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उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बोझ! 100 यूनिट के बाद नहीं मिलेगी राहत

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के रहवासियों को बीते 6 साल 5 माह से बिजली उपभोक्ताओं को चार सौ यूनिट तक की खपत पर सीधे पचास प्रतिशत की छूट मिल रही थी. इसलिए उनका बिल आधा आता था. अब सरकार ने एक अगस्त से छूट को समाप्त कर दिया है, जिसका असर सितबंर में हाथ में आने वाले बिजली बिल में दिखेगा. उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 558 से 1223 रुपए अधिक बिजली बिल का भुगतान करना होगा. राज्य सरकार द्वारा 1 मार्च 2019 से घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 400 यूनिट तक बिजली की खपत करने पर सीधे 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही थी. इस छूट का लाभ कम यूनिट से अधिक यूनिट तक खपत करने वाले सभी उपभोक्ताओं को मिलता था. इसमें चार सौ यूनिट से अधिक खपत करने वालों को भी चार सौ यूनिट तक आधी छूट मिलती थी. वहीं चार सौ यूनिट से अधिक की खपत की बिलिंग पूरे दर से की जाती थी. इस छूट के बाद उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल में 558 रुपए से 1223 रुपए तक की छूट मिलती थी. जिससे उनको काफी राहत मिल रही थी. यह छूट अगले माह से समाप्त हो रही है. प्रदेश सरकार ने एक अगस्त से बिजली बिल हॉफ योजना को बंद करने का निर्णय लिया है. घरेलू उपभोक्ताओं को उसका लाभ नहीं मिलेगा. इसलिए अगस्त पेड सितंबर के बिजली बिल में लोगों को पहले मिलने वाले बिजली बिल का दोगुना बिल मिलेगा. जो उनका मासिक बजट बिगाड़ने वाला होगा. जिसका सीधा असर गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. उनको प्रतिमाह खपत के हिसाब से 558 से 1223 रुपए अधिक बिजली बिल का भुगतान करना पड़ेगा. वहीं राज्य सरकार द्वारा 100 यूनिट से कम खपत करने वाले उपभोक्ताओं को ही पचास प्रतिशत छूट का लाभ देने की घोषणा की गई है. उपभोक्ताओं को लगेगा तिहरा प्रहार सितंबर माह में उपभोक्ताओं को बिजली बिल के मामले में तिहरा प्रहार पड़ेगा. अगस्त में उसम भरी गर्मी से राहत पाने के लिए लोगों ने धड़ल्ले से कूलर और एसी का उपयोग किया. जिससे खपत बढ़ गई. वहीं राज्य सरकार ने एक जुलाई से बिजली दर में वृद्धि कर दी है. इसलिए उपभोक्ताओं को 14 पैसे प्रति यूनिट अधिक बिल का भुगतान करना पड़ रहा है. एक अगस्त से बिजली बिल हॉफ योजना को बंद कर दिया गया है. जिसका सीधा असर हजारों घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. 100 यूनिट में सब्सिडी, खपत करने वाले कम सिटी सर्किल के दोनों डिवीजन में घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 91,648 है. सभी को पहले पचास प्रतिशत छूट का लाभ मिल रहा था. जो एक अगस्त से समाप्त हो गया है. शासन ने सिर्फ 100 यूनिट और उससे कम खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को ही बिजली बिल हॉफ योजना का लाभ देने का निर्णय लिया गया है. शहरी क्षेत्र में आजकल सौ यूनिट से कम खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या काफी कम है. इसलिए योजना का लाभ गिनती के लोगों को मिल सकेगा.

