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मुख्यमंत्री साय ने दी भिलाईवासियों को मिली 241.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर : स्टेट कैपिटल रीजन से तेजी से होगा विकास, नागरिक सुविधाओं में आएगा नया आयाम : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने दी भिलाईवासियों को मिली 241.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री साय ने भिलाई नगर निगम कार्यालय भवन के लिए 20 करोड़ की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन से रायपुर, दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव सहित पूरे अंचल को   लाभ मिलेगा। इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी और नगरीय सुविधाओं का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों के चुनाव में जारी अटल विश्वास पत्र के सभी वादों को एक-एक कर पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय आज भिलाई में नगर पालिक निगम क्षेत्र के लिए 241.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने भिलाई नगर पालिक निगम के नए कार्यालय भवन के लिए 20 करोड़ रुपये की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार भरपूर सहयोग दे रही है। नगरीय सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए राज्य में सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। पूरे राज्य में प्रशासन को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जा रहा है, जिसका सीधा लाभ नागरिकों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य की 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू हो चुके हैं। अगले छह महीनों में 5 हजार और पंचायतों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। 24 अप्रैल 2026, पंचायती राज दिवस पर छत्तीसगढ़ की सभी ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ किए जाएंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने बीते 20 महीनों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया है। किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान सुनिश्चित किया गया है। महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है, जिससे 70 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के अंतर्गत भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या यात्रा कर चुके हैं। उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि प्रदेश में सरकार गठन के बाद पिछले एक वर्ष में सभी नगरीय निकायों के विकास के लिए सात हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। नगरोत्थान योजना के तहत नगरीय निकायों में योजनाबद्ध और सुनियोजित विकास के लिए राशि दी जा रही है। विगत 18 माह में अकेले नगर पालिक निगम भिलाई को विकास कार्यों के लिए 470 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश के सात नगरीय निकायों को पहली बार राष्ट्रीय स्वच्छता पुरस्कार प्राप्त हुआ है। वहीं 20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों में छत्तीसगढ़ के 58 शहर पुरस्कृत हुए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने पार्षद श्रीमती स्मृति दोड़के को स्वच्छता वार्ड के लिए शील्ड प्रदान की। प्रधानमंत्री आवास योजना के 9 हितग्राहियों को गृह प्रवेश प्रमाणपत्र, पीएम सूर्य घर योजना के तीन हितग्राहियों को प्रमाणपत्र, दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और व्हीलचेयर प्रदान की गईं। महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों के लिए राशि के चेक तथा वूमेन फॉर ट्री योजना के तहत राधारानी महिला स्व-सहायता समूह को प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम को वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन और नगर निगम के महापौर नीरज पाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक ललित चन्द्राकर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू और पूर्व विधायक लाभचंद बाफना सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

राष्ट्रपति सम्मानित देवाशीष और मनतृप्त कौर ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की सौजन्य मुलाकात

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित देवाशीष और मनतृप्त कौर ने की सौजन्य मुलाकात राष्ट्रपति सम्मानित देवाशीष और मनतृप्त कौर ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री ने दी बधाई एवं शुभकामनाएँ, उज्ज्वल भविष्य की कामना की रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से राष्ट्रपति रोवर रेंजर अवार्ड से सम्मानित रोवर देवाशीष मखीजा और रेंजर मनतृप्त कौर संधू ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने दोनों प्रतिभाओं को प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की ।  उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने 22 जुलाई को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित विशिष्ट समारोह में छत्तीसगढ़ के रोवर देवाशीष माखीजा, रेंजर मनतृप्त कौर संधू और गाईड कुसुम सिन्हा को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया।  श्री देवाशीष ने बताया कि यह गौरवपूर्ण पुरस्कार चार वर्षों के अंतराल में देश भर से चयनित 16 प्रतिभागियों को प्रदान किया गया । गर्व की बात है कि इस बार छत्तीसगढ़ से तीन प्रतिभागियों ने यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में उन्हें तत्कालीन राज्यपाल श्रीमती अनुसुइया उइके द्वारा राज्यपाल पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा के साथ रेंजर मनतृप्त कौर के पिता श्री गुरजीत सिंह संधू भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद के करकमलों से एसईसीएल में तीन माह के निवारक सतर्कता अभियान का शुभारंभ

