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अमृतसर बॉर्डर पर BSF का बड़ा एक्शन, 17 किलो हेरोइन जब्त

अमृतसर   बीएसएफ अमृतसर सेक्टर की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो अलग-अलग केसों में सीमावर्ती गांव चक अल्लाह बख्श और गांव कक्कड़ के इलाके से 17 किलो हीरोइन जब्त है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत 85 करोड रुपए के लगभग आकी जा रही है। जानकारी के अनुसार गांव चक अल्लाह बख्श में 11 किलो का एक बड़ा पैकेट ड्रोन से फेंका गया मिला, जबकि कक्कड़ के इलाके में 6 किलो के लगभग हीरोइन का एक बड़ा पैकेट मिला जिसमें छोटे-छोटे अन्य पैकेट थे। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस रिकवरी से यह भी साबित हो चुका है कि तस्करों की तरफ से इन दोनों बड़े हेक्साकॉप्टर ड्रोन उड़ाये जा रहे हैं जो 10 किलो से लेकर 20 किलो तक का वजन उठाने में सक्षम हैं, जबकि दूसरी तरफ सरकार की तरफ से दावा किया जा रहा है कि नशे की आमद और बिक्री पर लगाम लगाई जा चुकी है। 

Punjab Weather Update: बारिश और तेज हवाओं से मिलेगी राहत, चार दिन बाद फिर बढ़ेगा तापमान

चंडीगढ़  पंजाब में आज से दो दिन ऑरेंज अलर्ट है। मंगलवार को मौसम शुष्क रहने से तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि तापमान अभी भी सामान्य से 2.3 डिग्री नीचे बना हुआ है। राज्य में सबसे अधिक 40.4 डिग्री सेल्सियस तापमान बठिंडा में दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आज और कल कई जिलों में तेज गरज-चमक के साथ बारिश होगी। साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके बाद पांच और छह जून के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश और तेज हवाओं के कारण राज्य के तापमान में चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। सात जून से मौसम के फिर शुष्क होने की संभावना है। प्रदेश के न्यूनतम तापमान में भी 1.1 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई है। सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस एसबीएस नगर में रिकॉर्ड किया गया।  अमृतसर में 38.4 डिग्री, लुधियाना में 36.8 डिग्री, पटियाला में 37.8 डिग्री, पठानकोट में 37.0 डिग्री, फरीदकोट में 38.5 डिग्री, गुरदासपुर में 36.5 डिग्री, फिरोजपुर में 38.2 डिग्री, होशियारपुर में 35.7 डिग्री और रूपनगर में 37.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

कानून व्यवस्था को लेकर ADGP कौस्तुभ शर्मा सख्त, पुलिस को दिए सतर्कता बढ़ाने के आदेश

फतेहगढ़ साहिब. पंजाब में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा सुरक्षा प्रबंधों को प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से पंजाब पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) कौस्तुभ शर्मा ने फतेहगढ़ साहिब जिले के अंतर्गत आने वाले बडाली आला सिंह पुलिस थाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाने के कामकाज, सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की तैयारियों का गहनता से जायजा लिया। अचानक हुए इस निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों में भी सक्रियता देखने को मिली। एडीजीपी कौस्तुभ शर्मा ने थाने के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण करते हुए सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से थाने में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली की जांच की और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि सभी कैमरे पूरी तरह सक्रिय और सुचारु रूप से कार्य कर रहे हों। सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था पर दिया जोर उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था का हर समय सक्रिय रहना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निगरानी तंत्र में किसी प्रकार की तकनीकी कमी नहीं होनी चाहिए और नियमित रूप से इसकी जांच की जाए। निरीक्षण के दौरान एडीजीपी ने क्षेत्र में पुलिस द्वारा स्थापित सुरक्षा नाकों का भी दौरा किया। उन्होंने वहां तैनात पुलिस कर्मियों से बातचीत कर सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी ली और उन्हें पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संदिग्ध व्यक्तियों, असामाजिक तत्वों और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाए ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। कौस्तुभ शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए क्षेत्र में नियमित गश्त, प्रभावी निगरानी और खुफिया सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस कर्मचारियों को जनता के साथ बेहतर संवाद बनाए रखने और लोगों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान करने की भी हिदायत दी। इस निरीक्षण के दौरान फतेहगढ़ साहिब के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल, बसी पठाना के उप पुलिस अधीक्षक राजकुमार शर्मा तथा बडाली आला सिंह थाने के प्रभारी मनप्रीत सिंह देओल भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने एडीजीपी को क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, अपराध नियंत्रण उपायों और पुलिस से चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी दी। पुलिस तंत्र को मजबूत बनाने पर दिया जोर पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस प्रकार के औचक निरीक्षणों का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना तथा पुलिस तंत्र की कार्यक्षमता का मूल्यांकन करना है। एडीजीपी के दौरे के बाद स्थानीय पुलिस को सुरक्षा संबंधी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और क्षेत्र में चौकसी बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। पंजाब पुलिस लगातार राज्य में शांति, कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चला रही है। इसी कड़ी में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर किए जा रहे निरीक्षणों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

