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किसानों के मुद्दों पर CM Nayab Singh Saini का बयान, बोले- उनकी समस्याओं से हूं परिचित

चंडीगढ़. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि वे प्रदेश के राजा नहीं, बल्कि एक किसान के बेटे हैं। उन्होंने स्वयं खेती की है। इसलिए किसानों की समस्याओं से भलीभांति परिचित है। वे किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए सदैव तत्परता से लगातार कार्य कर रहे हैं। हरियाणा निवास में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में नायब ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब व जनहितैषी योजनाओं को लागू किया है। इनका लाखों लोगों ने लाभ उठाया है और वे गरीबी रेखा से बाहर हुए हैं। कांग्रेसी नेताओं द्वारा मंडियों के लगातार दौरों से जुड़े सवाल पर कहा कि विपक्ष ऐसा वातावरण खड़ा करने में लगा है, जैसे उनके समय में किसान बहुत खुश थे। वे केवल झूठ की दुकान खोलकर आमजन को गुमराह करने में लगे हैं, लेकिन जनता इन्हें अच्छे से समझती है। कांग्रेसी चुनाव के समय पोर्टल बंद करने की बात करते थे लेकिन जनता ने इन्हीं का पोर्टल बंद कर दिया है। वर्ष 2014 से लगातार डबल इंजन की सरकार विकास कार्यों को तेजी से कर रही है। नायब ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी ने मतदाताओं को खूब सब्जबाग दिखाए थे। इनमें किसानों का कर्जा माफ करना, युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाना, पंजाब को नशे से मुक्त करना, महिलाओं को लाभ देने जैसे वादे शामिल हैं। इसके उलट पंजाब में नशा बढ़ गया है और युवा नशे की गिरफ्त में हैं। उन्होंने कहा कि चुटकुलों से जनता का पेट नहीं भरता, इसके लिए जनकल्याण के कार्य करने पड़ते हैं। हरियाणा में किसानों, महिलाओं, युवाओं के लिए अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। पंजाब में भाजपा की सरकार बनते ही हरियाणा में लागू सभी योजनाएं एवं व्यवस्थाएं हुबहू लागू की जाएंगी। हरियाणा में आयुष्मान चिरायु योजना के तहत अब तक 27 लाख परिवारों ने इलाज करवाकर स्वास्थ्य लाभ उठाया है। पंजाब में आप सरकार ने मोहल्ला क्लीनिक बनाए थे, वे अब हल्ला क्लीनिक बन गए हैं। पंजाब की जनता अब इनसे अपना पिंड छुड़वाना चाहती है। कानून व्यवस्था की सख्ती से निगरानी मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति की सख्ती से मानिटरिंग की जा रही है। यदि कोई ड्रग व नशा बेचते पाया जाता है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में भेजकर नशे से निजात दिलाई जा रही है। जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नशे से सचेत किया जा रहा है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती पर 14 अप्रैल को पंचकूला में मैराथन का आयोजन किया गया, जिसका उद्वेश्य लोगों को नशे से दूर करना ही था।

AAP सांसदों पर CM Bhagwant Mann का वार, बोले- ‘स्वाद बढ़ा सकते हैं, पर वजूद नहीं’