रायपुर : सतर्कता की शुरुआत स्वयं से होती है – पी. दयानन्द मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद के करकमलों से एसईसीएल में तीन माह के निवारक सतर्कता अभियान का शुभारंभ सीएमडी एसईसीएल हरीश दुहन ने केंद्रीय सतर्कता आयोग के दिशानिर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करने का किया आह्वान रायपुर एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में केंद्रीय सतर्कता आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार तीन माह के निवारक सतर्कता (Preventive Vigilance) अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानन्द उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसईसीएल सीएमडी हरीश दुहन ने की। इस अवसर पर सुनील जैन, आयुक्त, बिलासपुर संभाग; एसईसीएल निदेशक (तकनीकी – संचालन सह योजना/परियोजना) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार; निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन की विशिष्ट उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इसके पश्चात् अतिथियों द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। तत्पश्चात् कोल इंडिया कॉर्पोरेट गीत प्रस्तुत किया गया। इसके उपरांत सीएमडी एसईसीएल हरीश दुहन ने सभी उपस्थितों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। मुख्य अतिथि पी. दयानन्द ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र में चाहे पीएसयू हों या राज्य शासन, पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के आयोजन निश्चित रूप से सतर्कता एवं पारदर्शी कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और राज्य शासन दोनों ही एक-दूसरे के पूरक हैं तथा क्षेत्र के विकास के लिए दोनों के बीच परस्पर सहयोग एवं समन्वय अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एसईसीएल सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि मैं टीम एसईसीएल के प्रत्येक सदस्य से यह आह्वान करना चाहता हूँ कि हम जो भी कार्य करें, नियम एवं नीति के दायरे में रहकर पूरी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के साथ करें। राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि एसईसीएल को अपने कार्यसंचालन को बेहतर बनाने के लिए राज्य शासन से निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त होता रहता है। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष हम मेगा प्रोजेक्ट्स में भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया में गति ला पाए हैं। इस दौरान उन्होंने भू-अधिग्रहण एवं अन्य क्षेत्रों में राज्य शासन से वांछित सहयोग से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की। मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन ने बताया कि केंद्रीय सतर्कता आयोग द्वारा इस वर्ष के अभियान की थीम “सतर्कता : हमारी साझा ज़िम्मेदारी” निर्धारित की गई है। इस अभियान के पाँच प्रमुख बिंदु हैं – लंबित शिकायतों का निपटान, लंबित मामलों का निपटान, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का संचालन, संपत्तियों का प्रभावी प्रबंधन तथा डिजिटल पहलों को बढ़ावा देकर कार्यप्रणाली को और अधिक आधुनिक एवं पारदर्शी बनाना। सतर्कता विभाग द्वारा एसईसीएल में कार्यसंचालन को बेहतर बनाने हेतु कई प्रयास किए गए हैं। जैसे – कोयले की गुणवत्ता में सुधार के लिए थर्ड पार्टी टेस्टिंग, CCTV निगरानी और रियल टाइम सुपरविजन से पारदर्शी प्रणाली का विकास। खरीद प्रक्रियाओं में SOP आधारित बिल प्रोसेसिंग, FIFO क्लियरेंस और SAP आधारित ट्रैकिंग लागू की गई है। संपत्ति प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए मशीनों का सत्यापन और डिजिटल टैगिंग की गई है। जटायु डैशबोर्ड, डिजीकोल और इंटेग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर जैसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स के माध्यम से संचालन एवं निगरानी को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया गया है। कार्यक्रम में महाप्रबंधक (सतर्कता) नागेश्वर राव सहित मुख्यालय के सभी विभागाध्यक्षगण, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

