samacharsecretary.com

अमृतपाल फाजिल्का जल्द भारत लौटेंगे, पिता का खुलासा: पाकिस्तान में सिर्फ 20 मिनट हुई बातचीत

फाजिल्का फाजिल्का जिले के जलालाबाद के साथ लगते गांव खैरे की उताड़ का रहने वाला अमृतपाल अब भारत वापिस लौट रहा है। इस बात की पुष्टि उसके पिता जगराज सिंह ने की है। उनका कहना है कि पाकिस्तान जेल में बंद उसके बेटे से उनकी 20 मिनट बात हुई है। फाजिल्का सेक्टर के किसान अमृतपाल की जल्द रिहाई की खबर सामने आ रही है। सरहदी गांव खैरेके उताड़ का किसान अमृतपाल 21 जून, 2025 को अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गया था। किसान के पिता जगराज सिंह के अनुसार, अमृतपाल खेत में चूहों को बेहोश करने वाली दवा का छिड़काव कर रहा था। दवा के असर और उसके बाद चाय पीने की वजह से उसे चक्कर आने लगे और बेहोशी की हालत में वह गलती से पाक सीमा में दाखिल हो गया। वहां उसे पाकिस्तानी रेंजर्स ने हिरासत में लेकर कंगनपुर के अस्पताल में दाखिल कराया था। बीते दिन पाकिस्तान की जेल में बंद पंजाब के 7 लोगों की सजा पूरी होने के बाद रिहाई की गई है, जिनकी अंबेसी बुधवार को क्लीयर हो गई थी। जगराज सिंह के अनुसार अमृतपाल के केस की अंबेसी शुक्रवार को क्लीयर हो चुकी है और किसी भी समय अमृतपाल की रिहाई हो सकती है। पंजाब के 7 लोगों की सजा पूरी जगराज सिंह के अनुसार अमृतपाल खेत में चूहों को बेहोश करने वाली दवा का छिड़काव कर रहा था। दवा के असर और उसके बाद चाय पीने की वजह से उसे चक्कर आने लगे और बेहोशी की हालत में वह गलती से पाक सीमा में दाखिल हो गया। उसे पाकिस्तानी रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया था। गत दिन पाकिस्तान की जेल में बंद पंजाब के 7 लोगों की सजा पूरी होने के बाद रिहाई की गई है, जिनकी एंबेसी बुधवार को क्लियर हो गई थी। जगराज सिंह के अनुसार अमृतपाल के की एंबेसी शुक्रवार को क्लियर हो चुकी है और किसी भी समय अमृतपाल की रिहाई हो सकती है। पाक की कोर्ट ने लगाया 50 हजार जुर्माना पाकिस्तानी पुलिस ने बॉर्डर क्रॉसिंग का केस दर्ज कर अमृतपाल को कोर्ट में पेश किया था। पाक की कोर्ट ने अमृतपाल को एक महीने के कारावास और 50 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई थी, जो पूरी हो चुकी है। रिहाई की खबर मिलते ही अमृतपाल के परिवार ने इस खबर पर राहत की सांस ली। जेल अफसरों की निगरानी में हुई बात अमृतपाल के पिता जगराज सिंह के अनुसार 4 फरवरी को अमृतपाल ने पाक जेल से फोन पर जानकारी दी है कि उसकी एंबेसी क्लियर हो चुकी और शीघ्र ही रिहाई की संभावना है। उन्होंने बताया कि पाक जेल में बंद भारतीय कैदियों को जेल अफसरों की निगरानी में परिवार के साथ हर बुधवार को 20 मिनट तक बात करने की इजाजत होती है, इसी के तहत अमृतपाल से उनकी बात हुई है। एक महीने की जेल, 50 हजार जुर्माने की सजा पाकिस्तानी पुलिस ने बॉर्डर क्रॉसिंग का केस दर्ज कर अमृतपाल को अदालत में पेश किया था। पाक की अदालत ने अमृतपाल को एक महीने के कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी, जो अब पूरी हो चुकी है। पाकिस्तानी वकील सुहैल अंसारी अमृतपाल का केस नि:शुल्क लड़ रहे हैं। उन्होंने हाल ही में किसान से जेल में मुलाकात कर उनका एक 15 सेकेंड का वीडियो परिवार को भेजा था, जिसमें अमृतपाल ने खुद के बिल्कुल ठीक होने की बात कही थी। अमृतपाल की सजा की अवधि और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अब उसकी रिहाई और वतन वापसी का रास्ता साफ होता दिख रहा है। ताजा घटनाक्रम के अनुसार, कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद किसी भी समय उसे बीएसएफ के हवाले किया जा सकता है, जिससे उसके परिवार का लंबा इंतजार खत्म होगा। कोट लखपत जेल में बंद है अमृतपाल पिछले कुछ समय से पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद है। उसकी गिरफ्तारी के बाद से ही भारतीय सीमा सुरक्षा बल और स्थानीय प्रशासन निरंतर पाकिस्तानी अधिकारियों के संपर्क में थे। फ्लैग मीटिंग और कूटनीतिक बातचीत के जरिए उसकी रिहाई के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे थे। रिहाई की खबर मिलते ही फाजिल्का सेक्टर में सुरक्षा और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। परिजनों में खुशी की लहर अमृतपाल के परिवार ने इस खबर पर राहत की सांस ली है और उनके स्वागत की भव्य तैयारी शुरू कर दी है। जगराज सिंह के अनुसार 4 फरवरी को अमृतपाल ने पाक जेल से फोन पर जानकारी दी है कि उसकी अंबेसी क्लीयर हो चुकी है और शीघ्र ही रिहाई की संभावना है। उन्होंने बताया कि पाक जेल में बंद भारतीय कैदियों को जेल अफसरों की निगरानी में परिवार के साथ हर बुधवार 20 मिनट बात करने की इजाजत होती है।

