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पंडोरी की तलाश में पहुंची पुलिस, देर रात छापेमारी के बाद खाली हाथ लौटी टीम

अमृतसर  शिरोमणि अकाली दल की बीसी विंग के प्रधान एवं पार्षद इंद्रजीत सिंह पंडोरी के निवास पर बीती रात करीब ढाई बजे पुलिस की कई टीमें पहुंचीं। चार पुलिस वाहनों में पहुंचे अधिकारियों ने पंडोरी के घर पहुंचे। परिवार के सदस्यों ने बताया कि देर रात पुलिस कर्मियों ने घर पर पहुंचकर इंद्रजीत सिंह पंडोरी के बारे में पूछताछ की। जब परिवार के सदस्य बाहर आए तो उन्होंने पुलिस को बताया कि पंडोरी घर पर नहीं हैं। इसके बाद पुलिस टीम बिना किसी कार्रवाई के वहां से लौट गई। सूत्रों के अनुसार पुलिस इंद्रजीत सिंह पंडोरी को हिरासत में लेने के उद्देश्य से पहुंची थी, लेकिन उनके घर पर नहीं मिलने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। हालांकि पुलिस किस मामले में उन्हें हिरासत में लेने पहुंची थी, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह मजीठा में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के समर्थक जोबनजीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बाद में मजीठिया अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और उसे पुलिस हिरासत से छुड़वा लिया था।

बारिश से पहले एक्शन मोड में सरकार, 1400 हॉटस्पॉट और 2200 किमी सीवर नेटवर्क होगा दुरुस्त

चंडीगढ़. मानसून के दौरान सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पंजाब सरकार ने राज्यभर में अब तक का सबसे बड़ा सीवरेज सफाई अभियान शुरू किया है। स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बुधवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि वर्षा शुरू होने से पहले पंजाब के सभी शहरों और कस्बों में 2,200 किलोमीटर लंबी सीवर लाइनों की सफाई तथा 1,400 पुराने सीवर ओवरफ्लो हाटस्पाट्स को दुरुस्त किया जाएगा। बैंस ने बताया कि इस अभियान के तहत 800 किलोमीटर मुख्य ट्रंक सीवर लाइनों और 1,400 किलोमीटर मोहल्लों की शाखा सीवर लाइनों की सफाई की जाएगी। विभाग ने ऐसे 1,400 स्थानों की पहचान की है जहां हर वर्ष मानसून के दौरान सीवर ओवरफ्लो की समस्या सामने आती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार ने इस बार स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है कि पंजाब के किसी भी शहर या कस्बे में सीवर ओवरफ्लो नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए विशेष अभियान मिशन मोड में चलाया जा रहा है। पटियाला में नंगल में होगी सफाई मंत्री अनुसार जालंधर में 108 किलोमीटर सीवर लाइन और 47 हाटस्पाट, पटियाला में 93 किलोमीटर, लुधियाना में 40 किलोमीटर और 42 हाटस्पाट, बठिंडा में 55 किलोमीटर और 39 हाटस्पाट, मोहाली में 36 किलोमीटर, जीरकपुर में 14 किलोमीटर और 15 हाटस्पाट, खरड़ में 11 किलोमीटर और 11 हाटस्पाट, धूरी में सात किलोमीटर और तीन हाटस्पाट, कोटकपूरा में 21 किलोमीटर तथा नंगल में सात किलोमीटर सीवर लाइनों की सफाई की जा रही है। जेई से एसई स्तर तक जवाबदेही हरजोत बैंस ने कहा कि स्थानीय निकायों और सीवरेज बोर्ड के जेई तथा अन्य कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। सुपर सक्शन मशीनों और हाई-कैपेसिटी जेटिंग उपकरणों की तैनाती की गई है। अभियान की प्रगति की निगरानी डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से रोजाना की जाएगी और जेई से लेकर एसई स्तर तक जवाबदेही तय की गई है। उन्होंने कहा कि सभी जिम्मेदार अधिकारियों को मैदान में रहने के निर्देश दिए गए हैं और विधायकों व नगर परिषद प्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़ा गया है ताकि इस बार लोगों को जलभराव, सीवर बैकफ्लो और गंदे पानी से फैलने वाली बीमारियों से राहत मिल सके।