केवल ढिल्लों ने संभाला पंजाब BJP अध्यक्ष पद का कार्यभार, हरियाणा के मुख्यमंत्री भी रहे मौजूद

चंडीगढ़  पंजाब भाजपा के नवनियुक्त प्रधान केवल ढिल्लों ने आज चंडीगढ़ भाजपा कार्यालय में पदभार ग्रहण किया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत बिट्टू, हरियाणा के सीएम नायब सैनी, पूर्व प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ और वरिष्ठ नेता तरूण चुघ भी माैजूद रहे।    नियुक्त होते ही फिल्ड में हुए एक्टिव केवल सिंह ढिल्लों पंजाब बीजेपी के पहले जाट सिख प्रधान हैं। वह दो दशक से अधिक समय से राजनीति में सक्रिय हैं। लंबे समय तक वह कांग्रेस में रहे और विधायक भी रह चुके हैं। उद्योग जगत में भी उनकी पहचान रही है। पद संभालने के बाद से वह सक्रिय हो गए हैं। पहले चरण में उन्होंने बीजेपी नेताओं के घर-घर जाकर उनसे मुलाकात की। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उठा दिया सवाल जैसे ही केवल ढिल्लों के नाम का ऐलान हुआ, उसके तुरंत बाद इस नियुक्ति पर उनके ही करीबी माने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने मीडिया हाउस से बातचीत में कहा कि “केवल ढिल्लों मेरे अच्छे दोस्त हैं, लेकिन भाजपा अध्यक्ष के रूप में सही विकल्प नहीं हैं।” उन्होंने इस फैसले से खुद को अलग करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने ढिल्लों के नाम की कोई सिफारिश नहीं की थी। उनका मानना है कि जाखड़ को हटाकर ढिल्लों को लाना सही फैसला नहीं है और पार्टी को ऐसे नेता की जरूरत थी जो संगठन को आगे ले जा सके। वहीं पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा पंजाब में “नेतृत्व आउटसोर्स” करने को मजबूर है क्योंकि उसके पास अपने खेमे का कोई योग्य चेहरा नहीं है। लगातार दूसरी बार (पहले सुनील जाखड़ और अब ढिल्लों) किसी पूर्व कांग्रेसी को कमान दी गई है। आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहले उन्हें हारा हुआ नेता बताया, लेकिन बाद में कहा कि वह अभी उनका काम देखकर ही टिप्पणी करेंगे। पंजाब BJP ने यह फैसला क्यों लिया, 4 वजहें चुनाव से पहले सिख चेहरा जरूरी: पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में यहां सिख चेहरे की अगुआई जरूरी थी। पंजाब में सिख सेंटिमेंट्स बहुत ज्यादा रहते हैं। ऐसे में सिख चेहरे को प्रधान की कुर्सी सौंपने से भाजपा को उम्मीद है कि सिख उनके प्रति आकर्षित होंगे। अभी 2 हिंदू चेहरों के पास थी अगुआई: पंजाब में भाजपा के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ और वर्किंग प्रधान अश्वनी शर्मा थे। ऐसे में दोनों ही बड़े पदों पर हिंदू चेहरे थे। भाजपा नहीं चाहती थी कि पंजाब में चुनाव के दौरान भी उन पर सिर्फ हिंदुओं की पार्टी की ठपा लगा रहे। इस फैसले से ये मैसेज जाए कि भाजपा सिख चेहरों को आगे नहीं लाना चाहती। सुनील जाखड़ इस्तीफा दे चुके थे: प्रधान सुनील जाखड़ 2024 में ही पद से इस्तीफा दे चुके थे। उस दौरान भाजपा 13 में से एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। इसके बाद जाखड़ काफी टाइम तक एक्टिव पॉलिटिक्स से भी दूर रहे। मगर, कुछ समय से वह एग्रेसिव ढंग से पार्टी के लिए काम कर रहे थे। फिर भी जातीय समीकरण साधने की चुनावी मजबूरी के चलते भाजपा को उन्हें हटाना पड़ा। कैप्टन अमरिंदर को भी खुश किया: पंजाब के 2 बार मुख्यमंत्री रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह की लगातार शिकायत थी कि भाजपा में आने के बाद उनसे पंजाब को लेकर कुछ नहीं पूछा जाता। अब भाजपा ने उनके ही करीबी नेता को पार्टी की कमान सौंप दी है। ऐसे में अब कैप्टन भी चुनाव में खुलकर काम करते दिखाई दे सकते हैं।

