samacharsecretary.com

रायपुर : हर-घर तिरंगा कार्यक्रम में सभी उत्साह से भाग लें : राज्यपाल डेका

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने राज्य के सभी नागरिकों से हर घर तिरंगा कार्यक्रम में उत्साह से भाग लेने की अपील की है। उन्होंने देश व प्रदेश के नागरिकों से आग्रह किया है कि अपने घरों में तिरंगा फहराएं और स्वतंत्रता दिवस को सम्मान व गर्व के साथ मनाएं। देश एवं प्रदेश में 79 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘‘हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग‘‘ थीम पर आधारित यह कार्यक्रम तीन चरणों में संपन्न होगा। प्रथम चरण 02 से 08 अगस्त, द्वितीय चरण 09 से 12 अगस्त, और तृतीय चरण 13 से 15 अगस्त 2025 तक किया जा रहा है। राज्यपाल डेका ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल झण्डा फहराने की परंपरा नहीं है बल्कि हमारी राष्ट्र भक्ति, एकता और गौरव का प्रतीक है। तिरंगे के साथ हमारा जुड़ाव, हमारे संविधान, संप्रभुता और गौरवशाली विरासत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों को भी याद करते हुए उनसे प्रेरणा लें और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

स्वास्थ्य मंत्री ने आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु दिए निर्देश

रायपुर प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज कोंडागांव जिले के प्रवास के दौरान जिला चिकित्सालय कोंडागांव एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फरसगांव का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने मरीजों से बातचीत कर हाल चाल जाना और वहां मिल रहे चिकित्सकीय सुविधाओं की जानकारी ली। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों का बेहतर ईलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने जिला अस्पताल कोंडागांव में 80 लाख रुपए की लागत से ऑपरेशन थिएटर निर्माण की घोषणा की।   उन्होंने कहा कि राज्य के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान उनके साथ  बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक सुलता उसेंडी, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया और कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना भी उपस्थित थी।     स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिला चिकित्सालय में आपातकालीन चिकित्सा कक्ष, मेजर ओटी वार्ड, सर्जिकल वार्ड सहित विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाएं, दवाईयों की उपलब्धता, साफ-सफाई, मरीजों को मिलने वाले भोजन, मेडिकल स्टाफ सहित अन्य आवश्यक जानकारी ली। जिला अस्पताल में चल रहे मरम्मत कार्य के प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्होंने सीजीएमएससी के अधिकारियों से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला चिकित्सालय में मरीजों की संख्या को देखते हुए बेड की संख्या बढ़ाने और नये ऑपरेशन थिऐटर निर्माण कराने की बात कही।  इसके पश्चात उन्होंने मातृ शिशु चिकित्सालय में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के सोनोग्राफी कक्ष में पहुंचकर कार्य के बारे में जानकारी ली और व्यवस्थित सोनोग्राफी कार्य के लिए आवश्यक व्यवस्था हेतु निर्देशित किया। साथ ही चिकित्सालय में स्टॉफ की कमी को दूर करने के लिए जिला स्तर पर हो सकने वाले भर्ती को शीघ्र करने हेतु निर्देशित किया और बाकी पदों का राज्य स्तर पर भर्ती की बात कही।

रेलवे अलर्ट: 15 सितंबर तक बंद रहेंगी 30 ट्रेनें, 6 के बदले रूट, कई राज्यों पर असर

