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बीजेपी ने तीसरी बार शैलेंद्र सिंह पर जताया भरोसा सरायकेला खरसावां के संगठन को मिलेगी मजबूती

सरायकेला सरायकेला खरसावां जिला के वरिष्ठ भाजपा नेता शैलेंद्र कुमार सिंह को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने तीसरी बार पार्टी का प्रदेश मंत्री मनोनीत किया है. मनोनयन के बाद प्रदेश मंत्री शैलेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेवारी दी है, उस पर खरा उतरेंगे. संगठन की मजबूती के लिए पहले ही की तरह काम करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी के नीति सिद्धांतों के साथ साथ केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जन जन तक पहुंचाएंगे. पार्टी के जिलाध्यक्ष हरेकृष्ण प्रधान समेत अन्य नेताओं ने उन्हें नई जिम्मेवारी के लिए बधाई दी है. 1992 से पार्टी में सक्रिय हैं शैलेन्द्र सिंह प्रदेश मंत्री शैलेंद्र कुमार सिंह ने स्नातक की पढ़ाई करने के बाद वर्ष 1992 में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की. इसके बाद से ही वे पार्टी में सक्रिय है. भाजपा नेता शैलेंद्र सिंह को तीसरी बार बीजेपी के मंत्री बनाया गया है. दो बार रह चुके हैं प्रदेश मंत्री शैलेंद्र कुमार सिंह पूर्व में दो बार प्रदेश मंत्री और एक टर्म सरायकेला खरसावां जिलाध्यक्ष रह चुके हैं. वर्ष 2007 से 2010 तक बीजेपी के सरायकेला खरसावां जिला अध्यक्ष थे. इसके बाद वर्ष 2010 से 2013 तक तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेशानंद गोस्वामी के टीम में प्रदेश मंत्री का कार्य सफलता पूर्वक किया. इसके बाद वर्ष 2013 से 2015 तक तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष डॉ रविंद्र राय के कार्यकाल में दूसरी बार प्रदेश सचिव बने थे. 1993 में पहली बार बने थे वार्ड अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सिंह वर्ष 1993 आदित्यपुर वार्ड संख्या 17 का वार्ड अध्यक्ष बने थे. 2000 में तत्कालीन जिलाध्यक्ष विनोद श्रीवास्तव की टीम में जिला महामंत्री बने थे. पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और मधु कोड़ा के गुड फेथ में हैं. अच्छे संगठक और रणनीतिकार माने जाते हैं.

खराब मौसम और गीले मैदान ने रोकी चांडिल प्रखंड के अभ्यर्थियों की राह बदली गई भर्ती की तारीख

सरायकेला झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में बारिश के चलते होमगार्ड बहाली की प्रक्रिया पर असर पड़ा है. गीले मैदान और खराब मौसम के कारण निर्धारित तिथि पर होने वाली दौड़ को रद्द कर दिया गया है. अब अभ्यर्थियों के लिए यह दौड़ 8 अप्रैल को आयोजित की जाएगी, जिसमें वे शामिल होकर अपना प्रदर्शन करेंगे. कब होने वाली थी प्रक्रिया सरायकेला के बिरसा स्टेडियम में 28 मार्च 2026 (शनिवार) को होने वाली होमगार्ड बहाली प्रक्रिया बारिश के कारण प्रभावित हो गई. देर रात हुई भारी बारिश से मैदान पूरी तरह गीला हो गया, जिसके चलते अभ्यर्थियों की दौड़ कराना संभव नहीं हो सका. चांडिल प्रखंड के अभ्यर्थी नहीं दे सके दौड़ जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि चांडिल प्रखंड के युवाओं की शारीरिक परीक्षा के तहत दौड़ आयोजित होनी थी, लेकिन खराब मौसम के कारण इसे स्थगित करना पड़ा. अब 8 अप्रैल को होगी दौड़ अधिकारियों ने बताया है कि अब यह दौड़ 8 अप्रैल को आयोजित की जाएगी. इस दिन सभी अभ्यर्थी बहाली प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे और निर्धारित नियमों के अनुसार चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी. अभ्यर्थियों के लिए बेहतर इंतजाम था भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ख्याल रखा गया. उनके लिए पेयजल, शौचालय, पंडाल सहित सभी जरूरी व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी. मौसम का ध्यान में रखते हुए छाया और बैठने की जगह भी थी जिससे किसी भी अभ्यर्थी को असुविधा न हो.