एंट्री टैक्स विवाद ने पकड़ा तूल, निहंग सिंहों ने हिमाचल में शुरू की अलग टैक्स वसूली

कीरतपुर साहिब/रूपनगर. हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी वाहनों पर लगाए जा रहे एंट्री टैक्स के विरोध में अब आंदोलन का स्वर और तेज हो गया है। इस मुद्दे को लेकर पहले प्रदर्शन और धरनों के बाद अब निहंग सिंहों ने गड़ा मोड़ा टोल प्लाजा पर "खालसा राज टैक्स" के नाम से राशि एकत्र करनी शुरू कर दी है। इस कदम ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच चल रहे एंट्री टैक्स विवाद को नई चर्चा में ला दिया है। निहंग सिंहों का कहना है कि हिमाचल नंबर वाले वाहनों से किसी प्रकार का अनिवार्य शुल्क नहीं लिया जा रहा, बल्कि वाहन चालक अपनी इच्छा से जो भी राशि देना चाहते हैं, उसे स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी वाहन चालक पर कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा और पूरी प्रक्रिया स्वैच्छिक सहयोग के आधार पर चल रही है। एंट्री टैक्स के विरोध में प्रतीकत्मक कदम निहंग सिंहों के प्रमुख बाबा अच्छर सिंह ने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा लगाए गए एंट्री टैक्स के विरोध में यह प्रतीकात्मक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग सरबत के भले और सामाजिक कार्यों में किया जाएगा। उनका कहना है कि व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली नीतियों का विरोध किया जाना जरूरी है। गौरतलब है कि दो दिन पहले विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारी संगठनों ने भी गड़ा मोड़ा टोल प्लाजा पर एंट्री टैक्स के विरोध में प्रदर्शन किया था। उस दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे और करीब साढ़े तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा था। प्रदर्शनकारियों ने हिमाचल सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए टैक्स व्यवस्था को वापस लेने की मांग की थी। फैसला वापस लेने की रखी मांग इसी प्रदर्शन के दौरान निहंग सिंहों ने घोषणा की थी कि यदि हिमाचल सरकार ने एंट्री टैक्स वापस नहीं लिया तो वे खालसा राज टैक्स वसूली अभियान शुरू करेंगे। अब उस घोषणा को अमल में लाते हुए उन्होंने टोल प्लाजा पर अपनी गतिविधियां शुरू कर दी हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एंट्री टैक्स के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों के व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और आम यात्रियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इससे व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं और दोनों राज्यों के बीच आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निहंग सिंहों ने दी चेतावनी निहंग सिंहों ने चेतावनी दी है कि यदि हिमाचल प्रदेश सरकार ने जल्द इस मामले में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो उनका विरोध और तेज किया जाएगा। दूसरी ओर, एंट्री टैक्स को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों राज्यों के बीच बातचीत और आंदोलन की दिशा पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होते ही पंजाब में चेतावनी जारी, कई इलाकों में ओले गिरने की संभावना

