samacharsecretary.com

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार का खुलासा! जालंधर में विजिलेंस का बड़ा एक्शन जल्द

जालंधर  स्मार्ट सिटी जालंधर से जुड़े घोटालों की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई लगती है। पता चला है कि स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के जालंधर यूनिट ने जांच की रफ्तार तेज करते हुए कई पूर्व अधिकारियों, ठेकेदारों और प्रोजेक्ट से जुड़े कर्मियों के बयान दर्ज कर लिए हैं। बताया जा रहा है कि विजिलेंस ने अब तक उन सभी अधिकारियों का पूरा डेटा जुटा लिया है जिन्होंने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्टों को तैयार किया, टैंडर पास किए, काम करवाए और भुगतान की मंजूरी दी। आने वाले दिनों में इन अफसरों को जवाबदेह बनाकर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है। कुछ मामलों में सरकारी पैंशन तक रोके जाने की संभावना जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, विजिलेंस ब्यूरो ने उन सभी प्रोजेक्टों की जांच को प्राथमिकता दी है जिन पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। इनमें एल.ई.डी. स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट, बिस्त दोआब नहर सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट और स्मार्ट रोड प्रोजेक्ट प्रमुख हैं। इन योजनाओं पर करोड़ों रुपए खर्च हुए लेकिन जमीनी स्तर पर इनका लाभ जनता को नहीं मिला। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत करीब 900 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जालंधर के विकास कार्यों पर खर्च की गई थी परंतु शहर की हालत देखकर स्पष्ट है कि प्रोजेक्टों से अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। कैग की ऑडिट रिपोर्ट ने भी इन प्रोजेक्टों में गंभीर वित्तीय गड़बड़ियां उजागर की हैं, जिसके बाद विजिलेंस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। स्मार्ट सिटी में रहे अफसरों पर कसेगा शिकंजा सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस उन अफसरों की सूची तैयार कर चुकी है जो स्मार्ट सिटी में साइट इंजीनियर, कंसल्टेंट, प्रोजेक्ट एक्सपर्ट, टीम लीडर और सीईओ स्तर पर कार्यरत थे। यह अफसर प्रोजेक्ट मंजूरी, टेंडरिंग और पेमैंट प्रक्रियाओं से सीधे जुड़े थे। इनमें से कुछ अधिकारी अब रिटायर होकर पैंशन प्राप्त कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यदि जांच में दोष सिद्ध हुआ तो सरकार गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई भी कर सकती है। पारदर्शिता की कमी रही, मर्जी से स्टाफ भर्ती किया स्मार्ट सिटी जालंधर में कभी पारदर्शिता नहीं रही। न तो प्रोजेक्टों से जुड़ी जानकारी वैबसाइट पर डाली गई और न ही आर.टी.आई. के जवाब दिए गए। यहां तक कि किसी भी प्रोजेक्ट पर प्रैस कॉन्फ्रैंस तक नहीं की गई। इसी कारण स्मार्ट सिटी कम्पनी को एक प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी की तरह काम करने वाला कॉर्पोरेट अदारा तक कहा जाने लगा था। स्मार्ट सिटी के कई पदों पर आऊटसोर्स एजैंसियों के माध्यम से मनचाहे कर्मचारियों को रखा गया। इनमें से कई नगर निगम के सेवानिवृत्त अधिकारी थे, जो पैंशन लेते हुए दोहरी कमाई कर रहे थे। अब विजिलेंस यह जांच कर रही है कि इन नियुक्तियों के पीछे किन अफसरों की भूमिका थी और किसे अनुचित लाभ पहुंचाया गया।विजिलेंस ब्यूरो वित्तीय गड़बड़ियों से आगे बढ़कर उन संपत्तियों और प्रॉपर्टियों की भी जांच करने की तैयारी में है जो कथित तौर पर भ्रष्टाचार के पैसों से अर्जित की गईं। बताया जा रहा है कि ब्यूरो ने इस संबंध में प्रारंभिक जानकारी जुटा ली है और जल्द कुछ अधिकारियों की संपत्ति जांच शुरू हो सकती है। फिलहाल केवल वित्तीय अनियमितता उजागर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्टों को लेकर हुई कैग की जांच के बाद आई रिपोर्ट और विजिलेंस की जांच केवल वित्तीय अनियमितताओं पर केंद्रित है, जबकि तकनीकी मूल्यांकन (टैक्निकल इवैल्यूएशन) अभी बाकी है। विजिलेंस टीम जल्द ही प्रोजेक्ट साइटों पर जाकर मौके की जांच करेगी ताकि कार्यों की वास्तविक क्वालिटी और घटिया निर्माण की सच्चाई सामने आ सके। अगर जांच निष्पक्ष रही तो यह संभावना है कि न केवल स्थानीय बल्कि चंडीगढ़ बैठे वरिष्ठ अधिकारी भी इसके घेरे में आ सकते हैं। कुल मिलाकर जालंधर स्मार्ट सिटी के नाम पर हुए करोड़ों रुपए के घोटाले अब विजिलेंस के राडार पर हैं। अफसरों से लेकर ठेकेदारों तक सबकी जवाबदेही तय होगी और इस बार कार्रवाई केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहने वाली, ऐसा माना जा रहा है।

