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सारण में ऑनलाइन क्लास के लिए शिक्षा विभाग ने मांगे आवेदन

छपरा. सारण जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को डिजिटल माध्यम से नई मजबूती देने की दिशा में एक बार फिर 'सारण गुरु ऑनलाइन क्लास' का नया शैक्षणिक सत्र- 2026-2027 शुरू होने जा रहा है। इस पहल को नई ऊर्जा, उत्साह और पूर्ण समर्पण के साथ प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से विषयवार दक्ष एवं इच्छुक शिक्षकों की आवश्यकता जताई गई है। यह कार्यक्रम जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी निशांत किरण के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है। वहीं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) अजीत अमर द्वारा के नेतृत्व में ऑनलाइन कक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। शिक्षा विभाग का मानना है कि जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन देने के लिए ऑनलाइन मंच एक मजबूत सहारा बन सकता है। डिजिटल शिक्षा को मिलेगा मजबूत आधार सारण गुरु ऑनलाइन क्लास जिले के विद्यार्थियों के लिए लगातार उपयोगी साबित हो रहा है। बोर्ड परीक्षा की तैयारी, विषयगत शंकाओं का समाधान और नियमित अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने में इस प्लेटफॉर्म की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। अब नए सत्र में इसे और व्यवस्थित तथा प्रभावशाली बनाने के लिए शिक्षकों की नई सूची तैयार की जा रही है, ताकि प्रत्येक विषय के लिए योग्य शिक्षक उपलब्ध रह सकें। कौन शिक्षक कर सकते हैं आवेदन जिला शिक्षा विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सारण जिले के वे सभी शिक्षक, जो ऑनलाइन कक्षा के माध्यम से अध्यापन कार्य करना चाहते हैं, वे इस पहल से जुड़ सकते हैं। विशेष रूप से ऐसे शिक्षक जो अपने विषय में दक्ष हों, विद्यार्थियों को समझाने की क्षमता रखते हों और डिजिटल माध्यम से पढ़ाने में रुचि रखते हों, उनसे प्राथमिकता के आधार पर जानकारी मांगी गई है। मांगी गई जानकारी: यह विवरण देना होगा अनिवार्य इच्छुक शिक्षकों को अपनी संपूर्ण जानकारी जल्द उपलब्ध क् होगी। इसके अंतर्गत शिक्षक का नाम,विद्यालय का नाम, विषय,अध्यापन हेतु कक्षा (कौन-कौन सी कक्षाएं पढ़ा सकते हैं),मोबाइल नंबर, शैक्षणिक अनुभव (विस्तारपूर्वक) देना होगा। सारण के विद्यार्थियों को मिलेगा सीधे लाभ इस ऑनलाइन कक्षा व्यवस्था से जिले के दूर-दराज के क्षेत्रों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। कई बार संसाधनों की कमी या विशेषज्ञ शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण विद्यार्थियों को कठिनाई होती है। ऐसे में यह पहल उन्हें बेहतर मार्गदर्शन, नियमित पढ़ाई और परीक्षा केंद्रित तैयारी उपलब्ध कराएगी। शिक्षकों को अपनी जानकारी एवं संपर्क में नंबर देना होगा इच्छुक शिक्षक अपनी पूरी जानकारी समय रहते टीम लिडर मृणाभ कुमार अथवा अभिषेक कुमार सिंह को उपलब्ध करा सकते हैं। सारण गुरु ऑनलाइन क्लास के जरिए जिला शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि 2026-27 सत्र में विद्यार्थियों को विषयवार गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई, नियमित ऑनलाइन मार्गदर्शन और परीक्षा तैयारी का मजबूत प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जाए।

