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Boat Tragedy in Vrindavan: मां के बाद बेटी को भी दी विदाई, लुधियाना में गमगीन माहौल

लुधियाना. वृंदावन में माथा टेकने गई लुधियाना दुगरी फेस टू की डिक्की बंसल का सोमवार सुबह अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे और नम आंखों से अंतिम विदाई दी । इस दौरान रिश्तेदारों व अन्य लोगों ने परिजनों से शोक संवेदना प्रकट की। गौरतलब है कि दुगरी की मीनू बंसल की बेटी डिकी बंसल दोनों वृंदावन गए थे। वहां यमुना नदी पार कर मंदिर में माथा टेकने के दौरान जब वह नाव में बैठे तो यमुना में अचानक नाव पलट गई। इस वजह से लुधियाना के कई श्रद्धालु उसमें डूब गए। जिसमें मीनू बंसल व उनकी बेटी डिक्की बंसल भी थी। मीनू बंसल का शव दो दिन पहले मिल गया था। और उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया था लेकिन उनकी बेटी डिकी बंसल का शव नहीं मिला था वह शुक्रवार को मिला। इसके बाद परिवार वृंदावन गया और शव को लेकर आया। आज सोमवार को सुबह डिकी बंसल का अंतिम संस्कार किया गया है । बंसल 22 वर्षी की थी और वह अभी कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। इस तरह से उनके निधन से परिवार शोक में है।

जब आशा भोसले ने विरासत-ए-खालसा उद्घाटन में किया शबद गायन, सिख संगत हुई भावविभोर

रूपनगर/चंडीगढ़. विख्यात गायिका आशा भोसले अपने जीवन में चाहे मात्र एक बार ही जिला रूपनगर के आनंदपुर साहिब क्षेत्र में आई थीं, लेकिन उनके आनंदपुर साहिब दौरे की यादें आज भी आनंदपुर वासियों के दिलों में ताजी हैं। भोसले 2001 के दौरान उस वक्त आनंदपुर साहिब की धरती पर आई थीं, जब पंजाब में स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली शिअद-भाजपा गठबंधन वाली सरकार थी। उन दिनों आनंदपुर साहिब में विरासत-ए-खालसा का निर्माण युद्ध स्तर पर करवाया जा रहा था, क्योंकि 2002 में विधानसभा चुनाव आने वाला था। उस वक्त तत्कालीन बादल सरकार द्वारा आनन-फानन में विरासत ए खालसा के पहले फेज के उद्घाटन की घोषणा कर दी गई । नवंबर 2001 में विरासत-ए-खालसा के पहले फेज का उद्घाटन भी कर दिया गया। पंजाब सरकार ने विशेष निमंत्रण पर बुलाई थी उद्घाटन के वक्त पांचों तख्तों के जत्थेदारों के साथ श्री श्री रविशंकर सहित अनेकों संत व हस्तियां आनंदपुर साहिब पहुंची थीं, जिनमें विख्यात गायिका भोसले भी शामिल थीं, जिन्हें पंजाब सरकार द्वारा विशेष निमंत्रण पर बुलाया गया था। उस वक्त को यादगार बनाने के लिए आशा भोसले द्वारा एक मात्र हारमोनियम तथा तबले की संगत में मेरे साहेब मेरे साहेब तू निमानिमानी, अरदास करी प्रभु अपने आगे सुन सुन जीवां तेरी बाणी शबद का गायन करते हुए उन पलों को यादगार बना दिया था। आशा भोसले ने धरती पर टेका था माथा  उस वक्त उनका कहना था कि आज वो इस धरती पर आकर खुद को धन्य समझ रही हैं, जिस धरती पर दशमेश पिता ने खालसा पंथ की स्थापना की तथा जिस धरती पर सिख पंथ के पांच महान तख्तों में से एक तख्त श्री केसगढ़ साहिब है। उस वक्त आशा भोसले ने इस धरती पर माथा भी टेका था। आज आशा भोसले चाहे इस संसार को अलविदा कह गई हैं, लेकिन उनकी आनंदपुर साहिब से जुड़ी मात्र कुछ घंटे की यादें हमेशा ताजा रहेंगी।

