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मंत्री केदार कश्यप बोले – एक पेड़ माँ के नाम अभियान पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक

’गौपालक किसानों व मत्स्य सहकारी किसानों को रुपे  केसीसी कार्ड एवं डेयरी सोसायटियो को माइक्रो एटीएम वितरित किया’ रायपुर, सहकारिता एवं जल संसाधन मंत्री  केदार कश्यप आज  नवा रायपुर, अटल नगर  में स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक  (अपेक्स बैंक) परिसर  में अंतर्राष्ट्रीय  सहकारिता दिवस पर आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर  एक पेड़  माँ के नाम अभियान के तहत  पौधरोपण किया। उन्होंने इस दौरान  मंत्री कश्यप  ने गौपालक तथा मत्स्य पालक किसानों को रुपे  केसीसी कार्ड और  दुग्ध सहकारी समितियो को माइक्रो एटीएम  वितरण किया ।     मंत्री कश्यप ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है , और माँ के प्रति हमारी श्रद्ध। उन्होंने कहा कि यह अभियान  प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक अनूठा तरीका भी है । माँ और प्रकृति दोनों ही जीवनदायिनी हैं, पोषण करती हैं, और बिना किसी स्वार्थ के अपनापन देती हैं ।     मंत्री कश्यप ने कहा कि माँ के नाम पर एक पेड़ लगाना माँ के प्रेम को प्रकृति के साथ जोड़ता है। यह एक जीवंत श्रद्धांजलि है, जो न केवल माँ के प्रति हमारी भावनाओं को व्यक्त करती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक उपहार है। उन्होंने कहा कि यह अभियान, ‘सहकारिता‘ के साथ, भारत में सामाजिक और पर्यावरणीय उत्थान के लिए महत्वपूर्ण पहलें हैं। ये सामूहिक भागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी पर आधारित हैं, और इनकी मूल भावना सहयोग, संरक्षण और समाज में योगदान देने की है । ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ पहल की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा 5 जून 2024 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर की गई थी । इसका उद्देश्य माताओं की स्मृति में पेड़ लगाने को प्रोत्साहित करना और पर्यावरण संहिता को बढ़ावा देना है । यह अभियान प्रकृति और मातृत्व के बीच समानता को रेखांकित करता है , क्योंकि दोनों ही जीवन का पोषण करते हैं ।     अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी केदार नाथ गुप्ता ने कहा कि अभियान का संदेश है – ‘माँ के लिए एक पेड़, धरती के लिए एक कदम‘ । सभी सहकारी समितियों के साथ इस नेक कार्य में हिस्सा लेने और अपनी माँ के प्रेम को प्रकृति के साथ जोड़ने का आह्वान किया गया है । उन्होंने आगे कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की मंशा है कि पैक्स सोसायटियो को मजबूत किया जाए।    अपर मुख्य सचिव , सहकारिता , छत्तीसगढ़ शासन सुब्रत साहू ने  राज्य स्तरीय सहकारी संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में ‘सहकार से संमृद्धि‘ अंतर्गत अनेक कार्यक्रम व नवाचार सहकारिता के माध्यम से किये जा रहे है, जिसमे सहकारिता छेत्र की इकाई-समितियो को बहुउद्देशीय बनाना व इस आंदोलन को और विस्तारित करना है। सहकारिता की महत्ता को ध्यान में रखते हुए 2021 में केंद्र सरकार द्वारा पृथक से सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया, जो इस आंदोलन के प्रति सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है।     संगोष्ठी में छत्तीसगढ़ सहकारिता प्रकोष्ठ अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ सी आर प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता कुलदीप शर्मा, एमडी अपेक्स बैंक के एन कांडे, अपर आयुक्त एच के दोषी, सहकारिता विभाग के अधिकारी सहित जिला सहकारी बैंको, मार्कफेड, लघुवनोपज तथा एनसीडीसी तथा बड़ी संख्या में अपेक्स बैंक, जिला सहकारी बैंकों, जिला सहकारी संघ के अधिकारी गण मौजूद थे।    

