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मेरा लक्ष्य मेरा अभियान’: रायपुर में वनमंत्री कश्यप ने कार्यक्रम में दी विशेष भागीदारी

रायपुर : वनमंत्री कश्यप ‘मेरा लक्ष्य मेरा अभियान’ कार्यक्रम में हुए शामिल मेरा लक्ष्य मेरा अभियान’: रायपुर में वनमंत्री कश्यप ने कार्यक्रम में दी विशेष भागीदारी वनमंत्री कश्यप ने रायपुर में बढ़ाया उत्साह, ‘मेरा लक्ष्य मेरा अभियान’ कार्यक्रम में हुए शामिल रायपुर वन मंत्री केदार कश्यप आज कोण्डागांव जिले के फरसगांव स्थित आदर्श विद्यालय में आयोजित विधानसभा स्तरीय ‘मेरा लक्ष्य मेरा अभियान’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपने जीवन में स्पष्ट लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित करना था। इस कार्यक्रम में कुल 4,000 विद्यार्थियों ने भाग लिया। जिसमें कालेज के प्रथम वर्ष के लगभग 1 हजार और कक्षा 11वीं के करीब 3 हजार छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बस्तर भूमि से जुड़े प्रेरणादायक व्यक्तित्वों को आमंत्रित किया गया था, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस अवसर पर कांकेर विधायक आशाराम नेताम, डीआईजी कमललोचन कश्यप सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र की प्रतिभाएं आज राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृढ़ संकल्प, गृह मंत्री अमित शाह के अदम्य साहस और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य नक्सलवाद के खात्मे की ओर बढ़ रहा है। इससे न केवल विकास कार्यों की गति तेज होगी बल्कि बस्तर क्षेत्र शिक्षा के क्षेत्र में भी अग्रणी बनेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में हम छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना का रजत जयंती  महोत्सव मना रहे हैं। इस अवसर पर हम देश के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को नमन करते हैं और उनके योगदान के लिए आभार प्रकट करते हैं। वन मंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे हर परिस्थिति में धैर्य बनाए रखें, जीवन में एक लक्ष्य तय कर एकाग्रता के साथ मेहनत करें और लक्ष्य प्राप्ति तक निरंतर आगे बढ़ते रहें। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी के बारे में न सोचकर अपनी रुचि के अनुसार कैरियर का चयन करना चाहिए। अंत में उन्होंने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं और बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।  इस अवसर पर बस्तर की बेटी लैंड एडवेंचर अवॉर्ड से सम्मानित पर्वतारोहिणी नैना सिंह धाकड़, कोण्डागांव जिले के प्रख्यात कृषक डॉ. राजाराम त्रिपाठी, सोशल मीडिया के क्षेत्र में प्रसिद्ध सीजी मास्टर टीम सहित बस्तर क्षेत्र के कई प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूर्व विधायक सेवक राम नेताम, नगर पंचायत फरसगांव और केशकाल के अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत राज्य सरकार की 1.85 करोड़ रुपये की सब्सिडी का ऑनलाइन अंतरण