महेंद्र कौर मानहानि केस: कंगना रनोट आज बठिंडा कोर्ट में होंगी पेश, पासपोर्ट जमा करने पर हो सकता है विचार

बठिंडा बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनोट आज बठिंडा जिला कोर्ट में पेश होंगी। यह पेशी माता महेंद्र कौर द्वारा दायर मानहानि मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। आज की सुनवाई में कंगना रनौत के पासपोर्ट जमा करवाने पर विचार किया जा सकता है।  यह मामला दिल्ली में कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। उस समय कंगना रनौत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट डाली थी। इस पोस्ट में उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि धरने पर महिलाएं 100-100 रुपये लेकर आती हैं। बठिंडा के गांव बहादुरगढ़ जंडिया निवासी बेबे महिंदर कौर ने इस टिप्पणी को लेकर कंगना रनौत के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। कंगना रनौत ने कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को खत्म करने की अपील की थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका को स्वीकार नहीं किया।

शिक्षा के मंदिर में खूनखराबा: लॉ कॉलेज के क्लास में घुसकर छात्रा की हत्या, आरोपी छात्र ने की आत्महत्या

चंडीगढ़ पंजाब के तरनतारन जिले से एक सनसनीखेज खबर आई है। वहां एक लॉ कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र ने क्लास रूम में घुसकर सहपाठी छात्रा की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने वहीं पर खुद को भी गोली मार ली, जिससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक छात्रा की पहचान 20 साल की संदीप कौर के रूप में हुई है। वह नौशहरा पन्नुआ गांव की रहने वाली थी, जबकि आरोपी छात्र तरनतारन के गांव मलियां का प्रिंस राज सिंह था, जो संदीप कौर के साथ ही पढ़ता था। इस घटना के बाद कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया और छात्र-छात्राओं में दहशत फैल गई।   इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। शुरुआती जांच में पुलिस इस घटना को एक तरफा प्यार का मामला मान रही है। हमलावर प्रिंस राज और संदीप कौर दोनों ही कानून के प्रथम वर्ष के छात्र और सहपाठी थे। उनकी उम्र लगभग 19-20 वर्ष के आसपास बतायी जा रही है। सिर में बेहद करीब से मारी गोली, दोनों की मौके पर मौत तरनतारन जिले के गांव उसमा के माई भागो लॉ कॉलेज में सोमवार सुबह क्लास शुरू नहीं हुई थी। तभी प्रिंस राज क्लासरूम में दाखिल होता है और वहां बैठी संदीप कौर के सिर में बहुत करीब से गोली मार देता है। इसके बाद वह दोबारा पिस्टल लोड करता है और अपने सिर में गोली मारकर वहीं गिर पड़ता है। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। यह देखकर बाकी स्टूडेंट्स दंग रह गए, स्टूडेंट्स बाहर की तरफ भागे और कॉलेज मैनेजमेंट को बताया जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस कर रही मामले की तफ्तीश मौके पर पहुंची पुलिस ने लॉ कॉलेज को सील कर दिया और हत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी। डीएसपी जगबीर सिंह ने बताया कि जैसे ही क्लास शुरू हुई, यह घटना घटी है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।