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बिहार के 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में होगी अब सिजेरियन डिलेवरी

समस्तीपुर. बिहार में अब 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में सिजेरियन प्रसव की सुविधा मिलेगी। इसमें समस्तीपुर के चार सीएचसी शामिल हैं। राज्य स्वास्थ्य समिति के अपर कार्यपालक निदेशक कुमार गौरव ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। अभी तक ऑपरेशन केवल सदर अस्पताल एवं चिह्नित रेफरल अस्पताल में ही होता है। इस वजह से ग्रामीण क्षेत्र की अधिकतर महिलाओं को प्राइवेट में मोटी रकम देकर सिजेरियन कराना पड़ रहा था। नई व्यवस्था लागू होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सिजेरियन प्रसव के लिए ऑपरेशन थिएटर, प्रसव कक्ष, जीवनरक्षक उपकरण, ब्लड स्टोरेज यूनिट तथा प्रशिक्षित चिकित्सकीय टीम की व्यवस्था की जा रही है। स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट व शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा तथा मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में भी मदद मिलेगी। विदित हो कि बिहार में कम से कम 216 एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) को क्रियाशील किया जाना है। अभी तक 120 एफआरयू ही क्रियाशील है। जिला योजना समन्वयक डॉ. आदित्य नाथ झा ने बताया कि चरणबद्ध तरीके से स्वास्थ्य संस्थानों में सिजेरियन प्रसव सेवा शुरू की जा रही है। इससे न केवल संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। इन स्वास्थ्य संस्थानों का किया गया चयन समस्तीपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उजियारपुर, मोहिउद्दीनगर, रेफरल अस्पताल ताजपुर एवं अनुमंडलीय अस्पताल पूसा का चयन किया गया है। इसके अलावा दरभंगा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केउटी रनवे, पश्चिम चंपारण के रेफरल अस्पताल गुनहा, पूर्वी चंपारण के अनुमंडलीय अस्पताल अरेराज का सलेक्शन हुआ है। वैशाली जिले के सीएचसी भगवानपुर व गरौल, गया के सीएचसी बेलागंज व बाराचट्टी, बांका के सीएचसी बेलहर, सारण के परसा, सिवान के मैरवा, बक्सर के अनुमंडलीय अस्पताल डुमराव, गोपालगंज के बैकुंठपुर, जहानाबाद के हुलासगंज, कटिहार के अनुमंडलीय अस्पताल मनिहारी, खगड़िया के गोगरी, सुपौल के रेफरल अस्पताल राघोपुर का चयन किया गया है। सूबे के 271 एचडब्लूसी में डीएमयू की होगी स्थापना राज्य के 271 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में भाव्या प्रणाली के तहत डेटा मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना होगी। इससे प्रत्येक केंद्र में पर एक-एक डेटा आपरेटर की तैनाती होगी। इसके संचालन से ऑनलाइन ओपीडी रजिस्ट्रेशन, स्कैन एंड शेयर, दवा वितरण, आईपीडी इत्यादि कार्य शुरू होंगे। राज्य स्वास्थ्य समिति के विशेष कार्य पदाधिकारी प्रिय रंजन राजू ने मेसर्स उर्मिला इंटरनेशनल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड को डीएमयू की स्थापना कर संचालित करने के लिए अधिकृत किया है। समस्तीपुर जिले में 23 एचडब्लूसी का चयन किया गया है। इसमें सिंघिया के एपीएचसी अकौना, माहे व महरा, सरायरंजन के अख्तियारपुर, रोसड़ा के बैद्यनाथपुर, मोहिउद्दीनगर के कुरसाहा व बाकरपुर, दलसिंहसराय के बंघारा, पूसा के बथुआ, बिथान के पुसहो व बिथान बाजार जगमोहरा, वारिसनगर के डरसुर, पूसा के गंगापुर, मोहनपुर के जलालपुर, शिवाजीनगर के जानकी बाजार व कामेश्वरनगर, विद्यापतिनगर के कांचा, मोरवा के रघुनाथपुर, ताजपुर के मानपुरा व शादीपुर, पटोरी के शिउरा, विभूतिपुर के टेकना, हसनपुर के मंगलगढ़ शामिल है।

