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वैवाहिक झगड़ों में बच्चे को हथियार बनाने पर हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी

नई दिल्ली  दिल्ली हाईकोर्ट ने तलाक के एक मामले की सुनवाई करते हुए अपने एक अहम फैसले में कहा है कि वैवाहिक विवाद में नाबालिग बच्चे को हथियार के रूप में इस्तेमाल करना गलत है। हाईकोर्ट ने यह माना है कि पति या पत्नी द्वारा नाबालिग बच्चे को जानबूझकर दूसरे माता-पिता से अलग करने की कोशिश न सिर्फ मनोवैज्ञानिक क्रूरता है, बल्कि यह तलाक का वैध आधार हो सकता है। हाईकोर्ट ने यह फैसला एक महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया, जिसने सितंबर 2021 में एक फैमिली कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें क्रूरता के आधार पर विवाह को भंग कर दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की बेंच ने 19 सितंबर को दिए अपने आदेश में कहा कि वैवाहिक विवादों में बच्चे को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने से न केवल दूसरे माता-पिता को नुकसान पहुंचता है, बल्कि बच्चे के भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डालता है और इससे पारिवारिक सद्भाव की नींव कमजोर होती है। इस जोड़े की शादी मार्च 1990 में हुई थी, जिससे उनका एक बेटा हुआ और पत्नी ने 2008 से साथ रहने से इनकार कर दिया। इसके चलते पति ने 2009 में तलाक के लिए अर्जी दी थी। सितंबर 2021 में निचली अदालत ने उस व्यक्ति को तलाक दे दिया, जिसके खिलाफ महिला ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। महिला का दाव- पति यौन संबंध बनाने को तैयार नहीं था महिला ने अपनी याचिका में कहा कि उसने अपने पति से नाता नहीं तोड़ा, बल्कि तलाक की अर्जी दायर करने के बाद भी अपने बेटे के साथ ससुराल में ही रहती रही। उसने आगे कहा कि उसका पति यौन संबंध बनाने को तैयार नहीं था और उसके ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट की थी। वहीं, इसके महिला के पति ने अपनी याचिका में मौजूदा मुलाकात आदेशों के बावजूद अपने बेटे से संपर्क बनाए रखने की अपनी नाकाम कोशिशों का जिक्र किया। उसने दावा किया कि उसने चार-पांच बार अपने बच्चे से मिलने की कोशिश की, लेकिन बच्चे ने उससे बात करने से इनकार कर दिया। आखिरकार उसने यह मुलाकातें बंद कर दीं। पति ने आगे दावा किया कि तलाक की अर्जी दायर करने के बाद महिला ने उसके और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ कई आपराधिक शिकायतें दर्ज कराईं। मनोवैज्ञानिक क्रूरता का एक गंभीर रूप जस्टिस शंकर द्वारा लिखित फैसले में हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा, ''नाबालिग बच्चे को प्रतिवादी से जानबूझकर अलग-थलग करना मनोवैज्ञानिक क्रूरता का एक गंभीर रूप है। वैवाहिक विवाद में बच्चे को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने से न केवल प्रभावित माता-पिता को चोट पहुंचती है, बल्कि बच्चे की भावनात्मक स्वास्थ्य भी नष्ट हो जाता है और पारिवारिक सौहार्द की जड़ पर आघात पहुंचता है।'' हाईकोर्ट ने अपने 29 पन्नों के फैसले में यह भी माना कि वैवाहिक यौन संबंध से लगातार वंचित रखना क्रूरता की पराकाष्ठा है। कोर्ट ने कहा, "यह सर्वविदित है कि यौन संबंध और वैवाहिक कर्तव्यों का निर्वहन शादी का आधार है, उनके लिए लगातार इनकार करना न केवल वैवाहिक जीवन के बिखराव को दर्शाता है, बल्कि क्रूरता का भी प्रतीक है जिसके लिए न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी है।"  

दिल्लीवासियों के लिए राहत: 6 दिन तक मौसम रहेगा साफ, मगर पड़ोसी राज्यों में बरसात जारी