पुलिस जांच कर रही है कि आरोपी युवक पिस्टल कहां से लाया। मां बोली, कॉलेज प्रबंधन पर कार्रवाई हो संदीप कौर की मां हरजिंदर कौर ने बताया कि बेटी सुबह घर से अच्छे ढंग से तैयार होकर निकली थी। उसका किसी से कोई झगड़ा नहीं था। उसकी टीचर ने फोन कर कहा कि आपकी बेटी को बहुत चोट लगी है, जल्दी आओ। जब वह कॉलेज आई तो देखा कि बेटी की मौत हो चुकी है। लड़की की बॉडी खून से लथपथ थी। उसके सिर में गोली मारी गई है। हमें पता चला है कि तरनतारन का लड़का है, उसने गोली चलाई है। पिस्टल भी अंदर ही पड़ा हुआ मिला। पुलिस ने हमें लाश के पास भी नहीं जाने दिया। मृतक छात्रा के पिता की मौत हो चुकी है। उसकी 6 बहने हैं और एक छोटा भाई है। बच्चों की यहां कोई सिक्योरिटी ही नहीं है। किसी ने यह चेक नहीं किया कि छात्र पिस्टल लेकर अंदर आ रहा है। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की है।

हेल्थ कार्ड की ताकत: मज़दूर सुलखन को मिला ₹3 लाख का मुफ्त इलाज, धालीवाल ने बताया उदाहरण

पंजाब  आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहाकि भगवंत मान सरकार द्वारा जनता से किए गए वादे जमीनी स्तर पर सच होते दिखाई दे रहे हैं। राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी सोच के चलते ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना’ अब पूरी तरह प्रभावी हो चुकी है। शनिवार को आप नेता प्रभबीर सिंह बराड़ और गुरप्रताप सिंह संधू के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए धालीवाल ने बताया कि इस योजना के तहत पंजाब के लगभग 65 लाख परिवारों को 10 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की सुविधा सुनिश्चित की गई है, जो विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। योजना की सफलता का जीवंत प्रमाण देते हुए धालीवाल ने गुरदासपुर के गांव गुरदासनंगल निवासी सुलखन सिंह का उदाहरण साझा किया। उन्होंने बताया कि दिहाड़ी मजदूरी करने वाले सुलखन सिंह अचानक दिल की गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए थे, जिसके इलाज का खर्च डॉक्टरों ने करीब 3 लाख रुपए बताया था। आर्थिक तंगी के कारण परिवार के लिए यह खर्च उठाना असंभव था, लेकिन मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मात्र एक दिन में उनका हेल्थ कार्ड तैयार किया गया। इसके बाद अमृतसर के एक निजी अस्पताल में बिना एक भी पैसा खर्च किए उनके दिल का सफल ऑपरेशन हुआ और स्टेंट डाले गए। धालीवाल ने कहा कि सुलखन सिंह का स्वस्थ होकर घर लौटना उन विरोधियों को करारा जवाब है जो सरकार की नीतियों को महज 'जुमलेबाजी' करार देते हैं। धालीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार का मुख्य एजेंडा शिक्षा और स्वास्थ्य के ढांचे को मजबूत करना है। दोनों क्षेत्रों में निवेश कर सरकार आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत और सुरक्षित भविष्य तैयार कर रही है। पिछली सरकारों के दौरान गरीब वर्ग महंगे इलाज के कारण या तो कर्ज में डूब जाता था या इलाज के अभाव में दम तोड़ देता था, लेकिन मान सरकार ने स्वास्थ्य को हर नागरिक का बुनियादी अधिकार बनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पतालों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी मरीज को किसी प्रकार की परेशानी न हो और कोई भी अस्पताल कार्ड धारक से अतिरिक्त राशि की मांग न कर सके। आप नेता ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने दशकों तक सत्ता में रहकर इन बुनियादी सुविधाओं को नजरअंदाज किया, उन्हें आज बदलाव पच नहीं रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत अपना हेल्थ कार्ड बनवाएं और इस जनकल्याणकारी योजना का पूरा लाभ उठाएं।

