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CM भगवंत मान बोले – AAP के राज्यसभा MP जो BJP में शामिल हुए, वे पंजाब के गद्दार हैं

चंडीगढ़.  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी छोड़ने वाले राज्यसभा MPs को पंजाब और पंजाबियत का गद्दार बताया है और कहा है कि पंजाब के लोग जल्द ही उन्हें इस हरकत का जवाब देंगे। आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा MPs ने शुक्रवार को दिल्ली में पार्टी से इस्तीफे का ऐलान किया। इन सात MPs में से छह पंजाब के हैं। राजनीतिक घटनाक्रम के बाद चंडीगढ़ में रिपोर्टर्स से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सात गद्दारों के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता। पार्टी पूरी तरह मजबूत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पंजाब में 300 यूनिट फ्री बिजली दे रही है और पंजाब को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया है। पंजाब में 19 टोल टैक्स खत्म कर दिए गए हैं। भगवंत मान ने RDF का फंड रोकने के लिए केंद्र सरकार पर हमला बोला और कहा कि BJP पंजाब में हो रहे विकास के कामों को पचा नहीं पा रही है। BJP शुरू से ही पंजाब के लोगों को धोखा और धमका रही है। हरियाणा और देश के कई दूसरे राज्यों में BJP के गठबंधनों, जिसमें दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी भी शामिल है, का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि BJP जिस भी पार्टी से गठबंधन करती है, उसे खत्म कर देती है। भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में ऐसी घटना पहले भी हो चुकी है, जब सुखपाल सिंह खैरा ने कई MLA को तोड़कर अलग गुट बना लिया था। भारतीय जनता पार्टी ने पहले भी पंजाब में कई MLAs को तोड़ने के लिए ऑपरेशन लोटस चलाया था, लेकिन वह कामयाब नहीं हो सका। पार्टी छोड़ने वाले राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह भज्जी, विक्रमजीत साहनी और राजिंदर गुप्ता को पंजाब का सबसे बड़ा गद्दार बताते हुए भगवंत मान ने कहा कि ये सभी अपनी जान बचाने के लिए BJP में शामिल हुए हैं, लेकिन इन्हें बहुत जल्द इसका पछतावा होगा। मनप्रीत बादल और कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसे नेता, जो BJP में शामिल हो गए थे, आज पंजाब की राजनीति में हाशिये पर हैं। भगवंत मान ने ED और दूसरी जांच एजेंसियों को चुनौती देते हुए कहा कि वे जब चाहें उनके खिलाफ जांच कर सकते हैं। पिछले चार सालों में कई कोशिशें की गईं लेकिन जब कुछ नहीं मिला तो उन्होंने अपने लोगों को दबाने की कोशिश शुरू कर दी।

पंजाब में प्राइवेट स्कूलों के लिए किताबों की सीधी सप्लाई, बिचौलियों का खेल खत्म, अभिभावकों को मिली बड़ी राहत

 चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों के लिए पाठ्य-पुस्तकों के वितरण में एक बड़ा सुधार किया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) से संबंधित निजी स्कूलों में पढ़ रहे पहली से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को किताबों की सप्लाई सीधे तौर पर बोर्ड द्वारा की जाएगी। इस पहल से न केवल अधिकृत एजेंसियों और किताबें बेचने वाली दुकानों की एकाधिकार व्यवस्था खत्म होगी, बल्कि विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी राहत मिलेगी। नए सुधार की घोषणा करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि यह निर्णय पारदर्शिता को बेहतर बनाने, परिवारों का खर्च कम करने और बिचौलियों पर निर्भरता घटाने के साथ-साथ पाठ्य-पुस्तकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि स्कूल सख्ती से यह सुनिश्चित करेंगे कि पुस्तकों के लिए छपी हुई कीमत से अधिक पैसा न लिया जाए। यह केवल पुस्तकों के वितरण की सुविधा होगी, न कि राजस्व जुटाने का माध्यम। इससे निजी स्कूलों के दस लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि 15 प्रतिशत छूट, जो पहले पुस्तक बेचने वालों को मिलती थी, अब सीधे तौर पर विद्यार्थियों को मिलेगी। 10 लाख से ज़्यादा छात्रों को होगा फायदा एक आधिकारिक बयान में कहा गया, "स्कूल इस बात का सख्ती से ध्यान रखेंगे कि बिल पर छपी रियायती कीमत से ज़्यादा कोई भी रकम न ली जाए. वे बिना कोई मुनाफा कमाए, सिर्फ किताबों के वितरण में मदद करेंगे. इससे निजी स्कूलों के 10 लाख से ज़्यादा छात्रों को फायदा होगा।  शिक्षा मंत्री ने बताया कि 15 प्रतिशत की जो छूट पहले किताब बेचने वालों को दी जाती थी, अब उसका सीधा फायदा स्कूलों के जरिए छात्रों को मिलेगा. उम्मीद है कि इस कदम से परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम होगा और साथ ही व्यवस्था में ज़्यादा जवाबदेही आएगी।  शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का बयान शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस सुधार की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना, परिवारों पर वित्तीय दबाव घटाना और किताबों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह कदम पूरी तरह जनहित में है और इससे निजी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। पारदर्शिता और सख्त नियम लागू मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी स्थिति में पुस्तकों पर अंकित मूल्य से अधिक शुल्क नहीं लिया जाए। यह व्यवस्था केवल वितरण को सरल बनाने के लिए है, न कि अतिरिक्त आय का साधन बनने के लिए। सरकार के अनुसार, इस नई प्रणाली से राज्य के लगभग 10 लाख से अधिक निजी स्कूल छात्रों को फायदा होगा। इसकी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताते हुए, मंत्री बैंस ने जानकारी दी कि PSEB ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक खास ई-कॉमर्स पोर्टल बनाया है. छात्र मोबाइल ऐप या ऑनलाइन पोर्टल के ज़रिए पाठ्यपुस्तकों की मांग कर सकेंगे, जबकि स्कूल कक्षा और विषय के हिसाब से अपनी ज़रूरतें डिजिटल रूप से अपलोड करेंगे. उन्होंने आगे कहा, "हर छात्र को अलग से लॉगिन क्रेडेंशियल (पहचान पत्र) दिए जाएंगे, ताकि ज़रूरत पड़ने पर माता-पिता सीधे ऑर्डर दे सकें।  पंजाब सरकार द्वारा सुलभ और किफायती शिक्षा पर दिए जा रहे प्रयासों को दोहराते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि 15% की छूट, जो पहले केवल पुस्तक विक्रेताओं को दी जाती थी, अब स्कूलों के माध्यम से सीधे छात्रों को लाभ पहुंचाएगी। इस कदम से परिवारों पर वित्तीय बोझ काफी कम होने की उम्मीद है और साथ ही व्यवस्था में जवाबदेही भी बढ़ेगी। परिचालन ढांचे के बारे में विस्तार से बताते हुए मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने जानकारी दी कि पीएसईबी ने प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए एक समर्पित ई-कॉमर्स पोर्टल विकसित किया है। छात्र मोबाइल एप्लिकेशन या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पाठ्यपुस्तकों की मांग कर सकेंगे, जबकि स्कूल कक्षावार और विषयवार आवश्यकताओं को डिजिटल रूप से अपलोड करेंगे। उन्होंने आगे कहा, “प्रत्येक छात्र को व्यक्तिगत लॉगिन क्रेडेंशियल प्रदान किए जाएंगे, जिससे आवश्यकता पड़ने पर अभिभावक सीधे ऑर्डर दे सकेंगे।” पीएसईबी के अध्यक्ष डॉ. अमरपाल सिंह ने बताया कि पोर्टल को सुरक्षित ऑनलाइन भुगतान गेटवे से एकीकृत किया गया है ताकि निर्बाध, पारदर्शी और कुशल लेनदेन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली विशेष रूप से अधिक शुल्क लेने की किसी भी संभावना को खत्म करने और पूरी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिज़ाइन की गई है।  

पुलिस ने लूट को झपटमारी में बदलकर सजा कम करने की कोशिश की, हाई कोर्ट ने DSP और जांच अधिकारी को किया तलब

चंडीगढ़   पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक मामले में सजा कम करने के उद्देश्य से पुलिस ने लूटमार की घटना को झपटमारी में बदल दिया। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया लूटमार का मामला होने के बावजूद इसे झपटमारी में परिवर्तित करना न्याय प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ है। यह मामला जालंधर में दर्ज एक एफआईआर से संबंधित है, जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि तीन अज्ञात हमलावरों ने बेसबाल बैट और ‘दातर’ जैसे हथियारों से हमला कर उसे और उसके साथी को घायल किया और मोबाइल फोन, नकदी तथा मोटरसाइकिल छीनकर फरार हो गए। इन तथ्यों के बावजूद पुलिस ने लूटमार की गंभीर धाराओं के बजाय झपटमारी से संबंधित प्रविधानों में मामला दर्ज किया। सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्य प्रताप सिंह ने टिप्पणी की कि एफआईआर में वर्णित घटनाक्रम स्पष्ट रूप से लूटमार की श्रेणी में आता है। अदालत ने जांच अधिकारी और संबंधित डीएसपी को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि लूटमार के मामले को झपटमारी में क्यों बदला गया। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आपराधिक मामलों में लापरवाही या जानबूझकर की गई त्रुटियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। हमलावरों ने हथियारों से हमला कर जालंधर में की थी लूट आरोपित को दी जमानत कोर्ट ने कहा कि इस तरह की त्रुटियां तकनीकी नहीं होतीं, बल्कि इससे पूरे मामले की गंभीरता, सजा की प्रकृति और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होती है। आरोपित को नियमित जमानत भी प्रदान की, यह कहते हुए कि आरोपित सात महीने से हिरासत में है और जांच पूरी हो चुकी है। सह-आरोपितों को पहले ही मिल चुकी है।  

