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रेखा गुप्ता का संदेश: चुनौतियों से डरना नहीं, साहस से सामना करना चाहिए

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने विरोधियों को बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी आसुरी शक्ति से डरने वाली नहीं हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार को श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) के वार्षिक दिवस समारोह को संबोधित कर रही थीं। अपनी व्यक्तिगत यात्रा साझा करते हुए, सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय में एक छात्र नेता के रूप में अपने दिनों को याद किया। उन्होंने कहा, "मुझे तूफानों से जूझने की आदत है। जब मैं डूसू प्रेसिडेंट थी, तो एक बार एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुतला फूंकते समय एक समझदार व्यक्ति ने केरोसिन की जगह पेट्रोल डाल दिया था, जिसके कारण मेरा चेहरा जल गया। मुझे एक-डेढ़ महीने इस हालात से गुजरना पड़ा था।" कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने आगे कहा, "छोटी उम्र में भी, मेरा मानना ​​था कि आगे बढ़ते रहना चाहिए। आज दिल्ली की जनता की शक्ति और आशीर्वाद से मैं चुनौतियों का साहस के साथ सामना कर रही हूं।" उन्होंने खुद को शक्तियों का अंबार बताते हुए कहा कि मैं किसी भी असुरी शक्ति से डरने वाली नहीं हूं। मुख्यमंत्री ने कहा, "जब तक दिल्ली को उसके अधिकार नहीं मिल जाते, मैं लगातार संघर्ष करती रहूंगी। न डरूंगी, न थकूंगी और न ही हार मानूंगी।" उन्होंने यह भी कहा कि अपने ऊपर हुए हमले के बावजूद उनकी हिम्मत और संकल्प पहले से और मजबूत हुए हैं। श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) ने शनिवार को अपना 99वां वार्षिकोत्सव मनाया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं। रेखा गुप्ता अपने ऊपर हुए हमले के बाद सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने कॉलेज का शताब्दी लोगो लॉन्च किया। इस मौके पर सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन पर बल देते हुए कहा कि देश और दिल्ली को बेहतर बनाने में हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों से राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "एसआरसीसी के 99वें वार्षिकोत्सव पर परिसर में शिक्षकों और छात्रों से संवाद का अवसर मिला। सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को ढेरों शुभकामनाएं। एशिया के सर्वश्रेष्ठ कॉमर्स कॉलेज का यह गौरवशाली सफर हम सबके लिए गर्व का विषय है। कॉलेज जीवन की यादें सचमुच सुनहरी होती हैं। चाहे जीवन में हम कितनी भी ऊंचाइयां क्यों न छू लें, वे दिन हमेशा मन में ताजा रहते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा रही हूं, इसलिए यह वातावरण मुझे अपने ही पुराने दिनों में लौटा ले गया।"