रायपुर : प्रदेश में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता ऊर्जा उत्पादक के साथ-साथ बन रहे हैं ऊर्जा दाता : मुख्यमंत्री साय प्रदेश में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता ऊर्जा उत्पादक के साथ-साथ बन रहे हैं ऊर्जा दाता पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत राज्य सरकार की 1.85 करोड़ रुपये की सब्सिडी का ऑनलाइन अंतरण मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापक जागरूकता के लिए सूर्य रथ को दिखाई हरी झंडी मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान में हुए शामिल, उत्कृष्ट वेंडरों को किया सम्मानित रायपुर प्रदेश में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता अब केवल ऊर्जा उत्पादक ही नहीं, बल्कि ऊर्जा दाता भी बन रहे हैं। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य की प्राप्ति के संकल्प को तीव्र गति से पूर्ण करने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान में हुए शामिल, उत्कृष्ट वेंडरों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सौर ऊर्जा के फायदों, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और इसके अंतर्गत मिलने वाली सब्सिडी के विषय में लोगों को जानकारी देने और जागरूक करने के उद्देश्य से सूर्य रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने 618 उपभोक्ताओं के खातों में प्रत्येक को 30 हजार रुपये की दर से कुल 1.85 करोड़ रुपये की राज्यांश सब्सिडी का ऑनलाइन अंतरण किया। मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान में हुए शामिल, उत्कृष्ट वेंडरों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ता प्रदूषण हम सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2070 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है और छत्तीसगढ़ इस लक्ष्य की प्राप्ति में पूरे समर्पण और क्षमता के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए हॉफ बिजली बिल से आगे बढ़ते हुए मुफ्त बिजली की ओर ले जाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने इसे हर्ष का विषय बताते हुए कहा कि प्रदेशवासी इस योजना के महत्व को समझते हुए स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आमजन से आग्रह किया कि वे अपने आसपास के लोगों को भी इस योजना से जोड़ें और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में प्रदेश को अग्रसर बनाने में योगदान दें। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उपभोक्ताओं को सब्सिडी उपलब्ध करा रही हैं। साथ ही बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से आसान वित्तीय सुविधा भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उपभोक्ताओं को पूर्ण रूप से मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत आज लाभार्थियों को लेटर ऑफ अवार्ड प्रदान किए गए हैं। इन योजनाओं से उपभोक्ता स्वयं सौर ऊर्जा का उत्पादन कर बिजली का विक्रय कर रहे हैं और साथ ही सस्ती बिजली का लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सौभाग्य योजना के माध्यम से हर घर बिजली पहुँचाने का संकल्प लिया था। उस समय देश के 18 हजार गाँव अंधेरे में थे और आज उन सभी गाँवों तक बिजली पहुँच चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अब देश स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ में बिजली उत्पादन क्षमता केवल 1,400 मेगावाट थी, जबकि आज प्रदेश 30,000 मेगावाट का उत्पादन कर रहा है और पड़ोसी राज्यों को भी बिजली उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने बताया कि नई उद्योग नीति के अंतर्गत ऊर्जा क्षेत्र में 3.50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू संपादित हुए हैं और आने वाले समय में प्रदेश की ऊर्जा उत्पादन क्षमता और भी बढ़ जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाएँ और स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य की प्राप्ति में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएँ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के समक्ष राजनांदगांव से आए कक्षा 12वीं के छात्र प्रथम सोनी ने सौर ऊर्जा की विशेषताओं और शासन द्वारा इसे बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘इम्पैक्ट ऑफ डिस्ट्रीब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी ऑन ग्रिड स्टेबिलिटी’ तथा ‘एग्रीवोल्टाइक्स परफार्मर हैण्डबुक’ का भी विमोचन किया। इस अवसर पर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में विशेष भूमिका निभाने वाले उत्कृष्ट वेंडरों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, क्रेडा के चेयरमैन भूपेंद्र सवन्नी, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, क्रेडा के सीईओ राजेश राणा, भारतीय सौर ऊर्जा महासंघ के अध्यक्ष सुमन कुमार, तीनों पॉवर कंपनी के प्रबंध निदेशक सहित बड़ी संख्या में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता उपस्थित थे।

सुपोषण, महतारी वंदन योजना सहित राज्य सरकार के प्रयासों की यूनिसेफ इंडिया ने की सराहना

