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अभिभावकों को राहत: पंजाब में प्राइवेट स्कूलों की फीस वृद्धि पर लगा 5 फीसदी का कैप

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों की फीस वृद्धि को लेकर बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि अब राज्य के निजी शिक्षण संस्थान एक वर्ष में 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। सरकार इस फैसले को कानूनी रूप देने के लिए जल्द ही अध्यादेश लाने जा रही है, जिसे आगामी विधानसभा सत्र में विधेयक के रूप में पेश कर कानून बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से अभिभावक निजी स्कूलों द्वारा लगातार बढ़ाई जा रही फीस को लेकर चिंता जता रहे थे। कई परिवारों पर बढ़ती शैक्षणिक लागत का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था। सरकार ने इन शिकायतों और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके और फीस वृद्धि पर नियंत्रण रखा जा सके। अधिक फीस करनी होगी वापस मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि पांच प्रतिशत की यह सीमा केवल ट्यूशन फीस तक सीमित नहीं होगी, बल्कि स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों से वसूली जाने वाली अन्य अनिवार्य फीस भी इसमें शामिल मानी जाएगी। यानी स्कूल किसी अन्य मद के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लगाकर नियमों को दरकिनार नहीं कर सकेंगे। सरकार ने यह भी तय किया है कि जिन निजी स्कूलों ने पिछले तीन वर्षों के दौरान 15 फीसदी से अधिक फीस बढ़ाई है, उन्हें अतिरिक्त वसूली गई राशि अभिभावकों को वापस करनी होगी। सरकार इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अभिभावकों के हितों की रक्षा हो। अमृतसर की घटना पर जताया दुख मुख्यमंत्री ने इस फैसले को हाल ही में अमृतसर में सामने आए एक दुखद मामले से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि एक होनहार छात्रा द्वारा कथित रूप से स्कूल में प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या किए जाने की घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया था। इसके बाद सरकार ने निजी शिक्षण संस्थानों की कार्यप्रणाली और फीस संरचना की समीक्षा शुरू की। मान ने कहा कि शिक्षा किसी भी परिवार के लिए सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है और इसे व्यवसाय का माध्यम नहीं बनने दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार विद्यार्थियों और अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

अमृतसर के दुर्ग्याणा मंदिर में सोशल मीडिया रील पर बवाल, धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप

अमृतसर. अमृतसर के श्री दुर्ग्याणा तीर्थ की परिक्रमा में एक युवक और युवती द्वारा पंजाबी गीत पर वीडियो बनाने का मामला विवादों में घिर गया है। इस घटना को लेकर धार्मिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। श्री राम बालाजी धाम के प्रमुख एवं जगतगुरु स्वामी अशनील जी महाराज ने इस घटना को धार्मिक मर्यादा के विरुद्ध बताते हुए इसे बेअदबी की श्रेणी में रखा है। अशनील महाराज ने श्री दुर्ग्याणा प्रबंधक कमेटी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए हैं। स्वामी अशनील जी महाराज ने कहा कि परिक्रमा क्षेत्र जैसे पवित्र स्थान पर युवक और युवती द्वारा पंजाबी गीत पर कथित रूप से अनुचित तरीके से अभिनय करते हुए वीडियो बनाना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं धार्मिक स्थलों की गरिमा और मर्यादा को प्रभावित करती हैं। उनके अनुसार यदि समय रहते सख्त कार्रवाई की जाती तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होती।  थोड़े समय में कई घटनाएं आई सामने उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी कुछ मामलों में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगे थे, लेकिन उन घटनाओं में भी कठोर कदम नहीं उठाए गए। इसी कारण ऐसे मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। स्वामी अशनील जी महाराज ने कमेटी नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की और कहा कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखना प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। युवक-युवती ने स्वीकार की गलती दूसरी ओर, श्री दुर्गायाणा प्रबंधक कमेटी के महासचिव अरुण खन्ना ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वीडियो सामने आने के बाद संबंधित युवक और युवती ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांग ली है। उन्होंने बताया कि पारिवारिक सदस्यों ने भी इस घटना पर खेद व्यक्त किया और भविष्य में ऐसी गलती न होने का भरोसा दिया है। अरुण खन्ना ने अपील की कि बच्चों को धार्मिक स्थलों की मर्यादा और परंपराओं के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की होड़ में किसी भी धार्मिक स्थल की गरिमा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक स्थानों पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं को मर्यादा और अनुशासन का पालन करना चाहिए।