तरनतारन कॉलेज में स्टूडेंट ने छात्रा को मारी गोली, फिर आरोपी छात्र ने भी की आत्महत्या

तरन तारन पंजाब के तरनतारन जिले में एक फर्स्ट ईयर के लॉ स्टूडेंट ने कथित तौर पर अपनी क्लासमेट लड़की को गोली मारकर हत्या कर दी। फिर उसी हथियार से उसने खुद को भी गोली मार ली। पुलिस ने बताया कि तरनतारन के लॉ कॉलेज में सोमवार (9 फरवरी) को यह घटना घटी। पुलिस ने बताया कि युवक ने पहले सरेआम युवती की गोली मारकर हत्या कर दी। फिर खुद भी गोली मारकर सुसाइड कर लिया। यह गोलीबारी क्लासरूम के CCTV कैमरे में कैद हो गई। घटना से जुड़ा 10 सेकंड का एक CCTV फुटेज भी सामने आया है। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि छात्रा क्लासरूम में बैंच पर बैठी है, इसी दौरान युवक उसे गोली मारता है। फिर पलक झपकते ही स्टूडेंट ने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद कॉलेज कैंपस में हड़कंप मच गया। छात्र-छात्राओं में दहशत का माहौल है। डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) जगबीर सिंह ने PTI को फोन पर बताया कि प्रिंस राज ने क्लासरूम के अंदर संदीप कौर पर गोलियां चलाई। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली। पुलिस ने बताया कि राज द्वारा कौर की हत्या के पीछे का मकसद अभी पता नहीं चला है। फिलहाल, मामले की जांच चल रही है। पुलिस के मुताबिक, दोनों तरनतारन के उस्मा गांव में स्थित एक लॉ कॉलेज में फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि राज क्लास शुरू होने से पहले क्लासरूम में घुसा और पिस्तौल से कौर के सिर में गोली मार दी। इसके बाद उसने उसी हथियार से क्लासरूम के अंदर खुद को भी गोली मार ली। उन्होंने बताया कि कौर की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि राज को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। यह घटना उस्मा के माई भागो लॉ कॉलेज (Mai Bhago Law College in Usma) में हुई। दोनों को मृत घोषित कर दिया गया है। CCTV फुटेज में प्रिंस राज पीठ पर बैग टांगे क्लासरूम में जाते दिख रहा है। फिर वह कौर और एक दूसरी महिला क्लासमेट के पास जाता है। इस दौरान उनसे थोड़ी देर बात करता है। इसके बाद तीनों क्लासरूम के पीछे की सीटों पर चले जाते हैं। यहां तीनों बातें करते रहते हैं। कुछ ही देर बाद वीडियो में दिखता है कि प्रिंस राज अचानक खड़ा होता है और दोनों महिलाओं की तरफ पीठ करके अपना बैग खोलता है। वह एक बंदूक निकालता है। फिर मुड़ता है और कौर पर बहुत करीब से गोली चला देता है। इसके बाद कौर जमीन पर गिर जाती है। जबकि दूसरी क्लासमेट सदमे से पीछे हट जाती है। फिर प्रिंस राज बंदूक अपनी कनपटी पर रखता है और गोली चला देता है। फिर वह जमीन पर गिर जाता है।