रजनी ताई उपासने को मंत्री रजवाड़े ने दी श्रद्धांजलि

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजनीति और समाज सेवा जगत के लिए दुःखद समाचार सामने आया है। रायपुर की पहली महिला विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने की पूज्य माताजी रजनी ताई उपासने के निधन पर प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मंत्री रजवाड़े ने अपने शोक संदेश में कहा कि रजनी ताई उपासने का निधन अत्यंत दुःखद है। उन्होंने जनसेवा और समाजहित के लिए जो योगदान दिया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा। उनकी सादगी और समर्पण ने उन्हें जनता के बीच विशेष स्थान दिलाया। लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि इस दुःख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवारजनों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को यह अपूरणीय क्षति सहन करने की शक्ति प्रदान करें। गौरतलब है कि रजनी ताई उपासने 1977 में रायपुर से जनता पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीतकर शहर की पहली महिला विधायक बनी थीं। राजनीति में आने से पहले से ही वे जनसंघ की सक्रिय कार्यकर्ता रहीं और कई आंदोलनों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके निधन से रायपुर ही नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर है।

छत्तीसगढ़ राजनीति को बड़ा झटका, रजनी ताई उपासने नहीं रहीं

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद रहा। रायपुर शहर की पहली महिला विधायक रजनी ताई उपासने का 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थीं। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। 1977 में बना था ऐतिहासिक रिकॉर्ड रजनी ताई उपासने ने 1977 के विधानसभा चुनाव में जनता पार्टी की ओर से रायपुर सीट से जीत हासिल की थी। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी शारदा चरण तिवारी को हराकर इतिहास रचा था। इसी के साथ वे रायपुर शहर से चुनकर आने वाली पहली महिला विधायक बनीं। राजनीति से पहले भी रही सक्रिय सियासत में औपचारिक प्रवेश से पहले रजनी ताई जनसंघ की सक्रिय कार्यकर्ता रहीं। वे कई आंदोलनों से जुड़ी रहीं और अपने संघर्ष व समर्पण से उन्होंने राजनीतिक जगत में पहचान बनाई। रायपुर को अब तक मिलीं सिर्फ वही महिला विधायक रायपुर विधानसभा क्षेत्र के लोकतांत्रिक इतिहास में आज तक किसी अन्य महिला को विधायक बनने का अवसर नहीं मिला। रजनी ताई उपासने ही अब तक रायपुर शहर की इकलौती महिला विधायक रही हैं। उन्होंने 46 वर्ष की उम्र में विधानसभा पहुंचकर नई मिसाल कायम की थी। सादगी और समर्पण की मिसाल रजनी ताई का राजनीतिक जीवन हमेशा सादगी और सेवा की भावना से जुड़ा रहा। जनता के बीच वे एक सहज और मिलनसार नेता के रूप में जानी जाती थीं। उनके निधन से छत्तीसगढ़ ने एक सादगीपूर्ण और समर्पित नेता को खो दिया है।

सियोल में CM विष्णु देव साय की ATCA प्रतिनिधिमंडल से भेंट, निवेश के नए अवसरों पर चर्चा

