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बलतेज पन्नू का बयान: पंजाब सरकार नशा तस्करी के खिलाफ जंग में कड़ी मेहनत कर रही

लुधियाना  आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज और नशा मुक्ति मोर्चा के मुख्य प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने मोहन दई अस्पताल में इलाज करा रहे एक नशा विरोधी कार्यकर्ता से मुलाकात की। बता दें कि यह कार्यकर्ता नशा तस्करी में शामिल लोगों द्वारा किए गए हमले में घायल हो गया था। अपनी इस यात्रा के दौरान बलतेज पन्नू ने पीड़ित और उनके परिवार से मिलकर एकजुटता का इजहार किया और पंजाब सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। बलतेज पन्नू के साथ विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू और नशा मुक्ति मोर्चा पंजाब के सदस्य भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार उन लोगों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है जो नशे की इस बुराई का बहादुरी से सामना कर रहे हैं और तस्करी में शामिल लोगों को बेनकाब कर रहे हैं। बलतेज पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार नशा तस्करों और स्मगलरों के खिलाफ लगातार और बहुआयामी जंग लड़ रही है। उन्होंने कहा कि हम पंजाब से इस अभिशाप को पूरी तरह खत्म करके ही दम लेंगे। उन्होंने दोहराया कि 'नशों के खिलाफ युद्ध' अभियान अपने अंतिम और सबसे गंभीर चरण में प्रवेश कर चुका है और पंजाब सरकार राज्य से नशों के पूर्ण सफाए के लिए दृढ़ संकल्पित है। बलतेज पन्नू ने घायल कार्यकर्ता के परिवार को यह भी भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार उन्हें हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार को पूरा सहयोग दे रही है। मैं निजी तौर पर उनके लगातार संपर्क में रहूंगा और इलाज के दौरान हर संभव मदद सुनिश्चित करूंगा। नशा तस्करी में शामिल लोगों को सख्त चेतावनी देते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि नशा तस्कर या तो पंजाब छोड़ दें या फिर सख्त और बिना किसी समझौते वाली कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि जब तक पंजाब से नशों की बुराई पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती, हम चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां करके, नशा तस्करों की संपत्तियां कुर्क करके, एनडीपीएस एक्ट के तहत सजाएं दिलवाकर और जनभागीदारी के जरिए अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। नशा मुक्ति मोर्चा के लगभग 1.5 लाख वालंटियर पंजाब से नशों के खात्मे के इस अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग दे रहे हैं।

लुधियाना में उत्तर भारत की पहली स्मार्ट कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी

लुधियाना. मॉडल टाउन स्थित दीप अस्पताल में स्मार्ट काक्लियर इंप्लांट सर्जरी की गई। इस सर्जरी के तहत न्यूक्लियस नेक्सा तकनीक से दोनों कानों में काक्लियर इंप्लांट लगाया गया। अस्पताल ने कहा कि यह उत्तर भारत की पहली स्मार्ट काक्लियर इंप्लांट सर्जरी है। यह सर्जरी डॉ. राजीव कपिला और उनकी टीम ने की। टीम में डॉ. आरती शर्मा और डा. कीर्ति गुप्ता भी थे। इसके अलावा एनेस्थीसिया टीम के साथ सीनियर आडियोलाजिस्ट नवदीप कंवर और सीनियर स्पीच तथा एवीटी थेरेपिस्ट सिमरन कौर ने भी अहम भूमिका निभाई। डॉ. राजीव ने बताया कि न्यूक्लियस नेक्सा नई पीढ़ी की आधुनिक सुनने की तकनीक है, जिसे दुनिया का पहला स्मार्ट काक्लियर इम्प्लांट प्लेटफार्म माना जाता है। इस तकनीक से सुनने की समस्या से जूझ रहे लोगों को बेहतर सुनने की क्षमता मिल सकती है। डॉ. राजीव कपिला ने बताया कि उन्हें काक्लियर इंप्लांट सर्जरी के क्षेत्र में 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है और वे अब तक सैकड़ों बच्चों और वयस्कों को सुनने की क्षमता दिलाने में मदद कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चों में सुनने की समस्या शुरुआती महीनों में पता नहीं चल पाती, जबकि यही समय उनके बोलने, समझने और मस्तिष्क के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। यदि समय रहते समस्या का पता चल जाए और इलाज किया जाए, तो बच्चे के बोलने, सीखने और सामाजिक विकास में होने वाली देरी को रोका जा सकता है।

