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नई योजना: एक्सप्रेसवे पर झूलते बंदर और नीचे दौड़ते वाहन, देखिए कैसे होगा मज़ेदार संतुलन

नई दिल्ली दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बने एशिया के सबसे लंबे वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर पर जहां ऊपर वाहन फर्राटा भरेंगे, वहीं नीचे वन्यजीव आराम से विचरण कर सकेंगे। इसके साथ अब सड़क हादसों से बचाव के लिए एक और अनोखी पहल होने जा रही है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की ओर से यहां उत्तर प्रदेश का पहला मंकी लैडर तैयार किया जाएगा। यह लैडर खासतौर पर बंदरों के लिए बनाया जा रहा है, ताकि वह सड़क पार करते समय सीधे वाहनों की चपेट में न आएं और कॉरिडोर पर किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज कुमार मौर्य के अनुसार, यह मंकी लैडर पेड़ों से जुड़ा होगा। इससे बंदर आसानी से एक ओर से दूसरी ओर जा सकेंगे और उन्हें सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस तरह सड़क पर अचानक आने वाले वन्य जीवों से होने वाले हादसों की संभावना कम हो जाएगी। यह व्यवस्था वन्य जीवों और सड़क सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखकर की जा रही है। इस प्रयोग का उद्देश्य न केवल सड़क हादसों को रोकना है, बल्कि जैव विविधता की रक्षा करना भी है। एक्सप्रेसवे से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं और यदि वन्य जीवों के लिए सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलती है, तो यह मानवीय और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में मदद करेगा। बंदरों का यह सुरक्षित मार्ग पूरे उत्तर भारत के लिए मिसाल बन सकता है। ये उत्तर प्रदेश का पहला मंकी लैडर होगा। जो इस एक्सप्रेसवे पर तैयार किया जाएगा। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर एशिया का सबसे लंबा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर बना है, जिसके ऊपर वाहन फर्राटे भर सकेंगे। वहीं वन्यजीव आराम से घूम सकेंगे। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर एक बड़ा हिस्सा सहारनपुर की शिवालिक पहाड़ियों और राजाजी नेशनल पार्क से होकर गुजरता है। इस इलाके में बंदरों की संख्या बहुत ज्यादा है और अक्सर वे सड़क पर आ जाते हैं। इससे वाहन चालक भले ही धीमी गति से चलें, लेकिन अचानक सामने आने वाले बंदर सड़क हादसों का कारण बन जाते हैं। इस समस्या का समाधान करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर पर मंकी लैडर बनाने का निर्णय लिया है। मंकी लैडर का निर्माण यूपी में पहली बार किया जा रहा है। अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि इस पहल से सड़क पर होने वाले हादसे कम होंगे और वन्य जीवों की सुरक्षा बढ़ेगी। इसके अलावा यह परियोजना पर्यावरणीय शिक्षा का भी उदाहरण बनेगी, जिससे लोग जानवरों और उनके आवास के प्रति अधिक संवेदनशील होंगे। सहारनपुर के इलाके में वाहन चालक कई बार बंदरों से टकराने से बचते हैं, लेकिन अचानक आने से कई बार हादसे हो चुके हैं। मंकी लैडर से बंदर ऊपर से सुरक्षित सड़क पार करेंगे और वाहन चालकों को भी सुरक्षित यात्रा का मौका मिलेगा। इससे एक्सप्रेसवे पर यातायात में व्यवधान और दुर्घटनाओं की संभावना दोनों कम होंगी।  

सीमा सुरक्षा में सफलता: दिल्ली पुलिस ने दो बांग्लादेशियों को पकड़ा, डिपोर्टेशन का आदेश

