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राजनीतिक पारा हाई: AAP नेता ने CM रेखा गुप्ता से मिलने की तैयारी की, सामने आई चुनौती

नई दिल्ली  छठ महापर्व से पहले एक बार फिर दिल्ली में यमुना के पानी को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। आम आदमी पार्टी ने यमुना के पानी को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को बड़ी चुनौती दी है। दिल्ली आम आदमी पार्टी के मुखिया सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि वह इस युमना के पानी को सीएम रेखा गुप्ता के पास ले जाएंगे और चुनौती देंगे कि वह इसे पीकर दिखा दें। उन्होंने कहा, हमने वजीराबाद के पास यमुना से पानी भरा हुआ है। इस पानी में नीचे जमी हुई चीज मल है जो नजफगढ़ नाले से बहकर यमुना में मिली है। ये पानी पीने योग्य छोड़िए नहाने योग्य भी नहीं है। ये बात BJP सरकार के दिल्ली पलूशन कंट्रोल बोर्ड की दो दिन पुरानी रिपुोर्ट में भी कही गई है। सौरभ भारद्वाज ने कहा, इस रिपोर्ट के मुताबिक जगह-जगह से यमुना के पानी को जो सैंपल लिए गए, उससे पता चला है कि ये प्रदूषित है। आप नेता ने दिल्ली की सीएम पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर छठ के दौरान गरीब लोग इनकी बात सच मानकर यमुना के अंदर जाकर अर्क दें और गलती से वो पानी पीलें तो वह इतने बीमार हो जाएंगे कि शायद उनकी मौत भी हो जाए। क्योंकि उनके पास इतने पैसे नहीं होंगे कि अच्छे अस्पताल में अपना इलाज करा सकें। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने दिल्ली में झूठतंत्र फैला रखा है और इसी के दम पर बातें कर रहे हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा, हमारी सरकार ने यमुना जी को साफ करने का प्लान बनाया लेकिन बीजेपी के उपराज्यपाल ने तमाम अड़चनें पैदा कीं और काम नहीं होने दिया। अब रेखा गुप्ता जी को चैलेंज है कि वह यमुना जी के इस पानी को पीकर दिखाएं और अगर ना पी सकें तो इसे लेकर झूठ ना फैलाएं। 'पूर्वांचलियों की सेहत से खिलवाड़' वहीं बुराड़ी से आम आदमी पार्टी के विझायक संजीव झा ने दावा किया है कि बीजेपी के नेता जिस यमुना जी को साफ करने का दावा करते हैं, हम उसी जगह से यह पानी लेकर आए हैं। बीजेपी सत्ता में रहकर राजनीतिक फायदों के लिए पूर्वांचल समाज के साथ खिलवाड़ कर रही है। बीजेपी हमेशा से ही पूर्वांचलियों से नफ़रत करती है और इस बार उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रही है।  

मुख्यमंत्री गुप्ता का ऐलान: दिल्ली में 27 अक्टूबर को सभी सरकारी संस्थान रहेंगे बंद

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 27 अक्टूबर को छठ पर्व के अवसर पर सरकारी छुट्टी की शुक्रवार को घोषणा की. मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने इस संबंध में एक बयान जारी किया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि चार दिवसीय इस उत्सव का तीसरा दिन सबसे महत्वपूर्ण है और इसीलिए सोमवार को अवकाश रखा गया है. सीएमओ के बयान में बताया गया है कि छठ पूजा के दिन श्रद्धालु जलाशयों के किनारे डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं और इसकी तैयारियां सुबह से ही शुरू हो जाती हैं. परिवार मिलकर विभिन्न अनुष्ठान करते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 27 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है. मुख्यमंत्री गुप्ता ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि छठ पूजा में लोग सूर्य देव और छठी मैया की पूजा करते हैं. यह त्योहार आस्था और भक्ति के साथ-साथ स्वच्छता का प्रतीक है. जल और सूर्य की पूजा के जरिए यह पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है. दिल्ली सरकार ने छठ घाटों पर तैयारियां शुरू कर दी दिल्ली सरकार ने पूरे शहर में 1,300 से अधिक छठ घाटों पर तैयारियां शुरू कर दी हैं. यमुना के किनारे 17 मॉडल घाटों को बेहतर सुविधाओं जैसे टेंट, रोशनी, शौचालय, पीने का पानी और सुरक्षा के साथ अपग्रेड किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु आराम और सुरक्षा के साथ पूजा-अर्चना कर सकें. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने डॉवका सेक्टर 23B के पोचनपुर छठ घाट का निरीक्षण किया. आस्था का महत्वपूर्ण पर्व छठ पूजा शुरू आज 25 अक्टूबर 2025 से लोक आस्था का महत्वपूर्ण पर्व छठ पूजा शुरू हो चुका है. यह पर्व बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है. छठ पूजा की विशेषता यह है कि व्रती महिलाएं पूरे 36 घंटे निर्जला उपवास रखती हैं, यानी न जल पीती हैं और न अन्न ग्रहण करती हैं. इसके बावजूद वे पूरे समर्पण और आस्था के साथ सूर्य देव को दो बार अर्घ्य देती हैं—पहले डूबते सूर्य को और अगले दिन उगते सूर्य को. इसी के साथ पावन व्रत संपन्न होता है.

