samacharsecretary.com

यमुना का पानी बढ़ा, दिल्ली के 8 इलाके जलमग्न – रिंग रोड और NH-154A पर रोक

नई दिल्ली दिल्‍ली-एनसीआर में गुरुवार 4 सितंबर 2025 को झमाझम बारिश हुई है. खासकर राष्‍ट्रीय राजधानी के संगम विहार, कालकाजी समेत महानगर के कई हिस्‍सों में बारिश हुई है. दिल्‍ली के सोनिया विहार इलाके में जमीन धंसने की घटना समने आई है. ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश की वजह से यमुना का जलस्‍तर खतरे के निशान को पार कर गया है. कई इलाकों में पानी भर गया है. सैकड़ों की संख्‍या में लोगों को सुरक्षित जगहों पर आश्रय लेना पड़ा है. हथिनी बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने की वजह से हालात और भी बिगड़ रहे हैं. पंजाब और जम्‍मू-कश्‍मीर में भी बाढ़ से स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है. पंजाब का हर जिला बाढ़ से प्रभावित है, जिसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने पूरे राज्‍य को आपदा प्रभावित घोषित कर दिया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्‍यों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. जम्‍मू-कश्‍मीर में मूसलाधार बारिश, बाढ़, लैंडस्‍लाइड और फ्लैश फ्लड के चलते हालात बेहद गंभीर हो गया है. पंपोर में बारिश से हालात इस कदर खराब हो चुके हैं कि राहत-बचाव के लिए सेना को उतरना पड़ा है. झेलम नदी लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके कारण बाढ़ का पानी लगातार नए इलाकों में घुस रहा है. इस वजह से आमलोगों की परेशानियां काफी बढ़ गई हैं. लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के साथ ही आर्मी के जवान झेलम के पानी को रोकने का प्रयास भी कर रहे हैं, ताकि हालात बिगड़े नहीं. राजस्‍थान में मूसलाधार बारिश से हालात खराब राजस्थान में जयपुर समेत कई जिले में भारी बारिश से हालात खराब है. जयपुर के पास कोटखावदा गांव भी सड़कों के दरिया बनने से टापू बन गया है. गांव के कई इलाके पानी में डूबे हैं. इस गांव की आस पास के छोटे गांव यानी ढाणियों के टापू बनने से ग्रामीण संकट में फंसे है. पानी की निकासी की कोशिश जारी है, इसके बावजूद संकट बना हुआ है. कोट खावदा गांव टापू में तब्‍दील हो गया है. कोट खावदा गांव की संपर्क सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई है. प्रभावित पीड़ितों को ट्रैक्टरों की मदद से बाहर निकाला जा रहा है. पंजाब सरकार ने आवंटित किया करोड़ों का फंड पंजाब सरकार ने आपदा की स्थिति से निपटने के लिए कुल 71 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है. सभी जिलों को पहले ही 35.50 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं. वित्त आयुक्त (माल) ने बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित 12 जिलों को 35.50 करोड़ रुपये के अतिरिक्त फंड जारी किए. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने कहा कि वह प्रदेशवासियों के नुकसान की भरपाई के लिए वचनबद्ध है और उसके लिए प्रयास करेगी.  चंबा में आपदा के बाद राहत कार्य तेज़, भरमौर एनएच की बहाली में जुटा प्रशासन आज का मौसम लाइव: हाल ही में हुई मूसलधार बारिश के चलते चंबा ज़िले की अधिकांश सड़कों पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया है. खासकर चंबा से भरमौर को जोड़ने वाला राष्ट्रीय उच्च मार्ग 154-A बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है. इस आपदा के चलते जहां मणिमहेश यात्रा के अधिकतर श्रद्धालु सुरक्षित रूप से अपने घरों को लौट चुके हैं, वहीं कुछ यात्री अब भी फंसे हुए हैं. उन्हें निकालने के लिए सरकार द्वारा हेलीकॉप्टर सेवाएं चलाई जा रही हैं. प्रशासन ने राहत और पुनर्बहाली कार्यों में तेजी लाने के लिए विशेष प्रयास शुरू कर दिए हैं. इसी कड़ी में बिलासपुर से एससी वर्ग के वरिष्ठ अधिकारी जीत सिंह ठाकुर को विशेष रूप से चंबा भेजा गया है. उन्हें इस मार्ग की बहाली की जिम्मेदारी सौंपी गई है और वे दिन-रात मौके पर निगरानी रख रहे हैं.  

