवानों को प्रदान किए वीरता पदक

रायपुर : छत्तीसगढ़ ने 25 वर्षों में लिखी है विकास की नई गाथा – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने नक्सल मोर्चे पर अदम्य साहस दिखाने वाले दो शहीदों के परिजनों और 12 पुलिस जवानों को प्रदान किए वीरता पदक रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शाम राज्योत्सव के चौथे दिन नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने राज्योत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने अपनी स्थापना के 25 वर्षों में विकास की नई गाथा लिखी है। राज्य ने हर क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 1 नवम्बर को दिनभर नवा रायपुर में रहकर राज्योत्सव का शुभारंभ किया और विधानसभा के नए भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने अपने प्रवास के दौरान राज्य को 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी है। इसके लिए मैं राज्य के तीन करोड़ लोगों की ओर से उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूं। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि अलग राज्य के निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ उपेक्षा के दंश से मुक्त हुआ। अटलजी की दूरदृष्टि से छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति मिली। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांव-गांव तक पक्की सड़क पहुँची, जिससे ग्रामीण विकास के द्वार खुले। शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना सहित सभी क्षेत्रों में तीव्र गति से कार्य हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 22 महीनों में ‘मोदी की गारंटी’ के अधिकांश बड़े कार्यों को पूरा किया है। हम राज्य में स्वच्छ, संवेदनशील और पारदर्शी शासन के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी उद्देश्य से हमने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य निर्माण से पूर्व बस्तर और सरगुजा के सुदूर वनांचल उपेक्षा का शिकार हुआ करते थे। स्वास्थ्य, शिक्षा और निर्माण सुविधाओं के अभाव में ये क्षेत्र नक्सल हिंसा की पीड़ा सहते हुए दयनीय अवस्था में थे। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस पीड़ा को समझते हुए अलग राज्य का निर्माण किया, जिसके बाद से छत्तीसगढ़ लगातार विकास की राह पर अग्रसर है।  संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर सभी नागरिकों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।  मुख्यमंत्री ने 14 पुलिस जवानों को प्रदान किए वीरता पदक मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नक्सल ऑपरेशन में अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन करने वाले पुलिस के 14 जवानों को वीरता पदक प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आकाश राव गिरिपुंजे और शहीद वीरेंद्र कुमार शोरी के परिजनों सहित नक्सल मोर्चे पर जांबाजी के साथ लड़ने वाले पुलिस जवानों श्री धरम सिंह तुलावी, श्री विजय पुनेंग, श्री गोपाल बरदू, श्री रामेश्वर ओयामी, श्री राजूलाल मरकाम, श्री समलूराम सेठिया, श्री तुलाराम ओवासी, श्री मोहन लाल कट्टम, श्री संतोष मोरामी, श्री मनोज यादव, श्री जामुराव तथा सुश्री निशा कचलाम को वीरता पदक प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, साहित्य अकादमी संस्कृति परिषद के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम तथा संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 : नवाचार और निवेश से उभरता नया स्टार्टअप हब