युक्तियुक्तकरण से पोड़ी खुर्द और हरापारा स्कूल में उत्साह का माहौल

रायपुर, शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया की बदौलत विद्यार्थियों में अब अध्ययन अध्यापन का माहौल दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत पोड़ी खुर्द स्थित प्राथमिक शाला पोड़ी खुर्द एवं प्राथमिक शाला हरापारा में नवीन शिक्षकों की पदस्थापना हुई है, जिससे एकल शिक्षकी समस्या से जूझ रहे इन विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियाँ सुचारु रूप से संचालित होने लगी है। ग्रामवासी श्री शोहन ने बताया कि पूर्व में इन दोनों शालाओं में केवल एक-एक शिक्षक कार्यरत थे, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। अब शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के अंतर्गत अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना से इन विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार देखने को मिलेगा। उन्होंने शासन की इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। प्राथमिक शाला हरापारा में नवपदस्थ प्रधान पाठक श्रीमती सीमा सिंह ने बताया कि वे पूर्व में किशुननगर प्राथमिक शाला में कार्यरत थीं। शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के अंतर्गत उन्हें स्वेच्छा से विद्यालय चयन का अवसर मिला, जिसमें उन्होंने हरापारा का चयन किया। उन्होंने बताया कि पूर्व में विद्यालय में केवल एक शिक्षिका कार्यरत थीं, जिससे शिक्षण कार्य में कठिनाई हो रही थी। अब दो शिक्षकों की उपस्थिति से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना संभव हो सकेगा। उन्होंने प्रक्रिया में अपनाई गई पारदर्शिता के लिए शासन का आभार जताया। इसी प्रकार प्राथमिक शाला पोड़ी खुर्द में नवपदस्थ सहायक शिक्षिका श्रीमती इमिला कुजूर, जो पूर्व में जोगीबांध प्राथमिक शाला में पदस्थ थीं, ने बताया कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत उन्हें विद्यालय चयन का अवसर मिला, जिसमें उन्होंने पोड़ी खुर्द का चयन किया। उन्होंने अपनी नवीन पदस्थापना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन की इस पहल से दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों में शिक्षकों की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है। इससे न केवल बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल रहा है, बल्कि शिक्षा के अधिकार को भी मजबूती मिल रही है।

एसआईए ने एएसपी आकाश राव गिरेपुंजे शहादत मामले में कोंटा से 7 संदिग्धों को हिरासत में लेकर कर रही पूछताछ

रायपुर एएसपी आकाश राव गिरेपुंजे शहादत मामले में एसआईए कोंटा से 7 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. संदेहियों के पास आंध्र प्रदेश के सिमकार्ड से लैस मोबाइल फोन मिले हैं. पूरे मामले की जांच कर रही एसआईए ने जिन संदेहियों को हिरासत लेकर गोपनीय स्थान में पूछताछ कर रही है, उनके मोबाइल फोन से माओवादियों को पुलिस की गतिविधियों की देने की जानकारी मिली है. पूछताछ के जरिए घटना के मास्टरमाइंड तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है. बता दें कि 9 जून को सुकमा जिले के कोन्टा-गोलापल्ली मार्ग पर पुलिस टीम तलाशी अभियान पर निकली थी. इसी दौरान नक्सलियों द्वारा पहले से बिछाए गए आईईडी बम की चपेट में आने से एडिशनल एसपी आकाश राव गिरेपुंजे मौके पर ही शहीद हो गए, वहीं एसडीओपी कोंटा भानु प्रताप चंद्राकर और टीआई सोनल ग्वाला गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

सुरक्षाबलों की कार्रवाई से नक्सलियों को झटका, मुठभेड़ में दो ढेर

बीजापुर शनिवार को छत्तीसगढ़ एक बीजापुर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर हुई इस मुठभेड़ में दो माओवादियों की मौत हो गई है। पुलिस ने आज यह जानकारी दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में उस समय मुठभेड़ शुरू हो गई, जब सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ माओवादी कैडरों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान शुरू किया गया था और शुक्रवार से ही इलाके में रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही थी। मुठभेड़ स्थल से दो पुरुष नक्सली के शव और हथियार बरामद किए गए हैं। सुरक्षा कारणों से जानकारी गोपनीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन अभी भी जारी है, इसलिए विस्तृत जानकारी गोपनीय रखी गई है। ऑपरेशन के समाप्त होने के बाद ही पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।  