महरौली और नांगलोई में पुलिस एनकाउंटर, चार अपराधियों को लगी गोली

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने राजधानी में अपराधियों के खिलाफ दो अहम ऑपरेशन करते हुए बड़ी कार्रवाई की है. महरौली और नांगलोई इलाके में हुए एनकाउंटरों में पुलिस ने कई बदमाशों को अरेस्ट किया है. पुलिस के मुताबिक, दोनों घटनाओं में सुरक्षा बलों की सतर्कता और पेशेवर रवैये की बदौलत गंभीर नुकसान को टाला जा सका. महरौली थाने की टीम ने काकू पहाड़िया नाम के कुख्यात अपराधी को एनकाउंटर के दौरान पकड़ लिया है. पुलिस का कहना है कि काकू पहाड़िया पर कई आपराधिक मामलों में वारंट थे, जिनमें अवैध हथियारों की आपूर्ति से जुड़े मामले भी शामिल हैं. महरौली पुलिस को अवैध हथियारों की आपूर्ति में शामिल एक शातिर अपराधी के बारे में सूचना मिली थी. पुलिस टीम ने लाडो सराय स्मशान घाट रोड पर नाकाबंदी कर दी. लगभग 3:15 बजे एक संदिग्ध ने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर उसने गोलियां चला दीं. आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद हमलावर को पकड़ लिया गया, उसके पैर में चोट आई है. आरोपी की पहचान 27 वर्षीय कनिष्क उर्फ ​​कोकू उर्फ ​​विशाल निवासी मदनगीर दिल्ली के रूप में हुई है. उसके पास से दो पिस्टल, भरी हुई मैगजीन और चार खाली कारतूस बरामद किए गए हैं. दो पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी है, जबकि एक कॉन्स्टेबल के हाथ में चोट आई है. गोली लगने से घायल काकू पहाड़िया को तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया. नांगलोई में बदमाशों और पुलिस के बीच मुठभेड़ इसी तरह, नांगलोई इलाके में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई. इसमें चार बदमाशों में से तीन घायल हो गए और उन्हें पकड़ लिया गया. डीसीपी आउटर सचिन शर्मा ने बताया कि यह वही गिरोह था, जो दो दिन पहले पुलिस के साथ हुई एक हॉट चेज के दौरान फायरिंग कर भाग निकला था. पुलिस टीम ने जब बदमाशों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने फिर से फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और गोली लगने से तीन बदमाश घायल हो गए. सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने बताया कि दोनों एनकाउंटरों में सुरक्षा बलों ने सतर्कता दिखाते हुए काम किया. दोनों मामलों में पुलिस ने जनता और अपने अधिकारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी. दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि इन एनकाउंटरों के पीछे का उद्देश्य न केवल अपराधियों को पकड़ना है, बल्कि राजधानी में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है. एनकाउंटर के बाद जांच और पूछताछ जारी है, जिससे पूरे गिरोह और उनके नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके.

