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1 जुलाई से दिल्ली, हैदराबाद और कोलकाता रूट पर उड़ानों में कटौती

 रांची  बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों को अगले महीने से कुछ परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। एक जुलाई से रांची से संचालित होने वाली चार महत्वपूर्ण विमान सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी जाएंगी। इससे खासकर दिल्ली, हैदराबाद और कोलकाता जाने वाले यात्रियों के विकल्प सीमित हो जाएंगे। जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया एक्सप्रेस की रांची-दिल्ली और रांची-हैदराबाद उड़ानें एक जुलाई से बंद रहेंगी। वहीं इंडिगो एयरलाइंस भी रांची-कोलकाता तथा रांची-हैदराबाद सेक्टर की अपनी सेवाएं रोकने जा रही है। इन उड़ानों के बंद होने से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रा करने वाले व्यवसायी, विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोगों पर असर पड़ने की संभावना है। एयरलाइन मैनेजमेंट ने क्या कहा? एयरलाइन के अनुसार यह निर्णय फिलहाल एक महीने के लिए लिया गया है। एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक कर्मी ने बताया कि विमान और ईंधन प्रबंधन से जुड़ी परिचालनिक चुनौतियों के कारण अस्थायी रूप से कुछ उड़ानों का संचालन रोका जा रहा है। स्थिति सामान्य होने पर सेवाएं दोबारा शुरू की जा सकती हैं। उधर, एयरपोर्ट से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को यात्रा की योजना बनाने से पहले संबंधित एयरलाइंस की वेबसाइट या हेल्पलाइन से उड़ानों की स्थिति की जानकारी अवश्य ले लेनी चाहिए। जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक करा रखी है, उन्हें एयरलाइंस की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था या रिफंड संबंधी जानकारी दी जाएगी। चार प्रमुख रूटों पर उड़ान सेवा बंद होने से रांची एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी पर अस्थायी असर पड़ने की संभावना है। हालांकि अन्य प्रमुख शहरों के लिए नियमित उड़ानों का संचालन जारी रहेगा।

भोजपुर मुठभेड़ मामले में रिटायर्ड जज करेंगे जांच, कई पुलिसकर्मी निलंबित

 भोजपुर बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी पुलिस एनकाउंटर की न्यायिक जांच का आदेश दिया गया है। सीएम सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि घटना के सभी पहलुओं को निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ सामने लाना जरुरी है। इस मामले में इंस्पेक्टर, दारोगा समेत कई पुलिस कर्मियों पर गाज गिरी है। बिहार सरकार के मंत्री मिथिलेश तिवारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने भरत के एनकाउंटर पर सवाल उठाया है। भरत तिवारी की मौत को पुलिस द्वारा की हत्या का आरोप लगाकर इलाके के लोगों ने गुरुवार को जबरदस्त बवाल काटा। सड़क जाम हटाने और आक्रोशित लोगों को शांत कराने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा। बीजेपी के मीडिया पैनलिस्ट नीरज कुमार ने बयान जारी कर सीएम के फैसले की सराहना की है। सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करके बताया है कि भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में दिनांक 17.06.2026 को हुई पुलिस मुठभेड़ की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच हेतु उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया गया है। न्यायिक जांच का उद्देश्य घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ जांच सुनिश्चित करना है। उन्होंने पहले भी कहा था कि बिहार की जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है। सरकार के फैसले पर बीजेपी के मीडिया पैनलिस्ट नीरज कुमार ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि सम्राट चौधरी जी की पारदर्शी एवं न्यायोचित कार्यशैली का स्वागत करते हैं। हाई कोर्ट के सेवानिवृत जज के नेतृत्व नेतृत्व में आरा, भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच करवाना यह दर्शाता है कि एनडीए की सरकार कानून व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के प्रति प्रतिबद्ध है। हम अपराधियों को बख्शते नहीं और निर्दोष अधिकारों की रक्षा भी करते हैं। न्यायिक जांच से सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा। अगर पुलिस वाले दोषी हैं तो उन पर भी वैसे ही कार्रवाई होगी जैसे किसी अपराधी पर होती है। बुधवार को भरत तिवारी को पुलिस ने एनकाउंटर में गोली मार दी थी जिससे उसकी मौत हो गई। आरोप लगाया गया कि पुलिस ने सरेंडर के बाद उसे गोली घुटने ऊपर चार गोलियां मारी। दावा किया गया कि पुलिस के कहने पर भरत तिवारी ने अपना हथियार फेंक दिया था। उसके बाद फेक एनकाउंटर किया गया। अगले दिन गुरुवार को इसके विरोध में भयंकर बवाल हुआ। सोशल मीडिया भरत तिवारी एनकाउंटर की खबरों से पटा हुआ है। इस मामले में थानेदार समेत दारोगा कई पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया। उसके बाद इस एनकाउंटर पर सवाल उठने लगे।