बिहार में पशुपालन मित्रों की नियुक्ति से ग्रामीण युवाओं को मिलेगा रोजगार

जहानाबाद. पशु पालन विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक अहम पहल की जा रही है। सरकार की पशुपालन मैत्री योजना अब धरातल पर उतरने वाली है। जिसके तहत पंचायत स्तर पर स्थानीय युवाओं को जोड़कर न केवल उन्हें रोजगार दिया जाएगा, बल्कि पशुपालकों को भी प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य पशुपालन को वैज्ञानिक आधार पर सशक्त बनाना और गांवों में ही पशु स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। योजना के अंतर्गत चयनित युवाओं को पशुओं के कृत्रिम गर्भधारण तथा सामान्य पशु रोगों की पहचान और प्राथमिक उपचार का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद उन्हें आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में सेवाएं दे सकें। वर्तमान में जिले में पशुपालन विभाग से जुड़े केवल 16 कर्मी कृत्रिम गर्भधारण का कार्य कर रहे हैं,जो बढ़ती मांग के अनुरूप अपर्याप्त माने जा रहे हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए अब पंचायत स्तर पर इस योजना का विस्तार किया जा रहा है। प्रावधान के अनुसार,प्रत्येक पंचायत में कम से कम एक और अधिकतम तीन पशुपालन मैत्री नियुक्त किए जाएंगे। चयनित युवा अपने ही गांव अथवा आसपास के क्षेत्रों में कार्य करेंगे,जिससे पशुपालकों को गर्भधारण सेवाओं के लिए दूर-दराज भटकना नहीं पड़ेगा। समय पर सेवा मिलने से पशुओं की दूध उत्पादन में सुधार होगा और पशुपालकों की आय में भी वृद्धि होगी। जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया की इस योजना उद्देश्य दोहरा है। एक ओर पशुपालकों को सुलभ, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना,वहीं दूसरी ओर ग्रामीण स्तर पर शिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जुड़ने का मौका मिलेगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद पशुपालन मैत्री पंचायत में पशुपालकों के लिए संपर्क सूत्र की तरह कार्य करेंगे और विभाग की योजनाओं को गांव तक पहुंचाने में भी सहायक बनेंगे। पशुपालन मैत्री योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे न केवल बेरोजगारी कम होगी,बल्कि पशुपालन एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में और अधिक विकसित होगा। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जल्द ही जिले में इस योजना का क्रियान्वयन शुरू कर दिया जाएगा।

बिहार में शिक्षक भर्ती का नया नियम, अब सिर्फ CTET पास उम्मीदवारों को मिलेगा मौका

पटना  बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। शिक्षा विभाग ने फैसला लिया है कि राज्य में अब प्रारंभिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 8) के लिए 'शिक्षक पात्रता परीक्षा' (TET) का आयोजन नहीं किया जाएगा। विभाग के इस निर्णय के बाद, अब बिहार के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए केवल 'केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा' (CTET) के आधार पर ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला? शिक्षा विभाग के अनुसार, वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा आयोजित की जाने वाली सीटेट (CTET) परीक्षा हर साल नियमित रूप से होती है। राज्य सरकार का मानना है कि सीटेट उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या पर्याप्त है, जिससे शिक्षक बहाली की प्रक्रिया को आसानी से पूरा किया जा सकता है। शिक्षा विभाग ने लगभग तीन साल पहले ही टीईटी के आयोजन को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। उस समय विभाग ने कहा था कि तत्काल प्रभाव से यह परीक्षा नहीं ली जाएगी, लेकिन भविष्य में इसके आयोजन की संभावना खुली रखी गई थी। हालांकि, अब विभाग ने पूर्ण रूप से यह तय कर लिया है कि सीटेट से ही योग्य शिक्षक मिल रहे हैं, इसलिए अलग से राज्य स्तरीय टीईटी कराने की आवश्यकता नहीं रह गई है। राज्य में टीईटी का इतिहास बिहार में अब तक केवल दो बार ही बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के माध्यम से टीईटी का आयोजन किया गया है। पहली बार वर्ष 2011 में और दूसरी बार वर्ष 2017 में यह परीक्षा हुई थी। इस परीक्षा के जरिए दो स्तरों पर शिक्षकों की योग्यता जांची जाती थी: प्राथमिक कक्षा (1 से 5): छोटे बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों का मूल्यांकन। उच्च प्राथमिक कक्षा (6 से 8): मध्य विद्यालयों के लिए शिक्षकों की पात्रता का निर्धारण। छात्रों और अभ्यर्थियों पर क्या होगा असर? इस फैसले का सबसे सीधा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ेगा जो विशेष रूप से बिहार टीईटी (BTET) की तैयारी कर रहे थे। अब उन्हें अपनी रणनीति बदलनी होगी और केंद्र सरकार द्वारा आयोजित होने वाली सीटेट (CTET) परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करना होगा। सरकार के इस फैसले से चयन प्रक्रिया में एकरूपता आएगी और बार-बार परीक्षा आयोजित करने का प्रशासनिक बोझ भी कम होगा। शिक्षा विभाग के इस कदम से यह भी स्पष्ट हो गया है कि आने वाली शिक्षक बहालियों में केवल वही छात्र हिस्सा ले पाएंगे जिन्होंने सीटेट के पेपर-1 (कक्षा 1-5 के लिए) या पेपर-2 (कक्षा 6-8 के लिए) में सफलता हासिल की है।

