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भाजपा ने बताया सुरक्षा कारण, पाकिस्तान यात्रा पर लगी रोक

चंडीगढ़  गुरु नानक देव के ‘प्रकाश पर्व’ समारोह के लिए नवंबर में सिख जत्थों को पाकिस्तान जाने की अनुमति देने से इनकार करने पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवत मान द्वारा केंद्र की आलोचना करने के एक दिन बाद भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि पड़ोसी देश में सुरक्षा को लेकर खतरे की आशंका है। उन्होंने मान से यह भी पूछा कि अगर पाकिस्तान में किसी भारतीय तीर्थयात्री के साथ कुछ गलत हुआ तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। मान ने सोमवार को भाजपा नीत केंद्र सरकार पर भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप टी-20 क्रिकेट मैच को मंजूरी देने, लेकिन नवंबर में गुरु नानक देव की जयंती समारोह के लिए पड़ोसी देश में सिख जत्था भेजने की अनुमति देने से इनकार करने के लिए हमला बोला। भाजपा नेता सिंह ने कहा कि केंद्र को सूचना मिली है कि पाकिस्तान में तीर्थयात्रियों के साथ कुछ गलत हो सकता है। सिंह ने तीर्थयात्रियों की पाकिस्तान यात्रा को लेकर लगायी गयी वर्तमान रोक पर कहा कि सुरक्षा को खतरा होने की आशंका है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि कोई भी देश क्रिकेट खेलने के लिए पाकिस्तान नहीं जाता। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कई देशों ने अपने नागरिकों को पर्यटन के उद्देश्य से भी पाकिस्तान न जाने की सलाह जारी की है।

पीने के साफ पानी की किल्लत, ग्रामीणों की सेहत पर संकट

संगरूर  पंजाब में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक अनूठी पहल के तहत, पंजाब के कैबिनेट मंत्री एवं आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने सुनाम विधानसभा क्षेत्र के चीमा कस्बे में बहुउपयोगी बस स्टैंड का शुभारंभ किया। गौरतलब है कि अमन अरोड़ा की कल्पना पर आधारित यह अभिनव सुविधा राज्य में पहली बार सार्वजनिक परिवहन को समर्पित खेल परिसर के साथ एकीकृत करती है। जनता को यह सुविधा समर्पित करते हुए अरोड़ा ने कहा कि 5.06 करोड़ की लागत से 16,555 वर्ग फुट में निर्मित यह अत्याधुनिक बस स्टैंड केवल परिवहन केंद्र न होकर सामुदायिक गतिविधियों का सशक्त केंद्र है।  उन्होंने कहा, खेल सुविधाओं से युक्त यह बस स्टैंड मॉडल सार्वजनिक उपयोगिता को अधिकतम करने और युवाओं को सशक्त बनाने के लिए बनाया गया है। इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए छह बस काउंटर, विशाल प्रतीक्षालय, छह व्यावसायिक दुकानें, अड्डा फ़ीस कार्यालय, लोडिंग-अनलोडिंग प्लेटफार्म, सार्वजनिक पार्किंग और आधुनिक शौचालय ब्लॉक शामिल हैं। इससे यात्रियों और स्थानीय व्यवसायियों दोनों को सुविधाजनक अनुभव मिलेगा।