रायपुर : विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में यूनिसेफ इंडिया देगा तकनीकी सहयोग सुपोषण, महतारी वंदन योजना सहित राज्य सरकार के प्रयासों की यूनिसेफ इंडिया ने की सराहना मुख्यमंत्री से यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और यूनिसेफ की ओर से तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूनिसेफ इंडिया के सहयोग का स्वागत करते हुए कहा कि यूनिसेफ द्वारा विश्वभर में जनकल्याण हेतु विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूनिसेफ की तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अंजोर विजन 2047 दस्तावेज़ के अंतर्गत सरकार की प्राथमिकताओं को प्रतिनिधिमंडल के साथ साझा किया। मुख्यमंत्री को यूनिसेफ के प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ में यूनिसेफ द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सर्विसेज प्रमुख सुसोलेदाद हेरेरो ने राज्य की पोषण संबंधी पहल और "विकसित छत्तीसगढ़" निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। सुहेरेरो ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ छत्तीसगढ़ में हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम में भी सहयोग प्रदान कर रहा है, जिसके अत्यंत सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इस पहल को मध्यप्रदेश, राजस्थान और ओडिशा जैसे अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने यूनिसेफ इंडिया द्वारा छत्तीसगढ़ में किए जा रहे योगदान की सराहना की और भविष्य में भी अंजोर विजन 2047 के लक्ष्यों को केंद्र में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का आह्वान किया है। उसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए संकल्पित है और इसके लिए अंजोर विजन 2047 दस्तावेज़ तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंजोर विजन 2047 के तहत आदिवासी समुदाय, विशेषकर विशेष पिछड़ी जनजातियों (पीवीटीजी) का उत्थान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। शिशु मृत्यु दर, कुपोषण सहित स्वास्थ्य एवं पोषण के सूचकांकों को बेहतर बनाने में यूनिसेफ का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री ने किशोरियों के सशक्तिकरण के लिए बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा के महत्व पर भी चर्चा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के प्रमुख विलियम हैनलॉन जूनियर तथा डॉ. बाल परितोष दास भी उपस्थित रहे।

रायपुर: युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने कौशल विकास से जोड़ें – मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

रायपुर: युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने कौशल विकास से जोड़ें – मंत्री गुरु खुशवंत साहेब मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का संदेश: रायपुर में कहा, आत्मनिर्भर भारत के लिए युवाओं को कौशल विकास से जोड़ना जरूरी मंत्रालय में हुई विभागीय समीक्षा बैठक, योजनाओं की प्रगति पर हुई गहन चर्चा रायपुर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल में सशक्त बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए जाएँ, ताकि प्रशिक्षित युवाओं को आसानी से रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हम चाहते हैं कि हर युवा अपने हुनर के बल पर आत्मनिर्भर बने और उसे बेहतर रोजगार या स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हों। मंत्री जी ने यह भी निर्देश दिए कि ग्रामीण और  दूरदराज़ क्षेत्रों के युवाओं को  योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सके। मंत्री साहेब ने कहा कि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री साहेब ने आज मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार और अनुसूचित जाति विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री गुरू खुशवंत साहेब ने राज्य के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष बल दिया। मंत्री साहेब ने कहा- छत्तीसगढ़ के तकनीकी संस्थानों को देश के श्रेष्ठ संस्थानों की श्रेणी में लाने के लिए हमें शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना होगा। प्रयोगशालाओं  सहित अन्य सुविधाएँ सुदृढ़ करना हमारी प्राथमिकता है। इसके साथ ही उन्होंने उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। अनुसूचित जाति विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री साहेब ने अधिकारियों से कहा कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र छात्र को छात्रवृत्ति से वंचित नहीं रहना चाहिए। यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा, प्रशिक्षण और आवासीय सुविधाएँ समय पर रूप से उपलब्ध हों। उन्होंने जिला स्तर पर विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए ताकि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की सतत निगरानी हो सके। मंत्री गुरू खुशवंत साहेब ने रोजगार विभाग के अधिकारियों से रोजगार मेला एवं प्लेसमेंट कैंप, स्कूल और कॉलेजांे में कैरियर मार्गदर्शन, ई-रोजगार पोर्टल, छत्तीसगढ़ रोजगार एप, अग्निवीर भर्ती परीक्षा तथा विभागीय नवाचार सहित विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य स्तरीय विशाल रोजगार मेला का आयोजन किया जाए ताकि बेरोजगार नवयुवक नियोजित हो सके। मंत्री साहेब ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुँचना चाहिए।  साथ ही उन्होंने अधिकारियों को आमजन के साथ संवाद बनाए रखने, नियमित फील्ड विजिट करने और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  बैठक में अपर मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष व्यापम श्रीमती रेणु जी पिल्ले ने व्यवसायिक परिक्षा मण्डल की गतिविधियों से अवगत कराया साथ ही उन्होंने व्यापम द्वारा ली जाने वाली प्रवेश परीक्षा, पात्रता परीक्षा और भर्ती परीक्षाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। श्रीमती पिल्ले ने आयोजित परीक्षाओं में अनुचित साधनों को रोकने के लिए किए गए प्रयासों से भी अवगत कराया।  बैठक में कौशल एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस भारतीदासन, कौशल विकास के संचालक विजय दयाराम, तकनीकी विश्वविद्यालय एवं आई.टी. आई के अधिकारी गण सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