पंजाब राजनीति में बढ़ी हलचल, ढिल्लों के कार्यक्रम में जाखड़ का बड़ा बयान

चंडीगढ़. पंजाब भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के पदभार ग्रहण समारोह को पार्टी ने शक्ति प्रदर्शन और राजनीतिक संदेश देने के बड़े मंच के रूप में इस्तेमाल किया। समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों को आड़े हाथों लिया, केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब में डबल इंजन सरकार की जरूरत बताई, जबकि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने दावा किया कि भगवंत मान सरकार के जाने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। जाखड़ का आप व कांग्रेस पर हमला समारोह को संबोधित करते हुए सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब को सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ने निराश किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का जनाधार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन कुछ राजनीतिक दल राज्य के भाईचारे और सांझी संस्कृति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। जाखड़ ने कहा कि हाल के दिनों में हिंदू और सिख के नाम पर राजनीति की जा रही है, जबकि केवल सिंह ढिल्लों को देखकर उन्हें किसी धर्म विशेष का चेहरा नहीं, बल्कि एक पंजाबी का चेहरा दिखाई देता है। जाति और धर्म के मुद्दों पर राजनीति हो रही उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को धर्मनिरपेक्ष राजनीति का समर्थक बताते थे, वही आज जाति और धर्म के मुद्दों पर राजनीति कर रहे हैं। राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए जाखड़ ने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन और महंगाई भत्ता नहीं मिल रहा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि सरकार ने झाड़ू की बेअदबी तक का मामला दर्ज कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पहले सरकारी मंचों पर कलाकारों को बुलाया जाता था, लेकिन अब वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को मंचों पर बैठाया जा रहा है। जाखड़ के योगादन की बिट्‌टू ने की सरहान केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने संबोधन में सुनील जाखड़ के योगदान की सराहना की और कहा कि उनके नेतृत्व में भाजपा संगठन और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक मजबूत विचारधारा और नेतृत्व वाली पार्टी है, जहां नेतृत्व की कोई कमी नहीं है। बिट्टू ने कहा कि जिस क्षेत्र को आम आदमी पार्टी अपना सबसे मजबूत राजनीतिक आधार मानती है, उसी क्षेत्र से केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि राजनीति में कई बार टकराव नहीं बल्कि संवाद और विश्वास अधिक प्रभावी साबित होता है। बिट्टू ने अपने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव हारने के बावजूद उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनने का अवसर मिला, जबकि उनकी पुरानी पार्टी ने उन्हें वह सम्मान नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि अब पंजाब में डबल इंजन सरकार की जरूरत है ताकि राज्य के विकास को नई गति मिल सके। कानून व्यवस्था की स्थिति कमजोर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने कहा कि केवल सिंह ढिल्लों केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक संस्था हैं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की वर्तमान सरकार के जाने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। चुग ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर हुई है और राज्य में रंगदारी, धमकी भरे फोन और विस्फोट जैसी घटनाओं में वृद्धि हुई है। उन्होंने नशे के मुद्दे पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान अपेक्षित परिणाम देने में विफल रहे हैं। चुग ने दावा किया कि वर्ष 2027 में पंजाब की जनता बदलाव का फैसला करेगी और भाजपा राज्य में नई सरकार बनाएगी। पंजाब कई चुनौतियों से जूझ रहा वहीं, भाजपा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा कि पंजाब इस समय कई चुनौतियों से जूझ रहा है। उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों पर जनता की अपेक्षाओं पर खरा न उतरने का आरोप लगाया। शर्मा ने कहा कि अब प्रदेश के लोग भाजपा को एक नए विकल्प और उम्मीद के रूप में देख रहे हैं। समारोह के अंत में भाजपा नेताओं ने विश्वास जताया कि केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में संगठन को नई मजबूती मिलेगी और पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों में खुद को एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित करने में सफल होगी। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से अभी से चुनावी तैयारी में जुटने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान भी किया।

अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर बढ़ाई गई निगरानी

अमृतसर. ब्लू स्टॉर ऑपरेशन की बरसी की वर्षगांठ के मद्देनजर अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत कर दिया गया है। पंजाब पुलिस के स्पेशल डीजीपी प्रवीण सिन्हा ने मंगलवार को अमृतसर पहुंचकर सुरक्षा तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से भी बातचीत की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मीडिया से बातचीत करते हुए स्पेशल डीजीपी प्रवीण सिन्हा ने कहा कि हर वर्ष छह जून से पहले अमृतसर में धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब पुलिस ने इस बार भी व्यापक और बहुस्तरीय सुरक्षा योजना तैयार की है। उन्होंने बताया कि पूरे अमृतसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा ग्रिड स्थापित किया गया है, जिसमें विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया गया है। प्रवीण सिन्हा ने बताया कि पंजाब पुलिस के अलावा सीमा सुरक्षा बल, त्वरित कार्रवाई बल और अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों की कुल 11 कंपनियां अमृतसर तथा आसपास के जिलों में तैनात की गई हैं। इसके साथ ही अमृतसर शहर में 2000 से अधिक पुलिसकर्मियों और लगभग 30 अनुभवी राजपत्रित अधिकारियों को विशेष ड्यूटी पर लगाया गया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है, ताकि किसी को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी धार्मिक और राजनीतिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण तथा व्यवस्थित ढंग से संपन्न हों। इसके लिए अमृतसर पुलिस, आसपास के जिलों की पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच लगातार तालमेल बनाए रखा गया है। हर संभावित चुनौती से निपटने के लिए विशेष योजना के तहत सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। अमृतसर अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र स्पेशल डीजीपी ने कहा कि अमृतसर अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। कुछ असामाजिक और राष्ट्रविरोधी तत्व पंजाब के शांतिपूर्ण माहौल को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं, लेकिन पंजाब पुलिस ऐसी हर गतिविधि पर पूरी तरह नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब पुलिस प्रमुख के दिशा-निर्देशों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया गया है। आतंकी घटनाओं का बरसी से सीधा संपर्क नहीं हाल के दिनों में सामने आई कुछ घटनाओं के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में प्रवीण सिन्हा ने स्पष्ट किया कि उनका छह जून के कार्यक्रमों से कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस को पहले से कुछ संभावित योजनाओं की जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर समय रहते कार्रवाई कर आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने दावा किया कि पंजाब पुलिस की केस सुलझाने की दर देश में सबसे बेहतर दरों में शामिल है और बाकी मामलों की जांच भी तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जैसे-जैसे महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे, उन्हें सार्वजनिक किया जाएगा। फिलहाल पुलिस का पूरा फोकस छह जून के कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और प्रदेश में अमन-शांति बनाए रखने पर है।

मेहकप्रीत कौर की सफलता से बढ़ा उत्साह, NDA 2026 में लड़कियों के लिए क्या हैं नियम और मौके