नई दिल्ली  दिल्ली में बारिश का दौर थम सा गया है और तेज धूप निकल रही है. ऐसे में लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. शनिवार को भी दिल्ली में चिलचिलाती धूप ने लोगों की हालत खराब कर दी. आगे भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. क्योंकि दिल्ली में अगले 6 दिन तक बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है. 21 से 26 सितंबर तक दिल्ली में मौसम साफ रहेगा. दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. आने वाले दिनों में भी इतना ही तापमान रहने का अनुमान है. वहीं 21 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, उत्तर प्रदेश, बिहार में भारी बारिश होने की संभावना है. 21 से 24 सितंबर को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, ओडिशा में भारी बारिश होने की संभावना है.   उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश का मौसम पहाड़ी राज्यों पर बारिश का कहर लगातार जारी है. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में आगे भी मौसम विभाग की ओर से बारिश होने की संभावना जताई गई है. इसके अलावा 21 सितंबर को मराठवाड़ा और गुजरात क्षेत्र में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. 21 और 22 सितंबर को कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र में भारी बारिश होने की संभावना है. इन राज्यों में बारिश की संभावना अगले 5 दिनों के दौरान पूर्वी भारत में गरज के साथ छीटें पड़ने और तेज रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. 21 से 24 सितंबर के दौरान असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश होने की संभावना है. 21 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश हो सकती है. अगले 4 से 5 दिनों के दौरान उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में बिजली कड़कने के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. 21 और 22 सितंबर को तमिलनाडु, रायलसीमा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश होने की संभावना है. 21, 24-26 सितंबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और तेलंगाना में भारी बारिश होने की संभावना है. अगले 5 दिनों के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में तेज रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. 21 से 25 सितंबर के दौरान इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है.

EVM हैकिंग को लेकर दिल्ली में राजनीति गरमाई, रेखा गुप्ता के बयान पर केजरीवाल ने किया पलटवार

नई दिल्ली  कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार वोट चोरी को लेकर मुद्दा उठा रहे हैं. वो चुनाव आयोग और बीजेपी पर वोट चोरी को लेकर आरोप लगा रहे हैं. इसी बीच राहुल गांधी की तरफ से EVM हैक को लेकर उठाए गए सवालों पर दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता से सवाल पूछा गया. इस सवाल पर रेखा गुप्ता ने जो जवाब दिया वो अब वायरल हो गया है. साथ ही दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने रेखा गुप्ता के बयान को अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा, ये क्या कह रही हैं. दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता से सवाल पूछा गया कि राहुल गांधी कहते हैं कि आप ईवीएम हैक कर लेती हैं? ईवीएम हैक करने की वजह से ही बीजेपी-एबीवीपी जीत रही है. चुनाव आयोग हर जगह आपके साथ है इसीलिए आप जीत हासिल कर रहे हैं. इस सवाल पर जवाब देते हुए सीएम ने कहा, 70 साल से वो ईवीएम हैक कर रहे थे, तो कुछ नहीं हो रहा था. हमने कर लिया तो बुरा लग गया. यह सही है मामला. EVM को लेकर दिया बयान सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, मतलब वो अगर जीते तो जनता का आदेश और हम जीत गए तो ईवीएम हैक. यह फॉर्मूला कौन सी किताब में लिखा है? राहुल गांधी ने यह पढ़ाई कहां से की है. राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, देश की भोली-भाली जनता को गुमराह करने के अलावा राहुल गांधी को और कुछ आता है. राहुल गांधी ने कहा था कि वोट चोरी के खिलाफ GEN-Z आवाज उठाएंगे. इस सवाल पर रेखा गुप्ता ने कहा, अभी दिल्ली यूनिवर्सिटी के चुनाव में पता चल गया कि GEN-Z किसके साथ हैं. राहुल गांधी पर साधा निशाना सीएम रेखा गुप्ता ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा, कांग्रेस ने लगातार देश को लूटा. साथ ही उन्होंने कहा, देश की जनता मोदी जी के साथ है. साथ ही उन्होंने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा, केजरीवाल सिर्फ मीडिया में दिखते हैं. सीएम रेखा गुप्ता के ईवीएम को लेकर दिए इस बयान को आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शेयर किया है. केजरीवाल ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, दिल्ली की सीएम ये क्या कह रही हैं. वोट चोरी पर राहुल का हमला लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार वोटचोरी पर निशाना साध रहे हैं. उन्होंने पहले वोट चोरी को लेकर एटम बम गिराने की बात की. इसी के बाद अब उन्होंने बिहार में वोटर अधिकार यात्रा के समापन पर कहा था कि वो वोट चोरी को लेकर हाइड्रोजन बम गिराएंगे. हाल ही में राहुल गांधी ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने वोट कटने का आरोप लगाया. राहुल गांधी का आरोप है कि साजिश के तहत ऑनलाइन वोट बड़े पैमाने पर काटे जा रहे हैं. इसमें वो लोग ज्यादा शिकार हो रहे हैं, जो सामान्य दशा में विपक्ष को वोट देते आए हैं. इसी के साथ कांग्रेस इससे पहले लगातार ईवीएम को लेकर निशाना साधती रही है और इसके हैक होना का दावा करती रही है.  