कटिहार में 300 दुकानें जलकर खाक

कटिहार. बिहार के कटिहार में रविवार शाम कुरसेला हाट में अचानक लगी भीषण आग से 300 से अधिक दुकानें जलकर स्वाहा हो गईं। इस हादसे में करीब 6 से 7 करोड़ रुपये की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है। इतने बड़े नुकसान के बाद स्थानीय दुकानदारों पर गहरा संकट मंडराने लगा है। कई दुकानदार ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर या बंधन बैंक समेत अन्य संस्थानों से लोन लेकर अपनी छोटी-छोटी दुकानें शुरू की थीं। वे रोज की कमाई से परिवार का खर्च चलाने के साथ हर सप्ताह किस्त जमा करते थे। अब दुकानें जल जाने के बाद आय का एकमात्र साधन खत्म हो गया है। ऐसे में साप्ताहिक लोन की किस्त चुकाना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पीड़ित दुकानदार प्रशासन से जल्द मुआवजा और आर्थिक सहायता की मांग कर रहे है। ताकि वे दोबारा अपना रोजगार शुरू कर सकें। हर तरफ बर्बादी के निशां कुरसेला का नया हाट, चारों तरफ राख व गिरे पड़े मलबे, कहीं-कहीं राख से उठता धुआं और मायूस चेहरे के साथ ताकते लोग, अगलगी के बाद सोमवार को हर तरफ बर्बादी ही बर्बादी के निशा दिख रहे थे। कोई रो रहा था तो माथा पीट रहा था। कोई सिर झटक अपने आप को दिलासा देने की कोशिश कर रहा तो किसी के जुबान पर ताले पड़े थे। जुबान बंद पर आंखें आंसूओं से भरे थे। यह तस्वीर कुरसेला के हाट में आम था। कुरसेला प्रखंड क्षेत्र के नगर पंचायत अंतर्गत शहर के बीचो-बीच हृदयस्थली में बसा हुआ दुर्गा हाट आग से पूरी तरीके से जमींदोज हो चुका है। अलग-अलग दुकान संचालित करने वाले दुकानदार किसी तरह आग के मलबों पर बैठकर अपने अरमानों को जलता हुआ देख रहे थे। लगन की खुशी मातम में बदली दुकानदार राजू भगत, मुन्ना गुप्ता, टिंकू साह, सनी जयसवाल, कुंदन शर्मा आदि ने बताया कि उनके आजीविका का एकमात्र साधन दुकान था। जिससे विगत कई वर्षों से उनका जीवन-यापन होता आया था। अब ना तो जीने का सहारा बचा है और ना ही आजीविका का साधन। निराश, हताश, मासूम चेहरे धुएं के गुबार के बीच अपने अरमानों को भी जलता हुआ देख अपने आंसू रोक नहीं पा रहे थे। सोनू, अशोक साह, सुबोध कुमार साह, रंजीत चौधरी आदि ने बताया कि लगन शुरु होने वाला है। इसलिए कर्ज पर पैसा उठाकर दुकानों में सामान भरे थे। अब सब कुछ जलकर राख हो गया। नहीं पता कैसे कर्ज उतरेगा और कैसे परिवार जिएगा। आग से साथ सारी योजनाएं जल गई। बताया जाता है कि यह हाट लगभग 20 किलोमीटर की परिधि के ग्रामीण क्षेत्र के लिए प्रमुख बाजार केंद्र है।

मैट्रिक एग्जाम शुरू: बिहार बोर्ड के 15 लाख विद्यार्थी आज से परीक्षा में शामिल

पटना  बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित मैट्रिक (10वीं) की परीक्षा आज से पूरे राज्य में शुरू हो गई है. इस साल परीक्षा को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं और इसे कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच आयोजित किया जा रहा है. इस साल मैट्रिक परीक्षा के लिए कुल 15 लाख 12 हजार 687 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इनमें 7 लाख 85 हजार 726 छात्राएं और 7 लाख 26 हजार 961 छात्र शामिल हैं. पूरे बिहार में परीक्षा के लिए 1699 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है. दो पालियों में होगी परीक्षा पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी. परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले शुरू हो जाएगा और परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे. सुबह 8:30 बजे से शुरू होगा छात्रों का प्रवेश  पहली पाली के लिए छात्रों का प्रवेश सुबह 8:30 बजे से शुरू हो गया है और उन्हें सुबह 9 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. वहीं, दूसरी पाली के परीक्षार्थियों का प्रवेश दोपहर 1 बजे से शुरू होगा और 1:30 बजे तक ही उन्हें अंदर जाने दिया जाएगा. इसके बाद किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं मिलेगा. पटना जिले में भी परीक्षा को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है. यहां कुल 71 हजार 22 परीक्षार्थियों के लिए 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. सभी केंद्रों पर प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से निगरानी की जा रही है, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके.  समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह बोर्ड ने परीक्षार्थियों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी है, ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. साथ ही परीक्षा केंद्रों पर सख्त नियम लागू किए गए हैं और बिना एडमिट कार्ड के किसी भी छात्र को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है.बिहार बोर्ड की यह परीक्षा छात्रों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, इसलिए छात्र पूरी तैयारी और अनुशासन के साथ परीक्षा में शामिल हो रहे हैं.