Punjab Satkar Act: बेअदबी पर उम्रकैद का प्रावधान, आज विधानसभा में रखा जाएगा नया बिल

चंडीगढ़. पंजाब सरकार की ओर सोमवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। इस दौरान सरकार शनिवार को कैबिनेट की ओर से मंजूर किए गए जागत ज्योति गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2026 को पेश करेगी। विधानसभा में इस बिल को मंजूर करवाने में सरकार को कोई परेशानी नहीं होगी, हालांकि इस बिल को राज्यपाल की मंजूरी दिलाना बड़ी चुनौती रहेगी। इसका मुख्य कारण बिल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने पर जो सजा के प्रविधान किए गए हैं, वे केंद्रीय कानून से टकराते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि राज्यपाल इस बिल को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति को भेज दें। हालांकि राज्य सरकार का तर्क है कि यह स्टेट बिल है और इसके लिए राष्ट्रपति की मंजूरी की कोई जरूरत नहीं होती। सरकार की ओर तैयार किए गए बिल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने पर 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और पांच से 25 लाख जुर्माने का प्रविधान किया गया है। उधर, कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सरकार की ओर से बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र को एक नाटक बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चार वर्षों में सरकार एक भी दोषी को सजा नहीं दिला सकी है। सरकार मुश्किल हालात से बचने के लिए बार-बार विशेष सत्रों का सहारा लेती रही है। अगर सरकार की नीतियां वास्तव में सच्ची होतीं, तो वह इस तरह का कानून तैयार करने से पहले संबंधित पक्षों, विद्वानों और कानूनी विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श करती। 2016 और 2018 में भी धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को लेकर बिल विधानसभा में पेश किए जा चुके हैं। 2016 में तो इसे राष्ट्रपति ने कहते हुए वापिस कर दिया कि सभी धर्मों के ग्रंथों के अपमान पर एक जैसी सजा ही दी जा सकती है, अलग-अलग नहीं। इस बिल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान पर उम्र कैद और अन्य धार्मिक ग्रंथों के अपमान पर दस साल की सजा का प्रविधान था। 2018 में सरकार ने इसमें संशोधन करते हुए सभी धर्मों को शामिल कर लिया लेकिन आठ साल गुजरने के बावजूद राष्ट्रपति से इसे मंजूरी नहीं मिली है।

जासूसी नेटवर्क पर शिकंजा: ऑपरेशन सिंदूर में 18 गिरफ्तार, छिपे कैमरों से रखी जा रही थी नजर

