samacharsecretary.com

नीतीश से मुलाकात के बाद सीएम सम्राट ने ललन और बिजेंद्र से की बातचीत, कैबिनेट विस्तार की संभावना पर चर्चा

 पटना बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पास करने बाद  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पूर्व सीएम और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने मु्लाकात की। एक अणे मार्ग पर स्थित सीएम आवास पहुंचे। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री और जदयू सांसद ललन सिंह भी मौजूद रहे। ये मुलाकात करीब 20 मिनट से ज्यादा चली। हालांकि क्या बात हुई। इसकी जानकारी सामने नहीं है। इस भेंट को शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रहा है। हालांकि कैबिनेट विस्तार को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। सम्राट से पहले बिजेंद्र यादव से मिले नीतीश इससे पहले आज सुबह से डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव से मिलने उनके आवास नीतीश कुमार पहुंचे थे। इन मुलाकातों को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई। और राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। आपको बता दें शुक्रवार को सम्राट चौधरी ने विधानसभा में बहुमत साबित किया है। फ्लोर टेस्ट से पहले हुई चर्चा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार को कोई नहीं हटा सकता, न तो कुर्सी से न दिल से। उनके बताए रास्ते पर चलते हुए हम बिहार को विकसित राज्य बनाएंगे। नीतीश कुमार यात्रा के दौरान ही हम लोगों की तरफ दिखलाकर कहते थे कि अब बिहार यही लोग देखेंगे। हम हैरान होते। बाद में उन्होंने हमें कहा भी कि हम दिल्ली में रहकर बिहार का हक दिलवाएंगे। बिहार की 20 सालों से नीतीश सेवा कर रहे- सम्राट सीएम ने कहा कि नीतीश कुमार 20 वर्षों से बिहार की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने सुशासन स्थापित किया, किसान, मजदूर, गरीबों को मुख्य धारा में लाया। उनके कारण सरकारी नौकरियों की बहार आई। ऐतिहासिक शराबबंदी हुई। महिला सशक्तीकरण के लिए अद्भुत काम किये। सीएम ने कहा कि भाजपा ने मुझे नेता, विपक्ष का नेता, प्रदेश अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री और फिर मुख्यमंत्री बनाया। लालू प्रसाद की पाठशाला से नहीं, उनके अत्याचारों से सीएम बना। ऐसे में वे गलतफहमी में न रहें। यह कुर्सी किसी की बपौती नहीं है।  पुनौराधाम मंदिर जाएंगे सम्राट चौधरी सीएम सम्राट चौधरी आज सीतामढ़ी स्थित पुनौराधाम मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। पूजा करने के बाद मुख्यमंत्री जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य से आशीर्वाद भी लिया । आपको बता दें 8 अगस्त 2025 को बिहार चुनाव से पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पुनौराधाम मंदिर की पहली ईंट रखी थी। भूमिपूजन के लिए 21 तीर्थों की मिट्टी और 11 नदियों का जल मंगवाया गया था। अयोध्या के हनुमानगढ़ी से ईंट भी लाई गई थी। कार्यक्रम के दौरान PM मोदी की अयोध्या में पूजा की तस्वीरें भी दिखाई गई थीं।करीब 50 एकड़ में 882 करोड़ रुपए की लागत से मां जानकी के भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा। मंदिर की ऊंचाई 156 फीट होगी, जो अयोध्या के राम मंदिर से लगभग 5 फीट कम है।