तीन महीने बाद गंगा की लहरों पर लौटा रो-पैक्स क्रूज अब 250 रुपये में उठाएं सफर का लुत्फ

पटना शहर के निवासियों और पर्यटकों के लिए एक शानदार खबर है। गंगा नदी की गोद में सुकून के पल बिताने का इंतजार अब खत्म हो गया है। तकनीकी मरम्मत और रखरखाव के कारण पिछले तीन महीनों से बंद पड़ा रो-पैक्स क्रूज आज से एक बार फिर अपनी यात्रा शुरू करने जा रहा है। दीघा के जनार्दन घाट से शुरू होने वाली यह सेवा नए उत्साह और कुछ बदलावों के साथ पर्यटकों का स्वागत करने के लिए तैयार है। ​ किराये में कटौती, समय में थोड़ा बदलाव ​पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इस बार प्रबंधन ने किराये में राहत दी है। अब प्रति व्यक्ति सफर के लिए आपको 300 रुपये के बजाय केवल 250 रुपये खर्च करने होंगे। हालांकि, सैर की अवधि को 45 मिनट से घटाकर 40 मिनट कर दिया गया है। यह निर्णय पर्यटकों की भारी भीड़ और परिचालन की सुगमता को देखते हुए लिया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग इस सेवा का आनंद ले सकें। ​ विस्तार की योजना: अब गांधी घाट तक होगा सफर ​वर्तमान में यह क्रूज दीघा के जनार्दन घाट के आसपास ही संचालित होता है, लेकिन जल्द ही इसकी सीमाओं को बढ़ाने की तैयारी है। संचालक टीम इसे गांधी घाट तक ले जाने की योजना बना रही है, जिससे सैलानी गंगा में लगभग 15 किलोमीटर की लंबी सैर कर सकेंगे। इसके लिए अप्रैल माह में पर्यटन निगम और जिला प्रशासन को औपचारिक प्रस्ताव भेजा जाएगा। ​ गंगा की लहरों पर मनाएं खुशियों का जश्न ​यह क्रूज केवल सैर-सपाटे तक सीमित नहीं है। इसमें निजी कार्यक्रमों जैसे बर्थडे पार्टी, शादी की सालगिरह और सगाई के लिए एडवांस बुकिंग की विशेष सुविधा दी गई है।     ​क्षमता: एक बार में 300 पर्यटक सवार हो सकते हैं।     ​पैकेज: 1 घंटे से लेकर 8 घंटे तक के विशेष पैकेज उपलब्ध हैं।     ​शुल्क: इन आयोजनों के लिए 40 हजार रुपये से लेकर 2.20 लाख रुपये तक का शुल्क निर्धारित किया गया है।     ​पटना की गंगा आरती और रिवर फ्रंट के दृश्यों को इस क्रूज से देखना वाकई एक यादगार अनुभव साबित होगा।  