चंडीगढ़. जासूसी अब सरहद पार छिपकर नहीं, बल्कि पंजाब के शहरों के बीच लगे कैमरों से खुलेआम हो रही थी। यह मामला सिर्फ जासूसी का नहीं, बल्कि लाइव निगरानी युद्ध का है। दिल्ली पुलिस की ओर से आईएसआई बीकेआई मॉड्यूल में पंजाब के जिन आठ आरोपितों को पकड़ा गया है उन्हें पंजाब पुलिस ट्रांजिक्ट रिमांड पर लाने की तैयारी कर रही है आरोपितों की ओर से जिन मोबाइल सिम का इस्तेमाल किया जा रहा था वह भी फर्जी दस्तावेज लगाकर लिए गए थे। पंजाब पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं पंजाब में बार्डर एरिया में लगे सीसीटीवी कैमरों का आडिट भी करवाया जाएगा। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि इस मामले में शामिल आरोपितों को लेकर संबंधित जिलों की ओर से जांच की जा रही है। वहीं केंद्रीय जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। जोकि पंजाब के पड़ोसी राज्यों से है। डेढ़ दर्जन युवाओं को पकड़ा गया उधर, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पंजाब में अब तक डेढ़ दर्जन से ज्यादा युवाओं को जासूसी के आरोप में पकड़ा जा चुका है। जांच एजेंसियों के अनुसार, हनी ट्रैप और इंटरनेट मीडिया के जरिए युवाओं को निशाना बनाया जाता था। फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर संपर्क किया जाता और धीरे-धीरे उन्हें भरोसे में लेकर संवेदनशील जानकारी हासिल की जाती। कई मामलों में पैसों का लालच देकर भी आरोपितों को इस नेटवर्क से जोड़ा गया। खास बात यह रही कि इस नेटवर्क में शामिल लोग आम जिंदगी जीने वाले थे, जिन पर आसानी से शक करना मुश्किल था। पंजाब के तरनतारन, फिरोजपुर, मलेरकोट, जालंधर और गुरदासपुर जैसे इलाकों से जुड़े आरोपित इस नेटवर्क की जमीनी कड़ी बने हुए थे। भारत में क्या हैं नियम आईटी एक्ट, 66E     निजी जगहों (बाथरूम/बेडरूम) की बिना अनुमति रिकार्डिंग, शेयरिंग पर कार्रवाई आईटी रुलज, 2011     फुटेज सुरक्षित रखना कैमरा लगाने वाले की जिम्मेदारी     आईटी एक्ट 2000     सीसीटीवी फुटेज डिजिटल डेटा, इसे सुरक्षित रखना जरूरी     आर्टिकल 21: निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है, किसी के घर के अंदर निगरानी का नहीं सबसे बड़ी चुनौती सात कंपनियों के कैमरे सुरक्षित देश में फिलहाल 7 कंपनियों के 53 माडल ही एसटीक्यूसी सर्टिफाइड हैं। एसटीक्यूसी कैमरों को सर्टिफाइड करती है एसटीक्यूसी यानी स्टैंडर्डाइजेशन टेस्टिंग एंड क्वालिटी सर्टिफिकेशन डायरेक्टोरेट भारत सरकार की एक संस्था है, जो इलेक्ट्रानिक और आई उत्पादों की क्वालिटी, सुरक्षा और भरोसेमंद होने की जांच करती है। यह आईटी मंत्रालय के तहत काम करती है। इस संस्थान का काम सीसीटीवी जैसे इलेक्ट्रानिक उत्पादों की टेस्टिंग, सॉफ्टवेयर और सिस्टम की क्वालिटी जांच, साइबर सिक्योरिटी और डेटा सुरक्षा की जांच करती है। घर-दुकान, संस्थान में सीसीटीवी लगा है तो नोटिस बोर्ड लगाना भी जरूरी – आप सीसीटीवी की निगरानी में हैं। अधिकतम 90 दिन तक फुटेज सेव रखना होता है। उसके बाद डिलीट कर सकते हैं। सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर डालना कानूनी अपराध है। सीसीटीवी पड़ोसी के घर की तरफ नहीं लगा सकते। यह निजता का उल्लंघन होगा। 1 अप्रैल से हैकिंगप्रूफ कैमरे ही बिकेंगे, जो सरकारी सुरक्षा जांच (एसटीक्यूसी सर्टिफिकेशन) पास करेंगे। भारत में 80 फीसदी कैमरे चीन के हैं, जिनसे डेटा चोरी का खतरा बना रहता है। फिलहाल 7 कंपनियों के 53 माडल ही ऐसे हैं जो सटिफाइड है। अब तक पंजाब के यह जासूस पकडे़ गए मनप्रीत सिंह (तरनतारन), अनमोल (फिरोजपुर), साहिल (फिरोजपुर), गुरजीत सिंह (कपूरथला), रिंपलदीप सिंह (फाजिल्का), सलविंदर सिंह उर्फ कालू (फाजिल्का), बूटा सिंह (फाजिल्का), हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी (मोगा) शामिल है। आपरेशन सिंदूर के बाद जालंधर से मोहम्मद मुर्तजा अली, सुख्रपीत सिंह गुरदासपुर पंजाब, करनबीर सिंह गुरदासपुर, यामीन माेहम्मद मलेरलकोटला को गिरफ्तार किया गया था।

फ्लाइट सेफ्टी पर फोकस: अमृतसर एयरपोर्ट मैनेजमेंट सख्त, बर्ड-हिट और अवैध निर्माणों पर रोक