रायपुर : सियोल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ATCA प्रतिनिधिमंडल की महत्वपूर्ण भेंट, छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर हुई चर्चा सियोल में CM विष्णु देव साय की ATCA प्रतिनिधिमंडल से भेंट, निवेश के नए अवसरों पर चर्चा छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024–30 के अंतर्गत ICCK के साथ होगा ज्ञान व निवेश सहयोग रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सियोल में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर एसोसिएशन (ATCA) के चेयरमैन ली जे जेंग एवं वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। ATCA एक सशक्त औद्योगिक नेटवर्क है, जिसमें आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल क्षेत्र की 60 से अधिक प्रमुख कंपनियाँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री साय ने ATCA प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेशकों के लिए एक अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ली जे जेंग और उनके साथ आए वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया कि वे अपने आगामी भारत दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ अवश्य आएँ और राज्य में उपलब्ध निवेश व सहयोग की संभावनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करें। ATCA ने छत्तीसगढ़ की कंपनियों के साथ बी2बी साझेदारी में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थान मौजूद हैं, जो विश्वस्तरीय प्रतिभा उपलब्ध कराते हैं। राज्य का ‘प्लग एंड प्ले’ इंफ्रास्ट्रक्चर और सशक्त लॉजिस्टिक्स नेटवर्क छत्तीसगढ़ को ATCA के अनुसंधान एवं विकास केंद्रों और भारत में उनके विस्तार का स्वाभाविक हब बनाता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित हो रहा है और यहाँ उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, कुशल मानव संसाधन तथा मज़बूत बुनियादी ढाँचा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल जैसे उभरते क्षेत्रों में ATCA कंपनियाँ यहाँ आकर निवेश करें और साझेदारी के नए आयाम स्थापित करें। इससे प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोज़गार मिलेगा और स्थानीय उद्योगों को भी नई ताक़त मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सियोल में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में भाग लिया, जिसका आयोजन इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स इन कोरिया (ICCK) के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ दक्षिण कोरियाई कंपनियों के लिए असीम संभावनाओं की धरती है। उन्होंने उल्लेख किया कि दक्षिण कोरिया भारत के शीर्ष तीन इस्पात निर्यात गंतव्यों में शामिल है और छत्तीसगढ़, देश का अग्रणी इस्पात उत्पादक राज्य होने के नाते, इस सहयोग को और गहरा करने तथा निवेश के नए अवसर प्रदान करने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से समृद्ध है, जो ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।  राज्य में प्रचुर मात्रा में लिथियम उपलब्ध है, जो ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) क्रांति और नई पीढ़ी के उद्योगों को गति देने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि  छत्तीसगढ़ वैश्विक ऊर्जा संक्रमण का स्वाभाविक केंद्र बन सकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने ICCK को नॉलेज पार्टनर के रूप में शामिल करने की घोषणा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024–30 के तहत तकनीक, स्किलिंग और वैश्विक सहयोग को एक नई दिशा दी जाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कोरिया की नवाचार क्षमता और छत्तीसगढ़ के संसाधनों के मिलन से विकास का एक नया युग लिखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रत्येक निवेशक को “सिंगल विंडो क्लियरेंस” से लेकर भूमि आवंटन, आवश्यक अनुमतियों और सहयोगी नीतियों तक हर स्तर पर सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दक्षिण कोरिया कंपनियों की भागीदारी से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य में नए अवसरों का सृजन होगा और दक्षिण कोरिया-भारत औद्योगिक सहयोग को एक नई ऊँचाई मिलेगी।

कोरबा ताप विद्युत गृह की 105 हेक्टेयर ज़मीन उद्योग विभाग को जल्द होगी हस्तांतरित- मंत्री देवांगन

