samacharsecretary.com

भारतीय मूल के अरविंदर का जलवा: Cricket Canada के प्रधान चुने गए, जीत दर्ज

फिरोजपुर. दुनियाभर में बसे पंजाबियों के लिए गर्व का क्षण तब बना, जब फिरोजपुर के गांव कोठा अंबरहर के रहने वाले अरविंदर सिंह खोसा ने क्रिकेट कनाडा के प्रधान पद का चुनाव जीत लिया। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए उनके पूर्व शारीरिक शिक्षा अध्यापक और राज्य व राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता गुरनाम सिद्धू गामा ने बताया कि अरविंदर सिंह खोसा बचपन से ही खेलों में रुचि रखते थे। उनके पिता स्वर्गीय निशान सिंह खोसा और चाचा सुखवंत सिंह खोसा की प्रेरणा से उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया। अरविंदर सिंह खोसा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डाल चंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल से प्राप्त की, जबकि उच्च शिक्षा गुरु नानक कॉलेज से पूरी की। उनके खेलने के अंदाज के कारण उनके साथी उन्हें ‘अफरीदी’ कहकर बुलाते थे। अदालत से मिली सफलता कनाडा से फोन पर बातचीत करते हुए अरविंदर खोसा ने बताया कि वहां क्रिकेट संस्था के चुनाव लंबे समय से नहीं हो पा रहे थे। इन चुनावों को करवाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दबाव था। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश के बाद शुक्रवार को चुनाव कराए गए, जिसमें 10 में से 8 राज्यों ने उनके पक्ष में मतदान किया। इस तरह उन्होंने बड़ी बढ़त के साथ जीत हासिल की। क्रिकेट के विकास के लिए करेंगे मेहनत अरविंदर खोसा ने कहा कि वह इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाएंगे और कनाडा में क्रिकेट के विकास के लिए पूरी मेहनत करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में वहां क्रिकेट को नई दिशा मिलेगी। उनकी इस सफलता पर पूर्व विधायक कुलबीर सिंह जीरा, गुरनाम सिद्धू, सुखजिंदर सिंह कुलगढ़ी, गुरभेज सिंह, लखविंदर सिंह, अभिनेता हरिंदर भुल्लर सहित कई प्रमुख लोगों ने उन्हें बधाई दी। लोगों का कहना है कि अरविंदर खोसा ने पंजाब और देश का नाम ऊंचा किया है।

धार्मिक अपमान पर कड़ी सजा की तैयारी: पंजाब में उम्रकैद और भारी जुर्माने वाला कानून जल्द

चंडीगढ़. पंजाब कैबिनेट ने 'श्री जगतगुरु ग्रंथ साहिब जी सत्कार (संशोधन) विधेयक’ 2026 को मंजूरी दे दी है, जिसे 13 अप्रैल को बुलाए जा रहे विधानसभा के विशेष सत्र में पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य धार्मिक ग्रंथों के सम्मान को सुनिश्चित करना और बेअदबी जैसे संवेदनशील मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई को लागू करना है। नए संशोधन के तहत सजा के प्रावधानों को काफी सख्त किया गया है। अब ऐसे मामलों में कम से कम 10 साल की सजा और अधिकतम उम्रकैद (लाइफ इम्प्रिजनमेंट) का प्रावधान रखा गया है। इसके साथ ही आर्थिक दंड को भी बढ़ाया गया है, जिसमें न्यूनतम 5 लाख रुपये और अधिकतम 25 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। कैबिनेट ने यह भी तय किया है कि इन मामलों की जांच को और मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए डीएसपी (डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) स्तर के अधिकारी से कम रैंक का कोई भी अधिकारी जांच नहीं करेगा। साथ ही आरोपित द्वारा मानसिक अस्थिरता का हवाला देकर बचने की कोशिशों को भी सख्ती से परखा जाएगा। इसके अलावा, कानून में परिभाषाओं को स्पष्ट किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी अस्पष्टता न रहे। गांवों के विकास को लेकर फैसला इसके बाद कैबिनेट ने गांवों के विकास को लेकर भी बड़ा फैसला लिया। राज्य के 11,500 से अधिक गांवों में करीब 3 लाख स्ट्रीट लाइटें लगाने की योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत औसतन हर गांव में कम से कम 27 स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। इस प्रोजेक्ट में खर्च की हिस्सेदारी को भी बदला गया है। पहले जहां 70 प्रतिशत खर्च ग्राम पंचायतों द्वारा और 30 प्रतिशत सरकार द्वारा वहन किया जाता था, अब इसे उलट कर 70 प्रतिशत खर्च पंजाब सरकार और 30 प्रतिशत ग्राम पंचायतें वहन करेंगी। इस योजना पर करीब 380 करोड़ रुपये राज्य सरकार और लगभग 170 करोड़ रुपये पंचायतों द्वारा खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे गांवों में रोशनी बढ़ेगी, सुरक्षा बेहतर होगी और छोटे-मोटे अपराधों पर भी अंकुश लगेगा। खेलों के क्षेत्र में अहम निर्णय खेलों के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने अहम निर्णय लिया है। पंजाब को पहली बार एशियन हॉकी चैंपियनशिप की मेजबानी का मौका मिलेगा। इसके लिए हॉकी इंडिया के साथ करीब 11 करोड़ रुपये का एग्रीमेंट किया जाएगा, जबकि पूरे आयोजन के लिए लगभग 35.40 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट जालंधर के प्रमुख हॉकी मैदानों में आयोजित किया जाएगा, जहां भारत सहित एशिया की शीर्ष टीमें भाग लेंगी। सरकार का मानना है कि इससे पंजाब की खेल विरासत को नई पहचान मिलेगी और युवाओं को हॉकी की ओर प्रेरणा मिलेगी। कुल मिलाकर, कैबिनेट के ये फैसले कानून व्यवस्था को मजबूत करने, ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सुधारने और खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