टिकट के लिए नहीं करनी पड़ेगी जद्दोजहद! होली पर 26 अतिरिक्त ट्रेनें चलेंगी, सफर होगा आसान

पटना होली को लेकर बिहार को जाने वाले यात्रियों को लेकर रेलवे शनिवार को एक बड़ी घोषणा किया है। होली में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए पूर्व मध्य रेलवे ने कोलकाता और नई दिल्ली से बिहार के लिए 26 होली स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है। ये ट्रेनें 20 फरवरी से 14 मार्च के बीच चलेगी। रेलवे ने होली में बिहार आने जाने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो इसको लेकर शुरू किया गया है। रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों की लिस्ट जारी करते समय यात्रियों से अपील किया है कि वे अपनी यात्रा से पहले ट्रेन की तिथि और समय की जानकारी आधिकारिक माध्यमों से अवश्य जांच लें। रेलवे ने होली को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। कोलकाता से बिहार के लिए होली स्पेशल ट्रेन कोलकाता रूट पर रेलवे की ओर से हावड़ा जंक्शन-रक्सौल, सियालदह स्टेशन-मधुबनी और कोलकाता-मधुबनी के बीच स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला लिया गया है। इन ट्रेनों के परिचालन से बिहार, झारखंड और राजस्थान के यात्रियों को लाभ मिलेगा।   03043 / 03044 और 03045/03046 हावड़ा-रक्सौल स्पेशल ट्रेन सीतामढ़ी, दरभंगा, समस्तीपुर, बरौनी और झाझा के रास्ते चलेगी। 03183 / 03184 सियालदह-मधुबनी स्पेशल। 03185 / 03186 और 03187/03188 कोलकाता-मधुबनी स्पेशल दरभंगा-समस्तीपुर-बरौनी-झाझा मार्ग से परिचालित होंगी।   08753/08754 दुर्ग-मधुबनी स्पेशल  03007 / 03008 हावड़ा-खातीपुरा (जयपुर) स्पेशल नई दिल्ली और आनंद विहार रूट बिहार के लिए होली स्पेशल ट्रेन 04070 / 04069 आनंद विहार-शेखपुरा 04054 / 04053 नई दिल्ली-बरौनी 04060 / 04059 नई दिल्ली-सुपौल  04010 / 04009 दिल्ली-सीतामढ़ी, 04014 / 04013 आनंद विहार-लौकहा बाजार  04066 / 04065 आनंद विहार-खोरधा रोड जंक्शन ये ट्रेनें गोरखपुर, छपरा, हाजीपुर, गया, गोमो और भुवनेश्वर जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेंगी। हमसफर क्लोन एक्सप्रेस की समय बढ़ी रेलवे ने इसके साथ ही जयनगर-अमृतसर हमसफर क्लोन एक्सप्रेस (04651 / 04652) की परिचालन 1 मार्च से 31 मार्च तक बढ़ाने का फैसला किया है। इससे पंजाब में रह रहे मिथिलांचल के यात्रियों को विशेष सुविधा मिलेगी।