Holi पर कई वाहन जब्त और काटे चालान

लुधियाना/खन्ना. होली के त्योहार को देखते हुए जिला खन्ना की पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आई। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर विशेष नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान हुड़दंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई और उनके चालान काटे गए। इसके साथ ही पुलिस ने कई दोपहिया वाहनों को भी जब्त किया है। कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस ने हुड़दंग करने वाले बच्चों के माता-पिता को भी हिदायत दी है। पुलिस ने परिवारों से अपील की कि वे अपने बच्चों को समझाएं कि होली का त्योहार आपसी भाईचारे और शांति के साथ मनाएं, न कि हुड़दंग कर दूसरों को परेशान करें।

Punjab में हनीट्रैप गिरोह की महिला और पूर्व सरपंच गिरफ्तार

लुधियाना/फाजिल्का. पुलिस ने हनीट्रैप का पर्दाफाश करते हुए 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस संबंधी जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि, महिला और पूर्व सरपंच भोलेभाले लोगों को अपने जाल में फंसा करा बाद में उन्हें ब्लैकमेल कर पैसों की मांग करते थे। काबू किए गए आरोपियों की पहचान मंदीप कौर उर्फ ऋतु और जोगिंदरपाल सिंह उर्फ गुलाबी जोकि लाधुका से पूर्व सरपंच है। पूर्व सरपंच पर पहले भी मुकदमा दर्ज है। पुलिस को मिली शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से 25 हजार रुपये नकद, 2 मोबाइल फोन और एक कार बरामद की गई है। फिलहाल पुलिस आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि उनसे और पूछताछ की जा सके। ऐसे बनाते थे शिकार सदर थाना फाजिल्का के एसएचओ प्रगट सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया है कि महिला व्हाट्सएप के जरिए लोगों से संपर्क करती थी। वह पहले मासूम और भोले-भाले लोगों से बातचीत कर उन्हें अपने जाल में फंसाती थी। इसके बाद उनसे मुलाकात कर उनकी तस्वीरें या अन्य सबूत जुटाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था और पैसों की मांग की जाती थी। पुलिस अब इस मामले में यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। वहीं जांच दौरान सामने आया है कि, महिला ने जलालाबाद निवासी एक व्यक्ति को अपने जाल में फंसा कर उसे ब्लैकमेल करते हुए 4 लाख रुपए की मांग की। इस दौरान जब व्यक्ति ने दोनों आरोपियों को पैसे लेने के लिए बुलाया तो पुलिस ने दोनों दबोच लिया।

CBSE में दूर के मूल्यांकन केंद्रों में ड्यूटी से शिक्षक परेशान

लुधियाना. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) द्वारा चल रही वार्षिक परीक्षाओं के मूल्यांकन कार्य के लिए दूर दराज क्षेत्रों में बनाए गए इवैल्यूएशन सेंटरों ने अध्यापकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात यह हैं कि बोर्ड ने कई शिक्षकों की ड्यूटी शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित स्कूलों में बने सेंटरों पर लगा दी है, जिससे उन्हें रोजाना लंबा सफर तय करना पड़ेगा। कई विषय विशेषज्ञ अध्यापकों के अनुसार उनकी ड्यूटी खन्ना, माछीवाड़ा और समराला के आसपास स्थित स्कूलों में बनाए गए मूल्यांकन केंद्रों में लगी है। कई सेंटर मुख्य सड़क से अंदरूनी इलाकों में होने के कारण शिक्षकों को दो-दो वाहन बदलने पड़ेंगे  इससे रोजाना लगभग 80 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा  जो समय और ऊर्जा दोनों की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है। शिक्षकों का कहना है कि मूल्यांकन केंद्र पर पहुंचने का समय तय है और देरी होने पर प्रवेश नहीं दिया जाता। ऐसे में ट्रैफिक जाम, बसों की अनियमितता या मौसम में बदलाव की स्थिति में देरी होने का डर बना रहता है। महिला शिक्षकों ने  खासकर सुबह जल्दी या देर शाम लौटने के दौरान सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। कई शिक्षकों ने बताया कि  लगातार लंबी यात्रा के कारण थकान बढ़ने का असर कॉपियों की जांच की गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है। लुधियाना के कई स्कूल प्रिंसिपलों ने बोर्ड को ई-मेल भेजकर सुझाव दिया है कि शिक्षकों की ड्यूटी शहर की सीमा के भीतर या निकटतम केंद्रों पर लगाई जाए, ताकि वे बिना अतिरिक्त दबाव के मूल्यांकन कार्य कर सकें। प्रिंसिपलों का तर्क है कि स्थानीय स्तर पर पर्याप्त स्कूल उपलब्ध हैं, जहां मूल्यांकन केंद्र बनाए जा सकते हैं। अब सभी की निगाहें बोर्ड के अगले निर्णय पर टिकी हैं कि क्या अध्यापकों की इन व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ड्यूटी  में कोई संशोधन किया जाएगा। 

