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नशे के खिलाफ पुलिस का प्रहार, 7 महीने में 155 तस्करों को भेजा जेल

दुर्ग दुर्ग पुलिस ने नशा तस्करों के चेन को तोड़ते हुए अब तक 71 मामले में केस दर्ज कर कुल 155 नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा है. इसमें 21 महिलाएं भी शामिल है जो नशा बेचते हुए पकड़ायी है. पुलिस ने सबसे ज्यादा कार्रवाई सूखा नशा गांजे पर कार्रवाई की है. वहीं हेरोइन, ब्राउन शुगर, टेबलेट और सिरप भी जब्त की है. दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल के मुताबिक पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी को रोकते हुए नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. अभियान के तहत 1 जनवरी से 31 जुलाई तक जिले में नशा तस्करों के खिलाफ 71 मामले दर्ज करते हुए 155 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है. उन्होंने बताया कि नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की है. मादक पदार्थ की तस्करी के मामले में दुर्ग पुलिस की कार्रवाई अच्छी खासी रही. एनडीपीएस एक्ट के तहत पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष मात्र 7 महीनों में बीते वर्ष की गिरफ्तारियों की संख्या में भी वृद्धि हुई है. एसएसपी विजय अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान चलाया, जिसमें ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई है. श्री अग्रवाल के मुताबिक जिले के साथ-साथ बाहरी राज्यों के नशा कारोबारियों और तस्करों पर भी पुलिस नजर बनाए हुए है. पुलिस थानों सहित क्राइम ब्रांच की टीम को भी इस दिशा में सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश हैं.

फर्जी वोटरों की होगी पहचान! कांग्रेस ने सभी जिलाध्यक्षों को दिया मतदाता सूची जांचने का आदेश

रायपुर वोट चोरी को लेकर कांग्रेस लगातार आंदोलन कर रही है. अब छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस फर्जी वोटरों को ढूंढेगी. प्रदेश में मतदाता सूची के परीक्षण के लिए कांग्रेस ने आदेश जारी कर दिया है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सभी जिलाध्यक्षों को पत्र लिखकर हर विधानसभा की मतदाता सूची का परीक्षण कर चार बिंदुओं में जानकारी पीसीसी में जमा करने कहा गया है. कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के 2023 विधानसभा चुनाव में मतदाता सूची में हेराफेरी का संदेह जताया है. इसके चलते अब कांग्रेसी प्रदेशभर में अभियान चलाकर फर्जी वोटरों की पहचान करेगी.

कांग्रेस छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची जांच के लिए चलाएगी बड़ा अभियान

रायपुर  कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा शुरू किया गया ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ अभियान अब छत्तीसगढ़ में भी विस्तार लेगा। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पत्र जारी कर 2023 के विधानसभा चुनाव की वोटर लिस्ट की जांच करने के निर्देश दिए हैं। राज्य के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में वोटर लिस्ट की गहन जांच के लिए कार्यकर्ताओं और नेताओं को सक्रिय करने को कहा गया है, ताकि मतदाता सूची में किसी भी तरह की अनियमितता को उजागर किया जा सके। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने वोटर लिस्ट की जांच के लिए पांच प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए हैं। इनमें डुप्लीकेट मतदाता, फर्जी या अमान्य पते, एक ही पते पर असामान्य रूप से अधिक मतदाता, अमान्य तस्वीरें और फॉर्म 6 के दुरुपयोग की जांच शामिल है। इन बिंदुओं के आधार पर कार्यकर्ताओं को विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची का विश्लेषण करने और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी को देने के लिए कहा गया है। राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू हुआ अभियान छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने बताया कि यह अभियान पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी के मार्गदर्शन में शुरू किया गया है, जिन्होंने कर्नाटक और महाराष्ट्र में वोट चोरी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ में भी मतदाता सूची में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे जांच में पाई गई अनियमितताओं को उजागर करें और इसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपें। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर साधा निशाना छत्तीसगढ़ कांग्रेस के इस अभियान पर राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह कदम उनकी हताशा और मति भ्रम को दर्शाता है। साव ने वोट चोरी के आरोप को लोकतंत्र, संविधान और जनता के निर्णय का अपमान बताया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासनकाल में बूथ कैप्चरिंग और वोट चोरी जैसी घटनाएं आम थीं, और अब अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए कांग्रेस इस तरह के निराधार आरोप लगा रही है।

महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर सुरक्षा बलों का ऑपरेशन सफल, चार नक्सलियों का खात्मा