नई दिल्ली दक्षिण-पश्चिम जिला की ऑपरेशन सेल की टीम ने अवैध तरीके से भारत में रह रहे दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी पिछले दो वर्षों से बिना वैध वीजा और दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे। पुलिस ने सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद एफआरआरओ (फरेनर्स रिजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस) दिल्ली की मदद से दोनों के खिलाफ डिपोर्टेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। अवैध व विदेशी प्रवासियों की पहचान और उन पर कार्रवाई के लिए दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस की कई टीमों को खुफिया जानकारी इकट्ठा करने का काम सौंपा गया था। इसी क्रम में इंस्पेक्टर विजय बलियान के नेतृत्व और एसीपी विजय पाल सिंह तोमर की देखरेख में एसआई विक्रम, एएसआई मनोज कुमार, एचसी सतपाल समोटा और महिला कांस्टेबल निर्मला की टीम का गठन किया गया। दिल्ली पुलिस की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर टीम को जानकारी मिली कि महिपालपुर इलाके में एक बांग्लादेशी नागरिक रहने के लिए जगह तलाश रहा है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मुखबिर की मदद से दो संदिग्धों की पहचान की गई। पूछताछ में जब उनसे वीजा और अन्य वैध यात्रा दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। दोनों ने स्वीकार किया कि वे करीब दो वर्ष पूर्व भारत आए थे और वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी यहीं ठहरे हुए थे। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों में से एक की पहचान मो. अब्दुलअजीज मियां (46) के रूप में हुई। वह बांग्लादेश के टांगाइल जिले का रहने वाला है। वहीं, दूसरे आरोपी की पहचान मो. रफीकुल इस्लाम (29) के रूप में हुई, जो बांग्लादेश के गाजीपुर जिले का रहने वाला है। जांच और सत्यापन के बाद दोनों की पहचान पुख्ता की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद एफआरआरओ दिल्ली के सहयोग से डिपोर्टेशन की कार्यवाही शुरू कर दी गई। दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह सफल ऑपरेशन एक बार फिर दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस के अवैध प्रवासियों के खिलाफ शून्य-सहनशीलता रुख और कानून व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।  

दिल्ली पुलिस ने चैतन्यानंद केस में उठाए अहम कदम, टॉर्चर रूम और सीसीटीवी की जांच

नई दिल्ली यौन शोषण के गंभीर मामले में आरोपी चैतन्यानंद पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। रविवार को पटियाला हाउस कोर्ट ने बाबा को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। इसके बाद, सोमवार तड़के दिल्ली पुलिस की टीम बाबा को उस इंस्टिट्यूट लेकर पहुंची, जहां कथित तौर पर छात्राओं का शोषण किया जाता था। दिल्ली पुलिस सोमवार तड़के चैतन्यानंद को इंस्टिट्यूट लेकर पहुंची। इस दौरान चैतन्यानंद को ग्राउंड फ्लोर पर बने टॉर्चर रूम में ले जाया गया, जहां वह छात्राओं को निजी तौर पर मिलने के लिए बुलाता था। पुलिस ने इंस्टिट्यूट में लगे सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन खंगाली और यह देखा कि किन कैमरों की एक्सेस बाबा के पास थी। साथ ही, इस बात की भी जांच हुई कि वह किस प्रकार छात्राओं की गतिविधियों पर नजर रखता था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर में धारा 351(3) जोड़ी है, जो गैर-जमानती अपराध है और हत्या की धमकी जैसे गंभीर अपराधों के लिए लगाई जाती है। इससे पहले इस मामले में धारा 351(2) लागू की गई थी, जो अपेक्षाकृत कम गंभीर मानी जाती है। पुलिस का दावा है कि बाबा ने अब तक 16 लड़कियों के साथ यौन शोषण किया है और इसके पुख्ता डिजिटल सबूत भी मौजूद हैं। पुलिस ने कोर्ट से बाबा और पीड़िताओं का आमना-सामना कराने तथा छिपाए गए डिजिटल सबूतों को इकट्ठा करने के लिए हिरासत की मांग की थी। दूसरी तरफ, बाबा के वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि पुलिस उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं कर रही है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि बाबा वरिष्ठ नागरिक और साधु हैं, जिनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है और पुलिस पहले ही उनका सारा सामान जब्त कर चुकी है। पुलिस की जांच में यह सामने आया कि बाबा ने बाथरूम तक में कैमरे लगाए थे, जिससे छात्राओं की निजता का गंभीर उल्लंघन होता था। पुलिस का कहना है कि पीड़ित लड़कियों को अल्मोड़ा, गुड़गांव और फरीदाबाद तक ले जाया जाता था। फिलहाल 16 लड़कियों ने इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। डिजिटल सबूतों को मजबूत बनाने के लिए पुलिस आईपी एड्रेस की भी जांच कर रही है। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।  

पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे दिल्ली BJP मुख्यालय का लोकार्पण, जानें खास बातें

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्मित मुख्यालय का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यालय पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय के बिल्कुल करीब स्थित है। दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने रविवार को संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया कि श्री मोदी नवरात्र सप्तमी के शुभ दिन, सोमवार को इस नए कार्यालय का उद्घाटन करेंगे। अब तक पार्टी का प्रदेश कार्यालय 14, पंत मार्ग से संचालित होता था, जो सोमवार से आधिकारिक तौर पर दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थानांतरित हो जाएगा। उद्घाटन समारोह और उपस्थिति कार्यालय उद्घाटन के इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, अनेक केंद्रीय मंत्री, दिल्ली सरकार के मंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारी और दिल्ली के सभी सांसद, विधायक और पार्षद उपस्थित रहेंगे। इस नए कार्यालय की नींव पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 9 जून 2023 को रखी थी। लगभग दो वर्ष में बनकर तैयार हुआ यह भवन अब दिल्ली भाजपा के कामकाज का नया केंद्र बनेगा। पार्टी ने लगभग 35 वर्षों तक अपनी राजनीतिक गतिविधियों को 14, पंत मार्ग स्थित कार्यालय से संचालित किया था। इससे पहले दिल्ली में पार्टी का पहला प्रादेशिक कार्यालय अजमेरी गेट हुआ करता था, जो बाद में रकाबगंज रोड और फिर पंत मार्ग पर लाया गया था। सांगठनिक विस्तार और नया पता भाजपा देश भर में अपने सांगठनिक जिलों के कार्यालयों का निर्माण करा रही है। इसके तहत, मजबूत राज्यों—जैसे मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों—के हर जिले में आधुनिक पार्टी कार्यालय बनाए जा रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली में भी पार्टी के सभी 14 सांगठनिक जिलों के कार्यालय बनाए जा चुके हैं। कार्यालय एक संस्कारशाला: वीरेन्द्र सचदेवा दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी का कार्यालय केवल एक भवन नहीं होता है, बल्कि यह एक संस्कारशाला है। उन्होंने कहा कि यह वह स्थान है, जहाँ भाजपा के कार्यकर्ता अपने बड़े नेताओं से जनता की सेवा और राष्ट्र निर्माण के गुण सीखते हैं। उन्होंने इस नए मुख्यालय को एक राजनीतिक कार्यकर्ता के चरित्र निर्माण की पाठशाला बताया, जहाँ 'राष्ट्र प्रथम, पार्टी दूसरे नंबर पर और स्वयं को सबसे नीचे' रखने की प्रेरणा मिलती है। सचदेवा ने आशा व्यक्त की कि पार्टी का यह नया प्रदेश कार्यालय दिल्ली की जनता की सेवा करने में एक ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा।  