शिक्षा में एकता: पंजाब के स्कूलों में सभी हितधारक एक मंच पर आए

चंडीगढ़ पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने की महत्वपूर्ण पहल के तहत पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने आज दूसरी राज्यव्यापी स्कूल-स्तरीय पैरेंट्स (माता-पिता) वर्कशॉप आयोजित की, जिसमें 17.50 लाख से अधिक माता-पिता शामिल हुए। इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बैंस ने कहा कि स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एस.सी.ई.आर.टी.) के नेतृत्व में शुरू की गई इस मेगा पहल ने राज्य की शिक्षा प्रणाली में माता-पिताओं की भागीदारी के लिए एक नया मानक स्थापित किया है, जो पंजाब शिक्षा क्रांति के अंतर्गत शिक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार की सहभागी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि यह पहल पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत छात्रों के शैक्षिक सफर में माता-पिताओं को सक्रिय भागीदार बनाने का उद्देश्य रखती है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने श्री आनंदपुर साहिब क्षेत्र के सरकारी हाई स्कूल, मानकपुर (नंगल) में इस वर्कशॉप में भाग लेते हुए माता-पिताओं और स्कूल के बीच साझेदारी को और मजबूत करने तथा छात्रों के समग्र विकास को प्रोत्साहित करने के इरादे से माता-पिताओं और छात्रों से बातचीत की। उन्होंने आगे बताया कि इस वर्कशॉप का उद्देश्य माता-पिताओं को तनाव-मुक्त परीक्षा तैयारियों संबंधी रणनीतियों से सशक्त बनाना, सकारात्मक रवैये के माध्यम से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाना और पंजाब की ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ मुहिम, जिसमें शीघ्र पता लगाना, रोकथाम और सहायता पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है, के तहत नशों की रोकथाम के बारे में जागरूकता पैदा करना था। उन्होंने आगे कहा कि कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर, लालचंद कटारूचक, तरुनप्रीत सिंह सौंद और हरदीप सिंह मुंडियां तथा 40 से अधिक विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में इन वर्कशॉपों में भाग लेकर शिक्षा प्रणाली की मजबूती और समर्थन के प्रति सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त की। बैंस ने कहा कि दिसंबर 2025 में आयोजित पहली वर्कशॉप की शानदार सफलता के आधार पर आज आयोजित इस दूसरी वर्कशॉप ने स्कूलों और छात्रों के माता-पिताओं के बीच एक मजबूत साझेदारी को प्रोत्साहित किया, जिसमें माता-पिताओं को अपने बच्चे की शैक्षिक प्रगति के बारे में जानने की इच्छा रखने और होम लर्निंग के समर्थन के बारे में जागरूक किया गया। बैंस ने बताया कि वर्कशॉप की सफलता सुनिश्चित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने इस आयोजन की निगरानी और सुचारू संचालन के लिए निदेशकों और डी.ई.ओ. सहित 3,000 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया था। उल्लेखनीय है कि इन वर्कशॉपों के लिए पहले ही लगभग 40,000 शिक्षकों को इस वर्कशॉप के बारे में प्रशिक्षण दिया गया था ताकि वास्तविक अर्थों में इस पहल के सकारात्मक प्रभाव को सुनिश्चित किया जा सके। शिक्षा के स्वरूप को बदलने और एक शिक्षित व जागरूक युवा पीढ़ी तैयार करने के लिए स्कूल और माता-पिताओं के बीच तालमेल व सहयोग के प्रभाव को उजागर करते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह वर्कशॉप बच्चों की शैक्षिक सफलता और समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक एक सहयोगी घरेलू माहौल सृजित करने के हमारे मिशन का आधार है। भगवंत मान सरकार की राज्यव्यापी पैरेंट्स वर्कशॉप एक सफल कार्यक्रम साबित हुई, जिसमें एक दिन में राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में 17.50 लाख से अधिक माता-पिताओं ने भाग लिया। इस दूसरी राज्यव्यापी पैरेंट्स वर्कशॉप में 3,000 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती और लगभग 40,000 प्रशिक्षित शिक्षकों की मौजूदगी ने इसके सुचारू संचालन को सुनिश्चित किया। इस कार्यक्रम में पांच कैबिनेट मंत्रियों और 40 से अधिक विधायकों ने भाग लिया और प्रत्येक स्कूल में 1 से 1.5 घंटे के सत्र आयोजित किए गए, जो पंजाब शिक्षा क्रांति पहल के अंतर्गत राजनीतिक प्रतिबद्धता, प्रशासनिक तैयारी और सामुदायिक भागीदारी के संयोजन को दर्शाता है।