बिहार में नई इंडस्ट्रियों के लिए ऊर्जा विभाग ने की 838 मेगावाट बिजली रिजर्व

पटना. बिहार में नए उद्योग लगाने को लेकर सरकार की तरफ से कई योजनाएं लाई जा रही हैं. अगर राज्य में नए उद्योग स्थापित होंगे तो उसके लिए बिजली की भी जरूरत होगी. ऐसे में बिहार के नए इंडस्ट्रियों के लिए 838 मेगावाट की बिजली रिजर्व की गई है. जानकारी के मुताबिक, सरकार की तरफ से उद्योगपतियों के साथ समझौते भी किए जा रहे हैं. क्या कहना है बिजली कंपनी के अधिकारियों का? बिजली कंपनी मुख्यालय के अधिकारियों की माने तो, इस साल लगभग 9602 मेगावाट की बिजली डिमांड की जा सकती है. राज्य में लगने वाले इंडस्ट्रियों को स्मूथ बिजली मिले, इसको लेकर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइन का विस्तार करने पर ध्यान दिया जा रहा है. अभी की बात करें तो, 175 ग्रिड उपकेंद्रों से बिजली सप्लाई के लिए 21,165 किलोमीटर का ट्रांसमिशन नेटवर्क है. इसकी क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 16 नए ग्रिड उपकेंद्र का निर्माण जारी है. 2026-27 में बिजली की उपलब्धता जानकारी के मुताबिक, ज्यादातर बड़े इंडस्ट्रियों में 33 केवी और 11 केवी पर बिजली की सप्लाई की जाती है. इसके लिए ट्रांसमिशन लाइन की नेटवर्क क्षमता को बढ़ाने पर काम किया जा रहा है. इसके साथ ही साल 2025-26 में बिजली की उपलब्धता 9237 मेगावाट थी, जो साल में 2026-27 में बढ़कर 10,440 मेगावाट हो गई है. इन जगहों से मिल रही ज्यादातर बिजली जिन जगहों से बिजली की मुख्य रूप से आपूर्ति हो रही है, उनमें एनटीपीसी (6996 मेगावाट), लखीसराय के कजरा (185 मेगावाट) और चौसा भी शामिल है. राज्य में बिजली की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चौसा बिजली घर के दूसरे यूनिट को चालू किया जाएगा. इसके साथ ही नवीनगर स्टेज-2 के तीन नए यूनिट का निर्माण और पीरपैंती में भी निर्माण कार्य तेजी से जारी है. 

नीतीश सरकार ने 25 लाख महिलाओं के खातों में किए ₹2,500 करोड़ ट्रांसफर

पटना. बिहार में महिला सशक्तिकरण को नई राजनीतिक और आर्थिक धार देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को 25 लाख महिलाओं के खातों में ₹10-10 हजार की राशि ट्रांसफर की। कुल ₹2,500 करोड़ की यह मदद महिला रोजगार योजना के तहत सीधे बैंक खातों में भेजी गई। कार्यक्रम मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित हुआ, जहां कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। सरकार ने इसे केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता अभियान का हिस्सा बताया। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए राशि सीधे लाभुकों तक पहुंचाई गई। इस कदम को आगामी चरणों की बड़ी तैयारी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार के अनुसार योजना का उद्देश्य महिलाओं को छोटे व्यवसाय से जोड़ना है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उन्हें पूंजी उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का संचालन मुख्य रूप से जीविका नेटवर्क के जरिए हो रहा है। ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर आय के स्थायी स्रोत तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अब तक राज्य में 1.5 करोड़ से अधिक महिलाओं को ₹10 हजार की सहायता मिल चुकी है। अब अगला लक्ष्य ₹2 लाख तक की सहायता सरकार अगले चरण में पात्र महिलाओं को ₹2 लाख तक की सहायता देने की तैयारी में है। हालांकि इस बार प्रक्रिया को और सख्त बनाया गया है। राशि वितरण से पहले वार्ड स्तर पर विस्तृत जांच अनिवार्य होगी। राज्य के 3398 वार्डों में विशेष कर्मियों की तैनाती की जाएगी। ये कर्मी आवेदन, दस्तावेज और पात्रता का भौतिक सत्यापन करेंगे। सरकार का कहना है कि पारदर्शिता से ही योजना की विश्वसनीयता बनी रहेगी। समयबद्ध अभियान, तय डेडलाइन के साथ पूरी प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सभी वार्डों से सत्यापित आवेदन जीविका को सौंपे जाएंगे। अंतिम तिथि 15 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन प्रक्रिया को कुल नौ चरणों में पूरा किया जाएगा। सरकार इसे रोजगार विस्तार और महिला उद्यमिता से जोड़कर देख रही है। दावा है कि इससे राज्य में स्वरोजगार आधारित आर्थिक मॉडल को मजबूती मिलेगी।