पंजाब में 38 जजों के तबादले, जालंधर सहित नए स्थानों पर होगी जिम्मेदारियों की सौंप

जालंधर  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार आज बड़े स्तर पर न्यायिक अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।जारी सूची के अनुसार जालंधर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्भय सिंह गिल का तबादला फतेहगढ़ साहिब किया गया है, जहां वह अब जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालेंगे। उनकी जगह मैडम प्रिया सूद को जालंधर का नया जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे शहीद भगत सिंह नगर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर तैनात थीं। इस तबादला सूची में कुल 38 न्यायिक अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इसमें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जसविंदर सिंह को जालंधर की नई स्थापित एनआरआई अदालत में नियुक्त किया गया है। वहीं विनीत कुमार नारंग, जो पहले जालंधर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज के रूप में कार्यरत थे, उन्हें अब गुरदासपुर भेजा गया है। इसके अलावा श्री मुक्तसर साहिब से अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमिता सिंह को जालंधर में फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज के रूप में तैनात किया गया है।

फिरोजपुर छावनी रेलवे स्टेशन को धमकी, जीआरपी ने बम की सूचना पर जांच तेज की

फिरोजपुर  फिरोजपुर छावनी रेलवे स्टेशन को 24 अप्रैल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जीआरपी ने स्टेशन के प्लेटफार्म और परिसर की गहन चेकिंग की है। शकी व्यक्तियों के सामान की चेकिंग भी की है। बताया जा रहा है कि आई ईमेल में फिरोजपुर, बठिंडा, लुधियाना व अमृतसर रेलवे स्टेशन उड़ाने की बात कही है। खालिस्तान नेशनल आर्मी ने मेल भेज धमकी दी है। जीआरपी के प्रभारी प्रवीण कुमार की अगुवाई में उनकी टीम ने पूरे रेलवे स्टेशन की चेकिंग की है।  चेकिंग के दौरान कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है। जीआरपी के अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन के भीतर जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर पैनी नजर रखी जा रही है। सभी टी स्टाल पर कार्य करने वाले व्यक्तियों को संदिग्धों पर नजर रखने को कहा है। एसएचओ प्रवीण कुमार ने कहा कि स्टेशन पर पूरी चौकसी रखी जा रही है। स्टेशन और परिसर की चेकिंग की गई है। थ्री व्हीलर चालकों और वेंडरों को भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना देने की बात कही है। ट्रेनों की भी चेकिंग की जा रही है।

राघव चड्ढा ने AAP से दिया इस्तीफा, BJP में दो तिहाई सांसदों के साथ विलय का किया ऐलान