TV सीरियल का सपना दिखाकर नाबालिग से 24 लाख की ठगी, ‘बंटी-बबली’ गिरफ्तार

नई दिल्ली दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले के साइबर थाना पुलिस ने बॉलीवुड फिल्म ‘बंटी और बबली’ की तर्ज पर ठगी करने वाले दो शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों की पहचान तरुण शेखर शर्मा और आशा सिंह उर्फ भावना के रूप में हुई है. दोनों खुद को टीवी सीरियल्स के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर बताकर लोगों को स्टार प्लस और हॉट स्टार पर प्रसारित होने वाले धारावाहिकों में ब्रेक दिलाने का झांसा देते थे. भोले-भाले युवाओं को अपने जाल में फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने यूट्यूब वीडियो देखकर ठगी करना सीखा था. आलीशान जीवन जीने की चाह में दोनों देशभर के महंगे होटलों में रुकते थे और ऐशोआराम की जिंदगी बसर करते थे. फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अब तक कितने लोगों को इन दोनों ने अपने झांसे में लेकर चूना लगाया है. पुलिस ने बताया कि मामला तब सामने आया जब डाबरी के रघु नगर निवासी एक व्यक्ति ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में कहा गया कि उनकी नाबालिग बेटी एकता कपूर की एकेडमी से एक्टिंग और मॉडलिंग का डिप्लोमा कर रही है. सीरियल्स में काम पाने की तलाश में वह इंटरनेट खंगाल रही थी. इसी दौरान उसे फेसबुक पर एक पेज मिला, जिसमें स्टार प्लस के एक मशहूर धारावाहिक के लिए नए कलाकारों की तलाश का दावा किया गया था. यहीं से आरोपी युवती और उसके परिवार से संपर्क में आए और खुद को फर्जी डायरेक्टर-प्रोड्यूसर बताकर विश्वास जीत लिया. बाद में ठगी की पूरी कहानी सामने आई. पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने ठगी करने की ट्रेनिंग यूट्यूब वीडियो से ली थी और आलीशान जिंदगी जीने के लिए देशभर के महंगे होटलों में ठहरते थे. शिकायत के अनुसार, जब पीड़िता ने फेसबुक पेज पर दिए गए लिंक पर क्लिक किया तो वह सीधे एक वॉट्सऐप नंबर पर रीडायरेक्ट हो गई. उस नंबर से जुड़े शख्स ने खुद को पीयूष शर्मा बताया. उसने दावा किया कि वह एमटीवी स्प्लिट्सविला का पूर्व प्रतिभागी रह चुका है और अब डायरेक्टर के तौर पर काम करता है. पीयूष शर्मा ने नाबालिग युवती से उसका पोर्टफोलियो मांगा और आगे भरोसा जीतने के लिए उसे टीवी जगत के फेमस डायरेक्टर-प्रोड्यूसर राजन शाही का नंबर दिया. उसने युवती से कहा कि वह इस रेफरेंस से संपर्क करे, जिससे उसे स्टार प्लस के लोकप्रिय सीरियल में काम मिलने का मौका मिल सकता है. राजन शाही के नाम पर बने फर्जी प्रोफाइल ने भी युवती से पोर्टफोलियो मांगा और उसे सिंटा (सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन) की कथित एचआर डायरेक्टर अनीता से संपर्क करने को कहा. इसके बाद रोल दिलाने का वादा किया गया और अलग-अलग बहानों से बड़ी रकम मांगी जाने लगी. धीरे-धीरे पीड़िता ने लगभग 24 लाख रुपये आरोपियों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए. जैसे ही रकम पूरी तरह हाथ लग गई, आरोपियों ने युवती और उसके परिवार को ब्लॉक कर दिया. यूट्यूब से सीखी ठगी, आलीशान जिंदगी जी रहे थे आरोपी पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ठगी की ट्रेनिंग यूट्यूब वीडियो देखकर ली थी. आलीशान जिंदगी जीने के लिए वे देशभर के महंगे होटलों में ठहरते और ऐशोआराम करते थे. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की गई. टीम ने टेक्निकल सर्विलांस, डिजिटल फुटप्रिंट और मनी ट्रेल का गहन विश्लेषण किया. जांच में पता चला कि आरोपी पीड़ितों से बातचीत के लिए सिर्फ वॉट्सऐप का इस्तेमाल करते थे और लखनऊ, गुजरात, मध्य प्रदेश, केरल और कर्नाटक के होटलों से ठगी को अंजाम दे रहे थे. वे लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे ताकि पुलिस की पकड़ में न आ सकें. रणनीतिक निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग की मदद से आखिरकार पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया. अब उनसे पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि कितने और लोग इनके शिकार बने हैं. तरुण लखनऊ का निवासी तो आशा दिल्ली की रहने वाली मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई. टेक्निकल सर्विलांस, डिजिटल फुटप्रिंट और मनी ट्रेल की मदद से आरोपियों का लोकेशन ट्रेस किया गया. लगातार निगरानी के बाद टीम ने कर्नाटक, बेंगलुरु में छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार किया. उस समय आरोपी एक दो कमरों के सर्विस अपार्टमेंट में रह रहे थे. पुलिस ने उनके कब्जे से 7 स्मार्टफोन, 10 सिम कार्ड, 8 एटीएम कार्ड, 15 बैंक चेकबुक और पासबुक बरामद किए हैं. इनमें कई आपत्तिजनक सबूत भी मिले हैं. आरोपियों का बैकग्राउंड तरुण शेखर शर्मा (32 वर्ष): लखनऊ, उत्तर प्रदेश के निराला नगर का रहने वाला. आशा सिंह उर्फ भावना (29 वर्ष): दिल्ली के नांगलोई, बक्करवाला की निवासी. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनके जाल में और कितने लोग फंसे हैं और कुल कितनी रकम हड़पी गई है. आलीशान लाइफस्टाइल और नेटवर्क पुलिस ने बताया कि आरोपी देशभर के द ललित, क्राउन प्लाजा, वेलकम होटल जैसे महंगे होटलों में ठहरते थे. ठगी के लिए उन्होंने करीब 15 बैंक अकाउंट खोले और 10 से ज्यादा सिम कार्ड अलग-अलग राज्यों के पते से जारी करवाए थे. पुराने मामलों में भी वॉन्टेड पकड़े गए दोनों आरोपी पहले से ही चार अन्य मामलों में संलिप्त पाए गए हैं — उत्तर प्रदेश: 2 केस दिल्ली: 1 केस जम्मू-कश्मीर: 1 केस (अब भी वॉन्टेड) पुलिस अब इनसे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनके जाल में और कितने लोग फंसे हैं तथा कितनी रकम ठगी गई है. FIR और अन्य शिकायतें दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में दक्षिण-पश्चिम जिले के साइबर थाने में बीएनएस की धाराओं 318(4)/319(2)/61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है. अब तक की पड़ताल में देशभर से जुड़ी 20 एनसीआरपी शिकायतें पुलिस के हाथ लगी हैं. मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों के नेटवर्क का पूरा पता लगाने में जुटी है.