बाढ़ से बेहाल दिल्ली, यमुना खतरे के निशान से ऊपर, खाने को सिर्फ बिस्किट

नई दिल्ली दिल्ली वालों को यमुना की लहरें डरा रही हैं। बाढ़ से हालात बिगड़ने लगे हैं। अपना घरबार छोड़ चुके लोग बिस्किट पर गुजारा कर रहे हैं। यमुना ने बुधवार को जलस्तर का एक रिकॉर्ड तोड़ दिया। दिल्ली में यमुना दोपहर 1 बजे 207 मीटर के निशान को पार कर गई। 1963 के बाद से यह 5वीं बार है जब यमुना ने 207 मीटर के निशान को पार किया है। केंद्रीय जल आयोग का अनुमान है कि रात 8 बजे तक यमुना का जलस्तर 207.40 मीटर तक पहुंच जाएगा। यमुना का जलस्तर कब कितना मीटर? 1- 2023 – 208.66 मीटर 2- 1978 – 207.49 मीटर 3- 2013 – 207.32 मीटर 4- 2010 – 207.11 मीटर दिल्ली में बिगड़ने लगे हालात दिल्ली के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सड़कें नदियां और बाजार तालाब बन गए हैं। यमुना नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से जान और सामान बचाने के लिए लोग सुरक्षित जगहों की ओर भाग रहे हैं। मजनू का टीला में दुकानदारों से लेकर मदनपुर खादर और बदरपुर में रहने वाले परिवार अब अस्थायी शेल्टरों में रह रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि निचले बाढ़ग्रस्त इलाकों से 7,500 से अधिक लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। याद आया 2023 का मंजर पुराने रेलवे पुल को यातायात के लिए बंद कर दिया है। मजनू का टीला में पानी गलियों में घुस गया है। इससे बाजार में सन्नाटा पसरा है। दुकानदार अनूप थापा ने कहा कि यह 2023 के बाद दूसरी बार हुआ है। उन्होंने रात 11 बजे अपनी दुकान खाली कर दी। फिर भी कुछ सामान खराब हो गया है। थापा, पत्नी और तीन साल की बेटी के साथ सड़क किनारे बने एक कैंप में चले गए हैं। सड़क किनारे प्लास्टिक तान रह रहे लोग मदनपुर खादर में अपनी झुग्गियां खो चुके परिवार सड़क के किनारे प्लास्टिक की पुरानी चादरें बांधकर रह रहे हैं। एक निवासी तैयरा ने कहा- हमारा सारा सामान अंदर है। हम मुश्किल से कुछ चीजें बाहर निकाल पाए। महिलाओं को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि कोई शौचालय नहीं है। आवारा कुत्ते भी बढ़ते पानी से बचने के लिए खाली पड़े घरों की सीढ़ियों पर चढ़ गए हैं। बिस्किट खाकर गुजार कर रहे लोग एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि परिवारों के पास न तो खाना है और ना ही बर्तन.. हम अपने खाना पकाने का सामान भी नहीं ला सके। अब हमारे पास खाना पकाने की कोई सुविधा नहीं है। लोग सिर्फ बिस्किट खाकर गुजारा कर रहे हैं। लोगों को अपने बुजुर्ग माता-पिता को कमर तक गहरे पानी में से पार कराते हुए देखा गया। कुछ लोग सड़क किनारे टेंटों में अपने बचाए हुए सामान के साथ बैठे नजर आए।