रायपुर वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा आज नवा रायपुर में ‘छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025’ का सफल आयोजन किया गया। यह राज्य में नवाचार, उद्यमिता और निवेश को जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक मंच साबित हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को आईटी, आईटीईएस, डिजिटल इंडस्ट्रीज और नवाचार आधारित उद्यमों का नया केंद्र बनाना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ “नवाचार से संचालित विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है।” उन्होंने कहा कि “टेकस्टार्ट के माध्यम से हम विचारों और निवेशों के बीच एक सेतु का निर्माण कर रहे हैं, जिससे युवाओं को अवसर और राज्य के विकास को गति मिलेगी। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की नई आर्थिक छलांग का प्रतीक है।” मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले दस महीनों में छत्तीसगढ़ को लगभग ₹7.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो निवेशकों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास नीति 2024–30 निवेशकों के अनुकूल और विकासोन्मुख है, जो नए उद्योगों, स्टार्टअप्स और तकनीकी उद्यमिता को गति देगी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा माहौल बनाना है, जहाँ स्टार्टअप्स फलें-फूलें और निवेशकों को स्थायी एवं विस्तार योग्य अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़ तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है और आने वाले वर्षों में यह डिजिटल भारत के मानचित्र पर अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित होगा।” इस आयोजन में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI), MeitY स्टार्टअप हब, और देश के प्रमुख तकनीकी विशेषज्ञों, निवेशकों एवं इनोवेटर्स ने भाग लिया। कार्यक्रम में आईटी और आईटीईएस क्षेत्रों में सहयोग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन रणनीतियों और निवेश साझेदारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। देशभर से 250 से अधिक निवेशक, इनक्यूबेटर और इनोवेटर इस आयोजन में शामिल हुए। यह राज्य का अब तक का सबसे बड़ा इनोवेशन नेटवर्किंग इवेंट रहा। नवा रायपुर में भारत के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना भी जारी है, जो छत्तीसगढ़ को उच्च तकनीकी, डाटा इनोवेशन और रोजगार सृजन के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। मुख्य घोषणाएँ राज्य सरकार ने स्टार्टअप्स और इनोवेशन को बढ़ावा देने हेतु  MeitY Startup Hub, नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन, वाधवानी फाउंडेशन, NASSCOM फाउंडेशन, Startup Middle East और Carve Startup Labs के साथ  रणनीतिक साझेदारियाँ की हैं।  इन समझौतों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, वैश्विक नेटवर्क और फंडिंग के अवसर प्राप्त होंगे। औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत स्टार्टअप प्रोत्साहन अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा घोषित नई नीति के तहत स्टार्टअप्स को ₹5 लाख तक की सीड फंडिंग, 6 माह के संचालन उपरांत ₹3 लाख तक का ऑपरेशनल सपोर्ट और 18 माह बाद ₹3 लाख तक का डेवलपमेंट सपोर्ट प्रदान किया जाएगा। उद्यमिता को सशक्त बनाने हेतु ₹50 करोड़ का स्टार्टअप कोर्पस फंड और ₹50 करोड़ का क्रेडिट रिस्क फंड स्थापित किया गया है। साथ ही तीन वर्षों तक 40 प्रतिशत किराया अनुदान तथा 100 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी छूट दी जाएगी। इनक्यूबेटर्स के लिए ₹40 लाख तक की पूंजीगत सहायता और 5 वर्षों तक प्रतिवर्ष ₹3–5 लाख के ऑपरेशनल सपोर्ट का प्रावधान किया गया है, ताकि राज्य का नवाचार तंत्र दीर्घकालिक रूप से सुदृढ़ रह सके। कार्यक्रम के अंत में छत्तीसगढ़ आइडियाथॉन 2025 के विजेताओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने अभिनव विचारों और तकनीकी समाधानों से राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा दी है। ‘छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025’ के माध्यम से राज्य ने एक नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में अपने संकल्प को दोहराया है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ को आईटी, आईटीईएस और टेक्नोलॉजी निवेश के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है – जहाँ विचारों को अवसर मिलता है, पूंजी को उद्देश्य मिलता है और नवाचार प्रगति का इंजन बनता है।

रेल हादसे में मलबे से जिंदा निकला बच्चा, पर माता-पिता का कोई सुराग नहीं

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में 4 नवंबर की शाम बिलासपुर स्टेशन के पास दर्दनाक रेल हादसा हो गया. तेज रफ्तार में आ रही मेमू लोकल ट्रेन एक खड़ी मालगाड़ी से जा टकराई, जिसमें 11 यात्रियों की मौत हो गई और करीब 20 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. मलबे के बीच चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल था, लेकिन इसी भयावह दृश्य के बीच एक मासूम बच्चे की जिंदगी बच गई. हादसे में घायल इस बच्चे के माता-पिता का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है. रेल प्रशासन और स्थानीय लोगों ने जब राहत अभियान शुरू किया, तो मलबे के पास यह मासूम घायल हालत में मिला. उसे तुरंत रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है.  दर्दनाक बात यह है कि बच्चे के माता-पिता का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है. रेलवे प्रशासन ने अपील की है कि जो भी व्यक्ति बच्चे के माता-पिता या परिजनों के बारे में जानकारी रखता हो, वह तुरंत रेलवे अस्पताल या बिलासपुर रेल कंट्रोल रूम से संपर्क करे. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने कहा है कि घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था. एनडीआरएफ, रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस और मेडिकल टीमों ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन चलाया. सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. रेल प्रशासन ने प्राथमिक राहत के रूप में सभी घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की है. वरिष्ठ अधिकारी लगातार अस्पतालों का निरीक्षण कर रहे हैं और घायलों से मिलकर उनका हालचाल पूछ रहे हैं. इस हादसे में जहां कई परिवारों का सबकुछ खत्म हो गया, वहीं एक मासूम इस हादसे में बच गया, लेकिन उसके माता-पिता का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है. अस्पताल में टीम उसका इलाज कर रही है. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि MEMU लोकल ट्रेन ने सिग्नल को पार करते हुए खड़ी मालगाड़ी के पिछले हिस्से में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे ओवरहेड तारों, सिग्नलिंग सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा और ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए. यह हादसा बिलासपुर-कटनी रेलखंड पर हुआ, जिसके कारण इस रूट पर रेल संचालन को तत्काल प्रभाव से रोकना पड़ा. रेलवे ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर हादसे के बाद रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और उनके परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए हैं, ताकि जरूरतमंद लोग राहत, जानकारी या अपने लापता प्रियजनों के बारे में पता कर सकें. बिलासपुर के लिए 7777857335 और 7869953330, चांपा के लिए 8085956528, रायगढ़ 9752485600, पेंड्रा रोड 8294730162, कोरबा 7869953330, उसलापुर 7777857338 और दुर्घटनास्थल से सीधे संपर्क के लिए 9752485499 व 8602007202 नंबर जारी किए गए हैं. हादसे की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शोक व्यक्त करते हुए इसे बेहद दुःखद बताया और कहा कि उन्होंने जिलाधिकारियों को त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी गंभीरता से जुटने के निर्देश दिए हैं. वहीं, रेलवे ने राहत की घोषणा करते हुए मृतकों के परिजनों को 10 लाख, गंभीर रूप से घायलों को 5 लाख और साधारण घायलों को 1 लाख की राशि देने की बात कही है.

