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कृषक लक्ष्मण, छगन और खोरबाहरा को धान विक्रय में नहीं हुई परेशानी, आसानी से धान बेच पाए

समिति में सभी सुविधाएं दुरुस्त रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन और किसान-कल्याण की प्राथमिकता को धरातल पर उतारती हुई राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना आज किसानों के लिए वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। बेहतर समर्थन मूल्य, पारदर्शी एवं सुविधाजनक उपार्जन व्यवस्था, तथा टोकन प्रणाली जैसे सुधारों ने धान विक्रय प्रक्रिया को सहज, तेज और भरोसेमंद बनाया है। जिसका प्रत्यक्ष लाभ सीमांत कृषक से लेकर बड़े किसानों तक समान रूप से पहुंच रहा है और कृषक अधिक उत्साह और विश्वास के साथ उत्पादन बढ़ा रहे हैं।   महासमुंद जिला के विकासखंड के ग्राम मोंगरा निवासी श्री लक्ष्मण ध्रुव अपने 54 कट्टा धान का विक्रय करने ग्रामीण सेवा सहकारी समिति झालखम्हरिया उपार्जन केंद्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे 3 दिन पूर्व टोकन कटवाया है, जिससे उन्हें समय पर धान विक्रय की सुविधा मिली। शासन की पारदर्शी टोकन व्यवस्था और त्वरित पंजीयन ने उनकी प्रक्रिया को सहज बनाया। उनके पास एक एकड़ खेती है। इसी तरह मोंगरा निवासी श्री खोरबहारा साहू ने बताया कि वे अपने 42 डिसमिल कृषि भूमि में 8.80 क्विंटल धान उत्पादन किया है। उन्होंने सतत देखभाल और शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ लेते हुए अपने फसल का उत्पादन किया है। उन्होंने बताया कि धान बेचने में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। वहीं मोंगरा निवासी श्री छगन लाल साहू ने अपने पिताजी पुनीत राम साहू के नाम पंजीकृत 10 एकड़ कृषि भूमि में इस वर्ष 250 कट्टा धान का उपार्जन किया है।  सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदी और समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल देने का निर्णय किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। मोंगरा निवासी लक्ष्मण ध्रुव, खोरबाहरा साहू और छगन लाल साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने हॉकी मेन्स जूनियर वर्ल्ड कप ट्रॉफी 2025 का किया भव्य अनावरण

प्रदेश में प्रतिष्ठित ट्रॉफी का आगमन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री श्री साय रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज विधानसभा परिसर से प्रतिष्ठित एफआईएच जूनियर मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2025 की ट्रॉफी का अनावरण किया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि विश्व की प्रतिष्ठित एफआईएच जूनियर मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2025 की चमचमाती ट्रॉफी पहली बार भारत टूर के तहत आज छत्तीसगढ़ पहुंची और विधानसभा परिसर में आयोजित गरिमामयी समारोह में इसका अनावरण किया गया।  मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि भारत में एफआईएच जूनियर वर्ल्ड कप 2025 का आयोजन होना अत्यंत गर्व की बात है और इस ट्रॉफी का छत्तीसगढ़ आगमन राज्य के लिए विशेष सम्मान का अवसर है। उन्होंने हॉकी इंडिया के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ट्रॉफी टूर देशभर में खेलों के प्रति उत्साह एवं प्रेरणा को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया द्वारा इस अभियान का शुभारंभ देश में खेल भावना को नई ऊर्जा प्रदान करने वाला कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शुरू से ही हॉकी की उर्वर भूमि रहा है। राजनांदगांव, बस्तर, जशपुर, सरगुजा, रायपुर, बिलासपुर और कोरबा जैसे जिलों से बड़ी संख्या में बच्चे हॉकी खेल में अपना भविष्य संवार रहे हैं। ट्रॉफी का यहां आगमन राज्य के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना के विस्तार, प्रशिक्षण सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री साय ने कहा कि यह ट्रॉफी दुनिया के श्रेष्ठ खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और सपनों का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हॉकी इंडिया, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और छत्तीसगढ़ हॉकी को बधाई और शुभकामनाएं भी दी। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ट्रॉफी के भव्य अनावरण के लिए छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और छत्तीसगढ़ हॉकी के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, संघ के अन्य पदाधिकारी, हॉकी संगठन के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे। भारत पहली बार बनेगा जूनियर वर्ल्ड कप का मेजबान गौरतलब है कि एफआईएच हॉकी जूनियर मेन्स वर्ल्ड कप 2025 की मेजबानी भारत पहली बार कर रहा है। प्रतियोगिता 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलेगी और तमिलनाडु के चेन्नई व मदुरै में आयोजित की जाएगी।