प्रॉपर्टी टायकून के ठिकानों पर CBI की Raid, करोड़ों की हेराफेरी का शक

पटियाला पंजाब में आज मशहूर प्रॉपर्टी कारोबारी के घर CBI ने रेड की है। जानकारी के मुताबिक, CBI ने आज शहर के प्रसिद्ध प्रॉपर्टी कारोबारी बी.एच. प्रॉपर्टी के घर पर छापा मारा। बताया जा रहा है कि, सीबीआई की टीम सुबह ही कारोबारी के घर पर पहुंच गई थी और स्थानीय पुलिस तैनात कर दी गई। जानकारी के मुताबिक, मौके पर पिछले कई घंटों से चैकिंग चल रही है। हालांकि, इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि यह रेड DIG भुल्लर के संबंध में की गई थी या किसी और वजह से। हालांकि, घर के बाहर कोतवाली थाने के एसएचओ जसप्रीत सिंह कहलों और मॉडल टाउन चौकी के प्रभारी एएसआई रंजीत सिंह सहित पुलिस बल तैनात किया गया है। 

सीएम भगवंत मान का बड़ा ऐलान! पंजाब की महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 1000 रुपये

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार अगले बजट में हर महिला को 1,000 रुपये प्रति माह देने के अपनी पार्टी के चुनावी वादे को पूरा करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जनता से किए गए हर वादे को पूरा कर रही है। सीएम भगवंत मान तरनतारन विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार करने आए थे। इस सीट आम आदमी पार्टी ने हरमीत सिंह संधू को उम्मीदवार बनाया है। भगवंत मान ने कहा, ‘‘हमारी माताओं और बहनों से किया गया 1,000 रुपये का वादा भी आगामी बजट में पारित होने के बाद पूरा किया जाएगा।’’ मान ने उपचुनाव में आम आदमी पार्टी की भारी जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि यह तय है कि राज्य सरकार की ‘जनहितैषी’ नीतियों के कारण आम आदमी पार्टी तरनतारन उपचुनाव में भारी जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि विपक्षी तरनतारन के लोगों को बिकाऊ समझकर पैसे से खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हलके के समझदार लोग आम आदमी पार्टी के ईमानदार उम्मीदवार को चुनकर विधानसभा भेजेंगे और विपक्षियों के भ्रम दूर कर देंगे। लूटने वाले दल सत्ता से बाहर हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पंजाब का समग्र विकास और लोगों की समृद्धि सुनिश्चित की है। मान ने दावा किया कि किसी ठोस मुद्दे के अभाव में विपक्ष केवल नाम के लिए ही राज्य सरकार की आलोचना कर रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पारंपरिक दलों ने पंजाब और उसके लोगों को ‘बेरहमी से लूटा’, जिसके कारण उन्हें राज्य की सत्ता से बेदखल होना पड़ा। प्रचार के दौरान उन्होंने कहा, "हलका तरनतारन के गांवों का जोश और जुनून आम आदमी पार्टी की जीत की गवाही खुद ब खुद दे रहा है। हमारी यह जीत आपके बच्चों के बेहतर भविष्य के हक में काम आएगी।"   तरनतारन में 11 नवंबर को होगा मतदान तरनतारन उपचुनाव के लिए मतदान 11 नवंबर को होगा और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। यह सीट जून में आप विधायक कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद खाली हुई थी। भगवंत मान ने गांव भूसे, कलस, बुरज 169, नौशहरा, चीमा कलां, बीर राजा तेजा सिंह, छीना बिधीचंद, भुच्चर कलां और अड्डा गगोबुआ में पार्टी वॉलंटियरों के साथ रोड शो निकाला। उन्होंने उम्मीद जताई कि 11 नवंबर को तरनतारन के लोग आम आदमी पार्टी को रिकॉर्ड तोड़ वोट डालकर जिताएंगे और फिर से आप का विधायक बनाएंगे।