अमृतसर. अमृतसर के अंतर्राष्ट्रीय श्री गुरु रामदास जी एयरपोर्ट पर विमानों के सुरक्षित संचालन और पर्यावरण प्रबंधन को लेकर शनिवार को 'एयरपोर्ट एनवायरनमेंट मैनेजमेंट केन्द्र (ए.ई.एम.सी.) की एक महत्वपूर्ण मीटिंग का आयोजन किया गया। एयरपोर्ट डायरेक्टर भूपेंद्र सिंह की अध्यक्षता में ए.ए.आई. बिजनेस सेंटर में हुई इस बैठक में विमानों की सुरक्षा में बाधक बनने वाले कारणों पर विस्तार से मंथन किया गया। मीटिंग के दौरान नागरिक उड्डयन विभाग, स्थानीय प्रशासन व पुलिस विभाग के अतिरिक्त एक दर्जन से अधिक विभागों के अधिकारियों ने भी संयुक्त रूप से भाग लिया, ताकि इन चुनौतियों का समाधान निकाला जा सके। इस दौरान मुख्य तौर पर एयरपोर्ट निर्देशक भूपेंद्र सिंह, भारतीय वायु सेना से रिपुदमन कौर मान, कैप्टन अजय पाल सिंह, खुशबीर सिंह एस.डी.एम., एस.पी. देहाती आदित्य वारियर, सी.आई.एस.एफ से तुषार डी., जंगलात विभाग से डा. दिलप्रीत कौर, डा. जसपाल सिंह (डी.एच.ओ.), फूड सप्लाई विभाग से संदीप सिंह, इंडिगो एयरलाइंस से मैनेजर सुनंदा आले, विमानपत्तन प्राधिकरण से वरुण प्रताप, पवन, रतन सिंह, लोकल पुलिस से मैडम कलजीत कौर आदि उपस्थित रहे। पक्षियों और वन्यजीवों के खतरे पर रहा फोक्स बैठक के दौरान समिति ने इस बात पर चिंता जताई कि हवाई अड्डे के आस-पास पक्षियों और वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधि विमानों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। एयरपोर्ट के निदेशक भूपेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि ‘बर्ड-हिट’ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए निरंतर और प्रभावी कदम उठाना अनिवार्य है। पिछली बार जब मीटिंग 22 मई 2025 को हुई थी, जिसके बाद से अब तक के सुरक्षा उपायों की भी समीक्षा की गई। इन मुख्य मुद्दों पर हुई चर्चा एयरपोर्ट डायरेक्टर ने बताया कि इस मीटिंग में पक्षियों के खतरे के साथ-साथ कई आधुनिक चुनौतियों पर भी गहनता से अध्ययन किया गया, जो लैंडिंग और टेक ऑफ से संबंधित थे। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट पर लैंडिंग और टेक ऑफ पर हमारी पैनी नजर रहती है। लेजर बीम का खतरा  लैंडिंग और टेक-ऑफ के समय विमानों पर लेजर लाइट डालने की घटनाओं पर रोक लगाने की बात कही गई। तर्क दिया गया कि इनसे पायलटों की दृश्यता प्रभावित होती है। अवैध ड्रोन विमान मूवमेंट के लिए खतरा  मीटिंग के दौरान हवाई अड्डे के प्रतिबंधित क्षेत्रों में अनधिकृत ड्रोन उड़ानों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। हालांकि एयरपोर्ट का प्रतिबंधित क्षेत्र बहुत सीमित है, जबकि इसके निकटवर्ती क्षेत्रों के लिए स्थानीय प्रशासन और बलों की भी जिम्मेदारी बनती है। हवाई अड्डे के आस-पास अवैध निर्माणों पर फोक्स  एयरपोर्ट परिसर के पास नियमों के विरुद्ध हो रहे निर्माण कार्यों को लेकर खुलकर चर्चा हुई। एयरपोर्ट पर उपस्थित बुद्धिजीवियों द्वारा इसे सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना गया। डायरैक्टर ने कहा कि एयरपोर्ट एक संवेदनशील स्थल है और इसका आस-पास भी अति सुरक्षित होना चाहिए। पशुओं के अवशेष व बूचड़खानों से पक्षी आकर्षित  हवाई अड्डे के आस-पास स्थित अनधिकृत झुग्गी-बस्तियों, खाने-पीने की दुकानों और अवैध बूचड़खानों को लेकर समिति ने सख्त रुख अपनाया है। मीटिंग में कहा गया कि खुले में फेंका गया कचरा, पशुओं के अवशेष, खुला सीवरेज व नालियां ही मुख्य कारण हैं, जिनसे भारी संख्या में पक्षी हवाई अड्डे की ओर आकर्षित होते हैं।