हाईकोर्ट ने गुरदासपुर एनकाउंटर पर उठाई कड़ी प्रतिक्रिया, डीजीपी गौरव यादव से पूछताछ के लिए बुलाया

चंडीगढ़  गुरदासपुर के आदियां पुलिस चौकी में दो पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी रणजीत सिंह के एनकाउंटर मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने डीजीपी गौरव यादव को मामले में जवाब देने के लिए तलब किया है। उन्हें आज दोपहर दो बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा।  इसी दौरान गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जेल इंटरव्यू से जुड़े मामले की सुनवाई भी अदालत में होगी। हाईकोर्ट ने डीजीपी को निर्देश दिया है कि वे इस मामले में अपना जवाब तैयार रखें। रणजीत सिंह के परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे फर्जी एनकाउंटर बताया था। परिवार का कहना है कि अभी तक युवक का अंतिम संस्कार भी नहीं किया गया है। इसी विवाद के बीच हाईकोर्ट ने मामले पर संज्ञान लिया है। यह दूसरा मौका है जब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने किसी चर्चित आपराधिक मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। इससे पहले मोहाली में कबड्डी प्रमोटर राणा बलाचौरिया हत्याकांड में भी अदालत ने स्वतः संज्ञान लिया था।  22 फरवरी को गुरदासपुर में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास आदियां गांव की पुलिस चेक पोस्ट पर दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतकों में एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड कांस्टेबल अशोक कुमार शामिल थे। पुलिस के अनुसार यह हमला पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर करवाया गया था। आरोप है कि तीन युवकों को करीब 20 हजार रुपये देने का लालच देकर इस वारदात को अंजाम दिलाया गया।  मामले में मुख्य आरोपी 19 वर्षीय रणजीत सिंह, जो आदियां गांव का रहने वाला था, को 25 फरवरी को पुरानाशाला इलाके में पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया गया। पुलिस का कहना है कि वह हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था और उसने फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई। पुलिस ने दूसरे आरोपी दिलावर सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि तीसरे आरोपी इंदरजीत सिंह को बाद में अमृतसर से पकड़ा गया। हालांकि रणजीत सिंह के एनकाउंटर को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है, जिस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए पंजाब डीजीपी से जवाब मांगा है। पंजाब में पुलिस द्वारा किए जा रहे एनकाउंटर और हिरासत में हुई मौतों के मामले की सीबीआई जांच को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल हुई है। एडवोकेट निखिल सराफ ने यह जनहित याचिका दायर की है। याचिका में गुरदासपुर में युवक की पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। इस याचिका पर आज चीफ जस्टिस की बेंच भी दोपहर बाद सुनवाई करेगी। एक अन्य बैंच ने भी रणजीत मर्डर केस पर संज्ञान लिया है। सुखपाल खैरा ने की सीबीआई जांच की मांग कांग्रेस नेता सुखपाल खैरा ने कहा कि मैं पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा रणजीत सिंह की एक्स्ट्रा ज्यूडिशियल किलिंग पर खुद संज्ञान लेने का स्वागत करता हूं, जिन्होंने आज ही डीजीपी को तलब किया है। यह पिछले कुछ महीनों में भगवंत मान सरकार के तहत पुलिस द्वारा बनाई गई 42वीं फेक एनकाउंटर की कहानी है। हम अपील करते हैं कि हाई कोर्ट की निगरानी में सीबीआई द्वारा समय पर जांच हो ताकि सच्चाई सामने आए और उन सभी दोषी पुलिस अधिकारियों और ताकतवर नेताओं को सज़ा मिले जो लोगों को बेरहमी से मारने के ऐसे गैर-कानूनी आदेश देने में शामिल थे। 