पर्यटन व संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक रायपुर में, मंत्री राजेश अग्रवाल ने दिए अहम निर्देश

रायपुर : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने ली विभागीय समीक्षा बैठक पर्यटन व संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक रायपुर में, मंत्री राजेश अग्रवाल ने दिए अहम निर्देश रायपुर: मंत्री राजेश अग्रवाल ने विभागीय समीक्षा बैठक में परखा पर्यटन व संस्कृति योजनाओं का हाल विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देश रायपुर बस्तर और सरगुजा अंचल के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए होटल मैनेजमेंट का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने इन अंचलों के युवाओं के प्रशिक्षण में होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति बस्तर तथा सरगुजा विकास प्राधिकरण के माध्यम से किए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ रजत जयंती समारोह की तैयारियों की समीक्षा कर पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना की जानकारी ली। उन्होंने बैठक में आगामी चक्रधर समारोह, बस्तर पंडुम, रामगढ़ महोत्सव को और बेहतर ढंग से आयोजित करने के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न विधाओं के स्थानीय कलाकारों का प्रोत्साहन और मंच प्रदान करने तथा उनकी कलाओं को निखारने में आवश्यक सहयोग देने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव, संचालक संस्कृति विवेक आचार्य सहित पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर : आत्मनिर्भरता की मिसाल बनी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुक्त बिजली योजना