छात्रों के लिए सुनहरा अवसर, CBSE देगा प्रदर्शन सुधारने का दूसरा मौका

जमशेदपुर. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं के विद्यार्थियों को अपने प्रदर्शन में सुधार का एक अतिरिक्त अवसर प्रदान किया है। यदि किसी छात्र को अपने परिणाम को लेकर थोड़ी भी शंका है, तो वह सेकंड बोर्ड परीक्षा (विशेष परीक्षा) के लिए आवेदन कर सकता है।  बोर्ड की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार, इस परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक छात्रों को अपने-अपने स्कूलों के माध्यम से आवेदन करना होगा। इसके लिए अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित की गई है। ईमेल के जरिए बोर्ड को भेजें सूची सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे इच्छुक विद्यार्थियों की सूची 31 मार्च की शाम पांच बजे तक ईमेल के माध्यम से बोर्ड को भेज दें। यह विशेष परीक्षा मई माह में आयोजित होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि इस प्रकार की परीक्षा का आयोजन सीबीएसई पहली बार कर रहा है। अब तक सप्लीमेंट्री परीक्षा के तहत छात्र केवल एक ही विषय में परीक्षा दे सकते थे, लेकिन इस नई व्यवस्था के तहत छात्र अधिकतम तीन विषयों में दोबारा परीक्षा देकर अपने अंकों में सुधार कर सकेंगे। इच्छुक छात्र निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करें डीएवी बिष्टुपुर की प्रिंसिपल प्रज्ञा सिंह और जेपीएस बारीडीह की प्रिंसिपल नमिता अग्रवाल ने बताया कि इस संबंध में विद्यार्थियों को सूचित कर दिया गया है और इच्छुक छात्र निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर रहे हैं। यह विशेष परीक्षा केवल उन्हीं विद्यार्थियों के लिए होगी, जिन्होंने पहली बोर्ड परीक्षा दी है। स्कूलों द्वारा ही छात्रों की सूची (List of Candidates – LOC) तैयार कर बोर्ड को भेजी जाएगी। इसके माध्यम से बोर्ड को पहले से यह जानकारी मिल सकेगी कि कितने छात्र और किन-किन विषयों में परीक्षा देना चाहते हैं।  शेड्यूल की मुख्य बातें सीबीएसई द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, पहले चरण के मुख्य परिणाम घोषित होने के अगले दिन से पांच दिनों तक छात्रों को परीक्षा शुल्क जमा करना होगा। इसी अवधि में स्कूलों को छात्रों की सूची (LOC) और शुल्क बोर्ड को भेजना होगा।  यदि कोई स्कूल निर्धारित समयसीमा में यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाता है, तो परिणाम घोषित होने के सातवें दिन से अगले दो दिनों तक विलंब शुल्क के साथ यह कार्य किया जा सकेगा। सीबीएसई के प्रमुख निर्देश सभी पास और योग्य छात्र अपने प्रदर्शन को सुधारने के लिए साइंस, मैथ्स, सोशल साइंस और भाषाओं में से अधिकतम तीन विषयों में सेकंड बोर्ड परीक्षा दे सकते हैं। जिन छात्रों ने पहली परीक्षा में तीन या अधिक विषयों में भाग नहीं लिया है, वे इस विशेष परीक्षा के लिए पात्र नहीं होंगे। ऐसे छात्र केवल अगले वर्ष फरवरी में आयोजित मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।  जिन छात्रों का परिणाम कंपार्टमेंट आया है, वे सेकंड परीक्षा में कंपार्टमेंट श्रेणी के तहत शामिल हो सकते हैं। सेकंड परीक्षा के लिए LOC में नए नाम जोड़े नहीं जा सकते। विषय परिवर्तन केवल बोर्ड की निर्धारित नीति (विशेषकर गणित विषय के मामले में) के अनुसार ही संभव होगा। छात्र की व्यक्तिगत जानकारी में कोई बदलाव सेकंड परीक्षा के दौरान स्वीकार नहीं किया जाएगा। सीबीएसई की यह पहल छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है, जिससे वे बिना एक साल गंवाए अपने अंकों में सुधार कर सकेंगे।

बिहार के उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने ममता सरकार और बंगाल चुनाव पर साधा निशाना

बिहार  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए एक बार फिर राष्ट्र को संबोधित किया। इस विशेष संबोधन को सुनने के लिए भारतीय जनता पार्टी के कार्यालयों में नेताओं और कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा। बिहार सरकार के उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने भी भाजपा कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री के विचारों को सुना और इस कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला। ​ देश की समस्याओं और उपलब्धियों का प्रतिबिंब ​उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि मन की बात केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की चुनौतियों और गौरवशाली उपलब्धियों पर चर्चा का एक सशक्त मंच है। उन्होंने साझा किया कि भाजपा कार्यकर्ता और आम जनता पूरे महीने इस संबोधन का बेसब्री से इंतजार करते हैं क्योंकि इसमें जमीनी मुद्दों को वैश्विक मंच मिलता है। इस बार प्रधानमंत्री ने वॉटर हार्वेस्टिंग (जल संचयन) की आवश्यकता और मछुआरों की समस्याओं पर विशेष जोर दिया, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ​ वैश्विक संकट और भारत की एकजुटता ​मिडल ईस्ट (मध्य पूर्व) में उपजे वर्तमान भू-राजनीतिक संकट पर बात करते हुए दिलीप जायसवाल ने कहा कि पूरी दुनिया इस समय अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जब भी देश के सामने ऐसी बाहरी चुनौतियां आती हैं, भारत के नागरिक अपनी वैचारिक भिन्नताओं को भूलकर एकजुट हो जाते हैं। संकट के समय देश की यह एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। ​ पश्चिम बंगाल चुनाव और ममता सरकार पर प्रहार ​पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर तंज कसते हुए उद्योग मंत्री ने ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में अब तक आतंक और धांधली के बल पर सत्ता हासिल की जाती रही है। उन्होंने कहा कि पहले आम लोगों को वोट देने से रोका जाता था, लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं। जायसवाल के अनुसार, ममता बनर्जी की वर्तमान मनोदशा यह संकेत दे रही है कि बंगाल की जनता अब परिवर्तन के मूड में है और वहां तृणमूल कांग्रेस की वापसी की संभावनाएं धूमिल हो रही हैं।