मशहूर इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की कनाडा में बेरहमी से हत्या

चंडीगढ़. कनाडा से सनसनीखेज खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार यहां पंजाबी मूल की यूट्यूबर नैंसी ग्रेवाल की मॉन्ट्रियल के पास लासाल में उनके घर में चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई है। बताया जा रहा है कि इंफ्लूएंसर नैन्सी ग्रेवाल के घर में घुसकर हमलावरों ने उस पर चाकू से हमला किया। खबर मिली है कि पुलिस को सेंट-लूस क्रिसेंट में स्थित बिल्डिंग से इमरजेंसी कॉल मिली। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस को नैंसी ग्रेवाल गंभीर रूप से घायल हालत में मिली। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया पर उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उसके शरीर पर चाकू से गोदने के कई निशान थे और ज्यादा खून बहने के कारण उसकी मौत हुई। ये खबर मिलते ही कनाडा और पंजाब में रहने वाले नैन्सी ग्रेवाल के परिवार में दुख की लहर पाई जा रही है। मॉन्ट्रियल पुलिस (SPVM) मामले की गहराई से जांच कर रही है। हत्या के असली कारणों का पता चलने की कोशिश की जा रही है। नैन्सी ग्रेवाल सोशल मीडिया पर वीडियो बना कर खालिस्तान समर्थक गतिविधियों की आलोचना करती थी। इसके साथ ही उसने कई नेताओं के विरोध में भी वीडियो डाली थी। नैन्सी ग्रेवाल के कत्ल पर पुलिस की 3 अहम बातें…     टीम रात में पहुंची, अस्पताल में दम तोड़ दिया: कनाडा पुलिस के अधिकारी पियर्स ने बताया कि हमले की सूचना मंगलवार (3 मार्च) की रात को मिली थी। इसके बाद पुलिस और पैरामेडिक्स रात करीब साढ़े 9 बजे तक टॉड लेन (Todd Lane) के 2400 ब्लॉक में पहुंचे। इसके अलावा एसेक्स-विंडसर इमरजेंसी मेडिकल टीम के मेंबर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।     सीढ़ी-रास्ते से सबूत जुटाए, एक किमी एरिया सील किया: इसके बाद बुधवार सुबह पुलिस अफसर नैन्सी के घर पहुंचे। उन्होंने विंडसर में टॉड लेन पर कनाडा स्ट्रीट और बिशप स्ट्रीट के बीच 2 घरों की घेराबंदी की। एक घर के मुख्य दरवाजे तक जाने वाली सीढ़ियों और रास्ते से सबूत इकट्‌ठा किए गए। इसके बाद पुलिस ने हत्या वाली जगह से करीब एक किलोमीटर दूर टॉड लेन पर ही एक जंगली इलाके के आसपास पीली पुलिस टेप लगाकर एरिया को सील कर दिया। यहां हर्ब ग्रे पार्कवे के पास पैदल चलने वाले रास्तों की एंट्री है।     CCTV खंगाले जा रहे, सबूत हों तो सार्जेंट से संपर्क करें: कनाडा पुलिस के अधिकारी पियर्स ने नैन्सी ग्रेवाल के परिवार व उसके दोस्तों के साथ गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि इस हत्या की पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है। जल्दी ही आरोपी पकड़ लिए जाएंगे। वारदात के आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी के पास इस घटना के बारे में कोई जानकारी या सुरक्षा कैमरे (CCTV) की फुटेज है, तो वे डिटेक्टिव सार्जेंट जेमी नेस्टर से संपर्क करें। बेटी के कत्ल को लेकर मां ने क्या कहा     बेटी नर्स थी, 2 कंपनियों में काम करती थी: नैन्सी की मां छिंदरपाल कौर ने कहा- बेटी 2018 में कनाडा में गई थी। वहां उसने नर्स का कोर्स किया था। जिसके बाद वह पैरामिड कंपनी में सुबह नौकरी करती थी और देर शाम केयर पार्ट वेयर कंपनी में नौकरी करती थी। आखिरी बार उससे 2 मार्च को फोन पर बात हुई थी। बेटी ज्यादा बिजी रहती थी, इस वजह से वह फोन नहीं करती थी बल्कि बेटी ही कॉल करती थी।     पहले भी हमला हुई, कई बार थ्रेट कॉल आईं: मां छिंदरपाल कौर ने कहा- बेटी पर पहले भी हमला हो चुका है। उस दौरान घर में आग लगाई गई थी। वह उस दौरान बच गई थी, लेकिन उस मामले में अब तक इंसाफ नहीं मिला। उसे पहले भी कई बार थ्रेट कॉल आ चुकी थी। इसको लेकर कनाडा पुलिस को सभी धमकियों की शिकायत भी दी गई थी।     बेटी की रेकी की गई, बेरहमी से मारा गया: मां ने कहा कि आग लगने की वजह से नैन्सी बच गई तो अब बेटी की रेकी करने के लिए एक व्यक्ति को घर पर भेजा गया था। उसने मुंह ढका हुआ था। जिसके बाद सीसीटीवी कैमरे लगे देखकर वह डरकर भाग गया। दुश्मनों ने बेरहमी से बेटी का कत्ल किया। बेटी अस्पताल भी नहीं पहुंची पाई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।     3-4 व्यक्ति शामिल, इनके नाम मेरे पास: छिंदरपाल कौर ने कहा कि बेटी गरीबों की मसीहा थी और उनकी मदद करती थी। वह सच के रास्ते पर चलने वाली लड़की थी। उन्होंने कनाडा पुलिस से अपील की कि जो 3 से 4 व्यक्ति है, जिनके नाम उनके पास मौजूद है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सलाखों के पीछे डाला जाए और बेटी की मौत को लेकर उन्हें इंसाफ दिलाया जाए। उसके दुश्मन वहीं गुरुद्वारे में बैठे हैं।