आपसी खटपट के बावजूद पंजाब मुद्दे पर साथ आईं स्वाति मालीवाल और केजरीवाल

नई दिल्ली  राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल और उन्हीं के पार्टी के सर्वेसर्वा अरविंद केजरीवाल के बीच संबंध कैसे हैं, किसी से छिपा नहीं है। सीएम रहते मुख्यमंत्री आवास में कथित पिटाई के बाद से तो स्वाति केजरीवाल पर और मुखर हो गई हैं। दो दिन पहले ही उन्होंने पंजाब में भयावह स्थिति पर केजरीवाल के वहां न जाने पर निशाना साधा था,लेकिन आज उन्होंने पूर्व सीएम की एक बात मान ली है। स्वाति मालीवाल अपनी 1 महीने की सैलरी बाढ़ पीढ़ितों की मदद के लिए दान देंगी। उन्होंने बकायदा एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है। स्वाति मालीवाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि देश में कहीं कोई संकट आए तो पंजाबी दिल खोलकर वहां सेवा करने पहुंचते हैं। आज पंजाब बाढ़ की चपेट में है, बहुत नुकसान हुआ है। मैं अपनी एक महीने की सैलरी पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए डोनेट कर रही हूं। ये बहुत छोटी पहल है लेकिन मुझे उम्मीद है और लोग इस पहल से जुड़ेंगे। वाहेगुरु जी सबकी मदद करें। स्वाति मालीवाल ने आगे कहा कि पूरे उत्तर भारत में बाढ़ आई हुई है- खासकर पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में। पंजाब में स्थिति बहुत गंभीर है। कई जानें जा चुकी हैं, और सबसे पहले, मैं उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं जिनका निधन हुआ है। दिल्ली में भी बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। मैं ITO, शास्त्री पार्क और यमुना बाजार भी गई थी, जहां पानी का स्तर काफी बढ़ गया है। सरकार लोगों को निकाल रही है; मैंने देखा है कि टेंट लगाए गए हैं और खाने-पीने का भी इंतजाम है। बता दें कि आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा था कि पार्टी के विधायक और सांसद बाढ़ प्रभावित राज्य को मदद पहुंचाने के लिए अपने एक महीने का वेतन पंजाब के मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी के दिल्ली, गुजरात, कश्मीर, गोवा और देश भर के सभी सांसद और विधायक बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए अपने एक महीने का वेतन पंजाब के मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर रहे हैं। आज पूरा देश पंजाब के साथ है।  

हमले के बाद और सख़्त हुई रेखा गुप्ता, नई व्यवस्था के साथ फिर शुरू की ‘जन सुनवाई’

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अपने ‘कैंप कार्यालय’ में जनसुनवाई फिर से शुरू की। एक पखवाड़े पहले ही जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने उन पर हमला कर दिया था। सुबह 8 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम के दौरान दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने अपनी-अपनी शिकायतें दर्ज कराईं और मुख्यमंत्री से मदद की गुहार की। अब टेबल-कुर्सी और माइक्रोफोन वाली व्यवस्था गुप्ता एक कुर्सी पर बैठी थीं, जबकि लोग एक-एक करके उनके सामने आकर अपने आवेदन जमा कर रहे थे और इस उद्देश्य के लिए उनकी मेज पर लगाए गए माइक्रोफोन के माध्यम से उनसे बातचीत कर रहे थे। इससे पहले गुप्ता अपने आवास-सह-कैंप कार्यालय में ‘जन सुनवाई’ के लिए एकत्रित लोगों के बीच जाती थीं और उनसे खुलकर बातचीत करती थीं। सुरक्षा में इजाफा मुख्यमंत्री के जनसुनवाई करने के दौरान महिला सुरक्षाकर्मियों सहित पुलिसकर्मियों ने उनके चारों ओर घेरा बना रखा था। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उचित सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, जिसमें मेटल डिटेक्टर से प्रतिभागियों की तलाशी लेना और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कार्यवाही की निगरानी करना शामिल था। गुप्ता पर 20 अगस्त को राज निवास मार्ग स्थित उनके ‘कैंप कार्यालय’, मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में जनसुनवाई के दौरान राजकोट (गुजरात) के एक व्यक्ति ने हमला किया था। 165 लोगों की सुनीं शिकायतें अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद और सरकार से मदद की गुहार लगाने के लिए बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं मुख्यमंत्री आवास पर एकत्रित हुए। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 165 लोगों ने मुख्यमंत्री को अपनी शिकायतें और सुझाव सौंपे, जिन पर उन्होंने आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस अवसर पर कई लोगों ने गुप्ता को गुलदस्ते देकर बधाई दी। क्या बोलीं सीएम दिल्ली की मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने समूची दिल्ली से आए लोगों से मुलाकात की और अधिकारियों को उनकी शिकायतों के तत्काल निवारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, ‘जनता से बातचीत मुझे हमेशा एक नई ऊर्जा से भर देती है और सेवा के प्रति मेरी प्रतिबद्धता को और गहरा करती है। जन सुनवाई एक नई परंपरा है।’ उन्होंने कहा, ‘जन सुनवाई के दौरान हर नागरिक की बात सुनी जाती है और हर सुझाव दिल्ली के विकास का प्रतीक बन जाता है।’ उन्होंने कहा कि जनसेवा और हर शिकायत का निवारण दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।  

