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जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का आदेश, AAP बोली- ‘हम भुगतने को तैयार हैं

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) इन दिनों जहां एक तरफ पार्टी में टूट के संकट से जूझ रही है तो दूसरी तरफ पार्टी के बड़े नेता अदालती लड़ाई में भी उलझे हैं। खुद पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ बहिष्कार वाला सत्याग्रह छेड़ दिया है, जिसमें अब उनके अलावा मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक भी शामिल हो गए हैं। कथित शराब घोटाले से जुड़े केस की सुनवाई कर रहीं जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में बुधवार को इन नेताओं की ओर से ना तो कोई वकील पेश हुआ और ना ही इनकी ओर से कोई जवाब दिया गया है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की ओर से दिए गए ‘अंतिम मौके’ पर 'आप' ने एक बार फिर अपना रुख जाहिर कर दिया है। आप के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में 'सत्याग्रह' जारी रखने की बात कहते हुए कहा कि परिणाम भुगतने को तैयार हैं और सबकुछ सोचकर फैसला लिया गया है कि जहां न्याय की उम्मीद नहीं है वहां पेश होने का फायदा नहीं है। अनुराग ने कहा, 'मुझे लगता है कि अरविंद केजरीवाल जी की तरफ से, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक की तरफ से साफ कह दिया गया है कि वह इन कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगे। यह सत्याग्रह है हम लोगों का।' परिणाम भुगतने को तैयार, सोचकर लिया फैसला: केजरीवाल आप नेता ने कहा कि कानूनी विकल्प अपनाए जाएंगे पर अभी यह साफ है कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में तीनों ही नेता अपना केस नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा, 'सत्याग्रह इसलिए कि हमने कानूनी प्रक्रिया अपनाई, रिक्यूजल के प्रोसेस में गए और सबकुछ किया। इसके बाद दो फैक्ट्स को मानते हुए जज कहती हैं कि मैं ही इस केस को सुनूंगी तो उनके सामने जाने का क्या फायदा, जब हमको पता है कि हमें इंसाफ मिलेगा या नहीं मिलेगा। सत्याग्रह जारी है। जब राजघाट गए थे तो इस प्रण को दृठ करते हुए कि दुष्परिणाम के लिए तैयार हैं। सारी चीजों को सोचकर फैसला लिया है। जहां न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है वहां पेश होने का फायदा नहीं है। जो भी कानूनी विकल्प होंगे उन्हें अपनाएंगे। लेकिन अभी तक स्पष्ट है कि ना तीनों ही नेता जाएंगे और ना ही वकील के माध्यम से पक्ष रखेंगे।' जज ने दिया आखिरी मौका आप के नेताओं ने न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा के सामने सुनवाई का बहिष्कार किया है। हालांकि, जज ने उन्हें अपना जवाब दाखिल करने का एक अंतिम मौका दिया है। जस्टिस शर्मा ने कहा कि 'हम रिकॉर्ड मंगवाएंगे और सोमवार से सुनवाई शुरू करेंगे' और निर्देश दिया कि रिकॉर्ड कल तक मंगवा लिया जाए। अदालत ने यह भी गौर किया कि कई पक्षों ने अपने-अपने जवाब दाखिल कर दिए हैं लेकिन बरी किए गए कुछ आरोपियों ने अब तक ऐसा नहीं किया है। अदालत ने कहा, '(अदालत) उन्हें जवाब दाखिल करने का एक और आखिरी मौका देगी। वे शनिवार तक जवाब दाखिल कर दें।' जस्टिस शर्मा ने खुद को अलग करने से किया इनकार, केजरीवाल का बहिष्कार जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा शर्मा ने 20 अप्रैल को इस मामले से खुद को अलग करने संबंधी केजरीवाल और सिसोदिया की याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इसके बाद आप नेताओं ने खुला पत्र लिखकर कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से या किसी वकील के माध्यम से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में पेश नहीं होंगे। केजरीवाल समेत अन्य आप नेताओं ने जस्टिस पर हितों के टकराव समेत कुछ आरोप लगाए हैं और आशंका जाहिर की है कि उनकी अदालत में न्याय नहीं मिल पाएगा।