अभिभावकों को राहत: पंजाब में स्कूल फीस वृद्धि पर लगी सीमा, CM मान ने किया ऐलान

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य के निजी स्कूल अब सालाना पांच प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। इससे अधिक फीस वसूलने वाले स्कूलों को अतिरिक्त राशि अभिभावकों को वापस करनी होगी, साथ ही जुर्माना भी लगाया जाएगा।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल में अमृतसर में फीस को लेकर सामने आई दुखद घटना के बाद बड़ी संख्या में अभिभावकों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी। बच्चों और अभिभावकों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान जिन स्कूलों ने निर्धारित सीमा से अधिक फीस बढ़ाई है, उनकी जांच कर अतिरिक्त वसूली गई रकम अभिभावकों के खातों में रिफंड करवाई जाएगी। इस संबंध में नया कानून आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा, जो राज्य के सभी निजी स्कूलों पर लागू होगा। मान ने स्पष्ट किया कि पांच प्रतिशत की सीमा केवल ट्यूशन फीस तक सीमित नहीं होगी। स्कूलों द्वारा वसूले जाने वाले सभी अनिवार्य शुल्क और फंड भी इसके दायरे में आएंगे। इसका उद्देश्य अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने के लिए अपनाए जाने वाले अन्य रास्तों को बंद करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था के तहत फीस नियमन संबंधी कानून प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो सका, जिससे कई स्कूलों को मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने का अवसर मिला। नई व्यवस्था शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। निगरानी के लिए बनेगी रेगुलेटरी बाॅडी फीस वृद्धि संबंधी शिकायतों की निगरानी और जांच के लिए रेगुलेटरी बॉडी का गठन किया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगी कि फीस में बढ़ोतरी केवल वास्तविक खर्च और विकास कार्यों के आधार पर हो तथा संस्थान मुनाफाखोरी न करें। सरकार निजी स्कूलों के वित्तीय ऑडिट की व्यवस्था पर भी विचार कर रही है। प्रस्ताव के तहत चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की कमेटी स्कूलों के पिछले तीन से पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर सकती है। नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई कानून के उल्लंघन पर पहली बार 30 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। दूसरी बार उल्लंघन पर जुर्माना बढ़कर दो लाख रुपये तक हो सकता है। तीसरी बार नियम तोड़ने पर स्कूल की मान्यता या संबद्धता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। अभिभावक जिला स्तरीय रेगुलेटरी बॉडी के समक्ष फीस वृद्धि को चुनौती भी दे सकेंगे। 

हाई कोर्ट के फैसले से PRTC कर्मचारियों की बढ़ी चिंता, नियमितीकरण पर लगी रोक

चंडीगढ़  पंजाब रोडवेज एवं पीईपीएसयू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (पीआरटीसी) के कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने के एकल पीठ के आदेश पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने मामले में नोटिस जारी करते हुए 31 अगस्त 2026 की तारीख निर्धारित की है और तब तक संबंधित कर्मचारियों की सेवाओं के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। डिवीजन बेंच के समक्ष पीआरटीसी की ओर से अपील में 22 अप्रैल 2026 को पारित उस फैसले को चुनौती दी गई, जिसमें एकल पीठ ने कर्मचारियों की याचिका स्वीकार करते हुए निगम को छह सप्ताह के भीतर उन्हें नियमित करने का निर्देश दिया था। एकल पीठ ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं किया गया तो संबंधित कर्मचारियों को नियमित माना जाएगा। 21 मई के आदेशों का दिया गया हवाला सुनवाई के दौरान पीआरटीसी की ओर से पेश वकीलों ने अदालत को बताया कि नियमितीकरण से जुड़ा समान कानूनी प्रश्न पहले से ही एक अन्य मामले में हाई कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है। उन्होंने 21 मई 2026 को पारित एक अंतरिम आदेश का हवाला देते हुए कहा कि पीईपीएसयू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन बनाम जसदीप सिंह व अन्य मामले में भी यही मुद्दा लंबित है और उस प्रकरण की सुनवाई 31 अगस्त 2026 को निर्धारित है। दलीलों पर विचार करने के बाद डिवीजन बेंच ने मामले में नोटिस जारी कर दिया और वर्तमान अपील को भी उसी तारीख पर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया, जिस दिन समान प्रकृति का दूसरा मामला सुना जाएगा। अदालत ने आदेश दिया कि इस अपील को एलपीए-1410-2026 के साथ सुना जाएगा ताकि नियमितीकरण के मुद्दे पर एक समान दृष्टिकोण अपनाया जा सके। यथास्थिति बनाए रखने के दिए आदेश सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए कहा कि निजी प्रतिवादियों यानी कर्मचारियों की सेवाओं के संबंध में संबंधित विभाग यथास्थिति बनाए रखे। इसका अर्थ यह है कि फिलहाल न तो कर्मचारियों को नियमित किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और न ही उनकी मौजूदा सेवा स्थिति में कोई बदलाव किया जाएगा। फिलहाल अदालत के अंतरिम आदेश से एकल पीठ के नियमितीकरण संबंधी निर्देशों के क्रियान्वयन पर रोक लग गई है और अंतिम निर्णय आने तक स्थिति यथावत बनी रहेगी।