DKS अस्पताल को मिली नई मंजूरी, रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी विभाग होंगे शुरू

रायपुर  रायपुर के DKS सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी विभाग खोलने की अनुमति मिल गई है। इस फैसले के साथ DKS अस्पताल छत्तीसगढ़ का पहला सरकारी संस्थान बन जाएगा, जहां गठिया, डायबिटीज, थायरॉइड और हार्मोनल समस्याओं का सुपर स्पेशियलिटी स्तर पर इलाज एक ही जगह उपलब्ध होगा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और DKS अस्पताल की स्वशासी समिति की सामान्य सभा में यह निर्णय लिया गया। बैठक में तय किया गया कि दोनों विभागों के लिए अस्पताल में 10-10 बेड के नए वार्ड बनाए जाएंगे, ताकि मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सके। रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी दोनों ही सुपर स्पेशियलिटी विभाग हैं, जिनमें संयुक्त दर्द, गठिया, ऑटोइम्यून समस्याएं, डायबिटीज, थायरॉइड और हार्मोनल विकार जैसे मामलों का विशेषज्ञ इलाज संभव होगा। वर्तमान में ऐसे मरीजों का इलाज जनरल मेडिसिन और ऑर्थोपेडिक्स विभाग द्वारा किया जा रहा है, जबकि रुमेटोलॉजी DM/DNB सुपर स्पेशियलिटी श्रेणी में आती है और राज्य में इसकी गंभीर कमी है। समझिए इससे मरीजों को क्या फायदा होगा रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी सुपर स्पेशियलिटी विभाग हैं। गठिया और हार्मोन संबंधी बीमारियों का स्पेशलिस्ट से इलाज होगा। संयुक्त दर्द, गठिया, थायरॉइड, हार्मोनल समस्याओं और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज विशेषज्ञ करेंगे। अस्पताल में दोनों विभागों के लिए 10-10 बेड के नए वार्ड को मंजूरी मिली है। सचिव ने निरीक्षण के बाद मांगा था प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित कटारिया ने 22 सितंबर को अस्पताल का निरीक्षण किया था।निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने दोनों विभाग शुरू करने की मांग रखी थी। इसके बाद सचिव ने इसका विस्तृत प्रस्ताव बनाने और भेजने के निर्देश दिए थे। राज्य में सरकारी स्तर पर स्पेशलिस्ट की कमी छत्तीसगढ़ के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी विशेषज्ञ मौजूद नहीं हैं। अंबेडकर अस्पताल में एक DM एंडोक्राइनोलॉजी डॉक्टर हैं, लेकिन वे सिर्फ बच्चों का इलाज करते हैं। चर्चा है कि विभाग शुरू होने पर उन्हें DKS में शिफ्ट किया जा सकता है, हालांकि पहले भी 5 साल पहले ऐसा प्रयास असफल हुआ था। डॉक्टर ने प्रस्तावित OPD में बैठने से इनकार कर दिया था। डायबिटीज और हार्मोनल बीमारियों में तेजी से बढ़ोतरी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में डायबिटीज के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। अब 10 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज मिलने लगी है। छोटे बच्चों में टाइप-1 यानी जेनेटिक डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है। हार्मोनल समस्याओं, थायरॉइड और अन्य बीमारियों के इलाज के लिए विशेषज्ञों की भारी कमी है। वहीं जोड़ों के दर्द, गठिया और ऑटोइम्यून बीमारियों वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में ऐसे मरीजों का इलाज जनरल मेडिसिन और आर्थोपेडिक्स विभाग संभाल रहा है, जो सुपर स्पेशियलिटी की श्रेणी में नहीं आता। रुमेटोलॉजी DM/DNB सुपर स्पेशियलिटी कोर्स है, जिसकी राज्य में कमी है। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित कटारिया ने 22 सितंबर को DKS अस्पताल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने दोनों विभाग प्रारंभ करने की मांग रखी थी, जिसके बाद सचिव ने प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए थे। अब इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। राज्य में सरकारी स्तर पर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भारी कमी है। छत्तीसगढ़ के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं। अंबेडकर अस्पताल में एक DM एंडोक्राइनोलॉजी डॉक्टर हैं, जो फिलहाल सिर्फ बच्चों का इलाज करते हैं। चर्चा है कि विभाग शुरू होने के बाद उन्हें DKS अस्पताल में शिफ्ट किया जा सकता है, हालांकि पहले भी पांच वर्ष पूर्व ऐसा प्रयास असफल रहा था। रायपुर सहित पूरे प्रदेश में डायबिटीज और हार्मोनल विकारों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। अब 10 साल से अधिक उम्र के बच्चों में भी टाइप-2 डायबिटीज के मामले सामने आने लगे हैं, जबकि छोटे बच्चों में टाइप-1 जेनेटिक डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही जोड़ों के दर्द, गठिया और ऑटोइम्यून बीमारियों के मरीजों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में सुपर स्पेशियलिटी विभागों की शुरुआत मरीजों को बड़ा लाभ देगी और इलाज की गुणवत्ता में सुधार लाएगी।  