मेट्रो विस्तार का बड़ा प्लान: दिल्ली-NCR में 18 नए कॉरिडोर, जुड़ेंगे 5 शहर

नई दिल्ली  दिल्ली और एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। जल्द ही मेट्रो नेटवर्क का दायरा और भी व्यापक होने जा रहा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने शहर और उससे जुड़े इलाकों में 18 नए मेट्रो कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। यह परियोजना सिर्फ कनेक्टिविटी नहीं बढ़ाएगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। दो चरणों में होगा मेट्रो विस्तार इस महापरियोजना को दो चरणों में विभाजित किया गया है: फेज-5A के तहत 3 कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा चुकी है। फेज-5B में बाकी 15 कॉरिडोर को शामिल किया गया है, जिसकी प्रक्रिया प्रगति पर है। इस पूरे विस्तार को केंद्र सरकार के नेशनल मोबिलिटी प्लान के तहत आर्थिक सहायता से क्रियान्वित किया जा रहा है। दिल्ली-NCR के 5 बड़े शहर होंगे जुड़ाव का हिस्सा नई योजना के तहत गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और बहादुरगढ़ जैसे एनसीआर के प्रमुख शहरों को भी सीधे दिल्ली मेट्रो से जोड़ा जाएगा। गाजियाबाद में सबसे ज्यादा-5 नए मेट्रो रूट्स की योजना बनाई गई है, जो निम्नलिखित हैं: -वैशाली से मोहन नगर -नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से साहिबाबाद -मयूर विहार फेज-3 से लोनी बॉर्डर -नया बस अड्डा से गाजियाबाद रेलवे स्टेशन -गोकुलपुरी से अर्थला -इसके अलावा कुछ अन्य प्रस्तावित रूट्स: -द्वारका सेक्टर-21 से उद्योग विहार, गुरुग्राम -तुगलकाबाद से नोएडा सेक्टर-142 -राजा नाहर सिंह से पलवल -बहादुरगढ़ से असुधा कुल नेटवर्क में 400+ किमी का इजाफा DMRC के मुताबिक, इन 18 प्रस्तावित रूट्स को मिलाकर करीब 404 किलोमीटर का नया नेटवर्क तैयार किया जाएगा। योजना के अनुसार, मेट्रो स्टेशनों को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि वो घर से सिर्फ 500 मीटर दूरी पर हों, जिससे आम जनता की सुविधा में जबरदस्त सुधार आएगा।    कहां तक पहुंचा फेज-4? वर्तमान में फेज-4 के तहत 6 कॉरिडोर में से 3 पर काम तेजी से चल रहा है: तुगलकाबाद से एयरोसिटी इंद्रप्रस्थ से आरके आश्रम मौजपुर से मजलिस पार्क तीनों मिलाकर कुल 65.15 किलोमीटर लंबे होंगे। साथ ही, इन रूट्स पर आधुनिक तकनीक से अंडरग्राउंड और एलिवेटेड स्टेशन बनाए जा रहे हैं। जैसे: इंद्रप्रस्थ से आरके आश्रम: 9.5 किमी लंबा, 8 भूमिगत स्टेशन एयरोसिटी से टर्मिनल: 2.3 किमी, 1 स्टेशन तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज: 4 किमी, 3 एलिवेटेड स्टेशन क्या मिलेगा फायदा? दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक जाम में भारी कमी यात्रियों को घर से मेट्रो तक आसान एक्सेस रोजगार के हजारों नए अवसर रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर  

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जलभराव, NCR में बारिश की चेतावनी जारी

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से बारिश का दौर थम नहीं रहा है। सोमवार को गुरुग्राम समेत एनसीआर के कई इलाकों में झमाझम बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने सोमवार को बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। बता दें कि सोमवार दोपहर से जारी भारी बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। कई जगहों पर जलभराव हो गया है, जिससे आम आदमी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर खांडसा के पास सर्विस लेन पर पानी भर गया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि मुख्य हाईवे पर भी जलभराव शुरू हो गया है। वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे हैं और कहीं-कहीं तो काफी देर तक रुके हुए नजर आ रहे हैं। शहर की मुख्य सड़कों का भी बुरा हाल है। शीतला माता रोड, सुभाष चौक, सेक्टर-9, 9ए और सेक्टर-10ए समेत पुराने और नए गुरुग्राम की कई कॉलोनियां जलमग्न हो गई हैं। कई इलाकों में घरों और दुकानों के सामने जलभराव से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर फिलहाल वाहन धीमी गति से चल रहे हैं। अगर शाम तक इसी तरह बारिश जारी रही तो हाईवे पर भारी जाम लगने की आशंका है। वहीं, आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश जारी रहेगी।