बिलासपुर  रेलयात्रियों को आने वाले दिनों में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे ने छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली 30 से ज्यादा ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। ये गाड़ियां 31 अगस्त से 15 सितंबर तक नहीं चलेंगी। साथ ही 6 गाड़ियों को रूट बदले गए हैं, जबकि 5 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। रेलवे ने बिलासपुर-झारसुगड़ा रूट पर चौथी लाइन के काम के चलते यह बड़ा फैसला लिया है। 16 दिन तक ट्रेन कैंसिल रहने की वजह से पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, गोवा जाने वाले यात्रियों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। कैंसिल की गई ट्रेनों में कई एक्सप्रेस और कई पैसेंजर गाड़ियां शामिल बताई जा रही हैं। हैरानी की बात यह है कि यात्रियों को होने वाली दिक्कतों के लिए कोई ऑप्शनल व्यवस्था भी नहीं की गई है। क्या है चौथी लाइन का प्रोजेक्ट? बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। यह रेलवे का एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, जो उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ने वाले इस व्यस्त मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही को और बेहतर बनाएगा। इससे भविष्य में नई ट्रेनों को चलाने में मदद मिलेगी और यात्रियों को समय पर ट्रेनें मिलेंगी। साथ ही, सुविधाओं में भी सुधार होगा। रेलवे की इस योजना के तहत बिलासपुर-झारसुगुड़ा रेलखंड के रायगढ़ रेलवे स्टेशन को अब चौथी रेलवे लाइन से जोड़ा जाएगा। यह काम 31 अगस्त से 15 सितंबर के बीच अलग-अलग दिनों में किया जाएगा। रेल प्रशासन का कहना है कि यह काम इस तरह से किया जाएगा, जिससे यात्रियों को कम से कम परेशानी हो। इस प्रोजेक्ट के दौरान कुछ ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रोका जाएगा, लेकिन जैसे ही यह काम पूरा होगा, ट्रेनें समय पर चलने लगेंगी। ये एक्सप्रेस ट्रेनें रहेंगी कैंसिल-     गाड़ी नंबर 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस 30 अगस्त से 2 सितंबर तक रद्द     18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस 31 अगस्त से 3 सितंबर तक रद्द     20813 पुरी-जोधपुर एक्सप्रेस 27 अगस्त को रद्द     20814 जोधपुर-पुरी एक्सप्रेस 30 अगस्त को रद्द     20971 उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस 30 अगस्त को रद्द     13425 मालदा-सूरत एक्सप्रेस 30 अगस्त को रद्द     20822 सांतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस 30 अगस्त को रद्द     20821 पुणे-सांतरागाछी एक्सप्रेस 1 सितंबर को रद्द      22846 हटिया-पुणे एक्सप्रेस 29 अगस्त को रद्द     22845 पुणे-हटिया एक्सप्रेस 31 अगस्त व 3 सितंबर को रद्द     22843 बिलासपुर-पटना एक्सप्रेस 29 अगस्त को रद्द     22844 पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस 31 अगस्त को रद्द     12262 हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस 2 सितंबर     12261 मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस 3 सितंबर को रद्द     12101 कूल्ली-शालीमार एक्सप्रेस 29 अगस्त को रद्द     12102 शालीमार-कूल्ली एक्सप्रेस 31 अगस्त को रद्द      12905 पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस 27 व 28 अगस्त को रद्द      12906 शालीमार-पोरबंदर 29 व 30 अगस्त को रद्द     68737 रायगढ़-बिलासपुर MEMU ट्रेनें 31 अगस्त से 15 सितंबर तक रद्द      68738 बिलासपुर-रायगढ़ MEMU ट्रेनें 31 अगस्त से 15 सितंबर तक रद्द      68735 रायगढ़-बिलासपुर MEMU ट्रेनें 31 अगस्त से 15 सितंबर तक रद्द      68736 बिलासपुर-रायगढ़ MEMU ट्रेनें 30 अगस्त से 14 सितंबर तक रद्द दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में चौथी लाइन का काम शुरू दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में चौथी रेलवे लाइन का काम शुरू होने जा रहा है। इस कारण 31 अगस्त से 15 सितंबर तक छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली 50 से ज्यादा ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है। इन ट्रेनों में एक्सप्रेस और पैसेंजर दोनों शामिल हैं। रेल प्रशासन ने बताया कि बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। यह रेलवे का एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, जो उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ने वाले इस व्यस्त मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही को और बेहतर बनाएगा। रेलवे का कहना है कि इस काम से भविष्य में नई ट्रेनों को चलाने में मदद मिलेगी और यात्रियों को समय पर ट्रेनें मिलेंगी। साथ ही, सुविधाओं में भी सुधार होगा। बिलासपुर से झारसुगड़ा तक 206 KM चौथी लाइन बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच 206 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन का निर्माण चल रहा है, जिसमें अब तक 150 किलोमीटर से ज्यादा रेल लाइन का काम पूरा हो चुका है। रायगढ़ रेलवे स्टेशन में होगा चौथी लाइन का काम रेलवे की इस योजना के तहत बिलासपुर-झारसुगुड़ा रेलखंड के रायगढ़ रेलवे स्टेशन को अब चौथी रेलवे लाइन से जोड़ा जाएगा। यह काम 31 अगस्त से 15 सितंबर के बीच अलग-अलग दिनों में किया जाएगा। रेल प्रशासन का कहना है कि यह काम इस तरह से किया जाएगा, जिससे यात्रियों को कम से कम परेशानी हो। इस प्रोजेक्ट के दौरान कुछ ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रोका जाएगा, लेकिन जैसे ही यह काम पूरा होगा, ट्रेनें समय पर चलने लगेंगी और उनकी रफ्तार भी बढ़ेगी। रेलवे ने बताया कि यह एक जरूरी विकास कार्य है, जिससे भविष्य में यात्रियों को और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।  