मोगा से गरजेगी बीजेपी, 14 मार्च को अमित शाह भरेंगे चुनावी हुंकार

पंजाब पंजाब की राजनीति में चुनावी सरगर्मियां तेज होती दिख रही हैं। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 14 मार्च को मोगा जिले के किल्ली चहल गांव से पार्टी के चुनावी अभियान का आगाज कर सकते हैं। खास बात यह है कि इसी स्थान से आम आदमी पार्टी (AAP) ने 17 फरवरी को अपने 2027 चुनाव अभियान की शुरुआत की थी। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि रैली का स्थान बेहद सोच-समझकर चुना गया है, क्योंकि मोगा को पंजाब की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। यह क्षेत्र मालवा इलाके का केंद्र बिंदु है, जिसे राज्य की सियासी दिशा तय करने वाला इलाका भी कहा जाता है। हाल ही में AAP ने भी यहां नशा विरोधी अभियान को केंद्र में रखते हुए बड़ी रैली की थी, जिसमें पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान मौजूद रहे थे। बीजेपी के एक वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक, “मोगा राज्य का सेंटर प्वाइंट है और पंजाब की राजनीति का कोर क्षेत्र माना जाता है। मालवा में मजबूत उपस्थिति किसी भी पार्टी की जमीन पर पकड़ को दर्शाती है।” ऐसे में अमित शाह की रैली को राजनीतिक ताकत दिखाने के तौर पर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि 14 मार्च की यह रैली पार्टी के शीर्ष स्तर पर अंतिम रूप दी गई है। संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं, खासकर राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष ने इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया है। पार्टी नेताओं का मानना है कि गृह मंत्री की यह रैली राज्य में बीजेपी के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत का संकेत देगी। एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया पंजाब दौरे के बाद अमित शाह की रैली यह स्पष्ट संदेश देगी कि पंजाब अब पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि यह रैली इस बात का भी संकेत होगी कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह दोनों की नजरें पंजाब पर टिकी हुई हैं। कुछ समय से यह धारणा बन रही थी कि बीजेपी ने पंजाब को राजनीतिक रूप से बैक बर्नर पर रख दिया है, क्योंकि पार्टी पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी जैसे चुनावी राज्यों की तैयारियों में व्यस्त थी। हालांकि, जालंधर के पास डेरा सचखंड बल्लां में संत रविदास जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी की हालिया यात्रा को पंजाब में फिर से सक्रिय चुनावी रणनीति की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। साल 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव बीजेपी के लिए एक बड़ी राजनीतिक परीक्षा माने जा रहे हैं, खासकर इसलिए क्योंकि कृषि कानूनों के मुद्दे पर 2020 में शिरोमणि अकाली दल से उसका गठबंधन टूट गया था। अब राजनीतिक हलकों में यह सवाल भी बना हुआ है कि क्या दोनों पुराने सहयोगी फिर से चुनाव से पहले एकजुट होंगे। दोनों दलों के कुछ वर्गों में गठबंधन की संभावनाओं को लेकर चर्चा जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मालवा क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि आने वाले समय में पंजाब में चुनावी मुकाबला और तेज होगा, जिसमें सभी प्रमुख दल अपनी ताकत झोंकते नजर आएंगे।

