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पिलखा डैम पर महिलाओं की सफलता की कहानी, मुस्कान की नाव बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल

मुस्कान की नाव बनी आत्मनिर्भरता की पतवार, पिलखा डैम की लहरों पर महिलाओं ने लिखी सफलता की नई इबारत रायपुर  कभी घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली ग्रामीण महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की ऐसी मिसाल बन रही हैं, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गई है। सूरजपुर जिले के पहाड़गांव स्थित पिलखा डैम की शांत जलराशि पर दौड़ती नावें अब केवल पर्यटकों को सैर नहीं करातीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, साहस और सफलता की कहानी भी सुनाती हैं। यह कहानी है मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह की, जिसने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने हौसलों को पतवार बनाकर आत्मनिर्भरता की नई राह तैयार की। समूह की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सिंह और सचिव श्रीमती यशोदा दास के नेतृत्व में 10 महिलाओं ने पर्यटन क्षेत्र में कदम रखा और बोटिंग गतिविधि शुरू कर अपनी पहचान बना ली। शुरुआत आसान नहीं थी। संसाधनों की कमी, तकनीकी जानकारी का अभाव और संचालन से जुड़ी अनेक चुनौतियां सामने थीं। लेकिन इन महिलाओं ने हार मानने के बजाय चुनौतियों को अवसर में बदलने का संकल्प लिया। उन्होंने बोटिंग संचालन, सुरक्षा प्रबंधन और पर्यटकों की सुविधाओं की जिम्मेदारी स्वयं संभाली और धीरे-धीरे अपने प्रयासों को सफलता में बदल दिया। आज पिलखा डैम आने वाले पर्यटक उत्साह के साथ बोटिंग का आनंद लेते हैं। इस पहल से समूह ने अब तक 74 हजार रुपये की आय अर्जित की है। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। समूह की सदस्य बताती हैं कि पहले उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे पर्यटन गतिविधियों का संचालन करेंगी और स्वयं रोजगार सृजित करेंगी। आज वे अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह की यह सफलता दर्शाती है कि अवसर और विश्वास मिलने पर ग्रामीण महिलाएं किसी भी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। पिलखा डैम की लहरों पर चल रही यह नाव अब केवल पर्यटन का साधन नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता और आत्मनिर्भर भारत की सशक्त पहचान बन चुकी है।

खेत बचाओ अभियान: नील हरित शैवाल से मिट्टी की सेहत संवार रहे लब्जी नावापारा के किसान धनेश्वर प्रसाद