पीने के पानी की किल्लत से गांव में फैली बीमारियाँ, प्रशासन बेखबर

लंबी  लंबी हल्के के गांव मिठड़ी बुद्धगिर के वार्ड एक में दर्जनों परिवारों के लिए साफ पानी की कमी दशक से भी अधिक समय से गंभीर चुनौती बनी हुई है। पानी सप्लाई पाइपों की गलत लेवलिंग के कारण 12 साल से वॉटर वर्क्स का पानी यहां नहीं पहुंचा। मजबूरीवश लोग सबमर्सिबल पंपों से 950 टीडीएस से अधिक वाला दूषित ज़मीन का पानी पी रहे हैं। दूषित पानी का सबसे बड़ा असर ग़रीब परिवारों पर पड़ा है। 70 वर्षीय जसदेव कौर को दूषित पानी पीने से गठिया की बीमारी हो गई और उनके हाथ-पांव टेढ़े-मेढ़े हो चुके हैं। अन्य परिवार भी त्वचा और बालों से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित हैं। इसी मध्य, लगभग 10 लाख रुपये की ग्रांट बीडीपीओ दफ़्तर लंबी में एक साल से पड़ी है, लेकिन स्थानीय आम आदमी पार्टी के दो धड़ों के बीच टकराव के कारण यह रुकी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक धड़ा ज़िद पर अड़ा है कि ग्रांट तभी जारी होगी, जब अकाली सरपंच, मंत्री की हाज़री लगाएगा। इस राजनीतिक अड़ंगे ने ग़रीब परिवारों की स्वास्थ्य व और दोनों को बर्बाद कर दिया है। लोगों को रोज़ाना 30-50 रुपये का आरओ पानी ख़रीदना पड़ता है और महीने में कई बार 1,000 रुपये प्रति टैंकर पानी मंगवाना पड़ता है। वार्ड निवासी अमनदीप कौर, बलदेव कौर, सरबजीत कौर और अन्य ने कहा कि ग़रीबी के साथ पानी की समस्या दोहरा नरक बन गई है। विधवा वीरपाल कौर ने बताया कि वह दो दिव्यांग पुत्रों का दुख झेल रही है। उसे पहले रोज़ाना घरों में झाड़ू-पोचा करना पड़ता है और बाद में पानी के लिए मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं। भोली नामक महिला ने बताया कि पानी सप्लाई न आने के कारण उसने 8 हज़ार रुपये का कर्ज़ लेकर घर में बोरवेल लगवाना पड़ा है। भाकियू एकता उगराहां के नेता दलजीत सिंह व तरसेम सिंह ने आरोप लगाया कि पाइपों की बिगड़ी लेवलिंग के कारण यहां कभी पानी नहीं पहुंच सका, जबकि सरकारी ग्रांट होने के बावजूद नई पाइपलाइन नहीं डलवाई जा रही। वॉटर वर्क्स से बिना फ़िल्टर पानी सप्लाई 10 लाख रुपये की ग्रांट न लगने के कारण वॉटर वर्क्स का फ़िल्टर मीडिया फेल हो चुका है। इस वजह से गांव को बिना फ़िल्टर किया पानी ही सप्लाई किया जा रहा है। वार्डवासियों ने इस मुद्दे पर हाल ही में बीडीपीओ दफ़्तर लंबी के बाहर धरना भी दिया था।

बाढ़ पीड़ितों के बीच राहुल गांधी का सानिध्य, बाबा बुड्ढा साहिब गुरुद्वारे में श्रद्धांजलि

चंडीगढ़ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज पंजाब दाैरे पर हैं। वे प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। राहुल गांधी अमृतसर के श्री गुरु रामदास इंटरनेश्नल एयरपोर्ट पर पहुंचे। वहां से अजनाला, रमदास के गांव में जाकर लोगों से मिले। राहुल गांधी रमदास स्थित गुरुद्वारा श्री समाध बाबा बुड्ढा जी साहिब में भी नतमस्तक हुए। इसके बाद वह गुरदासपुर गए और वहां के हालातों का जायजा लिया। इस दाैरान उन्होंने ट्रैक्टर की सवारी की। राहुल गांधी हवाई सर्वे के बजाय सीधे गांव-गांव जाकर लोगों से रुबरु हो रहे हैं। बिट्टू ने कसा तंज, बोले, बाढ़ के समय मना रहे थे छुट्टियां राहुल गांधी के पंजाब दौरे पर लुधियाना के पूर्व सांसद और राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने तंज कसा है। बिट्टू ने सोशल मीडिया पर लिखा कि राहुल गांधी पंजाब आ रहे हैं। जब उपराष्ट्रपति के लिए चुनाव हो रहे थे, तब वह छुट्टियों का आनंद लेने में व्यस्त थे। जब पंजाब डूब रहा था और लोग रो रहे थे तो वह मलेशिया में ऐश कर रहे थे। यह दौरे लोगों का दर्द मिटाने के लिए नहीं, सियासी स्टेज पर ड्रामेबाजी करने के लिए लग रहे हैं।