अब दिल्ली में गाड़ियां बिना रुके दौड़ेंगी, जानें सरकार का हाईटेक ट्रैफिक समाधान

नई दिल्ली  दिल्ली को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने और रिंग रोड को बेहतर बनाए रखने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. लोक निर्माण विभाग (PWD) ने रिंग रोड के रखरखाव और मरम्मत को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसे आठ हिस्सों में बांटने का फैसला किया है. प्रत्येक हिस्से की जिम्मेदारी चीफ इंजीनियर स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है. दिल्ली को भीड़भाड़ से मुक्त बनाने के लिए बनाए गए रिंग रोड को बेहतर रखरखाव और मरम्मत के लिए आठ हिस्सों में बांटकर किया गया है.प्रत्येक हिस्सों की निगरानी के लिए एक चीफ इंजीनियर स्तर के अधिकारी नियुक्त किया जाएगें. 48 किलोमीटर लंबी रिंग रोड पर 14 से अधिक बड़े जंक्शन हैं, जहां अक्सर जाम की स्थिति बनती है. सड़कों की खराब स्थिति, नालियों की गंदगी और हरित क्षेत्र की उपेक्षा को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं. इसी को ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा ने हाल ही में अधिकारियों के साथ रिंग रोड का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और कई निर्देश दिए. अब लोक निर्माण विभाग के विशेष सचिव ने एक आदेश जारी कर कहा है कि रिंग रोड के प्रत्येक खंड की नियमित निगरानी की जाएगी. इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों की टालमटोल प्रवृत्ति पर रोक लगाना और उनकी जवाबदेही तय करना है. दिल्ली रिंग रोड सुधार योजना के तहत जिन इलाकों को आठ हिस्सों में बांटा गया है, उनमें शामिल हैं पहला प्रगति मैदान से कश्मीरी गेट ब्रिज तक है. दूसरा सिविल लाइंस से मुकरबा चौक तक है. तीसरा शालीमार बाग ब्रिज से ब्रिटानिया चौक तक है. चौथा पंजाबी बाग से मानसरोवर गार्डन तक है. पांचवां मायापुरी फ्लाईओवर से दिल्ली कैंट तक है. छठा धौला कुआं से वर्ल्ड ट्रेड सेंटर तक है. सातवां सरोजिनी नगर से लाजपत नगर पुल तक है. आठवां श्रीनिवासपुरी से मिलेनियम पार्क तक है. इस फैसले से रिंग रोड के रखरखाव की जिम्मेदारी स्पष्ट होगी और समय पर मरम्मत और सफाई सुनिश्चित होगी. सरकार का दावा है कि इससे दिल्लीवासियों को बेहतर और सुरक्षित सड़क पहुंच मिलेगी.