नई शुरुआत की ओर पंजाब! सरकार ने लिया ऐतिहासिक फैसला, बदल जाएगा राज्य का भविष्य

पटियाला पंजाब के चिकित्सा शिक्षा व अनुसंधान तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को डिजीटल और आधुनिक युग से जोड़ते हुए पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल का पूर्ण ई-अस्पताल के रूप में उद्घाटन किया और यहां मुख्यमंत्री मरीज सहायता केंद्र को भी मरीजों के लिए समर्पित किया। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अब राजिंदरा अस्पताल में मरीजों को तेज, पारदर्शी और सहज स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान होंगी तथा राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के उद्देश्य से शीघ्र ही यह प्रणाली प्रदेश के सभी जिला और उपमंडल अस्पतालों में प्रारंभ की जाएगी। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने “रंगला पंजाब” के सपने के तहत स्वास्थ्य, विकास, शिक्षा और रोजगार को प्राथमिकता देते हुए सरकारी राजिंदरा अस्पताल की पुरानी शान को बहाल किया है। उन्होंने बताया कि यहां क्रिटिकल मैडीसिन, फैमिली मैडीसिन, पेलिएटिव और जेरिएट्रिक केयर के चार नए कोर्स शुरू किए जाएंगे। सुपर स्पैशलिटी अस्पताल को और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के साथ-साथ 300 बिस्तरों का ट्रॉमा केयर अस्पताल बनाया जा रहा है ताकि किसी भी मरीज को वैंटीलेटर की कमी के कारण चंडीगढ़ रेफर न करना पड़े। डॉ. बलबीर सिंह ने समाज सेवी संस्थाओं का धन्यवाद करते हुए बताया कि किंग्स इलैवन पंजाब के तत्वावधान में राऊंड टेबल इंडिया द्वारा 30 लाख रुपए की लागत से तैयार किया गया मुख्यमंत्री मरीज सहायता केंद्र मरीजों और उनके परिजनों को बैठने, प्रतीक्षा करने, जन औषधि सुविधा प्राप्त करने और वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगों को हर तरह की मदद देने के लिए एक हेल्प डेस्क से सुसज्जित किया गया है।   उन्होंने कहा कि इससे मरीजों और डॉक्टरों के बीच संबंध और भी मजबूत होंगे तथा जो मरीज अपनी परेशानी लेकर राजिंद्रा अस्पताल आता है, वह यहां से संतुष्ट होकर लौटेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मरीज सहायता केंद्र में कोई भी समाजसेवी संस्था आकर सेवा कर सकती है। ई-अस्पताल “डिजीटल इंडिया” पहल के अंतर्गत एन.आई.सी. द्वारा विकसित एक ओपन-सोर्स अस्पताल प्रबंधन प्रणाली के तहत राजिंदरा अस्पताल का पूर्ण डिजीटलाइजेशन हो गया है। मरीजों को कंप्यूटराइज्ड ओ.पी.डी. पर्ची और लैब सूचना प्रणाली के माध्यम से कंप्यूटराइज्ड रिपोर्टें भी मिलेंगी। उन्होंने बताया कि बिलिंग मॉड्यूल के माध्यम से अस्पताल के सभी कार्य डिजीटल रूप से संचालित किए जा रहे हैं मरीज पंजीकरण, बिलिंग, लैब रिपोर्ट, प्रत्येक मरीज के लिए यूनिक हॉस्पिटल आईडी और कंप्यूटराइज्ड रसीदों के साथ बिलिंग और भुगतान भी डिजिटल हो गया है। डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि राज्य के मैडीकल और नर्सिंग विद्यार्थियों सहित अन्य विषयों के विद्यार्थियों को भी प्रारम्भिक स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने की शुरुआत की गई है, और राज्य में 3 सरकारी और 5 निजी मैडीकल कॉलेजों सहित कुल 8 नए मैडीकल कॉलेज शीघ्र ही प्रारंभ होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में इलाज की सुविधाएं बहुत महंगी होने के कारण पटियाला को मैडीकल हब बनाकर स्वास्थ्य सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, हर पंजाबी को 10 लाख रुपये तक की इलाज सुविधा प्रदान कर पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य क्रांति को और आगे बढ़ाया है। इस अवसर पर डी.आर.एम.ई. डॉ. अवनीश कुमार, डायरैक्टर प्रिंसीपल डॉ. आर.पी.एस. सिबिया, मैडीकल सुपरिंटैंडैंट डॉ. विशाल चोपड़ा, डॉ. सुधीर वर्मा, एन.आई.सी. से राज्य सूचना अधिकारी विवेक वर्मा, वरिष्ठ निदेशक धर्मेश कुमार, आई.टी. निदेशक संजीव शर्मा, एल.सी. गुप्ता, आनंद सरकारिया, विवेक कुमार, डॉ. दीपाली, डॉ. सीमा सहित पटियाला हेल्थ फाऊंडेशन, पटियाला इंडस्ट्री एसोसिएशन, जनहित समिति, लायंस क्लब, ब्लड डोनेशन संस्थाओं तथा अन्य समाज सेवी संगठनों के प्रतिनिधि, फैकल्टी और चिकित्सा विद्यार्थी उपस्थित थे।