फर्जी कॉल से बुजुर्ग महिला से 44 लाख हड़पे, पहलगाम हमले का दिया हवाला

नोएडा गौतमबुद्ध नगर के नोएडा में अलग-अलग घटना के तहत 76 वर्षीय अविवाहित महिला समेत 3 लोगों से धोखाधड़ी करके साइबर अपराधियों ने करीब 84 लाख रुपये की ठगी कर ली। इस मामले में पीड़ितों ने साइबर अपराध थाने में रविवार रात को रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) प्रीति यादव ने बताया कि रविवार रात को 76 साल की अविवाहित महिला सरला देवी ने साइबर अपराध थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। सरला ने बताया कि वह अपने घर में अकेले रहती हैं और 18 जुलाई को उनके पास एक फोन कॉल आई थी। सरला ने कहा कि फोन कॉल करने वाली ने खुद को एयरटेल का अधिकारी बताते हुए अपना नाम नेहा शर्मा बताया था। शिकायत के मुताबिक, पीड़िता से कहा गया कि उनके एयरटेल के नंबर का इस्तेमाल जुआ खेलने और ‘ब्लैकमेल’ करने जैसी गतिविधियों में किया गया है। इस दौरान पीड़िता से कहा गया कि उनकी बात मुंबई पुलिस की अपराध शाखा से कराई जा रही है। शिकायत में सरला ने कहा है कि इसी बीच एक व्यक्ति ने एसीपी के रूप में उनसे बात किया और उसने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। उसने खुद को एसीपी संजय सिंह बताया तथा गिरफ्तारी वारंट के नाम पर उन्हें धमकाया। पहलगाम हमले का नाम लेकर ठग लिए 43.70 लाख शिकायत के मुताबिक, सरला से कहा गया कि उनके फोन नंबर का इस्तेमाल ऑनलाइन जुआ खेलने और पहलगाम हमले के आतंकवादियों को पैसा मुहैया कराने सहित विभिन्न मदों में किया गया है। उनसे कहा गया कि अगर आप गिरफ्तारी से बचना चाहते हैं तो हमारे बताए हुए खाता में रकम भेज दें। पीड़िता के अनुसार, उन्होंने विभिन्न खातों में करीब 43 लाख 70 हजार रुपये भेज दिए, लेकिन आरोपी उनसे 15 लाख रुपये की और मांग कर रहे हैं। महिला को जब शक हुआ तो उन्होंने एक वकील से बात की। डीसीपी ने बताया कि वकील ने महिला को बताया कि उनके साथ साइबर ठगी की गई है। इसके बाद उन्होंने बीती रात को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पिता का दोस्त बनकर ठगे 24 हजार पुलिस उपायुक्त ने बताया की बीती रात को यीशु मित्तल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह सेक्टर 75 में रहते हैं। पीड़ित के अनुसार, एक व्यक्ति ने उन्हें 28 अगस्त को फोन कॉल करके कहा कि वह उनके पिता का दोस्त है। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने यीशु मित्तल से कहा कि वह उनके पिता को कुछ रकम देना चाहता है इसलिए वह उसे अपने बैंक खाते का नंबर बता दें। आरोपी ने उन्हें अपने जाल में फंसाकर उनके खाते में कुछ रकम भेजी और कहा कि उनके खाते में गलती से ज्यादा रकम चली गई है, इसलिए अतिरिक्त राशि को वापस भेज दें। पीड़ित ने उसकी बात पर विश्वास करके उसके बताए गए खाते में 24 हजार 68 रुपये वापस भेज दिया। उन्होंने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। शेयर मार्केट के नाम पर 40 लाख ठगे पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) प्रीति यादव ने बताया कि साइबर अपराध थाने में ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी निवासी 63 वर्षीय सूर्य मोहन धर ने बीती रात को रिपोर्ट दर्ज कराई कि दो जुलाई को एक महिला ने वॉट्सऐप पर उनसे संपर्क करके खुद को एक कंपनी का कर्मचारी और शेयर मार्केट का जानकार बताया। शिकायत के मुताबिक, शुरुआत में महिला ने उन्हें शेयर की खरीद-बिक्री के बारे में सलाह दी और कुछ मुनाफा दिखाया। इसके बाद महिला पर विश्वास करके सूर्य मोहन ने 21 जुलाई से 12 अगस्त के बीच करीब 40 लाख 50 हजार रुपये उसके बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में जमा कर दिए। इसके बाद जालसाजों ने अपने-अपने नंबर बंद कर लिए और पीड़ित को वॉट्सऐप ग्रुप से बाहर कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।  