नशा मुद्दे पर चन्नी पर पन्नू का तंज, बोले- साफ करें अपनी स्थिति

चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी पर हमला बोलते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर चिट्टे (नशे) के ठिकाने बताना एक सांसद की बेहद ओछी और गैर-जिम्मेदाराना हरकत है। एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को नशा रोकने के बजाय नशा बिकने वाली जगहों को प्रमोट करना शोभा नही देता। पन्नू ने कहा कि चाहे 10 साल का अकाली-भाजपा राज रहा हो या उसके बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह और स्वयं चन्नी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार, इन सभी ने पंजाब में नशे को फलने-फूलने दिया और इसे रोकने के लिए कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाए। आज जब मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार पूरे प्रदेशवासियों को साथ लेकर 'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान चला रही है,जिसने नशा तस्करों में खौफ पैदा कर दिया है, तब चन्नी जैसे नेता वीडियो डालकर यह बता रहे हैं कि चिट्टा कहाँ उपलब्ध है। यह सीधे तौर पर सरकार की नशा विरोधी मुहिम को कमजोर करने और नशे के सौदागरों की मदद करने की एक सोची-समझी साजिश है। बलतेज पन्नू ने आगे कहा कि एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि का काम पुलिस को जानकारी देकर नशे को रुकवाना होता है, न कि वीडियो के जरिए नशे के ठिकानों का प्रचार करना। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या चन्नी अब नशा बेचने वालों के ब्रांड एंबेसडर के रूप में काम कर रहे हैं? पन्नू ने कहा कि पंजाब की जनता देख रही है कि कैसे कांग्रेस के नेता नशे के खिलाफ जंग में साथ देने के बजाय बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं से स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा कि वे बताएं उनकी पार्टी सरकार की नशा विरोधी मुहिम के साथ खड़ी है या नशा बेचने वालों के साथ? पन्नू ने चेतावनी दी कि ऐसी ओछी राजनीति से 'आप' सरकार का नशा मुक्ति का संकल्प कमजोर नही होगा। सरकार नशे के खात्मे तक अपनी जंग जारी रखेगी।

65 लाख परिवार अब सुरक्षित, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का बड़ा असर