 रूपनगर पंजाब के रूपनगर (रोपड़) जिले के पपराली गांव की मेहकप्रीत कौर ने एयर फोर्स अकादमी (AFA) मेरिट लिस्ट में ऑल इंडिया रैंक (AIR)-1 हासिल कर न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि भारतीय रक्षा सेवाओं में महिलाओं के लिए सीटों की संख्या अब भी बेहद सीमित है। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल करना एक असाधारण उपलब्धि माना जा रहा है। क्या है NDA और क्यों है इतना महत्वपूर्ण? नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA), पुणे के खड़कवासला में स्थित दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सैन्य प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है। यहां भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए अधिकारी तैयार किए जाते हैं। एनडीए में 12वीं के बाद प्रवेश लिया जा सकता है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) साल में दो बार इसकी परीक्षा आयोजित करता है। परीक्षा में गणित और जनरल एबिलिटी टेस्ट (GAT) के दो पेपर होते हैं। कुल 1800 अंकों में से 900 अंक लिखित परीक्षा और 900 अंक एसएसबी (SSB) इंटरव्यू के लिए निर्धारित हैं। लिखित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को पांच दिवसीय एसएसबी इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है, जिसमें नेतृत्व क्षमता, मानसिक कौशल, निर्णय लेने की क्षमता और शारीरिक फिटनेस का आकलन किया जाता है। वायुसेना में जाने के इच्छुक उम्मीदवारों को इसके अलावा कम्प्यूटरीकृत पायलट चयन प्रणाली (CPSS) परीक्षा भी पास करनी होती है, जिसे जीवन में केवल एक बार दिया जा सकता है। महिलाओं के लिए सीटें अब भी सीमित साल 2021 तक महिलाओं को एनडीए परीक्षा के माध्यम से प्रवेश की अनुमति नहीं थी। अगस्त 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए महिलाओं को भी एनडीए परीक्षा में शामिल होने का अधिकार दिया। अदालत ने महिलाओं को बाहर रखने की नीति को लैंगिक भेदभावपूर्ण बताया था। इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने महिलाओं के लिए सीमित सीटें निर्धारित कीं। शुरुआती चरण में सेना में 10, नौसेना में 3 और वायुसेना फ्लाइंग ब्रांच में केवल 2 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई थीं। हालांकि समय के साथ इनकी संख्या बढ़ी है, लेकिन कुल सीटों में महिलाओं की हिस्सेदारी अब भी बहुत कम है। यही वजह है कि एयर फोर्स अकादमी मेरिट लिस्ट में AIR-1 हासिल करना बेहद बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। क्या है माई भागो AFPI? माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट (AFPI) पंजाब सरकार की एक अनूठी पहल है, जिसे विशेष रूप से लड़कियों को रक्षा सेवाओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। संस्थान का NDA प्रिपरेटरी विंग 2023 में शुरू किया गया था और यह देश का पहला ऐसा संस्थान है जो केवल लड़कियों को एनडीए प्रवेश के लिए प्रशिक्षण देता है। यहां प्रवेश के लिए उम्मीदवार का पंजाब का निवासी होना और कम से कम 10वीं पास होना जरूरी है। 11वीं में पढ़ रही छात्राएं भी आयु मानदंड पूरा करने पर आवेदन कर सकती हैं। प्रशिक्षण, हॉस्टल और भोजन का पूरा खर्च पंजाब सरकार वहन करती है। संस्थान में अत्याधुनिक साइबर लैब, इंडोर शूटिंग रेंज, फिटनेस सेंटर और फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के नाम पर समर्पित विशेष हॉस्टल भी बनाया गया है। चयन के बाद क्या होता है? एनडीए में चयनित उम्मीदवार तीन वर्ष तक खड़कवासला (पुणे) या भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला (केरल) में सैन्य और शैक्षणिक प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। इसके बाद उन्हें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से स्नातक की डिग्री प्रदान की जाती है। फिर सेना के उम्मीदवार देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), नौसेना के उम्मीदवार एझिमाला स्थित भारतीय नौसेना अकादमी और वायुसेना के उम्मीदवार हैदराबाद स्थित एयर फोर्स अकादमी में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को 56,100 रुपये प्रतिमाह का स्टाइपेंड भी मिलता है। मेहकप्रीत और कोमलप्रीत की सफलता बनी प्रेरणा एयर फोर्स अकादमी मेरिट लिस्ट में AIR-1 हासिल करने वाली मेहकप्रीत कौर अब हैदराबाद स्थित एयर फोर्स अकादमी में प्रशिक्षण लेंगी। वहीं NDA मेरिट में AIR-18 हासिल करने वाली कोमलप्रीत कौर खड़कवासला में तीन वर्षों का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी। इन दोनों छात्राओं की सफलता ने साबित कर दिया है कि यदि अवसर और सही प्रशिक्षण मिले तो पंजाब के गांवों की बेटियां भी राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च स्थान हासिल कर सकती हैं। यह उपलब्धि न केवल महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक है, बल्कि रक्षा सेवाओं में लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