IGIMS अस्पताल में शुरू हुई डिजिटल हेल्थकेयर सुविधा, AI करेगा मरीजों की जांच

पटना पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में मरीजों को बेहतर और सटीक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। अब अस्पताल में मरीजों के सटीक उपचार के लिए एआई आधारित जांच और इलाज की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। IGIMS में रोबोटिक्स फिजियोथेरेपी की शुरुआत अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि हाल ही में संस्थान में 164 बेड के आई हॉस्पिटल का निर्माण किया गया है। इसके अलावा मरीजों के लिए रोबोटिक्स फिजियोथेरेपी सेवा शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि रोबोटिक्स तकनीक के माध्यम से जनरल सर्जरी, यूरो सर्जरी, ऑन्को सर्जरी, गायनी सर्जरी समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इससे जटिल सर्जरी अधिक सटीकता और कम समय में संभव हो सकेगी। 1200 बेड का मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल निर्माणाधीन राजधानी के प्रमुख अस्पतालों में शामिल इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में 1200 बेड का मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल भी निर्माणाधीन है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस वर्ष दिसंबर तक इस नए अस्पताल की शुरुआत कर दी जाएगी। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, निर्माणाधीन अस्पताल में अत्याधुनिक आईसीयू और इमरजेंसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे मरीजों को उन्नत और बेहतर उपचार मिल सकेगा। वर्तमान में 1700 बेड की सुविधा संस्थान में वर्तमान में लगभग 1500 से 1700 बेड की सुविधा उपलब्ध है। हाल ही में 500 बेड वाले नए अस्पताल भवन का उद्घाटन किया गया है। इसमें फिलहाल 100 बेड पर मरीजों का इलाज शुरू हो चुका है, जबकि शेष 400 बेड को भी जल्द ही चालू करने की तैयारी है। इन सुविधाओं के शुरू होने से मरीजों को सभी प्रकार की चिकित्सीय सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकेंगी।