अपर कलेक्टर ने एमसीबी में की जनसुनवाई, समस्याओं के गंभीर निराकरण पर दिया जोर

एमसीबी: अपर कलेक्टर ने जनसुनवाई में सुनीं शिकायतें, त्वरित समाधान के दिए निर्देश अपर कलेक्टर ने एमसीबी में की जनसुनवाई, समस्याओं के गंभीर निराकरण पर दिया जोर कलेक्टर जनदर्शन में 19 आवेदन हुए प्राप्त एमसीबी  कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशन में अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनदर्शन के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं को सुना। जिले के ग्रामीण जन और नागरिकों ने जनदर्शन में अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को सीधे अपर कलेक्टर के समक्ष रखा। अपर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्रता से समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। आज की जनदर्शन में कुल 19 आवेदन प्राप्त हुए। इस जनदर्शन में आवेदक तारा देवी निवासी नागपुर, नागपुर में बस स्टॉप पर गुण्डागर्दी एवं जबरन वसूली की शिकायत के संबंध में, अंजना श्रीवास निवासी बरौता , समस्त पालकगण निवासी डिहुली शिक्षक की कमी के संबंध में, मोहम्मद हबीब खान निवासी जनकपुर पार्षदों द्वारा दिये गये शिकायत के संबंध में, रघुनाथ पोद्दार निवासी मनेन्द्रगढ़ भूमि के संबंध में, कृष्ण कुमार कश्यप निवासी झगराखाण्ड़ मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा नसबंदी ऑपरेशन असफल होने एवं प्रोत्साहन राशि के संबंध में, उजित नारायण सिंह निवासी रामगढ़ अतिक्रमण हटाने के संबंध में, फूलमनी निवासी सेंधा सीमांकन न करने के संबंध में, विकास सरकार निवासी गिद्धडांड नक्शा खसरा के संबंध में, समस्त ग्रामवासी निवासी डांडहसवाही पिछले कई वर्षाे से दिए जा रहे आवेदन का सुनवाई न होने के संबंध में, कुबेर सिंह निवासी डांडहसवाही सचिव का स्थानांतरण किए जाने के संबंध में, अजय कुुमार खोंगापानी नया पोल लगवाने के संबंध में, सत्या, सरिता, माया निवासी पेन्ड्री स्थगन आदेश को हटाने के संबंध में, मुकेश कुमार रौतिया निवासी खोंगापानी बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो जाने के सूचना के संबंध में, कमला पाव निवासी सिरौली जाति प्रमाण पत्र फार्म पर पटवारी का हस्ताक्षर करवाने के संबंध में, मनीष सिंह निवासी खोंगापानी जल कनेक्शन उपलब्ध न होने के संबंध में एवं बीपीएल तथा एपीएल राशन कार्ड नहीं बनाने के कारण आम जनता को हो रही असुविधा के संबंध में, जगजीवन सिंह निवासी दुधांसी भूमि के संबंध में, सरपंच निवासी चैनपुर भूमि के संबंध में, अपनी शिकायत लेकर उपस्थित हुए थे। अपर कलेक्टर ने प्राप्त सभी आवेदनों को पूरी गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को उचित कार्यवाही करते हुए त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।