बेटियों-बहनों के लिए पंजाब सरकार की सौगात, हर महीने मिलेंगे 1000 रुपए

चंडीगढ़   पंजाब में मुख्यमंत्री मावन ध्यान सत्कार योजना के तहत 1 जुलाई से 52 लाख महिलाओं को 1,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता मिलेगी, और दलित महिलाओं को 1,500 रुपये की सहायता मिलेगी। 35 लाख लाभार्थियों को कार्ड जारी किए जा चुके हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कृषि विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सब्जी और फल उत्पादकों तथा मत्स्यपालकों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना के विस्तार की घोषणा के लिए आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। मान ने कहा कि सरकार ने इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए आवश्यक धनराशि का बजट पहले ही बना लिया है। राज्य की महिलाओं को यह कहकर गुमराह न किया जाए कि यह योजना केवल कुछ महीनों तक चलेगी। यह महिलाओं के आर्थिक उत्थान के लिए एक दीर्घकालिक योजना है। क्या है 'मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना'? सीएम भगवंत मान ने मंगलवार को किसान क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिलाओं से जुड़ी यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि 'मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना' के लिए सरकार ने फंड अलग से रख दिया है।     योजना के तहत लगभग 52 लाख लाभार्थी महिलाओं की पहचान कर ली गई है।     इनमें से करीब 35 से 36 लाख महिलाओं को योजना के कार्ड जारी किए जा चुके हैं।     सरकार को उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक सभी पात्र लाभार्थियों तक उनके कार्ड पहुंच जाएंगे। बता दें कि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 2026-27 के अपने बजट प्रस्तावों में इस योजना को लागू करने के लिए 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। किसे नहीं मिलेगा इस योजना का लाभ? सरकार के मुताबिक, राज्य की अधिकतर महिलाओं को इसका फायदा मिलेगा, लेकिन कुछ विशेष श्रेणियों को योजना से बाहर रखा गया है। योजना का लाभ इन्हें नहीं मिलेगा:     मौजूदा और रिटायर्ड (सेवानिवृत्त) सरकारी कर्मचारी     इनकम टैक्स (आयकर) देने वाली महिलाएं     मौजूदा और पूर्व विधायक व सांसद योजना से जुड़ी अन्य अहम बातें पेंशन के साथ भी मिलेगा लाभ: जिन महिलाओं को पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिल रही है, उन्हें वह पेंशन मिलती रहेगी। उन्हें इस नई योजना का लाभ भी अतिरिक्त रूप से मिलता रहेगा। देर से कार्ड बनने पर भी नुकसान नहीं: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी योग्य महिला का कार्ड देरी से यानी अक्टूबर में भी बनता है, तो भी उसे 1 जुलाई से ही योजना का पैसा मिलना शुरू माना जाएगा और पिछला भुगतान भी किया जाएगा। लंबी अवधि की योजना: सीएम मान ने कहा है कि कोई भी इस योजना को चुनावी हथकंडा न समझे। यह एक लंबी अवधि की योजना है जो चुनावों के बाद भी लगातार जारी रहेगी। AAP का प्रमुख चुनावी वादा महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने की यह योजना आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले किए गए प्रमुख वादों में से एक थी। योजना को शुरू करने में हो रही देरी की वजह से विपक्ष लगातार सरकार की आलोचना कर रहा था। आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में 18 साल से अधिक उम्र की कुल महिलाओं की संख्या 1.01 करोड़ है, जिनमें से 51.48 प्रतिशत महिलाओं को हर महीने यह ग्रांट मिलेगी। अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस उनकी तलाश कर रही है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वह सिर्फ कागजी शेर है। उसने अपने आदमियों को पुलिस केस में फंसाया और उन्हें छोड़कर भाग गया। इसी बीच, सहकारिता विभाग का प्रभार भी संभाल रहे मान ने 26 साल पुरानी किसान क्रेडिट कार्ड योजना में बदलाव की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाएगी। उन्होंने कहा कि गेहूं की फसल के लिए ऋण सीमा 24,380 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। पहली बार, फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसान क्रेडिट कार्ड में 2,000 रुपये प्रति एकड़ का अलग प्रावधान शामिल किया गया है। गन्ने के किसानों को बड़ी राहत देते हुए, ऋण सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। सब्जियों और बागवानी फसलों के लिए सीमा 32,000 रुपये से बढ़ाकर 1.57 लाख रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। उन्होंने आगे बताया कि ड्रैगन फ्रूट, बांस, चिनार और लेमनग्रास जैसी फसलों को पहली बार केसीसी योजना में शामिल किया गया है। संशोधित योजना के तहत, किसानों को छह साल के लिए वैध केसीसी अनुमोदन प्राप्त होगा, जिसकी ऋण सीमा वार्षिक रूप से बढ़ती जाएगी। किसान एटीएम, यूपीआई और डिजिटल बैंकिंग के माध्यम से आसानी से धनराशि निकाल सकते हैं। 9300 करोड़ रुपये का प्रावधान उन्होंने कहा कि यह एक दूरगामी योजना है और सरकार ने तभी शुरू किया जब इसके लिए बजट का प्रावधान कर दिया गया है. योजना के तहत इस वित्त वर्ष में 9300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।  किन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ? हालांकि इस योजन में सरकारी कर्मचारी या सरकार से रिटायर हो चुकी महिलाओं, पूर्व और मौजूदा विधायक और सांसद महिलाओं और टैक्स अदा करने वाली महिलाओं को लाभ नहीं मिलेगा।  विधवा पेंशन पाने वालीं महिलाओं को भी लाभ अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसे वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन या दिव्यांग पेंशन ले रही महिलयन को इस योजना के तहत सहायता राशि दी जाएगी।  महिलाओं को एक हजार रुपये प्रति महीना सहायता राशि देने का वायदा आम आदमी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले किया था. हालांकि विपक्ष ये सवाल उठा रहा है कि सरकार ने ये योजना कार्यकाल के चार साल पूरे होने के बाद शुरू की है. विपक्ष यह भी मांग करता रहा है कि महिलाओं को ये राशि पिछले चार साल के लिए दी जाए। 