पंजाब ने पराली प्रबंधन में की बड़ी उपलब्धि, 94% कमी आई जलाने की घटनाओं में, मिला स्कॉच सिल्वर अवॉर्ड

चंडीगढ़  पंजाब सरकार द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के क्षेत्र में अपनाई गई दूरदर्शी रणनीति को बड़ी राष्ट्रीय मान्यता मिली है। राज्य को पर्यावरण श्रेणी में प्रतिष्ठित 'स्कॉच सिल्वर अवॉर्ड 2025' से नवाजा गया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में इस उपलब्धि की जानकारी दी। कृषि मंत्री ने आंकड़ों के जरिए पंजाब की सफलता को रेखांकित करते हुए बताया कि राज्य में पराली जलाने की घटनाओं में 94 प्रतिशत की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने बताया, "वर्ष 2020-21 में पराली जलाने के 83,002 मामले सामने आए थे, जो 2025-26 के सीजन में घटकर मात्र 5,114 रह गए हैं। यह पंजाब के किसानों की जागरूकता और प्रशासन की रियल-टाइम निगरानी का सुखद परिणाम है।" उन्होंने यह सम्मान उन किसानों को समर्पित किया जिन्होंने धुएं के बजाय मशीनों को चुना। मशीनीकरण पर 600 करोड़ का प्रावधान सरकार फसल अवशेषों को मिट्टी में ही खपाने के लिए मशीनों पर 50 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है। मंत्री खुड्डियां ने बताया कि इस वर्ष 25,000 नई सी.आर.एम. मशीनों की खरीद के लिए 600 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। अब तक लगभग 13,000 मशीनें खरीदी जा चुकी हैं और 427 करोड़ रुपये की सब्सिडी सीधे किसानों के खातों में जारी की जा चुकी है। कृषि विभाग ने मशीनों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की खिड़की खोल दी है, जहाँ किसान 24 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। सरकार के इस मॉडल ने न केवल वायु गुणवत्ता में सुधार किया है, बल्कि मिट्टी की उर्वरक शक्ति को भी बढ़ाने में मदद की है।

त्रासदी पर संवेदना: पंजाब CM मान ने योगी से की बात, रेस्क्यू ऑपरेशन पर लिया अपडेट