झारखंड के साहिबगंज में शुरू हुआ विशेष टीकाकरण अभियान 14 साल की बेटियों को मिलेगी सुरक्षा

साहिबगंज झारखंड के साहिबगंज जिले के संयुक्त स्वास्थ्य भवन सभागार में शनिवार को सिविल सर्जन डॉ रामदेव पासवान ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जिले की 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी 14 हजार 394 बच्चियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए रविवार से एचपीवी टीका लगाया जायेगा. उन्होंने बताया कि टीका केवल उन बच्चियों को लगाया जायेगा, जिनकी आयु 15 वर्ष से अधिक नहीं है. जिले के सभी स्कूलों में अभिभावकों और शिक्षकों के साथ बैठक कर जानकारी दे दी गयी है. अभिभावकों से सहमति-पत्र भी लिया जा रहा है, जिससे बच्चियों का टीकाकरण किया जा सके. प्रिंसिपल, क्लास टीचर और अभिभावकों की उपस्थिति में ही बच्चियों को वैक्सीन दी जाएगी. कैसे किया जाएगा टीकाकरण पहले चरण में साहिबगंज जिले के आठ सीएचसी में टीकाकरण किया जायेगा. इसके लिए मॉनिटरिंग कमेटी और रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान 30 मार्च से अगले तीन माह तक चलेगा. रविवार से शुरुआत साहिबगंज नगर परिषद क्षेत्र स्थित पटेल चौक के पास एमसीएच में 29 मार्च 2026 रविवार सुबह 11 बजे डीसी हेमंत सती समेत अन्य अधिकारी एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ कर दिया है. टीकाकरण का लक्ष्य     सीएचसी बरहेट: 1551     सीएचसी बोरियो: 2181     सीएचसी पतना: 1030     अनुमंडल अस्पताल राजमहल: 2094     सीएचसी सदर: 2037     सीएचसी तालझारी: 979     सीएचसी उधवा:2251     कुल/ 14394  

सफलता की नई उड़ान बिहार बोर्ड 10वीं के नतीजों में छात्रों से आगे निकलीं छात्राएं

बिहार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने मैट्रिक (10वीं) का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बोर्ड कार्यालय से आधिकारिक रूप से नतीजे घोषित किए। इस साल कुल 12,35,743 विद्यार्थी सफल रहे हैं, जिससे कुल पास प्रतिशत 81.79% रहा। बिहार बोर्ड ने लगातार 8वीं बार देश में सबसे पहले रिजल्ट जारी कर अपना ही रिकॉर्ड कायम रखा है। ​ दो बेटियों ने किया स्टेट टॉप ​इस वर्ष मेरिट लिस्ट में लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। वैशाली की सबरीन प्रवीण और जमुई (सिमुलतला स्कूल) की पुष्पांजलि कुमारी ने संयुक्त रूप से राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। दोनों टॉपरों ने 500 में से 492 अंक हासिल किए हैं। राज्य सरकार की घोषणा के अनुसार, स्टेट टॉपर को 2 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। ​ छात्रों से आगे निकलीं छात्राएं ​एक बार फिर लड़कियों ने लड़कों को पीछे छोड़ दिया है। जहां 6,01,390 छात्र सफल हुए, वहीं सफल छात्राओं की संख्या 6,34,353 रही। टॉप-10 की सूची में इस बार जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखी गई है, जिसमें कुल 139 स्टूडेंट्स ने अपनी जगह बनाई है। इनमें से टॉप-5 में 13 विद्यार्थी शामिल हैं। मोबाइल पर ऐसे देखें परिणाम ​छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स biharboardonline.bihar.gov.in या results.biharboardonline.com पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। जिनके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, वे SMS के जरिए भी अपना स्कोर जान सकते हैं। इसके लिए मोबाइल के मैसेजिंग ऐप में BIHAR10 टाइप कर 56263 पर भेजें।

एक साथ 5000 छात्र कर सकेंगे पढ़ाई झारखंड की इस मेगा लाइब्रेरी में दिखेंगी परमवीर चक्र विजेताओं की गाथाएं