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी (आप) के सात राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक दिलचस्प और तंज भरा ट्वीट कर राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया। उनका यह ट्वीट ठीक उस समय आया जब पार्टी को बड़ा झटका लगते हुए राघव चड्ढा समेत सात सांसद भाजपा में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री मान ने अपने पोस्ट में लिखा कि 'अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया – ये सात चीजें मिलकर सब्जी को स्वादिष्ट बना देती हैं, लेकिन इनकी अपनी कोई सब्जी नहीं बन सकती।' उनके इस बयान को सीधे तौर पर उन सात नेताओं से जोड़कर देखा जा रहा है, जिन्होंने पार्टी छोड़ दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मान का यह ट्वीट एक प्रतीकात्मक हमला है, जिसमें उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि कुछ नेता मिलकर भले ही किसी व्यवस्था को मजबूत करें, लेकिन अकेले उनकी राजनीतिक पहचान टिकाऊ नहीं होती। गौरतलब है कि शुक्रवार को आप के सात राज्यसभा सदस्य- राघव चड्ढा, पद्मश्री राजिंदर गुप्ता, पद्मश्री विक्रमजीत सिंह साहनी, एलपीयू के चांसलर अशोक मित्तल, पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, संदीप पाठक और स्वाति मालिवाल भाजपा में शामिल हो गए। इनमें से अधिकांश सदस्य पंजाब से राज्यसभा पहुंचे थे। इस बड़े घटनाक्रम के बाद राज्यसभा में आप की ताकत 10 से घटकर महज तीन रह गई है। अब सदन में पार्टी की ओर से संजय सिंह, एनडी गुप्ता और संत सीचेवाल ही सदस्य बचे हैं। वहीं पंजाब से केवल संत सीचेवाल ही एकमात्र आप सांसद रह गए हैं। भाजपा में शामिल होने के बाद राघव चड्ढा ने कहा कि सातों सदस्यों के हस्ताक्षर के साथ दो-तिहाई सदस्यों के विलय का नोटिस राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया गया है। इस कदम के बाद भाजपा की राज्यसभा में संख्या बढ़कर 113 हो गई है, जबकि राजग का आंकड़ा 146 तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह विलय संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत वैध माना जाएगा, इसलिए इन सांसदों की सदस्यता पर कोई खतरा नहीं है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच भगवंत मान का ट्वीट अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है। इसे आप की ओर से पहला बड़ा और प्रतीकात्मक जवाब माना जा रहा है, जो सीधे शब्दों में नहीं बल्कि व्यंग्य के जरिए दिया गया है।

जालंधर में हरभजन का विरोध, AAP कार्यकर्ताओं ने घर पर लिखा ‘गद्दार’; मित्तल भी शिकार

जालंधर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह के पार्टी छोड़ने पर गुस्सा थम नहीं रहा। शनिवार को पंजाब में पार्टी कार्यकर्ता भड़के हुए नजर आए। नाराज कार्यकर्ताओं ने हरभजन के जालंधर स्थित आवास पर गद्दार लिख दिया। गौरतलब है कि पंजाब से राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह शुक्रवार को राघव चड्ढा के नेतृत्व में भाजपा में शामिल हो गए। आम आदमी पार्टी के कुल सात सांसदों ने भाजपा का दामन थामा है। वहीं, एक अन्य वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें अशोक मित्तल की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के गेट पर आप कार्यकर्ता गद्दार लिख रहे हैं। वीडियो में क्या आया नजर इसका वीडियो भी वायरल हुआ है। वीडियो में नजर आ रहा है कि आम आदमी पार्टी के कुछ कार्यकर्ता हरभजन सिंह के आवास पर पहुंचे हैं। यह लोग उनके घर की दीवार पर स्प्रे पेंट से गद्दार लिख रहे हैं। इस दौरान वहां सुरक्षा में तैनात पुलिस के जवान उन्हें रोकने की कोशिश करते हैं। हालांकि पुलिस के रोकने के बावजूद यह लोग अपने मकसद में कामयाब हो जाते हैं। ब्लैक स्प्रे पेंट से अंग्रेजी और पंजाबी में दीवार पर गद्दार लिखा नजर आ रहा है। मित्तल काे भी नहीं छोड़ा कुछ ऐसा ही हाल अशोक मित्तल का भी हुआ है। अशोक मित्तल की लवली प्रोफेशन यूनिवर्सिटी के गेट के बाहर बड़ी संख्या में आप कार्यकर्ता पहुंचे। इन लोगों ने गेट पर ब्लैक स्प्रे पेंट से लिखा है, ‘पंजाब का गद्दार’। बताया जाता है कि इन राज्यसभा सांसदों के आप छोड़ने के बाद से पार्टी कार्यकर्ता काफी ज्यादा नाराज हैं। गौरतलब है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी पार्टी छोड़ने वाले सांसदों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहाकि इन लोगों ने पंजाब की पीठ में छुरा घोंपा है और गद्दारी की है। ‘आप’ का क्या कहना है आम आदमी पार्टी (आप) के नेता संजय सिंह ने शनिवार को कहा कि पार्टी राज्यसभा सभापति को पत्र लिखकर उन सात सांसदों को सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग करेगी, जिन्होंने एक दिन पहले पार्टी छोड़ने का ऐलान किया था। संजय सिंह ने कहाकि दल-बदल विरोधी कानून स्पष्ट रूप से कहता है कि राज्यसभा और लोकसभा में किसी भी प्रकार का विभाजन या गुटबंदी नहीं हो सकती। इसे कोई कानूनी मान्यता नहीं मिलती, भले ही दो-तिहाई बहुमत हो। उन्होंने कहा कि संविधान की दसवीं अनुसूची और दल-बदल विरोधी कानून दोनों ही राज्यसभा या लोकसभा में किसी भी प्रकार के विभाजन, अलग गुट या धड़े को मान्यता नहीं देते, चाहे दो-तिहाई बहुमत ही क्यों न हो।