Bhupesh Baghel ने किया साफ, पंजाब में नहीं बदलेगा पार्टी अध्यक्ष

चंडीगढ़  कांग्रेस महासचिव और पंजाब प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद पर बदलाव की अटकलों को खारिज करते हुए  कहा कि प्रदेश में कोई नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा। बघेल ने कहा कि अगले साल की शुरुआत में संभावित विधानसभा चुनाव मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा तथा राज्य के सभी कांग्रेस नेता सामूहिक रूप से लड़ाई लड़ेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के आवास पर पंजाब को लेकर हुई बैठक के बाद बघेल ने यह भी कहा कि इस बैठक में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी में नेतृत्व के परिवर्तन को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। बैठक में खड़गे, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और बघेल शामिल थे। बैठक के बाद बघेल ने संवाददाताओं से कहा कि पंजाब के चुनाव नजदीक हैं। इसलिए इसको लेकर गंभीर मंत्रणा हुई। प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन से जुड़ी अटकलों के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस महासचिव ने कहा कि वेणुगोपाल जी इस बारे में पहले बोल चुके हैं, इस पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह केवल मीडिया में है, इसके अलावा कुछ नहीं है। नेतृत्व परिवर्तन के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई। कोई परिवर्तन नहीं हो रहा है। यह पूछे जाने पर कि वर्तमान अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को हटाया जा रहा है तो बघेल ने कहा, ''बिल्कुल नहीं।'' उन्होंने कहा कि प्रदेश के नेता मिलकर चुनाव लड़ेंगे और यह चुनाव खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। बघेल ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की स्थिति सबसे बड़ा मुद्दा है।

Himachal Entry Tax के विरोध में निहंगों का बड़ा कदम, कुल्लू-मनाली हाईवे जाम की चेतावनी