रायपुर : उद्योग मंत्री देवांगन के विशेष प्रयास से कोरबा में एल्युमिनियम पार्क का मार्ग प्रशस्त, ज़मीन हस्तांतरित हेतु जनरेशन कंपनी की बोर्ड से मिली हरी झंडी कोरबा ताप विद्युत गृह की 105 हेक्टेयर ज़मीन उद्योग विभाग को जल्द होगी हस्तांतरित- मंत्री देवांगन उद्योग मंत्री का प्रयास रंग लाया, जमीन मिलते ही उद्योग विभाग पार्क बनाने शुरू करेगा तैयारी    रायपुर कोरबा को व्यावसायिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के दिशा में नगर विधायक कोरबा वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम और आबकारी, श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के प्रयासों से  बहुप्रतीक्षित एल्युमिनियम पार्क का मार्ग प्रशस्त हो गया है। उत्पादन कंपनी के बोर्ड की हुई बैठक में पूर्व सयंत्र के ज़मीन हस्तांतरित हेतु हरी झंडी मिल गई है।  कोहड़िया स्थित कोरबा ताप विद्युत गृह की 105 हेक्टेयर ज़मीन उद्योग विभाग को अब जल्द  हस्तांतरित की जाएगी। इसके लिए बोर्ड ने प्रबंध निदेशक को अधिकृत किया है। साथ ही जिला प्रशासन, नजुल, राजस्व विभाग को ज़मीन का सत्यापन एवं सीमांकन कर उद्योग विभाग को हस्ताँतरित करने के लिए ऊर्जा विभाग द्वारा नजूल अधिकारी को पत्र जारी किया गया है। कोरबा ज़िले में एल्यूमिनियम पार्क निर्माण हेतु उद्योग मंत्री के प्रस्ताव पर  वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिये उद्योग विभाग के बजट प्रस्ताव में 5 करोड़ रुपए का घोषणा की गई थी। इसके बाद उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने ही उत्पादन कम्पनी के बंद पड़ी प्लांट की ज़मीन में एल्यूमिनियम पार्क हेतु प्रस्ताव ऊर्जा विभाग और उद्योग विभाग को दिया था।      *उद्योग मंत्री के सशक्त प्रयास का अब लाभ अब कोरबा को*    कोरबा के विधायक और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के सशक्त प्रयास का लाभ कोरबा जिले को मिलने जा रहा है। जिला चेम्बर ऑफ कॉमर्स, उद्योग संघ  द्वारा वर्षों से मांग की जा रही थी। अब एल्यूमिनियम पार्क बनने से जहा एल्यूमिनियम सेक्टर के छोटे बड़े उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।     *एल्यूमिनियम सामान की बढ़ रही डिमांड*   एल्यूमिनियम की खपत विद्युत संयंत्रों के साथ दूसरे क्षेत्रों में भी बढ़ रही है। आफिस, बिल्डिंग के निर्माण में भी उपयोग हो रहा है। कांच के दरवाजे व खिड़कियों के लिए एल्यूमिनियम का ही उपयोग होता है। रेलवे भी एल्यूमिनियम फैब्रिकेशन व इंजीनियरिंग पार्ट से जुड़े उत्पादों का इस्तेमाल करता है। पैकेजिंग, इलेक्ट्रिकल सामान, वाहनों की बॉडी स्ट्रक्चर, व्हील्स, प्लेन व प्रिंटेड फाइल्स, फर्मा व बर्तन प्रोडक्ट तैयार करने में एल्यूमिनियम का उपयोग किया जाता है। इन सेक्टर के उद्योग अधिक संख्या में लग सकेंगे।  *एक ही जगह पर कई उत्पाद*    बालको के स्मेल्टर प्लांट में एल्यूमिना तैयार होता है। एल्यूमिनियम पार्क के बन जाने से एल्यूमिनियम से तैयार होने वाले उत्पाद कोरबा में ही बन सकेंगे। एक ही जगह पर कई प्रकार के उत्पाद बनाए जा सकेंगे। इसके लिए स्थानीय और बाहरी उद्योगपति कोरबा में संयंत्र लगाने के लिए रुचि लेंगे।

रायपुर से रामलला दर्शन के लिए विशेष श्रद्धालु ट्रेन हुई रवाना

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार की ‘रामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत आज अंबिकापुर रेलवे स्टेशन से श्रद्धालुओं को लेकर विशेष ट्रेन अयोध्या के लिए रवाना हुई। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया और सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि यह योजना आम नागरिकों को धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के दर्शन का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है, जिससे आस्था और संस्कृति दोनों को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव, सीतापुर विधायक श्री प्रबोध मिंज, लुंड्रा विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, अंबिकापुर की महापौर श्रीमती मंजुर्षा भगत और श्री भारत सिसोदिया सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि ‘रामलला दर्शन योजना’ के तहत श्रद्धालुओं को निःशुल्क ट्रेन यात्रा, भोजन और ठहरने की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का दर्शन करना हर श्रद्धालु के लिए सौभाग्य का अवसर है। आने वाले समय में राज्य सरकार अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी इसी प्रकार की यात्राओं का आयोजन करेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। रेलवे स्टेशन पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी पूरी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए मौजूद रहे।