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल का संदेश: लक्ष्य तय करें और कठिनाइयों को अवसर बनाएं

रायपुर : 'लक्ष्य तय करें, कठिनाइयों को अवसर में बदलें' : पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल नवा रायपुर में बच्चों संग प्रेरक संवाद, बच्चों के रोचक सवालों का मंत्री ने दिया जवाब रायपुर नवा रायपुर स्थित सरकारी आवास पर आज पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने रयान इंटरनेशनल स्कूल, रायपुर के बच्चों से आत्मीय मुलाकात की। यह मुलाकात केवल शिष्टाचार भर नहीं रही, बल्कि जीवन मूल्य, लक्ष्य निर्धारण, संघर्ष, शिक्षा के महत्व और छत्तीसगढ़ के पर्यटन पर गहन और प्रेरक संवाद का अवसर बन गई। बच्चों ने बड़े ध्यान से मंत्री जी की बातों को सुना और इसे अपने स्कूली व आगामी जीवन के लिए महत्वपूर्ण सीख बताया। 'लक्ष्य तय करें, कठिनाइयों को अवसर में बदलें' : पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल     मंत्री  अग्रवाल ने बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि सफलता के लिए स्पष्ट लक्ष्य और अनुशासन बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ‘‘हर छात्र को अपने अंदर स्वच्छता, संस्कार और अनुशासन का बीज बोना चाहिए। आपका लक्ष्य जितना स्पष्ट होगा, उतनी जल्दी आप सही दिशा में आगे बढ़ेंगे। कठिनाइयाँ हर जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन उनमें छिपे अवसर को पहचानना ही असली सफलता है। शिक्षा केवल अंकों के लिए नहीं, बल्कि अच्छे चरित्र और मजबूत व्यक्तित्व के निर्माण के लिए होती है।’’ बच्चों के सवाल, मंत्री के जवाब     संवाद के दौरान एक छात्र ने मंत्री  अग्रवाल से पूछा कि उन्हें राजनीति में आने की प्रेरणा कहाँ से मिली। इस पर  अग्रवाल ने कहा, ‘‘मुझे राजनीति में आने की सबसे बड़ी प्रेरणा मेरे पिताजी से मिली। बचपन से ही उन्हें लोगों की मदद करते, समाज के लिए काम करते देखता था। वहीं से मन में भावना आई कि जीवन ऐसा हो, जिससे अधिक से अधिक लोगों का भला हो सके। राजनीति मेरे लिए सत्ता नहीं, सेवा का माध्यम है।’’     एक अन्य छात्र ने सवाल किया कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन के क्षेत्र में क्या संभावनाएँ हैं। इस पर  अग्रवाल ने जवाब देते हुए कहा कि ‘‘छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं।  हमारे यहाँ प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपात, गुफाएँ, पुरातात्विक धरोहरें, आदिवासी संस्कृति और लोक कला की अनूठी विरासत है। हमारी कोशिश है कि छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर अग्रणी स्थान मिले। इस क्षेत्र में हम उत्कृष्ट कार्य करेंगे, ताकि आप जैसी नई पीढ़ी अपने राज्य पर गर्व महसूस कर सके।’’ शिक्षा, लक्ष्य और आत्मविश्वास पर जोर      अग्रवाल ने बच्चों को समझाया कि ‘‘पढ़ाई का महत्व केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन की दिशा तय करती है। उन्होंने कहा कि हर विषय को ध्यान से पढ़िए, केवल रटने के लिए नहीं बल्कि समझने के लिए। सवाल पूछने से कभी संकोच मत कीजिए। यही आदत आगे चलकर आपको अलग पहचान दिलाएगी। कठिन समय में घबराने के बजाय समाधान खोजिए, तब आप हर चुनौती को अवसर में बदल पाएँगे।‘‘     मंत्री  अग्रवाल ने भी बच्चों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ‘‘आप सभी हमारे राज्य और देश का भविष्य हैं। ईमानदारी, मेहनत और अनुशासन को अपना मंत्र बनाइए, फिर जीवन में कोई भी लक्ष्य दूर नहीं रहेगा।     स्कूली छात्रों ने मंत्री  अग्रवाल से आटोग्राफ लिया व उनके साथ फोटोग्राफ भी खिंचवाई। मंत्री से मुलाकात पर स्कूली बच्चों ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि हमे मंत्री जी से बात कर बहुत अच्छा लगा व उनसे बहुत कुछ सीखने मिला, अब हम अपना लक्ष्य तय करेंगे और उन्हें पाने के लिए मेहनत भी उतनी ही ईमानदारी से करेंगे। पढ़ाई सिर्फ नंबर लाने के लिए नहीं, बल्कि अच्छा इंसान बनने के लिए भी ज़रूरी है। पहली बार किसी मंत्री से इतने करीब बैठकर बातचीत करने का मौका मिला है। रयान इंटरनेशनल स्कूल के इन बच्चों और पर्यटन मंत्री के बीच हुआ यह संवाद सकारात्मकता, प्रेरणा और आत्मविश्वास से भरा रहा। यह मुलाकात बच्चों के लिए केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों और भविष्य की दिशा तय करने वाली एक महत्वपूर्ण सीख साबित हुई।