चंडीगढ़  राघव चड्डा ने आम आदमी पार्टी को छोड़ दिया है और  भाजपा का दामन थाम लिया है।  राघव चड्डा  ने शुक्रवार को प्रेस कॉफ्रेंस में  आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दिया और भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। इस दौरान उन्होंने ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की। AAP से इस्तीफा देने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि जिस AAP को मैंने 15 सालों तक अपने खून से सींचा वह अपने मार्ग से हट गई है। अब यह देशहित के लिए नहीं बल्कि अपने निजी फायदों के लिए काम कर रही है। मैं AAP से दूर जा रहा हूं और जनता के पास आ रहा हूं। हम सभी ने मिलकर इस पार्टी को दिल्ली, पंजाब और देश के अन्य राज्यों तक पहुंचाने का प्रयास किया था। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से मिलें. राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सांसदों ने बड़ा फैसला लिया है। उनके मुताबिक, वे भारत के संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो जाएंगे।   राघव चड्ढा ने कहा, "राज्यसभा में AAP के 10 सांसद हैं और 2/3 से ज्यादा सांसद इस मुहिम में हमारे साथ हैं… हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, स्वाती मालीवाल और अन्य नेता हमारे साथ हैं।" संदीप पाठक ने भी छोड़ी पार्टी AAP नेता संदीप पाठक ने कहा कि मैंने अपने जीवन में नहीं सोचा था कि ये स्थिति आएगी पर ये आई। 10 साल से इस पार्टी से मैं जुड़ा रहा और आज मैं AAP से अपने रास्ते अलग कर रहा हूं। संदीप पाठक भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं। स्वाति मालीवाल भी हुई बीजेपी में शामिल राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। वह भी बीजेपी का दामन थाम चुकी है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। अशोक मित्तल ने भी पार्टी का दामन छोड़ दिया है। राजेंद्र गुप्ता भी बीजेपी में शामिल हुए। 2 अप्रैल को उपनेता पद से हटाए गए थे आम आदमी पार्टी ने बीते 2 अप्रैल को उन्हें राज्यसभा में पार्टी के उप नेता के पद से हटा दिया था। इस बारे में राज्यसभा सचिवालय को पार्टी की तरफ से पत्र लिखा गया था। इसमें कहा गया था कि चड्ढा को पार्टी के कोटे से बोलने का टाइम न दिया जाए। पार्टी ने उनकी जगह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के अशोक मित्तल को उप नेता बनाया था। हालांकि, मित्तल ने भी आज पार्टी का दाम छोड़ दिया।  आम आदमी पार्टी पर लगाया गंभीर आरोप दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि, कि उन्होंने और राज्यसभा में आप के दो-तिहाई सदस्यों ने फैसला किया है कि वे संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी, जिसे उन्होंने अपने खून-पसीने से खड़ा किया और अपनी जिंदगी के 15 साल दिए, अब अपने सिद्धांतों और मूल्यों से भटक चुकी है। उनके मुताबिक, पार्टी अब देश के हित के बजाय निजी फायदे के लिए काम कर रही है। राघव चड्ढा ने यह भी कहा कि पिछले कुछ समय से उन्हें लग रहा था कि वह गलत पार्टी में सही व्यक्ति हैं। इसी वजह से उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला लिया है और अब वह जनता के और करीब जाने की बात कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने से पहले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि, राजनीति में आने से पहले वह एक प्रैक्टिस करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) थे। उन्होंने बताया कि जब यह मंच बना था, तब इसमें अलग-अलग क्षेत्रों के लोग जुड़े थे—कुछ वैज्ञानिक थे, तो कुछ शिक्षाविद। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी पार्टी (आप) छोड़ने वालों में एक विश्व स्तर का क्रिकेटर, एक पद्म श्री सम्मान पाने वाला व्यक्ति और एक सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हैं। इन सभी लोगों ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लक्ष्य के साथ अपना सब कुछ छोड़कर इस पार्टी को बनाया था। राघव चड्ढा ने बताया कि वह इस पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं और पार्टी को अच्छी तरह समझते हैं। उनके अनुसार, उन्होंने और उनके साथियों ने पूरी मेहनत और ईमानदारी से दिल्ली में पार्टी को खड़ा किया, पंजाब में उसे मजबूत बनाया और दूसरे राज्यों में भी फैलाने की कोशिश की। लेकिन अब उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि जिस पार्टी की शुरुआत भ्रष्टाचार खत्म करने के मकसद से हुई थी, वही आज भ्रष्ट और समझौता करने वाले लोगों के हाथों में फंस गई है। उनका कहना है कि इसी वजह से जो लोग देश सेवा के इरादे से पार्टी में आए थे, वे अब या तो पार्टी छोड़ चुके हैं या धीरे-धीरे छोड़ रहे हैं।

18 महीने बाद 400 फुट ऊंचे टावर से नीचे उतरे गुरजीत सिंह खालसा, संगत ने की जोरदार जयकारे