Indian Hockey को बड़ा झटका: Gurbux Singh नहीं रहे, ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट थे

मोहाली. भारतीय हॉकी के दिग्गज और 1968 मेक्सिको ओलंपिक के खिलाड़ी रहे गुरबख्श सिंह ग्रेवाल का शुक्रवार शाम निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे और दिल का दौरा पड़ने से उन्होंने जीरकपुर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। गुरबख्श सिंह ग्रेवाल भारतीय हॉकी टीम के अहम सदस्य रहे, जिसने 1968 के मेक्सिको सिटी ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था। वह अपने समय के बेहतरीन खिलाड़ियों में गिने जाते थे और उनकी खेल प्रतिभा ने भारतीय हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी एक और खास उपलब्धि यह रही कि उन्होंने अपने सगे भाई बलबीर सिंह ग्रेवाल के साथ एक ही ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। यह भारतीय हॉकी इतिहास में एक दुर्लभ और गौरवपूर्ण कीर्तिमान माना जाता है। खेल करियर के बाद भी उन्होंने हॉकी से जुड़ाव बनाए रखा। वह पश्चिम रेलवे में वरिष्ठ खेल अधिकारी के रूप में कार्यरत रहे और मुंबई हॉकी एसोसिएशन के मानद सचिव के रूप में भी सेवाएं दीं। खिलाड़ी के साथ-साथ एक कुशल प्रशासक के रूप में भी उन्होंने खेल के विकास में अहम योगदान दिया। सुरजीत हॉकी सोसाइटी के पदाधिकारी इकबाल सिंह संधू सहित कई खेल संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे हॉकी जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया और परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। जीरकपुर में हुआ अंतिम संस्कार, नम आंखों से दी विदाई गुरबख्श सिंह ग्रेवाल का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह जिरकपुर के श्मशान घाट में पूरे सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान खेल जगत से जुड़े कई लोगों, परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके योगदान को हमेशा याद रखने की बात कही।

Punjab Politics: Waris Punjab De लड़ेगा नगर निगम चुनाव, कैंडिडेट्स का ऐलान जल्द

मोगा. अकाली दल 'वारिस पंजाब दे' ने मोगा नगर निगम चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि नगर निगम के तहत आने वाले सभी 50 वार्डों में उतारे जाने वाले उम्मीदवारों के नामों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा। प्रैस बयान में पार्टी के हलका इंचार्ज रछपाल सिंह सोसन ने कहा कि नगर निगम चुनाव लड़ने का फैसला पार्टी के संरक्षक बापू तरसेम सिंह और सांसद सरबजीत सिंह खालसा की मंजूरी के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी की तरफ से उतारे जाने वाले साफ छवि वाले उम्मीदवारों में हिंदू, सिख, ईसाई और मुस्लिम वर्गों के अलावा महिलाओं को भी काफी प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि पंजाब भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। उन्होंने कहा कि वह खुद एक व्यापारी हैं और व्यापारियों की समस्याओं को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल 'वारिस पंजाब दे' मोगा शहर के हर तरफ के विकास, ड्रग्स के खात्मे और व्यापारियों के कारोबार से जुड़े मुद्दों पर नगर निगम चुनाव लड़ेगा। 

पंजाब में बासमती राइस के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना, क्रॉप डायवर्सिटी पर जोर