DIG भुल्लर मामले में CBI की नई कार्रवाई, खुल सकते हैं कई राज!

लुधियाना पंजाब पुलिस के निलंबित डी.आई.जी. हरचरण सिंह भुल्लर मामले में सी.बी.आई. ने लुधियाना में छापेमारी की है। इस मामले में सी.बी.आई. की टीम आज सुबह से ही पक्खोवाल रोड स्थित सरगोधा कॉलोनी पहुंची हुई है। जानकारी के अनुसार, सी.बी.आई. ने एक प्रॉपर्टी डीलर के घर पर छापेमारी की है। आज सुबह से ही घर के अंदर तलाशी चल रही है। सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई के तार निलंबित डी.आई.जी. हरचरण सिंह भुल्लर मामले से जुड़े हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कोई भी अधिकारी इस बारे में जानकारी साझा नहीं कर रहा है। 

ट्रेन में मामूली बहस बनी जानलेवा: कंबल मांगने पर अटेंडेंट ने फौजी को चाकू मारा

बीकानेर  पंजाब से गुजरात जा रही साबरमती एक्सप्रेस में एक फौजी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि कंबल को लेकर बहस के बाद एसी कोच के अटेंडेंट ने सेना के जवान पर जानलेवा हमला कर दिया। राजस्थान के बीकानेर में हमले के बाद घायल फौजी की अधिक खून बह जाने से मौत हो गई। आरपीएफ ने आरोपी अटेंडेंट को गिरफ्तार कर लिया है।   घटना रविवार-सोमवार रात की है। साबरमती गुजरात के रहने वाले फौजी जिगर कुमार पंजाब के फिरोजपुर कैंट से ट्रेन में सवार हुए थे। जिगर स्लीपर कोच में सफर कर रहे थे। लेकिन रात को उन्हें ठंड लगने लगी। आधी रात को जब जिगर को ठंड बर्दाश्त नहीं हुई तो वह कंबल मांगने के लिए एसी कोच में चले गए। बताया जा रहा है कि रात करीब साढ़े 12 बजे उन्होंने एसी कोच के अटेंडेंट जुबैर मेनन से कंबल की मांग की। जुबैर ने जिगर को यह कहते हुए कंबल देने से इनकार किया कि यह सिर्फ एसी कोच के यात्रियों के लिए है। इसको लेकर दोनों के बीच बहस हुई और फिर इसका अंजाम बेहद खौफनाक हुआ। बीकानेर के लूणकरणसर से ट्रेन रवाना होने के बाद मेनन ने चाकू से फौजी पर हमला बोल दिया। जीआरपी के एसएचओ आनंद के मुताबिक, ट्रेन के बीकानेर पहुंचने के बाद सभी कोच के अटेंडेंट को उतारा गया और पूछताछ की गई। अंत में जुबैर को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में खून से सना चाकू भी मेरता रोड से बरामद किया गया। चाकूबाजी से लहूलुहान हुए जिगर को बीकानेर के बीपीएम अस्पताल ले जाया गया। लेकिन उनकी जान चली गई। ट्रेन में चाकूबाजी की घटना देखकर यात्री बेहद डर गए। टीटीई को जानकारी दी गई। उन्होंने कंट्रोल रूम में सूचना दी और जीआरपी की टीम ने मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई की।