लुधियाना. पश्चिमी विक्षोभ के कारण पंजाब में बुधवार से चार दिन तक आंधी, वर्षा व ओलावृष्टि को लेकर ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इस दौरान दिन व रात के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। विभाग के अनुसार जून के पहले सप्ताह में भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। दूसरे सप्ताह में गर्मी जोर पकड़ेगी। उधर मंगलवार को पंजाब में मौसम के तेवर गर्म रहे। जिससे दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई। हालांकि, अभी भी केवल बठिंडा को छोड़कर सभी जिलों में दिन का तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच ही दर्ज किया जा रहा है। बठिंडा में दिन का तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सामान्य तिथि से लगभग तीन दिन की देरी के साथ मानसून चार जून को केरलम पहुंच सकता है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बनी अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले कुछ दिनों में इसके केरलम पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही दक्षिण के राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। आमतौर पर मानसून एक जून को केरलम पहुंचता है। इधर, मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, यूपी और बिहार समेत कई राज्यों में मौसम का रुख बदल सकता है।

Amritsar Bomb Threat: धमकी भरे ई-मेल के बाद सुरक्षा कड़ी, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात

अमृतसर ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी से पहले अमृतसर में बम धमाकों की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। नगर निगम, मेयर कार्यालय, जिला अदालत, रेलवे स्टेशन और रेलवे पटरियों को निशाना बनाने संबंधी एक धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद पुलिस ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। ई-मेल में तीन से पांच जून के दौरान नगर निगम कार्यालयों, मेयर कार्यालयों और जिला अदालतों में विस्फोट की धमकी दी गई है, जबकि छह जून को रेलवे स्टेशनों और रेलवे पटरियों पर बम एवं हथगोला हमला करने की चेतावनी दी गई है। संदेश में लोगों को रेल यात्रा न करने की भी चेतावनी दी गई है।  संवेदनशील स्थानों पर बढ़ाई गई सुरक्षा धमकी मिलने के बाद अमृतसर पुलिस, खुफिया एजेंसियों और रेलवे सुरक्षा बल ने जांच शुरू कर दी है। ई-मेल भेजने वाले की पहचान और उसके स्रोत का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। शहर के रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, सरकारी कार्यालय, न्यायालय परिसर और अन्य संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। नगर निगम मुख्यालय में भी सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। मुख्य गेट पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि पीछे का प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया है। बेसमेंट पार्किंग से मेयर कार्यालय की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर भी आवाजाही रोक दी गई है। निगम परिसर में आने वाले वाहनों और आगंतुकों की जांच की जा रही है। ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के मद्देनजर पहले से लागू सुरक्षा प्रबंधों को और मजबूत किया गया है। शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर नाकाबंदी कर वाहनों की तलाशी ली जा रही है तथा संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी को गंभीरता से लिया गया है। साइबर विशेषज्ञ ई-मेल की तकनीकी जांच कर रहे हैं और सभी सुरक्षा एजेंसियां समन्वय के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है। धमकी बारे में ईमेल में खालिस्तानी नारे लिखे गए हैं। मेल में लिखा गया है। "ना पंजाब होगा, ना दिल्ली होगी ना हरियाणा होगा, केवल खालिस्तान होगा।"