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में बासमती चावल के लिए एक हाई लेवल ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जाएगी. इस पहल का उद्देश्य क्रॉप डायवर्सिटी को बढ़ावा देना, किसानों की आय में वृद्धि करना और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को कम करना है।  मुख्यमंत्री नीदरलैंड दौरे पर गए हैं, जहां उन्होंने कृषि और उद्योग क्षेत्र की एडवांस टेक्नोलॉजी को करीब से देखा और समझा. उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों ने देशहित में लंबे समय तक अपनी उपजाऊ जमीन और जल संसाधनों का अधिक उपयोग किया है, लेकिन अब गेहूं-धान के चक्र से बाहर निकलना समय की मांग है।  इस दिशा में क्रॉप डायवर्सिटी को बड़े स्तर पर बढ़ावा देना जरूरी है और इसमें नीदरलैंड महत्वपूर्ण सहयोगी साबित हो सकता है. मुख्यमंत्री ने रॉटरडैम में LT Foods की फैसिलिटी का दौरा किया, जहां उन्हें कंपनी के ग्लोबल प्रेजेंस और किसानों के साथ उसके मजबूत संबंधों के बारे में पता चला. उन्होंने सस्टेनेबल फार्मिंग पर जोर देते हुए कहा कि इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के मुताबिक उत्पादन के लिए कीटनाशकों के उपयोग में कमी लाना और बासमती चावल को वैश्विक बाजार में बढ़ावा देना आवश्यक है।  कंपनी ने पंजाब में बासमती के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और कम कीटनाशक उपयोग वाली खेती को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया है. मुख्यमंत्री ने डच कंपनियों और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के बीच रिसर्च और सहयोग को मजबूत करने की वकालत की. उन्होंने कहा कि घटते मुनाफे के कारण खेती अब कम लाभकारी हो गई है, जिससे किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।  उन्होंने उम्मीद जताई कि यह केंद्र बासमती चावल का उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में सुधार करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगा. इसके साथ ही उन्होंने आल्समीयर स्थित विश्व के सबसे बड़े फूल बाजार का दौरा कर डच मॉडल को पंजाब में अपनाने की इच्छा भी जताई, जिससे कृषि वैल्यू चेन मजबूत होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नीदरलैंड सरकार के कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के साथ बैठक में तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए सहयोग पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि पंजाब ऑटोमेशन, एआई, ड्रोन और डेटा आधारित क्रॉप मैनेजमेंट जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए तैयार है. ग्रीनहाउस खेती को भी उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए उपयुक्त बताते हुए उन्होंने इसके विस्तार पर जोर दिया।  मुख्यमंत्री मान ने डच कंपनियों को पंजाब में निवेश के लिए आमंत्रित किया और राज्य की औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 तथा फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल जैसी पहल की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि पंजाब निवेश के लिए तेजी से उभरता हुआ केंद्र बन रहा है. अंत में, भगवंत सिंह मान ने तकनीक आधारित, टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर एकीकृत कृषि एवं औद्योगिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। 