रायपुर: पचरीघाट के पास बैराज निर्माण को मिली 64.75 करोड़ की पुनरीक्षित स्वीकृति

रायपुर राज्य शासन द्वारा बिलासपुर जिले के विकासखण्ड बिल्हा में स्थित अरपा नदी पर पचरीघाट के पास बैराज निर्माण कार्य के लिए 64 करोड़ 75 लाख की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह परियोजना जल संरक्षण, पेयजल आपूर्ति तथा भू-जल संवर्धन के उद्देश्य से प्रस्तावित की गई है। निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व योजना की तकनीकी स्वीकृति, विभागीय नियमों के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार प्रदान की जाएगी। सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूर्ण करने के पश्चात कार्य प्रारंभ किया जाएगा तथा कार्य पूर्ण होने के उपरांत योजना का पूर्णता प्रमाण-पत्र शासन को सौंपा जाएगा। इस योजना के अंतर्गत समस्त कार्यों का क्रियान्वयन बजट शीर्ष ष्लघु सिंचाई पर पूंजी परिव्ययष् के अंतर्गत किया जाएगा। योजना हेतु वित्त विभाग द्वारा भी अपनी सहमति प्रदान कर दी गई है। राज्य शासन द्वारा मुख्य अभियंता को यह निर्देशित किया गया है कि वे कार्य पर नियमित नियंत्रण रखें तथा वित्तीय नियमों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करें। निर्माण कार्य की गुणवत्ता, मितव्ययता एवं समयबद्धता को प्राथमिकता से पूर्ण कराएं। किसी भी प्रकार की लागत वृद्धि स्वीकार्य नहीं होगी। जल संसाधन विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राज्य के जल संसाधनों का समुचित दोहन कर आमजन को अधिकतम लाभ प्रदान किया जा सके।

हिंसक वन्यप्राणियों द्वारा जनहानि, फसल हानि के प्रकरणों का संवेदनशीलता से करें निराकरण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के कार्यों की समीक्षा की रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हिंसक वन्यप्राणियों द्वारा जनहानि, पशुहानि एवं फसल क्षति के प्रकरणों में त्वरित, नियमानुसार एवं संवेदनशीलता से क्षतिपूर्ति सहायता प्रदान की जाए। वनांचल में निवासरत लोगों को कई बार वन्यप्राणियों के हमलों से अपनों को खोने की पीड़ा सहनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में प्रभावितों के दुख-दर्द का मानवीय दृष्टिकोण से शीघ्र निराकरण किया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हाथी-मानव द्वंद्व और अन्य हिंसक वन्यप्राणियों द्वारा जनहानि, पशुहानि एवं फसल क्षति की घटनाएं राज्य के वनांचल क्षेत्रों में चुनौती बनकर उभर रही हैं। ऐसी स्थितियों में शासन की जिम्मेदारी है कि पीड़ितों को शीघ्र एवं न्यायसंगत सहायता उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित प्रकरणों का नियमानुसार त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जंगली हाथियों द्वारा धान जैसी प्रमुख फसल के अतिरिक्त गन्ना, केला, पपीता एवं कटहल जैसी नगदी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया जाता है, जिससे किसानों को आर्थिक ही नहीं, मानसिक रूप से भी दोहरी मार झेलनी पड़ती है। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में प्रदत्त व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टों की अद्यतन स्थिति की भी जानकारी ली। बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन द्वारा प्रदत्त सहायता समय पर प्रभावितों तक पहुंचे, इसके लिए विभागीय समन्वय को और अधिक मजबूत किया जाए। जनहानि, स्थायी अपंगता, पशुहानि, मकान क्षति तथा फसल हानि के लिए दी जाने वाली क्षतिपूर्ति दरों में वृद्धि किए जाने का प्रस्ताव भी बैठक में प्रस्तुत किया गया। बैठक में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली फसल क्षति के आरबीसी के प्रावधानों के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि पर भी चर्चा की गई। बैठक मे मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव (वन) श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कृषि विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी सचिव श्री अंकित आनंद, सचिव (वन) श्री अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री सुधीर अग्रवाल, अपर मुख्य वन संरक्षक श्री प्रेम कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री कश्यप ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