विदेश में बिकेगी चंडीगढ़ की विरासत? ऐतिहासिक वस्तुओं की नीलामी रोकने की उठी मांग

 चंडीगढ़ चंडीगढ़ की ऐतिहासिक विरासत से जुड़े फर्नीचर की विदेशों में हो रही नीलामी का मामला एक बार फिर गरमा गया है। हेरिटेज आइटम्स प्रोटेक्शन कमेटी (HIPC) के सदस्य एवं एडवोकेट अजय जग्गा ने केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर अमेरिका में 4 जून को प्रस्तावित नीलामी को रुकवाने के लिए तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप की मांग की है। अजय जग्गा ने अपने पत्र में कहा कि अमेरिका की प्रसिद्ध नीलामी संस्था राइट ऑक्शन हाउस (Wright Auction House) द्वारा चंडीगढ़ कैपिटल प्रोजेक्ट के दौरान प्रसिद्ध वास्तुकार पियरे जेनरे द्वारा डिजाइन किए गए फर्नीचर की नीलामी की जा रही है। इनमें पंजाब यूनिवर्सिटी, सेंट्रल लाइब्रेरी, एमएलए फ्लैट्स और अन्य सरकारी संस्थानों से जुड़े फर्नीचर शामिल हैं। नीलामी सूची में डाइनिंग सेट, डाइनिंग चेयर, लाउंज चेयर, लो स्टूल और क्यूब स्टूल जैसी वस्तुएं शामिल हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 68.80 लाख रुपये से 95.46 लाख रुपये के बीच आंकी गई है। सरकारी संस्थानों से जुड़े हैं फर्नीचर जग्गा ने कहा कि ये फर्नीचर केवल पुरानी वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि चंडीगढ़ की स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्हें देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की परिकल्पना के तहत विकसित किए गए चंडीगढ़ कैपिटल प्रोजेक्ट के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया था। उन्होंने चिंता जताई कि विदेशी नीलामी घरों में बार-बार चंडीगढ़ की विरासत से जुड़े फर्नीचर का सामने आना इस बात का संकेत है कि सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और निगरानी व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं। दूतावासों को सतर्क करने की मांग अजय जग्गा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि दुनिया भर में स्थित भारतीय दूतावासों और उच्चायोगों को ऐसे मामलों में सतर्क किया जाए। साथ ही विदेश मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के बीच समन्वित तंत्र विकसित कर विदेशी नीलामियों की निगरानी की जाए और भारतीय विरासत से जुड़ी वस्तुओं की वापसी के प्रयास किए जाएं। पत्र में कहा गया है कि विदेशों में लगातार हो रही ऐसी नीलामियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भी, विरासत भी’ के विजन के विपरीत हैं। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो चंडीगढ़ और भारत की अमूल्य विरासत दुनिया भर के निजी संग्रहों में बिखर जाएगी। जग्गा ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 49 और नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय महत्व की ऐतिहासिक और कलात्मक वस्तुओं की रक्षा करना राज्य और नागरिकों दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्र सरकार से अमेरिका में होने वाली नीलामी पर तत्काल आपत्ति दर्ज कर चंडीगढ़ की विरासत को बचाने की अपील की है।

‘ऑपरेशन चेकमेट’ की बड़ी कार्रवाई, 28 पंजाबी गिरफ्तार; हजारों ट्रक ड्राइवरों के भविष्य पर संकट