पठानकोट  हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी वाहनों पर लगाए जा रहे एंट्री टैक्स के विरोध में अब आंदोलन का स्वर और तेज हो गया है। इस मुद्दे को लेकर पहले प्रदर्शन और धरनों के बाद अब निहंग सिंहों ने गड़ा मोड़ा टोल प्लाजा पर "खालसा राज टैक्स" के नाम से राशि एकत्र करनी शुरू कर दी है। इस कदम ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच चल रहे एंट्री टैक्स विवाद को नई चर्चा में ला दिया है। निहंग सिंहों का कहना है कि हिमाचल नंबर वाले वाहनों से किसी प्रकार का अनिवार्य शुल्क नहीं लिया जा रहा, बल्कि वाहन चालक अपनी इच्छा से जो भी राशि देना चाहते हैं, उसे स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी वाहन चालक पर कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा और पूरी प्रक्रिया स्वैच्छिक सहयोग के आधार पर चल रही है। तरना दल के निहंग अच्छर सिंह ने कहा कि कार समेत छोटी गाड़ियों से 100 रुपए, छोटे कॉमर्शियल वाहनों से 200 रुपए और बड़ी गाड़ियों से 300 से 500 रुपए की वसूली की जा रही है। इसके अलावा दोपहर 3 बजे तक इसी हाईवे पर गांव मोड़ा के पास रोड भी जाम की जाएगी। इस तरह के टैक्स को गैरकानूनी बताने के सवाल पर निहंग अच्छर सिंह ने कहा कि यह पैसा सरबत के भले के लिए यूज होगा। हम किसी से जोर जबरदस्ती नहीं करेंगे। निहंग ने कहा कि NHAI जो टैक्स लेती है, उसके जरिए रोड बनाकर देती है। उससे हमें कोई नुकसान नहीं है। मगर, हिमाचल सरकार गुंडा टैक्स ले रही है। उन्होंने हिमाचल और पंजाब सरकार को चेतावनी दी कि अगर उन्हें रोकने की कोशिश की गई तो फिर वह पूरी तैयारी से आएं क्योंकि हम भी संघर्ष के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। एंट्री टैक्स के विरोध में प्रतीकत्मक कदम निहंग सिंहों के प्रमुख बाबा अच्छर सिंह ने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा लगाए गए एंट्री टैक्स के विरोध में यह प्रतीकात्मक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग सरबत के भले और सामाजिक कार्यों में किया जाएगा। उनका कहना है कि व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली नीतियों का विरोध किया जाना जरूरी है। गौरतलब है कि दो दिन पहले विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारी संगठनों ने भी गड़ा मोड़ा टोल प्लाजा पर एंट्री टैक्स के विरोध में प्रदर्शन किया था। उस दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे और करीब साढ़े तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा था। प्रदर्शनकारियों ने हिमाचल सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए टैक्स व्यवस्था को वापस लेने की मांग की थी। फैसला वापस लेने की रखी मांग इसी प्रदर्शन के दौरान निहंग सिंहों ने घोषणा की थी कि यदि हिमाचल सरकार ने एंट्री टैक्स वापस नहीं लिया तो वे खालसा राज टैक्स वसूली अभियान शुरू करेंगे। अब उस घोषणा को अमल में लाते हुए उन्होंने टोल प्लाजा पर अपनी गतिविधियां शुरू कर दी हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एंट्री टैक्स के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों के व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और आम यात्रियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इससे व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं और दोनों राज्यों के बीच आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निहंग सिंहों ने दी चेतावनी निहंग सिंहों ने चेतावनी दी है कि यदि हिमाचल प्रदेश सरकार ने जल्द इस मामले में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो उनका विरोध और तेज किया जाएगा। दूसरी ओर, एंट्री टैक्स को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों राज्यों के बीच बातचीत और आंदोलन की दिशा पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। हिमाचल के टैक्स से जुड़ा ये विवाद क्या है, जानिए:- अगर कोई व्यक्ति किसी भी पॉइंट से हिमाचल में एंट्री करता है तो उससे एंट्री टैक्स वसूला जाता है। हालांकि यह कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि 1975 में हिमाचल प्रदेश टोल्स एक्ट के तहत यह व्यवस्था की गई है।     पहले 2025 में बढोतरी हुई: साल वर्ष 2025 में हिमाचल सरकार ने इन टैक्स की दरों में मामूली बढ़ोतरी की थी, 1 अप्रैल 2025 को निजी और व्यावसायिक चार पहिया वाहनों पर लगभग ₹10 की वृद्धि तथा कुछ व्यावसायिक वाहनों पर ₹20 तक की बढ़ोतरी हुई। जिसमें कार/जीप/वैन से ₹70, 6-12 सीट वाहन से ₹110, ट्रैक्टर से ₹70 और भारी वाहन से ₹720 लेने का प्रस्ताव पास किया गया।     फरवरी 2026 में रेट और बढ़ा दिए: इसके बाद फरवरी 2026 में सरकार ने एक नई टोल नीति जारी करते हुए कई श्रेणियों के वाहनों पर भारी बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया। प्रस्तावित दरों के अनुसार निजी कारों और जीपों पर लगने वाला शुल्क 70 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये करने की योजना बनाई गई थी। इसके अलावा ट्रैक्टर, टैक्सी और मालवाहक वाहनों पर भी टैक्स में बढ़ोतरी कर दी गई। इसके बाद कार/जीप/वैन का टैक्स ₹70 से बढ़ाकर ₹170, 6-12 सीट वाहन के ₹110 से बढ़ाकर ₹130-170 (श्रेणी अनुसार), ट्रैक्टर के ₹70 से बढ़ाकर ₹100 और भारी वाहनों के ₹720 से बढ़ाकर ₹900 तक कर दिए।     पंजाब-हरियाणा में विरोध के बाद रेट घटाए: हिमाचल सरकार के इअस फैसले का जबरदस्त विरोध होने लगा। सबसे ज्यादा विरोध पंजाब और हरियाणा में देखने को मिला क्योंकि हिमाचल में ज्यादा टूरिस्ट और ट्रांसपोर्टर्स यहीं से आते-जाते हैं। इसके विरोध में प्रदर्शन भी हुए। तब हिमाचल सरकार ने तर्क दिया कि पहाड़ी राज्य में सड़क नेटवर्क के रखरखाव और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त इनकम की आवश्यकता है और यह टैक्स इसी मकसद से लिया जाता है। सीएम सुक्खू के दखल के बाद घटे रेट: विवाद बढ़ने पर 31 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को हस्तक्षेप करना पड़ा। सरकार ने निजी कारों और कुछ यात्री वाहनों पर प्रस्तावित बढ़ोतरी को वापस लेने की घोषणा की। इसके बावजूद एंट्री टैक्स को लेकर पंजाब और हिमाचल के बीच राजनीतिक बहस जारी रही। मौजूदा वक्त में कार/जीप/वैन के 100 रुपए, 6-12 सीट वाहन के 130 रुपए, ट्रैक्टर के 100 रुपए ओर भारी वाहनों के 800 … Read more