रांची हेल्थॉन 2026 हाफ मैराथन के अमरदीप और बिरसी बने चैंपियन

रांची. सुबह के 5 बजे से ही मोरहाबादी मैदान में कदमों की थाप और जोश की लहरें गूंजने लगीं। वजह थी दैनिक जागरण आईनेक्स्ट की ओर से आयोजित हेल्थॉन 2026 हाफ मैराथन। सूरज की पहली किरण के साथ हजारों धावक- युवा, बुजुर्ग, प्रोफेशनल रनर्स से लेकर आम फिटनेस लवर तक एक साथ मैदान पर उतर आए। यह सिर्फ दौड़ नहीं थी, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता का महोत्सव था, जहां हर कदम ने संदेश दिया- फिट रहो, जिंदगी जियो। झारखंड की शान मिस यूनिवर्स झारखंड 2025 रिया तिर्की ने किया धमाकेदार फ्लैग-ऑफ। अपनी खूबसूरती और आत्मविश्वास से रिया ने सभी धावकों का हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम में काफी देर तक रहीं और कहा, यह पहल कमाल की है। हर किसी को अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहना चाहिए। रेगुलर एक्सरसाइज से जिंदगी बदल सकती है। रिया के अलावा रांची म्यूनिसिपल कमिश्नर आईएएस सुशांत गौरव, अडानी एसीसी के रीजनल ट्रेड सेल्स मैनेजर अंजन मंडल, कृष्णा कच्ची घानी मस्टर्ड आयल के डिप्टी मैनेजर अरुण गुप्ता, दैनिक जागरण के जीएम पारितोष झा, आईनेक्स्ट के डिप्टी एडिटर सौरभ सुमन, संपादकीय प्रभारी नदीम अख्तर भी इस उत्सव में शामिल रहे। चार कैटेगरी में हजारों ने रचा इतिहास  टोप्पो होटल से यूटर्न वाली इस रोमांचक दौड़ में सुबह 6:25 बजे 21 किमी की हाफ मैराथन शुरू हुई। उसके 5 मिनट बाद 10 किमी, फिर 5 किमी और आखिर में 2 किमी फन रन के धावक मैदान पर छा गए। पूरा रास्ता ऊर्जा, हंसी और प्रेरणा से भरा रहा। विजेताओं की चमकती ट्रॉफी और गर्व भरी जीत   21 किमी बॉयज में अमरदीप उरांव ने बाजी मारी—1 घंटा 13 मिनट 24 सेकंड में फिनिश। देवी दयाल कसना दूसरे और अनूप उरांव तीसरे रहे।   21 किमी गर्ल्स में बिरसी कुमारी ने कमाल किया—1 घंटा 31 मिनट 11 सेकंड। सुमन दूसरे और आरती कुमारी तीसरे स्थान पर रहीं।   10 किमी बॉयज में सतीश कुमार महतो पहले, हेमंत कुमार महतो दूसरे, सुरेश उरांव तीसरे रहे।   10 किमी गर्ल्स में सीमा कुमारी पहले, अंजू कुमारी दूसरे, प्रज्ञा नीलम तीरू तीसरे स्थान पर रहीं।   5 किमी बॉयज में राजू कुमार पहले, प्रकाश मुंडा दूसरे, करण पाहन तीसरे रहे।   5 किमी गर्ल्स में रीतू कुमारी टॉप पर, दीपा पासवान और सीखा मंडी क्रमशः दूसरे-तीसरे स्थान पर रहीं। हर विजेता को पुरस्कार और सम्मान से नवाजा गया। यह दौड़ सिर्फ स्पीड की नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति, एकजुटता और स्वस्थ जीवन की जीत थी।

जीविका दीदी ने CM नीतीश कुमार को सुनाई रियल स्टोरी

मुजफ्फरपुर. बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड के मोहद्दीपुर की रहने वाली चंदू भारती ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सोमवार को लाइव संवाद किया। यह कार्यक्रम समाहरणालय सभागार में आयोजित किया गया था। चंदू भारती ने जीविका से जुड़ने के बाद अपने जीवन में आए बदलाव की चर्चा की। उन्होंने मुख्यमंत्री को नीतीश भैया कहकर संबोधित किया। उन्होंने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं। नल जल योजना का लाभ मिला, बच्चों को नियमित पोशाक की राशि मिल रही है। दस हजार रुपये उन्हें पिछली बार मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिले थे। उन्होंने इसमें कुछ राशि मिलाकर गाय खरीदी और अब इससे रोजगार कर रही हैं। उनका सपना है कि इस योजना से दो लाख रुपये मिलेंगे तो इससे सिलाई सेंटर अपने दरवाजे पर खोलेंगी। जीविका दीदी ने सीएम को दिया धन्यवाद कार्यक्रम के दौरान सकरा प्रखंड के महदीपुर निवासी जीविका दीदी चंदू भारती ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री के समक्ष अपना अनुभव साझा किया। सीएम को भैया संबोधित करते हुए इस योजना को महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने वाली पहल बताया और सभी जीविका दीदियों की ओर से धन्यवाद दिया। चंदू भारती ने कहा कि सरकार की इस पहल से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। वे अब अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इस योजना से हमारे जैसे लोगों को बहुत फायदा हुआ है इस योजना से गांव की महिलाओं की स्थिति सुधर रही है। पहले से ज्यादा सशक्त बन रही हैं। अब हमलोग दूसरों के बारे में सोच रहे हैं। पहली बार 10 हजार रुपए मिला तो उसमें कुछ अपना पैसा मिलाकर गाय खरीदी। इससे रोजगार कर रही हूं। 2 लाख रुपए मिलने पर अपने घर पर ही सिलाई सेंटर खोलने की योजना है। यहां गांव की महिलाओं को ट्रेनिंग देकर उन्हें रोजगार मुहैया कराने की कोशिश रहेगी। महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक जीवन में परिवर्तन जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने सभी जीविका दीदियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के माध्यम से महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक जीवन में व्यापक परिवर्तन आया है। पहले जो महिलाएं केवल लाभार्थी के रूप में देखी जाती थीं, आज वे सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। वे न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराकर सामूहिक सशक्तिकरण की मिसाल कायम कर रही हैं। यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक बदलाव का भी प्रतीक है। गांव से लेकर शहर तक महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर नई कहानी गढ़ रही हैं और बिहार की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रशासन की ओर से जीविका दीदियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। उनके स्वरोजगार कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। अब तक भेजी गई राशि का विवरण योजना के तहत 26 सितंबर 2025 को 3,41,211 लाभार्थियों के खातों में 341.21 करोड़, 3 अक्टूबर 2025 को 97,448 लाभार्थियों को 97.44 करोड़, 24 अक्टूबर 2025 को 1,60,585 महिलाओं के खातों में 160.58 करोड़, 31 अक्टूबर 2025 को 7,548 लाभार्थियों को 7.54 करोड़ रुपए मिले। इसके अतिरिक्त, 28 नवंबर 2025 को 50,547 लाभार्थियों के खातों में 50.54 करोड़ और 11 दिसंबर 2025 को 17,670 लाभार्थियों को 17.67 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई। यहां पर स्वयं और गांव की महिला और युवतियों को सिलाई का प्रशिक्षण देकर उन्हें भी रोजगार मुहैया कराएंगी। उन्होंने कहा कि जीविका से जुड़ने के बाद उनकी सोच भी विकसित हुई है। अब वे अपने साथ दूसरे महिलाओं के बारे में भी सोच रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया और कहा कि इस योजना से गांव-गांव की महिलाओं की स्थिति तेजी से सुधर रही है और वे सशक्त बन रही हैं।