डीडीए की बड़ी घोषणा: 1172 फ्लैटों के लिए बुकिंग शुरू, जल्द करें आवेदन वरना रह जाएंगे पीछे

नई दिल्ली दिल्ली में आम लोगों के लिए एक अच्छी खबर है. दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने जनसाधारण आवास योजना 2025 के तहत 1172 फ्लैटों की बिक्री प्रक्रिया शुरू कर दी है. ये फ्लैट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और जनता श्रेणी के लिए हैं. बुकिंग प्रक्रिया सोमवार, 22 सितंबर 2025 से शुरू हो चुकी है और यह 21 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगी. फ्लैटों का आवंटन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा डीडीए की ओर से यह योजना पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर चलाई जा रही है, यानी जो पहले आवेदन करेगा, उसे पहले फ्लैट मिलेगा. इन फ्लैटों की कीमतें अपेक्षाकृत कम रखी गई हैं ताकि आम लोग भी अपना घर बनाने का सपना पूरा कर सकें. फ्लैट कहां-कहां उपलब्ध हैं? ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स, नरेला, लोकनायकपुरम, द्वारका सेक्टर-14, द्वारका सेक्टर-19बी और मंगलपुरी, जनता फ्लैट्स, टोडापुर और रोहिणी को आवेदन के हिसाब से आवंटित किया जाएगा. योजना का लाभ लेने से पहले जान लें ये बात योजना की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. सभी फ्लैट्स रेडी टू मूव इन (तत्काल रहने योग्य) के आधार पर होगा. ये फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी होंगी. इच्छुक खरीदार साइट विजिट भी कर सकते हैं. आवेदक की वार्षिक आय 10 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. आवेदन के लिए ₹2500 की नॉन-रिफंडेबल रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी. योजना का लाभ लेने के लिए यहां से लें जानकारी इन फ्लैटों से जुड़ी सभी जानकारियां डीडीए की आधिकारिक वेबसाइट [https://dda.gov.in/](https://dda.gov.in/) पर उपलब्ध हैं. इसके अलावा, DDA के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800110332 पर कॉल कर जानकारी ली जा सकती है. 

सावधान! दिल्ली में 12 दिन तक कुछ मुख्य रास्ते रहेंगे बंद, ट्रैफिक प्लान बनाएं पहले से

दिल्ली  राजधानी दिल्ली के लाल किला मैदान में 22 सितंबर से 3 अक्टूबर 2025 तक रामलीला और दशहरा पर्व का भव्य आयोजन किया जाएगा. इस दौरान भारी संख्या में दर्शक लाल किला और आसपास के क्षेत्रों में जमा होंगे. भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि इस दौरान यातायात सुचारू रूप से चल सके और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.  22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक दिल्ली के ये रास्ते रहेंगे बंद  इस आयोजन के दौरान नेताजी सुभाष मार्ग, दिल्ली गेट से छत्ता रेल चौक तक यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. शाम 5 बजे से रात 12 बजे तक डीटीसी बसें और अन्य व्यावसायिक वाहन डायवर्ट किए जाएंगे. इससे न केवल लालकिला और आसपास के मार्गों पर भीड़ नियंत्रित रहेगी, बल्कि वाहन चालकों को भी मार्ग बदलने के लिए समय पर जानकारी मिल सकेगी.  गाड़ी पार्किंग के लिए निर्देश जारी  पार्किंग के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं. बिना लेबल वाले वाहनों के लिए पार्किंग माधवदास पार्क, तिकोना पार्क, सुनेहरी मस्जिद, परेड ग्राउंड, दंगल मैदान, ओमैक्स मॉल और चर्च मिशन रोड में निर्धारित की गई है. वहीं, लेबलधारी वाहन अलग-अलग समितियों और आयोजकों के लिए विशेष रूप से निर्धारित क्षेत्रों में पार्क होंगे.   ट्रैफिक सेंट्रल रेंज डीसीपी निशांत गुप्ता ने जनता से विशेष अपील की है कि वे सड़क किनारे पार्किंग से बचें और अधिक से अधिक मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन का प्रयोग करें. उन्होंने कहा कि पुलिस के दिशा-निर्देशों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है ताकि न केवल आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो, बल्कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से बचा जा सके.  इस वर्ष के रामलीला और दशहरा पर्व में न केवल भव्य मंच, रोशनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी, बल्कि सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. दर्शक सुरक्षा और सुविधा दोनों के लिहाज से ट्रैफिक पुलिस द्वारा निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा. यह आयोजन न केवल दिल्लीवासियों के लिए उत्सव का अवसर है, बल्कि शहर के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को भी दर्शाता है. 