रेलवे स्टेशनों के पास सक्रिय लुटेरा गिरोह, यात्रियों में दहशत

 पटना बिहार की राजधानी पटना में सफर करना अब खतरे से खाली नहीं रह गया है। शहर में एक बार फिर 'ऑटो गैंग' का खौफनाक साया मंडराने लगा है। अपराधियों का यह गिरोह इतना शातिर है कि यात्री बनकर आपके बगल में बैठता है और मौका मिलते ही सबकुछ लूटकर फरार हो जाता है। पिछले एक महीने के भीतर पटना के विभिन्न इलाकों में इस गैंग ने आधा दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम देकर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। खासकर रेलवे स्टेशनों के आसपास इनकी सक्रियता सबसे अधिक देखी जा रही है। यात्री बनकर बैठते हैं लुटेरे इस गैंग के काम करने का तरीका बेहद चौंकाने वाला है। ये लुटेरे पहले से ही ऑटो में सवारी बनकर बैठे रहते हैं। जब कोई अकेला यात्री, खासकर महिला, ऑटो में बैठती है, तो उसे भनक भी नहीं लगती कि उसके बगल में बैठा शख्स एक अपराधी है। हालिया घटना में, पटना रेलवे स्टेशन से राजाबाजार जा रही एक महिला इसका शिकार बनी। शेखपुरा फ्लाईओवर के पास पहुँचते ही बदमाशों ने ऑटो रुकवाया और महिला के गले से सोने की चेन झपटकर भाग निकले। हैरान करने वाली बात यह है कि वारदात के बाद ऑटो चालक भी महिला से किराया लिए बगैर लुटेरों के पीछे या दूसरी दिशा में भाग निकलता है, जिससे ऑटो चालक की मिलीभगत की आशंका भी प्रबल हो जाती है। रेलवे स्टेशनों के पास बना रखा है अड्डा पटना जंक्शन, राजेंद्रनगर और पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन के पास इस गैंग ने अपना जाल बिछा रखा है। बांका के एक व्यक्ति के साथ भी ऐसी ही वारदात हुई, जो इंटरमीडिएट काउंसिल में पेपर जमा करने आए थे। राजेंद्रनगर स्टेशन के पास बदमाशों ने उनका बैग लूट लिया। पुलिस का कहना है कि ये अपराधी अक्सर देर शाम या तड़के सुबह सक्रिय होते हैं, जब सड़कों पर भीड़ कम होती है। हालांकि, जक्कनपुर थाना क्षेत्र से पिछले महीने कुछ गिरफ्तारियां हुई थीं, लेकिन गैंग के नए सदस्यों ने फिर से वारदातों का सिलसिला शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खोजबीन जारी है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यात्री दहशत में हैं। पिछले साल दिसंबर और इस साल जनवरी में भी यह गैंग काफी सक्रिय था। पुलिस अब स्टेशनों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है और यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे शेयरिंग ऑटो में बैठने से पहले सावधानी बरतें।

पटना में नशे के कफ सिरप का बड़ा नेटवर्क उजागर, 40 हजार बोतलें जब्त

पटना पटना शहर के चार इलाकों में गुरुवार रात पुलिस ने छापेमारी कर एक करोड़ 80 लाख का प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किया। यह कफ सिरप चोरी-छिपे प्रदेश के कई इलाकों में सप्लाई की जाती थी। मामले में एक ऑटो चालक और पटना सिटी में एक मकान मालिक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कुल 40 हजार बोतल कफ सिरप जब्त किया है। वहीं तीन धंधेबाज मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। ऑटो में लाई जा रही थी प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार ने बताया कि चित्रगुप्त नगर थाना को सूचना मिली थी कि एक ऑटो से प्रतिबंधित कफ सिरप ले जाया जा रहा है। इसके बाद चित्रगुप्तनगर और बहादुरपुर थाने की पुलिस ने घेराबंदी कर ऑटो को पकड़ा। बहादुरपुर से ऑटो चालक सुरेश महतो को गिरफ्तार किया गया। ऑटो से पांच कार्टन कोडीन कफ सिरप बरामद किया गया। पूछताछ में चालक ने बताया कि वह रामकृष्णानगर थाना क्षेत्र के खेमनीचक से कफ सिरप ला रहा था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने खेमनीचक और दीदारगंज में छापेमारी की, जहां से 119 कार्टन कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद किया गया। इनमें कुल 16,130 बोतलें थीं। पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने खुलासा किया है कि इस अवैध धंधे में मनजीत कुमार, नीरज कुमार, रवि समेत अन्य लोग शामिल हैं, जो कफ सिरप के परिवहन, भंडारण और बिक्री का काम करते हैं। पुलिस अब इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। पकड़े गए आरोपियों के दूसरे लिंकेज खंगाले जा रहे हैं। पूर्णिया में भी 1035 लीटर कोडिनयुक्त कफ सिरप बरामद वहीं दूसरी तरफ पूर्णिया के जलालगढ़ पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध नशीले पदार्थ के कारोबार का खुलासा किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 1035 लीटर कोडिनयुक्त कफ सिरप बरामद किया है। मौके से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया जबकि दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। गुप्त सूचना पर पुलिस का ऐक्शन पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने अनुमंडल पदाधिकारी सदर पूर्णिया द्वारा प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी की मौजूदगी में यह कार्रवाई की। अभियान का नेतृत्व जलालगढ़ थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने किया। जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने छापेमारी कर भारी मात्रा में कोडिनयुक्त कफ सिरप बरामद किया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