फिर सहमी दिल्ली! एयरपोर्ट और कई स्कूलों को भेजी गई बम धमाके की चेतावनी

नई दिल्ली  देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर बम धमाके की धमकी से सहम गई। रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट, स्कूलों और कई संस्थानों को ईमेल के जरिये बम रखने की धमकी दी गई। इस धमकी भरे मेल के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया और तत्काल जांच शुरू कर दी गई। जैसे ही एयरपोर्ट और अन्य संस्थानों को मेल प्राप्त हुआ, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) और डॉग स्क्वॉड को मौके पर भेजा गया। एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही पर नजर रखी गई। स्कूलों व संस्थानों से बच्चों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, अब तक की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। दिल्ली पुलिस को अब तक की जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि मेल कहां से भेजा गया है। बता दें कि पिछले कुछ महीनों में दिल्ली में इस तरह के बम धमाके की झूठी धमकियों के कई मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले, 20 सितंबर को दिल्ली के कई स्कूलों को फिर से बम से उड़ाने की धमकी दी गई। धमकी मिलने वाले स्कूलों में नजफगढ़ का कृष्णा मॉडल पब्लिक स्कूल, कुतुब मीनार स्थित सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, और द्वारका का डीपीएस स्कूल शामिल थे। धमकी मिलने के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने सभी स्कूलों को खाली कराया और परिसरों में गहन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इसी तरह, 13 सितंबर को दिल्ली के शालीमार बाग, द्वारका और साकेत स्थित मैक्स के तीन अस्पतालों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। मैक्स हॉस्पिटल के सेंटर ऑफिस को मिले ईमेल में स्पष्ट धमकी दी गई थी कि अस्पताल को बम से उड़ा दिया जाएगा। हालांकि, यह भी अफवाह मात्र साबित हुई। इससे एक दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट को धमकी भरा एक ईमेल मिला। दिल्ली पुलिस को स्पष्ट रूप से संबोधित करते हुए लिखे गए ईमेल में कहा गया, “उदाहरण के तौर पर शुक्रवार को आपके दिल्ली हाईकोर्ट में धमाका पिछले झांसों का संदेह दूर कर देगा। दोपहर के तुरंत बाद जज चैंबर में धमाका होगा।”  

दिल्ली में गैंगस्टर नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, काला जठेड़ी गिरोह के 6 गुर्गे हथियारों संग गिरफ्तार

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात काला जठेड़ी गिरोह के अवैध हथियार नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। टीम ने गिरोह के मुख्य हथियार सप्लायर समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 6 अत्याधुनिक पिस्टल और 13 कारतूस बरामद किये गए हैं। क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदौरा ने बताया कि यह गिरफ्तारी अवैध हथियारों के धंधे में शामिल अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम की इस कार्रवाई से बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में सबसे पहले सहदेव उर्फ देव को हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के दौरान सहदेव ने खुलासा किया कि वह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से अवैध हथियार लाकर काला जठेड़ी गिरोह के विभिन्न सक्रिय सदस्यों को उनकी मांग पर सप्लाई करता था। सहदेव की निशानदेही पर ही पुलिस ने गिरोह के अपराधी साहिल को दिल्ली में गिरफ्तार किया। हर्ष इंदौरा ने बताया कि साहिल की निशानदेही पर पुलिस ने अत्याधुनिक पिस्टल और कारतूस बरामद किए, जिससे उसकी अवैध हथियारों के धंधे में शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गिरोह का सक्रिय सदस्य रोहित उर्फ बच्ची अपने साथियों के साथ नोएडा होते हुए दिल्ली आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर नोएडा-दिल्ली सीमा के पास उनकी कार को रोककर रोहित और उसके तीन अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी गिरफ्तारी के बाद, उनके कब्जे से भी अत्याधुनिक पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है, जल्द ही नए खुलासे हो सकते हैं। जांच में ये बात सामने आई है कि गिरोह के विभिन्न सदस्यों को उनकी मांग पर हथियारों की सप्लाई होती थी। ये लोग अब तक किस-किस को हथियार की सप्लाई करते थे, इसकी भी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।  