समाना पिछले 18 महीनों से बेअदबी के मामलों में सख्त कानून की मांग को लेकर 400 फुट ऊंचे टावर पर बैठे गुरजीत सिंह खालसा को जिला प्रशासन ने सेना और फायर सेफ्टी टीम की मदद से सफलतापूर्वक नीचे उतार लिया है। नीचे उतारने के बाद उनका मेडिकल चेकअप कराया गया, जिसमें वे पूरी तरह स्वस्थ पाए गए। इस दौरान मोर्चा स्थल पर स्थापित श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के श्री अखंड पाठ का भोग भी आज डाला गया। साथ ही पंथक विचारों को लेकर मंच से कार्यक्रम जारी है, जो शाम 4 बजे तक चलेगा। गुरजीत सिंह खालसा के सुरक्षित नीचे उतरने पर वहां मौजूद संगतों ने जयकारों के साथ खुशी जाहिर की। बताया जा रहा है कि गुरजीत सिंह खालसा करीब 400 फीट ऊंचे टावर पर बैठकर अपना विरोध जता रहे थे। इतने लंबे समय तक इतनी ऊंचाई पर रहना अपने आप में हैरान करने वाला था। इस दौरान कई बार प्रशासन ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांग पर डटे रहे। उनका कहना था कि जब तक सरकार बेअदबी के मामलों पर सख्त कानून नहीं बनाएगी, तब तक वे नीचे नहीं उतरेंगे। अब पंजाब सरकार द्वारा जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2026 लागू करने के बाद आखिरकार यह धरना खत्म हो गया। इस कानून के लागू होने के बाद गुरजीत सिंह खालसा ने अपनी मांग पूरी मानते हुए टावर से नीचे उतरने का फैसला लिया। शुक्रवार सुबह जिला प्रशासन, पंजाब पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी के साथ उन्हें नीचे उतारा गया। राहत की बात यह रही कि इतने लंबे समय के बाद भी उन्हें सुरक्षित नीचे लाने में टीम सफल रही। नीचे उतरने के बाद गुरजीत सिंह खालसा ने सरकार और प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनकी और संगत की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कानून बनाया, जिसके लिए वे आभारी हैं। उन्होंने बताया कि वे 18 महीने 12 दिन बाद टावर से सुरक्षित उतर गए हैं। इस दौरान उन्होंने धार्मिक अंदाज में "वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह" कहकर धन्यवाद किया और कहा कि यह सब गुरु की कृपा से ही संभव हो पाया। इस घटना के साथ ही समाना में चल रहा धर्म युद्ध मोर्चा भी समाप्त हो गया। यह मामला काफी समय से चर्चा में था और अब इसके शांतिपूर्ण अंत से प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।  

सीएम मान का फिनलैंड दौरा, 300 शिक्षकों को ट्रेन-द-ट्रेनर मॉडल से मिला प्रशिक्षण, शिक्षा में आएगा बड़ा बदलाव

चंडीगढ़  पंजाब सरकार और फिनलैंड की टुर्कू यूनिवर्सिटी के बीच स्थापित शैक्षणिक सहयोग ने राज्य के स्कूलों में सकारात्मक बदलाव की नई शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री ने अपने फिनलैंड दौरे के दौरान टुर्कू स्थित कुकुलो-मोइकोइनेन अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन एंड केयर सेंटर का दौरा किया और वहां अपनाई जा रही शिक्षण पद्धतियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस साझेदारी के जरिए वैश्विक शिक्षण तकनीकों को पंजाब के क्लासरूम तक सफलतापूर्वक पहुंचाया जा रहा है, जिससे शिक्षा प्रणाली अधिक प्रभावी, आधुनिक और छात्र-केंद्रित बन रही है। उन्होंने बताया कि यह पहल ‘शिक्षा क्रांति’ को नई दिशा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सीएम मान ने कहा कि फिनलैंड के साथ सहयोग के रचनात्मक परिणाम अब पंजाब के स्कूलों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। पारंपरिक रट्टा आधारित शिक्षा प्रणाली से हटकर अब बच्चों को अधिक आनंदमय, सहभागितापूर्ण और व्यावहारिक तरीके से पढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे सीखने का माहौल अधिक रोचक और प्रभावी बन रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि इस पहल के तहत ‘ट्रेन-द-ट्रेनर’ मॉडल अपनाया गया है, जिसके माध्यम से लगभग 300 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पंजाब के स्कूल शिक्षा विभाग और स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कोई अल्पकालिक प्रयास नहीं, बल्कि दीर्घकालिक संस्थागत सुधार की दिशा में उठाया गया कदम है, जिसका उद्देश्य प्रारंभिक और बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना है। उन्होंने आगे कहा कि प्रशिक्षण सत्र चंडीगढ़ के साथ-साथ फिनलैंड के टुर्कू और राउमा शहरों में भी आयोजित किए गए हैं। इन सत्रों के दौरान शिक्षकों को कार्यशालाओं, स्कूल विजिट और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के जरिए आधुनिक शिक्षण तकनीकों से अवगत कराया जा रहा है। मई 2026 तक चार चरणों में लगभग 300 शिक्षक इस प्रशिक्षण को पूरा कर लेंगे, जिससे राज्य भर के लाखों विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा को अधिक रोचक और जीवंत बनाने के लिए शिक्षकों को नए-नए प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब शिक्षकों में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे विद्यार्थियों की अलग-अलग जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम को ढालने में सक्षम हो रहे हैं। इस पहल की खास बात यह है कि विदेशी मॉडल को सीधे लागू करने के बजाय उसे स्थानीय सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भों के अनुरूप ढाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार इस कार्यक्रम को और व्यापक बनाने के लिए 'मास्टर ट्रेनर्स' तैयार करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि राज्य के हर कोने तक इन नई शिक्षण पद्धतियों को पहुंचाया जा सके। इसके साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म और मिश्रित प्रशिक्षण मॉडल भी विकसित किए जा रहे हैं, जिससे शिक्षकों का निरंतर पेशेवर विकास सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सहयोग पंजाब के शिक्षा सुधारों की मजबूत नींव साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह की पहलों से राज्य के विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार होंगे, और पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करेगा।  