 गढ़चिरौली पूर्वी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में छत्तीसगढ़ सीमा के पास बुधवार सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में चार माओवादी मारे गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर गढ़चिरौली पुलिस की सी-60 कमांडो टीम ने कोपरशी गाँव में तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई, जो अभी भी जारी है।

लगातार मूसलाधार बारिश से बस्तर बेहाल, SDRF-वायुसेना कर रही रेस्क्यू

जगदलपुर/रायपुर पहाड़ों और घने जंगलों की खूबसूरती के लिए चर्चित बस्तर इन दिनों बाढ़ जैसी स्थिति का सामना करना है. हालात इतने गंभीर हैं कि विदेश दौरे के बीच मुख्यमंत्री साय ने राहत और बचाव कार्य की जानकारी ली. इस बार बस्तर में बारिश का 94 साल का रिकॉर्ड टूट गया है. एक दिन में 210 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है. यहां सोमवार रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. मौसम विभाग के डेटा के अनुसार, बस्तर में 94 साल रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है. 24 घंटे में 217 मिमी बारिश हुई है. इससे पहले 1931 में इतनी बारिश हुई थी. बाढ़ जैसी स्थिति, जनजीवन अस्त-व्यस्त मूसलाधार बारिश के कारण जिले के नदी-नाले उफान पर हैं. कई गांवों का सम्पर्क भी टूट गया है. जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. वहीं जगदलपुर में इंद्रावती की सहायक गोरिया बाहर नाला उफान पर है, जिसकी वजह से सांसद निवास कलचा सहित दर्जनों गांवों का संपर्क जगदलपुर शहर से टूट गया है. जगदलपुर शहर के आधा दर्जन वार्ड भी पानी की चपेट में आ चुके हैं, कई घरों में पानी घुस गया है. इस बीच, गोरिया बाहर नाला में तीजा पर्व पर पूजा के सामान के विसर्जन के लिए महिलाएं, पुरुष और बच्चे पहुंच रहे हैं. जलस्तर कभी भी बढ़ सकता है, फिर भी वहां सुरक्षा व्यवस्था नहीं है और लोग जान जोखिम में डालकर विसर्जन कर रहे हैं. बारिश का सबसे ज्यादा असर लोहंडीगुड़ा के मांदर गांव में देखने को मिला, जहां बाढ़ से 85 परिवारों को विस्थापित होना पड़ा. वायुसेना के हेलीकॉप्टर से राहत और बचाव कार्य बाढ़ जैसी स्थिति से प्रभावित क्षेत्रों में वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है.  पांच हेलिकॉप्टर से 5 लोगों को रेस्क्यू कर बचाया गया. वहीं रेस्क्यू में एसडीआरएफ की टीम भी जुटी हुई है. एसडीआरएफ की टीम ने 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है. जगदलपुर में दर्दनाक हादसा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में एनएच 30 पर दरभा के पास एक दुखद हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई. मृतकों में पति-पत्नी और उनके दो बच्चे शामिल हैं. हादसा उस समय हुआ जब परिवार की स्विफ्ट डिजायर कार बाढ़ के पानी में बह गई. जानकारी के अनुसार तमिलनाडु का यह परिवार बस्तर घूमने आया था. कार में सवार ड्राइवर ने तैरकर अपनी जान बचाई, लेकिन परिवार के चार सदस्य पानी के तेज बहाव में फंस गए. एडिशनल एसपी महेश्वर नाग ने घटना की पुष्टि की है.

रायपुर में 28 अगस्त से शुरू हो रही 24वीं राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता

रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य निशानेबाजी संघ के तत्वावधान में  24वीं राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता का शुभारंभ 28 अगस्त से होगा माना स्थित चौथी बटालियन के शूटिंग रेंज में किया जाएगा। यह प्रतियोगिता लगातार पिछले 23 वर्षों से सफलतापूर्वक जिंदल समूह के सौजन्य से आयोजित की जा रही है।   इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से महिला एवं पुरुष निशानेबाज, जूनियर और सीनियर वर्ग में भाग लेंगे। प्रतियोगिता में निम्नलिखित वर्गों के मुकाबले आयोजित किए जाएंगे  10 मीटर राइफल एवं पिस्टल शूटिंग  25 मीटर पिस्टल शूटिंग 50 मीटर राइफल एवं पिस्टलशूटिंग   विभिन्न प्रतियोगिता के हर मैच व हर वर्ग में भारतीय राष्ट्रीय रायफल संघ द्वारा निर्धारित न्यूनतम अंक अर्जित करने पर  निशानेबाजों को ईस्ट ज़ोन,ऑल इंडिया जी.वी मावलंकर जो कि प्री-नेशनल है इस प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा।  पंजीकरण की प्रक्रिया  प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ी अपना पंजीकरण राष्ट्रीय रायफल संघ (NRAI) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 28 अगस्त 2025 तक कर सकते हैं।सभी छत्तीसगढ़ के मूलनिवासी इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं।निवास प्रमाणपत्र के लिए  वोटर आईडी कार्ड ,पासपोर्ट , पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट की आवश्यकता होगी । यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के युवा निशानेबाजों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में एक अहम भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने विदेश से फ़ोन कर बस्तर की बाढ़ का लिया अपडेट

राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी मुस्तैदी बरतने के निर्देश रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में हुई अतिवृष्टि से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने राजस्व सचिव एवं आपदा राहत आयुक्त श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले और बस्तर संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह से दूरभाष पर चर्चा कर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति जानी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राजस्व सचिव श्रीमती कंगाले ने मुख्यमंत्री को बताया कि दंतेवाड़ा, बीजापुर और बस्तर जिले में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा, दरभा और तोकापाल विकासखंडों में प्रशासन लगातार राहत कार्य संचालित कर रहा है। लोहंडीगुड़ा विकासखंड के ग्राम  मांदर से 21 ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला गया है। वहीं, लोहंडीगुड़ा क्षेत्र में हेलीकॉप्टर और नाव की सहायता से ग्रामीणों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया। बीते 24 घंटों में 68 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एसडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रखा जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने संभाग के सभी कलेक्टरों को निचले इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क करने और सुरक्षित स्थानों पर शीघ्र पहुँचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने राहत कार्यों में जुटे प्रशासनिक अमले, एसडीआरएफ और पुलिस बल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार आम जनता की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैंने प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रहने और आवश्यकता अनुरूप प्रभावितों को सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

सुशासन एक्सप्रेस रथ घर-घर पहुंच रही शासन की सेवाएं- मुख्यमंत्री

रायपुर : विष्णु के सुशासन में ग्रामीणों की समस्याओं का हो रहा त्वरित निराकरण सुशासन एक्सप्रेस रथ घर-घर पहुंच रही शासन की सेवाएं- मुख्यमंत्री  रायपुर जिला प्रशासन द्वारा सुशासन को लेकर की जा रही अभिनव पहल रायपुर रायपुर जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देश में आम जनता को शासन की योजनाओं और सेवाओं को घर के समीप पहुंचाने की दिशा में “सुशासन एक्सप्रेस” नाम से एक अभिनव और अनुकरणीय पहल शुरू की गई है, जो जनसमस्याओं के त्वरित निदान मॉडल के रूप में स्थापित हुई है। इसका शुभारंभ 29 मई को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के तहत ग्राम भैंसा में आयोजित समाधान शिविर में किया था। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में प्रारंभ की गई इस पहल के माध्यम से हजारों ग्रामीणों को शासन की दो दर्जन से अधिक सेवाओं का लाभ सहजता से मिलने लगा है।  ग्रामीणों ने कहा अब घर के समीप ही मिल रही है सुविधा ग्राम पंचायत संकरी के युवा उत्तम साहू के लिए खुशी का क्षण था जब घर बैठे ही उन्हें लर्निंग लाइसेंस मिल गई, जो उनके गांव में आए सुशासन रथ से मिली। उत्तम कहते हैं कि उनके घर में अन्य सदस्यों ने लाइसेंस बनाया तो गांव के बाहर जाना पड़ा था और समय भी लगा था, अब कुछ दिन पहले गांव में कोटवार ने हांका लगाया तो सुशासन रथ आने की जानकारी मिली। मैंने वहां जा कर आवेदन किया। प्रक्रिया पूरी हुई और मुझे लाइसेंस मिल गया। सांकरा के रहने वाले राजेश कुमार यादव भी बड़े प्रफुल्लित हैं  कि उनका राशन कार्ड बन गया, इसके लिए बार-बार पंचायत कार्यालय में जाना नहीं पड़ा  उन्होंने सुशासन रथ में आवेदन दिया, प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशन कार्ड बन गया। उत्तम और राजेश मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहते हैं कि अब जिला प्रशासन रायपुर द्वारा उनके घर के समीप ही शासकीय सेवाएं मिल रही हैं जिसके लिए उन्हें अलग से समय निकाल कर जाना पड़ता था, कई बार कागजात अपूर्ण होने पर दुबारा भी जाना पड़ता था।  