रायपुर : नवंबर में विशेष अभियान, पेंशनर अब किसी भी बैंक में जमा कर सकेंगे डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र

रायपुर : नवंबर में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र के लिए विशेष अभियान: अब पेंशनर किसी भी बैंक में जमा कर सकेंगे DLC रायपुर राज्य शासन द्वारा पेंशनरों की सुविधा के लिए नवंबर माह में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (Digital Life Certificate-DLC) जमा करने हेतु विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत पेंशनरों को अब जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए अपने मूल बैंक शाखा में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे किसी भी बैंक में जाकर या घर बैठे "Jeevan Pramaan" मोबाइल ऐप एवं वेबसाइट https://jeevanpramaan.gov.in/ के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं। भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, नई दिल्ली तथा संचालनालय, पेंशन एवं भविष्य निधि, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार यह सुविधा राज्य के सभी पेंशनरों के लिए उपलब्ध कराई गई है। संचालक, पेंशन एवं भविष्य निधि, छत्तीसगढ़, रायपुर, श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने सभी बैंकों एवं जिला कोषालयों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बैंक अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में निर्देश दिए कि नवंबर माह में पेंशन वितरण की तिथि से पूर्व अधिकतम संख्या में पेंशनरों के डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त किए जाएं, ताकि किसी भी पेंशनर की पेंशन बाधित न हो। इन निर्देशों के पालन में भारतीय स्टेट बैंक सहित अन्य बैंकों द्वारा "डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र मिशन 4.0" (Digital Life Certificate Mission 4.0) के अंतर्गत विभिन्न शहरों में विशेष कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं। इन कैम्पों में फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के माध्यम से पेंशनरों से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त किए जाएंगे। भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार अब सभी बैंक अपनी शाखाओं में आने वाले प्रत्येक पेंशनर का डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जनरेट करने के लिए उत्तरदायी होंगे, चाहे पेंशनर का खाता किसी भी बैंक या शाखा में हो।सभी पेंशनरों से अपील की गई है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाकर समय पर अपना जीवन प्रमाणपत्र (Life Certificate) प्रस्तुत करें, ताकि उनकी पेंशन निर्बाध रूप से जारी रह सके।

रायपुर : राजस्व टीम ने साईंटागर बैरियर के पास 60 बोरी अवैध धान परिवहन करते किया जब्त