नेशनल हाईवे पर फिसलन से वाहनों की रफ्तार ठहरी, दिल्ली-कानपुर मार्ग पर लंबा जाम

आगरा दिल्ली-कानपुर नेशनल हाईवे पर केके नगर के पास शुक्रवार सुबह किसी वाहन से चिकनाई युक्त केमिकल सड़क पर गिर पड़ा। इससे सड़क पर फिसलन हो गई। यहां से गुजरने वाले कई वाहन फिसलने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया। कैंटर मेट्रो की बैरिकेडिंग से टकरा गया, इससे उसका चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। पांच घंटे तक कानपुर की ओर जाने वाली लेन पर यातायात प्रभावित रहा। ट्रैफिक पुलिस ने मेट्रो के निर्माण में जुटे कर्मियों के सहयोग से सड़क की धुलाई कराई। इसके बाद यातायात सामान्य हो सका। नेशनल हाईवे पर कानपुर की ओर जाने वाली लेन पर केके नगर के पास शुक्रवार सुबह 10 बजे किसी वाहन से तेल की तरह का केमिकल सड़क पर गिर गया। इससे सड़क पर फिसलन हो गई। यहां से गुजरने वाले दोपहिया वाहन सवार फिसलकर गिरने लगे। इसी बीच एक ट्रक और उसके पीछे चल रहा कैंटर भी फिसल गया। स्थानीय लोगों के अनुसार कैंटर आगे चल रहे ट्रक से रगड़ता हुआ मेट्रो की बैरिकेडिंग से टकरा गया। इससे कैंटर की केबिन क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। सिकंदरा थाना और ट्रैफिक पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल चालक को अस्पताल भिजवाने के साथ ही क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त कैंटर को हटवाया। इस कारण हाईवे पर जाम लग गया। सड़क पर फिसलन होने के कारण पुलिस ने बैरियर लगाकर यातायात को कंट्रोल किया। ट्रैफिक पुलिस ने मेट्रो के निर्माण में जुटे कर्मचारियों और प्रेशर मशीन से सड़क कि धुलाई कराई। मिट्टी और चूना सड़क पर डाला। इस बीच दोपहर तीन बजे तक हाईवे पर यातायात प्रभावित होने से पांच घंटे तक जाम की स्थित रही। केके नगर से लेकर सिकंदरा मंडी तक वाहन जाम में फंसे रहे। वाहन चालक राजेश कुमार ने बताया कि करीब दो दर्जन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए। जिसमें दोपहिया वाहनों की संख्या सबसे ज्यादा दी। इंस्पेक्टर सिकंदरा नीरज शर्मा ने बताया कि किसी वाहन से तेल जैसा केमिकल सड़क के कुछ हिस्से में गिर गया था। इस कारण वहां फिसलन हो गई थी। जाम के कारण परेशान रहे लोग हाईवे पर यातायात प्रभावित होने के कारण जाम में सैकड़ों वाहन फंस गए। इस कारण वाहन सवार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग गर्मी और प्यास से परेशान रहे। पुलिसकर्मियों ने बैरियर लगाकर वाहन निकलवाने की कोशिश की, लेकिन मेट्रो की बैरिकेडिंग लगी होने के कारण जगह कम होने से वाहन निकालने में परेशानी आई।