महंगाई का असर: दिल्ली में ई-रिक्शा सफर होगा महंगा, नई दरें जल्द लागू

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में ई-रिक्शा से सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही ज्यादा किराया चुकाना पड़ेगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स फेडरेशन ने बढ़ती महंगाई और लंबे समय से किराए में कोई बदलाव न होने का हवाला देते हुए न्यूनतम किराया 20 रुपये करने का फैसला लिया है। नई दरें अगले महीने से लागू होने की संभावना है। फेडरेशन के चेयरमैन अनुज शर्मा ने बताया कि दिल्ली में ई-रिक्शा वर्ष 2010 से चल रहे हैं, लेकिन तब से अब तक इनके किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। वहीं, इसी अवधि में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी के किराए दो बार बढ़ चुके हैं। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई, बैटरी, मेंटेनेंस और अन्य खर्चों में इजाफे के कारण किराया बढ़ाना जरूरी हो गया है, ताकि ड्राइवरों की आय प्रभावित न हो। रिक्शा ड्राइवरों और मैन्युफैक्चरर्स की बैठक में फैसला यह फैसला बुधवार को ई-रिक्शा ड्राइवरों, डीलरों और मैन्युफैक्चरर्स की संयुक्त बैठक में लिया गया, जिसमें दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह भी मौजूद थे। बैठक में किराया बढ़ाने के साथ-साथ सेक्टर से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। कुल 2 लाख ई-रिक्शा चल रहे वर्तमान में दिल्ली में 2 लाख से अधिक ई-रिक्शा आधिकारिक रूप से पंजीकृत हैं, जबकि करीब 1.5 लाख बिना रजिस्ट्रेशन के भी सड़कों पर चल रहे हैं। ये ई-रिक्शा खासकर मेट्रो स्टेशनों और रिहायशी इलाकों में लास्ट माइल कनेक्टिविटी का अहम साधन बने हुए हैं। अभी अधिकांश जगहों पर पहले दो किलोमीटर के लिए 10 रुपये और उसके बाद हर किलोमीटर के लिए 5 रुपये किराया लिया जाता है। 2022 का सर्कुलर लिया वापस इस बीच, दिल्ली सरकार ने 2022 के उस सर्कुलर को वापस लेने का भी फैसला किया है, जिसमें कंपनियों को अपने नाम पर कई ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक कार्ट रजिस्टर कराने की अनुमति दी गई थी। परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य कुछ कंपनियों के हाथों में मालिकाना हक के केंद्रीकरण को रोकना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के शोषण को कम करना है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से मालिक-ड्राइवर को अधिक अवसर मिलेंगे, आत्मनिर्भर रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और ई-रिक्शा सेक्टर में एकाधिकार की संभावना भी कम होगी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से अधिक से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और लास्ट माइल कनेक्टिविटी का ढांचा भी मजबूत होगा।

दिल्ली के द्वारका में तीन बच्चों की मौत, गोल्फ कोर्स तालाब में डूबने से हुआ हादसा

नईदिल्ली  राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ है। द्वारका के सेक्‍टर 24 गोल्फ कोर्स डीडीए के तालाब में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। इस मामले की सूचना दमकल को सुबह 7:07 बजे मिली। घटना के बाद से इलाके में कोहराम मचा हुआ है। 8 से 10 साल के बीच थी बच्चो की उम्र पुलिस के अनुसार, द्वारका के सेक्टर 23 पुलिस स्टेशन में सुबह लगभग 7:07 बजे एक पीसीआर कॉल आई, जिसमें गोल्फ कोर्स परिसर में स्थित एक तालाब में तीन बच्चों के डूबने की जानकारी दी गई थी। इसपर तुरंत कार्रवाई करते हुए, स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) पुलिस कर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अन्य आपातकालीन एजेंसियों को भी तत्काल सूचित किया गया। मौके पर पहुंचने पर अधिकारियों ने तालाब में डूबे हुए 8 से 10 वर्ष की आयु के तीन बच्चों को पाया। दमकल कर्मियों की सहायता से तीनों को पानी से बाहर निकाला गया। हालांकि, उन्हें घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया। तालाब में नहाने गए थे बच्चे प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि बच्चे शाम को देर से चारदीवारी फांदकर परिसर में दाखिल हुए होंगे। उनके कपड़े तालाब के बाहर मिले, जिससे पुलिस को संदेह है कि वे वहां नहाने गए थे और गलती से डूब गए। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि विस्तृत जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकलेगा। बच्चों की पहचान में जुटी पुलिस बच्चों की पहचान का काम फिलहाल जारी है, और इस रिपोर्ट को लिखे जाने तक उनके विवरण से मेल खाने वाली किसी भी गुमशुदा व्यक्ति की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।