एयरबस चेयरमैन बोले — भारत की प्रगति को लेकर मैं बेहद पॉजिटिव हूं

नई दिल्ली  एयरबस के चेयरमैन रेने ओबरमैन ने शुक्रवार को कहा मैंने भारत में एक हफ्ता बिताया और मैं भारत में एक्सीलेंस, इंजीनियरिंग एक्सीलेंस और क्वालिटी के लेवल से पूरी तरह हैरान रह गया। बर्लिन ग्लोबल डायलॉग (बीजीडी) के 'लीडर्स डायलॉग : ग्रोइंग टूगेदर- ट्रे़ड एंड अलायंस इन अ चेंजिंग वर्ल्ड' टाइटल के सेशन में ओबरमैन ने कहा कि एयरबस के लिए भारत एक स्ट्रेटेजिक लॉन्ग-टर्म पार्टनर है और हमारी बातचीत का हिस्सा यह भी था कि भारतीय टेक्नोलॉजी और देश के टेक टैलेंट की क्षमताओं का लाभ लेकर चीजों को किस प्रकार बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा, "भारत के साथ पार्टनरशिप को किस प्रकार आगे बढ़ाया जाए यह भी हमारी बातचीत का हिस्सा था।" ओबरमैन ने भारत को लेकर अपने विचार पेश करते हुए कहा, "मैं भारत को लेकर बहुत पॉजिटिव हूं। क्या आपको लगता है कि यह चीन को पीछे छोड़ देगा? इसका जवाब उन्हें देना है।" उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि मैंने जो एम्बिशन महसूस किया, एंटरप्रेन्योरियल लेवल पर जो एम्बिशन था, वह उससे कहीं अधिक था, जो मैंने हाल ही में दुनिया में कहीं भी एंटरप्रेन्योरियल लेवल पर सुना था, क्योंकि वे एक ऐसी स्थिति से आ रहे हैं जहां अभी भी बहुत कुछ हासिल करना बाकी है।" इस बीच, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बर्लिन ग्लोबल डायलॉग (बीजीडी) के 'लीडर्स डायलॉग : ग्रोइंग टूगेदर- ट्रे़ड एंड अलायंस इन अ चेंजिंग वर्ल्ड' पर पैनल डिस्कशन का हिस्सा बनने पर खुशी जताई। केंद्रीय मंत्री गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "पैनल डिस्कशन में हिस्सा लेकर बहुत खुशी हुई। मैंने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपने व्यापारिक पार्टनरशिप को लंबे समय तक आपसी ग्रोथ के नजरिए से किस प्रकार देखता है।" उन्होंने पैनल डिस्कशन को लेकर आगे जानकारी देते हुए बताया कि देश में ग्लोबल कंपनियों के लिए भविष्य में हिस्सा लेने और निर्माण करने के लिए बड़े अवसरों को भी चर्चा में शामिल किया गया।

छात्र संघ चुनाव से पहले JNU में विवाद, ‘आई लव मुहम्मद’ स्लोगन हटवाने को लेकर आरोप-प्रत्यारोप

दक्षिणी दिल्ली जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में धार्मिक स्लोगन लिखे जाने का मामला सामने आया है। परिसर में रात के अंधेरे में कई जगहों पर पेंट से 'आई लव मुहम्मद' लिखा गया था। सुबह होने के बाद दीवारों पर स्लोगन लिखे हुए दिखाई दिए। हालांकि इस बारे में सूचना मिलते है विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इन्हें तुरंत साफ करवा दिया गया है। छात्रों का आरोप है कि असामाजिक तत्वों की ओर से छात्रसंघ चुनाव को लेकर परिसर में माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। गौरतलब है कि इससे पहले देश के कई राज्यों में 'आR लव मुहम्मद' विवाद सामने आ चुका है। जेएनयू छात्रसंघ चुनाव से पहले विश्वविद्यालय परिसर में भी ये मामला पहुंच चुका है। छात्रों के मुताबिक जेएनयू के बराक होस्टल के मुख्य द्वार सहित कुछ जगहों पर पेंट से स्लोगन लिखे गए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इन्हें हटवा दिया गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (एबीवीपी) की जेएनयू इकाई ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि छात्रसंघ चुनाव से पहले विवाद फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।  

छठ पूजा की तैयारी जोरों पर, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद संभाली कमान