CM साय: रायगढ़ का चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की संस्कृति और कला की असली पहचान

रायपुर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की परंपरा, इतिहास और कलाओं की सुंदरता को अनुभव करने का अद्भुत अवसर है। रायगढ़ का चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की संस्कृति और कला की पहचान है। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव की परंपरा से जुड़ा यह आयोजन आज भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की लय और माधुर्य से पूरी दुनिया को मंत्रमुग्ध करता है। यह समारोह न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक अस्मिता को गौरवान्वित करता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कला-प्रेमियों को हार्दिक आमंत्रण देते हुए कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह जी की स्मृति में आयोजित यह समारोह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक यात्रा को और समृद्ध करता है। रायगढ़ की पुण्यभूमि, हमारी सांस्कृतिक धरोहर और कलाओं से परिपूर्ण है। यह वही धरती है जहाँ महाराजा चक्रधर सिंह जी ने भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य को नई पहचान दी और रायगढ़ को कला की राजधानी बना दिया। उन्होंने समस्त कला-प्रेमियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि वे इस आयोजन का हिस्सा बनें और भारतीय कला-संस्कृति के माधुर्य का अनुभव करें। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि चक्रधर समारोह की यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों को कला और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करेगी और न केवल रायगढ़, बल्कि छत्तीसगढ़ की  सांस्कृतिक पहचान को भी सुदृढ़ बनाएगी।

CM साय: बस्तर सरकार की नई नीतियों और सुरक्षा कदमों से शांति और विकास की ओर अग्रसर

सरकार की नवीन पुनर्वास नीति, नियद नेल्ला नार योजना और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से बस्तर तेजी से शांति और विकास की ओर हो रहा अग्रसर – मुख्यमंत्री सायबीजापुर में 81 लाख रुपए के 20 इनामी समेत 30 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण; पुनर्वास नीति और नियद नेल्ला नार योजना का परिणाम रायपुर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज बीजापुर में 81 लाख रुपए के 20 इनामी समेत 30 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह आत्मसमर्पण हमारी सरकार की नवीन पुनर्वास नीति, नियद नेल्ला नार योजना और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई का परिणाम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने बस्तर के लोगों का विश्वास जीता है, उसी का परिणाम है कि लगातार माओवादी संगठन कमजोर हो रहे हैं और बड़ी संख्या में वे हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं। बस्तर अंचल में नक्सलवाद कमजोर हो रहा है और बस्तर तेजी से शांति और विकास की ओर बढ़ रहा है। हमारी डबल इंजन की सरकार मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त बनाने के लिए संकल्पबद्ध है।