दिल्ली महापौर चुनाव: भाजपा ने 156 वोटों से दर्ज किया शानदार जीत

नई दिल्ली भाजपा के उम्मीदवार प्रवेश वाही दिल्ली नगर निगम के नए महापौर निर्वाचित हुए हैं। प्रवेश वाही तीन बार से पार्षद रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने महापौर और उपमहापौर पद पर उम्मीदवार नहीं उतारा है जबकि भाजपा ने आनंद विहार से पार्षद मोनिका पंत ने उपमहापौर पद के लिए उम्मीदवार उतारा है। कांग्रेस ने कबीर नगर से पार्षद जरीफ को महापौर पद और मुबारकपुर से पार्षद राजेश कुमार गुप्ता ने उपमहापौर पद उम्मीदवार बनाया है। प्रवेश वाही तीन बार से पार्षद रहे हैं। इसके साथ ही अब उपमहापौर और सदन से स्थायी समिति के सदस्यों का भी चयन होगा। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने महापौर चुनाव के लिए कार्यवाही को लेकर पूर्व महापौर एवं मुखर्जी नगर से पार्षद राजा इकबाल सिंह को पीठासीन अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया। महापौर चुनाव में सभी सांसदों और भाजपा में शामिल राज्य सदस्य स्वाति मालीवाल और भाजपा के 11 मनोनीत विधायक और सभी पार्षदों ने मतदान किए। भाजपा ने आनंद विहार से पार्षद मोनिका पंत ने उपमहापौर पद के लिए उम्मीदवार उतारा है। कांग्रेस ने कबीर नगर से पार्षद जरीफ को महापौर पद और मुबारकपुर से पार्षद राजेश कुमार गुप्ता ने उपमहापौर पद उम्मीदवार बनाया है। ये है बहुमत महापौर चुनाव गुप्त मतदान द्वारा होता है। इसमें पार्षदों पर दल बदल विरोधी कानून लागू नहीं होता है। कुल 249 पार्षद, सात सांसद व तीन राज्य सभा सदस्य व 14 मनोनीत विधायक के तहत कुल 273 वोट हैं। इसके तहत 137 वोटों का बहुमत होता है। ग्रीन पार्क से पार्षद सरिता फोगाट का कुछ महीने पहले कैंसर से मृत्यु हो जाने के कारण यह वार्ड खाली है। इसके तहत कुल 249 पार्षद हैं। AAP के ये है सदस्य आप के पास 100 पार्षद, तीन मनोनीत विधायक और दो राज्य सभा सदस्य संजय सिंह और एन डी गुप्ता हैं। कुल मतदान हुए – महापौर चुनाव के लिए कुल 165 मतदान हुए – महापौर के लिए भाजपा को 156 मतदान मिले – कांग्रेस को 9 मतदान मिले – इनवेलिड वोट शून्य पड़े प्रवेश वाही का सफर – पूर्वी उत्तरी दिल्ली नगर निगम में – तीन बार जोन के चेयरमैन, स्थाई समिति के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, रोहिनी बी वार्ड से अभी पार्षद है। BJP के पक्ष में 142 वोट, बहुमत से पांच ज्यादा भाजपा के 123 पार्षद हैं। जबकि आम आदमी पार्टी के 100 पार्षद हैं। इसके अतिरिक्त इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (आईवीपी) के 15 पार्षद, कांग्रेस के नौ पार्षद, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक से एक पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद हैं। भाजपा के सभी 123 पार्षदों, सातों सांसद व 11 विधायकों को मिलाकर स्वाति मालीवाल के हाल ही भाजपा में शामिल होने से कुल 142 वोट हैं। जिसके तहत भाजपा द्वारा बहुमत का आंकड़ा आराम से छुआ जा रहा हैं।