पंजाब में आज 15 मिनट का ब्लैकआउट, सभी जिलों में चुनिंदा जगहों पर होगी युद्ध के वक्त बचाव की मॉक ड्रिल

चंडीगढ़  पंजाब में आज रात 8 बजे मॉकड्रिल के तहत 15 मिनट के लिए पूर्ण ब्लैकआउट होगा। इसका उद्देश्य लोगों को किसी भी अप्रिय घटना के समय पूरी सतर्कता के साथ बचाव करना और सुरक्षित रहने के तरीकों के बारे में जागरूक करना है। ब्लैकआउट से दो मिनट पहले सायरन बजाया जाएगा, जिसके बाद ब्लैकआउट प्रक्रिया शुरू होगी और किसी भी प्रकार की रोशनी नहीं की जाएगी। अस्पतालों और औद्योगिक संस्थानों में ब्लैकआउट नहीं होगा, जबकि बाजारों, दुकानों और घरों में लाइटें पूरी तरह बंद रहेंगी।   यह केवल एक अभ्यास प्रक्रिया है और लोगों को किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए। होशियारपुर में सिविल डिफेंस के वालंटियर्स संबंधित विभागों के सहयोग से डी.ए.वी. कॉलेज में मॉकड्रिल करेंगे। इस मॉक ड्रिल के तहत रात 8:00 बजे से 8:10 बजे तक (कुल 10 मिनट) रंजीत एवेन्यू क्षेत्र में पूर्ण ब्लैकआउट रहेगा। इस दौरान बिजली विभाग द्वारा केवल रंजीत एवेन्यू के संबंधित क्षेत्र की लाइटें अस्थायी रूप से बंद की जाएंगी, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों का वास्तविक अभ्यास किया जा सके। ब्लैकआउट के दौरान जनरेटर-इनवर्टर और टॉर्च के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी। पावरकॉम की तरफ से प्रमुख बाजारों, सरकारी भवनों और आवासीय कॉलोनियों में कुछ समय के लिए बिजली सप्लाई रोकी जाएगी। मॉक ड्रिल के लास्ट में 2 मिनट तक लगातार सायरन बजेगा, जो “ऑल क्लियर” का संकेत होगा, जिसके बाद सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी। पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि लोग घबराएं नहीं। यह सिर्फ मॉक ड्रिल है, इसमें अपना पूरा सहयोग करें। इससे पहले पिछले साल मई महीने में भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने हमला करने की कोशिश की थी। उस दौरान इसी तरह से ब्लैकआउट को लागू कराया गया था। आज किस जिले के किस एरिया में ब्लैकआउट होगा     लुधियाना – लुधियाना में ब्लैकआउट शाम 8 से 8:15 बजे तक रहेगा। 7:55 बजे सायरन बजेगा। पीएयू, किचलू नगर और अग्रनगर डिवीजन के अधीन आने वाले इलाकों में ब्लैकआउट रहेगा। जिले में 12 जगहों पर मॉक ड्रिल होगी।     अमृतसर – आज रात 8 बजे अमृतसर के रंजीत एवेन्यू स्थित पायटेक्स ग्राउंड में सिविल डिफेंस की ओर से एयर रेड और ब्लैकआउट मॉक ड्रिल होगी। इस दौरान रात 8 से 8:10 बजे तक (10 मिनट) रंजीत एवेन्यू में ब्लैकआउट रहेगा।     मोहाली – डीसी कोमल मित्तल के मुताबिक सेक्टर 76 स्थित जिला प्रशासनिक परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल कराई जाएगी। रात 8 से सवा 8 बजे के बीच ब्लैकआउट होगा।     पठानकोट – यहां रात 8 बजे ब्लैकआउट होगा। इससे पहले 7:58 बजे 2 मिनट का सायरन बजेगा। 15 मिनट तक ब्लैकआउट रहेगा। इसके बाद 8:15 बजे फिर 2 मिनट का सायरन बजेगा, जिससे अभ्यास समाप्त होने का संकेत मिलेगा। ब्लैकआउट केवल नगर निगम के 50 वार्डों में लागू होगा, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य रहेगी।     