रेलवे का बड़ा फैसला: धनबाद और डालटनगंज के लिए विशेष ट्रेनें

 रांची  नीट-यूजी परीक्षा को लेकर रेलवे ने परीक्षार्थियों को बड़ी राहत दी है। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों और ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रांची से धनबाद तथा डालटनगंज के लिए दो विशेष अनारक्षित ट्रेनों के परिचालन का निर्णय लिया गया है। दोनों ट्रेनें 21 जून, रविवार को एक तरफा चलाई जाएंगी। रेलवे के अनुसार ट्रेन संख्या 08603 रांची-धनबाद विशेष ट्रेन शाम 6:30 बजे रांची से खुलेगी। यह ट्रेन मूरी, झालिदा, कोटशिला, बोकारो स्टील सिटी, चंद्रपुरा, फुलवारटांड़ और कतरासगढ़ स्टेशन पर रुकते हुए रात 11:05 बजे धनबाद पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 12 मेमू डिब्बे लगाए जाएंगे। वहीं ट्रेन संख्या 08631 रांची-डालटनगंज विशेष ट्रेन शाम 7:15 बजे रांची से प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन पिस्का, टांगरबंसली, नगजुआ, लोहरदगा, बड़कीचांपी, बोदाग्राम, टोरी, लातेहार, छीपादोहर और बरवाडीह स्टेशन पर ठहराव लेते हुए रात 11:15 बजे डालटनगंज पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल आठ डिब्बे लगाए जाएंगे, जिनमें दो एसएलआरडी तथा छह सामान्य श्रेणी के डिब्बे शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करने और परीक्षार्थियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचाने के उद्देश्य से इन विशेष ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है।

21 जून को परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का संचालन, सफर होगा आसान

 पटना देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' में शामिल होने वाले बिहार के लाखों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के लिए पूर्व मध्य रेल की तरफ से बड़ी राहत की खबर है। परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंचने और एग्जाम खत्म होने के बाद वापस घर लौटने में छात्रों को कोई परेशानी न हो, इसे लेकर दानापुर रेल मंडल पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। रेल प्रशासन ने आगामी 21 जून को बिहार के प्रमुख शहरों और रूटों को जोड़ने के लिए छह परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन करने का फैसला लिया है। इससे पटना जंक्शन, दरभंगा, गया और बक्सर जैसे व्यस्त रूटों पर परीक्षार्थियों का सफर बेहद आसान हो जाएगा। पटना से दरभंगा और गया के लिए सुबह ही खुलेंगी ट्रेनें परीक्षा के दिन सुबह के समय छात्रों को सेंटर पर रिपोर्ट करने में कोई देरी न हो, इसके लिए रेलवे चार ट्रेनों को तड़के ही रवाना करेगा। इसके तहत पहली स्पेशल ट्रेन पटना जंक्शन से सुबह 4:30 बजे खुलकर सुबह 9:30 बजे दरभंगा पहुंचेगी। वहीं, बक्सर से सुबह 6:30 बजे खुलकर एक अन्य स्पेशल ट्रेन सुबह 9:15 बजे पटना पहुंचेगी। झाझा और जमुई इलाके के छात्रों के लिए सुबह 3:40 बजे झाझा से ट्रेन खुलकर सुबह 9:00 बजे दानापुर पहुंचेगी। इसके अलावा गया रूट के परीक्षार्थियों के लिए पटना जंक्शन से सुबह 6:00 बजे एक परीक्षा स्पेशल ट्रेन खुलेगी, जो सुबह 9:00 बजे गया जंक्शन पहुंच जाएगी। पटना और दानापुर से मिलेंगी गाड़ियां नीट परीक्षा खत्म होने के बाद स्टेशनों पर परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों की होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने शाम के वक्त भी दो विशेष ट्रेनों की वापसी का पुख्ता इंतजाम किया है। परीक्षा देकर लौटने वाले छात्रों के लिए पटना जंक्शन से शाम 6:20 बजे बक्सर के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन प्रस्थान करेगी, जो रात 9:05 बजे बक्सर पहुंचेगी। इसी तरह, दानापुर स्टेशन से शाम 6:15 बजे एक विशेष ट्रेन झाझा के लिए रवाना होगी, जो रात 11:00 बजे झाझा पहुंचेगी। बिहार के इन सभी प्रमुख स्टेशनों पर रेल पुलिस और आरपीएफ को भी मुस्तैद रहने को कहा गया है ताकि छात्रों को सफर में कोई दिक्कत न आए।