फ्री राशन योजना में परेशानी, पंजाब के इन परिवारों को हो सकती है मुश्किल

पंजाब में मुफ्त राशन पर संकट, कुछ परिवारों के लिए आई बड़ी मुसीबत फ्री राशन योजना में परेशानी, पंजाब के इन परिवारों को हो सकती है मुश्किल पंजाब में मुफ्त राशन के मामलों में चिंता, प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी समस्या लुधियाना माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किए गए अंतरिम आदेशों के बावजूद फ्री अनाज प्राप्त करने के लिए पंजाब के 1,49,604 राशन कार्ड धारक परिवारों के 4,63,407 लाख सदस्य कभी राशन डिपो तो कभी प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय में इधर से उधर भटक रहे हैं लेकिन तमाम कोशिशों के बाद उक्त ई-श्रम राशन कार्ड धारकों को पिछले 9 महीनों की फ्री गेहूं का लाभ प्राप्त नहीं हुआ है। माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई फटकार के बाद पंजाब सरकार के निर्देशों पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से संबंधित अधिकारियों द्वारा पंजाब भर में डेढ़ लाख के करीब मजदूर परिवारों के ई-श्रम राशन कार्ड तो बना दिए गए हैं लेकिन उक्त सभी परिवार पिछले लंबे समय से अपने अधिकारों से वंचित हैं जो कि राशन डिपुओं पर मिलने वाली फ्री गेहूं प्राप्त करने के लिए पिछले 9 महीनों से डिपुओं और विभागीय कार्यालयों में चक्कर काट रहे हैं लेकिन उक्त परिवारों को डिपो होल्डरों और विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा हर बार झूठा आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। किस जिले में कितने ई-श्रम राशन कार्डॉ 1 अमृतसर________7984 2 बरनाला________4322 3 बठिंडा_________5201 4 फरीदकोट ______3561 5 फतेहगढ़ साहिब __4499 6 फाजिल्का_______5888 7 फिरोजपुर ______3764 8 गुरदासपुर ______6979 9 होशियारपुर_____12804 10 जालंधर _______7288 11 कपूरथला______1982 12 लुधियाना ______14098 13 मालेरकोटला_____2044 14 मानसा _________5947 15 मोगा___________6008 16 पठानकोट _______4430 17 पटियाला________ 20192 18 रूपनगर__________5086 19 एस.ए.एस.नगर_____5151 20 संगरूर ___________9028 21 एस.बी.एस.नगर____6807 22 श्री मुक्तसर साहिब __3168 23 तरनतारन ________4143  