तहसीन सैयद का क्या कनेक्शन? रेखा गुप्ता पर हमले में नया गिरफ्तारी

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। हमलावार राजेश खिमजी सकारिया की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने अब गुजरात के राजकोट से उसके एक साथी को पकड़ा है। राजकोट में पूछताछ के बाद उसे हिरासत में लिया गया और पुलिस दिल्ली के लिए रवाना हो गई। आरोपी का नाम तहसीन सैयद बताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने राजकोट में जिस तहसीन सैयद को हिरासत में लिया है, उस आरोप है कि उसने हमलावर राजेश खिमजी को पैसे भेजे थे। तहसीन ने दिल्ली में आकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला करने वाले राजेश को 2000 रुपये ट्रांसफर किए थे। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक तहसीन ऑटोरिक्शा चालक है और उसने सकारिया को गूगल-पे के माध्यम से 2000 रुपये भेजे थे। 5 लोगों से संपर्क में था राजेश बताया गया है कि पुलिस ने राजकोट में राजेश खिमजी सकारिया से जुड़े कुल 5 लोगों से पूछताछ की और सैयद को अपने साथ दिल्ली ले गई। बताया जा रहा है कि दिल्ली आने के दौरान सकारिया अपने शहर के 5 लोगों के संपर्क में था। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। क्या हमले में शामिल था सैयद पुलिस दिल्ली में तहसीन सैयद से विस्तृत पूछताछ करेगी। यह पता लगाया जा रहा है कि वह इस हमले में राजेश के साथ किस तरह और किस हद तक जुड़ा हुआ था? क्या दोनों ने मिलकर यह साजिश रची थी? इस तरह के कई सवालों के जवाब पुलिस अभी तलाश रही है। दिल्ली में दोनों का आमना-सामना भी कराया जा सकता है। राजेश खुद को बता रहा पशु प्रेमी राजकोट के कोठारिया रोड निवासी 41 साल के राजेश खिमजी सकारिया ने 20 अगस्त को दिल्ली में 'जन सुनवाई' कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला कर दिया था। उसने कथित तौर पर मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारा और बाल खींचे। सकारिया का दावा है कि वह पशु प्रेमी है और कुत्तों पर दिल्ली सरकार के रुख से नाराज था। हालांकि, पुलिस अभी उसके दावों की पड़ताल कर रही है।  