लुधियाना. उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए हर संभव सहायता का भरोसा दिया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री मान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे बातचीत कर हालात की जानकारी ली है। राहत व बचाव कार्यों में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार लगातार उत्तर प्रदेश प्रशासन के संपर्क में है और घटनास्थल पर चल रहे अभियान पर नजर बनाए हुए है। 11 की जा चुकी जान इस हादसे में अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 22 लोग घायल हैं और पांच अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मृतकों में लुधियाना और जगराओं क्षेत्र के लोग अधिक हैं, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, जगराओं से करीब 120 श्रद्धालु दो बसों में सवार होकर 9 अप्रैल को चार दिन की धार्मिक यात्रा पर वृंदावन गए थे। शुक्रवार दोपहर के समय केसी घाट के पास श्रद्धालुओं से भरी नाव गहरे पानी में पहुंच गई और नदी में मौजूद लोहे के ढांचे से टकराने के बाद पलट गई। यह बेहद दुखद घटना मुख्यमंत्री मान ने अपने संदेश में कहा कि “यह बेहद दुखद घटना है। कुछ श्रद्धालुओं की जान चली गई है, जिससे पूरा प्रदेश शोक में है। हम हर पीड़ित परिवार के साथ हैं और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों की सहायता में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए। इसके साथ ही लुधियाना प्रशासन द्वारा नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, जहां से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है। यूपी में बचाव कार्य लगातार जारी घटना के बाद पुलिस, आपदा राहत बल, सेना और स्थानीय गोताखोरों की टीमों द्वारा बचाव अभियान लगातार जारी है। लापता लोगों की तलाश के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। मुख्यमंत्री की सक्रियता से पीड़ितों को राहत की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन पूरे प्रदेश में इस घटना को लेकर गहरा दुख और संवेदना का माहौल बना हुआ है। 

महिला अफसरों का जलवा: कमिश्नर, डीसी, आईजी और एसएसपी पदों पर बनीं नई शर्तें

फरीदकोट किसी भी जिले की व्यवस्था उसके प्रशासन और पुलिस महकमे पर टिकी होती है। फरीदकोट में अब इन दोनों अहम मोर्चों की कमान पूरी तरह से ‘नारी शक्ति’ के हाथ में आ गई है।  वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत कौर ने जैसे ही डिविजनल कमिश्नर की कुर्सी संभाली, फरीदकोट के इतिहास में एक नया पन्ना जुड़ गया। इसी के साथ जिले के चार सबसे बड़े पदों कमिश्नर, डीसी, आईजी और एसएसपी पर महिला अधिकारियों की शानदार ‘जोड़ी’ बन गई है। यह बदलाव सिर्फ महिला सशक्तिकरण की एक तस्वीर भर नहीं है, बल्कि आम जनता के लिए पारदर्शी और जवाबदेह शासन की एक नई उम्मीद भी है। जिले की नागरिक और सुरक्षा व्यवस्था अब पूरी तरह से महिला अधिकारियों के कौशल पर टिकी है।  जहां मंडल स्तर पर आईएएस कंवलप्रीत कौर कमान संभाल रही हैं, वहीं जिले की डीसी के रूप में आईएएस पूनमदीप कौर नागरिक प्रशासन का नेतृत्व कर रही हैं। पुलिस विभाग में भी यही नजारा है; एसएसपी के पद पर डॉक्टर प्रज्ञा जैन तैनात हैं, जबकि रेंज स्तर पर पुलिस महानिरीक्षक का अहम पद नीलांबरी विजय जगदले संभाल रही हैं। शासन के शीर्ष पर बैठी इन चार महिला अधिकारियों की मौजूदगी ने फरीदकोट को पंजाब के प्रशासनिक मानचित्र पर एक प्रगतिशील और समावेशी जिले के रूप में स्थापित कर दिया है। शिकायतों का होगा समाधान : कमिश्नर कार्यभार संभालते ही मंडल आयुक्त कंवलप्रीत कौर ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालयों में फाइलों का अंबार लगाने के बजाय जनसमस्याओं का मौके पर निपटारा करना उनकी प्राथमिकता होगी। अधिकारियों के साथ अपनी पहली बैठक में उन्होंने ‘नागरिक केंद्रित शासन’ पर जोर देते हुए कहा कि आम आदमी को अपनी जायज मांगों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में कोई भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