चंडीगढ़  अमेरिकी लंबी दूरी के ट्रकिंग उद्योग का अहम हिस्सा माने जाने वाले हजारों पंजाबी ट्रक ड्राइवरों के सामने अनिश्चितता का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस की जांच के दौरान अवैध या बिना वैध दस्तावेजों के पाए गए 17,000 ट्रक ड्राइवरों को अमेरिका ने डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा, ईरान में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक ईंधन बाजार भी प्रभावित हुआ है, जिससे रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। सोमवार को 'ऑपरेशन चेकमेट' के तहत गिरफ्तार किए गए 52 लोगों में 28 पंजाबी शामिल हैं। पकड़े गए लोगों में 36 कमर्शियल ट्रक ड्राइवर हैं। यह अभियान इमिग्रेशन कानूनों को सख्ती से लागू करके सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और कमर्शियल वाहन चलाने वाले अवैध लोगों की पहचान के लिए चलाया गया है। कैलिफोर्निया में कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर हुए बड़े संघीय और राज्य ऑडिट में पहचाने गए 17,000 अवैध अप्रवासी ट्रक ड्राइवरों में पंजाबियों, विशेषकर सिख समुदाय, की एक बड़ी संख्या शामिल है। 'ऑपरेशन चेकमेट' और प्रशासन की सख्ती एरिजोना के युमा सेक्टर में अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन चेकमेट' के बारे में जानकारी देते हुए कार्यवाहक चीफ पेट्रोल एजेंट डस्टिन डब्ल्यू. कॉडल ने कहा, "यह अभियान अवैध रूप से रह रहे उन ड्राइवरों से सड़कों और समुदायों को सुरक्षित रखने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करते हैं।" ट्रंप प्रशासन की सख्ती के बाद, कैलिफोर्निया के अधिकारियों ने उन प्रवासियों के हजारों कमर्शियल लाइसेंस रद्द करने शुरू कर दिए हैं, जिनकी कानूनी स्थिति समाप्त हो चुकी है। इसका सबसे ज्यादा असर कैलिफोर्निया, टेक्सास और अन्य प्रमुख ट्रकिंग हब में बसे पंजाबी समुदाय पर पड़ा है। सिख ड्राइवरों में दहशत और आर्थिक चिंताएं दिसंबर 2025 में द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, दो प्रमुख दुर्घटनाओं और ट्रंप प्रशासन की सख्ती ने समुदाय में भारी चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्ट में बताया गया कि लंबी दूरी की ट्रकिंग सिख प्रवासियों के लिए हमेशा से एक बड़ा सहारा रही है, लेकिन हालिया नीतियों ने हालात पूरी तरह बदल दिए हैं। उत्तरी अमेरिका में पंजाबी ट्रकिंग संघों के एक प्रतिनिधि ने कहा कि जिन ड्राइवरों ने सालों से इस उद्योग में अपना योगदान दिया है, वे अब दहशत में हैं। लॉस एंजिल्स टाइम्स में उत्पीड़न की आशंकाओं के बीच पंजाबी ट्रक ड्राइवर सुमित सिंह के हवाले से कहा गया, "महज एक व्यक्ति की गलती के कारण पूरे समुदाय को सजा नहीं मिलनी चाहिए।" जनवरी 2026 में बेकर्सफील्ड में सिख ट्रक ड्राइवरों से मुलाकात के बाद अमेरिकी सीनेटर एडम शिफ ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा था, "मैं परिवारों की आय और नौकरियों के नुकसान को लेकर बेहद चिंतित हूं। भले ही लोग यहां कानूनी रूप से रह रहे हों और उनके पास वर्क परमिट हो, लेकिन उन्हें हिरासत में लिए जाने या डिपोर्ट किए जाने का खतरा बना हुआ है।" सिख कोलिशन के कार्यकारी निदेशक हरमन सिंह के अनुसार, अमेरिकी ट्रकिंग कार्यबल में पंजाबी सिखों की बड़ी हिस्सेदारी है और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ड्राइवरों की कमी को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई है। एक अनुमान के मुताबिक अमेरिका में लगभग 1,50,000 सिख ट्रक ड्राइवर हैं, जो मुख्य रूप से पश्चिमी तट पर केंद्रित हैं। युद्ध और महंगाई की दोहरी मार इमिग्रेशन की सख्ती के साथ-साथ ईरान युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। अमेरिका में डीजल महंगा होने से स्वतंत्र रूप से काम कर रहे ट्रक ड्राइवरों के मुनाफे में भारी कमी आई है। इसके अलावा, जो पंजाबी ड्राइवर अमेरिका के साथ-साथ खाड़ी या मध्य पूर्व के मार्गों पर भी ट्रक चलाते थे, उनके लिए युद्ध की वजह से वे रास्ते भी बंद हो गए हैं। इस वजह से पंजाब में बैठे उनके परिवारों पर आर्थिक दबाव और अधिक बढ़ गया है।

मोहाली नगर निगम चुनाव में कई प्रत्याशियों को बड़ा झटका, 75+ उम्मीदवारों की जमानत जब्त