नई दिल्ली  दिल्ली में आस्था के महापर्व छठ की तैयारी पूरे जोश और श्रद्धा के साथ जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कई छठ घाटों का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि सरकार छठ की तैयारियों के लिए कोई कमी नहीं छोड़ रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और विधायक संदीप सहरावत ने शुक्रवार को पहले भव्य पोचनपुर छठ घाट का उद्घाटन किया और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, "पूरी दिल्ली में लगभग 1,500 स्थानों पर छठ घाट बनाए गए हैं और सभी तैयारियां जोरों पर हैं। इसके अलावा, यमुना नदी के किनारे कई किलोमीटर तक 17 अलग-अलग स्थानों पर विशेष घाट बनाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को छठ पूजा करने के लिए उचित सुविधाएं मिल सकें।" भाजपा विधायक संदीप सहरावत ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "हमारी मुख्यमंत्री ने पोचनपुर छठ घाट का उद्घाटन किया और स्वयं सभी तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी तैयारियों की समीक्षा की। मैं मुख्यमंत्री को उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।" इसके बाद, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लक्ष्मी नगर विधानसभा क्षेत्र में कई प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया, जिसमें छठ घाट, 153 गलियां, सीवर व पानी की लाइनें और गणेश नगर कॉम्प्लेक्स में एक पुलिया शामिल है। उन्होंने धोबी समुदाय के लोगों को इलेक्ट्रिक आयरन बांटे और भाजपा की ओर से यमुना घाटों पर किए गए इंतजामों के बारे में बताया, जिससे पूर्वांचल के लोग बिना किसी परेशानी के छठ पूजा कर सकें। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "यह घाट न सिर्फ पूर्वांचली भाई-बहनों की आस्था का प्रतीक है, बल्कि दिल्ली के सांस्कृतिक गौरव और सहभागिता की पहचान भी बनेगा।" मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा, "भाजपा सरकार के नेतृत्व में जिस समर्पण और संवेदनशीलता से छठ महापर्व की तैयारियां की जा रही हैं, वह अभूतपूर्व है। इस बार यमुना किनारे जब हमारी बहनें सूर्य देव को अर्घ्य देंगी, तो वे स्वच्छ और निर्मल जल में खड़ी होकर अपनी प्रार्थनाएं अर्पित करेंगी। यह नया घाट दिल्ली में आस्था और विकास के संगम का प्रतीक है।"

सरकार ने शुरू की CJI की नियुक्ति प्रक्रिया, अगले चीफ जस्टिस बनने वाले चेहरे पर लगी नज़र

नई दिल्ली  सीजेआई बीआर गवई के बाद देश का अगला चीफ जस्टिस कौन होगा, इसकी प्रक्रिया केंद्र सरकार ने शुरू कर दी है। सीजेआई गवई 23 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। इससे पहले तक नए सीजेआई के नाम का चयन हो जाना है। जस्टिस सूर्यकांत अगले सीजेआई के रेस में हैं और उनका बनना लगभग तय है। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया से वाकिफ लोगों ने बताया कि जस्टिस गवई से उनके उत्तराधिकारी का नाम बताने वाला लेटर आज शाम या शुक्रवार को दिया जाएगा। मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर के अनुसार, जो सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट जजों की नियुक्ति, ट्रांसफर और पदोन्नति को गाइड करने वाले डॉक्यूमेंट्स का एक सेट है, उसमें कहा गया है कि भारत के चीफ जस्टिस के पद पर नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज की होनी चाहिए, जिन्हें पद संभालने के लिए फिट माना जाए। केंद्रीय कानून मंत्री सही समय पर भारत के जाने चीफ जस्टिस से उनके अगले चीफ जस्टिस की नियुक्ति के लिए सिफारिश मांगेंगे। आमतौर पर, यह लेटर मौजूदा सीजेआई के 65 साल की उम्र में रिटायर होने से एक महीने पहले भेजा जाता है। जस्टिस सूर्यकांत सीजेआई गवई के बाद सबसे सीनियर जज हैं और अगले सीजेआई बनने की सबसे ज्यादा संभावना है। एक बार नियुक्त होने के बाद, जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर को अगले सीजेआई बन जाएंगे और 9 फरवरी, 2027 तक लगभग 15 महीने तक इस पद पर रहेंगे।  

दिल्ली में महिलाओं को बड़ी राहत: नाइट शिफ्ट की मिली इजाजत, लेकिन माननी होंगी ये सख्त शर्तें