अमृतसर आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि भगवंत मान सरकार द्वारा जनता से किए गए वादे जमीनी स्तर पर सच होते दिखाई दे रहे हैं। राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी सोच के चलते 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना' अब पूरी तरह प्रभावी हो चुकी है। आप नेता प्रभबीर सिंह बराड़ और गुरप्रताप सिंह संधू के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए धालीवाल ने बताया कि इस योजना के तहत पंजाब के लगभग 65 लाख परिवारों को 10 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की सुविधा सुनिश्चित की गई है, जो विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। योजना की सफलता का जीवंत प्रमाण देते हुए धालीवाल ने गुरदासपुर के गांव गुरदासनंगल निवासी सुलखन सिंह का उदाहरण साझा किया। उन्होंने बताया कि दिहाड़ी मजदूरी करने वाले सुलखन सिंह अचानक दिल की गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए थे, जिसके इलाज का खर्च डॉक्टरों ने करीब 3 लाख रुपए बताया था। आर्थिक तंगी के कारण परिवार के लिए यह खर्च उठाना असंभव था, लेकिन मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मात्र एक दिन में उनका हेल्थ कार्ड तैयार किया गया। इसके बाद अमृतसर के एक निजी अस्पताल में बिना एक भी पैसा खर्च किए उनके दिल का सफल ऑपरेशन हुआ और स्टेंट डाले गए। धालीवाल ने कहा कि सुलखन सिंह का स्वस्थ होकर घर लौटना उन विरोधियों को करारा जवाब है जो सरकार की नीतियों को महज 'जुमलेबाजी' करार देते हैं। धालीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार का मुख्य एजेंडा शिक्षा और स्वास्थ्य के ढांचे को मजबूत करना है। दोनों क्षेत्रों में निवेश कर सरकार आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत और सुरक्षित भविष्य तैयार कर रही है। पिछली सरकारों के दौरान गरीब वर्ग महंगे इलाज के कारण या तो कर्ज में डूब जाता था या इलाज के अभाव में दम तोड़ देता था, लेकिन मान सरकार ने स्वास्थ्य को हर नागरिक का बुनियादी अधिकार बनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पतालों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी मरीज को किसी प्रकार की परेशानी न हो और कोई भी अस्पताल कार्ड धारक से अतिरिक्त राशि की मांग न कर सके। आप नेता ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने दशकों तक सत्ता में रहकर इन बुनियादी सुविधाओं को नजरअंदाज किया, उन्हें आज बदलाव पच नहीं रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत अपना हेल्थ कार्ड बनवाएं और इस जनकल्याणकारी योजना का पूरा लाभ उठाएं।

सिद्धू की ‘घर वापसी’ की अटकलें तेज, नवजोत कौर ने राहुल गांधी को बताया ‘पप्पू’

चंडीगढ़ पंजाब की राजनीति में पिछले दो महीनों से जारी अनिश्चितता और बयानबाजी के दौर का अंत आखिरकार एक बड़े धमाके के साथ हुआ है। पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव भूपेश बघेल ने शुक्रवार को इसकी औपचारिक घोषणा की। हालांकि, इस निष्कासन से पहले ही 31 जनवरी को नवजोत कौर ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन कांग्रेस आलाकमान के इस कड़े कदम ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी अब सिद्धू परिवार की बयानबाजी को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाए जाने के बाद डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के तेवर और भी तल्ख हो गए हैं। उन्होंने न केवल इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी, बल्कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ बेहद अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने राहुल गांधी को 'पप्पू' कहकर संबोधित किया जो आमतौर पर विपक्षी खेमे द्वारा उनके उपहास के लिए इस्तेमाल किया जाता है। नवजोत कौर का यह बयान कांग्रेस के साथ उनके रिश्तों की कड़वाहट को चरम पर ले गया है। 500 करोड़ का सूटकेस विवाद की जड़ें पिछले साल दिसंबर में जमीं, जब नवजोत कौर ने कांग्रेस नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री का चेहरा वही बनता है जो 500 करोड़ रुपये का सूटकेस देता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू सक्रिय राजनीति में तभी लौटेंगे जब उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया जाएगा। उस समय उन्होंने कहा था, "कांग्रेस में इतनी गुटबाजी है कि वे नवजोत सिद्धू को आगे नहीं बढ़ने देंगे। वहां पहले से ही पांच दावेदार मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं और वे खुद कांग्रेस को हराने पर तुले हुए हैं।" क्या भाजपा में होगी घर वापसी? राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यह है कि नवजोत सिंह सिद्धू का अगला कदम क्या होगा? हालांकि सिद्धू अभी भी तकनीकी रूप से कांग्रेस में हैं, लेकिन उनकी पत्नी के बयानों को उनके भविष्य के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में नवजोत कौर ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की जमकर तारीफ की। इससे इन अटकलों को बल मिला है कि सिद्धू परिवार एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम सकता है, जहां से उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। विद्रोह और सिद्धू परिवार का पुराना नाता यह पहली बार नहीं है जब सिद्धू परिवार अपनी ही पार्टी के खिलाफ खड़ा हुआ है। इनका राजनीतिक इतिहास बगावती सुरों से भरा रहा है। 2012 में भाजपा के टिकट पर अमृतसर पूर्व से जीतने के बाद डॉ. नवजोत कौर ने अपनी ही अकाली-भाजपा सरकार पर फंड के भेदभाव और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। 2014 में जब भाजपा ने नवजोत सिंह सिद्धू का टिकट काटकर अरुण जेटली को दिया, तो दूरियां और बढ़ गईं। 2016 में ऐसी खबरें थीं कि सिद्धू आम आदमी पार्टी में जा सकते हैं, लेकिन सीटों के बंटवारे पर बात नहीं बनी। अंततः 2017 के चुनाव से ठीक पहले यह जोड़ा कांग्रेस में शामिल हो गया। कैप्टन अमरिंदर सिंह से जंग कांग्रेस सरकार में मंत्री बनने के बाद सिद्धू और तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच टकराव जगजाहिर था। सिद्धू ने अपनी ही सरकार को बेअदबी के मामलों पर घेरा, जिसके कारण अंततः कैप्टन को पद छोड़ना पड़ा। कैप्टन के बाद जब चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया गया, तब भी नवजोत कौर ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनके पति सिद्धू एक बेहतर विकल्प थे। फिलहाल नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है, लेकिन राजनीति में खामोशी अक्सर बड़े तूफान का संकेत होती है। राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमले के बाद कांग्रेस में उनके लिए रास्ते लगभग बंद हो चुके हैं। अब देखना यह होगा कि क्या पंजाब की राजनीति का यह 'धुरंधर' खिलाड़ी एक बार फिर भगवा चोला पहनता है या कोई नई राह चुनता है।