मैजेंटा लाइन पर ट्रेनों में देरी, ऑटोमैटिक गेट नहीं खुल रहे, यात्री फंसे

नई दिल्ली दिल्ली मेट्रो के इलेक्ट्रिक सिग्नल फेल होने की खबर सामने आ रही है। इसके चलते हौज खास से बोटेनिकल गार्डन की ओर जाने वाली ट्रेन आधा घंटे से रुकी हुई है। बताया जा रहा है कि इलेक्ट्रिक बोर्ड पर अगली मेट्रो के आने का समय 129 मिनट दिखाई दे रहा है। DMRC ने बताया मैजेंटा लाइन पर है समस्या DMRC ने भी अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से इसकी जानकारी दी है। DMRC ने सर्विस अपडेट जारी करते हुए लिखा- “सिग्नलिंग की समस्या के कारण कालकाजी मंदिर और बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशनों के बीच मैजेंटा लाइन पर ट्रेन सर्विस में देरी हुई। बाकी सभी लाइनों पर सर्विस नॉर्मल हैं।” मेट्रो गेट खुल रहे, लेकिन ऑटोमैटिक बैरियर बंद अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, मेट्रो के गेट स्टेशन पर मेट्रो के गेट खुल रहे हैं। लेकिन, गेट के सामने लगे ऑटोमैटिक बैरियर नहीं खुल रहे, इस कारण कोई यात्री न ही मेट्रो से उतर पा रहा है और न ही चढ़ पा रहा है। इसके साथ ही पता चला है कि मेजेंटा लाइन पर करीब 40 मिनट में मेट्रो ने केवल 2 स्टेशन तय किए हैं।      मेट्रो कोच के स्क्रीन बोर्ड में दिखा- स्टेशन होल्ड दानिश रहमान नामक एक्स यूजर ने DMRC के ट्वीट पर जवाब में एक फोटो शेयर की हैं। फोटो मेट्रो के कोच की है। भीड़-भाड़ के बीच स्क्रीन बोर्ड पर लिखा दिखाई दे रहा है- "डिले" स्टेशन होल्ड। इस यात्रा सेवा में थोड़ा विलंब होगा। इस असुविधा के लिए खेद है। यूजर ने लिखा- कोई ट्रेन नहीं चल रही DMRC के ट्वीट पर मोहन कुमार नामक यूजर ने भी जवाब दिया। उन्होंने कई तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने लिखा- कालिंदी कुंज मेट्रो स्टेशन पर मेट्रो सर्विस में देरी हो रही है। कोई ट्रेन नहीं चल रही है। यात्री प्लेटफॉर्म पर इंतजार कर रहे हैं। DMRC इस समस्या को ठीक करने के लिए काम कर रहा है।  

BJP की धाक दिल्ली नगर निगम में, प्रवेश वाही बने मेयर, मोनिका पंत डिप्टी मेयर

नई दिल्ली दिल्ली नगर निगम की सियासत में बुधवार को एक बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार प्रवेश वाही को नया मेयर चुना गया. पीठासीन अधिकारी राजा इकबाल सिंह ने प्रवेश वाही के मेयर चुने जाने की आधिकारिक घोषणा की. रोहिणी ईस्ट से पार्षद प्रवेश वाही ने कुल 156 वोट हासिल किए, जिनमें इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के 14 पार्षदों का भी समर्थन शामिल रहा. वहीं कांग्रेस उम्मीदवार हाजी जराफ को महज 9 वोट मिले।  आनंद विहार से बीजेपी पार्षद मोनिका पंत को 156 वोटों के साथ डिप्टी मेयर चुना गया. स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमेटी) के लिए बेगमपुर से पार्षद जय भगवान यादव और पहाड़गंज से पार्षद मनीष चड्ढा निर्वाचित हुए, जबकि शालीमार बाग से पार्षद जलज चौधरी भी इस पैनल में चुने गए. मेयर चुने जाने के बाद प्रवेश वाही ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि आने वाले महीनों में दिल्ली को साफ-सुथरा बनाने और विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया जाएगा।  उन्होंने कहा, 'हम दिल्ली को स्वच्छ बनाएंगे और विकास के लिए निरंतर काम करेंगे.' इस बार मेयर चुनाव के लिए कुल 273 वोटों का इलेक्टोरल कॉलेज था, जिसमें 249 पार्षद, दिल्ली विधानसभा द्वारा नामित 14 विधायक, 7 लोकसभा सांसद और 3 राज्यसभा सदस्य शामिल थे. जीत के लिए 137 वोटों की जरूरत थी, जिसे बीजेपी उम्मीदवार ने आसानी से पार कर लिया. दिलचस्प बात यह रही कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस चुनाव से दूरी बनाई और मतदान में हिस्सा नहीं लिया।  आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह फैसला बीजेपी को एमसीडी की जिम्मेदारी संभालने देने और उसके कामकाज को जनता के सामने उजागर करने के लिए लिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के सभी स्तरों पर होने के बावजूद बीजेपी दिल्ली में कोई बड़ा बदलाव नहीं ला सकी है. इससे पहले नवंबर 2024 में आम आदमी पार्टी के महेश कुमार खिंची बेहद करीबी मुकाबले में तीन वोटों से मेयर चुने गए थे. बता दें कि 22 मई 2022 को पूर्वी दिल्ली नगर निगम, उत्तरी दिल्ली नगर निगम और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को एकीकृत कर एक ही संस्था- दिल्ली नगर निगम (MCD) का गठन किया गया था। 