युवाओं की भागीदारी बढ़ाने उतरी यूथ कांग्रेस, चंडीगढ़ में उठाएगी प्रमुख मुद्दे

चंडीगढ़ यूथ कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय बैठक में संगठनात्मक मजबूती, युवाओं की राजनीतिक भागीदारी और आगामी रणनीतियों पर व्यापक चर्चा की गई। महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता चंडीगढ़ यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक लुबाना ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और चंडीगढ़ प्रभारी अयाज चौधरी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एचएस लक्की, उपाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह उपस्थित रहे। अयाज चौधरी ने युवाओं को राजनीति में सक्रिय भागीदारी की प्रेरणा दी और कहा कि देश के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा, रोजगार, महिला सुरक्षा, पर्यावरण और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर जनता के बीच जाकर काम करें।  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की ने कांग्रेस पार्टी हमेशा से युवाओं की शक्ति में विश्वास रखती है और यूथ कांग्रेस को हर स्तर पर पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने युवाओं को पार्टी की विचारधारा और नीतियों को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं पार्षद गुरप्रीत सिंह ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के कार्यों में युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया और युवाओं से आग्रह किया कि वे जमीनी मुद्दों को समझें और उनका समाधान करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। दीपक लुबाना ने बताई योजना अध्यक्ष दीपक लुबाना ने आगामी योजना की जानकारी देते हुए बताया कि कालेजों और यूनिवर्सिटी में बड़े स्तर पर युवाओं से संवाद कार्यक्रम होंगे। महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों पर जन-जागरूकता अभियान चलेगा। सदस्यता अभियान से संगठन का विस्तार होगा। नए कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण शिविर और कार्यशालाएं होंगी। सोशल मीडिया के माध्यम से युवा संवाद और डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जाएगा।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई और पुनर्निर्माण का महाअभियान, CM मान कर रहे निगरानी

पंजाब पंजाब में बाढ़ के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं. बाढ़ का संकट आया, तब मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी सरकार ने अपनी जिम्मेदारियों को जमीन पर उतरकर पूरी निष्ठा से निभाया. अब जैसे-जैसे पानी उतर रहा है, वैसे-वैसे मान सरकार ने राहत, सफाई और पुनर्निर्माण का महाअभियान शुरू कर दिया है. सरकार की ओर से 14 सितंबर से 23 सितंबर तक पूरे राज्य में सफाई और बहाली का विशेष ड्राइव चलाया जा रहा है, जो 2300 से ज्यादा गांवों और शहरी वार्डों में एक साथ शुरू हुआ है. इस महाअभियान में हर गली, हर मोहल्ले, हर वार्ड को साफ-सुथरा और पहले से बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है. जलभराव से जमा हुई गाद, सिल्ट और गंदगी को हटाने के लिए नगर निगमों, नगर परिषदों और पंचायतों को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं. 1000 से ज्यादा सफाई कर्मचारी जिले में तैनात प्रदेश के कई जिलों में 1000 से ज्यादा सफाई कर्मचारी, 200 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रालियां, 150 JCB मशीनें और सैकड़ों की संख्या में हेल्थ वर्कर्स इस काम में लगातार लगे हुए हैं. सरकार ने सभी ज़िलों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं, जिनकी सीधी निगरानी में काम हो रहा है. हर जोन का जिम्मा एक अफसर को सौंपा गया है और उन्हें साफ निर्देश हैं कि वे रोजाना ग्राउंड पर रहें और काम पूरा कराएं. नगर निगमों में कमिश्नर और जिलों में एडीसी को विशेष जिम्मेदारी दी गई है कि कोई भी शिकायत लंबित न रहे. पूरे अभियान पर सीएम की नजर मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद इस पूरे अभियान की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं. वे लगातार अधिकारियों से संपर्क में हैं और खुद स्थिति का जायजा ले रहे हैं. उन्होंने साफ कहा है, ये कोई औपचारिक मुहिम नहीं, ये पंजाब के हर नागरिक के घर-आंगन को फिर से खुशहाल बनाने का संघर्ष है. सिर्फ सफाई ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर भी बराबर फोकस है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दवा छिड़काव, साफ पानी की आपूर्ति और प्राथमिक चिकित्सा शिविर लगाए जा रहे हैं. 5 सितंबर को जारी एडवाइजरी के तहत सभी ULBs को साफ-सफाई और रोग रोकथाम के उपाय तुरंत लागू करने के निर्देश हैं. बाढ़ के बाद सर्वे जारी बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी तेज़ी से सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है. घरों, दुकानों, सड़कों, बिजली के खंभों, जल योजनाओं जैसी सभी सार्वजनिक व निजी संपत्तियों का आकलन इंजीनियरिंग टीमों द्वारा किया जा रहा है, ताकि सरकार हर प्रभावित व्यक्ति को जल्द से जल्द मुआवजा दे सके. विशेष सफाई और पुनर्वास अभियान शुरू पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे, इसलिए हर जगह काम से पहले और बाद की तस्वीरें खींची जा रही हैं. यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी काम अधूरा न रहे और हर जरूरतमंद तक सरकारी मदद पहुंचे. पंजाब के सभी जिलों में आज, 14 सितंबर से मान सरकार का विशेष सफाई और पुनर्वास अभियान ज़ोर-शोर से शुरू हो गया है. सुबह से ही नगर निगमों और स्थानीय प्रशासन की टीमें फील्ड में उतर चुकी हैं. JCB मशीनों की आवाज़ और ट्रैक्टर-ट्रालियों की हलचल इस बात का संकेत दे रही है कि अब पंजाब में सिर्फ राहत नहीं, बल्कि पुनर्निर्माण की शुरुआत हो चुकी है. लोग खुद कह रहे हैं कि पहली बार सरकार इतनी तेज़ी और गंभीरता से हर गली-नुक्कड़ तक पहुंची है. ये देखकर जनता को भरोसा हुआ है कि सरकार सिर्फ एलान नहीं करती, जमीन पर काम करती है, वो भी बिना रुके, बिना थके. एकजुटता ने बाढ़ को हराया मुख्यमंत्री भगवंत मान की सोच ने इस बार साबित कर दिया है कि बाढ़ जैसी आपदा को भी अगर ज़िम्मेदारी से संभाला जाए, तो वो लोगों के हौसले को गिराने की जगह उसे और मज़बूत बना सकती है. इस बार सरकार ने बाढ़ को सिर्फ प्राकृतिक संकट नहीं, बल्कि पंजाबियों की हिम्मत, सेवा-भाव और एकजुटता की परीक्षा माना है. राहत कार्यों को इवेंट या प्रचार की तरह नहीं, बल्कि जनसेवा और जवाबदेही के अवसर की तरह लिया गया है, यही वो फर्क है जो एक लोक सेवक सरकार और दिखावटी राजनीति में होता है. पंजाब के साथ खड़ी मान सरकार बाढ़ आई, नुकसान हुआ, लेकिन सरकार कहीं नहीं डगमगाई. मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी टीम ने खुद को मैदान में उतार दिया. यह वही फर्क है जो जनता अब साफ देख रही है, जहां कुछ दल मुसीबत में सियासत खोजते हैं, वहीं मान सरकार समाधान खोजती है. आज जब विपक्ष सवालों की स्क्रिप्ट लिख रहा है, मान सरकार अपने काम से जवाब दे रही है, और वो भी जनता के बीच रहकर, उनके पिंडा विच में खड़े होकर और इसलिए आज पूरा पंजाब कह रहा है. मान सरकार खड़ी है, सिर उठाके, सीने ठोक के अपने लोकां दे नाल, हर वक्त, हर हाल.  