मोहाली  मोहाली नगर निगम चुनाव के घोषित नतीजों ने जहां आम आदमी पार्टी को स्पष्ट बहुमत देकर सत्ता की चाबी सौंपी है, वहीं राजनीतिक दलों और निर्दलीयों के लिए एक चौंकाने वाला आंकड़ा भी सामने रखा है। चुनाव मैदान में उतरे 50 वार्डों के 75 से अधिक उम्मीदवार आवश्यक वोट हासिल न कर पाने के कारण अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। इस चुनाव में मतदाताओं ने छोटे व कमजोर उम्मीदवारों को पूरी तरह नकारते हुए मुख्य दावेदारों पर भरोसा जताया है, जिससे कई प्रत्याशियों का आंकड़ा दहाई तक भी नहीं पहुंच पाया। चुनाव परिणामों में सबसे हैरान करने वाला मामला वार्ड नंबर 14 से सामने आया, जहां निर्दलीय उम्मीदवार जस्मीत कौर को पूरे वार्ड से केवल एक ही वोट नसीब हुआ। मतदाताओं की इस बेरुखी का शिकार सिर्फ निर्दलीय ही नहीं, बल्कि मुख्यधारा की पार्टियों के प्रत्याशी भी बने। वार्ड नंबर 20 से निर्दलीय हरमनजोत सिंह और वार्ड नंबर 22 से रवनीत कौर को केवल 6-6 वोट मिले। वहीं, वार्ड 23 से किरण शर्मा को 8 और वार्ड 3 से कुलदीप कौर को सिर्फ 9 वोटों से संतोष करना पड़ा। बड़े दलों के उम्मीदवारों का भी रहा बुरा हाल राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस बार मुकाबला बहुकोणीय होने के बावजूद मतदाताओं ने अपना वोट चुनिंदा और मजबूत उम्मीदवारों के पक्ष में ही केंद्रित किया। इसी वजह से शिरोमणि अकाली दल, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस जैसी पारंपरिक पार्टियों के कई उम्मीदवार अपनी जमानत गंवा बैठे। अकाली दल : वार्ड 18 से गुरदीप सिंह को 19, वार्ड 42 से अमित कुमार को 22 और वार्ड 27 से आत्मजीत कौर को 31 वोट ही मिल सके। कांग्रेस व आम आदमी पार्टी : वार्ड 42 से कांग्रेस के जसदीप सिंह शेरगिल को 47 वोट मिले, जबकि वार्ड 13 से सत्ताधारी आम आदमी पार्टी की जसबीर कौर को महज 41 वोटों पर सिमटना पड़ा। भाजपा : भाजपा के भी कई चेहरे पिछड़ गए; वार्ड 24 से करण गुप्ता को 62, वार्ड 16 से संदीप कुमार माधोक को 92 और वार्ड 18 से ऋतिका को 93 वोट मिले। सबसे कम वोट पाने वाले प्रमुख उम्मीदवार चुनाव में सबसे कम वोट पाने वाले उम्मीदवारों की स्थिति इस प्रकार रही: वार्ड 14 : जस्मीत कौर, निर्दलीय – 1 वोट वार्ड 20 : हरमनजोत सिंह, निर्दलीय – 6 वोट वार्ड 22 : रवनीत कौर, निर्दलीय – 6 वोट वार्ड 23 : किरण शर्मा, निर्दलीय – 8 वोट वार्ड 3 : कुलदीप कौर, निर्दलीय – 9 वोट वार्ड 48 : रवि शर्मा, निर्दलीय – 12 वोट वार्ड 15 : सुखदर्शन सिंह, अकाली दल – 25 वोट वार्ड 28 : रजनी, अकाली दल – 28 वोट वार्ड 27 : आत्मजीत कौर, अकाली दल – 31 वोट वार्ड 49 : रीना, निर्दलीय – 32 वोट इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि मोहाली के मतदाताओं ने इस बार बंटे हुए जनादेश के बजाय मुख्य दावेदारों को चुनकर एकतरफा फैसला सुनाया है। यही वजह रही कि बड़ी संख्या में खड़े हुए छोटे और निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी रेस से पूरी तरह बाहर हो गए।