मुख्यमंत्री साय संसदीय पत्रकारिता विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में हुए शामिल

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर के प्रेक्षागृह में संसदीय रिपोर्टिंग विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य और विधानसभा के रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश विधानसभा ने भी 25 वर्षों की गौरवमयी यात्रा पूरी की है और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ किया है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हाल ही में विधायकों के लिए भी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया था, जिसका लाभ हमारे सदस्यों को मिला है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में अनेक नवनिर्वाचित विधायक भी हैं, जिनकी यह जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाएं। इसी तरह पत्रकारों की भी अहम भूमिका है, जो विधानसभा की गतिविधियों को जनता तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी पत्रकार बंधु बड़ी मेहनत से विधानसभा की कार्यवाही को कवर करते हैं, जिससे आमजन यह जान पाते हैं कि विधायकों द्वारा उनके मुद्दों को गंभीरता से उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा उत्कृष्ट पत्रकारों को सम्मानित करने की परंपरा को भी सराहा और कहा कि इससे पत्रकारों का मनोबल बढ़ता है तथा संसदीय रिपोर्टिंग को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्यशाला पत्रकारों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी और इसके माध्यम से विधानसभा की गतिविधियां और अधिक प्रभावी रूप से जनता तक पहुंचेंगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में संसदीय पत्रकारिता की महत्ता बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा में पत्रकारों का योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने कहा कि संसदीय पत्रकारिता अत्यंत संवेदनशील दायित्व है, जो सदन की गोपनीयता, अनुशासन और गरिमा को बनाए रखते हुए जनता तक सटीक एवं निष्पक्ष जानकारी पहुंचाने का कार्य करती है। डॉ. सिंह ने कहा कि पत्रकार जब पक्ष–विपक्ष से परे रहकर निष्पक्ष रूप से विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन करते हैं और उसे प्रस्तुत करते हैं, तब लोकतंत्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि संसदीय प्रणाली की गहरी समझ से ही पत्रकार बेहतर ढंग से जनता को विधानसभा की गतिविधियों से अवगत करा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय पत्रकारिता में विशेष रूप से विधानसभा की प्रक्रिया से जुड़े समाचारों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना आवश्यक है, ताकि आमजन तक वे प्रभावी ढंग से पहुंच सकें। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ एवं दिवंगत पत्रकारों का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश की पत्रकारिता परंपरा ने सदैव विधानसभा की गरिमा बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कार्यशाला में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पत्रकारों की भूमिका को नारद मुनि की परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि पत्रकार समयबद्धता और सजगता के साथ लोकतंत्र के संवाहक होते हैं। डॉ. महंत ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से सभी को कुछ नया सीखने का अवसर मिलेगा और संसदीय पत्रकारिता को समझने का दायरा और व्यापक होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह आयोजन उपयोगी सिद्ध होगा और पत्रकारों के कार्य को नई दिशा देगा। उन्होंने अपनी लंबी संसदीय यात्रा का स्मरण करते हुए कहा कि इस दौरान पत्रकारों के साथ बिताए गए समय और अनुभव अत्यंत मूल्यवान रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों की सजगता, सटीकता और संवेदनशीलता की सराहना की, जो वर्षों से संसदीय गतिविधियों को जनता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा, आईआईएमसी के पूर्व महानिदेशक श्री संजय द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे।

जिला प्रशासन का सख्त निर्देश सभी अधिकारी-कर्मचारी पहनें हेलमेट वरना होगी कार्रवाई

जिला प्रशासन का सख्त निर्देश सभी अधिकारी-कर्मचारी पहनें हेलमेट वरना होगी कार्रवाई चार पहिया वाहन चालक अनिवार्य रूप से लगाये सीट बेल्ट एमसीबी/मनेंद्रगढ़  कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज कलेक्टर की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले की सड़क सुरक्षा को लेकर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने इस दिशा में ठोस एवं कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जिला मुख्यालय के सभी अधिकारी-कर्मचारी कार्यस्थल पर आने-जाने के दौरान अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी हेलमेट नहीं पहनते हुए पाए जाएंगे, उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी। चार पहिया वाहनों के अधिकारी एवं कर्मचारियों को सुरक्षा की दृष्टि से अनिवार्य रूप से सीट बेल्ट लगाने के निर्देश दिये है। कलेक्टर ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और नागरिकों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अब प्रशासनिक अमले को अनुकरणीय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी विभाग प्रमुख अपने अधीनस्थों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करें। सड़क सुरक्षा को लेकर एक प्रभावी रणनीति तैयार करने पर जोर देते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रशासन इस दिशा में कठोरता और सतर्कता दोनों के साथ कार्य करेगा। उन्होंने विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य योजना निर्धारित करने के भी निर्देश दिए ताकि जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और एक सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित की जा सके। बैठक के अंत में कलेक्टर ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ग्राम नारायणपुर में आयोजित शिविर में 100 प्रतिशत लक्ष्यों की पूर्ति, 22 नए हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बना