मातृत्व अवकाश वेतन विवाद सुलझा: हाईकोर्ट फटकार के बाद संविदा कर्मियों को मिला हक

बिलासपुर उच्च न्यायालय में सोमवार को सुनवाई के दौरान शासन ने कोर्ट को अवगत कराया कि जिला अस्पताल कबीरधाम में कार्यरत संविदा स्टाफ नर्स को मातृत्व अवकाश अवधि का पूरा वेतन भुगतान कर दिया गया है. यह फैसला प्रदेश की हजारों महिला संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है, क्योंकि मामला सीधे तौर पर महिला सम्मान और उनके संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा हुआ था. जानकारी के अनुसार, याचिकाकर्ता स्टाफ नर्स ने 16 जनवरी 2024 से 16 जुलाई 2024 तक मातृत्व अवकाश लिया था, जो विधिवत स्वीकृत हुआ. 21 जनवरी को उन्होंने कन्या संतान को जन्म दिया और 14 जुलाई को पुनः कार्यभार ग्रहण किया. मातृत्व अवकाश की अवधि का वेतन शासन द्वारा नहीं दिया गया, जबकि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 2010 में इसका स्पष्ट प्रावधान है. इसी के चलते उन्होंने रिट याचिका और उसके पालन न होने पर अवमानना याचिका दायर की. मामले में न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने पूर्व सुनवाई में ही शासन से कड़े शब्दों में पूछा था कि आदेश के बावजूद वेतन भुगतान क्यों नहीं किया गया. कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की थी कि यह मामला केवल आर्थिक अधिकार का नहीं बल्कि महिलाओं के सम्मान और गरिमा से संबंधित है. आज की सुनवाई में शासन की ओर से यह जानकारी दी गई कि याचिकाकर्ता को अब मातृत्व अवकाश की अवधि का वेतन दे दिया गया है. इसके साथ ही अवमानना याचिका का निष्कर्ष निकल आया. याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता श्रीकांत कौशिक ने कहा- “यह केवल एक महिला स्टाफ नर्स की जीत नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की उन महिला संविदा कर्मियों की जीत है, जिन्हें वर्षों से मातृत्व अवकाश वेतन को लेकर संघर्ष करना पड़ रहा था. न्यायालय ने यह साफ कर दिया है कि मातृत्व अवकाश महिला कर्मचारियों का वैधानिक अधिकार है, चाहे उनकी नियुक्ति नियमित हो या संविदा.”

PWD इंजीनियर के बेटे का डेम में हुआ लापता, दोस्तों से पूछताछ शुरू

रायगढ़ छत्तीसगढ़ रायगढ़ जिला मुख्यालय में बीती रात डेम में नहाने उतरा पीडब्ल्यूडी के सब इंजीनियर का बेटा अचानक लापता हो गया। घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस और नगर सेना की टीम मौके पर पहुंची और लापता युवक के पतासाजी में जुट गई है। साथ ही सुशांत के दोस्तों से पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार, बीती रात दो बजे के आसपास अपने दोस्तों पुरेन्द्र सिंह और अविनाश सारथी के साथ कार में सवार होकर लाखा डेम के पीछे तरफ गए पीडब्ल्यूडी के सब इंजीनियर डीके प्रधान का बेटा सुशांत प्रधान 24 साल, छोटे अतरमुड़ा निवासी, केलो डेम से अचानक लापता हो गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही सिटी कोतवाली थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर युवक की पतासाजी में जुट गए हैं। बताया जा रहा है कि बीती रात सुशांत प्रधान अपने दो दोस्तों के साथ केलो डेम के पास किसी काम के सिलसिले में गया हुआ था, जहां सुशांत नहाने के लिए पानी में उतरा था और अचानक वह गायब हो गया। काफी खोजबीन के बाद सुशांत के नहीं मिलने पर उसके दोस्तों ने सिटी कोतवाली थाना पहुंचकर उक्त मामले की जानकारी दी है। आशंका जताई जा रही है कि युवक डेम के गहरे पानी में डूब गया होगा। बहरहाल, सुशांत के दोनों दोस्तों से पुलिस पूछताछ कर रही है।

ED की कार्रवाई तेज: शराब घोटाले में चैतन्य बघेल की फिर से न्यायिक रिमांड, कल होगी कस्टडी पर बहस