बिहार की सड़कों में लगेगा ठेकेदारों का 70% पैसा

पटना. बिहार में सड़क बनाने वाले ठेकेदारों के लिए नियम अब बदलने वाले हैं. पथ निर्माण विभाग एक नई नियमावली तैयार कर रहा है, जिससे काम में पारदर्शिता और जिम्मेदारी दोनों बढ़ेंगी. अभी तक ठेकेदारों का रजिस्ट्रेशन साल 2007 की नियमावली के तहत होता था, लेकिन अब उसकी जगह बिहार संवेदक निबंधन नियमावली 2026 लाने की तैयारी चल रही है. सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि ठेकेदारों की एक नई कैटेगरी बनाई जाएगी. इसे केटेगरी-1 कहा जाएगा. इस केटेगरी में वही कंपनियां शामिल हो सकेंगी जो 50 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा के प्रोजेक्ट में हिस्सा लेना चाहती हैं. अभी ऐसी कोई अलग केटेगरी नहीं थी, जिससे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए स्पष्ट व्यवस्था नहीं बन पाती थी. देना होगा जुर्माना नई नियमावली में यह भी साफ-साफ लिखा जाएगा कि अगर कोई कंपनी काम में लापरवाही करती है तो उसे कितना जुर्माना देना होगा. कितने समय तक उसे ब्लैकलिस्ट में रखा जाएगा, इसका भी स्पष्ट प्रावधान रहेगा. अभी तक इन मामलों में साफ नियम नहीं थे. इससे कई बार कार्रवाई में दिक्कत आती थी. विभाग की कोशिश जल्द लागू हो नियमावली विभाग की कोशिश है कि नई वित्तीय वर्ष में यह नियमावली लागू कर दी जाए. इसके साथ ही विभाग अपने मॉडल बिडिंग डॉक्यूमेंट में हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल भी जोड़ने जा रहा है. इस मॉडल को अक्टूबर 2025 में बिहार कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है. इस मॉडल के तहत सड़क परियोजना में कुल लागत का 70 प्रतिशत पैसा कंपनी लगाएगी, जबकि बाकी 30 प्रतिशत सरकार देगी. जरूरत के हिसाब सेटेंडर में खास शर्तें भी जोड़ी जा सकेंगी. विभाग की योजना है कि कुछ चुनिंदा सड़कों पर इस मॉडल से काम शुरू किया जाए.

रांची की मेयर प्रत्याशी रोशनी खलखो खर्च करने में सबसे आगे

रांची. रांची नगर निगम क्षेत्र में महापौर (आम) चुनाव 2026 के तहत जारी व्यय जांच रिपोर्ट में रोशनी खलखो और विनोद कुमार बड़ाइक सबसे अधिक खर्च करने वाले प्रत्याशियों में शामिल रहे हैं. रोशनी खलखो ने अब तक सर्वाधिक 2,70,108 रुपये खर्च दर्शाया है, जबकि विनोद कुमार बड़ाइक 43,853 रुपये के साथ दूसरे स्थान पर हैं. सबसे कम खर्च दर्शाने वाले प्रत्याशी सुजीत विजय आनंद कुजूर रहे, जिन्होंने 14,600 रुपये का हिसाब दिया है. रिपोर्ट के अनुसार 12, 16 और 20 फरवरी तक चुनावी खर्च का ब्योरा जमा करना अनिवार्य था. पूर्व मेयर रमा खलखो ने अपना कुल खर्च 19,546 रुपये बताया रोशनी खलखो और विनोद कुमार बड़ाइक के बाद सुरेंद्र लिंडा (43,500 रुपये), प्रवीण कच्छप (31,096 रुपये), सोनू खलखो (21,742 रुपये) और रमा खलखो (19,546 रुपये) ने अपना-अपना व्यय विवरण प्रस्तुत किया है. वहीं किरण कुमारी मुंडा, देवी दयाल मुंडा, सुजाता कच्छप और सुमन कांत तिग्गा निर्धारित तिथि तक व्यय लेखा प्रस्तुत करने में अनुपस्थित पाये गये. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समय सीमा के भीतर खर्च का पूरा लेखा-जोखा जमा करना सभी प्रत्याशियों के लिए अनिवार्य है. अनुपस्थित रहने वाले उम्मीदवारों पर आगे कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है. वार्ड प्रत्याशियों में अलीशा ने किया सबसे अधिक खर्च वहीं, वार्ड प्रत्याशियों में अलीशा हक ने अब तक सबसे अधिक खर्च किया है. वह वार्ड- 03 की प्रत्याशी है. उन्होंने अब तक सर्वाधिक 62,763 रुपये खर्च कर सभी वार्डों में शीर्ष स्थान हासिल किया है. इसके विपरीत वार्ड-02 की रुपम कुमारी झा ने मात्र 500 रुपये खर्च दिखाकर सबसे कम व्यय दर्ज कराया है. जारी रिपोर्ट के अनुसार, वार्ड-03 में ही हुस्ना आरा ने 54,573 रुपये खर्च कर दूसरा स्थान पाया है. वार्ड-06 की सुषमा खलखो ने 43,080 रुपये और वार्ड-05 की मोनिका खलखो ने 38,987 रुपये व्यय दर्शाया है. वहीं वार्ड-13 की हनी रूची धान ने 900 रुपये खर्च दर्ज किया है. सीमा उरांव ने 1,392 रुपये और निर्मला गाड़ी ने 17,263 रुपये का व्यय प्रस्तुत किया है. जांच प्रक्रिया के दौरान आशा कच्छप, कविता बिन्हा, गंगिया लिंडा, गीता कुमारी और लक्ष्मी कच्छप उपस्थित नहीं रहीं. कई वार्डों में आधे से अधिक प्रत्याशी अनुपस्थित पाये गये, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया है.