खेत बचाओ अभियान: नील हरित शैवाल से मिट्टी की सेहत संवार रहे लब्जी नावापारा के किसान धनेश्वर प्रसाद रासायनिक खाद छोड़ जैविक खेती की ओर बढ़े, अन्य किसानों से भी की जैविक खेती अपनाने की अपील रायपुर  खेती में रासायनिक खादों के बेहिसाब प्रयोग से मिट्टी की कम होती उपजाऊ क्षमता के बीच सरगुजा जिले में अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत लब्जी, नावापारा के एक प्रगतिशील किसान धनेश्वर प्रसाद ने एक नई और सकारात्मक राह चुनी है। 6 एकड़ कृषि भूमि के मालिक धनेश्वर अब रासायनिक खादों का मोह छोड़कर पूरी तरह से जैविक खेती की ओर कदम बढ़ा चुके हैं और क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक बेहतरीन प्रेरणास्रोत बन रहे हैं। कृषि विभाग के मार्गदर्शन ने दिखाई सही राह धनेश्वर प्रसाद बताते हैं कि वे पहले अपनी खेती में केवल रासायनिक खादों का ही प्रयोग करते थे, जिससे हर साल खाद की मात्रा बढ़ानी पड़ती थी और जमीन की उपजाऊ शक्ति लगातार कम हो रही थी। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कृषि विस्तार विभाग से संपर्क किया और अपने खेत की मिट्टी का परीक्षण कराया। परीक्षण रिपोर्ट में मिट्टी में नाइट्रोजन की कमी पाई गई। विभागीय अधिकारियों ने उन्हें मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए ’नील हरित शैवाल’ (Blue-Green Algae) से खेती करने की तकनीकी सलाह दी। टैंक बनाकर शुरू किया नील हरित शैवाल का उत्पादन कृषि विभाग के मार्गदर्शन पर अमल करते हुए धनेश्वर जी ने नवाचार किया और अपने घर के बाड़ी में ही एक टैंक का निर्माण कर नील हरित शैवाल का उत्पादन शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस टैंक से लगभग 25 किलो नील हरित शैवाल का उत्पादन प्राप्त होगा। इसे खेतों में डालने से मिट्टी में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन की पूर्ति होगी और जमीन की सेहत में सुधार आएगा। भविष्य और स्वास्थ्य के लिए जैविक खेती है जरूरी जैविक खेती के दूरगामी फायदों का उल्लेख करते हुए धनेश्वर प्रसाद ने बताया कि यह कदम केवल वर्तमान फसल को बचाने के लिए नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के भविष्य और उनके स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए भी है। उन्होंने बताया कि जैविक खेती से जमीन उपजाऊ बनती है और पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं। साथ ही मिट्टी का स्वास्थ्य सुधरने से फसल उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि रासायनिक खादों के दुष्प्रभाव से फैलने वाली बीमारियों में कमी आएगी और शुद्ध व पौष्टिक आहार मिलेगा। अन्य किसानों से की अपील पर्यावरण और खेत बचाओ अभियान की इस मुहिम में जुटे धनेश्वर प्रसाद का मानना है कि जैविक खेती को और अधिक बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र के अन्य कृषक बंधुओं से भी अपील की है कि वे भी रासायनिक खेती का त्याग कर जैविक खेती को अपनाएं और अपनी खेती, मिट्टी और आने वाली पीढ़ी को बचाएं।

किसानों को राहत! बिलासपुर में खाद की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित, प्रशासन ने दिए निर्देश

बिलासपुर. खरीफ सीजन 2026 के मद्देनजर बिलासपुर जिले में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कलेक्टर संजय अग्रवाल द्वारा प्रतिदिन खाद-बीज की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की समीक्षा की जा रही है। जिले की 114 सहकारी समितियों तथा निजी उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में वर्तमान में खाद का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और मांग के अनुरूप निरंतर वितरण किया जा रहा है। उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ 2026 के लिए जिले को 68,950 टन रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके विरुद्ध अब तक 46,780 टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 60.28 प्रतिशत है। वहीं किसानों को अब तक 19,912 टन से अधिक उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। जिले में वर्तमान में कुल 41,560 टन उर्वरक का भंडार उपलब्ध है। इनमें यूरिया 22,996 टन, डीएपी 5,621 टन, एनपीके 6,808 टन, एसएसपी 4,981 टन तथा एमओपी 1,155 टन शामिल है। कृषि विभाग द्वारा लगातार उर्वरक कंपनियों से अतिरिक्त रैक प्राप्त कर भंडारण बढ़ाया जा रहा है ताकि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को परेशानी न हो। कृषि विभाग के अधिकारियों को समितियों एवं निजी विक्रेताओं के यहां नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अनियमित वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा मांग और आपूर्ति की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अधिकृत सहकारी समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें। जिले में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता होने से खरीफ सीजन की तैयारियां सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को वितरित किए विभिन्न योजनाओं के लाभ: ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद

सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पहुंचे बीजापुर के सुदूर गांव कोण्डापल्ली :  चौपाल में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को वितरित किए विभिन्न योजनाओं के लाभ: ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद सुशासन का संदेश लेकर गांव-गांव पहुंच रही सरकार, योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने स्वयं पहुंचे मुख्यमंत्री रायपुर  प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहां आयोजित जनचौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं, योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति जानी तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से मुलाकात कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी जरूरतमंद को अपने अधिकारों एवं सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े। इसी भावना के साथ सरकार स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनके समाधान का प्रयास कर रही है। जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा हितग्राहियों को वनाधिकार मान्यता पत्र, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना, श्रम कार्ड, किसान हितग्राही योजनाओं सहित विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ वितरित किए। उन्होंने लाभार्थियों से चर्चा कर योजनाओं के प्रभाव और उनके अनुभवों की जानकारी भी प्राप्त की। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी जब उसका लाभ पात्र व्यक्ति तक सही समय पर पहुंचे और आमजन को शासन की संवेदनशीलता का अनुभव हो। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है तथा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में विकास की नई धारा पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन लोगों के द्वार तक पहुंच रहा है, जिससे न केवल समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है, बल्कि शासन के प्रति आमजन का विश्वास भी लगातार मजबूत हो रहा है। इस अवसर पर  मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