विभागीय कार्यों में आ रही तकनीकी समस्याओं का आपसी समन्वय से करें निराकरण: मंत्री श्री केदार कश्यप  रायपुर विभागीय कार्यों में आ रही समस्याओं का निराकरण आपसी समन्वय स्थापित कर समय-सीमा में निराकरण करें। यह बातें जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज शिवनाथ भवन अटल नगर में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने बैठक में जल संसाधन विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागीय कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने बैठक का संचालन करते हुए कहा कि एमआईएस में आ रही समस्याओं का आपसी समन्वय स्थापित कर 19 अगस्त 2025 के पूर्व समस्त तकनीकी विषयों पर आवश्यक निर्णय लेते हुए निराकरण कर लिया जाए। साथ ही तकनीकी स्वीकृति से संबधित वित्तीय अधिकार को युक्तियुक्त करने हेतु प्रस्ताव 06 अगस्त 2025 तक शासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। निविदा प्रपत्र के अंतर्गत 108 प्रकरणों में दोषी पाये गये निविदाकारों के विरूद्ध कार्यवाही एक सप्ताह के भीतर अनिवार्यतः पूर्ण करें और दोषी पाए गए निविदाकारों को आगामी निविदा में भाग लेने के संबंध में निविदा कंडिका में संशोधन हेतु प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर शासन को प्रेषित करना सुनिश्चित करें।  बैठक में सचिव श्री टोप्पो ने अधिकारियों को एमआईएस में संबंधित प्रविष्टी प्रदर्शित होने के लिए आवश्यक व्यवस्था भी समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।  इसके साथ ही निविदा प्रक्रिया में आ रही समस्याओं का संबंधित मुख्य अभियंता एवं निविदा प्रकोष्ठ कार्यालय प्रमुख अभियंता आपस में समन्वय स्थापित कर निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि बोधघाट वृहद् परियोजना, इन्द्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना, शेखरपुर जलाशय एवं डांडपानी जलाशय के निर्माण हेतु आवश्यक कार्यवाही पूरी कर तथा प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त योजनाओं में निविदा स्वीकृति का कार्य निर्धारित 100 दिवस की समय-सीमा में पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें।  सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने बैठक में जलाशयों से कृषकों की माँग के अनुरूप नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए जल प्रदाय किया जाना सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने विभिन्न विषयों पर विभागीय नीति तैयार कर एक माह के भीतर शासन को प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जल-कर में वृद्धि हेतु प्रस्ताव अविलम्ब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्मार्ट मीटरिंग के कार्य को भी पी.पी.पी. माध्यम से कराए जाने हेतु प्रस्ताव अविलम्ब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। सचिव श्री टोप्पो ने मंत्री श्री कश्यप को बताया कि विशेष केन्द्रीय सहायता प्राप्त करने हेतु प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत कर दिया जाएगा और परियोजना मण्डल की आगामी बैठक हेतु आवश्यक तैयारियां एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक कार्यवाही भी समय से पूर्ण कर लिया जाएगा। इस अवसर पर प्रमुख अभियंता श्री इंद्रजीत उईके, मुख्य अभियंता सर्वश्री प्रसून शर्मा, डी.के. बुम्मेरकर, जे.आर. भगत, आर.आर. सारथी, एस.के. टीकम, शंकर ठाकुर, के. एस. भंडारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

विद्यालयों में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के साथ हरित पर्यावरण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर रहेगा फोकस