छत्तीसगढ़ के ‘रमन लोक कला महोत्सव’ में दिखेगी झारखंडी कला

सरायकेला. संस्था आचार्य छौ नृत्य विचित्र के सह-निदेशक और छऊ नृत्य विशेषज्ञ रंजीत आचार्य के नेतृत्व में झारखंड के मानभूम छऊ नृत्य दल छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित डॉ सीवी रमन विश्वविद्यालय में आयोजित रमन लोक कला महोत्सव 2026 में छऊ नृत्य की प्रस्तुति देगा. यह महोत्सव तीन दिवसीय है, जिसमें देशभर के प्रसिद्ध रचनाकार, संगीतकार, नृत्य विशेषज्ञ और कलाकार अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं. महोत्सव की थीम ‘लोक में राम’ रखी गयी है रंजीत आचार्य ने बताया कि इस वर्ष महोत्सव की थीम ‘लोक में राम’ रखी गयी है. तीन दिवसीय आयोजन के अंतिम दिन वे अपने मानभूम छऊ नृत्य दल के साथ छऊ नृत्य की प्रस्तुति देंगे. इससे पूर्व वे सरायकेला और मनभूम दोनों छऊ शैलियों पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों व विद्यार्थियों के समक्ष संगोष्ठी में अपने विचार साझा करेंगे. लेक्चर-डेमोंस्ट्रेशन के बाद शाम छह बजे छऊ नृत्य की मंचीय प्रस्तुति होगी. बीते कई वर्षों से हो रहा है लोक कला महोत्सव का आयोजन रंजीत आचार्य ने बताया कि रमन लोक कला महोत्सव का आयोजन पिछले कई वर्षों से किया जा रहा है, जहां केंद्र व राज्य सरकार के सहयोग से लोक कलाकारों को मंच प्रदान किया जाता है. साथ ही उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलाकारों को आमंत्रित किया जाता है. मनभूम छऊ नृत्य दल में प्रभात महतो, जय राम महतो, जतला कालिंदी, लखविंदर को, सीताराम महतो, स्वर्ण को, पी. मंटू महतो, कार्तिक महतो, दिनेश महतो, मनोहर कालिंदी, विकास कुमार सहित कुल 12 सदस्य शामिल हैं. डॉ. सीवी रमन प्रमुख विश्वविद्यालय में से एक बताया गया कि बिलासपुर स्थित डॉ सीवी रमन विश्वविद्यालय देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों में से एक है. विश्वविद्यालय के कुल सचिव के निमंत्रण पर रंजीत आचार्य व उनका दल इस प्रतिष्ठित लोक कला महोत्सव में अपनी प्रस्तुति दे रहा है.

‘राहुल गांधी को जेल में डाल देना चाहिए’: गिरिराज सिंह

मुजफ्फरपुर. देश में मौजूद गुलामी के प्रतीक चिह्नों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा। केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि नई पीढ़ी को ऐसे किसी भी प्रतीक से गुलामी का एहसास नहीं होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर भी हमला बोला। वह शनिवार को मुजफ्फरपुर में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि अंग्रेजों के समय के कई नाम और प्रतीक अब भी प्रचलन में हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि नार्थ एवेन्यू और साउथ एवेन्यू जैसे नाम औपनिवेशिक दौर की याद दिलाते हैं। ऐसे स्थानों का नाम बदलकर भारतीय संस्कृति और सेवा भाव को दर्शाने वाले नाम रखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनका नाम बदलकर सेवा तीर्थ किया गया है और आगे भी इस प्रकार का अभियान जारी रहेगा। राहुल गांधी पर बोला हमला  नेता प्रतिपक्ष एवं सांसद राहुल गांधी के हालिया किसान संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी किसानों को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित सुरक्षित हैं और उनके साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होगा। उन्होंने बताया कि राफेल जैसे कई मुद्दों पर भी राहुल गांधी के बयान भ्रामक साबित हुए हैं। जनता अब उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेती। गिरिराज सिंह ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल गांधी को अपने बयानों के लिए जवाबदेह होना चाहिए। देश में कानून अपना काम कर रहा है। उनको जेल में डाल देना चाहिए। इस मौके पर महापौर निर्मला देवी, कुढ़नी विधायक केदार प्रसाद गुप्ता, भाजपा नेता देवांशु किशोर, रंजन कुमार साहू आदि मौजूद थे। राहुल गांधी का बयान बता दें कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रे़ड डील को एकतरफा करार दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप के भारी दबाव में आकर इस समझौते के जरिए भारत के किसानों की कड़ी मेहनत और खून-पसीने की कमाई को 'बेच' दिया है। देश समझ ले कि प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं।