रायपुर राज्य शासन द्वारा धान संग्रहण और अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए सभी जिले के कलेक्टर को निर्देश दिए गए हैं l निर्देश के परिपालन में कलेक्टर जशपुर के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान के आवागमन पर कड़ी निगरानी रखने जिला प्रशासन द्वारा सतत कदम उठाए जा रहे हैं।          टीम ने जशपुर विकास खंड के ग्राम साईंटागर बैरियर के पास अवैध धान परिवहन करते हुए पिकअप वाहन JH01FW- 7832 वाहन से 60 बोरी अवैध धान जप्त कर लोदाम थाने में सुपुर्द किया गया।        ग्राम साईंटागर बैरियर के पास चेकपोस्टों का निरीक्षण किया, जो झारखंड राज्य से लगे हुए सीमावर्ती बैरियर हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने चेकपोस्टों पर तैनात सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र तथा वाहनों की जांच प्रक्रिया को बारीकी से परखा। अवैध धान परिवहन रोकने के लिए आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए गए।          राजस्व विभाग की टीम ने  देर रात झारखंड सीमा पर स्थित विभिन्न चेकपोस्टों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। राजस्व टीम में  तहसीलदार  जय राजनपथे, नायब तहसीलदार अरुण कुमार, फूड इंस्पेक्टर निरीक्षक, राजस्व  एवं पटवारी शामिल रहे।

रायपुर : किसान छबीलाल बारी ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी नीति की सराहना

रायपुर : किसान छबीलाल बारी ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी नीति की सराहना समय पर टोकन और धान  बेचा, नहीं हुई कोई परेशानी रायपुर सरायपाली के गाँव राजाडीह के मेहनतकश किसान छबीलाल बारी आज गर्व और संतोष से भरे हुए हैं। आज उनके 176 क्विंटल धान का टोकन कट चुका है, और यह पल उनके लिए सिर्फ धान उपार्जन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि पूरे वर्ष की मेहनत का सम्मान है। उन्होंने कहा कि यह नीति  किसानों के हितों की रक्षा और  हमारे भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध भी बनाता है। पूर्ण पारदर्शी प्रकिया से धान खरीदी          धान उपार्जन केंद्र  जंगलबेड़ा, सराईपाली में पूरा कार्य सुचारू और पारदर्शी ढंग से हुआ। किसान छबीलाल बारी बताते हैं कि इस वर्ष राज्य शासन की धान खरीदी नीति ने किसानों को नई ताकत दी है।वे कहते हैं समय पर पूरी प्रक्रिया में एक भी परेशानी नहीं हुई। समय पर टोकन मिला और केंद्र में व्यवस्था बहुत अच्छी थी। धान खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से        किसान छबीलाल बारी विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। जिन्होंने प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदी की और समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल देने का निर्णय किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। किसान के मजबूत होने से प्रदेश मजबूत होगा           छबीलाल कहते हैं कि सरकार की इस नीति से हम जैसे किसान मजबूत होंगे l उन्होंने कहा कि किसान के मजबूत होने से प्रदेश मजबूत होगा l समर्थन मूल्य मिलने से  हमारी आय बढ़ेगी और हम अपने परिवार का भविष्य बेहतर बना पाएंगे।

उत्तर बस्तर कांकेर : समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 2025-26 : सहकारी समिति प्रबंधक, खरीदी केन्द्र प्रभारी एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज

उत्तर बस्तर कांकेर धान खरीदी कार्य को गंभीरता से नहीं लेने के कारण जिले की सहकारी समितियों के 02 प्रभारी प्रबंधक एवं 02 कम्प्यूटर ऑपरेटर और 01 धान खरीदी केन्द्र प्रभारी के विरूद्ध थाना पखांजूर एवं थाना नरहरपुर में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कार्यालय उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं जिला कांकेर के निर्देश पर सहकारी निरीक्षकों एवं शाखा प्रबंधक द्वारा पुलिस थाना पखांजूर एवं नरहरपुर में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उपायुक्त सहकारिता जिला कांकेर से मिली जानकारी के अनुसार आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित पखांजूर विकासखण्ड कोयलीबेड़ा के प्रभारी प्रबंधक वासुदेव दास एवं उपार्जन केन्द्र पी.व्ही. 24 के कम्प्यूटर ऑपरेटर रविशंकर मंडल के विरूद्ध थाना पखांजूर और आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित उमरादाह विकासखण्ड नरहरपुर के प्रभारी प्रबंधक भूषण पटेल तथा उपार्जन केन्द्र नावडबरी के धान खरीदी प्रभारी शिवप्रसाद नाग एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर तेज सिन्हा के विरूद्ध थाना नरहरपुर में छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (एस्मा एक्ट) के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विपणन वर्ष 2025-26 की संपूर्ण धान खरीदी अवधि तक धान खरीदी कार्य में संलग्न समस्त कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (एस्मा एक्ट) लागू किया गया है।