समस्याओं को लेकर जनता से रूबरू हुए मंत्री सौंद, समाधान में लगाई तेजी

समराला पंजाब के ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने पार्टी कार्यालय खन्ना में लोगों की समस्याएं सुनने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जहां उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान बंद पड़े सीवरेज पर अधिकारियों को निर्देश दिए कि मशीनों से सीवरेज की सफाई करवाई जाए। इसी तरह न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के निवासियों को भी मंत्री सौंद ने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही इस कॉलोनी की जांच करवाएंगे कि यह कॉलोनी कानूनी है या अवैध और उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। लोगों ने मंत्री की जनसुनवाई पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे प्रयास क्षेत्र में लगातार जारी रहने चाहिए, ताकि लोगों को इधर-उधर भटकने से छुटकारा मिल सके और उनके कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे हो सकें।

डीजल बांटने के विवाद में सुखबीर बादल के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी

संगरूर अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल द्वारा मकरोड़ साहिब और मूनक में बांटे गए डीजल को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इसे लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों बीबी परमजीत कौर लांडरां, जत्थेदार सतविंदर सिंह टोहरा, जत्थेदार मलकीत सिंह चंगाल और जत्थेदार रामपाल सिंह बहनीवाल ने सुखबीर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शिरोमणि कमेटी पर अपने पैसे का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गुरु की गोलक को अंधाधुंध लूटा जा रहा है। बीबी परमजीत कौर लांडरां और अन्य सदस्यों ने गुरु की गोलक के राजनीतिक इस्तेमाल के सबूत पेश करते हुए कहा कि एसजीपीसी बाढ़ प्रभावित इलाकों में ज्यादा से ज्यादा मदद करे, यह पंथ की आवाज़ और मांग है, लेकिन किसी भी राजनीतिक नेता के जरिए एसजीपीसी के पैसे का इस्तेमाल संगत को बर्दाश्त नहीं है।   रुकावटें पैदा न करें : धामी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए हर तरह के राहत कार्य कर रही है। शिरोमणि अकाली दल भी बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रहा है। धामी ने कहा कि अगर शिरोमणि कमेटी और शिरोमणि अकाली दल बाढ़ पीड़ितों की सेवा कर रहे हैं तो आपको रुकावटें पैदा नहीं करनी चाहिए।