रायपुर  छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की 14 दिन की न्यायिक रिमांड अवधि समाप्त होने पर आज उन्हें विशेष कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें तीसरी बार 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले में अब 1 सितंबर को सुनवाई होगी। मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चैतन्य बघेल को 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर लेने के लिए अदालत में आवेदन लगाया है। ईडी का कहना है कि जांच में नए तथ्य सामने आए हैं और इन पर पूछताछ करना जरूरी है। हालांकि अदालत में कंडोलेंस (श्रद्धांजलि कार्यक्रम) होने की वजह से आज सुनवाई नहीं हो सकी। अब ईडी के आवेदन पर कल यानी 19 अगस्त को सुनवाई होगी। 21 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रायपुर जोनल कार्यालय की ओर से प्रेस नोट में दी गई जानकारी के अनुसार, ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया है। शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई। चैतन्य को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये नगद मिले ईडी की जांच से पता चला है कि चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपये की पीओसी प्राप्त हुई थी। उन्होंने उक्त पीओसी को मिलाने के लिए अपनी रियल एस्टेट फर्मों का इस्तेमाल किया था। यह पता चला है कि उन्होंने पीओसी की उक्त नकद राशि का उपयोग अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के विकास में किया था। पीओसी का उपयोग उनके प्रोजेक्ट के ठेकेदार को नकद भुगतान, नकदी के खिलाफ बैंक प्रविष्टियों आदि के माध्यम से किया गया था। उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ भी मिलीभगत की और अपनी कंपनियों का उपयोग एक योजना तैयार करने के लिए किया जिसके अनुसार उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर अपने “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैटों की खरीद की आड़ में अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपये प्राप्त किए। बैंकिंग ट्रेल है जो इंगित करता है कि लेन-देन की प्रासंगिक अवधि के दौरान, त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने अपने बैंक खातों में शराब सिंडिकेट से भुगतान प्राप्त किया। 1000 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का संचालन इसके अलावा, उन पर शराब घोटाले से उत्पन्न 1000 करोड़ रुपये से अधिक के पीओसी (POC) को संभालने का भी आरोप है। वह छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष को पीओसी हस्तांतरित करने के लिए अनवर ढेबर और अन्य के साथ समन्वय करते थे। ईडी द्वारा की गई जांच से पता चला है कि इस शराब घोटाले से प्राप्त धनराशि को आगे निवेश के लिए बघेल परिवार के प्रमुख सहयोगियों को भी सौंप दिया गया था। इस धनराशि के अंतिम उपयोग की आगे जांच की जा रही है। पहले से गिरफ्त में हैं कई बड़े चेहरे ईडी ने इससे पहले पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, ITS अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक कवासी लखमा को इस मामले में गिरफ्तार किया था। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है। ED की कार्रवाई के खिलाफ चैतन्य ने HC में लगाई याचिका गौरतलब है कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में ED द्वारा उनकी गिरफ्तारी और हिरासत की कार्रवाई को चुनौती देते हुए याचिका लगाई थी। याचिका में चैतन्य ने कहा था कि उनकी हिरासत गैरकानूनी है और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए उन्हें पहले हाई कोर्ट जाने की सलाह दी थी। इसके बाद उन्होंने बिलासपुर हाई कोर्ट में ED की कार्रवाई के खिलाफ याचिका लगाई, जिस पर 12 अगस्त को हाई कोर्ट ने सुनवाई की और ईडी को नोटिस जारी कर 26 अगस्त तक जवाब मांगा है। जेल अधीक्षक को भी दिए निर्देश चैतन्य बघेल के वकील ने कोर्ट में बताया कि चैतन्य को जेल में पीने के लिए साफ पानी तक नहीं मिल रहा। जिस पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी।

NAAC ने दिया पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय को A+ ग्रेड, विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा में इजाफा

रायपुर राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति रमेन डेका ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर को नैक द्वारा ए प्लस ग्रेड प्राप्त होने पर शुभकामनाएं दी है. राजभवन मे आज रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति प्रोफेसर सच्चिदांनद शुक्ला ने राज्यपाल से भेंट कर विश्वविद्यालय को नैक द्वारा ए प्लस ग्रेड प्राप्त होने का पत्र सौंपा. राज्यपाल ने इसे पूरे प्रदेश के लिए हर्ष का विषय बताते हुए कहा कि राज्य के अन्य शासकीय विश्वविद्यालयों को भी इससे प्रेरणा मिलेगी और वे गुणवत्ता में सुधार लाकर अति उत्तम ग्रेडिंग प्राप्त करेंगे. रविशंकर विश्वविद्यालय राज्य का पहला शासकीय विश्वविद्यालय है, जिसे सामान्य विश्वविद्यालय की श्रेणी में ए प्लस ग्रेड प्रदान किया गया है. राज्यपाल डेका ने विगत एक वर्ष में नियमित रूप से शासकीय विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठक लेकर उन्हें गुणवत्ता में सुधार लाने और नैक ग्रेडिंग प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित किया है. उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से रविशंकर विश्वविद्यालयों को यह उपलब्धि हासिल हुई है जिसके लिए विश्वविद्यालय के कुलपति ने राज्यपाल का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के संचालक प्रोफेसर आर. पी. परगनिहा और कुलसचिव प्रोफेसर अंबर व्यास उपस्थित थे.