धार्मिक पहचान दिलाने की पहल: फतेहगढ़ साहिब को पवित्र शहर घोषित करने की उठी मांग

फतेहगढ़ साहिब. पंजाब के फतेहगढ़ साहिब को पवित्र शहर घोषित करने की मांग उठी है। इस संबंध में बलजीत सिंह भुट्टा ने गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर औपचारिक ज्ञापन सौंपा। उनके साथ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी भी मौजूद रहे। भुट्टा ने कहा कि ऐतिहासिक फतेहगढ़ साहिब केवल सिख समुदाय ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने बताया कि यही वह पावन स्थल है, जहां दशम पिता गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों—बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस महान शहादत की गवाह इस धरती की पवित्रता और गरिमा को बनाए रखना समय की प्रमुख आवश्यकता है। अन्य पवित्र शहरों की तर्ज पर मिले विशेष व्यवस्थाएं भुट्टा ने मांग की कि जिस प्रकार अमृतसर और आनंदपुर साहिब जैसे धार्मिक नगरों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, उसी तर्ज पर फतेहगढ़ साहिब को भी विशेष दर्जा दिया जाए। भुट्टा ने राज्यपाल से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय पर संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार को उचित दिशा-निर्देश जारी करें। उन्होंने कहा कि फतेहगढ़ साहिब को ‘पवित्र शहर’ घोषित करने से यहां आने वाली संगत की भावनाओं का सम्मान होगा और इस ऐतिहासिक स्थल की मर्यादा और अधिक सुदृढ़ हो सकेगी। राज्यपाल ने विचार करने का दिया आश्वासन राज्यपाल कटारिया ने ज्ञापन प्राप्त कर आश्वासन दिया कि इस मांग पर संबंधित स्तर पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। फतेहगढ़ साहिब सिख इतिहास का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में इसे पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग को क्षेत्र में व्यापक समर्थन मिल रहा है।

खुशियों के बाद मातम: सालगिरह के दो दिन बाद यमुना हादसे में गई महिला की जान, गांव में पसरा शोक

मोगा/वृंदावन. उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पंजाब के मोगा जिले के एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस हादसे में मोगा निवासी सपना हंस की मौत हो गई, जबकि परिवार की दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। शनिवार सुबह करीब 11 बजे जैसे ही सपना हंस का शव उनके निवास स्थान पर पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। शव पहुंचते ही परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आसपास के लोग और रिश्तेदार बड़ी संख्या में उनके घर पहुंचने लगे और शोक व्यक्त किया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन की ओर से तहसीलदार लखविंदर सिंह गिल भी मौके पर पहुंचे और परिवार के साथ संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दो अलग नावों पर सवार थे परिवार के सदस्य जानकारी के अनुसार, जगराओं से मोगा का हंस परिवार अपने रिश्तेदारों के साथ 9 अप्रैल को धार्मिक यात्रा के लिए वृंदावन गया था। 10 अप्रैल को दोपहर के समय यह हादसा हुआ, जब परिवार के सदस्य दो अलग-अलग नावों में सवार थे। एक नाव में सपना हंस, रीमा हंस और सरोज रानी सवार थीं, जबकि दूसरी नाव में अनिल हंस और उनकी भतीजी नेहा हंस अन्य श्रद्धालुओं के साथ मौजूद थे। हादसे का शिकार हुई नाव में सवार करीब 55 वर्षीय सपना हंस की यमुना नदी में डूबने से मौत हो गई। वहीं रीमा हंस और सरोज रानी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दूसरी नाव में सवार अनिल हंस और नेहा हंस पूरी तरह सुरक्षित हैं। 8 अप्रैल को थी दंपत्ति की सालगिरह  यह हादसा इसलिए भी बेहद दर्दनाक बन गया क्योंकि 8 अप्रैल को ही सपना हंस और अनिल हंस की शादी की सालगिरह थी। परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन महज दो दिन बाद यह दुखद घटना हो गई। मृतका के देवर ट्विंकल हंस ने बताया कि उन्हें इस अनहोनी का जरा भी अंदाजा नहीं था। सपना हंस के दो बेटे हैं, जिनमें एक विदेश में और दूसरा दिल्ली में रहता है। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली में रह रहा बेटा तुरंत वृंदावन के लिए रवाना हो गया। जैसे ही शव मोगा पहुंचा, गुरु रामदास नगर इलाके में मातम छा गया और हर आंख नम हो गई।