400 फीट ऊंचे टावर से 18 महीने बाद नीचे आए Gurjit Singh Khalsa, गूंजे जयकारे

पटियाला. पंजाब के पटियाला जिले के समाना इलाके में बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग को लेकर पिछले करीब 18 महीनों से चल रहा पदर्शन आखिरकार शुक्रवार को खत्म हुआ। गुरजीत सिंह खालसा को टेलीकॉम टावर से शुक्रवार सुबह सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। गुरजीत सिंह खालसा करीब 400 फीट ऊंचे टावर पर बैठकर अपना विरोध जता रहे थे। इतने लंबे समय तक इतनी ऊंचाई पर रहना अपने आप में हैरान करने वाला था। इस दौरान कई बार प्रशासन ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांग पर डटे रहे। उनका कहना था कि जब तक सरकार बेअदबी के मामलों पर सख्त कानून नहीं बनाएगी, तब तक वे नीचे नहीं उतरेंगे। 560 दिनों बाद 400 फुट ऊंचे मोबाइल टावर से नीचे उतरे 560 दिनों से 400 फुट ऊंचे मोबाइल टावर पर बैठे कार्यकर्ता गुरजीत सिंह खालसा को आखिरकार शुक्रवार सुबह नीचे उतार लिया गया। इसके साथ ही 43 के खालसा के अनूठे ढंग से किए जा रहा विरोध प्रदर्शन आखिरकार खत्म होगया। बता दें कि खालसा ने 12 अक्टूबर 2024 को पटियाला के समीप समाना में स्थित टावर पर चढ़कर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। पटियाला जिला प्रशासन ने खालसा को सुरक्षित रूप से नीचे उतारने के लिए सेना से सहायता मांगी थी। खालसा शुक्रवार की सुबह ‘सिख जयकारा’ और ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के नारों के बीच टावर से उतरे। खालसा के नीचे उतरने के बाद उन्हें चिकित्सा जांच के लिए एम्बुलेंस में अस्पताल ले जाया गया। इस बीच उनके समर्थकों ने उन पर फूल बरसाए। सरकार ने मान ली ये मांगें पंजाब सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ संशोधित कानून ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ को हाल ही में अधिसूचित कर दिया है। इसमें गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के किसी भी कृत्य के लिए आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये तक के जुर्माने समेत कठोर दंड का प्रावधान है। इसे अधिसूचित किए जाने के बाद खालसा ने प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला किया। यह विधेयक पंजाब विधानसभा के 13 अप्रैल को विशेष सत्र के दौरान सर्वसम्मति से पारित किया गया था। बाद में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी थी। मांगे पूरी होने के बाद नीचे उतरने का फैसला किया दरअसल पंजाब सरकार द्वारा जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2026 लागू करने के बाद आखिरकार यह धरना खत्म हो गया। इस कानून के लागू होने के बाद गुरजीत सिंह खालसा ने अपनी मांग पूरी मानते हुए टावर से नीचे उतरने का फैसला लिया। राहत की बात यह रही कि इतने लंबे समय के बाद भी उन्हें सुरक्षित नीचे लाने में टीम सफल रही। नीचे उतरने के बाद गुरजीत सिंह खालसा ने सरकार और प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनकी और संगत की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कानून बनाया, जिसके लिए वे आभारी हैं। उन्होंने बताया कि वे 18 महीने 12 दिन बाद टावर से सुरक्षित उतर गए हैं। इस दौरान उन्होंने धार्मिक अंदाज में 'वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह' कहकर धन्यवाद किया और कहा कि यह सब गुरु की कृपा से ही संभव हो पाया।

‘लॉरेस ऑफ पंजाब’ वेब सीरीज के विरोध में रंधावा, वड़िंग और मजीठिया को बिश्नोई गैंग से धमकी

 गुरदासपुर पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा को लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से धमकी भरा संदेश मिला। यह धमकी उस समय सामने आई जब रंधावा ने लॉरेस ऑफ पंजाब (Lawrence of Punjab) नामक डॉक्यूमेंट्री के रिलीज का विरोध किया था। इसके अलावा पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया, दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह सहित कई अन्य नेताओं को भी इसी तरह के व्हाट्सएप संदेश मिले हैं। रंधावा ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को सूचित कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गैंगस्टरों को केंद्रीय एजेंसियों का संरक्षण प्राप्त है, तभी लॉरेंस बिश्नोई, जो गुजरात की साबरमती जेल में बंद है, बाहर से गतिविधियां संचालित कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया, जो डिब्रूगढ़ जेल में बंद है, खुलेआम मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा है। इस बीच, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि पंजाब कांग्रेस गैंगस्टरों के खिलाफ लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएगी और “गैंगस्टर मुक्त पंजाब” उनकी पार्टी की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब के लोगों द्वारा कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर आधारित वेब सीरीज लॉरेस ऑफ पंजाब का विरोध किए जाने के बाद भारत सरकार ने इसके रिलीज पर रोक लगा दी है।

रवजोत सिंह का बयान: नशा मुक्त जेल बनाना सरकार की मुख्य प्राथमिकता

अमृतसर  पंजाब के संसदीय मामलों, एनआरआई मामलों और जेल मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने शनिवार सेंट्रल जेल पटियाला का विशेष दौरा करते हुए जेल प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने उजाला नर्सरी और जेल लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उजाला नर्सरी का उद्देश्य कैदियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। लाइब्रेरी कैदियों को शिक्षा और जानकारी प्राप्त करने के बेहतर अवसर प्रदान करेगी, जिससे वे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकेंगे। जेल मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार जेलों का सुधार और पुनर्वास के केंद्रों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जेलों को नशा-मुक्त बनाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है और इस दिशा में जेल प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की उन्होंने सराहना की। अपने दौरे के दौरान मंत्री ने जेल अस्पताल, बैरकों और आम आदमी क्लिनिक सहित विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण किया और कैदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस मौके पर जेल विभाग के सचिव मोहम्मद तैयब, जेल सुपरिंटेंडेंट गुरचरन सिंह धालीवाल, जेल सुपरिंटेंडेंट गुरचरण सिंह धालीवाल, अतिरिक्त सुपरिंटेंडेंट जैदीप सिंह, अतिरिक्त सुपरिंटेंडेंट अर्पणजोत सिंह, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट (सिक्योरिटी) आदर्शपाल सिंह और सहायक सुपरिंटेंडेंट करणवीर सिंह मौजूद रहे।