दिल्लीवासियों के लिए बड़ी सौगात: यमुनापार से हर कोने तक दौड़ेंगी 300 देवी बसें

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को यमुनापार के लोगों को 300 नई देवी (दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल इंटरकनेक्टर) बसों की सौगात दे दी। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्या दूर करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर नए रूट तय किए गए हैं। नई बसों के चलने के बाद अब डीटीसी के बेड़े में कुल 974 देवी बसें हो गई हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि कई इलाकों में बसें होने के बावजूद कनेक्टिविटी कमजोर थी। यात्रा करने में लंबा समय लगता था और भीड़ भी ज्यादा रहती थी। इसी चुनौती को दूर करने के लिए आईआईटी दिल्ली के सहयोग से वैज्ञानिक अध्ययन किया गया। इसके बाद ही पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ये नए रूट बनाए गए। ये नई देवी बसें यमुनापार को राजधानी के हर कोने से जोड़ेंगी।” मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा संकल्प है कि हर दिल्लीवासी को बराबर की सुविधा और सम्मान मिले। किसी को कोई परेशानी न हो। केंद्र और राज्य सरकार हमेशा जनता के साथ खड़ी है। पिछली सरकार पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निशाना साधते हुए कहा, “यमुना पार्क, ट्रांस यमुना, यहां तक कि जो ट्रांस यमुना डेवलपमेंट बोर्ड था, उसे भी पिछली सरकार के कार्यकाल में बंद कर दिया गया था, जिससे लोगों को परेशानी हो रही थी। आज हमने यमुना पार को 300 इलेक्ट्रिक बसें दी हैं। इसके साथ ही, हमने आईआईटी दिल्ली के साथ पूरे रूट को भी बदल दिया है।” उन्होंने कहा कि इन देवी बसों में कैमरे और पैनिक बटन लगाए गए हैं। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए इसे तैयार किया गया है। खास बात यह है कि हम लोगों ने इसमें पेमेंट का मोड भी ऑटोमेटिक कर दिया है जिससे किसी को कोई परेशानी न हो और वे आराम से यात्रा कर सकें। पटपड़गंज के पूर्व विधायक मनीष सिसोदिया पर भी हमला बोलते हुए रेखा गुप्ता ने कहा, “शिक्षा की बात करने वाले ने शिक्षा पर कोई काम नहीं किया। आज भी दिल्ली में टीन शेड के अंदर पढ़ाई हो रही है। जहां तक जलभराव की बात है, तो उनके लोग रील बनाने के लिए स्विमिंग करते हैं। मैं उनको यह बता दूं कि अगले साल उन्हें यह मौका नहीं मिलेगा।” मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि लोगों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह बस सेवा शुरू की गई है। यमुनापार में हर उस जगह बस पहुंचाई जाएगी जहां लोगों को जरूरत है।  

छात्र की हत्या से हिल गई दिल्ली: मंगोलपुरी में सात नाबालिग आरोपी हिरासत में

नई दिल्ली दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में अन्य नाबालिगों के साथ हुई झड़प में एक नाबालिग की मौत के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में 7 छात्रों को हिरासत में भी लिया गया है। जानकारी सामने आई कि स्कूल से छुट्टी होने के बाद स्कूली छात्रों के बीच झड़प हुई थी। कुछ छात्रों ने मिलकर एक छात्र को बुरी तरह से पीटा था। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में छात्र को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक और आरोपी, दोनों अलग-अलग स्कूलों में पढ़ाई करते थे। इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि छात्र का शुक्रवार सुबह आरोपी से झगड़ा हुआ था। बाद में आरोपी ने कुछ लड़कों के साथ मिलकर उसकी पिटाई की थी। बाहरी दिल्ली के डीसीपी ने पुष्टि की है कि मामले में 7 नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। इस बीच, एक अन्य मामले में दिल्ली पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कथित तौर पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की थी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, तिमारपुर थाना क्षेत्र में आरोपी स्कूटी पर जा रहे थे। उन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन किया। इस पर ट्रैफिक पुलिस के एसआई सूरज पाल रुकने का इशारा किया, लेकिन वे आरोपी सिग्नेचर ब्रिज की ओर भाग निकले। इसके बाद, पीछा करके एक पुलिसकर्मी ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि अपराधियों ने मिलकर अकेले पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की। मामले में तुरंत एक्शन लेते हुए सीसीटीवी की मदद से पुलिस ने 4 आरोपियों की पहचान की। बाद में इन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल, पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।  