रायपुर : प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से आत्मनिर्भरता की ओर ग्रामीण परिवार रायपुर : आत्मनिर्भरता की मिसाल बनी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुक्त बिजली योजना रायपुर : प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से लोगों को हो रही है आर्थिक बचत, पर्यावरण संरक्षण को भी मिलेगा बढ़ावा प्रभुदयाल ने छत पर लगवाया 3 किलोवाट का सोलर संयंत्र रायपुर पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए एक प्रभावी एवं लाभकारी योजना साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से राज्य के नागरिको को न केवल सस्ती और सतत् बिजली मिल रही है, बल्कि लोग बिजली के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं। योजना का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को प्रोत्साहित करते हुए घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कराना है, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित हो रही है। सक्ति जिले के ग्राम दतौद निवासी श्री प्रभुदयाल चंद्रा ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप पैनल स्थापित कराया गया है। योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा श्री चंद्रा को 78 हजार रुपये की अनुदान राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान की गई है। इस समन्वित सहयोग से नागरिकों पर वित्तीय भार में उल्लेखनीय कमी आई है तथा सौर ऊर्जा को अपनाने हेतु प्रोत्साहन मिला है। श्री चंद्रा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा के माध्यम से न केवल बिजली की बचत हो रही है, बल्कि यह योजना हर परिवार को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रही है। आने वाले समय में प्रदेश के प्रत्येक घर की छत पर यह सौर पैनल दिखाई देगा, जिससे महंगे बिजली बिल की चिंता समाप्त हो जाएगी। शासन की इस पहल से प्रदेश में हर वर्ग के नागरिक को सस्ती, सुलभ और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध हो रही है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन कायम रखने में भी सहयोग मिल रहा है।      उल्लेखनीय है कि पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने हेतु तकनीकी मार्गदर्शन, विभागीय सहायता और वित्तीय अनुदान की व्यवस्था की गई है। इससे न केवल विद्युत खपत में कमी आई है, बल्कि उपभोक्ताओं की आय में अप्रत्यक्ष रूप से वृद्धि भी हो रही है। घर का बिजली बिल हुआ शून्य-दिलीप गोयल प्रधानमंत्री सूर्यघर मुक्त बिजली योजना आम जनता के लिए बिजली के मामले में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बनती जा रही है। इस योजना के तहत सरकार की सब्सिडी से आम लोग अब अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर न सिर्फ मुफ्त बिजली प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली उत्पादन कर आय का स्रोत भी बना रहे हैं। गौरेला निवासी गोयल ने योजना के लिए केंद्र और राज्य सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह पहल न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे भी इस योजना से जुड़कर बिजली के लिए आत्मनिर्भर बनें और हरित ऊर्जा को बढ़ावा दें।  गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला नगर के अग्रसेन चौक निवासी दिलीप कुमार गोयल ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुक्त बिजली योजना के तहत अपने घर की छत पर 5 किलोवाट की क्षमता का रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित कराया है। गोयल बताते हैं कि पहले उनके घर में बिजली की खपत अधिक होने के कारण बिल भी ज्यादा आता था, लेकिन योजना की जानकारी मिलते ही उन्होंने इसका लाभ उठाने का निर्णय लिया। इस योजना के तहत उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रूपये और राज्य सरकार से 30 हजार रूपए तक की सब्सिडी प्राप्त हुई। अब सोलर पैनल से हो रहे बिजली उत्पादन की बदौलत उनका बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो चुका है। इतना ही नहीं, वे अब अतिरिक्त बिजली का उत्पादन कर उसे ग्रिड में भी भेज रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ भी मिल रहा है।  पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के फायदे  सोलर पैनल लगवाने पर केंद्र सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाएगीए जो सीधे आपके खाते में आएगी। बिजली बिल शून्य या फिर बहुत ही कम हो जाएगा और बार.बार बिजली गुल होने की टेंशन से मुक्ति मिलेगी। एक बार सोलर पैनल लगा लिया तो समझिए करीब 20.25 साल तक लगभग मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा। स्वच्छ और ग्रीन ऊर्जा की वजह से आप धरती को भी प्रदूषण से बचाने में अपना योगदान दे पाएंगे। अगर सोलर पैनल से जरूरत से ज्यादा बिजली बनती है तो ग्रिड को बेचकर पैसा भी कमाया जा सकता है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाये एवं अधिक जानकारी के लिए पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आनलाईने पोर्टल पर लॉग ऑन कर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।            क्या है प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक भारतीय नागरिक होना आवश्यक है। उसके पास सौर पैनल लगाने के लिए उपयुक्त छत वाला घर होना चाहिए। परिवार के पास वैध बिजली कनेक्शन होना चाहिए। परिवार ने सौर पैनलों के लिए किसी अन्य सब्सिडी का लाभ नहीं उठाया हो। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपनी छत पर सोलर पैनल लगवाएं और बिजली बिल के झंझट से मुक्त हो जाएं। यही नहीं स्वच्छ ऊर्जा अपनाकर पर्यावरण का भी भला करेंगे।  प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य देश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के अंतर्गत 300 यूनिट प्रति माह तक मुफ्त बिजली प्रदान की जाती है। इसके अलावा नेट मीटरिंग सिस्टम के माध्यम से उपभोक्ता अपनी खपत से अधिक बिजली ग्रिड को सप्लाई कर सकते हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। सरकार इस योजना में 30 हजार से लेकर 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता  www.pmsuryaghar.gov.in  पोर्टल या पीएम सूर्यघर मोबाइल ऐप के माध्यम से पंजीयन करा सकते हैं। सुभाष मिंज को बिजली बिल में हो रही है भारी बचत प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। इस योजना … Read more

बस्तर में निवेश के नए अवसर, 11 सितंबर को होगा बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट

रायपुर क्षेत्रीय विकास को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन का वाणिज्य एवं उद्योग विभाग आगामी 11 सितंबर 2025 को बस्तर में इन्वेस्टर कनेक्ट का आयोजन करने जा रहा है। यह प्रमुख निवेश संवर्धन पहल इससे पहले दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, रायपुर तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टोक्यो, ओसाका और सियोल में सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी है। इन आयोजनों के माध्यम से नवंबर 2024 से अब तक ₹6.65 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार अब छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट के माध्यम से निवेश संभावनाओं को बस्तर तक ले जा रही है, जो प्रदेश के सबसे गतिशील और संभावनाशील क्षेत्रों में से एक है। बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट राज्य सरकार की छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत संतुलित क्षेत्रीय विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस नीति का उद्देश्य रोजगार सृजन, उद्यमिता को बढ़ावा और स्थानीय समुदायों का सशक्तिकरण है। साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि बस्तर की समृद्ध जनजातीय धरोहर और सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण भी हो। छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत ₹1000 करोड़ से अधिक निवेश करने वाली अथवा 1000 से अधिक रोजगार सृजित करने वाली परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। इस नीति में औषधि निर्माण, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र उद्योग, आईटी एवं डिजिटल तकनीक, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस व डिफेंस और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। पर्यटन को भी उद्योग का दर्जा प्रदान किया गया है, जिसके तहत बस्तर में होटल, इको-टूरिज़्म, वेलनेस सेंटर, एडवेंचर स्पोर्ट्स और खेल सुविधाओं जैसी परियोजनाओं पर 45 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि बस्तर के 88 प्रतिशत ब्लॉक ग्रुप-3 श्रेणी में आते हैं, जिससे निवेशकों को अधिकतम नीति लाभ सुनिश्चित हो सकेगा। समावेशन को बढ़ावा देने के लिए इस नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत एससी/एसटी उद्यमियों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी, वहीं नक्सलवाद से प्रभावित परिवारों और व्यक्तियों को भी 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा। यह सरकार की सामाजिक पुनर्वास और समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एक अभिनव पहल के रूप में, नई औद्योगिक इकाइयों में आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार देने पर पाँच वर्षों तक उनके वेतन पर 40 प्रतिशत सब्सिडी (अधिकतम ₹5 लाख प्रतिवर्ष) उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही, बस्तर में स्टील सेक्टर की इकाइयों को 15 वर्षों तक रॉयल्टी रीइम्बर्समेंट की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे निवेशकों को दीर्घकालिक भरोसा मिलेगा और औद्योगिक विकास को स्थिरता प्राप्त होगी। सरकार को उम्मीद है कि बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट में देश-विदेश से 200 से अधिक प्रमुख निवेशक, उद्योग जगत के दिग्गज और स्थानीय उद्यमी शामिल होंगे। यह आयोजन सहयोग और विकास का एक उच्च-स्तरीय मंच साबित होगा। इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना है, जो बस्तर की विकास यात्रा में एक ऐतिहासिक पड़ाव सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार बस्तर के युवाओं को वह कौशल और अवसर देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिसके वे अधिकारी हैं और जिनसे वे छत्तीसगढ़ की विकास गाथा के सक्रिय सहभागी बन सकेंगे। औद्योगिक नीति की प्रत्येक पहल स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और समृद्धि को घर-घर तक पहुँचाने के उद्देश्य से सोच-समझकर तैयार की गई है। बस्तर में छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का आयोजन बस्तर के समग्र विकास को साकार करने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर साबित होगा। यह बस्तर को सतत् और समावेशी विकास का प्रतीक बनाएगा, जिसकी जड़ें क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना में गहराई से जुड़ी हैं। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि अवसरों और लाभों का प्रवाह सीधे स्थानीय जनता तक पहुँचे।

साय कैबिनेट की पहली बैठक से पहले सियासी घमासान, PCC चीफ बोले- मीटिंग में बस खाते हैं चाय-बिस्किट