Jharkhand Update: लोक भवन में पदों का पुनर्गठन, 40 नई पोस्ट बढ़ाने का प्रस्ताव कैबिनेट में

रांची. झारखंड में राज्यपाल सचिवालय एवं उनके आवासीय कार्यालय के स्वरूप में बदलाव की तैयारी चल रही है। तैयारियों के अनुसार लोकभवन में वर्तमान में सृजित कई पदों की उपयोगिता अब नहीं रह गई है और इसी कारण से इन पदों को प्रत्यर्पित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त नए प्रकार के कार्यों के लिए नए पद भी सृजित करने की तैयारी है। लोकभवन से इस संदर्भ में एक प्रस्ताव मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग पहुंचा हैं और माना जा रहा है कि कैबिनेट की अगली बैठक में इस पर कोई निर्णय लिया जा सकता है। लोकभवन की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार राज्यपाल सचिवालय में बढ़े हुए कार्यों को देखते हुए कर्मियों को बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है। यहां पूर्व की तुलना में अधिक विधेयक पारित होने के कारण कर्मियों की कमी महसूस की जा रही है। वर्ष 2001 में प्रति वर्ष 5-6 विधेयक ही पारित होते थे लेकिन, अब इनकी संख्या पांच से छह गुना तक बढ़ी है। इसी तरह से राज्य के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित कार्य बढ़ने से कर्मियों की कमी महसूस की जा रही है। बताया गया है कि 2001 में विश्वविद्यालयों की संख्या महज छह थी। जनशिकायत, विवेकाधीन अनुदान आदि से संबंधित मामले भी लोकभवन में बढ़े हैं। इसके अलावा दुमका कार्यालय और मदरा मुंडा राजकीय अतिथिशाला के संचालन को लेकर भी कर्मियों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। नए पदों की स्वीकृति से 74 लाख का बढ़ेगा व्यय झारखंड में लोकभवन और इससे जुड़े सचिवालय में पूर्व से स्वीकृत पदों की संख्या 153 है। इनमें से 82 पदों को प्रत्यर्पित करने की तैयारी कर ली गई है। इनकी जगह पर 122 नए पद स्वीकृत किए जाएंगे। इस प्रकार कर्मियों की संख्या में 40 की बढ़ोतरी होगी। यही कारण है कि अब लोकभवन और इससे जुड़े सचिवालय में कुल पदों की संख्या बढ़कर 193 हो जाएगी। पदों की संख्या बढ़ने से लोकभवन में इस मद में निर्धारित खर्च की राशि में भी बड़ा अंतर देखने काे मिलेगा। कैबिनेट तक पहुंचे प्रस्ताव के अनुसार वर्तमान में इन पदों के एवज में राज्य सरकार 2.55 करोड़ रुपये प्रति वर्ष व्यय करती है और वर्तमान में हुए बदलाव के बाद राज्य सरकार को वेतन मद में 3.29 करोड़ रुपये व्यय करने होंगे। इस प्रकार राज्य सरकार पर 74.19 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा। इसको लेकर लोकभवन सचिवालय की ओर से जारी प्रस्ताव पर मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में चर्चा होगी।