रेखा गुप्ता के कार्यक्रम में घुसकर नारेबाजी, हमले के बाद बढ़ी सुरक्षा

नई दिल्ली  जनसुनवाई में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले के बाद अब एक बार फिर उनके कार्यक्रम में बड़ी घटना हुई है। शुक्रवार को गांधीनगर में एक कार्यक्रम के दौरान शख्स उनके कार्यक्रम में घुस गया और खूब नारेबाजी की। घटना उस वक्त की है जब गांधीनगर विधानसभा के विधायक अरविंदर सिंह लवली कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सीएम रेखा गुप्ता भी कार्यक्रम में मौजूद थीं। इसी दौरान शख्स कार्यक्रम में घुसा और नारेबाजी करने लगा। हालांकि पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। शख्स की पहचान गांधी नगर के अजीत नगर में रहने वाले प्रवीण शर्मा के तौर पर हुई है। वह 60 साल का है। उसका अजीत नगर में टीवी केबल का बिजनेस भी है। उसने दावा किया है कि वह पिछले 40 सालों से बीजेपी का कार्यकर्ता है। जानकारी के मुताबिक अरविंदर सिंह लवली जब कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, तभी प्रवीण शर्मा वहां पहुंच गया और विधायक के खिलाफ नारेबाजी करने लगा। उसने ये भी कहा कि उसकी आवाज सीएम रेखा गुप्ता तक पहुंचनी चाहिए। पुलिस ने कहा- सुरक्षा में कोई चूक नहीं शाहदरा के डीसीपी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी प्रवीण शर्मा बैरिकेड्स के पीछे और एक गली में ही था। यहां से उसे तुरंत पकड़ लिया गया और वहां से हटा दिया गया। किसी भी समय वीआईपी की सुरक्षा का उल्लंघन नहीं किया गया। इससे पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान हमला किया गया था। आरोपी राजेशभाई खिमजी ने पुलिस को बताया था कि उसने पहले आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में शिफ्ट करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ यहां रामलीला मैदान में प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। यह योजना सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे द्वारा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर किए गए आंदोलन की तर्ज पर थी।   आरोपी ने पुलिस को यह भी बताया कि वह बुधवार को आवारा कुत्तों का मुद्दा उठाने के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री के जनसुनवाई कार्यक्रम में गया था। पुलिस सूत्र ने बताया कि मुख्यमंत्री के सामने यह मुद्दा उठाने में नाकाम रहने पर आरोपी ने उन पर हमला किया। उसने हमें यह भी बताया कि हाल ही में दिल्ली की सड़कों से आवारा कुत्तों को हटाने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद, उसे एक सपना आया जिसमें भगवान भैरव ने उसे बेचारे जानवरों के हित में कदम उठाने के लिए कहा। उधर दिल्ली पुलिस को आरोपी राजेशभाई की पांच दिन की हिरासत मिल गई है जिससे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस उसके बयानों की पुष्टि कर रही है और बड़ी साजिश की संभावना की जांच कर रही है।

CBI अधिकारी बनकर की करोड़ों की लूट, दिल्ली में गिरोह ने रची हाई-प्रोफाइल वारदात

नई दिल्ली दिल्ली के विवेक विहार में लुटेरों ने CBI अधिकारी बनकर एक व्यवसायी के घर छापा मारा और 2.3 करोड़ रुपए लूट लिए. पुलिस के मुताबिक, जब व्यवसायी पैसे लेकर बाहर निकल रहे थे, तभी कार से आए बदमाशों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया. उन्होंने पहले कैश से भरा बैग छीना और फिर घर के अंदर जाकर बाकी रकम भी उड़ा ली. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पीड़ित व्यापारी मनप्रीत, गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके के रहने वाले हैं और प्रॉपर्टी डीलिंग व कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं. उन्होंने अपनी कमाई के 2.3 करोड़ रुपए ऑफिस में रखे थे. 19 अगस्त को उन्होंने अपने दोस्त रविशंकर को विवेक विहार से 1.1 करोड़ रुपए घर लाने के लिए कहा. जैसे ही रविशंकर नकदी से भरा बैग लेकर ऑफिस के बाहर निकले, दो कारों में आए चार लोग, जिनमें एक महिला भी शामिल थी, ने उन्हें रोक लिया. आरोपियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और रविशंकर की पिटाई कर बैग छीन लिया. इसके बाद उन्होंने शंकर को जबरदस्ती व्यापारी मनप्रीत के घर ले जाया गया. वहां पहुंचकर नकली अधिकारियों ने एक कर्मचारी को भी पीटा और घर में रखी बाकी रकम भी लूट ली. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात को पूरी योजना बनाकर अंजाम दिया. पीड़ितों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. डीसीपी के अनुसार, लुटेरों ने मनप्रीत और शंकर को गाड़ियों में बंधक बना लिया. बाद में शंकर को चिंतामणि अंडरपास और कर्मचारी माहेश्वरी को निगमबोध घाट के पास छोड़ दिया. जाते-जाते आरोपियों ने दोनों को धमकी दी कि इस लूट के बारे में किसी को न बताएं. पुलिस की कार्रवाई पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाला और गाड़ियों का सुराग फरीदाबाद में लगाया. जांच में पता चला कि ये गाड़ियां दिल्ली के साकेत इलाके के एक एनजीओ से किराए पर ली गई थीं. इसके बाद पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया. उनकी पहचान एनजीओ सचिव पापोरी बरुआ (असम निवासी) और दीप (दुगलकाबाद निवासी) के रूप में हुई है. फिलहाल पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है.