किसानों को राहत! बलौदाबाजार की 39 सहकारी समितियों में POS मशीन से शुरू हुआ खाद वितरण

बलौदाबाजार/रायपुर. शासन की महत्वपूर्ण किसान हितकारी ग्रामीण सेवा सहकारी समितियों के पुनगर्ठन योजना अंर्तगत जिले में 39 नवीन ग्रामीण सेवा सहकारी समिति का गठन किया गया है। सभी नवीन 39 सहकारी समितियो को खाद के सुगमतापूर्ण वितरण हेतु पीओएस मशीन प्रदाय किया गया है। पीओएस मशीन उपलब्ध होते ही सभी नवीन समितियों में किसानों को  सुगम खाद-बीज़ का वितरण किया जा रहा है। नवीन गठित 39 सहकारी समितियों के 89 पंचायतों में 112 ग्रामो के 43639 किसानो को इससे लाभ हुआ है। किसानों को खेती किसानी के लिये सुगमता पूर्वक त्वरित एवं अपने गृह ग्राम के निकट ही खाद बीज एवं नगद ऋण प्राप्त हो रहा है  जिससे किसानो में ख़ुशी व्याप्त  है। 39 नवीन समितियों में अभी तक 112 ग्रामों के 43639 किसानों को खाद प्रदाय हेतु 1876 टन का खाद का भंडारण एवं 353 टन खाद का वितरण के साथ कुल 48 करोड 99 लाख का ऋण वितरण किसानो को किया जा चुका है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार खरीफ सीजन में जिले के किसानों को  आवश्यकता अनुसार सहकारी समितियों से खाद बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कृषि केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पानी की बोतल खरीदकर बढ़ाया हौसला, कहा- यही है नए बीजापुर की तस्वीर

जब मुख्यमंत्री रुके एक छोटी-सी किराना दुकान पर… और सामने थी बदलाव की बड़ी कहानी कभी बंदूक थामने वाले मासा तामो और जयमोती आज चला रहे हैं अपनी दुकान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पानी की बोतल खरीदकर बढ़ाया हौसला, कहा- यही है नए बीजापुर की तस्वीर रायपुर  प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे। चौपाल के लिए जा रहे मुख्यमंत्री का काफिला अचानक एक छोटी-सी किराना दुकान के सामने रुक गया। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य दुकान थी, लेकिन उसके भीतर संघर्ष, साहस और बदलाव की एक असाधारण कहानी छिपी थी।यह दुकान आत्मसमर्पित दंपत्ति मासा तामो और जयमोती की थी। मुख्यमंत्री दुकान के भीतर पहुंचे, दोनों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके जीवन में आए बदलाव के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने दुकान से पानी की बोतल खरीदी और दोनों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ही नए जीवन की सबसे बड़ी पहचान है। बंदूक से रोजगार तक का सफर मासा तामो का बचपन गरीबी और अभावों में बीता। बचपन में पिता का साया उठ गया और पढ़ाई का अवसर कभी नहीं मिला। वर्ष 2007 में परिस्थितियों के कारण वह नक्सली संगठन से जुड़ गया। उधर जयमोती की कहानी भी संघर्षों से भरी रही। बचपन में माता-पिता का निधन हो गया और जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें भी उसी रास्ते की ओर धकेल दिया। संगठन में दोनों की मुलाकात हुई और वर्ष 2021 में उन्होंने विवाह कर लिया। लेकिन समय के साथ दोनों ने महसूस किया कि हिंसा का रास्ता उनके भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के लिए उचित नहीं है। अक्टूबर 2025 में उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। पुनर्वास केंद्र बना नई जिंदगी का आधार बीजापुर पुनर्वास केंद्र पहुंचने के बाद दोनों के जीवन में नया अध्याय शुरू हुआ। पहली बार उन्हें अक्षर ज्ञान मिला, कौशल विकास का प्रशिक्षण मिला और शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया। राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाता और अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत जयमोती को एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इसी सहायता से कोण्डापल्ली में उनकी छोटी-सी किराना दुकान शुरू हुई। अब हाथों में हथियार नहीं, मेहनत की कमाई है मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान मासा और जयमोती ने बताया कि अब वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रहे हैं। दुकान से होने वाली आय से परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं और भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि जीवन में ऐसा बदलाव आएगा, लेकिन सरकार की पुनर्वास नीति और प्रशासन के सहयोग ने उन्हें नई पहचान दी है। बदलते बस्तर की जीवंत तस्वीर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मासा और जयमोती की कहानी केवल दो व्यक्तियों की कहानी नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की कहानी है। यह इस बात का प्रमाण है कि अवसर, विश्वास और सहयोग मिलने पर कोई भी व्यक्ति मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी सकता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया निरीक्षण, कहा – दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