कल से दिल्ली में शुरू हो रही रामलीला, जानें वो स्पॉट्स जहाँ पूरा परिवार मना सकता है मज़ा

दिल्ली  दिल्ली में नवरात्रि और दशहरा के पावन अवसर पर भव्य रामलीलाओं का आयोजन हर साल की तरह इस बार भी शुरू हो रहा है. कल से राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में रामलीला मंचन की गूंज सुनाई देगी. इन आयोजनों में न सिर्फ दिल्ली बल्कि NCR और दूर-दराज से भी हजारों लोग शामिल होते हैं. परिवार संग रामलीला देखने का अपना ही आनंद है. आइए जानते हैं दिल्ली की सबसे फेमस रामलीला के बारें में जानतें है. लव कुश रामलीला समिति, लालकिला मैदान: यह दिल्ली की सबसे भव्य और ऐतिहासिक रामलीलाओं में गिनी जाती है. यहां बड़े-बड़े फिल्मी सितारे भी अलग-अलग भूमिकाएं निभाते हैं. जहां पहुचने के लिए नजदीकी मेट्रो स्टेशन लालकिला और चांदनी चौक से आसानी से पहुच सकते है. जो 22 सितंबर से शुरू होगी और 3 अक्टूबर तक चलेगी. श्री धार्मिक रामलीला समिति, रामलीला मैदान (नई दिल्ली): देश की सबसे पुरानी रामलीलाओं में से एक है. यहां हर साल हजारों लोग रामायण के जीवंत मंचन को देखने आते हैं. यह नजदीकी मेट्रो स्टेशन नई दिल्ली के पास है. नवरत्न रामलीला समिति, द्वारका: पश्चिमी दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में आयोजित यह रामलीला नई तकनीक और भव्य मंच सज्जा के लिए प्रसिद्ध है. इसके नजदीकी मेट्रो स्टेशन द्वारका सेक्टर-12 है. श्री रामलीला समिति, अशोक विहार: उत्तर-पश्चिम दिल्ली की मशहूर रामलीला, जहां सामाजिक संदेशों को भी रामायण के साथ जोड़ा जाता है. यहां पहुचने के लिए नजदीकी मेट्रो स्टेशन कन्हैया नगर है. मॉडल टाउन रामलीला समिति: यहां आधुनिक लाइटिंग और साउंड इफेक्ट्स के साथ भव्य आयोजन किया जाता है. इसके नजदीकी मेट्रो स्टेशन मॉडल टाउन है.

गर्मी से बेहाल दिल्लीवासी, मौसम विभाग ने दी राहत की उम्मीद

दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में मानसून की विदाई का समय करीब आने के साथ ही बारिश का आंकड़ा भी घट गया है। फिलहाल राजधानी में बारिश की गतिविधियों पर ब्रेक लग गया है। बीते 24 घंटे में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई। बारिश की कमी के चलते एक बार फिर गर्मी सताने लगी है। आज भी दिल्ली में मौसम साफ रहने के आसार हैं। इस दौरान बारिश की कोई भी संभावना नहीं जतई गई है। दिल्ली में 26 सितंबर तक बारिश के आसार नहीं, मौसम विभाग के अनुसार आज दिल्ली में अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया जा सकता है। राजधानी में सोमवार को भी मौसम साफ रहने के आसार हैं। साथ ही दिन में तेज धूप भी निकलेगी। अगल 4 से 5 दिनों तक राजधानी में कहीं भी बारिश होने की संभावना नहीं है। 26 सितंबर तक दिल्ली में मौसम साफ बना रहने का अनुमान है। 22 से 26 सितंबर तक राजधानी में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री के बीच रह सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। दिल्ली में शनिवार को आसमान आमतौर पर साफ रहा। इस दौरान राजधानी में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस औसत तापमान से 0.9 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.7 डिग्री कम 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी के अनुसार शनिवार को शाम 5.30 बजे दिल्ली में सापेक्षिक आर्द्रता का स्तर 57 फीसदी रहा।