नगरीय प्रशासन विभाग ने टोल-फ्री नम्बरों 1033 व निदान-1100 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा

रायपुर : घुमंतू पशुओं के कारण होने वाले दुर्घटनाओं को रोकने एक माह तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश नगरीय प्रशासन विभाग ने टोल-फ्री नम्बरों 1033 व निदान-1100 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा  कलेक्टरों, निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को जारी किया परिपत्र परिवहन विभाग के एसओपी के अनुसार कार्यवाही करने और खुले में पशुओं को नहीं छोड़ने हेतु पशु मालिकों को जागरूक करने कहा विभाग ने सभी निकायों को की गई कार्यवाही की जानकारी हर सप्ताह भेजने के दिए निर्देश  रायपुर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सड़कों पर घुमंतू व आवारा पशुओं के कारण होने वाले दुर्घटनाओं को रोकने सभी नगरीय निकायों को एक माह तक विशेष अभियान चलाने तथा टोल-फ्री नम्बरों 1033 व निदान-1100 के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। विभाग ने मंत्रालय से सभी जिलों के कलेक्टरों, नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी कर परिवहन विभाग के एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) के अनुसार कार्यवाही करने और खुले में पशुओं को नहीं छोड़ने के लिए पशु मालिकों को जागरूक करने को कहा है।  परिवहन विभाग द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर विचरण करने वाले आवारा और घुमंतू पशुओं के कारण होने वाले सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया जारी की गई है। इसमें सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने, निगरानी दलों के गठन, घुमंतू पशुओं के प्रबंधन, पुनर्वास, दुर्घटना प्रबंधन, आपात सेवाओं, पशु मालिकों को जागरूक करने इत्यादि के संबंध में विभिन्न विभागों के दायित्व निर्धारित किए गए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने परिवहन विभाग के एसओपी के अनुसार सभी नगरीय निकायों को उच्च जोखिम क्षेत्र (High Risk Area) एवं सामान्य जोखिम क्षेत्र (Moderate Risk Zone) की मैपिंग कर आवारा पशुओं को काउ-कैचर के माध्यम से गौ-शालाओं, गौ-अभ्यारण्यों, कांजी हाउसों और गौठानों में विस्थापित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने आवारा/घुमंतू पशुओं को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने के बाद पशु मालिकों को सूचित कर मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है। इनके साथ ही विभाग ने आवारा पशुओं को पशु पालन विभाग के माध्यम से रेडियम स्ट्रिप लगाने, रात्रि में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने चिन्हित मुख्य मार्गों एवं स्थलों में स्ट्रीट लाइट के द्वारा प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने, सुरक्षा की दृष्टि से चिन्हांकित सड़कों में संकेतक बोर्ड लगाने तथा सोशल मीडिया के माध्यम से सड़कों पर आवारा पशुओं के विचरण करने से होने वाले खतरों और पशु सुरक्षा के उपायों पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाने के भी निर्देश दिए हैं।  नगरीय प्रशासन विभाग ने निकायों को पशु मालिकों को खुले में पशुओं को नहीं छोडने हेतु जन-जागरूकता शिविर व विभागीय शिविरों के माध्यम से प्रेरित करने को कहा है। आवारा/घुमंतू पशुओं से होने वाले दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक माह का विशेष अभियान (दिन और रात) चलाने और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा है। यह विशेष अभियान नगरीय निकाय क्षेत्रों के अतिरिक्त आस-पास के 10-15 कि.मी. की परिधि में ग्रामीण क्षेत्रों में भी ग्राम पंचायतों की सहमति एवं समन्वय से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।  विभाग ने आवारा/घुमंतू पशुओ से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के टोल-फ्री नम्बर 1033 एवं नगरीय निकायों के निदान-1100 का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा है। इन नम्बरों पर प्राप्त होने वाले शिकायतों से निगरानी दलों को अवगत कराने एवं इनके निराकरण की नियमित समीक्षा के भी निर्देश दिए गए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगरीय निकायों को परिवहन विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया तथा विभाग द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार कार्यवाही कर क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों के माध्यम से हर सप्ताह जानकारी संचालनालय को उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया है। 