67 हजार से अधिक आवेदनों का त्वरित निराकरण सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से अब तक कुल 75,864 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 67,788 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा चुका है। शेष लंबित आवेदनों की कार्यवाही भी प्राथमिकता से की जा रही है। सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से अब तक जरूरतमंद 15,741 आवेदकों को आय प्रमाण पत्र, 5741 को जाति प्रमाण पत्र, 4273 को निवास प्रमाण पत्र, 7536 को आयुष्मान भारत कार्ड, 6014 को राशन कार्ड, 8269 को ड्राइविंग लाइसेंस, 1306 को किसान क्रेडिट कार्ड, 2051 को नरेगा जॉब कार्ड, 577 को जन्म प्रमाण पत्र, 50 को मृत्यु प्रमाण पत्र, 4093 श्रमिकों को श्रम कार्ड, 5070 लोगों को आधार कार्ड, 883 को किसान किताब, 814 पात्र आवेदकों को पेंशन, 1346 एचएसआरपी का लाभ देेने के साथ ही महिला एवं बाल विकास, पुलिस, आवास सहित अन्य योजनाओं से भी बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हो रहे हैं।  गांव में ही लग रहा ‘वन-स्टॉप कैंप किसी भी गांव में सुशासन एक्सप्रेस पहुंचने से तीन दिन पहले सूचना जारी की जाती है। मौके पर पटवारी, पंचायत सचिव, स्वास्थ्य टीम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आधार व आयुष्मान कार्ड बनाने वाले कर्मचारी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहते हैं। इस तरह गांव में ही छोटा ‘वन-स्टॉप शिविर’ तैयार हो जाता है। प्रथम चरण- पूर्ण, अब सुशासन एक्सप्रेस दूसरे चरण में  प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार-2025 के सकारात्मक परिणाम को देखते हुए जिला प्रशासन रायपुर ने इसी तर्ज पर सुशासन एक्सप्रेस की शुरूआत की, जिसका उद्देश्य शासकीय अमले का एक साथ गांवों में पहुंचकर उनकी समस्याओं और आवेदनों का तत्परता से निराकरण करना है। सुशासन एक्सप्रेस के प्रथम चरण की शुरूआत अभनपुर, आरंग, धरसींवा और तिल्दा विकासखण्ड के गांवों से हुई। उक्त चारों विकासखण्डों की 300 से अधिक ग्राम पंचायतों में तथा नगर पंचायत आरंग के 17 वार्डों में सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से समस्याओं और आवेदनों का तत्परता से निराकरण किया गया। प्रथम चरण की सफलता के बाद अब जिला प्रशासन ने इसका दूसरा चरण भी प्रारंभ कर दिया है, जिसमें अभनपुर, धरसींवा एवं तिल्दा विकासखंड के ग्रामीण इलाके शामिल है, जहां सुशासन एक्सप्रेस निर्धारित तिथियों में पहुंच रही है। सुशासन एक्सप्रेस के साथ गांव-गांव में पहुंचकर विभिन्न विभागों का मैदानी अमला लोगों की समस्याओं और आवेदनों का निराकरण कर रहा है।  नाम मात्र खर्च में बड़ा बदलाव कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने बताया कि जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए सुशासन एक्सप्रेस संचालित करने के आइडिया को मूर्तरूप देने के लिए कंडम हो चुकी चार एंबुलेंस को जिला प्रशासन द्वारा मरम्मत कराकर इन्हें सुशासन एक्सप्रेस में परिवर्तित किया गया। नाम मात्र खर्च में तैयार किए गए इन मोबाइल सेवा वैन ने ग्रामीण अंचलों में सुशासन की नई राह प्रशस्त की है। रायपुर जिले की सुशासन एक्सप्रेस की सफलता वास्तव में शासन-प्रशासन की इच्छाशक्ति, नवाचार और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति पहुंचाने की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल है।