आदित्य बिड़ला फैशन यूनिट का दौरा, धनबाद में रोजगार सृजन की नई संभावनाओं पर मंथन

धनबाद बीसीसीएल क्षेत्र में पुनर्वासित और परियोजना-प्रभावित परिवारों के लिए रोजगार के नए अवसर तलाशने के उद्देश्य से बेंगलुरु स्थित आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड की वस्त्र विनिर्माण इकाई का अध्ययन शुक्रवार को भ्रमण किया। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल गई है। भ्रमण के दौरान टीम ने फैक्ट्री में चल रही उत्पादन प्रणाली, पूरी आपूर्ति श्रृंखला, गुणवत्ता प्रबंधन और सहायक तकनीकी व्यवस्थाओं का विस्तार से अवलोकन किया। कंपनी अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को उत्पादन प्रक्रिया से जुड़ी तकनीकी और प्रबंधन संबंधी जानकारी भी दी। रोजगार सृजन और औद्योगिक माडल पर चर्चा: सीएमडी सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि बीसीसीएल रोजगार को लेकर काफी गंभीर है। इसी को ध्यान में रखकर इस पर काम कर रही है। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच संभावित सहयोग, स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त औद्योगिक माडल और पुनर्वासित परिवारों के लिए रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों ओर से व्यावहारिक पहलुओं और भविष्य की संभावनाओं पर विचार साझा किए गए। उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल बीसीसीएल की ओर से डीटीओपी संजय कुमार सिंह, महाप्रबंधक (जेएमपी) राजीव चोपड़ा सहित अन्य अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल थे। वहीं आदित्य बिड़ला समूह की ओर से मुख्य आपूर्ति श्रृंखला अधिकारी स्वामीनाथन रामचंद्रन, मुख्य स्थिरता अधिकारी डा. नरेश त्यागी, कॉरपोरेट अफेयर्स के वरिष्ठ अधिकारी और मैन्युफैक्चरिंग हेड सुधाकरन गुरुनाथन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आगे की योजना पर होगा निर्णय दौरे के दूसरे दिन शनिवार को औद्योगिक माडल के क्रियान्वयन और रोजगार आधारित गतिविधियों के विकास पर विस्तृत चर्चा होगी। इस अध्ययन से मिले निष्कर्षों के आधार पर बीसीसीएल भविष्य की कार्ययोज