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस के वर्चुअल मीटिंग में पोर्न वीडियो चला, आनन-फानन में रोकनी पड़ी बैठक

नई दिल्ली  दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की अदालत में आज (बुधवार, 29 अप्रैल को) कुछ ऐसा हुआ, जिसे देखकर सब दंग रह गए। दरअसल, जब चीफ जस्टिस देवेंद्र उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने नियमित मामलों की सुनवाई शुरू की तो वर्चुअली यानी ऑनलाइन तरीके से जुड़े एक अनजान यूजर ने अपनी स्क्रीन पर पोर्न वीडियो चलाना शुरू कर दिया और उसे शेयर कर दिया। इसे देख कोर्ट रूम में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में वर्चुअल मीटिंग (VC) को बंद करना पड़ा। जब कुछ देर बाद दोबारा ऑनलाइन कोर्ट की कार्यवाही शुरू हुई तो फिर से उस शख्स ने पोर्न वीडियो चलाना शुरू कर दिया। ऐसा होता देख कोर्ट के अधिकारियों ने VC को बंद कर दिया गया और फिर उसे ऑन नहीं किया गया। जानकारी के मुताबिक, ये पोर्न वीडियो वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग (VC) सिस्टम के जरिए अमेरिका से ब्रॉडकास्ट किए गए थे। ये कंटेंट श्रीधर सरनोबत और शीतजीत सिंह नाम के यूजर के अकाउंट से चलाए गए। हालांकि, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि होनी बाकी है। पीछे से आवाज भी आ रही थी बार एंड बेंच के मुताबिक, पोर्न वीडियो के साथ ही पीछे से आवाज भी आ रही थी, "यह यूनाइटेड स्टेट्स से किया गया एक हैक है। मीटिंग को अभी तुरंत बंद कर दो। इसे दोबारा कभी चालू मत करना। तुम हैक हो चुके हो।" दिल्ली हाई कोर्ट में इस तरह की यह पहली घटना है। ये वाकया दोपहर करीब 12:56 बजे हुई। बता दें कि चीफ जस्टिस की अदालत में बुधवार का दिन जनहित याचिकाओं (PIL) की सुनवाई के लिए तय होता है, और आज बेंच के सामने सुनवाई के लिए लगभग 100 मामले हैं। मामले की जांच जारी है इस घटना के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) इंटरफेस पर संभावित साइबर अटैक की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि पोर्न वीडियो दो बार चलने से कोर्ट रूम में मौजूद जज, वकील, कोर्ट अफसर और अन्य लोग हैरान रह गए। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है और जिम्मेदारी तय किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

पाकिस्तान-बांग्लादेश-नेपाल कनेक्शन वाले नेटवर्क पर सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई

नई दिल्ली सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली में एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। एजेंसियां पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से जुड़े एक संदिग्ध सीमा-पार गिरोह की जांच कर रही हैं। कुल 9 गुर्गे गिरफ्तार किए गए हैं। इनके पास से 18 आधुनिक हथियार बरामद किए हैं। यह गैंग पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल के संपर्कों के जरिए मुंगेर के रास्ते कई राज्यों में हथियार पहुंचाने की फिराक में था। इस मामले में एनआईए के वांछित आरोपी शाहबाज अंसारी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सनद रहे हाल ही में नोएडा से भी दो गैंगस्टरों को पकड़ा गया है जो सीधे तौर पर आईएसआई के इशारे पर काम कर रहे थे। ये लोग सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को भड़काने, स्लीपर सेल बनाने और महत्वपूर्ण जगहों की रेकी करने में शामिल थे। इनका मुख्य उद्देश्य भारत की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाना और टारगेट किलिंग को अंजाम देना था। सूत्रों ने बताया कि आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करके राष्ट्रीय राजधानी को दहलाने की एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया गया है। इस मामले में पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से जुड़े एक संदिग्ध सीमा पार गिरोह की जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने नौ कथित गुर्गों से 18 आधुनिक हथियार बरामद किए हैं। ये लोग मुंगेर के रास्ते इन हथियारों को कई राज्यों में पहुंचाने की योजना बना रहे थे। सूत्रों ने बताया कि मामले में शाहबाज अंसारी की भूमिका भी जांच की जा रही है। शाहबाज अंसारी सिद्धू मूसेवाला हथियार सप्लाई मामले में NIA का वॉन्टेंड आरोपी है। वह यूपी के खुर्जा का रहने वाला है। यह घटनाक्रम पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी के बाद सामने आया है। 22 अप्रैल, 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक की जान चली गई थी। बीते 24 अप्रैल को यूपी एटीएस ने नोएडा से 2 ऐसे गैंगस्टरों को अरेस्ट किया जो पाकिस्तान में बैठे आकाओं और ISI के इशारे पर काम कर रहे थे। संदिग्धों की पहचान तुषार चौहान (उर्फ हिज्बुल्लाह अली खान, 20 वर्ष) और समीर खान के रूप में हुई है। इन संदिग्धों को एक पिस्टल, जिंदा कारतूस और एक चाकू के साथ पकड़ा गया था। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई थी। सूत्रों के अनुसार, ये गैंगस्टर ISI के निर्देशों पर भारत की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में थे। ATS की मानें तो ये आतंकी संगठनों और गैंगस्टरों के साथ मिलकर इंस्टाग्राम और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को बरगलाने में लगे थे। ये दोनों आतंकी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट के साथ मिलकर काम करते थे। ये 'स्लीपर सेल' बनाकर टार्गेट किलिंग को अंजाम देने और संवेदनशील जगहों की रेकी करने की फिराक में थे।  

मनीष सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्णकांता का किया बहिष्कार, केजरीवाल की तरह खत लिखकर किया ऐलान