एमसीबी/नारायणपुर – हितग्राही मूलक महत्वपूर्ण योजनाओं के अंतर्गत चिन्हांकित ग्रामों में 100 प्रतिशत लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने हेतु ग्राम नारायणपुर में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के माध्यम से पात्र नागरिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविर के दौरान कुल 22 नए हितग्राहियों का आयुष्मान  कार्ड बनाया गया, जिससे उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं का निशुल्क लाभ मिल सकेगा। यह शिविर ग्राम पंचायत नारायणपुर, विकासखंड मनेंद्रगढ़, जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में आयोजित किया गया। प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणजन में उत्साह का माहौल देखने को मिला और अधिक से अधिक लोगों ने शिविर का लाभ लिया। इस प्रकार के शिविरों के माध्यम से शासन की योजनाएं सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रही हैं, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा सुनिश्चित हो रही है।

गरियाबंद में प्रिंसिपल की मनमानी पर छात्रों के साथ पालकों ने स्कूल में जड़ा ताला, कार्रवाई नहीं होने पर उग्र प्रदर्शन दी चेतावनी

गरियाबंद गरियाबंद में छुरा ब्लॉक के अकलवारा हाईस्कूल के छात्रों के साथ पालकों ने प्रिंसिपल पर मनमानी और छात्राओं से अभद्र व्यवहार का आरोप लगाकर स्कूल गेट में ताला जड़ दिया. पालकों ने कार्रवाई नहीं होने पर उग्र प्रदर्शन करते हुए आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है. छात्रों ने बताया कि प्रिंसिपल जेपी वर्मा ने 11वीं के छात्रों के परीक्षा परिणाम में हेरा-फेरी कर पास बच्चों को फेल कर दिया है. इस बात ही शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर से करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ को देख नाराज पालकों ने सुबह से स्कूल के सामने जमकर नारबाजी व प्रदर्शन कर रहे हैं. समाचार लिखे जाने तक न प्रशासन से और न ही शिक्षा विभाग से कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचा था.

CM साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में लिया गया बड़ा निर्णय : उद्योग विभाग को सौंपा जाएगा जशप्योर का ट्रेडमार्क