‘शौच के लिए बाहर जाना भी छुट्टी माना जाएगा’, शिक्षा मंत्री के बयान पर चर्चा तेज

रामगढ़  बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री व भाजपा के कद्दावर नेता मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे अपने दायित्व बोध को जगाएं तभी विवेकानंद का सपना साकार होगा। आप सभी सहयोग व संकल्प के साथ कार्य करने का निश्चय करने का ठान लेंगे, तब शिक्षा के क्षेत्र में बिहार की तस्वीर बदल देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य की शिक्षा में गुणात्मक सुधार मेरी प्राथमिकता में है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी रामगढ़ के माधव पैलेस में भाजपा द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि स्कूलों में मां सरस्वती की आराधना और उपासना से सब कुछ हासिल किया जा सकता है। शौच के लिए भी बाहर गए तो कार्रवाई तय शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि विद्यालय अवधि के दौरान बिना अनुमति स्कूल परिसर से बाहर जाना शिक्षकों को महंगा पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित निगरानी प्रणाली के जरिए शिक्षकों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि यदि कोई शिक्षक स्कूल समय में परिसर से बाहर जाता है तो उसकी उपस्थिति पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि शौच के लिए भी यदि कोई शिक्षक विद्यालय की चहारदीवारी से बाहर जाता है तो उसकी आधे दिन की उपस्थिति प्रभावित हो सकती है वहीं, यदि कोई शिक्षक एक घंटे से अधिक समय तक विद्यालय से बाहर रहता है तो उसे पूरे दिन की अनुपस्थिति माना जा सकता है। 'बिहार का भविष्य शिक्षकों के हाथ में' शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार के सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था शिक्षकों के भरोसे चलती है और राज्य के बच्चों का भविष्य उनके हाथों में है। उन्होंने कहा, "आप छात्रों को गढ़ने का काम करते हैं। आने वाले बिहार की नींव स्कूलों में रखी जाती है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" AI आधारित मॉनिटरिंग से बढ़ेगी जवाबदेही मंत्री ने कहा कि विभाग तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दे रहा है और इसी कड़ी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यालय में उनकी गतिविधियों और समय पालन की निगरानी की जाएगी। सरकार का मानना है कि तकनीक के उपयोग से जवाबदेही बढ़ेगी और विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी। लंबित मामलों के समाधान का भी भरोसा शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों की समस्याओं को लेकर भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विभाग में लंबित पड़े एसीपी, वेतन विसंगति, प्रोन्नति और अन्य प्रशासनिक मामलों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सचिवालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। विभाग में सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत 20 दिनों के भीतर शिकायतों का निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा। अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर किसी शिक्षक की समस्या का समाधान नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर जहां शिक्षकों से अनुशासन और जवाबदेही की अपेक्षा करती है, वहीं दूसरी ओर उनकी वैध समस्याओं के समाधान के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकारी स्‍कूलों में अपने बच्‍चे को पढ़ाने पर होगा गर्व इसलिए हमारा लक्ष्य है कि हम सभी मिलकर राज्य के स्कूलों को कुछ इस तरह विकसित करेंगे, जरुरी संसाधनों से लैस करेंगे कि सरकारी स्कूलों में मंत्री- विधायक और अधिकारी के बच्चे भी गौरव-बोध के साथ पढ़ाई कर सकें। हम ऐसी संरचना व संसाधन स्थापित कर दिखाएंगे। यह हमारा संकल्प भी है और लक्ष्य है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि आप सुविधाएं लीजिए। सरकार जरुरी सहुलियत भी मुहैया कराने का निर्णय ले चुकी है। लेकिन पढ़ाई में ढ़िलाई बर्दाश्त नहीं होगी। पठन पाठन व्यवस्था में सख्ती लागू रहेगी। उन्होंने शिक्षकों को मजाकिया लहजे में चेताया कि अब ई शिक्षा पोर्टल पर हस्ताक्षर बनाकर ससुराल नहीं घूम पाएंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की समस्या को हमने करीब से महसूस किया और फिर सरकार ने निर्णय लिया कि महिला शिक्षकों को अपने मूल पंचायत के बगल वाली पंचायत और पुरुष शिक्षकों को अपने मूल प्रखंड के बगल वाले प्रखंड में पोस्टिंग करेंगे। इस सुविधा और सहूलियत का एक मात्र उद्देश्य है कि शिक्षको को परेशानी से छुटकारा मिले और गुणात्मक शिक्षा की दिशा में सार्थक प्रयास को अंजाम दे सकें। मंत्री ने कहा कि बक्सर और रामगढ़ से मेरा गहरा लगाव है। हर महीने रामगढ़ के एक स्कूल में आऊंगा और पूर्व विधायक अशोक सिंह शिक्षा के क्षेत्र में जो प्रस्ताव भेजेंगे उसे स्वीकृति मिलेगी। समारोह की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष संजय जायसवाल और संचालन राजीव श्रीवास्तव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन परशुराम तिवारी ने किया। समारोह को जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश पांडेय, पूर्व प्रमुख संजय सिंह, तरुण सिंह, दिनेश उपाध्याय, कृपाशंकर चौबे, हरिद्वार राम, मंडल अध्यक्ष आनंद सिंह, अरविंद सिंह, विक्की सिंह ने संबोधित किया।    