जालंधर – जालंधर के खालसा कॉलेज फॉर वुमेन में 23 अप्रैल को मॉक ड्रिल होगी। रात 8:00 बजे कॉलेज कैंपस में ब्लैकआउट किया जाएगा। डीसी वरजीत वालिया के अनुसार, यह ड्रिल इमरजेंसी तैयारियों को जांचने के लिए है। पूरे जिले में ब्लैकआउट नहीं होगा।     तरनतारन – डीसी राहुल के अनुसार आज रात 8:00 बजे जिले में एयर रेड और ब्लैकआउट मॉक ड्रिल होगी। शुरुआत में 2 मिनट तक उतार-चढ़ाव वाला सायरन बजेगा। अभ्यास के दौरान कुछ समय के लिए बिजली सप्लाई बंद की जा सकती है। लोगों से घबराने की बजाय सहयोग करने की अपील की गई है।     फाजिल्का – फाजिल्का में भी रात 8 बजे ब्लैकआउट होगा। फाजिल्का पाकिस्तान से सटा हुआ जिला है, इसलिए यहां ज्यादा एहतियात बरती जाएगी। लोगों को गैर जरूरी लाइटें बंद करने को कहा गया है।     बठिंडा – डीसी राजेश धीमान के अनुसार, बठिंडा में रात 8 बजे सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल शुरू होगी। सायरन के साथ ही पुडा मार्केट और 100 फीट रोड जैसे चिन्हित क्षेत्रों में ब्लैकआउट किया जाएगा। करीब 15 मिनट की इस ड्रिल में सर्च एंड रेस्क्यू, राहत कार्य और चिकित्सा सहायता का अभ्यास होगा। जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी।     फिरोजपुर – रात 8:00 बजे फिरोजपुर शहर, छावनी (कैंट) और सीमावर्ती संवेदनशील इलाकों में मॉक ड्रिल शुरू होगी। शुरुआत में 2 मिनट तक उतार-चढ़ाव वाला सायरन बजेगा, जो एयर रेड वार्निंग का संकेत होगा। इसके बाद लोगों को लाइटें बंद करनी होंगी और ब्लैकआउट लागू किया जाएगा। एयर रेड चेतावनी सिग्नल के साथ होगी अभ्यास की शुरुआत सहायक कमिश्नर (जनरल) प्रगति सेठी तथा अतिरिक्त नियंत्रक सिविल डिफेंस एवं जिला कमांडर मनप्रीत सिंह रंधावा द्वारा दी गई जानकारी अनुसार अभ्यास की शुरुआत एयर रेड चेतावनी सिग्नल के साथ होगी, जो सायरनों के माध्यम से दिया जाएगा। यह संकेत किसी आपातकालीन या युद्ध जैसी स्थिति की चेतावनी का प्रतीक होगा। घबराएं नहीं और केवल अनावश्यक लाइटें बंद रखें अमृतसर के ADC रोहित गुप्ता ने आम जनता से अपील की है कि वे इस दौरान घबराएं नहीं और केवल अनावश्यक लाइटें बंद रखें। अस्पताल, पुलिस, अग्निशमन विभाग और अन्य आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से कार्य करती रहेंगी। मॉक ड्रिल के समापन पर ऑल क्लियर सिग्नल के रूप में लगभग दो मिनट तक लगातार तेज सायरन बजाया जाएगा, जो अभ्यास समाप्त होने का संकेत होगा। इस दौरान आग बुझाने, खोज एवं बचाव कार्य, प्राथमिक चिकित्सा, घायलों की ढुलाई, ट्रैफिक नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन जैसी गतिविधियों का अभ्यास किया जाएगा। यह एक नियमित सुरक्षा अभ्यास इस अभ्यास में एनसीसी कैडेट्स, सिविल डिफेंस कर्मी, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और पुलिस बल सक्रिय रूप से भाग लेंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह एक नियमित सुरक्षा अभ्यास है, जिसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।

पंजाब-चंडीगढ़ में गर्मी का कहर, बठिंडा रहा सबसे गर्म: 10 जिलों में पारा 40°C के पार, हीट वेव का खतरा

चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में गर्मी ने अप्रैल के अंत में ही तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार को बठिंडा में 44.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री ज्यादा है और इस सीजन का अब तक का सबसे उच्च स्तर है। राज्य के 10 से अधिक जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार चला गया है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 24 और 25 अप्रैल के लिए हीट वेव का यलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 26 अप्रैल से मौसम में बदलाव के संकेत दिए गए हैं। बठिंडा बना सबसे गर्म जिला पंजाब में सबसे ज्यादा गर्मी बठिंडा में दर्ज की गई, जहां तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा फरीदकोट में 42.0 डिग्री, पटियाला में 41.6 डिग्री और रूपनगर के भाखड़ा डैम क्षेत्र में 41.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। लुधियाना, गुरदासपुर, फिरोजपुर और फाजिल्का में भी पारा 40 डिग्री के आसपास बना रहा। अमृतसर और चंडीगढ़ शहर में भी तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे लोगों को दिनभर तेज गर्मी का सामना करना पड़ा। हीट वेव का असर और स्वास्थ्य चेतावनी लगातार बढ़ती गर्मी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है। चंडीगढ़ में रात के समय भी गर्मी बनी रहने की संभावना जताई गई है, जिसे वार्म नाइट कहा जाता है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक गर्मी का असर और बढ़ सकता है। बिजली की मांग बढ़ी, कटौती शुरू गर्मी बढ़ने के साथ ही पंजाब में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है। इस कारण बिजली विभाग ने कई जगहों पर मरम्मत के नाम पर शटडाउन शुरू कर दिए हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में दिन के समय बिजली कटौती हो रही है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पंखे और कूलर चलाने की जरूरत बढ़ने से बिजली पर दबाव साफ दिख रहा है। अस्पतालों के समय में बदलाव तेज गर्मी को देखते हुए पंजाब सरकार ने 16 अप्रैल 2026 से सरकारी अस्पतालों के ओपीडी समय में बदलाव किया है। अब ओपीडी सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित हो रही है और यह व्यवस्था 16 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। मरीजों की सुविधा के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर सुबह 7:30 बजे खोल दिए जाते हैं ताकि भीड़ कम हो और इंतजार न करना पड़े। यह फैसला गर्मी और लू के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। बठिंडा गर्मी के मामले में टॉप पर पंजाब में 40 डिग्री से अधिक तापमान 10 जिलों में दर्ज किया गया, जबकि 35 से 40 डिग्री के बीच तापमान 7 जिलों में रहा। सबसे गर्म जिला बठिंडा (एयरपोर्ट) रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.0 डिग्री दर्ज किया गया। फरीदकोट 42.0 डिग्री, पटियाला 41.6 डिग्री, भाखड़ा डैम (रूपनगर) 41.1 डिग्री, लुधियाना 40.6 डिग्री, गुरदासपुर 40.5 डिग्री, फिरोजपुर 40.2 डिग्री, फाजिल्का 40.2 डिग्री, अमृतसर 40.1 डिग्री, चंडीगढ़ (सिटी) 40.0 डिग्री, एसबीएस नगर 39.5 डिग्री, चंडीगढ़ (एयरपोर्ट) 39.2 डिग्री, पटियाला (AWS) 39.0 डिग्री, पठानकोट 38.8 डिग्री, मोगा 38.7 डिग्री और रूपनगर (रोपड़) 38.5 डिग्री। बिजली की खपत बढ़ी, कट शुरू गर्मी बढ़ने की वजह से पंजाब में बिजली की खपत काफी बढ़ गई है। इस वजह से बिजली विभाग की तरफ से रिपेयर के नाम पर शटडाउन किया जा रहा है। दिन में शहरी से लेकर ग्रामीण एरिया में कट लग रहे हैं। इस वजह से परेशानी बढ़ी हुई है। अस्पतालों का समय बदला पंजाब में गर्मी के मौसम को देखते हुए 16 अप्रैल 2026 से सरकारी अस्पतालों की OPD टाइमिंग में बदलाव किया गया है। अब OPD सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक चल रही। यह व्यवस्था 16 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। मरीजों की सुविधा के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर सुबह 7:30 बजे ही खोल दिए जा रहे हैं, ताकि भीड़ कम हो और लोगों को इंतजार न करना पड़े। यह फैसला बढ़ती गर्मी और लू के असर को देखते हुए लिया गया है, ताकि मरीजों और अस्पताल स्टाफ दोनों को राहत मिल सके। आगे मौसम में बदलाव के संकेत मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 24 और 25 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में हीट वेव चल सकती है। 25 से 29 अप्रैल के बीच कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। अगले चार दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिसके बाद इसमें करीब 2 डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद है। बारिश और आंधी का अलर्ट जारी 26, 27 और 28 अप्रैल को पंजाब के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 24 और 25 अप्रैल को फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, मानसा, संगरूर और पटियाला में लू चलने का अनुमान है। वहीं 26 अप्रैल को पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन और पटियाला समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। 27 अप्रैल को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम बदलने के आसार हैं।