रायपुर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने आगामी कैबिनेट मीटिंग समेत कई मुद्दों पर सरकार पर निशाना साधा है. बैज ने कहा कि सरकार 2 सालों से सो रही है. अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ. किसानों के लिए DAP-यूरिया तो मिला नहीं, युवाओं के लिए रोजगार भी नहीं मिला. कर्मचारी सड़कों पर हैं. स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह बदहाल है. क्या इन सब विषय पर बात होगी.? बैज ने कहा कि ये सब कैबिनेट मीटिंग में बैठकर केवल चाय और बिस्किट खाते हैं. कांग्रेस कल बिलासपुर में “वोट चोर गद्दी छोड़” कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है. पीसीसी चीफ दीपक बैज इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बिलासपुर दौरे पर रहेंगे. कार्यक्रम की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट समेत तीनों सह प्रभारी भी शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि पूरे देश में भारतीय लोकतंत्र को बचाने के लिए कांग्रेस लड़ाई लड़ रही है. बीते दिन एक वीडियो सामने आया जिसमें मंत्री केदार कश्यप के बंगले के एक कर्मचारी ने मंत्री पर मारपीट करने का आरोप लगाया और न्याय की मांग की. वीडियो वायरल होते ही प्रदेश की सियासत गर्म हो गई. इस मामले को लेकर आज कांग्रेस मंत्री केदार कश्यप के बंगले का घेराव करने जा रही है. मंत्री को कर्मचारी से माफी मांगनी चाहिए : PCC चीफ इस मामले को लेकर पीसीसी चीफ ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री इसे कांग्रेस का षडयंत्र बता रहे हैं. लेकिन क्या कांग्रेस ने मां की गाली देने बोला था ? मंत्री को कर्मचारी से माफी मांगनी चाहिए. यहां 2 कानून है : पीसीसी चीफ उन्होंने आगे कहा कि सरकार मंत्री के ऊपर कार्यवाही नही करेगी. इसलिए माफी मांग लेना चाहिए. घटना के एक घण्टे पहले और बाद का सीसीटीवी वीडियो जारी करना चाहिए. क्या मुख्यमंत्री उस कर्मचारी से बात की ? दोनों पक्षों को सुनना चाहिए. किसी भी छोटे कर्मचारियों की इतनी हिम्मत नही होती कि ऐसी हरकत करे, यहां दो कानून हैं- बड़े अधिकारी के लिए कुछ और गरीब के लिए कुछ और है. धर्मांतरण सरकार की प्री प्लानिंग : पीसीसी चीफ प्रदेश में धर्मांतरण के बढ़ते मामलों को लेकर PCC चीफ बैज ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह सरकार की बड़ी विफलता है. पहले कांग्रेस के ऊपर आरोप लगा रही थी. आज बीजेपी की सरकार में कितनी घटनाएं घट रही.?  मुद्दों का ध्रुवीकरण और राजनीति कर रही सरकार. धर्मांतरण सरकार की प्री प्लानिंग थी.

मोक्षित कॉरपोरेशन पर DGGI की बड़ी कार्रवाई, 162 करोड़ का GST घोटाला, करोड़ों का नोटिस जारी

रायपुर डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI), रायपुर जोनल यूनिट ने मेसर्स मोक्षित कारपोरेशन और उससे जुड़ी 85 फर्मों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 162.22 करोड़ रुपये के कर योग्य मूल्य पर 28.46 करोड़ रुपये के अनुचित इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का नोटिस जारी किया है. फरवरी 2024 से शुरू हुई जांच में पता चला कि मोक्षित कारपोरेशन ने फर्जी इनवॉइस के जरिए बड़े पैमाने पर GST अपवंचन किया. जांच के दौरान विभागीय टीमों ने छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में कई फर्मों के ठिकानों पर तलाशी और निरीक्षण किया. इस दौरान खुलासा हुआ कि फर्म के पार्टनर शशांक चोपड़ा ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर दर्जनों फर्जी फर्में स्थापित की थीं, जिनके जरिए अनुचित ITC का दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग की गतिविधियां संचालित की गईं. इन गतिविधियों के लिए 200 से अधिक बैंक खातों का उपयोग किया गया. जांच के बाद मोक्षित कारपोरेशन पर 28.46 करोड़ रुपये की कर मांग की गई है, साथ ही संबद्ध 85 फर्मों को दंड नोटिस जारी किए गए हैं. यह कार्रवाई बड़े पैमाने पर चल रहे GST फर्जीवाड़े को उजागर करने और भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. गौरतलब है कि DGGI ने फरवरी 2024 में जांच शुरू की थी, जिसके बाद ACB-EOW ने भी शशांक चोपड़ा को गिरफ्तार किया. प्रवर्तन निदेशालय (ED), रायपुर ने भी इस मामले में कार्रवाई की है.