राजनीति में हलचल: Bhagwant Mann करेंगे राष्ट्रपति से भेंट, राज्यसभा में दल बदल पर नजर

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने का मामला अब मामला राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगा है। माना जा रहा है कि वह हाल ही में भाजपा में शामिल हुए 7 राज्यसभा सदस्यों के मुद्दे को लेकर अपना पक्ष रखेंगे और इस पूरे घटनाक्रम पर संवैधानिक हस्तक्षेप की मांग करेंगे। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री राष्ट्रपति से यह अनुरोध कर सकते हैं कि संबंधित राज्यसभा सदस्यों को बुलाकर उनका पक्ष सुना जाए और उसके बाद नियमों के तहत उचित फैसला लिया जाए। इसके साथ ही दलबदल कानून के तहत इन सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की मांग भी उठाई जा सकती है।सरकार का मानना है कि यह मामला लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक नैतिकता से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर स्पष्ट निर्णय जरूरी है। सीएम मान ने आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर तीखा हमला करते हुए व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने 7 राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे और बीजेपी में शामिल होने पर तंज कसते हुए कहा कि अलग-अलग ये नेता ज्यादा महत्व नहीं रखते। उन्होंने एक्स पर पंजाबी में लिखा, 'अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया – ये सात चीजें मिलकर किसी खाने का स्वाद बढ़ा देती हैं, लेकिन अकेले इनमें से कोई भी पूरी डिश नहीं बन सकती।' किन 7 नेताओं ने छोड़ा AAP का साथ यह बयान उस घटना के एक दिन बाद आया जब राघव चड्ढा और संदीप पाठक समेत 7 राज्यसभा सांसदों ने AAP छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का ऐलान किया है। इनके साथ अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी के नाम भी शामिल बताए गए हैं। राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और मूल्यों से भटक गई है, इसलिए उन्होंने बीजेपी का दामन थामा। उन्होंने यह भी कहा कि सातों सांसद एक गुट के रूप में बीजेपी में शामिल हुए हैं। इस घटनाक्रम के बाद भगवंत मान ने इन नेताओं को गद्दार करार दिया और बीजेपी पर AAP को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बेअदबी (धार्मिक अपमान) के खिलाफ सख्त कानून बनने के बाद से बीजेपी असहज हो गई है। मान ने यह भी कहा कि इन सातों में से कोई भी बड़ा जनाधार वाला नेता नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया, 'एक सरपंच के पास भी वोट बैंक होता है, क्या इनके पास कोई वोट बैंक है?' उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में बार-बार चुनावी हार झेलने वाली बीजेपी अब दबाव, प्रलोभन और दल-बदल के जरिए AAP सरकार को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू उधर आम आदमी पार्टी के लिए यह घटनाक्रम बड़ा झटका माना जा रहा है। पंजाब से पार्टी के छह राज्यसभा सदस्यों का एक साथ भाजपा में शामिल होना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस घटनाक्रम से भाजपा की राज्यसभा में स्थिति मजबूत हुई है। खास बात यह है कि पंजाब में केवल दो विधायक होने के बावजूद भाजपा अब राज्यसभा में सात सदस्यों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। सीएम की मुलाकात पर टिकी नजरें वहीं दूसरी ओर आप के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने पहले ही पार्टी का रुख साफ कर दिया है। उनका कहना है कि जब दो-तिहाई सदस्य एक साथ दल बदलते हैं तो दलबदल कानून लागू नहीं होता। इस बयान के बाद कानूनी बहस भी तेज हो गई है और विशेषज्ञ अलग-अलग राय दे रहे हैं। अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री भगवंत मान की संभावित राष्ट्रपति से मुलाकात पर टिकी हैं। अगर यह मुलाकात होती है तो आने वाले दिनों में इस पूरे मामले पर कोई बड़ा संवैधानिक फैसला सामने आ सकता है, जो पंजाब की सियासत की दिशा तय करेगा।