विकास, विश्वास और सुशासन का सेतु बना कोण्डापल्ली का बेली ब्रिज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया निरीक्षण, कहा – दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बीजापुर-पूवर्ती मार्ग पर बना आधुनिक बेली ब्रिज: कनेक्टिविटी और विकास को मिली नई गति रायपुर जहां कभी दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां विकास की राह में चुनौती बनती थीं, वहां आज आधुनिक अधोसंरचना नए अवसरों के द्वार खोल रही है। प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचकर बीजापुर-पूवर्ती मार्ग पर निर्मित बेली ब्रिज का निरीक्षण किया। उन्होंने पुल की निर्माण तकनीक, उपयोगिता और क्षेत्र के विकास में उसकी भूमिका की जानकारी लेते हुए इसे बदलते बस्तर की नई तस्वीर का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़क, पुल और अन्य आधारभूत सुविधाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि वे दूरस्थ क्षेत्रों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाले मजबूत माध्यम हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक हो। कम समय, कम लागत और अधिक मजबूती की तकनीक भारतीय सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा निर्मित यह बेली ब्रिज बीजापुर-पूवर्ती सड़क परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बेली ब्रिज पारंपरिक पुलों की तुलना में अधिक किफायती, मजबूत और टिकाऊ होते हैं। इनका निर्माण सामान्य पुलों की अपेक्षा लगभग पांच गुना कम लागत में किया जा सकता है तथा इन्हें मात्र एक माह के भीतर तैयार किया जा सकता है। दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित कनेक्टिविटी स्थापित करने के लिए यह तकनीक अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। बीजापुर में 21 बेली ब्रिज बने विकास के वाहक उल्लेखनीय है कि बीजापुर जिले में अब तक 21 बेली ब्रिजों का निर्माण किया जा चुका है। इन पुलों के निर्माण से दूरस्थ गांवों तक आवागमन सुगम हुआ है तथा लोगों को आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच में बड़ी राहत मिली है। इन संरचनाओं ने क्षेत्र में विकास और जनसेवाओं के विस्तार को नई गति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के श्रमिक और युवा ही विकास यात्रा के वास्तविक निर्माणकर्ता हैं। उन्होंने श्रमिकों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके अनुभव भी साझा किए। बदलते बस्तर की नई पहचान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर में अधोसंरचना विकास के माध्यम से नई संभावनाओं का निर्माण हो रहा है। कोण्डापल्ली का यह बेली ब्रिज केवल एक पुल नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और सुशासन का सशक्त प्रतीक है। यह उस नए बस्तर की पहचान है, जहां विकास अब दूरस्थ गांवों और दुर्गम अंचलों तक मजबूती से पहुंच रहा है तथा लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

जन्मदिन पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की गौ-सेवा, संरक्षण कार्यों की सराहना की