60 लाख का गांजा बरामद, अंतरराज्यीय गिरोह के तीन तस्कर गिरफ्तार

दुर्ग नशे के विरूद्ध दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों से 3 क्विंटल 88 किग्रा गांजा जिसकी कीमत लगभग 60 लाख रुपए और नगदी रकम 95 हजार, कंटेनर में भरा अन्य सामान कंटेनर सहित कुल 1 करोड़ 53 लाख रुपए का सामान जब्त किया गया है. पूरा मामला कुम्हारी थाना क्षेत्र का है. दुर्ग जिले में नशे के विरूद्ध लगातार कार्रवाई करने एसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर नशे के कारोबार करने वालों के संबंध में नशे के कारोबारियों के विरूद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 7 सितंबर को मुखबीर से सूचना प्राप्त हुई कि कंटेनर वाहन क्रमांक NL01-AH-9524 में अवैध रूप से गांजा भरकर नेशनल हाईवे से रायपुर से दुर्ग की ओर आ रहा है. सूचना पर पुलिस की टीम ने टोल प्लाजा कुम्हारी में नाकेबंदी की. मुखबीर के बताए अनुसार रायपुर से दुर्ग की ओर कंटेनर गाड़ी NL01-AH-9524 आते दिखा, वाहन को रोककर पूछताछ पर वाहन चालक ने अपना नाम उमेश यादव पिता शोभित यादव उम्र 46 साल निवासी जय नगर जिला मधुबनी बिहार का बताया. आगे पूछताछ में बताया कि वह कंटेनर में आमतल्ला कोलकाता पश्चिम बंगाल से सामान लेकर गुजरात के लिए निकला था. रास्ते में ग्राम बारकोड़, देवघर, उड़िसा में परिचित का राहुल मिला, जिसने 13 बोरी गांजा को नागपुर में शाहिद के पास छोड़ने को बोला और प्रत्येक बोरी का 5000 रुपए देने की बात हुई तब उक्त गांजा को कंटेनर लॉक होने से कंटेनर का नट निकालकर गेट खोलकर गांजा भरकर नागपुर लेकर जाना स्वीकार किया। इसके पूर्व भी एक खेप गांजा शाहीद के पास नागपुर छोड़ना बताया. मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में उनके आदेशानुसार कंटेनर का नट निकालकर गेट खोला गया. कंटेनर की तलाशी करने पर कंटेनर के पीछे हिस्से में 13 नग प्लास्टिक बोरी रखा हुआ मिलने पर कंटेनर से नीचे उतारकर बोरियां खोलकर देखा गया, जिसके अंदर पॉलिथिन में गांजा भरा हुआ था. 13 बोरियों में 388 पैकेट एक-एक किलोग्राम के कुल वजनी 3 क्विंटल 88 किग्रा गांजा जिसकी कीमत लगभग 60 लाख रुपए और नगदी रकम 95 हजार, कंटेनर में भरा अन्य सामान कंटेनर सहित कुल कीमत 1 करोड़ 53 लाख रुपए का माशरूका जब्त किया गया. आरोपी की निशानदेही पर थाना कुम्हारी एवं एसीसीयू की संयुक्त टीम नागपुर जाकर ट्रेप लगाकर मादक पदार्थ गांजा खरीदी करने पहुंचे अन्य आरोपी मुस्ताक अहमद एवं फयाज अंसारी को गिरफ्तार किया. मामले की अग्रिम कार्रवाई अपराध दर्ज कर थाना कुम्हारी से की जा रही है.