नोएडावासियों के लिए बड़ी सौगात: भंगेल एलिवेटेड रोड जल्द होगी शुरू

नोएडा  भंगेल एलिवेटेड रोड और सेक्टर-95 में स्थित नोएडा जंगल ट्रेल पार्क के अक्तूबर में शुरू होने की उम्मीद है. ये दोनों परियोजनाएं शहर के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं और इनका लोकार्पण लोगों के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक होगा. हाल ही में शासन ने नोएडा प्राधिकरण को पत्र भेजकर लोकार्पण और शिलान्यास के लिए विभिन्न परियोजनाओं की सूची मांगी है. इससे यह स्पष्ट होता है कि शासन इन परियोजनाओं की प्रगति पर ध्यान दे रहा है, लेकिन इस महीने इनका लोकार्पण होने की संभावना कम है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का शुभारंभ करने ग्रेटर नोएडा आएंगे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे. उनके 24 सितंबर को ग्रेटर नोएडा आने की संभावना है. यह ट्रेड शो 29 सितंबर तक चलेगा और इस दौरान कई परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया जा सकता था. हालांकि, शुक्रवार को मुख्यमंत्री और उनकी टीम ने अगले सप्ताह किसी परियोजना के लोकार्पण या शिलान्यास कार्यक्रम के लिए हरी झंडी नहीं दी. इससे यह संकेत मिलता है कि भले ही परियोजनाएं तैयार हैं, लेकिन उनका लोकार्पण अभी टल सकता है.