Excise Revenue Boom: पंजाब सरकार की कमाई में उछाल, तय लक्ष्य से 582 करोड़ अधिक संग्रह

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में उत्पाद शुल्क (एक्साइज) संग्रह के मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बीते दिनों बताया कि विभाग ने 31 मार्च तक 11,782 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया, जो तय लक्ष्य 11,200 करोड़ रुपये से 582 क207 खुदरा शराब समूहोंरोड़ रुपये अधिक है। इसे सरकार की नीतिगत सख्ती और पारदर्शी व्यवस्था का नतीजा माना जा रहा है। चीमा ने कहा कि पिछले चार वर्षों में उत्पाद शुल्क से मिलने वाला राजस्व लगभग दोगुना हो गया है। वर्ष 2021-22 में जहां यह आंकड़ा 6,254.84 करोड़ रुपये था, वहीं अब बढ़कर 11,782 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि इस निरंतर बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 12,800 करोड़ रुपये का नया लक्ष्य निर्धारित किया है। लाइसेंस शुल्क से 10,520 करोड़ जुटाने का लक्ष्य मंत्री ने इस सफलता का श्रेय मजबूत उत्पाद शुल्क नीति, प्रभावी प्रशासनिक प्रक्रियाओं और व्यापार-अनुकूल वातावरण को दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ पारदर्शिता और नियमों के पालन को भी प्राथमिकता दी है, जिससे शराब कारोबार में स्थिरता आई है और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगा है। चीमा के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तैयार की गई नई आबकारी नीति में लाइसेंस शुल्क से 10,520 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले वर्ष के 9,877 करोड़ रुपये से अधिक है। 207 खुदरा शराब समूहों को लाइसेंस आवंटित उन्होंने बताया कि राज्य के सभी 207 खुदरा शराब समूहों को नए वित्त वर्ष के लिए लाइसेंस आवंटित कर दिए गए हैं। यह नीति के प्रति कारोबारियों के भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने कहा- “उत्पाद शुल्क नीति 2026-27 को लेकर समग्र प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही है। इससे राज्य के खजाने में लगातार राजस्व का प्रवाह बना रहेगा और शराब व्यापार में स्थिरता सुनिश्चित होगी।”  सरकार का दावा है कि सख्त निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के कारण राजस्व में यह बढ़ोतरी संभव हो सकी है। आने वाले समय में भी विभाग इसी रणनीति पर काम करते हुए लक्ष्य से अधिक वसूली की दिशा में आगे बढ़ेगा।

आस्था में डूबीं Priyanka Chopra: श्री हरमंदिर साहिब सहित कई गुरुद्वारों में टेकी मत्था