CM रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान: दिल्ली में 100 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर हर महीने

नई दिल्ली दिल्ली में आम लोगों को इलाज के लिए अब दूर-दूर के बड़े अस्पतालों में भागना नहीं पड़ेगा। राजधानी की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 29 अगस्त को ऐलान किया कि अब हर महीने करीब 100 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे। इसका मकसद है कि लोगों को उनके घर के पास ही इलाज की बुनियादी सुविधाएं मिलें और सरकारी अस्पतालों पर दबाव कम हो। हर मोहल्ले में बनेगा आधुनिक हेल्थ सेंटर मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि पहले ये हेल्थ सेंटर सिर्फ 100 गज की जमीन पर बन रहे थे, लेकिन अब जहां सरकारी जमीन बड़ी है, वहां बड़े हेल्थ सेंटर बनाए जाएंगे। इससे पार्किंग, बड़े हॉल और इमरजेंसी सुविधाएं भी मिलेंगी। रेखा गुप्ता ने बताया कि पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी अपग्रेड करके आयुष्मान आरोग्य मंदिर में बदला जा रहा है। इससे पूरे दिल्लीवासियों को फायदा मिलेगा। पैसे की कोई कमी नहीं, केंद्र से मिली बड़ी मदद मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मदद से दिल्ली सरकार को इस योजना के लिए केंद्र सरकार से 2,400 करोड़ रुपये की राशि मिल चुकी है। इससे ना तो नए भवन बनाने में और ना ही संचालन में कोई अड़चन आएगी। फिलहाल दिल्ली में 67 आयुष्मान आरोग्य मंदिर काम कर रहे हैं, लेकिन आने वाले महीनों में इनकी संख्या तेजी से बढ़ेगी। इसका फायदा खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को मिलेगा। 12 जरूरी सेवाएं होंगी हर आरोग्य मंदिर में नए आरोग्य मंदिरों में सिर्फ ओपीडी ही नहीं, बल्कि जरूरी जांच और इलाज की 12 प्रमुख सेवाएं मुफ्त में मिलेंगी। इनमें शामिल हैं:     गर्भवती महिलाओं की जांच और प्रसव सेवाएं     नवजात, बच्चों और किशोरों की स्वास्थ्य जांच     परिवार नियोजन सेवाएं     संक्रामक और गैर-संचारी बीमारियों का इलाज     मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं     बुजुर्गों की देखभाल और पालीएटिव केयर     आंख, कान-नाक-गला और दांतों की जांच और इलाज     इसके अलावा, हर केंद्र पर लैब टेस्टिंग और दवाइयां भी मुफ्त दी जाएंगी। डॉक्टर, स्टाफ और सुविधाएं सब तैयार सरकार ने पहले ही आदेश दे दिए हैं कि इन केंद्रों के लिए डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, टीबी विशेषज्ञ, डेटा एंट्री ऑपरेटर और मल्टी पर्पज स्टाफ की भर्ती की जाए। हर सेंटर को आधुनिक लैब, दवाइयों का पूरा स्टॉक, आरामदायक फर्नीचर और साफ-सुथरे टॉयलेट्स से लैस किया जाएगा। यह सारी व्यवस्थाएं तय मानकों के अनुसार की जाएंगी ताकि किसी भी मरीज को परेशानी न हो। “आरोग्य मंदिर बनेंगे दिल्ली की पहचान” – सीएम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अब दिल्ली की जनता को सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए अस्पतालों की लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ये हेल्थ सेंटर अब “भरोसे और स्वास्थ्य का प्रतीक” बनेंगे। उन्होंने जनता से अपील की कि इन आरोग्य मंदिरों का ज्यादा से ज्यादा लाभ लें और अपनी सेहत का ध्यान रखें।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में रह रहे पाकिस्तानी हिंदुओं को हटाने के मामले में सरकार से मांगा जवाब