दुर्गवासियों के लिए खुशखबरी: महाराजा चैक से बोरसी तक बनेगा फोरलेन रोड

फोरलेन प्रोजेक्ट की सौगात, दुर्ग को मिली नई सुविधा – मंत्री गजेन्द्र यादव निर्माण हेतु 23.96 करोड़ की स्वीकृति रायपुर दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र में एक और फोरलेन सड़क बनाने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्गवासियों को सौगात दी है। केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव के प्रयास से 2024-25 के बजट में स्वीकृत कार्य को प्रारंभ करने शासन ने 23.96 करोड़ की राशि की स्वीकृति मिली है। महाराजा चैक से बोरसी तक 1.80 किलोमीटर सड़क चैड़ीकरण के साथ-साथ जल निकासी व्यवस्था, डिवाइडर, स्ट्रीट लाइट आदि को भी दुरूस्त किया जाएगा। इस सड़क के चैड़ीकरण होने से यहां से गुजरने वाले हजारों वाहनों का यातायात सुगम होगा। वहीं शहर के भीतरी क्षेत्र में लंबे समय से बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में उपयोगी होगा। उतई और पाटन क्षेत्र के रहवासियों को भी इस सड़क चैड़ीकरण से राहत मिलेगी। गौरतलब है कि क्षेत्र के नागरिक इस सड़क के चैड़ीकरण की मांग बरसों से कर रहे थे, उनकी लंबित मांग को प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने गंभीरता से लिया और इंजीनियरों की टीम के साथ मौके का निरीक्षण कर प्रस्ताव तैयार कराया और 23.96 करोड़ रुपये की स्वीकृति दिलाई। केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि दुर्ग शहर के सतत विकास और नागरिकों की सुविधा हमारी पहली प्राथमिकता है। महाराजा चैक से बोरसी मार्ग का फोरलेन कार्य पूरा होने के बाद यहां ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों का समय बचेगा। इससे न केवल दुर्ग शहर के नागरिकों को राहत मिलेगी बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को भी सुगम यातायात का लाभ प्राप्त होगा।

अम्बिकापुर में बढ़ा APK फ्रॉड का खतरा, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

अम्बिकापुर : ट्रेंडिंग APK फ्रॉड से रहें सतर्क, सरगुजा पुलिस की चेतावनी अम्बिकापुर में बढ़ा APK फ्रॉड का खतरा, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी ऑनलाइन धोखाधड़ी पर कसा शिकंजा, सरगुजा पुलिस ने दी सतर्क रहने की सलाह अम्बिकापुर डिजिटल दुनिया ने जहाँ हमारे काम को आसान बना दिया है, वहीं साइबर फ्रॉड का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। नकली मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से लोगों को ठगा जा रहा है और उनकी निजी एवं बैंकिंग जानकारी चोरी की जा रही है।सरगुजा पुलिस ने आम नागरिकों को साइबर ठगों से सतर्क रहने की अपील की है। हाल के दिनों में साइबर अपराधी लोकप्रिय मोबाइल एप्लिकेशन के नकली “APK“ फाइल्स के जरिए लोगों के मोबाइल फोन में वायरस और मालवेयर इंस्टॉल कर बैंकिंग डिटेल्स,UPI पिन और व्यक्तिगत जानकारी चुरा रहे हैं। इससे कई लोगों के बैंक खातों को खाली किया जा रहा है। पुलिस द्वारा चिन्हित 7 प्रमुख फ्रॉड ऐप 1.Gas Connection APK Fraud – नकली गैस कनेक्शन ऐप के जरिए पैसे की ठगी। 2.Online Car Rental APK Fraud – कार बुकिंग के नाम पर एडवांस पेमेंट लेकर ठगी। 3. E-SIM Activation APK Fraud – नकली ऐप से ई-सिम एक्टिवेशन के जरिए मोबाइल डेटा एक्सेस। 4.Hospital Appointment APK Fraud – अस्पताल अपॉइंटमेंट के नाम पर डेटा चोरी और पेमेंट फ्रॉड। 5. Banking APK Fraud – बैंकिंग सर्विसेज के नाम पर बने APK से UPI/नेट बैंकिंग की जानकारी चोरी। 6.Wedding Invitation APK Fraud – शादी का निमंत्रण बताकर भेजे गए APK से मोबाइल हैक। 7.Traffic Challan/Vahan Parivahan APK Fraud – फर्जी चालान ऐप्स से भुगतान के नाम पर ठगी। पुलिस के बचाव उपाय किसी भी अज्ञात लिंक, व्हाट्सएप या ईमेल से ऐप डाउनलोड न करें। केवल Google Play Store या Apple App Store से ही ऐप इंस्टॉल करें। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले URL को ध्यान से जांचें। बैंकिंग, गैस, कार रेंटल, अस्पताल या सरकारी सेवाओं से जुड़े कार्य के लिए केवल ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप का उपयोग करें। मोबाइल में एंटीवायरस और सिक्योरिटी अपडेट हमेशा सक्रिय रखें। ठगी होने पर कहां शिकायत करें?“ ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या   www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।