‘मजीठिया कहां हैं?’ CM के बयान पर गनीव कौर का पलटवार, बोलीं- न भागे हैं, न भागेंगे

अमृतसर  अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के अंडरग्राउंड होने के मामले में सीएम भगवंत मान ने टिप्पणी की है। सीएम भगवंत सिंह मान ने उन पर तंज कसते हुए पूछा है कि अब वो मूछें नहीं दिख रही हैं, जिन पर ताव दिया जाता था। दरअसल, पुलिस कस्टडी से अपने समर्थक को छुड़वाने के आरोप में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बिक्रम सिंह मजीठिया पर केस दर्ज कर पंजाब पुलिस की टीमें उन्हें तलाश रही है। वहीं सीएम के बयान पर मजीठिया की पत्नी और अकाली दल की विधायक गनीव कौर मजीठिया ने कहा कि उनके पति न तो भागे हैं और न ही भागेंगे। उन्होंने कहा कि वह अपनी कानूनी टीम के साथ संपर्क में हैं और इस मामले को अदालतों के ज़रिए आगे बढ़ाएंगे। कागजी शेर हैं मजीठिया मजीठिया पर तंज कसते हुए सीएम मान ने कहा कि अब उसकी मूंछें कहां गईं। उसे अब सामने आना चाहिए। मजीठिया माझे का जरनैल बनकर आगे आए मगर ये तो कागजी शेर हैं। इन्होंने लोगों को फंसाया और अब खुद फरार हो गया है। विदेश न भाग जाए, लिहाजा उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। सीएम ने कहा कि लोग जान गए हैं कि गुंडागर्दी इनके व्यवहार में शामिल है। ये लोग पुलिस के काम में किस तरह बाधा डाल रहा है, सबके सामने आ चुका है मगर इस मामले में कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। सीएम के अनुसार पुलिस मजीठिया को तलाश रही है। लापता होने के लगे पोस्टर उधर, मजीठा क्षेत्र में मजीठिया के लापता होने के पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टरों में बिक्रम मजीठिया भगोड़े की तलाश लिखा गया है। पोस्टर में आगे लिखा कि अगर किसी को बिक्रम मजीठिया के बारे में कोई जानकारी हो तो वह इसकी सूचना पुलिस को दे ताकि कार्रवाई की जा सके। उल्लेखनीय है कि मजीठा थाने में पुलिस ने मजीठिया के खिलाफ केस दर्ज किया था। उन पर पुलिस के काम में बाधा डालते हुए अपने समर्थक को छुड़वाने का आरोप है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी जोबनप्रीत को फिर गिरफ्तार कर लिया था।  

अमृतसर बॉर्डर पर BSF का बड़ा एक्शन, 17 किलो हेरोइन जब्त

अमृतसर   बीएसएफ अमृतसर सेक्टर की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो अलग-अलग केसों में सीमावर्ती गांव चक अल्लाह बख्श और गांव कक्कड़ के इलाके से 17 किलो हीरोइन जब्त है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत 85 करोड रुपए के लगभग आकी जा रही है। जानकारी के अनुसार गांव चक अल्लाह बख्श में 11 किलो का एक बड़ा पैकेट ड्रोन से फेंका गया मिला, जबकि कक्कड़ के इलाके में 6 किलो के लगभग हीरोइन का एक बड़ा पैकेट मिला जिसमें छोटे-छोटे अन्य पैकेट थे। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस रिकवरी से यह भी साबित हो चुका है कि तस्करों की तरफ से इन दोनों बड़े हेक्साकॉप्टर ड्रोन उड़ाये जा रहे हैं जो 10 किलो से लेकर 20 किलो तक का वजन उठाने में सक्षम हैं, जबकि दूसरी तरफ सरकार की तरफ से दावा किया जा रहा है कि नशे की आमद और बिक्री पर लगाम लगाई जा चुकी है।