रिटायर्ड कर्मचारी का बड़ा खुलासा: नहर मरम्मत में करोड़ों की लूट का आरोप

गरियाबंद जलसंसाधन अनुविभाग फिंगेश्वर में नहरों को क्षतिग्रस्त बता लाखो रुपए मरम्मत के नाम पर फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है. यह खुलासा रोबा के रहने वाले कृषक याद राम साहू ने किया है. आरटीआई के तहत जानकारी लेकर जब किसान ने अन्य किसानों और अनुभविभाग अफसरों के साथ मौके पर जांच करने निकले तब फर्जीवाड़े का पता चला. किसान द्वारा निकाले गए दस्तावेज के मुताबिक फिंगेश्वर वितरक शाखा नहर और टेल एरिया में भसेरा, पसौद, सीरीकला, रोबा समेत 10 से ज्यादा गांव को सिंचाई करने वाले कुल 9 नहरों को कुल 56 जगह में 1600 मीटर से भी ज्यादा लंबाई का क्षतिग्रस्त बताया गया. इसकी मरम्मत के लिए 4600 प्लास्टिक बोरी में रेत भर कर क्षतिग्रस्त स्थलों का मरम्मत किया गया. मरम्मत से पहले स्थानों की साफ सफाई और अन्य मटेरियल के इस्तेमाल होने का जिक्र किया गया है. इसके एवज में कोरबा के डी क्लास ठेकदार विजय कुमार सहिस और इंडियन इंफ्रा बिल्ड नाम के फर्म को कुल 4.46 लाख का भुगतान किया गया. सारा कार्य वित्तीय वर्ष 2025 खत्म होने के ठीक 1 माह पहले 20 से 25 फरवरी के बीच कराया जाना दर्शाया गया है. किसान को मरम्मत कार्य में काम करने वाले मजदूरों का मस्टररोल नहीं दिया गया, जिन्हें 2 लाख से ज्यादा का भुगतान किया गया है. कार्य फर्जी था इसलिए मस्टरोल तक गायब कर दिया गया है. किसान याद राम ने विभाग के रवैया देख कर सत्यापित दस्तावेजों के साथ मामले की लिखिए शिकायत एसपी से किया है. सिंचाई सुविधा नदारद हुई तो खुली पोल, मरम्मत के नाम पर 1 करोड़ के बंदरबांट का दावा किसान याद राम 4 साल पहले तक सिंचाई विभाग के टाइम कीपर का काम करता था. रिटायरमेंट के बाद किसानी कार्य में लग गया. इस खरीफ सीजन में नहरों से सिंचाई सुविधा मिलना बंद हो गया था. किसानों ने फिंगेश्वर सिंचाई दफ्तर का दो बार घेराव कर दिया. मौजूदा एसडीओ वी. वी. मलैया ने नहर मरम्मत का प्रस्ताव डिविजन कार्यालय भेजा. जल्द मरम्मत का आश्वासन मिला पर मरम्मत के लिए कोई नहीं आए. ऐसे में रिटायर्ड कर्मचारी याद राम को गड़बड़ी की आशंका हुई. उन्होंने नहरों के मरम्मत की जानकारी आरटीआई के तहत मांगी. इसके बाद याद राम ने किसानों के साथ मिलकर अफसरों को माइनर नहरों का मुआयना कर क्षतिग्रस्त स्थान और मरम्मत के लिए भरे गए बोरों की तलाश भी की. इस दौरान ना तो टूट-फूट के कोई प्रमाण मिले और न ही मरम्मत के बोरे. किसान ने इस गड़बड़ी के बाद पूरे फिंगेश्वर उपसंभाग के नहरों के मरम्मत की जानकारी निकलनी चाही लेकिन फिर बड़ा खेल कर दिया गया. सब डिविजन कार्यालय से मरम्मत कार्यों के रिकॉर्ड गायब कर दिए गए. किसानों का दावा है कि अकेले फिंगेश्वर अनुविभाग में नहरों और अन्य सिंचाई योजनाओं के मरम्मत के नाम पर फरवरी 2025 में फर्जी बिल लगाकर 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का गबन किया गया है. किसानों को सच्चाई बताने वाला एसडीओ किए गए दरकिनार मार्च के पहले मरम्मत के बजट को खपाने राजिम के एसडीओ को एक माह के लिए स्पेशल प्रभार सौंपा गया था. मामला सामने आया तो पदस्थ एसडीओ मलैया ने किसानों को न केवल सच्चाई बताई, बल्कि पाई गई गड़बड़ी को लेकर डिविजन कार्यालय में पत्राचार किया. सब डिविजन से गायब मरम्मत कार्य के रिकॉर्ड को लेकर विभाग और एसपी तक पत्राचार कर दिया. पोल खुलते देख डिविजन के अफसरों ने मलैया को ही हटा दिया. हालांकि हाईकोर्ट से स्टे आर्डर लेकर फिर एसडीओ के प्रभार में मलैया मौजूद है, लेकिन उनसे वित्तीय प्रभार छीन लिया गया है. फिंगेश्वर के एसडीओ सिंचाई अनुविभाग वी वी मलैया का इस पूरे मामले पर कहना है कि किसानों ने जानकारी निकाली, उनकी मांग पर स्थल निरीक्षण किसानों के साथ किया गया. मरम्मत कार्य मौके पर नहीं किए गए. माइनर नहरों में इतना क्षतिग्रस्त संभव भी नहीं है, जितना लंबाई क्षतिग्रस्त में बताया गया है उसी तो नहरों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा. जांच के लिए डिविजन कार्यालय से मार्ग दर्शन मांगा गया है, जो अब तक अप्रप्त है.