स्पेशल टीम ने तोड़ा गैंगस्टर का राज: रूबल सरकार अब कानून के शिकंजे में

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हाशिम बाबा गैंग से जुड़े रूबल सरदार को गिरफ्तार किया। उसे पंजाब के अमृतसर एयरपोर्ट से पकड़ा गया। दिल्ली पुलिस को हाशिम गैंग के गैंगस्टर रूबल सरदार की तलाश थी। इस बीच दिल्ली पुलिस को जानकारी मिली कि वह अमृतसर एयरपोर्ट से कहीं जाने की तैयारी कर रहा है। सूचना के आधार पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम अमृतसर एयरपोर्ट पहुंची, जहां से आरोपी रूबल सरदार को गिरफ्तार किया गया। पहले ही उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर नोटिस जारी किया गया था। इससे पहले दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हाशिम बाबा गैंग के सक्रिय सदस्य और शूटर असद अमीन (23) को गिरफ्तार किया था। जाफराबाद निवासी आरोपी पर गोकलपुरी थाना क्षेत्र में हत्या की कोशिश का केस दर्ज है और लंबे समय से उसकी तलाश थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और तीन कारतूस बरामद किए थे। एसआई नवीन कुमार को 26 अगस्त को सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति बाराखंबा रोड मेट्रो स्टेशन के पास आने वाला है। इसके बाद इंस्पेक्टर गौरव चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जाल बिछाया और संदिग्ध को रोक लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से पिस्टल और कारतूस मिले। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी असद अमीन ने खुद को हाशिम बाबा गैंग का सक्रिय सदस्य बताया। उसने गोकलपुरी थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। गिरफ्तार आरोपी 10वीं की पढ़ाई के बाद जूते-चप्पल बनाने का काम करता था, लेकिन ऐशोआराम की जिंदगी जीने के लिए अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। अपने करीबी साथी अनस के जरिए वह हाशिम बाबा गैंग से जुड़ गया। आरोपी पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।  

सोनम वांगचुक को रिहा करने की मांग को लेकर आप का जोरदार कदम

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) ने शिक्षाविद् सोनम वांगचुक गिरफ्तारी को गलत करार देते हुए उनकी तत्काल रिहाई की माँग की है। आप के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने शनिवार को कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में पूरे देश के अंदर हुए घटनाक्रम बहुत डरावने है और हमारे लोकतंत्र को कमजोर करने वाले हैं। यह घटना मोदी सरकार के तानाशाही चरित्र को दिखाता है। कई वर्षों से लद्दाख को केंद्र शासित राज्य से पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है। इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व जाने-माने पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक कर रहे थे।  सोनम वांगचुक को एशिया का नोबल पुरस्कार कहे जाने वाले रमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। आठ से अधिक यूनिवर्सिटी ने उनको डॉक्टरेट की उपाधि दी है। खुद मोदी सरकार ने उनको कई सारे अवार्ड देकर सम्मानित किया है। इनके बावजूद श्री वांगचुक के ऊपर एनएसए लगाकर गिरफ्तार कर लिया गया। सरकार ने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक देशद्रोही और भारत के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से पूरे देश के अंदर देखा जा रहा है कि जो भी व्यक्ति भाजपा या मोदी सरकार के खिलाफ बोलता है, तो उस व्यक्ति को किसी एक्ट में फंसाकर उसे जेल भेज देती है। इसके जरिए भाजपा दिखाना चाहती है कि कोई भी व्यक्ति मोदी सरकार की आलोचना नहीं कर सकता है और ना तो मोदी सरकार के खिलाफ बोल सकता है। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का वादा किया था। लद्दाख के लोग मोदी सरकार से अपना वादा पूरा करने की ही मांग कर रहे हैं। श्री पाठक ने कहा कि आम आदमी पार्टी भारत से प्यार करने वाले, भारतीय लोकतंत्र के मूल्यों से प्यार करने वाले हर भारतीय को सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का विरोध करने की अपील करती है। मोदी सरकार की यह कार्रवाई भारतीय लोकतंत्र के खिलाफ है। मोदी सरकार की इस करतूत को देखकर आज हमारे संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. अंबेडकर, पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार बल्लभ भाई पटेल शर्मिंदा होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र की सत्ता में बैठी मोदी सरकार विपक्ष की आवाज को खत्म करने के लिए किसी भी हद तक जा रही है। आम आदमी पार्टी सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा करने और उन पर लगा एनएसए हटाने की मांग करती है। सरकार लद्दाख के लोगों की मांगों को सुने और उसे पूरा करे।