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता मनीष सिसोदिया भी अरविंद केजरीवाल की राह पर चल पड़े हैं. दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस स्वर्णकांता का अब मनीष सिसोदिया ने भी बहिष्कार कर दिया है. मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को जस्टिस स्वर्णकांता को चिट्ठी लिखकर कहा है कि अब वह उनकी अदालत में पेश नहीं होंगे. न ही उनकी तरफ से कोई वकील पेश होगा. इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को जस्टिस स्वर्णकांता को चिट्ठी लिख बताया था कि वह अब कभी उनकी अदालत में पेश नहीं होंगे।  मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को जस्टिस स्वर्णकांता को चिट्ठी लिखी और उसमें कहा, ‘मेरी तरफ से भी कोई वकील पेश नहीं होगा. आपके बच्चों का भविष्य तुषार मेहता जी के हाथों में है. मुझे न्याय की उम्मीद नहीं है. अब मेरे पास सत्याग्रह के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है.’ यहां ध्यान देने वाली बात है कि अरविंद केजरीवाल ने भी अपनी चिट्ठी में कहा था कि उन्हें अब न्याय की उम्मीद नहीं दिख रही है. उन्होंने कहा कि उन्हें अब जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं रही, इसलिए वे न तो खुद अदालत में पेश होंगे और न ही अपने वकील को भेजेंगे।  अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में क्या कहा था? अपने पत्र में अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह निर्णय अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर लिया है. उन्होंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह का हवाला देते हुए कहा कि अब वे कानूनी लड़ाई के बजाय नैतिक और वैचारिक विरोध का रास्ता अपनाएंगे. अरविंद केजरीवाल ने यह भी संकेत दिया कि उनका यह कदम न्याय व्यवस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने सिद्धांतों के समर्थन में है. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि यदि जस्टिस स्वर्णकांता कोई फैसला सुनाती हैं, तो उसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार वे अपने पास सुरक्षित रखेंगे।  जस्टिस स्वर्णकांता की अदालत में क्या हुआ था गौरतलब है कि इससे पहले 20 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने अरविंद केजरीवाल की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने दिल्ली आबकारी नीति मामले की सुनवाई से न्यायमूर्ति को खुद को अलग करने की मांग की थी. अपना निर्णय सुनाते हुए जस्टिस शर्मा ने स्पष्ट किया कि याचिका पर विचार किए बिना सुनवाई से पीछे हट जाना एक आसान विकल्प होता, किंतु उन्होंने संस्थागत शुचिता और गरिमा को सर्वोपरि रखते हुए मामले के गुण-दोष के आधार पर निर्णय लेना उचित समझा।  जस्टिस स्वर्णकांता ने क्या कहा था? जस्टिस स्वर्णकांता ने उल्लेख किया कि जब उन्होंने अपना फैसला पढ़ना शुरू किया, तो न्यायालय कक्ष में पूर्ण निस्तब्धता (सन्नाटा) छा गई थी. न्यायमूर्ति ने आगे कहा कि उनके समक्ष यह केवल एक कानूनी प्रश्न नहीं था, बल्कि एक ऐसी चुनौती थी जिसने न्यायाधीश और न्यायिक संस्था, दोनों को ‘परीक्षण’ की कसौटी पर खड़ा कर दिया था. दिल्ली हाईकोर्ट ने इस बात को दोहराते हुए कहा था कि जब तक ठोस सबूतों से खंडन न हो जाए, न्यायाधीश की निष्पक्षता को मान लिया जाता है और किसी वादी की महज आशंका या व्यक्तिगत धारणा के आधार पर न्यायाधीश को मामले से अलग नहीं किया जा सकता है।  न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा कि किसी वादी को ऐसी स्थिति उत्पन्न करने की अनुमति नहीं दी जा सकती, जिससे न्यायिक प्रक्रिया का स्तर गिरे. झूठ, चाहे अदालत में या सोशल मीडिया पर, हजार बार दोहराया जाए, सच नहीं बनता. अरविं केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए न्यायाधीश ने कहा कि पक्षपात के दावों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है, जिनमें अधिवक्ता परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी या उनके परिवार के सदस्यों की पेशेवर व्यस्तता से संबंधित आरोप भी शामिल हैं।   

दोपहर 1 से 4 बजे तक काम बंद, दिल्ली में हीटवेव से बचाव के सख्त कदम

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में आग बरसना शुरू हो गई है। इस भीषण गर्मी से मजदूरों को बचाने के लिए रेखा सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। रेखा सरकार ने छांव, पानी का खास इंतजाम करते हुए कहा है कि दोपहर 1 बजे से 4 बजे के बीच में मजदूर काम नहीं करेंगे। इस दौरान उनकी दिहाड़ी भी नहीं कटेगी। बस शेल्टर्स पर होगी पानी की व्यवस्था रेखा सरकार की तरफ से बताया गया है कि बस शेल्टर्स पर पानी की व्यवस्था होगी। बस में कोल्ड बॉक्स की सुविधा होगी। गर्मी को ध्यान में रखते हुए अस्पताल तैयार किया जा रहा है। इस काम को अमलीजामा पहनाने के लिए फायर, पावर और जल विभाग पूरी तरह तैयारी में जुटा हुआ है। हीट वेव से लड़कों को दौड़ेंगी 330 एंबुलेंस दिल्ली सीएमओ के एक्स हेंडल पर किए गए ट्वीट की वीडियो में बताया गया है- बाहर निकलने पर हर जगह पानी की सुविधा होगी। हेल्थ सेंटर में ओआरएस उपलब्ध होगा। अस्पताल में बेड होंगे। 330 एंबुलेंस को आपातकालीन समय में हीट वेव ट्रीटमेंट के लिए तैयार किया जाएगा। पूरी दिल्ली में 19000 वाटर कूलर, वाटर एटीएम और वाटर टैंकर की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। जानिए दिल्ली सीएमओ ने क्या कहा इस ट्वीट में लिखा है- भीषण गर्मी और हीटवेव की चुनौती के समय दिल्लीवासियों की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर स्तर पर व्यापक तैयारी की गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार पूरी संवेदनशीलता, सजगता और मुस्तैदी के साथ कार्य कर रही है।