छत्तीसगढ़ में निवेश बढ़ाने पर सियोल में सीएम साय और ATCA प्रतिनिधिमंडल की विशेष वार्ता

छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024–30 के अंतर्गत ICCK के साथ होगा ज्ञान व निवेश सहयोग रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सियोल में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर एसोसिएशन (ATCA) के चेयरमैन श्री ली जे जेंग एवं वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। ATCA एक सशक्त औद्योगिक नेटवर्क है, जिसमें आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल क्षेत्र की 60 से अधिक प्रमुख कंपनियाँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री साय ने ATCA प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेशकों के लिए एक अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने श्री ली जे जेंग और उनके साथ आए वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया कि वे अपने आगामी भारत दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ अवश्य आएँ और राज्य में उपलब्ध निवेश व सहयोग की संभावनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करें। ATCA ने छत्तीसगढ़ की कंपनियों के साथ बी2बी साझेदारी में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थान मौजूद हैं, जो विश्वस्तरीय प्रतिभा उपलब्ध कराते हैं। राज्य का ‘प्लग एंड प्ले’ इंफ्रास्ट्रक्चर और सशक्त लॉजिस्टिक्स नेटवर्क छत्तीसगढ़ को ATCA के अनुसंधान एवं विकास केंद्रों और भारत में उनके विस्तार का स्वाभाविक हब बनाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित हो रहा है और यहाँ उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, कुशल मानव संसाधन तथा मज़बूत बुनियादी ढाँचा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल जैसे उभरते क्षेत्रों में ATCA कंपनियाँ यहाँ आकर निवेश करें और साझेदारी के नए आयाम स्थापित करें। इससे प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोज़गार मिलेगा और स्थानीय उद्योगों को भी नई ताक़त मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सियोल में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में भाग लिया, जिसका आयोजन इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स इन कोरिया (ICCK) के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ दक्षिण कोरियाई कंपनियों के लिए असीम संभावनाओं की धरती है। उन्होंने उल्लेख किया कि दक्षिण कोरिया भारत के शीर्ष तीन इस्पात निर्यात गंतव्यों में शामिल है और छत्तीसगढ़, देश का अग्रणी इस्पात उत्पादक राज्य होने के नाते, इस सहयोग को और गहरा करने तथा निवेश के नए अवसर प्रदान करने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से समृद्ध है, जो ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।  राज्य में प्रचुर मात्रा में लिथियम उपलब्ध है, जो ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) क्रांति और नई पीढ़ी के उद्योगों को गति देने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि  छत्तीसगढ़ वैश्विक ऊर्जा संक्रमण का स्वाभाविक केंद्र बन सकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ICCK को नॉलेज पार्टनर के रूप में शामिल करने की घोषणा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024–30 के तहत तकनीक, स्किलिंग और वैश्विक सहयोग को एक नई दिशा दी जाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कोरिया की नवाचार क्षमता और छत्तीसगढ़ के संसाधनों के मिलन से विकास का एक नया युग लिखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रत्येक निवेशक को “सिंगल विंडो क्लियरेंस” से लेकर भूमि आवंटन, आवश्यक अनुमतियों और सहयोगी नीतियों तक हर स्तर पर सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दक्षिण कोरिया कंपनियों की भागीदारी से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य में नए अवसरों का सृजन होगा और दक्षिण कोरिया-भारत औद्योगिक सहयोग को एक नई ऊँचाई मिलेगी।