सीमा पार कनेक्शन का खुलासा, पंजाब में IED के साथ 2 अपराधी दबोचे गए, बड़े हमले की थी तैयारी

चंडीगढ़  पंजाब पुलिस ने सीमा पार से चल रहे आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) मोहाली ने विदेश में बैठे एक आतंकी ऑपरेटिव के दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई का खुलासा पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने किया। अभी तक की जांच में सामने आया है कि इनके द्वारा सार्वजनिक ढांचे को निशाना बनाने की साजिश थी, जिसे नाकाम कर दिया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़ा सुरक्षा खतरा टल गया। मामले में आगे की जांच जारी है। जांच एजेंसियां साजिश से जुड़े हैंडलर्स, सहयोगियों और पूरे आतंकी नेटवर्क के संबंधों का पता लगाने में जुटी हैं। पंजाब पुलिस ने कहा कि वह आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने, संगठित अपराध पर अंकुश लगाने और राज्य में शांति व जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 2022 में पुलिस इंटेलिजेंस मुख्यालय पर हुआ था RPG अटैक मोहाली में पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस मुख्यालय पर 9 मई 2022 को आरपीजी (RPG) हमला हुआ था, जिसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है। मामले में अब तक पाकिस्तान और कनाडा में बैठे आतंकियों, स्थानीय गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ हो चुका है। केंद्रीय एजेंसियां मुख्य शूटर दीपक रंगा को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से और मुख्य साजिशकर्ता चढ़त सिंह को मुंबई से गिरफ्तार कर चुकी हैं। इसके अलावा कई अन्य आरोपियों को भी जेल भेजा जा चुका है। जांच में पता चला कि इस हमले की मुख्य साजिश पाकिस्तान में छिपे आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा और कनाडा में बैठे लखबीर सिंह लांडा (बब्बर खालसा इंटरनेशनल) ने रची थी, जिनकी संपत्तियां भी कुर्क की जा चुकी हैं। मोहाली की विशेष अदालत में इस मामले पर लगातार कानूनी कार्रवाई चल रही है, जहां जेल में बंद मुख्य आरोपियों गुरपिंदर पिंदा, निशांत सिंह और विकास कुमार समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ सुनवाई और गवाही की प्रक्रिया जारी है।

सचिवालय में हड़कंप! कंट्रोल रूम को मिला बम धमाके का धमकी भरा ई-मेल

चंडीगढ़. पंजाब सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद वीरवार को सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। सचिवालय के कंट्रोल रूम को एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें परिसर में बम होने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट कर दिया गया। धमकी मिलने के बाद सचिवालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने भवन के विभिन्न हिस्सों की गहन जांच की। हालांकि, प्रारंभिक जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। सुरक्षा व्यवस्था की गई कड़ी धमकी के मद्देनजर सचिवालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई। प्रवेश और निकास द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया तथा आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच की गई। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी। ई-मेल की जांच में जुटीं एजेंसियां पुलिस और साइबर सेल की टीमें धमकी भरा ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुट गई हैं। ई-मेल की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदेश कहां से भेजा गया और इसके पीछे किसका हाथ है। अफवाहों से बचने की अपील अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए गए हैं।

कर्मचारियों के लिए एक और झटका, वेतन विवाद के बीच छुट्टियों को लेकर जारी हुआ नया फरमान