मेले में गोलगप्पे खाने से 25 से अधिक बच्चे बीमार

पलामू. पांकी थाना क्षेत्र के द्वारिका इलाके में महाशिवरात्रि मेले के दौरान गोलगप्पा खाने के बाद 25 से अधिक बच्चे बीमार हो गए। सभी बच्चों को उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन की शिकायत है। अधिकांश बच्चों का इलाज ग्रामीण स्तर पर ही कराया जा रहा है। मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव के लिए रवाना हो गई। एंबुलेंस भी भेजी गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया जा सके। जानकारी के अनुसार, द्वारिका के रघुआखाड़ में महाशिवरात्रि के मौके पर मेला लगा था। मेले में द्वारिका, यादव टोला, जमुआटांड़ समेत आसपास के गांवों के बच्चों ने गोलगप्पा खाया था। रविवार रात से एक-एक कर बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। सोमवार सुबह कई बच्चों की स्थिति और खराब हो गई। इसके बाद ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पांकी को सूचना दी। अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग द्वारिका निवासी ध्रुव कुमार गुप्ता ने बताया कि उनके बेटे ने भी मेले में गोलगप्पा खाया था, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। स्थानीय स्तर पर उसका इलाज कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गांव के कई अन्य बच्चे भी बीमार पड़े हैं। इधर, पांकी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. महेंद्र प्रसाद ने बताया कि कई बच्चों के बीमार होने की सूचना मिली है। स्वास्थ्य विभाग की टीम और एंबुलेंस को मौके पर भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है। कुछ ग्रामीण अपने स्तर पर भी बच्चों का इलाज करा रहे हैं।

झारखंड के स्कूल में आग का तांडव, कमरे से उठती लपटें देख अफरा-तफरी

धनबाद झारखंड के धनबाद में रविवार शाम एक स्कूल के स्टोर रूम में अचानक आग लग गई। आग लगते ही इलाके में हड़कंप मच गया। राहत की बात यह रही कि उस समय स्कूल बंद था, इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ। आसपास के लोगों में अफरा-तफरी जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित हीरापुर के एचई हाई स्कूल में रविवार शाम अचानक आग लग गई। आग स्कूल के स्टोर रूम में लगी थी। देखते ही देखते कमरे से तेज धुआं और लपटें निकलने लगीं, जिससे आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। दमकल कर्मियों की सतर्कता से आग स्कूल के अन्य हिस्सों में फैलने से बच गई। अगर स्कूल खुला होता तो… बताया जा रहा है कि स्टोर रूम में पुरानी किताबें, फर्नीचर और अन्य बेकार सामान रखे हुए थे। यही वजह रही कि आग तेजी से फैल गई और कमरे का अधिकतर सामान जलकर राख हो गया। स्कूल के एक छात्र ने बताया कि रविवार होने के कारण स्कूल बंद था। अगर स्कूल खुला होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और अग्निशमन विभाग मामले की जांच में जुटे हैं।