झारखंड  झारखंड की राजधानी रांची के मोराबादी में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल तेजी से आकार ले रही है. यहां पर करीब 65 करोड़ रुपये की लागत से मेगा अत्याधुनिक लाइब्रेरी बनाई जा रही है. यह लाइब्रेरी सूबे के छात्रों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आ रही है. रविवार को झारंखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इसका निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का जायजा लिया. एक साथ 5000 छात्रों के बैठने की सुविधा यह लाइब्रेरी अपने आप में बेहद खास होगी, जहां एक साथ करीब 5,000 छात्र बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे. हर फ्लोर पर मॉडर्न रीडिंग रूम बनाए जा रहे हैं, जिससे छात्रों को बेहतर और शांत वातावरण मिल सके. इसके साथ ही ग्राउंड फ्लोर पर कैफेटेरिया की सुविधा भी विकसित की जा रही है, ताकि छात्रों को पढ़ाई के बीच आराम और रिफ्रेशमेंट मिल सके. सीनियर सिटीजन्स के लिए विशेष व्यवस्था इस लाइब्रेरी की खास बात यह होगी कि इसमें हर आयु वर्ग के लोगों को सुविधा मिलेगी. पहली मंजिल पर सीनियर सिटीजन्स के लिए अलग व्यवस्था की जा रही है. इसका उद्देश्य यह है कि बुजुर्ग भी यहां आकर पढ़ें और समय बिताएं. परमवीर चक्र विजेताओं को मिलेगा सम्मान इस लाइब्रेरी को सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि प्रेरणा का केंद्र भी बनाया जा रहा है. प्रस्ताव रखा गया है कि यहां परमवीर चक्र से सम्मानित 21 वीर सपूतों के चित्र लगाए जाएं. राज्यपाल ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए निर्देश दिया है कि पूरी पहली मंजिल को इन वीरों को समर्पित किया जाए, जहां उनके शौर्य और बलिदान की कहानियां भी प्रदर्शित होंगी. जून तक पूरा होने की उम्मीद निर्माण कार्य तेजी से जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि यह लाइब्रेरी जून तक बनकर तैयार हो जाएगी. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जून या जुलाई में इसका उद्घाटन कर दिया जाए, ताकि छात्र जल्द से जल्द इसका लाभ उठा सकें. आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मिलेगा लाभ इस लाइब्रेरी को एक ट्रस्ट के माध्यम से संचालित किया जाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे छात्रों तक महंगी किताबें और संसाधन पहुंचाना है, जो आर्थिक तंगी के कारण उन्हें खरीद नहीं पाते. इससे शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर को बढ़ावा मिलेगा. कोल इंडिया और सीसीएल का अहम योगदान इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करने में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और सेंट्रल कोल फील्ड लिमिटेड (सीसीएल) का बड़ा योगदान रहा है. इनके सहयोग से यह लाइब्रेरी आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रही है. शिक्षा का नया केंद्र बनेगा मोराबादी रांची के बीचों-बीच, कई विश्वविद्यालयों के पास स्थित यह लाइब्रेरी आने वाले समय में पूरे झारखंड के छात्रों के लिए एक प्रमुख शिक्षा केंद्र बन सकती है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह पहल सिर्फ एक इमारत तक सीमित रहती है या राज्य के भविष्य को नई दिशा देने वाला ज्ञान का सबसे बड़ा हब बनती है.

इन्फ्रास्ट्रक्चर को बूस्ट: बिहार में 26 NH प्रोजेक्ट जल्द शुरू, जमीन अधिग्रहण में तेजी