उफान पर यमुना: खतरे का निशान पार, दिल्ली में चारों ओर पानी ही पानी

नई दिल्ली दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है। लोहा पुल से लिए गए ड्रोन वीडियो में नदी का सैलाब साफ नजर आ रहा है, मानो पूरा शहर समुद्र में डूबने को तैयार हो। बारिश और हरियाणा के वजीराबाद और हथनीकुंड बांधों से पानी छोड़े जाने की वजह से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों ने निचले इलाकों को खाली करा लिया है, जहां जलभराव की स्थिति बन गई है। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है, लेकिन अगर जलस्तर और बढ़ा तो बाढ़ का खतरा और गहरा सकता है। नोएडा-गाजियाबाद में भी यमुना का कहर नोएडा और गाजियाबाद के कई गांवों में भी यमुना का पानी पहुंच गया है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। यमुना के किनारे स्थित गाजियाबाद के कुछ गांव जलमग्न हो गए हैं, जबकि नोएडा के डूब क्षेत्र में बने कई फार्म हाउस तक यमुना का पानी पहुंच चुका है। स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। बचाव टीमें अलर्ट पर हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं। दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान (205.33 मीटर) को पार कर 205.50 मीटर तक पहुंच गया है। पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में भी बारिश जारी रहने की संभावना है, जिससे यमुना का जलस्तर और बढ़ सकता है। हालांकि सरकार का कहना है कि वो हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। 2023 की बाढ़ की याद यमुना नदी का यह उफान दिल्ली के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। 2023 में नदी का जलस्तर 208.66 मीटर तक पहुंच गया था, जो अब तक का अधिकतम स्तर था। इस बार भी अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

संसद में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, आरोपी शख्स हिरासत में

नरे दिल्ली देश की संसद की सुरक्षा में एक बड़ी चूक का मामला सामने आया है। एक शख्स पेड़ के सहारे संसद की दीवार फांदकर अंदर घुस गया। वह गुरुड़ द्वार तक पहुंच गया था तभी सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। यह घटना संसद के मानसून सत्र खत्म होने के एक दिन बाद हुई है। नेशनल डेस्क। देश की संसद की सुरक्षा में एक बड़ी चूक का मामला सामने आया है। एक शख्स पेड़ के सहारे संसद की दीवार फांदकर अंदर घुस गया। वह गुरुड़ द्वार तक पहुंच गया था तभी सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। यह घटना संसद के मानसून सत्र खत्म होने के एक दिन बाद हुई है। आरोपी से पूछताछ जारी हिरासत में लिए गए शख्स की पहचान की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या उसके पास कोई हथियार था और उसका मकसद क्या था। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब संसद का मानसून सत्र गुरुवार को ही खत्म हुआ है। मानसून सत्र में क्या हुआ? संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त 2025 तक चला। इस 32 दिन के सत्र में कुल 21 बैठकें हुईं। हालांकि इस दौरान विपक्ष के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। सत्र के दौरान सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए। वहीं विपक्ष ने पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर, बिहार में मतदाता सूची में गड़बड़ी (SIR) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान युद्धविराम दावों जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। यह घटना संसद की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।  