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में रह रहे पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उन्हें बेदखल करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह आदेश दिल्ली हाईकोर्ट के 30 मई के फैसले पर रोक लगाते हुए दिया गया, जिसमें शरणार्थियों की याचिका को खारिज कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। शरणार्थियों की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी और एक-पक्षीय अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी। विष्णु शंकर जैन के मुताबिक, दिल्ली के 'मजनू का टीला' इलाके में एक हजार से अधिक पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थी रह रहे थे। डीडीए ने इन परिवारों को हटाने के लिए नोटिस जारी किया था। शरणार्थियों ने डीडीए के नोटिस को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की थी, लेकिन राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने शरणार्थियों की याचिका को खारिज कर दिया था। उन्होंने बताया, "पहले सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि सरकार इस मामले में कोई स्पष्ट नीति नहीं बना पा रही है और नीति निर्माण कोर्ट का कार्यक्षेत्र नहीं है, इसलिए अदालत कोई प्रभावी आदेश पारित नहीं कर सकती।" अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि यह सबसे अहम है कि जब यह मामला पहली बार हाईकोर्ट पहुंचा था, तो कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। अब केंद्र सरकार की नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत यह स्पष्ट नीति है कि 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान से भारत आए सभी विस्थापित हिंदुओं को भारतीय नागरिकता दी जाएगी। जैसे ही किसी को नागरिकता मिलती है, संविधान का अनुच्छेद 21, जीवन और सम्मान का अधिकार, उन पर लागू हो जाता है।