अमृतसर. बॉलीवुड और हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने देर रात अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका। जानकारी के अनुसार प्रियंका चोपड़ा रात करीब 12 बजे स्वर्ण मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने पूरे श्रद्धा भाव से गुरुद्वारा परिसर में समय बिताया। जानकारी के अनुसार, प्रियंका चोपड़ा ने सबसे पहले शहीद बाबा गुरबख्श सिंह जी, थड़ा साहिब, शहीदान सिंह मेमोरियल, झंडा बुंगा साहिब, बाबा बुड्ढा जी और दुख भंजनी बेर साहिब में मत्था टेककर गुरु घर का आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने लंगर हॉल में जाकर सेवा की और स्वयं बर्तन साफ कर संगत के साथ सेवा भाव का परिचय दिया। अभिनेत्री ने इसके पश्चात बाबा दीप सिंह जी शहीद और लाची बेर साहिब में भी अरदास की। उन्होंने परिक्रमा में बैठकर कुछ समय ध्यान लगाया और आध्यात्मिक वातावरण को महसूस किया। बताया जा रहा है कि प्रियंका चोपड़ा करीब डेढ़ घंटे से अधिक समय तक स्वर्ण मंदिर परिसर में मौजूद रहीं। प्रियंका की इस सादगी और श्रद्धा भरे व्यवहार ने वहां मौजूद संगत और सेवदारों का दिल जीत लिया। बिना किसी तामझाम और सुरक्षा शोर-शराबे के उन्होंने गुरु घर में बेहद शांत और विनम्र तरीके से समय बिताया। उनकी इस यात्रा को आध्यात्मिक शांति और सेवा के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

सुरक्षा के मद्देनजर बठिंडा प्रशासन सख्त: हवाई अड्डे के आसपास पतंगबाजी बैन, किरायेदारों की जांच जरूरी

बठिंडा. जिला मजिस्ट्रेट राजेश धीमान ने जिले में कई अहम प्रतिबंध लागू किए हैं, जो 9 जून 2026 तक प्रभावी रहेंगे। जारी आदेशों के अनुसार हवाई अड्डे के दो किलोमीटर दायरे में लालटेन और इच्छा पतंग उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि उड़ानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा पीजी संचालकों को अपने यहां रहने वाले किरायेदारों का पुलिस वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य किया गया है तथा सीसीटीवी और अग्निशमन उपकरण लगाने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए हनुमान चौक, गोनियाना रोड और खेल स्टेडियम रोड पर ट्रक खड़े करने पर रोक लगाई गई है। स्कूलों के बाहर भी भारी वाहनों की पार्किंग पर प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही बिना अनुमति कच्ची खूहियां (बोर) खोदने और केंद्रीय जेल में प्रतिबंधित वस्तुएं रखने पर भी सख्त रोक लगाई गई है।

बठिंडा में बैसाखी मेले की तैयारियां तेज: प्रशासन सतर्क, सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा

बठिंडा. बैसाखी मेले के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। डिप्टी कमिश्नर बठिंडा राजेश धीमान और एसएसपी डा. ज्योति यादव बैंस ने तख्त श्री दमदमा साहिब गुरुद्वारा के प्रबंधकों के साथ बैठक कर मेले के दौरान व्यवस्थाओं की समीक्षा की। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालु 01655-220241 और 01655-220249 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सहायता के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) की 30 सदस्यीय टीम भी तैनात की गई है। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीने के पानी की 24 घंटे उपलब्धता और साफ-सफाई व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। मेले में आने वाले वाहनों की सुचारू आवाजाही के लिए शहर में छह स्थानों पर अस्थायी बस स्टैंड बनाए गए हैं। इसके अलावा सड़कों की सफाई के लिए रोड स्वीपिंग मशीनें लगाई गई हैं और विभिन्न क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग कराई जा रही है। अग्निशमन विभाग की गाड़ियों को भी प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया है। इस मौके पर एडीसी (ज) कंचन, एसडीएम तलवंडी साबो राजेश कुमार शर्मा, एसपी जगदीश बिश्नोई, एसपी नरेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

दिल दहला देने वाला मंजर: वृंदावन हादसे में जान गंवाने वाले लुधियाना के पांच लोगों का सामूहिक अंतिम संस्कार