रायपुर छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचल जशपुर की आदिवासी महिलाओं के समूह द्वारा प्राकृतिक वनोपज का प्रसंस्करण कर तैयार की गई विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्रियों का ब्रांड जशप्योर अब जशपुर और छत्तीसगढ़ की सीमाओं से बाहर निकलकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कदमताल करने को तैयार है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के वोकल फॉर लोकल अभियान को आत्मसात करते हुए एक अहम निर्णय लिया गया है जिसके तहत जशपुर जिले की महत्वाकांक्षी महिला केंद्रित ब्रांड जशप्योर का ट्रेडमार्क अब उद्योग विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा। यह ऐतिहासिक निर्णय जशप्योर को व्यापक उत्पादन, संस्थागत ब्रांडिंग और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच दिलाने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम है। जशप्योर – परंपरा को उद्यमिता से जोड़कर खोली उन्नति की राह जशप्योर ब्रांड महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाला उपक्रम है, जिसे जशपुर जिले की आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित किया जाता है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक, पोषणयुक्त और रसायनमुक्त खाद्य उत्पादों का निर्माण करते हुए स्थानीय समुदायों को रोजगार उपलब्ध कराना और सतत विकास को बढ़ावा देना है। इस ब्रांड का लक्ष्य छत्तीसगढ़ की समृद्ध कृषि और वनोपज का प्रसंस्करण कर खाद्य उत्पादों के रूप में तैयार करना तथा रोजगार से जोड़ते हुए व्यावसायिक स्तर पर इन्हें व्यापक पहचान दिलाना है। जशप्योर के उत्पादों की मुख्य विशेषता यह है कि ये पूरी तरह से प्राकृतिक हैं। इनमें किसी भी प्रकार के प्रिज़र्वेटिव, रंग या कृत्रिम स्वाद का उपयोग नहीं किया जाता और ये सस्टेनेबल पैकेजिंग में उपलब्ध हैं। जशप्योर केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ी माटी की महक, आदिवासी बहनों की मेहनत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का प्रतीक बन चुका है। जशप्योर के उत्पाद बना रहे हैं अपनी अलग पहचान जशप्योर द्वारा महुआ और अन्य वनोपज को शामिल करते हुए कई प्रकार के पारंपरिक और स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें महुआ आधारित उत्पाद जैसे महुआ नेक्टर, महुआ वन्यप्राश, महुआ कुकीज़, रागी महुआ लड्डू, महुआ कैंडी और महुआ नेक्टर कोकोआ शामिल हैं। इसके अलावा, ढेकी कूटा जवा फूल चावल, मिलेट आधारित पास्ता और कोदो, कुटकी, रागी तथा टाऊ से बने विभिन्न उत्पाद भी पूरे भारत में अपनी पहचान बना रहे हैं। महिला उद्यमिता को मिल रहा बढ़ावा जशप्योर ब्रांड का उद्देश्य केवल व्यापार नहीं है, बल्कि यह आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारने का एक सशक्त प्रयास भी है। इस ब्रांड के माध्यम से महिलाओं को रोजगार का अवसर मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर हुई हैं। जशप्योर द्वारा निर्मित हर उत्पाद आदिवासी महिलाओं की मेहनत और समर्पण का प्रतीक है। ये उत्पाद देशभर के विभिन्न स्टोर्स पर उपलब्ध हैं, जो ब्रांड की व्यापक पहुँच का प्रमाण हैं। जशप्योर के सभी उत्पाद पूर्णतः प्राकृतिक हैं। इनमें किसी भी प्रकार के प्रिज़र्वेटिव, कृत्रिम रंग या स्वाद का उपयोग नहीं किया जाता। यह उत्पाद श्रृंखला न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि पोषण से भरपूर और पर्यावरण-संवेदनशील पैकेजिंग में उपलब्ध है। जशप्योर के प्रमुख उत्पादों में महुआ नेक्टर, महुआ वन्यप्राश, रागी महुआ लड्डू, महुआ कुकीज़, महुआ कोकोआ ड्रिंक, कोदो, कुटकी, रागी आधारित पास्ता और ढेकी कूटा चावल शामिल हैं। जशप्योर की सबसे खास बात इसकी महिला प्रधान कार्यशक्ति है। यहां 90 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी आदिवासी महिलाएं हैं, जो उत्पादन से लेकर पैकेजिंग तक हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इस मंच के माध्यम से ये महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि परंपरागत ज्ञान और तकनीकों को आधुनिक बाजार में प्रस्तुत करने में भी सक्षम हो रही हैं। वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया 20 सितंबर 2024 को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में जशप्योर का स्टॉल सभी के आकर्षण का केंद्र बना रहा। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने वाले उपभोक्ताओं, पोषण विशेषज्ञों और उद्यमियों ने विशेष रुचि के साथ महुआ और मिलेट से बने उत्पादों की सराहना की। इन उत्पादों में कोई एडिटिव, प्रिज़र्वेटिव या स्टेबलाइजर नहीं है, जिससे ये पूरी तरह से प्राकृतिक, सुरक्षित और पोषणयुक्त हैं। रेयर प्लेनेट के साथ ऐतिहासिक समझौता जशप्योर की पहुँच अब देशभर के प्रमुख एयरपोर्ट स्टोर्स तक होगी। रेयर प्लेनेट के साथ हुए समझौते के तहत पहले चरण में पाँच एयरपोर्ट्स पर महुआ और अन्य उत्पादों की बिक्री शुरू की जा रही है। यह पहल जशप्योर को राष्ट्रीय उपभोक्ताओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस एमओयू पर हस्ताक्षर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा ऑनलाइन माध्यम से किए गए, जो राज्य के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। जशप्योर – लोकल टू ग्लोबल की राह पर अग्रसर जशप्योर से जुड़े जशपुर जिले के युवा वैज्ञानिक समर्थ जैन ने बताया कि जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ शासन के प्रयासों से "महुआ को अब केवल शराब तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे फॉरेस्ट गोल्ड या ग्रीन गोल्ड के रूप में भी देखा जाएगा।" जशप्योर ने यह साबित कर दिया है कि स्वास्थ्यवर्धक भोजन स्वादिष्ट भी हो सकता है। उनका मानना है कि शासन की इस पहल से जशप्योर को लोकल टू ग्लोबल ब्रांड बनाने में मदद मिलेगी और निश्चित ही यह निर्णय प्रदेश भर में वनोपज और स्थानीय उत्पादकों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। ब्रांड ट्रेडमार्क हस्तांतरण के इस ऐतिहासिक निर्णय से जशप्योर को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही कच्चे माल की माँग में वृद्धि होगी और आदिवासी महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर प्राप्त होंगे। इस निर्णय से जशप्योर ब्रांड का ट्रेडमार्क उद्योग विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा, ताकि इसके दायरे और प्रभाव को और व्यापक बनाया जा सके। इससे जशप्योर के उत्पादों को विश्वस्तरीय बनाने, उत्पादन में वृद्धि के लिए उन्नत मशीनें लगाने और प्रभावी मार्केटिंग सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त होगा।  