बयानबाजी पर बढ़ा विवाद, पूर्व मंत्री ने विधायक पर लगाए गंभीर आरोप

 गढ़वा झारखंड के गढ़वा जिले में राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया है. सूबे के पूर्व मंत्री और झामुमो के केंद्रीय महासचिव मिथिलेश ठाकुर ने भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी एफआईआर दर्ज कराई है. इसके बाद जिले की राजनीति को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है. विधायक पर गंभीर आरोप पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने गढ़वा शहर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने सार्वजनिक मंच से उनके खिलाफ अपमानजनक और अमर्यादित टिप्पणी की है. उनके अनुसार, विधायक ने उन्हें “डकैती करने वाला”, “जमीन लूटने वाला” और “कमीशन खाने वाला” जैसे शब्दों से संबोधित किया. साथ ही, उनके पैतृक गांव और पिता को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कही गईं. प्रेस वार्ता के दौरान दिया गया बयान आवेदन में बताया गया है कि यह घटना 22 अप्रैल 2026 की है, जब विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी गढ़वा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. आरोप है कि इसी प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने जानबूझकर पूर्व मंत्री की छवि खराब करने के उद्देश्य से ऐसे बयान दिए. मिथिलेश ठाकुर का कहना है कि यह केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की साजिश है. पुलिस को सौंपा गया वीडियो फुटेज शिकायत के समर्थन में पूर्व मंत्री की ओर से पुलिस को वीडियो फुटेज भी सौंपा गया है. इस वीडियो में कथित तौर पर विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी विवादित बयान देते हुए नजर आ रहे हैं. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. अमर्यादित भाषा स्वीकार्य नहीं: मिथिलेश ठाकुर मिथिलेश ठाकुर ने स्पष्ट कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी भी नेता को इस तरह की अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि उनकी छवि को जानबूझकर धूमिल करने का प्रयास किया गया है, जिसे वह किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया के जरिए सच्चाई सामने लाने की बात कही. बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव इस मामले के बाद गढ़वा की राजनीति में टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं. झामुमो और भाजपा के बीच पहले से मौजूद राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अब व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप में बदलती दिख रही है. आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, जिससे स्थानीय राजनीति पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है.

खगड़िया में महिला दारोगा पर गिरी गाज, वर्दी में रील बनाना पड़ा भारी

पटना बिहार पुलिस में सोशल मीडिया और रील बनाने का क्रेज रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला खगड़िया जिले से सामने आया है, जहाँ एक महिला सब-इंस्पेक्टर को पुलिस मुख्यालय के सख्त आदेशों की धज्जियां उड़ाना भारी पड़ गया है। परबत्ता थाने में तैनात महिला दरोगा निशा कुमारी का वर्दी पहनकर फिल्मी गानों पर रील बनाना अब उनके करियर के लिए मुसीबत बन गया है। वीडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और अब उन पर निलंबन की नौबत आ गई है। मुख्यालय के आदेश को दिखाया ठेंगा बता दें कि बिहार पुलिस मुख्यालय ने हाल ही में एक लिखित आदेश जारी किया था, जिसमें स्पष्ट कहा गया था कि कोई भी पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान या वर्दी पहनकर रील, वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं करेगा। इसके पीछे का मकसद पुलिस की छवि को गंभीर बनाना और अनुशासन बनाए रखना था। लेकिन दरोगा निशा कुमारी पर इन आदेशों का कोई असर नहीं दिखा। उन्होंने न केवल रील बनाई, बल्कि उन्होंने फिल्मी गानों पर टशन दिखाते हुए कई वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘इंस्टाग्राम’ अकाउंट पर शेयर किए। सोशल मीडिया से वीडियो डिलीट किया जैसे ही दरोगा साहिबा की रील सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हुई, इसकी भनक गोगरी एसडीपीओ साक्षी कुमारी को लग गई। अधिकारियों के तेवर देख निशा कुमारी ने आनन-फानन में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से सभी वीडियो डिलीट कर दिए। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और वीडियो के स्क्रीनशॉट्स व क्लिप्स अधिकारियों तक पहुँच चुके थे। एसडीपीओ साक्षी कुमारी ने इस मामले को अनुशासनहीनता का गंभीर मामला मानते हुए दरोगा से जवाब-तलब किया है। एसपी की रिपोर्ट के बाद बढ़ेगी मुश्किलें गोगरी एसडीपीओ साक्षी कुमारी ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पुलिस की वर्दी की एक गरिमा होती है और उसे ठेस पहुँचाने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने बताया कि महिला सब-इंस्पेक्टर निशा कुमारी को कड़ी हिदायत दी गई है। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि जिले के एसपी के वापस लौटते ही उन्हें विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी और जिसके बाद विभागीय कार्रवाई के तहत सस्पेंशन या अन्य बड़ी सजा मिल सकती है।