शादी के बाद हनीमून बना मुसीबत, दुबई में अटका पंजाब का कपल, घरवालों की आंखें नम

मानसा मानसा के सरदूलगढ़ का एक नवविवाहित जोड़ा इज़राइल-ईरान युद्ध के कारण दुबई में फंसा हुआ है। यह दंपति घूमने के लिए दुबई गया था। गुरप्रीत सिंह और उनकी पत्नी की वापसी की उड़ान 3 मार्च को निर्धारित थी, लेकिन उड़ान रद्द होने के कारण वे घर वापस नहीं आ सके। गुरप्रीत ने अपने परिवार को फोन कर अपनी सुरक्षा की जानकारी दी है, लेकिन हालात को लेकर परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। गुरप्रीत के पिता गुरजंट सिंह ने भावुक होकर कहा, “जब हम सुबह उठते हैं तो सबसे पहले टीवी चलाते हैं और दिनभर खबरें देखते रहते हैं। हर नई अपडेट हमारे दिल की धड़कन बढ़ा देती है। जब तक वे सुरक्षित घर वापस नहीं आ जाते, हमें कैसे चैन मिलेगा?” गुरप्रीत सिंह के पिता ने सरकार से अपील की है कि दुबई में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिस तरह सरकार ने पहले भी संकट के समय अपने नागरिकों को सुरक्षित निकाला है, उसी तरह इस बार भी तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए।

बुधवार को थमेगा कामकाज: पंजाब सरकार ने घोषित की छुट्टी, शैक्षणिक संस्थान रहेंगे बंद

चंडीगढ़ पंजाब में कल यानी 4 मार्च को सरकारी अवकाश घोषित किया गया है। यह घोषणा होली के त्योहार के अवसर पर की गई है। होली, जो रंगों, खुशियों और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानी जाती है, पूरे भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। यह त्योहार न केवल सर्दियों के अंत और बसंत ऋतु के आगमन का स्वागत करता है, बल्कि आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे को रंग लगाकर गले मिलने और भाईचारे को बढ़ावा देने का संदेश भी देता है। इस पावन और रंगों के पर्व के मद्देनज़र 4 मार्च (बुधवार) को पूरे राज्य में सरकारी अवकाश रहेगा। इस दिन पंजाब सरकार के सभी कार्यालय, बोर्ड, निगम और शैक्षणिक संस्थान (सरकारी व निजी स्कूल-कॉलेज) पूर्णतः बंद रहेंगे। यह अवकाश नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत घोषित किया गया है, जिसके चलते बैंकों में भी इस दिन कामकाज नहीं होगा। धार्मिक कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन माह की पूर्णिमा 2 मार्च से शुरू होकर 3 मार्च तक रहेगी। इस वर्ष होलिका दहन 3 मार्च की शाम को किया जाएगा, जबकि रंगों वाली होली 4 मार्च को मनाई जाएगी।