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने गुरुवार को जारी एक अधिसूचना में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में महिला कर्मचारियों को उनकी अनिवार्य लिखित सहमति के साथ नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दे दी है। अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि दिल्ली दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम के अनुसार, प्रत्येक कर्मचारी को ओवरटाइम के लिए दोगुना वेतन और अधिकतम 48 घंटे प्रति सप्ताह ड्यूटी का अधिकार होगा। इसके अलावा, आंतरिक शिकायत समितियां (ICCS) भी गठित की जानी होंगी। दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नाइट शिफ्ट में महिला कर्मचारियों को नियुक्त करने के नगर सरकार के प्रस्ताव को इस वर्ष के प्रारंभ में उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना द्वारा मंजूरी दी गई थी। दिल्ली सरकार के श्रम विभाग द्वारा हाल ही में जारी अधिसूचना में दिल्ली दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1954 के तहत महिलाओं को रोजगार देने तथा उनके रोजगार की शर्तों से संबंधित दो प्रविष्टियां जोड़ी गईं। इसमें यह भी प्रावधान किया गया है कि महिला कर्मचारियों को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति होगी, लेकिन इसके लिए उनकी लिखित सहमति अनिवार्य होगी।   अधिसूचना में कहा गया है कि किसी भी कर्मचारी को किसी भी दिन नौ घंटे (भोजन और आराम के समय सहित) से अधिक और सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसमें कहा गया है कि नियोक्ता उन सभी कर्मचारियों के लिए सुरक्षा, संरक्षा और परिवहन के संबंध में उपयुक्त व्यवस्था करेंगे, जिन्हें ओवरटाइम या नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा, किसी भी कर्मचारी को लगातार पांच घंटे से अधिक काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिसूचना में कहा गया है, "पात्र कर्मचारियों को दिल्ली दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1954 की धारा 8 के तहत सामान्य दर से दोगुनी दर पर ओवरटाइम मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। शिफ्ट में काम, यदि कोई हो, इस तरह से किया जाएगा कि किसी भी कर्मचारी को केवल रात की शिफ्ट में काम करने के लिए मजबूर न किया जाए।" महत्वपूर्ण बात यह है कि महिला श्रमिकों को नियुक्त करने वाले प्रत्येक नियोक्ता को कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के तहत आईसीसी का गठन करना होगा।  

‘दोस्ती दुष्कर्म का लाइसेंस नहीं’—दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका ठुकराई

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने 17 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार के आरोपी व्यक्ति को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। साथ ही, उसके इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि दोनों दोस्त थे। न्यायालय ने कहा कि दोस्ती पीड़िता के साथ बार-बार बलात्कार करने, उसे बंधक बनाने या बेरहमी से पीटने का लाइसेंस नहीं देती। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांत शर्मा ने बाल यौन अपराध निवारण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दर्ज मामले में व्यक्ति की याचिका खारिज कर दी और कहा कि आरोपी अभी तक जांच में शामिल नहीं हुआ है, जबकि उसकी अग्रिम जमानत याचिका पहले चार बार या तो वापस ले ली गई है या खारिज कर दी गई है। कोर्ट ने कहा, "आवेदक की ओर से यह तर्क कि आवेदक और शिकायतकर्ता मित्र थे और इसलिए यह सहमति से संबंध का मामला हो सकता है, इस अदालत द्वारा स्वीकार नहीं किया जा सकता।" न्यायाधीश ने 17 अक्टूबर को पारित आदेश में कहा, "यदि संबंधित पक्ष मित्र भी थे, तो भी मित्रता आवेदक को पीड़िता के साथ बार-बार बलात्कार करने, उसे अपने मित्र के घर में बंधक बनाने तथा उसकी निर्दयतापूर्वक पिटाई करने की अनुमति नहीं देती, जैसा कि प्रथम दृष्टया शिकायतकर्ता ने अपने बयान में बताया है… जिसकी पुष्टि मेडिकल रिकॉर्ड से भी होती है।" नाबालिग लड़की की शिकायत के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, वह आरोपी को कई वर्षों से पड़ोसी के रूप में जानती थी। उसने आरोप लगाया कि वह उसे अपने दोस्त के घर ले गया, जहां उसने उसके साथ मारपीट की और बार-बार उसका यौन उत्पीड़न किया और किसी को भी घटना के बारे में बताने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने इस आधार पर जमानत मांगी थी कि एफआईआर दर्ज करने में 11 दिन की देरी हुई थी, तथा उसने यह भी कहा था कि उसके और पीड़िता के बीच संबंध सहमति से बने थे। अभियुक्त की देरी की दलील को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा, "स्वाभाविक रूप से, उक्त घटना के डर और आघात के कारण ही शिकायतकर्ता ने शुरू में अपने माता-पिता को घटना के बारे में बताने से परहेज किया था। अतः, उपरोक्त परिस्थितियों और वर्तमान मामले में लगाए गए आरोपों की गंभीर प्रकृति को देखते हुए न्यायालय पाता है कि अग्रिम जमानत देने का कोई मामला नहीं बनता। तदनुसार, वर्तमान आवेदन मान्य है।  