Punjab में IAS/PCS अधिकारियों के तबादले

पटियाला. पंजाब सरकार के आदेशों के तहत पंजाब में IAS/PCS अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इनकी तैनातियां तुरन्त प्रभाव से लागू करने के आदेश दिए हैं। 2 IAS और 2 PCS का तबादला किया है जिनमें कुमार अमित, रामवीर, सुरिंदर सिंह, यशपाल शर्मा शामिल हैं। आदेश के अनुसार IAS अधिकारी आदित्य डेचलवाल को रोपड़ का DC लगाया गया है। इसके साथ विजय नामदेव राव को वित्त विभाग के सचिव के साथ प्रवासी भारतीय मामलों के विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। IAS गुलप्रीत सिंह औलख को नवांशहर का डिप्टी कमिश्नर, IAS नीरू कत्याल गुप्ता को लुधियाना नगर निगम का कमिश्नर और IAS वरजीत वालिया को पटियाला का डिप्टी कमिश्नर नियुक्त किया गया है। IAS साक्षी साहनी को मुख्य प्रशासक, ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) लगाया गया है। इसके साथ ही उन्हें मुख्य प्रशासक, शहरी योजना एवं विकास प्राधिकरण तथा निदेशक, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। IAS अजीत बालाजी जोशी को प्रमुख सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग लगाया गया है। इसके साथ ही उन्हें प्रमुख सचिव, सहकारिता विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। IAS अभिनव त्रिखा को सचिव, वित्त विभाग लगाया गया है। IAS कंवलप्रीत बराड़ को सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें आयुक्त, फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इसके अलावा IAS कुमार अमित को विशेष प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री पंजाब लगाया गया है। उन्हें प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। IAS विमल कुमार सेतिया को सचिव, गृह विभाग नियुक्त किया गया है। IAS प्रीति यादव को प्रबंध निदेशक, मार्कफेड नियुक्त किया गया है। IAS परमवीर सिंह को विशेष सचिव, माल एवं पुनर्वास विभाग बनाया गया है। साथ ही उन्हें निदेशक, भूमि अभिलेख का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।