झारखंड धार्मिक न्यास बोर्ड ने पहाड़ी मंदिर समिति का किया पुनर्गठन, विकास कार्यों को मिलेगी गति

 रांची झारखंड के रांची में स्थित पहाड़ी मंदिर समिति का पुनर्गठन किया गया.  झारखंड राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड द्वारा रांची के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर की नई समिति का गठन किया गया है. इस नई कमेटी में श्री शिव बारात आयोजन महासमिति के संस्थापक अध्यक्ष राजेश कुमार साहू को एक बार फिर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है. उन्हें आगामी पांच सालों के लिए समिति में अपना योगदान देने का अवसर दिया गया है. सदस्यों में प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी समिति के अध्यक्ष पद पर न्यायाधीश एस० एन० पाठक को नियुक्त किया गया है. वहीं विशेष आमंत्रित सदस्यों में सांसद, विधायक, रांची उपायुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक, सदर अनुमंडल पदाधिकारी सहित विजय पाठक को शामिल किया गया है. विकास और सौंदर्यीकरण को मिलेगी गति समिति के सदस्यों ने राजेश कुमार साहू को इस नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। साथ ही उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व और अनुभव से पहाड़ी मंदिर के विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों को नई गति मिलेगी और यह ऐतिहासिक धरोहर और भी भव्य रूप में सामने आएगी.

जेपीएससी JET परीक्षा में सख्त सुरक्षा व्यवस्था, बायोमेट्रिक और आईरिस वेरिफिकेशन लागू

 रांची  राज्य में झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) लगभग 18 वर्ष बाद रविवार को आयोजित होगी। झारखंड लोक सेवा आयोग ने इस परीक्षा के लिए छह जिलों रांची, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, हजारीबाग तथा देवघर में कुल 435 केंद्र बनाए हैं। साथ ही परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी व कदाचार रोकने के लिए पुख्ता तैयारी की है। परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक तथा आइआरआइएस वेरिफिकेशन की भी व्यवस्था की गई है। इस परीक्षा के माध्यम से राजकीय विश्वविद्यालयों व उसके अंगीभूत कालेजों में सहायक प्राध्यापक के पदों पर अभ्यर्थियों की नियुक्ति की पात्रता तय होगी तथा पीएचडी में नामांकन होगा। यह परीक्षा एक पाली में सुबह 10 बजे से अपराह्न एक बजे तक आयोजित होगी। दो पत्रों की यह परीक्षा ओएमआर शीट पर होगी, जिसमें वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। पहले पत्र में शिक्षण व शोध क्षमता पर 50 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा। इसी तरह, दूसरा पत्र संबंधित विषय का होगा, जिसमें 100 प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें भी प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा। इस तरह पहला पत्र 100 तथा दूसरा पत्र 200 अंकों का होगा। इसमें निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। यह परीक्षा कुल 43 विषयों में आयोजित होगी। बताते चलें कि आयोग ने इस परीक्षा के लिए सात मार्च 2024 को ही इसके शीघ्र विज्ञापन जारी होने की सूचना प्रकाशित की थी। इसके लगभग डेढ़ वर्ष बाद इसका विज्ञापन निकला तथा 16 सितंबर 2025 से आनलाइन आवेदन लिए गए थे। राज्य में इससे पहले झारखंड पात्रता परीक्षा वर्ष 2007-08 में आयोजित हुई थी, जो काफी विवादित हुई थी। कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश आयोग ने परीक्षार्थियों को कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। साथ ही परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र, उपस्थिति पत्रक, वैध फोटोयुक्त पहचान पत्र तथा दो पासपोर्ट साइज का रंगीन फोटो अनिवार्य रूप से लाने को कहा गया है।  

35 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस,ईडी की गवाही पर तेज हुई ट्रायल प्रक्रिया