नक्सली हिंसा में जवान शहीद, CM विष्णुदेव साय ने दी श्रद्धांजलि, कहा- आतंक के खिलाफ जारी रहेगी लड़ाई

रायपुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के नेशनल पार्क एरिया में नक्सिलयों के आईईडी ब्लास्ट में DRG जवान दिनेश नाग शहीद हो गए. इस हमले में 3 अन्य जवान घायल हुए हैं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी ब्लास्ट में बीजापुर DRG के जवान दिनेश नाग के शहीद होने एवं तीन जवानों के घायल होने की दु:खद सूचना मिली है. ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं. घायल जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं. उन्होंने कहा कि बस्तर में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान से नक्सली हताश हैं और इसीलिए ऐसी कायराना हरकतें कर रहे हैं. DRG के जवान दिनेश नाग की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी. नक्सलवाद का खात्मा हमारा संकल्प है और इस दिशा में हम हर हाल में सफल होंगे. बता दें कि भोपालपटनम के उल्लुर इलाके में जवान सर्चिंग अभियान के लिए रवाना हुए थे. इस दौरान नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया. इसकी चपेट में आने से डीआरजी के जवान दिनेश नाग शहीद हो गए हैं. वहीं 3 जवान – भरत धीवर, पैकू इंला और मुंदारू राम कवासी घायल हुए हैं. फिलहाल घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है. घटना के बाद इलाके में जवानों ने सर्चिंग अभियान तेज कर दिया गया है.

डिप्टी कलेक्टर पर महिला आरक्षक का आरोप – बार-बार शारीरिक संबंध और तीन बार कराया गर्भपात