पूर्व सांसद मोहिंदर केपी के बेटे की मौत, जालंधर में क्रेटा और फार्च्यूनर की भीषण टक्कर

पंजाब  शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता और दो बार सांसद रह चुके मोहिंदर सिंह केपी के बेटे ऋचि केपी की कल रात जालंधर में एक दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। 36 वर्षीय ऋचि केपी मोहिंदर केपी के इकलौते बेटे थे। ऋचि की कार को माता रानी चौक के पास एक तेज़ रफ्तार क्रेटा कार ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल ऋचि को दो निजी अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा रात 11 बजे के बाद हुआ। एक तेज़ रफ्तार क्रेटा कार ने माता रानी चौक पर तीन गाड़ियों को टक्कर मारी, जिनमें ऋचि की फॉर्च्यूनर भी शामिल थी। टक्कर के बाद क्रेटा चालक मौके से फरार हो गया। क्रेटा ने एक टैक्सी और एक ग्रैंड विटारा को भी टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ियां पास की एक दुकान की रेलिंग और सीढ़ियों से टकरा गईं, जिससे रेलिंग और सीढ़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। कारों के एयरबैग खुल गए, जिसमें ऋचि की फॉर्च्यूनर भी शामिल थी। ऋचि की गाड़ी का बोनट और एक साइड बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसा जालंधर के पॉश मॉडल टाउन इलाके में हुआ, जहां केपी का निवास भी पास में ही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ऋचि किसी दोस्त को मोबाइल फोन लौटाने निकले थे। थाना नंबर 6 की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। थाना नंबर 6 के एसएचओ ने कहा, “हादसा रात 11 से 11:30 बजे के बीच हुआ। क्रेटा कार एक व्यक्ति चला रहा था, जिसकी पत्नी और बेटी भी गाड़ी में मौजूद थीं। वे दोनों भी घायल हुई हैं। एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। मामले की जांच की जा रही है और दुकानों के खुलने के बाद सीसीटीवी फुटेज भी खंगाला जाएगा। जांच के बाद तुरंत एफआईआर दर्ज की जाएगी।”

किसान नेताओं की रिहाई के बाद वड़िंग टोल प्लाजा बंद, आंदोलन की हलचल

संगरूर पंजाब सरकार के अधीन वड़िंग टोल प्लाजा को लेकर बेहद सख्त हो चुके प्रशासन ने यू-टर्न लेते हुए जिला जेल में बंद 66 प्रदर्शनकारियों को बिना शर्त रिहा कर दिया। हालांकि, प्रशासन ने वड़िंग टोल प्लाजा को फिर से पक्के तौर पर बंद कर दिया है, क्योंकि टोल कंपनी अभी भी नहरों पर पुल बनाने को लेकर आनाकानी कर रही है। प्रशासन हर बार पुल निर्माण का आश्वासन देकर विरोध प्रदर्शन हटा देता था। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर ने धरना देकर टोल बंद करवाया तो प्रशासन ने दो दिन में संगठन के 66 नेताओं को केस दर्ज कर जेल भेज दिया था।  इस पर मामला प्रदेश स्तर तक पहुंचा तो प्रशासन ने यू-टर्न लेते हुए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल के साथ बैठक के बाद सभी प्रदर्शनकारियों को जेल से रिहा कर दिया। संगठन के नेता हरजिंदर सिंह ने बताया कि प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पुल बनने तक टोल बंद रहेगा, लेकिन दूसरी ओर प्रशासन अभी भी असमंजस में है। गौरतलब है कि मुक्तसर-कोटकपूरा मार्ग पर राजस्थान फीडर और सरहिंद नहर नहरें गुजरती हैं। आठ साल पहले जब टोल शुरू हुआ था, तब पंजाब सरकार ने टोल कंपनी को नहरों पर पुल बनाने का आदेश भी दिया था। कंपनी ने काम भी शुरू कर दिया था। लेकिन बाद में टोल तो चलता रहा, लेकिन पुल नहीं बनाए गए।