10 एकड़ तक जमीन आवंटन का अधिकार डीएम को, बिहार में प्रक्रिया होगी तेज और सरल

पटना बिहार में सरकारी परियोजनाओं की रफ्तार को तेज करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब विभिन्न सरकारी विभागों को फ्री या स्थायी रूप से जमीन ट्रांसफर करने के मामले में डीएम और कमिश्नर के अधिकारों का दायरा काफी ज्यादा बढ़ा दिया गया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस बदलाव को लेकर अपना आधिकारिक पत्र भी जारी कर दिया है। विभाग द्वारा उठाए गए इस कदम से छोटे और मध्यम स्तर के प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि आवंटन की फाइलों को बार-बार मुख्यालय भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे समय की बड़ी बचत होगी। पहले सिर्फ 3 एकड़ तक ही सीमित था जिलाधिकारियों का पावर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह की ओर से जारी किए गए पत्र के अनुसार, पुरानी व्यवस्था के तहत अब तक जिलाधिकारियों को केवल 3 एकड़ तक की ही सरकारी या गैर मजरूआ आम भूमि का हस्तांतरण करने का अधिकार प्राप्त था। वहीं, 3 एकड़ से अधिक और 5 एकड़ तक की भूमि का फ्री हस्तांतरण प्रमंडलीय आयुक्त (कमिश्नर) के स्तर पर किया जा रहा था। हाल ही में विभाग द्वारा की गई उच्च स्तरीय समीक्षा के दौरान यह बात खुलकर सामने आई कि इस पुरानी व्यवस्था के कारण छोटी-छोटी परियोजनाओं के लिए भी जमीन हस्तांतरण में बहुत अधिक समय बर्बाद हो रहा था। इसी लेती-देती को खत्म करने के लिए विभाग ने अब 10 एकड़ तक की जमीन के ट्रांसफर की पूरी शक्ति सीधे तौर पर डीएम को सौंप दी है। 10 से 20 एकड़ तक की जमीन का फैसला करेंगे कमिश्नर विभाग द्वारा जारी नए नियमों के तहत अब 10 एकड़ से अधिक और 20 एकड़ तक की सरकारी जमीन के फ्री या स्थायी हस्तांतरण की मंजूरी प्रमंडलीय आयुक्त के स्तर पर दी जा सकेगी। यदि किसी बड़ी परियोजना के लिए 20 एकड़ से अधिक भूमि के हस्तांतरण की आवश्यकता होती है, तो उसके लिए अंतिम मंजूरी सीधे राज्य मंत्रिपरिषद के स्तर पर ली जाएगी। इसके साथ ही, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने पारदर्शिता और आधुनिकता को बढ़ावा देने के लिए एक और कड़ा फरमान जारी किया है। विभाग ने सख्त लहजे में दोहराया है कि अब आम जनता या किसी भी कार्य के लिए लैंड रिकार्ड की केवल डिजिटल साइन्ड कॉपी ही ली जाएगी।