अम्बिकापुर नवीन शैक्षणिक सत्र 2025-26 के शुभारंभ पर सरगुजा जिले के कलेक्टर विलास भोसकर ने जिले के समस्त शासकीय विद्यालयों में पालक-शिक्षक बैठक आयोजित करने हेतु प्रेरक पत्र जारी किया है। इस वर्ष यह बैठक 6 अगस्त 2025, बुधवार को विद्यालय स्तर पर आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य पालकों और शिक्षकों के बीच संवाद, सहयोग और समन्वय को बढ़ाना है। कलेक्टर ने अपने पत्र में कहा है कि पालक-शिक्षक बैठकों से बच्चों के शिक्षा, संस्कार और पोषण जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर ठोस चर्चा का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने सभी पालकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे बैठक में सक्रिय सहभागिता दें और अपने पाल्यों के सर्वांगीण विकास के लिए सार्थक सुझाव रखें। बैठक के दौरान शासन द्वारा संचालित विद्यार्थी हितैषी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी तथा बच्चों की शिक्षा, पोषण एवं व्यक्तिगत विकास से संबंधित विषयों पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का आयोजन भी किया जाएगा। इसमें प्रत्येक पालक एवं शिक्षक से अपील की है कि वे विद्यालय परिसर में एक पौधा अपनी माँ के सम्मान में रोपित करें तथा उसके संरक्षण का संकल्प लें। यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि विद्यार्थियों में प्रकृति और परिवार के प्रति भावनात्मक जुड़ाव भी विकसित करेगा। कलेक्टर ने पत्र में सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों की चर्चा करते हुए कहा कि यह जिला छत्तीसगढ़ महतारी के मुकुटस्वरूप “स्वर्ग-जया” की भांति है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि वे इसे और अधिक गौरवशाली बनाएं और भावी पीढ़ी को संस्कारित, सक्षम एवं स्वावलंबी बनाकर विकसित भारत के निर्माण में भागीदार बनें।

किसानों को निर्धारित दर 266 रुपए में दिलाई यूरिया खाद

उत्तर बस्तर कांकेर  कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार तथा उप संचालक कृषि जितेंद्र कोमरा के मार्गदर्शन में खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने जिला स्तर पर टीम गठित की गई है। इसी क्रम में सोमवार को भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के कोरर के निजी कृषि दुकानों में छापेमारी की बड़ी कार्यवाही कर कालाबाजारी पर नकेल कसा गया। सहायक संचालक कृषि सुधीर ददोरिया और गुंजन सिंग भदौरिया के नेतृत्व में खाद बीज निरीक्षक अमिनेश गावड़े, कृषि अधिकारी किरण भंडारी, प्रवीण कवाची, आशीष साहू ने कोरर में संचालित निजी कृषि केंद्रों में दबिश दी। इस दौरान दुकानों में लगे पीओएस मशीनों और स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें जांच में गड़बड़ियां पाई गई। किसानों ने की थी शिकायत   वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी भानुप्रतापपुर ने बताया कि किसानों को कोरर क्षेत्र के निजी कृषि केंद्र पर दो से तीन गुना अधिक कीमत पर रासायनिक खाद बिक्री करने की शिकायत दूरभाष के माध्यम से की गई थी। इस पर कृषि विभाग की टीम ने कार्यवाही करते हुए कोरर बाजार दिवस के दिन निजी कृषि सेवा केंद्र विजय ट्रेंड्स खाद गोदाम का निरीक्षण किया। गोदाम में मौजूदा स्टॉक में दो सौ बोरी यूरिया खाद उपलब्ध पाया गया। किसानों ने शिकायत थी कि एक बोरी यूरिया पांच से छै सौ रुपए में बेचा जा रहा है, जिस पर कृषि विभाग द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए खाद खरीदने आए किसानों को शासन द्वारा निर्धारत दर में यूरिया 266 रुपए पचास पैसा, डीएपी 1350 रुपए, पोटाश 1535 रुपए और एसएसपी राखड़ खाद 495 रुपए की दर से किसानों को उपलब्ध कराई गई।       खाद खरीदने आए 27 किसानों को 79 बोरी यूरिया खाद शासकीय दर 266 रुपए पचास पैसा के दर से दिलवाई गई। कृषि विभाग द्वारा कार्यवाही कर निजी कृषि दुकान संचालकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा गया कि किसानों के साथ लूट और काला बाजारी, जमाखोरी बर्दास्त नहीं की जाएगी। किसानों को समझाईश दिया गया कि निजी कृषि दुकान संचालकों द्वारा अधिक दर पर रासायनिक खाद बेचे जाने पर कृषि विभाग के अधिकारियों को तत्काल सूचना दिया, ताकि अविलंब कार्यवाही की जा सके।    