कांग्रेस नेता बाजवा का हमला: पंजाब में सिर्फ भगवंत मान और केजरीवाल ही सुरक्षित

  चंडीगढ़, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कपूरथला में कांग्रेस नेता हरजिंदर सिंह पर हुए जानलेवा हमले के बाद राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में अब भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के अलावा कोई भी सुरक्षित नहीं है। प्रताप सिंह बाजवा ने सोमवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सुल्तानपुर लोधी की घटना दिल दहला देने वाली है। कपूरथला जिला परिषद के उपाध्यक्ष और कांग्रेस नेता हरजिंदर सिंह जिंदा, शाहजहांपुर गांव में अपने घर के बाहर गोलियों की बौछार में बाल-बाल बचे।” उन्होंने आगे कहा, “आम आदमी पार्टी सरकार में राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पंजाब में अब भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के अलावा कोई भी सुरक्षित नहीं है।” बताया जाता है कि कांग्रेस नेता हरजिंदर सिंह पर दो नकाबपोश हमलावरों ने फायरिंग की थी। इस ताबड़तोड़ गोलीबारी में उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। कांग्रेस नेता पर यह हमला घर के नजदीक हुआ था। फायरिंग के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। हालांकि, फायरिंग के कारण और हमलावरों के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इससे पहले भी कांग्रेस की पंजाब इकाई ने राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला बोला। पार्टी ने आरोप लगाए कि पंजाब में दिन-प्रतिदिन बिगड़ती कानून-व्यवस्था के कारण गैंगवार और गोलीबारी की घटनाएं आम हो गई हैं और बदलाव के बड़े-बड़े नारे लगाने वाली झाड़ू पार्टी के मंत्री हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। आम आदमी पार्टी को पंजाब की जनता ने अपनी सुरक्षा के लिए चुना था, इस खून-खराबे के लिए नहीं। कांग्रेस इकाई ने मानसा, जालंधर, जगराओं, मोहाली और अमृतसर की हालिया घटनाओं का उदाहरण दिया। अमृतसर में मेडिकल शॉप और मानसा में आरटीआई कार्यकर्ता की दुकान पर गोलीबारी हुई थी। जालंधर में सुनार की दुकान को बंदूक के बल पर लूटा गया। जगराओं में कबड्डी खिलाड़ी की गोली मारकर हत्या की गई थी। इसके अलावा, मोहाली में रियल एस्टेट व्यापारी पर फायरिंग की घटना हुई थी।  

मौसम विभाग का अलर्ट: इन तारीखों में पंजाब में झमाझम बारिश के आसार

चंडीगढ़ पंजाब के मौसम को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। राज्य का अधिकतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 0.7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। वहीं, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के असर से अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई इलाकों में बारिश हो सकती है। यह विक्षोभ सोमवार से सक्रिय होगा, जिससे तापमान और नीचे जा सकता है और ठंड बढ़ेगी। कई जिलों में बारिश की संभावना 4 नवंबर को पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर में बारिश होने की संभावना है। 5 नवंबर को पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर और रूपनगर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। प्रदूषण ने भी बढ़ाई चिंता इसी बीच, पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी के कारण पंजाब में प्रदूषण का स्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। राज्य के दो शहरों खन्ना और मंडी गोबिंदगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंच गया है। रविवार को खन्ना का AQI 458 और मंडी गोबिंदगढ़ का 445 दर्ज किया गया, जबकि औसत क्रमशः 307 और 320 रहा। पटियाला का AQI भी 286 दर्ज किया गया, जो चिंताजनक श्रेणी में आता है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बारिश से जहां तापमान में और गिरावट आएगी, वहीं प्रदूषण के स्तर में अस्थायी सुधार भी देखने को मिल सकता है।  

लाइव में बोले CM मान — पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर सरकार का ऐतिहासिक फैसला

चंडीगढ़ पंजाब विश्वविद्यालय की सीनेट भंग करने के केंद्र सरकार के फैसले पर मुख्यमंत्री भगवंत मान सोशल मीडिया पर लाइव हुए और इस दौरान उन्होंने बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री मान ने कहा है कि वह पंजाब विश्वविद्यालय की सीनेट भंग करने और उसमें पंजाब की भागीदारी समाप्त करने के भाजपा के फैसले की कड़ी निंदा करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पंजाब के साथ किसी भी कीमत पर धक्केशाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। पंजाब विश्वविद्यालय उनकी विरासत है और इसे बचाने के लिए उनसे जो भी बन पड़ा वह करेंगे। उन्हें हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट भी जाना पड़ा, वह वहां भी जाएंगे, वह कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं और वह यह धक्केशाही नहीं होने देंगे। भाजपा का यह फैसला पूरी तरह से असंवैधानिक है। केंद्र सरकार विधानसभा में पारित किसी अधिनियम को किसी भी अधिसूचना के जरिए रद्द नहीं कर सकती। इस फैसले से भाजपा ने अपना पंजाब विरोधी चेहरा दिखा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब दिवस के दिन भाजपा ने पंजाबियों को तोहफा दिया है। उनके दिलों में पंजाब के प्रति नफरत है। उन्होंने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय पंजाब की धरोहर है और वह इसे नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वह इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएंगे और बड़े वकील नियुक्त करके पंजाब के पक्ष में खड़े होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की ऐसी नापाक हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।