राज्यपाल का आश्वासन: एम्स बठिंडा के विस्तार के लिए मिलेगा अतिरिक्त जमीन

बठिंडा  पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने शुक्रवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बठिंडा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में दी जा रही आपातकालीन सेवाओं और आधुनिक चिकित्सा ढांचे का बारीकी से निरीक्षण किया। एम्स पहुंचने पर संस्थान के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) रतन गुप्ता ने राज्यपाल का भव्य स्वागत किया। राज्यपाल ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में जाकर मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया और संस्थान की तत्परता की सराहना की। अपने दौरे के दौरान राज्यपाल ने हार्ट कमांड सेंटर, इमरजेंसी वार्ड, ट्रायेज सुविधा, सर्जिकल ट्रॉमा वार्ड और सर्जिकल इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) सहित कई प्रमुख विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि एम्स बठिंडा न केवल आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस है, बल्कि गंभीर स्थिति में मरीजों को त्वरित उपचार प्रदान करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। फैकल्टी के समर्पण और अनुसंधान की प्रशंसा संस्थान के फैकल्टी सदस्यों के साथ विशेष संवाद में राज्यपाल ने चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और मरीजों की देखभाल के प्रति डॉक्टरों की समर्पित भावना को सराहा। उन्होंने कहा कि मालवा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में एम्स बठिंडा एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है। राज्यपाल ने विशेष रूप से संस्थान द्वारा संचालित आउटरीच सेवाओं, अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम, कैंसर देखभाल और नवजात शिशुओं के लिए उपलब्ध उच्च स्तरीय सुविधाओं का जिक्र किया। उन्होंने मरीजों के परिजनों के लिए 'शेल्टर होम' स्थापित करने के प्रयासों को मानवीय संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। विस्तार के लिए भूमि आवंटन का भरोसा संस्थान की भविष्य की जरूरतों और विस्तार योजनाओं पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने एम्स प्रशासन को अतिरिक्त भूमि आवंटन के लिए केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय को औपचारिक प्रस्ताव भेजने का सुझाव दिया। उन्होंने प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे इस प्रक्रिया को सुगम बनाने और मंत्रालय स्तर पर समन्वय स्थापित करने में अपना पूर्ण सहयोग देंगे। दौरे के समापन पर राज्यपाल ने संस्थान के निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि एम्स बठिंडा का लक्ष्य समुदाय को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है, जिसमें वे सफल हो रहे हैं।

पंजाब विधानसभा में बेअदबी पर संशोधित बिल पास, लागू होगा तुरंत, राष्ट्रपति की मंजूरी की आवश्यकता नहीं

Punjab: विधानसभा में बेअदबी पर संशोधित बिल पास, अब राष्ट्रपति की मंजूरी की जरूरत नहीं पंजाब विधानसभा में बेअदबी पर संशोधित बिल पास, लागू होगा तुरंत, राष्ट्रपति की मंजूरी की आवश्यकता नहीं पंजाब विधानसभा में बेअदबी पर संशोधित बिल पास, अब बिना राष्ट्रपति की मंजूरी के होगा लागू चंडीगढ़   पंजाब सरकार 13 अप्रैल को विशेष सत्र के दौरान धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी रोकने से संबंधित संशोधन विधेयक विधानसभा में पेश करेगी। इस पर चर्चा के बाद इसका निर्विरोध पारित होना तय माना जा रहा है। यह विधेयक पूरी तरह राज्य के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए जरूरी औपचारिकताओं के बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजने की जरूरत नहीं होगी और पारित होते ही लागू कर दिया जाएगा। प्रदेश में लगातार सामने आ रहे बेअदबी के मामलों के चलते लंबे समय से सख्त कानून की मांग उठ रही थी। आम आदमी पार्टी सरकार ने इसे अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया हुआ है। जुलाई 2025 में सरकार ने इस संबंध में एक मसौदा विधानसभा में पेश किया था लेकिन विभिन्न धर्मों और संप्रदायों के सुझाव लेने के लिए इसे विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर की अध्यक्षता वाली सिलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया था। बाद में कमेटी को दो महीने का अतिरिक्त समय भी दिया गया। अब खालसा पंथ के सृजन दिवस 13 अप्रैल को सरकार इस अहम विधेयक को सदन में लाने जा रही है। यह संवेदनशील और पंथक मुद्दा होने के कारण किसी भी राजनीतिक दल द्वारा विरोध की संभावना कम मानी जा रही है। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान प्रश्नकाल भी नहीं होगा। इस संबंध में स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने नोटिस जारी कर दिया है। सख्त होगा सजा का प्रावधान : मान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि दि जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 के कुछ प्रावधानों में संशोधन किया जाएगा। इस एक्ट के तहत एसजीपीसी को ग्रंथ की छपाई और प्रकाशन का अधिकार है और छपने के बाद इसे गुरु साहिब का स्वरूप माना जाता है। उन्होंने कहा कि संशोधन के बाद बेअदबी के मामलों में 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और लाखों रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा। सुरक्षा के लिए बार कोड और क्यूआर कोड जैसे उपाय भी लागू किए जाएंगे। सावर्जनिक हो सिलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट : जाखड़ पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सिलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट और विधेयक का मसौदा सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह संवेदनशील मामला है, इसलिए सभी राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों को विश्वास में लिया जाना जरूरी है।   