रायपुर : मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा के विशेष सत्र में पूर्व सदस्यों का किया पुण्य स्मरण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ की रजत यात्रा में योगदान देने वाले तीन प्रमुख जनप्रतिनिधियों मती रजनी ताई उपासने,  बनवारी लाल अग्रवाल और  राधेश्याम शुक्ल का पुण्य स्मरण किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर की पहली महिला विधायक मती रजनी ताई उपासने राजनीतिक और सामाजिक जीवन की प्रेरक व्यक्तित्व थीं, उनका निधन प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है।  बनवारी लाल अग्रवाल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष, दो बार के विधायक रहे और उनके जनसेवा से जुड़े कार्य, संगठन और समाज के प्रति समर्पण हम सब के लिए अनुकरणीय है।  मुख्यमंत्री ने  राधेश्याम शुक्ल के बारे में कहा कि वे अनुशासित एवं कर्मनिष्ठ जनप्रतिनिधि के रूप में याद किए जाएंगे। उनका पूरा जीवन जनसेवा को समर्पित रहा, उनके निधन से प्रदेश ने एक प्रतिबद्ध नेता को खो दिया है। मुख्यमंत्री  साय ने तीनों दिवंगत विभूतियों की आत्मा की शांति और परिजनों को संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

रायपुर : कृषक लक्ष्मण, छगन और खोरबाहरा ने आसानी से किया धान विक्रय

रायपुर : कृषक लक्ष्मण, छगन और खोरबाहरा को धान विक्रय में नहीं हुई परेशानी, आसानी से धान बेच पाए समिति में सभी सुविधाएं दुरुस्त रायपुर, कृषक लक्ष्मण, छगन और खोरबाहरा को धान विक्रय में नहीं हुई परेशानी, आसानी से धान बेच पाएकृषक लक्ष्मण, छगन और खोरबाहरा को धान विक्रय में नहीं हुई परेशानी, आसानी से धान बेच पाए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन और किसान-कल्याण की प्राथमिकता को धरातल पर उतारती हुई राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना आज किसानों के लिए वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। बेहतर समर्थन मूल्य, पारदर्शी एवं सुविधाजनक उपार्जन व्यवस्था, तथा टोकन प्रणाली जैसे सुधारों ने धान विक्रय प्रक्रिया को सहज, तेज और भरोसेमंद बनाया है। जिसका प्रत्यक्ष लाभ सीमांत कृषक से लेकर बड़े किसानों तक समान रूप से पहुंच रहा है और कृषक अधिक उत्साह और विश्वास के साथ उत्पादन बढ़ा रहे हैं।             महासमुंद जिला के विकासखंड के ग्राम मोंगरा निवासी श्री लक्ष्मण ध्रुव अपने 54 कट्टा धान का विक्रय करने ग्रामीण सेवा सहकारी समिति झालखम्हरिया उपार्जन केंद्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे 3 दिन पूर्व टोकन कटवाया है, जिससे उन्हें समय पर धान विक्रय की सुविधा मिली। शासन की पारदर्शी टोकन व्यवस्था और त्वरित पंजीयन ने उनकी प्रक्रिया को सहज बनाया। उनके पास एक एकड़ खेती है। इसी तरह मोंगरा निवासी श्री खोरबहारा साहू ने बताया कि वे अपने 42 डिसमिल कृषि भूमि में 8.80 क्विंटल धान उत्पादन किया है। उन्होंने सतत देखभाल और शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ लेते हुए अपने फसल का उत्पादन किया है। उन्होंने बताया कि धान बेचने में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। वहीं मोंगरा निवासी श्री छगन लाल साहू ने अपने पिताजी पुनीत राम साहू के नाम पंजीकृत 10 एकड़ कृषि भूमि में इस वर्ष 250 कट्टा धान का उपार्जन किया है।          सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदी और समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल देने का निर्णय किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। मोंगरा निवासी लक्ष्मण ध्रुव, खोरबाहरा साहू और छगन लाल साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापित किया है।