महापौर मीनल चौबे ने तेलीबांधा तालाब परिसर में लगातार अनियमितताओं और अव्यवस्थाओं का किया निरीक्षण

रायपुर  राजधानी के तेलीबांधा तालाब परिसर में लगातार अनियमितताओं और अव्यवस्थाओं की शिकायतें सामने आने के बाद महापौर मिनल चौबे ने औचक निरीक्षण किया. इस दौरान कई खामियां और अनियमितताएं देखने को मिली, जिसे लेकर महापौर मिनल ने मौके पर कंपनी स्टाफ को जमकर फटकार लगाई और स्पष्ट किया कि मैथिलीशरण गुप्ता उद्यान में किसी भी प्रकार की छेड़खानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. निरीक्षण में मिली कई अनियमितताएं तेलीबांधा परिसर के निरीक्षण के दौरान कई खामियां और अनियमितताएं सामने आई. परिसर में जल विहार कॉलोनी की ओर बना सार्वजनिक सुलभ शौचालय बंद पाया गया. जोन-बी स्थित मैथिलीशरण गुप्त उद्यान में बड़ी संख्या में झूले लगाए गए हैं, जिससे उद्यान का उपयोग योग्य क्षेत्रफल काफी कम हो गया है. तेलीबांधा पाथवे पर नेत्र चिकित्सालय के पास बने पार्किंग क्षेत्र से परिसर की एंट्री पर बोलार्ड्स लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बड़ी गाड़ियां परिसर में प्रवेश न कर सकें. इसके अलावा, परिसर में कंपनी द्वारा बनाए गए छोटे-छोटे कियोस्क भी बेहद अव्यवस्थित तरीके से स्थापित पाए गए. निरीक्षण के दौरान पाथवे पर तेज रफ्तार से गाड़ियों की आवाजाही देखी गई, जिससे आमजन के लिए दुर्घटना की आशंका जताई गई. महापौर ने अधिकारियों को दिए निर्देश महापौर मिनल चौबे ने मौके पर अधिकारियों को मैथिलीशरण गुप्त उद्यान में लगाए गए झूलों को 24 घंटे के भीतर हटाने के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो कंपनी का अनुबंध निरस्त कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह उद्यान जनता की धरोहर है और रहेगा. जल्द ही उद्यान जनता को उद्यान के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने बंद पाए गए सुलभ शौचालय को तुरंत आमजन के लिए खोलने के निर्देश दिए. साथ ही, कंपनी द्वारा की जा रही सभी अनियमितताओं को तत्काल सुधारने के आदेश दिए गए. संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से निरीक्षण करते रहें, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाहियां दोबारा न हो.