पटना. राष्ट्रीय उच्च पथ (एनएच) की 26 परियोजनाओं के लिए वन विभाग की 711.92 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि केंद्र सरकार के कानून के तहत प्रतिपूरक वनीकरण की जिम्मेदारी संबंधित निर्माण एजेंसी की होगी। पथ निर्माण विभाग के सचिव के स्तर से एनएच की संबंधित परियोजनाओं की मानीटरिंग की जा रही है। पथ निर्माण विभाग के सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय उच्च पथ परियोजनाएं राज्य की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने, निवेश आकर्षित करने एवं समग्र आर्थिक विकास को गति प्रदान करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया गया है। यह बताया गया कि 711.92 हेक्टेयर वन भूमि से संबंधित प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर विधिवत अग्रसारित किया गया है। वन विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ सतत समन्वय स्थापित कर आवश्यक स्वीकृतियां शीघ्र प्राप्त करने की दिशा में ठोस पहल की गयी है। विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा कि किसी भी महत्वपूर्ण परियोजना में अनावश्यक विलंब की स्थिति उत्पन्न न हो। कुदरा में एनएच निर्माण बना मुसीबत  कैमूर जिले के कुदरा प्रखंड मुख्यालय से सकरी गांव तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) और परिवहन विभाग की लापरवाही के कारण सड़क सुरक्षा पूरी तरह सवालों के घेरे में है। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर चल रहा सिक्स लेन निर्माण कार्य पिछले कई महीनों से अधूरा पड़ा है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार कुदरा से सकरी गांव तक एनएच-19 और उसकी सर्विस सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। निर्माण कार्य के दौरान जगह-जगह गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं, लेकिन उन्हें भरने या समतल करने की दिशा में तत्परता नहीं दर्शायी जा रही है। सर्विस सड़क और उसके किनारे बने फुटपाथ भी इस हालत में हैं कि पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। स्थिति और भी गंभीर तब हो जाती है जब कई स्थानों पर बैरियर लगाकर आवागमन बाधित कर दिया जाता है। इससे वाहनों को अचानक दिशा बदलनी पड़ती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। खासकर रात के समय और बारिश में यह मार्ग और अधिक खतरनाक हो जाता है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण कार्य में हो रही देरी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाती है। लोगों का आरोप है कि न तो पर्याप्त चेतावनी संकेत लगाए गए हैं और न ही वैकल्पिक रास्तों की समुचित व्यवस्था की गई है। गौरतलब है कि कुदरा थाना क्षेत्र में हाल के दिनों में सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। ऐसे में एनएच-19 की बदहाल स्थिति और अधूरा निर्माण कार्य हादसों को और आमंत्रित कर रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराया जाए, गड्ढों को भरकर सड़क को सुरक्षित बनाया जाए तथा पर्याप्त संकेतक और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

15 अप्रैल तक नहीं पहुंचीं नई किताबें, बिहार के स्कूलों में पुरानी किताबों से ही पढ़ाई जारी

पटना. जिले के सरकारी स्कूलों में वार्षिक परीक्षा के बाद आगे की कक्षा में प्रोमोट होने वाले स्कूली बच्चों को पुरानी किताबें स्कूल में जमा करने के लिए कहा गया है। जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार, पुरानी जमा लेने के बाद नई किताबों को मिलाकर बच्चों को वितरित किया जाएगा। पुरानी किताबों की उपलब्धता नहीं होने की स्थिति में ही बच्चों को नई किताबें दी जाएंगी। जिले में कक्षा एक से आठवीं की करीब 50 हजार पुरानी किताबें वापस होने की उम्मीद है। बहुत पुरानी और फटे हुए किताब वितरित नहीं की जाएगी। उनकी जगह नई किताबें दी जाएंगी। सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से 9वीं तक की नई किताबें पहुंचनी शुरू हो गई है। पहले चरण में नया सत्र शुरू होने से पहले चार लाख 25 हजार किताबें स्कूलों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। जिले के प्राथमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों की ओर से 7,25,189 नई किताबों की मांग की गई है। विभागीय आदेश के अनुसार, बच्चों को किताबें उपलब्ध कराने के बाद स्कूलों के निरीक्षण करने वाले अधिकारी यह भी जांच करेंगे नई किताबें उपलब्ध कराई गई हैं या नहीं। इसकी की रिपोर्ट विभाग को देंगे। 15 अप्रैल तक पहुंचाने का लक्ष्य मांग की गई किताबों को 15 अप्रैल तक स्कूलों में पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि, स्कूलों में एक अप्रैल से नए सत्र की पढ़ाई प्रारंभ होगी। प्रधानाध्यापक को निर्देशित किया गया कि जब तक नई किताबें नहीं पहुंच पातीं, तब तक वे पुरानी से ही बच्चों को पढ़ाया जाएगा। जिले में कक्षा एक से आठवीं तक वर्गवार नामांकित बच्चे कक्षा     बच्चों की संख्या     किताबों की संख्या     प्रति बच्चा किताबें (औसत) कक्षा 1     46,732     41,568     0.89 कक्षा 2     60,260     50,056     0.83 कक्षा 3     68,380     59,649     0.87 कक्षा 4     76,868     66,779     0.87 कक्षा 5     79,229     67,567     0.85 कक्षा 6     67,402     57,699     0.86 कक्षा 7     64,417     53,817     0.84 कक्षा 8     64,335     52,144     0.81 कुल     5,27,623     4,49,279     0.85 कुल छात्र: 5,27,623 कुल किताबें: 4,49,279