WHO मानक से 22 गुना ज्यादा प्रदूषण, दिल्लीवासियों की सेहत पर खतरा

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली की हवा अब इंसानों की जिंदगी के लिए गंभीर खतरा बन गई है। शिकागो विश्वविद्यालय के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट (EPIC) द्वारा जारी एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स (AQLI) 2025 रिपोर्ट के अनुसार, अगर मौजूदा प्रदूषण स्तर बरकरार रहा तो दिल्लीवासियों की औसत उम्र 8.2 साल तक घट सकती है। रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर है। यहां 2023 में PM2.5 (सूक्ष्म कण) का औसत स्तर 111.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का मानक सिर्फ 5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। यानी दिल्ली की हवा WHO मानक से 22 गुना ज्यादा जहरीली है। विशेषज्ञों के मुताबिक, राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के पीछे कई कारण हैं। इनमें सबसे बड़ा योगदान वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक इकाइयों और पावर प्लांट्स से उत्सर्जन, और हरियाणा-पंजाब में पराली जलाना है। इसके अलावा, निर्माण कार्य और धूल भी प्रदूषण को बढ़ा रहे हैं। दिल्ली की हवा: दुनिया में सबसे खराब शिकागो विश्वविद्यालय के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट (EPIC) द्वारा तैयार की गई एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स (AQLI) रिपोर्ट सैटेलाइट डेटा के आधार पर दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में वायु प्रदूषण का आकलन करती है। रिपोर्ट बताती है कि प्रदूषण किस तरह लोगों की सेहत और जीवन प्रत्याशा को प्रभावित कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में दिल्ली में PM2.5 का स्तर 111.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का मानक सिर्फ 5 माइक्रोग्राम है। यानी दिल्ली की हवा WHO मानक से 22 गुना ज्यादा जहरीली है। विशेषज्ञों का कहना है कि PM2.5 कण बेहद सूक्ष्म होते हैं, जो फेफड़ों में गहराई तक पहुंचकर सांस की बीमारियां, हृदय रोग और फेफड़ों के कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बनते हैं। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर प्रदूषण का मौजूदा स्तर बरकरार रहा तो दिल्लीवासियों की औसत आयु 8.2 साल तक घट सकती है। यह आंकड़ा किसी भी शहर में प्रदूषण से होने वाली सबसे बड़ी जीवन हानि को दर्शाता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गंगा का मैदानी क्षेत्र, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश शामिल हैं, दुनिया का सबसे प्रदूषित इलाका है। यहां करीब 60 करोड़ लोग रहते हैं और प्रदूषण के कारण उनकी सेहत पर सबसे गंभीर असर पड़ रहा है। दिल्ली क्यों डूब रही है जहर में? विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली की जहरीली हवा के पीछे स्थानीय और क्षेत्रीय दोनों कारण जिम्मेदार हैं। इनमें प्रमुख हैं: वाहनों का धुआं: दिल्ली में 1.2 करोड़ से अधिक वाहन हैं। डीजल और पेट्रोल से निकलने वाला धुआं PM2.5 का बड़ा स्रोत है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, वाहनों का योगदान कुल प्रदूषण में 30-40% तक है। औद्योगिक प्रदूषण: दिल्ली-एनसीआर के आसपास की फैक्ट्रियां और थर्मल पावर प्लांट कोयले पर चलते हैं, जिनसे निकलने वाली सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड PM2.5 कणों में बदल जाते हैं। पराली जलाना: हरियाणा और पंजाब में अक्टूबर-नवंबर के दौरान पराली जलाने से दिल्ली की हवा और बिगड़ जाती है। IITM पुणे के अध्ययन के मुताबिक, 2023 में इससे 15-20% तक प्रदूषण बढ़ा। निर्माण और धूल: सड़कों की धूल और निर्माण गतिविधियां कुल प्रदूषण का करीब 20% हिस्सा हैं। बिना ढके मलबे और अनियोजित निर्माण इसके बड़े कारण हैं। अन्य कारण: घरेलू स्तर पर कोयला जलाना, कचरा जलाना और सर्दियों में तापमान गिरने से हवा में कण फंस जाते हैं, जिससे प्रदूषण और बढ़ जाता है। 8.2 साल का नुकसान क्यों? AQLI की गणना के अनुसार, PM2.5 का हर 10 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की वृद्धि जीवन प्रत्याशा को औसतन 0.64 साल कम कर देती है। दिल्ली में PM2.5 का स्तर WHO मानक से 106.4 माइक्रोग्राम ज्यादा है, जिसके चलते लोगों की औसत आयु में 8.2 साल की कमी आ सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके गंभीर प्रभाव सामने आ रहे हैं: सांस की बीमारियां: अस्थमा, ब्रॉन्काइटिस और COPD के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लंग केयर फाउंडेशन के अनुसार, दिल्ली के 30% बच्चे सांस की समस्या से पीड़ित हैं। हृदय रोग: PM2.5 खून में मिलकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाता है। 2023 में दिल्ली के 20% हार्ट अटैक के मामले सीधे प्रदूषण से जुड़े पाए गए। कैंसर और अन्य रोग: फेफड़ों का कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियों में बढ़ोतरी हो रही है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा खतरा है। आर्थिक नुकसान: प्रदूषण से स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च में इजाफा हुआ है। लैंसेट स्टडी के अनुसार, 2023 में भारत को प्रदूषण की वजह से 1.36 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। दिल्ली की हवा को साफ कैसे करें? विशेषज्ञों ने प्रदूषण कम करने के लिए कई तात्कालिक उपाय सुझाए हैं, जिन्हें सख्ती से लागू करने की जरूरत है। वाहन नियंत्रण: इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाए, BS-VI मानक सख्ती से लागू हों और पुराने डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगे। दिल्ली सरकार ने 2025 तक 25% इलेक्ट्रिक बसें लाने का लक्ष्य रखा है। औद्योगिक उत्सर्जन: कोयला आधारित पावर प्लांट्स में फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन (FGD) तकनीक लगाई जाए। 2024 तक दिल्ली-NCR में लगभग 50% प्लांट्स में यह तकनीक लागू होनी है। पराली जलाने पर रोक: पंजाब और हरियाणा में पराली प्रबंधन के लिए हैप्पी सीडर जैसी मशीनें और सब्सिडी उपलब्ध कराई जाए। 2023 में पराली जलाने की घटनाएं 20% तक कम हुई थीं। निर्माण नियंत्रण: धूल कम करने के लिए ग्रीन कवर और वॉटर स्प्रिंकलिंग पर जोर दिया जाए। 2024 में दिल्ली में GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) और सख्ती से लागू किया जा रहा है। जागरूकता और हरियाली: पेड़ लगाने और कचरा जलाने पर रोक को लेकर जनता को जागरूक किया जाए। DDA डेटा के अनुसार, 2023 में दिल्ली में 1 करोड़ पेड़ लगाए गए। क्षेत्रीय सहयोग: दिल्ली और आसपास के राज्यों के बीच एयरशेड मैनेजमेंट और एकीकृत नीति बनाई जाए, ताकि प्रदूषण नियंत्रण में सामूहिक प्रयास हो सके। AQLI 2025 की रिपोर्ट दिल्ली के लिए खतरे की घंटी दिल्ली की हवा अब जीवन के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है। रिपोर्ट बताती है कि प्रदूषण के मौजूदा स्तर पर दिल्लीवासियों की औसत आयु 8.2 साल कम हो सकती है। यह किसी भी शहर के लिए प्रदूषण से होने वाली सबसे बड़ी जीवन हानि है। विशेषज्ञों का कहना … Read more