लुधियाना  नगर निगम द्वारा जनगणना डयूटी में लगे मुलाजिमों पर सख्ती दिन-ब-दिन बढ़ाई जा रही है जिसके तहत पहले जो मुलाजिम ड्यूटी पर नहीं आ रहे थे, उन पर पुलिस केस दर्ज करवाने व सैलरी रोकने की कार्रवाई की गई। वहीं अब यह फरमान जारी कर दिया गया है कि जनगणना डयूटी में लगे मुलाजिमों को छुट्टी वाले दिन भी स्टेशन लीव नहीं मिलेगी। इस संबंधी जारी आर्डर में जनगणना का काम हर हाल में 13 जून तक पूरा करने के टारगेट का हवाला दिया गया है जिसके मद्देनजर जनगणना ड्यूटी में लगे मुलाजिमों पर छुट्टी वाले दिन भी स्टेशन छोड़ने से पहले एन.ओ.सी. लेने की शर्त लगा दी गई है। यह फैसला उन मुलाजिमों पर भी लागू होगा जिनकी छुट्टी उनके विभाग द्वारा पहले से मंजूर है या जिन्होंने विदेश यात्रा के लिए अप्लाई किया है। इस सर्कुलर की कापी डी.सी. के साथ डी.ई.ओ. व उन विभागों के हैड को भेजी गई है जिनके मुलाजिम जनगणना डयूटी में लगे हुए है। महानगर में शुरू हुई पेड़ों की जनगणना   महानगर में एक साथ 2 जनगणना शुरू हो गई है जिसके तहत नगर निगम द्वारा पेड़ों की गणना करवाने का फैसला किया गया है। यह प्रक्रिया नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा जारी किए गए निर्देशों को लागू करने के लिए अपनाई गई है जहां शहर में आए दिन सामने आ रहे पेड़ों की अवैध रूप से कटाई होने के मामलों को लेकर केस चल रहा है।  इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एन.जी.टी. द्वारा पहले पेड़ों की गिनती करवाने की हिदायत दी गई है जो काम नगर निगम द्वारा एक प्राइवेट कंपनी को सौंपा गया है, जिसके द्वारा काम शुरू करने को लेकर बागवानी शाखा द्वारा बाकायदा पंजाब ट्री प्रोटेक्शन एक्ट के तहत पब्लिक नोटिस जारी कर दिया गया है।

चंडीगढ़ में हड़कंप: पंजाब सचिवालय को बम धमाके की धमकी, जांच में जुटीं एजेंसियां

चंडीगढ़ पंजाब सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद वीरवार को सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। सचिवालय के कंट्रोल रूम को एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें परिसर में बम होने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट कर दिया गया। धमकी मिलने के बाद सचिवालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने भवन के विभिन्न हिस्सों की गहन जांच की। हालांकि, प्रारंभिक जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। सुरक्षा व्यवस्था की गई कड़ी धमकी के मद्देनजर सचिवालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई। प्रवेश और निकास द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया तथा आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच की गई। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी।घटना के बाद सचिवालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। मुख्य प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि आने-जाने वाले कर्मचारियों और आगंतुकों की जांच प्रक्रिया को भी सख्त किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर की निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके। साइबर जांच शुरू धमकी भरे ई-मेल की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम जांच में जुट गई है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि ई-मेल किस स्थान से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। ई-मेल की जांच में जुटीं एजेंसियां पुलिस और साइबर सेल की टीमें धमकी भरा ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुट गई हैं। ई-मेल की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदेश कहां से भेजा गया और इसके पीछे किसका हाथ है। अफवाहों से बचने की अपील अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए गए हैं।  

भुल्लर की याचिका खारिज करने की मांग, CBI बोली- ट्रायल टालने की हो रही कोशिश

अमृतसर  रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर द्वारा मुकदमा चलाने की मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिका पर आज सुनवाई होगी। इस याचिका का CBI ने विशेष अदालत में विरोध किया है।  CBI ने अपने जवाब में कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 19(2) के तहत सक्षम प्राधिकारी ने जांच से जुड़े सभी तथ्यों और दस्तावेजों की समीक्षा करने के बाद आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी। सीबीआई के अनुसार, शिकायतकर्ता की लिखित शिकायत के आधार पर 16 अक्टूबर 2025 को डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और सह-आरोपी कृष्णु शारदा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच पूरी होने के बाद 3 दिसंबर 2025 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई।CBI ने अदालत को बताया कि 13 मार्च को अदालत इस मामले में संज्ञान ले चुकी है और उस समय वैध अभियोजन स्वीकृति आदेश रिकॉर्ड पर मौजूद था। ऐसे में अब सैंक्शन आदेश की वैधता पर सवाल उठाना उचित नहीं है। मुख्य सचिव को दी गई जानकारी CBI ने भुल्लर के इस दावे को गलत बताया कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी केवल पंजाब सरकार ही दे सकती थी। एजेंसी ने कहा कि भुल्लर IPS अधिकारी हैं और उन्हें नौकरी से हटाने का अधिकार राष्ट्रपति के पास है। उनके खिलाफ केस चलाने की मंजूरी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दी थी। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार को प्रक्रिया से बाहर नहीं रखा गया था। 3 दिसंबर 2025 को सैंक्शन प्रस्ताव भेजते समय पंजाब के मुख्य सचिव को भी इसकी जानकारी दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का दिया हवाला CBI ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी से जुड़े सवाल ट्रायल के दौरान उठाए जा सकते हैं। इस समय ऐसी याचिका दाखिल करना जल्दबाजी है। एजेंसी ने यह भी तर्क दिया कि रिश्वत मांगना या लेना किसी भी सरकारी अधिकारी के आधिकारिक कर्तव्य का हिस्सा नहीं हो सकता। इसलिए आरोपी द्वारा अतिरिक्त कानूनी सुरक्षा का दावा भी इस मामले में लागू नहीं होता। ट्रायल में देरी की कोशिश: CBI CBI ने अदालत से कहा कि आरोपी की याचिका का उद्देश्य आरोप तय करने की प्रक्रिया को लंबित रखना और ट्रायल में देरी करना है। इसलिए याचिका को खारिज किया जाना चाहिए।