जन्मदिवस के अवसर पर वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने की गौ-सेवा, संरक्षण के प्रयासों को सराहा रायगढ़ के सेठ किरोड़ीमल गौशाला पहुंचे वित्त मंत्री, कहा-गौवंश की सुरक्षा हमारी सांस्कृतिक व सामाजिक जिम्मेदारी रायपुर,  जन्मदिवस के विशेष अवसर पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ स्थित ऐतिहासिक सेठ किरोड़ीमल गौशाला पहुंचकर गौ-माता की सेवा की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने गौशाला परिसर का भ्रमण कर वहां संचालित विभिन्न गतिविधियों का बारीकी से अवलोकन किया और गौ-संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की भूरि-भूरि सराहना की। गौ-सेवा सनातन परंपरा का अमूल्य प्रतीक               वित्त मंत्री श्री चौधरी ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि गौ-माता की सेवा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का अमूल्य प्रतीक है। अपने जन्मदिवस के अवसर पर गौ-माता की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त होना मेरे लिए अत्यंत सुखद, संतोषजनक और प्रेरणादायी अनुभव है। उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा कि गौ-संरक्षण और संवर्धन के लिए इस गौशाला द्वारा किया जा रहा कार्य पूरे समाज के लिए अनुकरणीय है। गौवंश की सुरक्षा और उनकी उचित देखभाल करना हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ हमारी सामाजिक जिम्मेदारी का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सेवाभावी कार्यकर्ताओं का जताया आभार            श्री चौधरी ने निस्वार्थ भाव से जुटे गौशाला के संचालकों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन कार्यकर्ताओं के समर्पण, कड़ी मेहनत और अटूट प्रयासों के कारण ही क्षेत्र में गौ-संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय और सकारात्मक कार्य हो रहे हैं। कार्यक्रम के समापन पर वित्त मंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और कल्याण की कामना करते हुए सभी के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। इस गरिमामय अवसर पर गौशाला प्रबंधन समिति के सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जन्मदिवस पर किया सुंदरकांड पाठ, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जन्मदिवस पर किया सुंदरकांड पाठ, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना रायपुर,  वित्त मंत्री ओपी चौधरी अपने जन्मदिवस के अवसर पर रायगढ़ के महापल्ली में आयोजित रामचरितमानस सुंदरकांड पाठ में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि जन्मदिवस के इस विशेष अवसर पर प्रभु श्रीराम एवं संकटमोचन हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने प्रदेश के विकास, जनकल्याण और सभी नागरिकों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की।         चौधरी ने जन्मदिवस पर उन्हें शुभकामनाएं देने वाले सभी नागरिकों, समर्थकों, शुभचिंतकों एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी का स्नेह, प्रेम और आशीर्वाद उन्हें जनसेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

जन्मदिवस पर मौसमी फलों और लड्डू से तौले गए वित्त मंत्री ओपी चौधरी

रायपुर,  वित्त मंत्री ओपी चौधरी के जन्मदिवस के अवसर पर रायगढ़ में क्षेत्रवासियों ने अनूठे अंदाज में उनका सम्मान किया। इस दौरान उन्हें मौसमी फलों एवं लड्डुओं से तौलकर शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक, समर्थक और शुभचिंतक उपस्थित रहे।              इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भावुक होते हुए कहा कि रायगढ़ क्षेत्रवासियों द्वारा उन्हें जन्मदिवस पर विभिन्न फलों एवं मिठाइयों से तौलना उनके जीवन के सबसे अनमोल क्षणों में से एक है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान क्षेत्रवासियों के स्नेह, प्रेम और उन पर किए गए अटूट विश्वास का प्रतीक है।             चौधरी ने सभी नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का यह अपनापन और आशीर्वाद उन्हें जनसेवा के प्रति और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी शुभचिंतकों, कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों को जन्मदिवस पर मिली शुभकामनाओं और स्नेह के लिए धन्यवाद दिया।कार्यक्रम का माहौल उत्साह और उल्लास से भरा रहा तथा उपस्थित लोगों ने वित्त मंत्री के स्वस्थ, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की।