शादी में नुकसान पहुंचाने पर पत्नी ने पति की प्रेमिका से मांगा हर्जाना

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया है कि अगर किसी तीसरे व्यक्ति ने जानबूझकर हस्तक्षेप करके शादी को नुकसान पहुंचाया है, तो जीवनसाथी उस प्रेमी/प्रेमिका पर हर्जाने के लिए मुकदमा कर सकता है। यह फैसला तब आया जब कोर्ट ने एक मामले में समन जारी किया, जिसमें एक पत्नी ने अपने पति की कथित प्रेमिका से 'एलियनएशन ऑफ अफेक्शन' (Alienation of Affection) के लिए 4 करोड़ का हर्जाना मांगा है। 'एलियनएशन ऑफ अफेक्शन' (AoA) एक 'टॉर्ट' (Tort) है, जिसका अर्थ है 'सिविल गलती' या 'दीवानी दोष'। यह कानून पुरानी एंग्लो-अमेरिकन कॉमन लॉ व्यवस्था से आया है। यह किसी जीवनसाथी को उस तीसरे पक्ष से पैसों का मुआवज़ा मांगने की अनुमति देता है, जिस पर शादी तोड़ने या प्यार और स्नेह को खत्म करने का आरोप है। इन 'हार्ट बाम' टॉर्ट्स (विवाहित जीवन को भावनात्मक नुकसान पहुंचाने वाले कानूनी दावे) को भारत के किसी भी कानून में संहिताबद्ध (Codified) नहीं किया गया है। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने अपने आदेश में कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम समेत भारत के वैवाहिक कानून, परिवार अदालत (Family Court) में किसी तीसरे पक्ष के खिलाफ कोई कानूनी उपचार (Remedy) नहीं देते हैं। इसलिए, उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में, गलत हस्तक्षेप से हुए नुकसान के लिए सिविल कोर्ट में मुआवजे का दावा सुना जा सकता है। यह दंपति 2012 में शादी के बंधन में बंधे थे और 2018 में उनके जुड़वां बच्चे हुए। आरोपी प्रेमिका पति की कंपनी में विश्लेषक (Analyst) के रूप में शामिल हुई और यह जानने के बावजूद कि वह शादीशुदा था, उसके साथ घनिष्ठ संबंध बना लिया। 2023 में पति ने क्रूरता (Cruelty) के आधार पर तलाक के लिए अर्जी दी, जिसके बाद पत्नी ने इसी साल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और प्रेमिका से हर्जाना (Damages) मांगा। पत्नी का पक्ष रखते हुए वकील मालविका राजकोटिया ने कहा कि पत्नी ने तर्क दिया कि उसे अपने पति के प्यार और साथ (Affection and Companionship) का अधिकार था, जिसे जानबूझकर उससे छीन लिया गया। पति के वकील प्रभजीत जौहर ने कहा कि इस मुकदमे का विरोध करते हुए कहा कि व्यभिचार (Adultery) का मामला पहले से ही फैमिली कोर्ट में विचाराधीन है और सिविल कोर्ट का यह केस तलाक की कार्यवाही के खिलाफ केवल एक 'जवाबी हमला' है। प्रेमिका पक्ष के वकील केसी जैन ने मुकदमे की वैधता को चुनौती देते हुए तर्क दिया कि यह केस एक ही मुद्दे पर समांतर कार्यवाही शुरू करने जैसा है। उन्होंने आगे यह भी तर्क दिया कि वह महिला (पत्नी) उनसे हर्जाना नहीं मांग सकती, क्योंकि पुरुष के साथ बातचीत न करने या संबंध न बनाने की उन पर कोई कानूनी बाध्यता नहीं थी। कोर्ट ने इस बात से असहमति जताई और कहा कि तलाक की कार्यवाही चल रही होने के बावजूद भी हर्जाने (Damages) के लिए सिविल दावा करने से नहीं रोका जा सकता। जस्टिस कौरव ने कहा, "न तो हिंदू विवाह अधिनियम और न ही कोई अन्य वैवाहिक कानून किसी तीसरे पक्ष के खिलाफ कोई कानूनी उपचार (Remedy) प्रदान करता है।" उन्होंने आगे कहा, "कानूनी रोक (Statutory Bar) न होने की स्थिति में, एक जीवनसाथी तीसरे पक्ष के कथित हस्तक्षेप के लिए सिविल कोर्ट में हर्जाना मांग सकता है।" कोर्ट ने कहा, "यहां, याचिका में एक तीसरे पक्ष की सिविल गलती (Third-Party Tort) का दावा किया गया है और उस गलती के लिए आर्थिक मुआवजा मांगा गया है। ऐसा दावा पूरी तरह से सामान्य सिविल कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आता है, न कि केवल फैमिली कोर्ट के। समांतर वैवाहिक कार्यवाही (तलाक का केस) चल रही हो, तब भी यह अलग से दायर किया गया हर्जाने का सिविल मुकदमा रुकावट नहीं बनेगा।" फैसले में यह भी कहा गया कि निजी स्वतंत्रता, जिसमें रिश्ते को समाप्त करना या बदलना शामिल है, अपराध नहीं है, लेकिन इसके नागरिक परिणाम (Civil Consequences) हो सकते हैं। कोर्ट ने कहा, "जब एक जीवनसाथी शादी टूटने से कानूनी नुकसान का दावा करता है, तो कानून यह मानता है कि उस नुकसान को पहुँचाने वालों से मुआवज़ा मांगा जा सकता है।" अमेरिकी न्यायविद वेस्ली न्यूकॉम्ब होहफेल्ड का हवाला देते हुए कोर्ट ने आगे कहा,"अगर किसी जीवनसाथी का वैवाहिक साथ, अंतरंगता और साहचर्य (Marital Consortium, Intimacy, and Companionship) में एक संरक्षित हित है, तो तीसरे पक्ष का यह कर्तव्य है कि वह जानबूझकर और गलत तरीके से हस्तक्षेप न करे। हालांकि, इसी समय, जीवनसाथी को व्यक्तिगत चुनाव करने की स्वतंत्रता भी बरकरार रहती है। जहां जीवनसाथी का आचरण पूरी तरह से स्वैच्छिक और गैर-मजबूर होता है (यानी, वह अपनी मर्जी से संबंध बनाता है), वहां उसकी यह स्वतंत्रता तीसरे पक्ष की देनदारी (Liability) को खत्म कर देगी।"