लुधियाना. शुक्रवार दोपहर वृंदावन में दर्शन के लिए गए जगराओं जत्थे की नाव के केशी घाट और यमुना नदी में पलटने से हुई दस मौतों में से पांच मृतक जगराओं के ही रहने वाले थे। शुक्रवार देर रात वहां पोस्टमार्टम करवाने के बाद, प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पायलट वाहनों के साथ अलग-अलग एंबुलेंस में मृतकों के शव जगराओं भेजे। जगराओं बस अड्डा चौक में मौजूद सैकड़ों शहरवासियों की उपस्थिति में शवों को उनके घरों तक पहुंचाया गया। इनमें मधुर बहल और उनकी मां कविता बहल, चाचा चरणजीत बहल और चाची पिंकी बहल, साथ ही ईशान कटारिया शामिल थे। हजारों शहरवासी उनके घरों पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। दोपहर में, शहर के श्मशान घाट में अलग-अलग समय पर उन सभी का अंतिम संस्कार किया गया। जहां बड़ी संखया में शहरवासी मौजूद थे। मुखयमंत्री ने किया दुख साझा मुखयमंत्री भगवंत मान इस बड़े दुखद हादसे के पीड़ितो के परिवारों का दुख साझा करने के लिए विशेष रूप से जगराओं पहुँचे। वह ईशान कटारिया के घर गए और उनके माता-पिता के साथ अपना दुख साझा किया। उसके बाद, वह चरणजीत बहल के घर पहुंचे और उनके बेटे तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अपना दुख साझा किया। इसके बाद, वह उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए शहर के श्मशान घाट भी पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस हादसे के पीडि़तों के परिवारों के साथ खड़ी है। इस हादसे में अभी भी 4 सदस्य लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है, और कुछ का इलाज चल रहा है। यह पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद, सरकार पीडि़त परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यदि परिवार जगराओं में मृतकों की याद में किसी भी प्रकार का स्मारक या पुस्तकालय बनाने का निर्णय लेता है, तो सरकार उसे पूरा करेगी। इसके अलावा, मुखयमंत्री ने कहा कि भविष्य में ऐसी दर्दनाक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वे उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के संपर्क में हैं। सरकार से वहां श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने को कहा गया है; यदि पंजाब सरकार की ओर से किसी भी सहयोग की आवश्यकता होती है, तो सरकार वह सहयोग भी प्रदान करेगी। ईशान को सिहरा बांधकर दी गई अंतिम विदाई वृंदावन दुर्घटना में जान गंवाने वाले युवक ईशान कटारिया के परिवार में बेहद भावुक और हृदयविदारक माहौल था। जब अंतिम विदाई का समय आया तो ईशान कटारिया को सिहरा बांधकर विदाई दी गई। ईशान कटारिया के पिता, राजू कटारिया ने बताया कि ईशान उनका इकलौता बेटा था। पूरे परिवार का उससे बहुत गहरा लगाव था। ईशान ने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली थी और वह नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। इसके साथ ही, परिवार उसकी शादी की तैयारियां भी कर रहा था, लेकिन शायद ईश्वर को यह मंजूर नहीं था और उन्होंने इतनी कम उम्र में ही उसे हमसे छीन लिया। कविता को लाल चुनरी ओढ किया विदा इस हादसे में मधुर बहल और उनकी माकविता बहल की भी मौत हो गई। अंतिम विदाई समय मधुर बहल को सिहरा बांधा गया और उसकी मां कविका बहल को लाल चुनरी ओढ कर अंतिम विदाई दी गई। जब एक ही घर से मां बेटे की एक साथ अर्थी निकली तो हकाारों मौजूद लोगों की आंखे नम होने से नहीं रह्वह सकी। पिता का भावुक पोस्ट जगराओं का एक और युवक, ऋषभ शर्मा भी उन श्रद्धालुओं में शामिल है, जो वृंदावन यात्रा पर गए श्रद्धालुओं की नाव यमुना नदी में पलटने के बाद से अब भी लापता हैं। अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। उसके पिता, उमेश शर्मा ने वृंदावन से सोशल मीडिया पर एक अत्यंत भावुक पोस्ट साझा करते हुए, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से एक मार्मिक अपील की है। इस पोस्ट में उन्होंने कहा है कि उन्हें कोई गोताखोर नहीं मिल पाया है। अभी तक कोई भी उनके बेटे के बारे में कोई जानकारी हासिल नहीं है। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि वे उनके बेटे ऋषभ को ढूंढकर उन्हें सौंप दें।