अपराधियों पर शिकंजा: 28 वांटेड की सूचना देने वालों को नकद इनाम देगी सरकार

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर सख्त प्रहार करते हुए नई ‘रिवॉर्ड पॉलिसी’ लागू की है। इसके साथ ही राज्य के 28 मोस्ट वांटेड आरोपितों की सूची भी जारी कर दी गई है। इस नीति के तहत अब पुलिस को सही और पुख्ता सूचना देने वाले लोगों को नकद इनाम दिया जाएगा, जबकि उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। सरकार की ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम के तहत यह फैसला लिया गया है, जिसका मकसद आम लोगों को कानून-व्यवस्था मजबूत करने में भागीदार बनाना है। नई नीति के अनुसार, सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) को 1 लाख रुपये तक इनाम स्वीकृत करने का अधिकार दिया गया है। वहीं, कमिश्नर ऑफ पुलिस, रेंज आईजी और डीआईजी 1.5 लाख रुपये तक, जबकि स्पेशल डीजीपी/एडीजीपी स्तर के अधिकारी 2 लाख रुपये तक इनाम मंजूर कर सकेंगे। 2 लाख रुपये से अधिक का इनाम केवल डीजीपी स्तर पर स्वीकृत होगा। पुखता जानकारी पर ही मिलेगा इनाम एडीजीपी एजीटीएफ प्रमोद बान ने बताया कि सूचना देने वालों को इनाम तभी दिया जाएगा जब उनकी जानकारी पूरी तरह सही और जांच में प्रमाणित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर मुखबिर की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी। “राज्य सरकार का लक्ष्य है कि गैंगस्टर और अपराधियों के लिए हर रास्ता बंद कर दिया जाए और पंजाब को सुरक्षित बनाया जाए,” उन्होंने कहा- सरकार ने इसके लिए ‘एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन’ नंबर 93946-93946 भी जारी किया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति गुमनाम रहकर सूचना दे सकता है। पुलिस के अनुसार, जो सूचना आरोपितों की गिरफ्तारी तक पहुंचाने में मदद करेगी, उसे विशेष रूप से पुरस्कृत किया जाएगा। इनाम की राशि अपराध की गंभीरता, जोखिम और सूचना की गुणवत्ता के आधार पर तय की जाएगी। पंजाब पुलिस का कहना है कि इस पहल से न केवल पुलिस नेटवर्क को मजबूती मिलेगी, बल्कि आम लोगों की भागीदारी से अपराध पर लगाम लगाने में भी मदद मिलेगी। यह अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत चल रही ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम को और तेज करेगा। 56 हजार से अधिक ठिकानो ंपर पहुंची पुलिस इसी अभियान के तहत पंजाब पुलिस अब तक बड़े स्तर पर कार्रवाई कर चुकी है। राज्यभर में गैंगस्टरों से जुड़े ठिकानों पर 56,487 छापेमारी की गई है। इस दौरान 19,894 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 9,353 के खिलाफ प्रिवेंटिव एक्शन लिया गया। इसके अलावा 15,284 लोगों से पूछताछ कर उन्हें सत्यापन के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस ने 851 घोषित अपराधियों (पीओ) को भी गिरफ्तार किया है। पंजाब सरकार का मानना है कि इस रिवॉर्ड पॉलिसी से आम जनता और पुलिस के बीच भरोसा बढ़ेगा और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे बिना किसी डर के अपराध और गैंगस्टर गतिविधियों से जुड़ी जानकारी साझा करें, ताकि राज्य को अपराध मुक्त बनाया जा सके।