परिवहन विभाग के एसओपी के अनुसार कार्यवाही करने और खुले में पशुओं को नहीं छोड़ने हेतु पशु मालिकों को जागरूक करने कहा

रायपुर : घुमंतू पशुओं के कारण होने वाले दुर्घटनाओं को रोकने एक माह तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश नगरीय प्रशासन विभाग ने टोल-फ्री नम्बरों 1033 व निदान-1100 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा  कलेक्टरों, निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को जारी किया परिपत्र परिवहन विभाग के एसओपी के अनुसार कार्यवाही करने और खुले में पशुओं को नहीं छोड़ने हेतु पशु मालिकों को जागरूक करने कहा विभाग ने सभी निकायों को की गई कार्यवाही की जानकारी हर सप्ताह भेजने के दिए निर्देश  रायपुर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सड़कों पर घुमंतू व आवारा पशुओं के कारण होने वाले दुर्घटनाओं को रोकने सभी नगरीय निकायों को एक माह तक विशेष अभियान चलाने तथा टोल-फ्री नम्बरों 1033 व निदान-1100 के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। विभाग ने मंत्रालय से सभी जिलों के कलेक्टरों, नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी कर परिवहन विभाग के एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) के अनुसार कार्यवाही करने और खुले में पशुओं को नहीं छोड़ने के लिए पशु मालिकों को जागरूक करने को कहा है।  परिवहन विभाग द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर विचरण करने वाले आवारा और घुमंतू पशुओं के कारण होने वाले सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया जारी की गई है। इसमें सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने, निगरानी दलों के गठन, घुमंतू पशुओं के प्रबंधन, पुनर्वास, दुर्घटना प्रबंधन, आपात सेवाओं, पशु मालिकों को जागरूक करने इत्यादि के संबंध में विभिन्न विभागों के दायित्व निर्धारित किए गए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने परिवहन विभाग के एसओपी के अनुसार सभी नगरीय निकायों को उच्च जोखिम क्षेत्र (High Risk Area) एवं सामान्य जोखिम क्षेत्र (Moderate Risk Zone) की मैपिंग कर आवारा पशुओं को काउ-कैचर के माध्यम से गौ-शालाओं, गौ-अभ्यारण्यों, कांजी हाउसों और गौठानों में विस्थापित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने आवारा/घुमंतू पशुओं को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने के बाद पशु मालिकों को सूचित कर मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है। इनके साथ ही विभाग ने आवारा पशुओं को पशु पालन विभाग के माध्यम से रेडियम स्ट्रिप लगाने, रात्रि में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने चिन्हित मुख्य मार्गों एवं स्थलों में स्ट्रीट लाइट के द्वारा प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने, सुरक्षा की दृष्टि से चिन्हांकित सड़कों में संकेतक बोर्ड लगाने तथा सोशल मीडिया के माध्यम से सड़कों पर आवारा पशुओं के विचरण करने से होने वाले खतरों और पशु सुरक्षा के उपायों पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाने के भी निर्देश दिए हैं।  नगरीय प्रशासन विभाग ने निकायों को पशु मालिकों को खुले में पशुओं को नहीं छोडने हेतु जन-जागरूकता शिविर व विभागीय शिविरों के माध्यम से प्रेरित करने को कहा है। आवारा/घुमंतू पशुओं से होने वाले दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक माह का विशेष अभियान (दिन और रात) चलाने और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा है। यह विशेष अभियान नगरीय निकाय क्षेत्रों के अतिरिक्त आस-पास के 10-15 कि.मी. की परिधि में ग्रामीण क्षेत्रों में भी ग्राम पंचायतों की सहमति एवं समन्वय से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।  विभाग ने आवारा/घुमंतू पशुओ से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के टोल-फ्री नम्बर 1033 एवं नगरीय निकायों के निदान-1100 का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा है। इन नम्बरों पर प्राप्त होने वाले शिकायतों से निगरानी दलों को अवगत कराने एवं इनके निराकरण की नियमित समीक्षा के भी निर्देश दिए गए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगरीय निकायों को परिवहन विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया तथा विभाग द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार कार्यवाही कर क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों के माध्यम से हर सप्ताह जानकारी संचालनालय को उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया है।