बिहार चुनाव से पहले सिग्मा गैंग पर बड़ी कार्रवाई, डीजीपी बोले—दहशत फैलाने की फिराक में था सरगना रंजन पाठक

नई दिल्ली दिल्ली के रोहिणी में बिहार और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चार कुख्यात अपराधी मारे गए, जिनमें मोस्ट वांटेड गैंगस्टर रंजन पाठक भी शामिल था. डीजीपी बिहार ने 'आजतक' को बताया कि यह गैंग चुनाव में दहशत फैलाने की साजिश रच रहा था. रंजन पाठक और उसका गैंग सिग्मा एंड कंपनी पिछले छह वर्षों में बिहार के सीतामढ़ी और आसपास के इलाकों में कई बड़े अपराधों को अंजाम दे चुका था. डीजीपी बिहार ने फोन पर बताया कि यह गैंग चुनाव के दौरान बड़ी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में था. रंजन पाठक और उसके साथी कॉन्ट्रैक्ट किलर के रूप में काम करते थे. इनके खिलाफ सीतामढ़ी पुलिस लंबे समय से तलाश में थी.  डीजीपी ने कहा कि रंजन और उसका गैंग लगातार 5 बड़े हत्याकांड अंजाम देकर इलाके में दहशत फैलाता रहा. हर हत्याकांड के बाद लोगों में दहशत और आक्रोश पैदा होता था, जिससे स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ गई थी. यह गैंग सिग्मा एंड कंपनी के नाम से जाना जाता था. हाल के दिनों में इस गैंग ने गणेश शर्मा की हत्या की थी. गणेश शर्मा उस इलाके के ब्रह्मर्षि समाज के जिला अध्यक्ष थे, उनकी हत्या से समाज में तनाव फैल गया था. डीजीपी बिहार ने कहा कि जानकारी मिली थी कि यह गैंग मर्डर के बाद दिल्ली में जाकर छिप जाता है. इसी इनपुट के आधार पर बिहार पुलिस ने दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के साथ संपर्क किया और ऑपरेशन को अंजाम दिया. रंजन पाठक और उसका गैंग लंबे समय से बिहार पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बन चुका था. एनकाउंटर के दौरान चार जवानों की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी गोली बता दें कि पुलिस के इनपुट मिला था कि गैंग दिल्ली में मौजूद है. इसके बाद दिल्ली और बिहार पुलिस ने  22 और 23 अक्टूबर की दरमियानी रात लगभग 2:20 बजे बताए गए स्थान पर पहुंचकर चेकिंग शुरू की. यह बहादुर शाह मार्ग पर डॉक्टर अंबेडकर चौक से पंसाली चौक तक यह घटना हुई. पुलिस ने बदमाशों का पीछा किया. इस दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच जबरदस्त गोलीबारी हुई, जिसमें चारों बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए. इसके बाद उन्हें तुरंत इलाज के लिए रोहिणी स्थित डॉ. बीएसए अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. एनकाउंटर के दौरान दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अरविंद, SI मनीष और SI नवीन समेत 4 जवानों की बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगी है. जानकारी के मुताबिक, 22 और 23 अक्टूबर की दरम्यानी रात करीब 2:20 बजे दिल्ली के रोहिणी स्थित बहादुर शाह मार्ग पर डॉक्टर अंबेडकर चौक और पंसाली चौक के बीच यह मुठभेड़ हुई. पुलिस टीम को इलाके में अपराधियों के मूवमेंट की सूचना मिली थी. इसके बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और बिहार पुलिस की विशेष टीम ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन चलाया. मुठभेड़ के बाद सभी आरोपियों को रोहिणी स्थित डॉ. बीएसए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने बताया कि मारे गए अपराधी बिहार में कई हत्या, लूट और फिरौती के मामलों में वॉन्टेड थे. बिहार के डीजीपी विनय कुमार के मुताबिक, इन बदमाशों के पास से AK 47 सहित कई घातक हथियार बरामद हुए हैं. यह गैंग बिहार-नेपाल में कई वारदात को अंजाम दे चुका है. बिहार में वारदात को अंजाम देने के बाद ये सभी नेपाल में छुप जाते थे. कौन था रंजन पाठक? 25 वर्षीय रंजन पाठक बिहार के सीतामढ़ी जिले के सुरसंड थाना क्षेत्र के मलहई गांव का रहने वाला था. वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उस पर पहले 25,000, बाद में 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था. रंजन पाठक ‘सिग्मा’ नाम के एक कुख्यात गिरोह का सरगना था, जिसने बिहार के सीमावर्ती जिलों सीतामढ़ी, शिवहर और मधुबनी में दहशत फैला रखी थी. सिग्मा गैंग बिहार का एक उभरता हुआ आपराधिक गिरोह था, जो तस्करी, सुपारी किलिंग और फिरौती जैसे मामलों में सक्रिय था. पुलिस के अनुसार, यह गैंग पिछले कुछ वर्षों से नेपाल की सीमा के पार भी सक्रिय था. गिरोह के सदस्य अक्सर नेपाल भाग जाते थे, जिससे उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता था. इस गैंग ने सीतामढ़ी जिले में कई बड़ी हत्याओं को अंजाम दिया था. इनमें सबसे चर्चित ब्रह्मर्षि सेना के पूर्व जिलाध्यक्ष गणेश शर्मा की हत्या है. इसके अलावा मदन कुशवाहा और आदित्य सिंह की हत्या में भी रंजन पाठक और उसके साथियों का नाम सामने आया था. इन घटनाओं के बाद से यह गिरोह पुलिस के रडार पर था. एनकाउंटर में मारे गए कौन-कौन अपराधी दिल्ली पुलिस ने जिन चार अपराधियों को एनकाउंटर में मारा, उनकी पहचान इस प्रकार हुई… रंजन पाठक, पिता मनोज पाठक, निवासी मलहई, थाना सुरसंड, जिला सीतामढ़ी, बिहार (25 वर्ष) बिमलेश महतो उर्फ बिमलेश साहनी, पिता सुखला देवी, निवासी रतनपुर, थाना बजपट्टी, जिला सीतामढ़ी, बिहार (25 वर्ष) मनीष पाठक, पिता अरविंद पाठक, निवासी मलहई, थाना सुरसंड, जिला सीतामढ़ी, बिहार (33 वर्ष) अमन ठाकुर, पिता संजीव ठाकुर, निवासी शेरपुर, करावल नगर, दिल्ली (21 वर्ष) पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये चारों कई गंभीर आपराधिक मामलों में फरार और वांछित थे. इन पर हत्या, लूट, अपहरण और रंगदारी जैसे दर्जनों केस दर्ज थे. क्या है क्राइम कुंडली? बिहार पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि सिग्मा गैंग का नेटवर्क केवल सीतामढ़ी तक सीमित नहीं था. यह गिरोह नेपाल के जनकपुर और विराटनगर तक सक्रिय था. नेपाल में इनके ठिकाने थे, जहां से ये अपराध की योजना बनाते थे और बिहार में वारदात अंजाम देकर वापस नेपाल भाग जाते थे. हाल के महीनों में, पुलिस ने इनके कई ठिकानों पर छापे मारे थे लेकिन गैंग का सरगना रंजन पाठक बार-बार बच निकलता था. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बताया कि उन्हें बिहार पुलिस से इनपुट मिला था कि रंजन पाठक और उसके साथी दिल्ली में फर्जी पहचान के साथ छिपे हुए हैं और किसी बड़ी वारदात की तैयारी में हैं. जैसे ही टीम ने इन्हें रोकने की कोशिश की, अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई की. फिलहाल एनकाउंटर की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगा रही है कि रंजन पाठक दिल्ली में किसके संपर्क में था और क्या … Read more