दिल्ली पुलिस के नए सीपी: IPS सतीश गोलचा, अनुभव में शामिल अन्य राज्य का DGP पद

नई दिल्ली  IPS अधिकारी सतीश गोलचा को दिल्ली का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वह इस समय डीजी (जेल) के पद पर थे। गोलचा एजीएमयूटी कैडर (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम-केंद्र शासित प्रदेश) के 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। दिल्ली के 26वें पुलिस कमिश्नर बने सतीश गोलचा 1 मई 2024 को तिहाड़ जेल के डीजी बनाए गए थे। गोलचा डीसीपी, जॉइंट सीपी और स्पेशल सीपी के पद पर भी सेवा दे चुके हैं। वह अरुणाचल प्रदेश के डीजीपी भी रह चुके हैं। गृह मंत्रालय ने गुरुवार को एक आदेश जारी कर कहा कि सक्षम अधिकारी की मंजूरी से गोलचा को दिल्ली का नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति कार्यभार संभालने के दिन से प्रभावी होगी। गोलचा को एसबी के सिंह के स्थान पर यह जिम्मेदारी दी गई है। होम गार्ड के महानिदेशक सिंह को इसी महीने 1 तारीख को दिल्ली पुलिस के आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।  

रेखा गुप्ता हमले का आरोपी बोला – बंदरों के लिए अयोध्या में किया था अनशन

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार को उनके सिविल लाइंस स्थित आवास में जनसुनवाई के दौरान एक सनसनीखेज हमला हुआ। हमलावर की पहचान गुजरात के राजकोट निवासी 41 वर्षीय राजेश भाई खिमजी भाई सकरिया के रूप में हुई। राजेश फरियादी बनकर सीएम हाउस पहुंचा और उसने न केवल मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारने की कोशिश की, बल्कि उनके बाल खींचकर उन्हें धक्का भी दिया। पुलिस पूछताछ में पता चला कि यह शख्स पहले अयोध्या में बंदरों की सुरक्षा के लिए अनशन कर चुका है। हमलावर का अजीबोगरीब इतिहास आरोपी राजेश ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। राजेश की मां और पड़ोसी ने बताया कि वह जानवरों से प्रेम करता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राजेश ने साल अयोध्या में बंदरों के लिए अनशन किया था। पिछले साल अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद वहां प्रशासन ने मंदिर परिसर से बंदरों को हटाने का अभियान शुरू किया था। यह सुनकर राजेश राजकोट से अयोध्या पहुंच गया। इसके अलावा आरोपी राजकोट में भी जानवरों के हितों के लिए प्रदर्शन कर चुका है। उसके पड़ोसी ने बताया कि वह गाय को रोटी खिलाता है और आवारा कुत्तों की देखभाल करता है। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया आवारा कुत्तों को पकड़ने के आदेश से वह खासा नाराज था और इसलिए उसने सीएम पर हमला करने की योजना बनाई। जनसुनवाई में अचानक हंगामा हर बुधवार की तरह, सुबह करीब 8:15 बजे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने सिविल लाइंस कार्यालय में जनता की समस्याएं सुन रही थीं। लोग अपनी शिकायतों के साथ कतार में थे। तभी राजेश अपनी बारी आने पर आगे बढ़ा। उसने पहले कुछ कागजात हवा में लहराए, चिल्लाया और फिर अचानक मुख्यमंत्री पर हमला कर दिया। उसने रेखा गुप्ता को थप्पड़ मारा, उनके बाल खींचे और उन्हें धक्का देकर गिराने की कोशिश की। सुनियोजित साजिश या पशु प्रेम की सनक? मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस हमले को हत्या की सुनियोजित साजिश करार दिया है। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि राजेश ने हमले से पहले कम से कम 24 घंटे तक रेखा गुप्ता के शालीमार बाग स्थित निजी आवास और सिविल लाइंस कार्यालय की रेकी की थी।