रांची झारखंड टेंडर कमीशन घोटाले की करीब 35 करोड़ राशि की मनी लाउंड्रिंग में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम समेत अन्य से जुड़े मामले में डे-टू-डे सुनवाई शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आलोक में मामले की डे-टू-डे ट्रायल शुरू हो चुका है। 21 अप्रैल से जारी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाहों का बयान दर्ज किया जा रहा है। साथ ही गवाह ईडी द्वारा जब्त कई महत्वपूर्ण दस्तावेज की पहचान साक्ष्य के रूप में करवायी जा रही है। एग्रीमेंट, बैंक खाते का स्टेटमेंट, रजिस्ट्री डीड समेत अन्य दस्तावेज शामिल हैं। सुनवाई के दौरान जेल में बंद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, संजीव लाल और जहांगीर आलम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाता है। अन्य आरोपियों की ओर से वकील उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। यह मामला उस चर्चित 35 करोड़ रुपये की नकद बरामदगी से जुड़ा है, जो ईडी की छापेमारी के दौरान सामने आई थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में कमीशनखोरी के जरिए अवैध धन अर्जित कर उसे ठिकाने लगाया गया। बता दें कि इस मामले में ईडी ने पूछताछ के दौरान 15 मई 2024 को गिरफ्तार किया था, तब से वह जेल में है। मामले में ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम समेत अन्य ट्रायल फेस कर रहे हैं। 11 तक महत्वपूर्ण गवाहों की करानी है गवाही सुप्रीम कोर्ट में पिछले दिनों आलमगीर आलम और संजीव लाल की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दोनों को जमानत देने से इनकार किया गया। साथ ही ईडी को निर्देश दिया गया कि चार सप्ताह के अंदर महत्वपूर्ण गवाहों की जांच पूरी करें। इसी आदेश के आलोक में त्वरित सुनवाई प्रारंभ की गई है।

झारखंड में नई पहल,बंजर जमीन पर लगेगा सोलर प्लांट, सरकार खरीदेगी बिजली

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि खेतों का उपयोग केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखते हुए खाली जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन करें। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कम अवधि के लिए खेती की जाने वाली जमीन या बंजर भूमि पर ग्रामसभा के माध्यम से सामूहिक सोलर खेती करें। सरकार उत्पादित बिजली की खरीदारी करेगी। इस पहल से ग्रामीणों की आय में जहां वृद्धि होगी, वहीं वे समृद्ध-आत्मनिर्भर बन सकेंगे। सीएम सोरेन शुक्रवार को रांची के खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह सह मुखिया सम्मेलन (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल) को संबोधित कर रहे थे। सिंचाई के लिए नई तकनीक का हो रहा इस्तेमाल सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लिफ्ट इरिगेशन जैसी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें संताल परगना में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। भविष्य में इन योजनाओं को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। सीएम ने यह भी कहा कि समग्र विकास व ग्रामीण सशक्तीकरण की दिशा में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। आप सभी ऐसे लोग हैं, जो ग्रामीणों के सबसे करीब रहते हैं। आप सभी ग्राम पंचायत व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं। आपकी कार्यकुशलता से ही राज्य के सर्वांगीण विकास का रास्ता तय हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य-देश का विकास तभी होगा, जब गांव का विकास होगा। गांव राज्य की जड़ हैं। जब जड़ें मजबूत होंगी, तभी पेड़ मजबूत होगा। गांवों को मजबूत करने की दिशा में उनकी सरकार निरंतर सकारात्मक कार्य कर रही है। सीएम ने कहा कि राज्य में पंचायत सेवकों से लेकर उच्च अधिकारियों तक एक सशक्त प्रशासनिक ढांचा कार्य कर रहा है, वहीं पंचायत से लेकर मुख्यमंत्री तक जनप्रतिनिधियों की एक समानांतर व्यवस्था है। इन दोनों के समन्वय से ही विकास की गति तेज होगी। पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना परिवर्तनकारी पहल मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना’ की शुरुआत की गई है। यह योजना केवल एक पुरस्कार योजना नहीं है बल्कि यह एक परिवर्तनकारी पहल है जिसका उद्देश्य ग्रामीण सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाना तथा पंचायतों को नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यो के लिए प्रेरित करना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से विकास की गति को तेज किया जा सकता है। ग्रामीण स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।