हीटवेव से मिलेगी राहत, पंजाब में आज से तेज हवाएं और बारिश के आसार, 3 दिन मौसम रहेगा खराब

चंडीगढ़ पंजाब में भीषण गर्मी से आज राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने आज से अगले चार दिनों तक तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। वहीं बुधवार को भीषण गर्मी का असर जारी रहा और फरीदकोट में अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा।  मौसम विभाग के अनुसार पंजाब में तापमान सामान्य से 2.7 डिग्री नीचे रहा, लेकिन शुष्क मौसम के कारण इसमें 0.2 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। वीरवार और शुक्रवार को मौसम सबसे अधिक प्रभावित रहने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बारिश होने के आसार हैं।  चंडीगढ़ में आज (4 जून) से लेकर 6 जून तक बारिश और आंधी का अलर्ट ऑरेंज है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है, जबकि इसके बाद मौसम ड्राई रहेगा। अभी हीट वेव से राहत बनी रहेगी। जून की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने फिर से अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबित तापमान में 0.2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है, हालांकि यह अभी भी सामान्य से 2.7 डिग्री नीचे है। फरीदकोट में सबसे अधिक तापमान 42.6 डिग्री दर्ज किया गया है। विभाग के अनुसार, आज पंजाब में बारिश होने की संभावना है। हालांकि 5 जून से बारिश की गतिविधियां पश्चिमी क्षेत्रों से कम होने लगेंगी और धीरे-धीरे पूर्वी इलाकों की ओर शिफ्ट होंगी। इसी तरह आज-कल चंडीगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। यहां तेज हवाएं चल सकती हैं और मूसलाधार बारिश भी हो सकती है। सभी जिलों में तापमान 35 से 42 डिग्री के बीच दर्ज किया गया है। आठ जून से फिर शुष्क होगा मौसम छह और सात जून के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन दिनों 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बदलाव से तापमान में 4 से 5 डिग्री तक गिरावट आ सकती है।अमृतसर और लुधियाना का अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री, पटियाला का 39.4 डिग्री और रूपनगर का 37.4 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर में सबसे कम 22.4 डिग्री न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। विभाग के अनुसार आठ जून से मौसम फिर शुष्क हो जाएगा।  23% कम बारिश दर्ज जून में अब तक 23 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। 3 जून 2026 को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों (2 जून सुबह 8:30 बजे से 3 जून सुबह 8:30 बजे तक) अमृतसर में 7.8 मिमी, तरनतारन में 4.7 मिमी, गुरदासपुर में 3.8 मिमी, फिरोजपुर में 2.2 मिमी और फरीदकोट में 0.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं लुधियाना, पटियाला, बठिंडा और होशियारपुर समेत कई जिलों में बारिश नहीं हुई। पंजाब में औसतन बारिश 1.2 मिमी दर्ज की गई, जो सामान्य 1.5 मिमी के मुकाबले 23 प्रतिशत कम है। हालांकि जून के पहले तीन दिनों (1 से 3 जून) के आंकड़े देखें तो अमृतसर में सामान्य से 460 प्रतिशत, तरनतारन में 200 प्रतिशत और फिरोजपुर में 175 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। दूसरी ओर पठानकोट, जालंधर, मोहाली और संगरूर समेत राज्य के कई हिस्सों में अब तक एक भी मिमी बारिश दर्ज नहीं हुई। मानसून अब आगे बढ़ने लगा मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। 4 जून के आसपास इसके केरल, तमिलनाडु, लक्षद्वीप और अरब सागर व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में पहुंचने के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय है। इसके अलावा उत्तर पाकिस्तान के ऊपर भी एक नया पश्चिमी विक्षोभ बन गया है। इससे उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदला रह सकता है। इस दौरान तेज हवाएं चलने, गरज-चमक होने और कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना है। तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम…     5 जून: फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, बरनाला, मानसा, संगरूर और पटियाला के कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसी दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।     6 जून: फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा के कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं (40–50 किलोमीटर प्रति घंटा) चलने की संभावना है। इसके साथ ही इन जिलों और फरीदकोट में हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है।     7 जून: कोई अलर्ट नहीं।