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक महिला आरक्षक ने डिप्टी कलेक्टर पर शादी का झांसा देकर बार-बार शारीरिक संबंध बनाने, जबरदस्ती गर्भपात करवाने और आर्थिक शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत में महिला ने यह बताया है कि उनका संबंध करीब आठ साल तक चलता रहा। इस दौरान उसने डिप्टी कलेक्टर को लाखों रुपये भी दिए। पीड़िता ने इस मामले की शिकायत डौंडी थाना में की है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला आरक्षक और डिप्टी कलेक्टर की जान-पहचान डौंडी थाना में महिला आरक्षक ने शिकायत में बताया कि वर्ष 2017 में ग्राम अवारी, जिला बालोद निवासी दिलीप उईके के साथ वह डौंडी स्थित आईटीआई में पढ़ाई कर रही थी। एक साथ पढ़ाई करने के कारण हमारी बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। दिलीप ने उससे शादी का वादा किया और उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित करना शुरू किया। स्वजातीय होने के कारण और डौंडी में पढ़ाई के दौरान शारीरिक संबंध बनाने के कारण महिला मार्च 2017 में पहली बार गर्भवती हुई। जब उसने यह बात दिलीप को बताई, तो उसने कहा कि अभी वह पढ़ाई कर रहे हैं, पहले कुछ बन जाए और अपने पैरों पर खड़े हो जाएं, फिर शादी और बच्चे के बारे में सोचा जाएगा। इसके बाद उसने महिला को झांसा देकर जबरदस्ती दवा खिलाकर गर्भपात करवाया। अगस्त 2017 में महिला की पुलिस विभाग में नौकरी लग गई और दिलीप उईके ने आगे की पढ़ाई के लिए दुर्ग साइंस कॉलेज में एडमिशन लिया। शुरुआत में वह हॉस्टल में रह रहे थे, बाद में किराये पर मकान लेकर रहने लगे। महिला की नौकरी लग जाने के कारण और भविष्य में दिलीप के साथ शादी करने की आशा में उसने उसकी पढ़ाई, कोचिंग और अन्य खर्चों के लिए हर माह 4-5 हजार रुपये उसके खाते में ट्रांसफर की। इस दौरान जब भी दोनों की मुलाकात होती, तो दिलीप शादी की बात कहकर महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। पीएससी परीक्षा में सफल होने के बाद वर्ष 2020 में दिलीप डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुआ और बीजापुर में पोस्टिंग हुई। नौकरी लगने के बाद जब महिला ने शादी के लिए कड़ा रुख अपनाया, तो उसने महिला को झांसा देते हुए कहा कि अभी नौकरी लगी है, जल्द ही अच्छे से सैटल हो जाऊं, फिर तुमसे शादी करूंगा और लगातार संबंध बनाते रहा। पीड़िता ने बताया कि फरवरी 2023 में दिलीप ने उसके नाम पर मारुति कार (बेजा) खरीदी, जिसका वाहन क्रमांक CG 24T3967 है। फरवरी 2024 में दिलीप ने उसके नाम से लोन की बकाया राशि अपने खाते से महिला के खाते में ट्रांसफर करवाकर कार को अपने नाम पर ट्रांसफर कर लिया। दिसंबर 2024 में वह महिला को अंडमान लेकर गया और 2 दिसंबर से 6 दिसंबर तक फिर से शारीरिक संबंध बनाया। लगभग एक माह बाद महिला को पता चला कि वह फिर से गर्भवती हूं। गर्भावस्था की जानकारी देने पर दिलीप ने मुझे बीजापुर बुलाया। जनवरी 2024 में महिला बीजापुर में दिलीप के शासकीय आवास में लगभग एक सप्ताह रही। उसी दौरान उसने शादी से पहले गर्भवती होने से समाज में होने वाली बदनामी का डर दिखाकर 13 जनवरी 2025 को जबरदस्ती गर्भपात की दवा खिलाई। दवा लेने के कारण महिला की तबीयत खराब हुई। जब महिला ने शादी की मांग की, तो दिलीप ने महिला को मंदिर में शादी का आश्वासन दिया। इसके बाद भी फरवरी और मार्च 2025 में बार-बार शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया और महिला को आर्थिक रूप से भी प्रभावित किया। इस दौरान महिला ने बैंक से लोन लेकर कुल 3,30,000 रुपये दिलीप के खाते में ट्रांसफर किए। मई 2025 में तीसरी बार गर्भवती होने पर भी उसने(दिलीप) शादी का झांसा देकर 15 मई 2025 को जबरदस्ती गर्भपात की दवा खिलाई। बार-बार फोन करने के बावजूद दिलीप ने जवाब नहीं दिया। 2 जून 2025 को दिलीप महिला को उसके घर छोड़कर गया और साफ-साफ कहा कि वह शादी नहीं कर सकता, तुम्हे जो करना है कर लो। इस मामले में महिला आरक्षक की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। इस मामले में सीएसपी दल्लीराजहरा चित्रा वर्मा ने बताया कि डौंडी थाना क्षेत्र के एक गांव से लड़की का आवेदन प्राप्त हुआ है। मामला दर्ज कर बयान लिया जा रहा है। आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। वहीं इस मामले में जब हमने बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उईके के मोबाइल नंबर ***35271 पर फोन लगाया तो उनकी तरफ से भी जवाब नहीं मिला।

शराब खरीदते समय मारपीट: चाकू व बोतल से वार, तीन घायल

रायपुर  गंजपारा शराब भट्ठी में शनिवार शाम शराब की लाइन में धक्का-मुक्की को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपितों ने चाकू और बीयर की बोतल से हमला कर तीन लोगों को घायल कर दिया। पुलिस के अनुसार, छोटा रामनगर कबीर चौक निवासी तेजपाल चौहान शनिवार की शाम करीब पांच बजे अपने दोस्तों गितेश वर्मा और तोषण साहू के साथ गंजपारा शराब भट्ठी शराब लेने पहुंचा था। लाइन में लगे होने के दौरान गंजपारा निवासी अमन सोनी, लक्की गोप, दुर्गेश उर्फ दरवेश और तामू उर्फ तामेश्वर पहुंचे और पहले शराब लेने की बात कहकर तेजपाल को धक्का देकर पीछे करने लगे। मना करने पर आरोपितों ने तेजपाल को गालियां देते हुए चाकू से बांयी जांघ पर वार कर दिया, जिससे वह घायल हो गए और खून बहने लगा। बीच-बचाव करने आए तोषण साहू के सिर पर बीयर की बोतल मार दी, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। वहीं, गितेश वर्मा को कांच के टुकड़े से मारा गया, जिससे उसे भी चोट आई है।