बकरी पालन बना आजीविका का सहारा, जय बड़ादेव महिला समूह रायपुर में बना प्रेरणा स्रोत

रायपुर : बकरी पालन से आत्मनिर्भरता की मिसाल बनी जय बड़ादेव महिला समूह रायपुर की महिलाओं ने रचा आत्मनिर्भरता का उदाहरण, जय बड़ादेव समूह ने बकरी पालन से बदली किस्मत बकरी पालन बना आजीविका का सहारा, जय बड़ादेव महिला समूह रायपुर में बना प्रेरणा स्रोत रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुसार राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के विशेष प्रयास किया जा रहे हैं। विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही हितग्राहीमूलक योजनाओं से जोड़कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों में सम्मिलित करते हुए  लाभ के अवसर प्रदान किये जा रहे हैं । ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं व्यवसाय प्रारंभ कर आत्मनिर्भर हो रही हैं। महासमुंद जिले के ग्राम गुलझर की महिलाओं ने यह सिद्ध कर दिखाया है कि आत्मनिर्भरता का रास्ता दूर नहीं, यदि सही दिशा, दृढ़ इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयास साथ हों। वर्ष 2019 में गठित जय बड़ादेव महिला स्व-सहायता समूह ने स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर आजीविका का सशक्त साधन तैयार किया और अपनी आर्थिक स्थिति को नई दिशा दी। बकरी पालन को बनाया आय का स्थायी माध्यम  समूह की अध्यक्ष श्रीमती गोमती ध्रुव बताती हैं कि उन्होंने शुरुआत में बकरी पालन को एक व्यवसाय के रूप में अपनाया, क्योंकि यह ग्रामीण परिवेश में कम लागत और कम प्रशिक्षण में भी लाभकारी साबित हो सकता है। उनके अनुसार बकरी पालन सिर्फ पशुपालन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का एक प्रभावी माध्यम बन गया है। बिहान योजना से मिली आर्थिक ताकत  बकरी पालन की शुरुआत उन्होंने बिहान योजना के अंतर्गत 1 लाख रुपये के ऋण से की। नियमित किस्त चुकाने के बाद वे ऋणमुक्त हुईं और फिर क्रमशः 2 लाख और 4 लाख रुपये का ऋण लेकर व्यवसाय का विस्तार किया। समय पर ऋण अदायगी के फलस्वरूप समूह को 15 हजार रुपये का रिवॉल्विंग फंड और 60 हजार रुपये का सामुदायिक निवेश कोष भी प्राप्त हुआ। बकरी खाद से अतिरिक्त आय और बाजार में मांग  आज समूह की 8 महिला सदस्यों के पास चार से पाँच बकरियाँ हैं। वे न केवल बकरी पालन कर रही हैं, बल्कि उससे उत्पादित जैविक बकरी खाद को तैयार कर बाज़ार में बेच रही हैं, जिससे प्रत्येक महिला को प्रति माह 4 से 5 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हो रही है। बकरी खाद की गुणवत्ता और जैविक प्रकृति के कारण इसकी मांग पुणे जैसे बड़े शहरों में भी बनी हुई है। आकांक्षा हाट में शानदार प्रदर्शन  हाल ही में जिला पंचायत परिसर में आयोजित आकांक्षा हाट में समूह द्वारा लगाए गए स्टॉल में बकरी खाद को लोगों का जबरदस्त प्रतिसाद मिला। इससे महिलाओं का उत्साह और आत्मविश्वास और भी बढ़ा है। प्रेरणास्रोत बनीं ग्रामीण महिलाएं  श्रीमती गोमती ध्रुव और उनकी साथी महिलाओं ने यह सिद्ध कर दिखाया है कि यदि ग्रामीण महिलाएं संगठित होकर कार्य करें और शासन की योजनाओं का सही लाभ उठाएं, तो न केवल वे अपनी आजीविका को सशक्त बना सकती हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन सकती हैं। समूह की महिलाएं बिहान योजना और अन्य आजीविका उन्मुख सरकारी योजनाओं के लिए शासन का आभार व्यक्त करती हैं, जिन्होंने उन्हें यह मंच और अवसर प्रदान किया।