बिहार के शिव मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़

पटना. बिहार समेत पूरे देश में आज महाशिवरात्रि का पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर रविवार सुबह से ही विभिन्न शहरों के तमाम शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। भोर होते ही भक्तजन भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे। हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। गया के प्रमुख शिवालयों, विशेषकर रामशिला मंदिर और मारकंडेय महादेव मंदिर में सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालु दूध, जल, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर भगवान शिव से सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसरों में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्था की गई है। स्वयंसेवक भी श्रद्धालुओं की सुविधा में जुटे हैं। दिन भर विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन जारी रहेगा, जिससे शहर का माहौल पूरी तरह शिवमय बना रहा। इसी तरह पूर्वी चंपारण जिले के रामनगर स्थित नीलकंठ नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े।

बिहार में गरीब परिवार फ्री सोलर पैनल लगवाकर पाएं बिजली बिल से मुक्ति

पटना/भभुआ. कुटीर ज्योति यानी बीपीएल बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी है। अब उन्हें बिजली बिल की चिंता नहीं करनी होगी। कैमूर के विद्युत कार्यपालक अभियंता भभुआ शशिकांत कुमार ने बताया की सरकार उनकी छत पर 1.1 केवीए का मुफ्त में सोलर पैनल लगाने जा रही है। इसके लिए बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से सहमति मांगी है। अगर आपके पास पक्की छत है और योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो 28 फरवरी तक सुविधा एप के जरिए आवेदन कर सकते हैं। जिले में करीब 66512 कुटीर ज्योति कनेक्शनधारी हैं। इस Kutir Jyoti Yojana का मकसद गरीब परिवारों को बिजली बिल से राहत देना और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना है। सोलर यूनिट लगाने के लिए उपभोक्ता के पास करीब 64 वर्ग फीट पक्की छत होनी चाहिए व जगह छायामुक्त भी होनी चाहिए। उन्होंने बताया की 1.1 केवीए क्षमता के सोलर पैनल के लिए दो सोलर प्लेट लगेंगे। सोलर पैनल और इंस्टॉलेशन का पूरा खर्च विद्युत विभाग उठाएगी। उपभोक्ता को अपनी जेब से एक पैसा नहीं देना है, बस शर्त यह है कि पैनल लगने के बाद उसकी साफ-सफाई और सुरक्षा (रखरखाव) की जिम्मेदारी उपभोक्ता को खुद की होगी। कुटीर ज्योति योजना एक सरकारी योजना है, जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों को घरेलू बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराना है। सुविधा एप कर सकेंगे आवेदन पहले बहुत से गांवों में लोग मिट्टी के दीये, लालटेन या केरोसिन लैंप का इस्तेमाल करते थे। इससे न केवल खर्च बढ़ता था बल्कि स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी खतरा रहता था। आवेदन करने के लिए उपभोक्ता को अपने मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से सुविधा एप डाउनलोड करना होगा। उसके उपरांत एप खोलें और रूफटाप सोलर पैनल स्थापन के लिए सहमित (कुटीर ज्योति) लिंक पर क्लिक करें। तत्पश्चात अपना कंज्यूमर नंबर (सीए नंबर) डालें उसके बाद रजिस्ट्रड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा व योजना की जानकारी आएगी उसपर क्लिक करें। सहमति प्रदान करते समय आवेदक को किसी एक पता प्रमाण पत्र (जैसे आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र आदि) के साथ बीपीएल कार्ड या अन्य पात्रता प्रमाण पत्र जमा करना एवं मांगी गई जानकारी (छत का फोटो या एरिया) भरकर सबमिट कर दें। जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, वह प्रमंडल कार्यालय के सुविधा काउंटर पर या वसुधा केंद्र की मदद ले सकते हैं। विभागीय सुविधा काउंटर पर यह सेवा बिल्कुल ही मुफ्त है। पहले चरण में इस योजना का लाभ उठाने की आखिरी तारीख 28 फरवरी तय की गई है। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ता अंतिम तारीख का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपनी सहमति दें।