रसायन-मुक्त आमों की प्रदर्शनी, रांची में किसानों को मिला सीधा बाजार

रांची राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के तत्‍वावधान में 19 से 21 जून तक आम महोत्‍सव का आयोजन किया जा रहा है. राजधानी के शहीद चौक स्थित झारखंड राज्य सहकारी बैंक परिसर में लगे इस प्रदर्शनी में राज्य के आदिवासी किसानों द्वारा उत्पादित विभिन्न प्रकार के आमों की प्रदर्शनी और बिक्री की जा रही है. नाबार्ड झारखंड क्षेत्रीय कार्यालय वर्ष, 2021 से हर साल रांची में आम महोत्सव का आयोजन कर रहा है. शुक्रवार को इस महोत्सव का शुभारंभ नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक, झारखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड की अध्यक्ष बिभा सिंह, एसएलबीसी के महाप्रबंधक गुरु प्रसाद गोंड, सामाजिक और पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्त्ता जमुना टुडू, दिव्यायन कृषि विकास केंद्र, रांची के सचिव स्वामी भावेशानंद ने संयुक्त रूप से किया. किसानों को मिल रहा सीधा बाजार यह उत्सव नाबार्ड वाडी परियोजनाओं के तहत समर्थित आदिवासी किसानों के लिए आयोजित किया जा रहा है, जो आम सहित अन्य फलों, अनाज और सब्जियां उगा रहे हैं. यह शहरवासियों को अच्छी गुणवत्ता और रसायन-मुक्त यानी कार्बाइड मुक्त आम उपलब्ध करा रहा है. आम महोत्सव आदिवासी किसानों को बिचौलियों और कमीशन एजेंटों से मुक्त होकर सीधे बाजार भी प्रदान करेगा. एक्सपोर्ट क्वालिटी रसायन मुक्त आम, अनाज और सब्जियां आम महोत्सव में राज्य के विभिन्न नाबार्ड समर्थित बाड़ी परियोजनाओं द्वारा उगाये गये दूधिया मालदा, हिमसागर, लंगड़ा, तोतापरी, हिमसागर, आम्रपाली, मल्लिका आदि सहित आमों की विभिन्न किस्मों की प्रदर्शन और बिक्री की जा रही है. यह एक्सपोर्ट क्वालिटी आम सीधे किसानों के खेतों से आप तक पहुंच रही है. उपज को पकाने के लिए किसी भी रसायन का उपयोग नहीं किया गया है. महोत्सव में लगाये गये स्टॉल्स पर काजू, मखाना, शहद, मोटे आर्गेनिक अनाज, सब्जियों और अन्य वनोत्पादों को लोग खास खुशबू और स्वाद के लिए खूब पसंद कर रहे हैं.

‘बिहार रोजगार सेतु’ पोर्टल से 68 हजार से अधिक युवाओं को मिला रोजगार, समीक्षा बैठक में तेज़ी के निर्देश

 पटना बिहार में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अधिकतम अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सम्राट सरकार काफी तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी कड़ी में राज्य के भीतर बड़े पैमाने पर नए रोजगार के अवसरों का सृजन किया गया है। प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बीते महज सात महीनों के भीतर ही पूरे सूबे में कुल 63,115 नए रोजगार के अवसरों का सृजन किया गया है। इसके अलावा, बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी डिजिटल प्लेटफॉर्म 'बिहार रोजगार सेतु पोर्टल' के माध्यम से अब तक 68 हजार 822 युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार के विभिन्न अवसर सफलतापूर्वक उपलब्ध कराए जा चुके हैं। विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में हाई-लेवल मीटिंग रोजगार और युवाओं से जुड़ी इन कल्याणकारी योजनाओं को और अधिक रफ्तार देने के लिए शुक्रवार को पटना में एक बेहद महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता राज्य के विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट 'सात निश्चय-3' के अंतर्गत युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग द्वारा संचालित की जा रही तमाम योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की बहुत ही विस्तृत और बिंदुवार समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों ने अब तक हासिल किए गए लक्ष्यों और भविष्य की रूपरेखा का पूरा ब्यौरा विकास आयुक्त के सामने पेश किया, जिसके बाद आगे की रणनीति पर गहन मंथन हुआ। वैश्विक रोजगार और नई तकनीकों पर आधारित ट्रेनिंग पर जोर इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से युवाओं के कौशल विकास, नए रोजगार सृजन की रणनीतियों, और वर्तमान समय में उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को ट्रेनिंगदेने पर विशेष चर्चा की गई। इसके साथ ही, बिहार के युवाओं को न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर यानी विदेशों में मिलने वाले रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करने तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग जैसी नई तकनीकों पर आधारित कौशल विकास कार्यक्रमों की प्रगति को भी परखा गया। विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने बैठक में मौजूद सभी संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि वे एक निश्चित समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करें, ताकि 'सात निश्चय-3' के सभी लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके और बिहार के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के साथ-साथ रोजगार व स्वरोजगार के सबसे ज्यादा मौके मिल सकें।

लू और गर्म रात का कहर जारी, बिहार में मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

पटना बिहार वासियों को फिलहाल गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज यानी 20 जून से 22 जून तक राज्य के पश्चिमी और मध्य भागों में लू (हीट वेव) और गर्म रात (वॉर्म नाइट) जैसी स्थिति बने रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम और मध्य बिहार के कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। साथ ही पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी गर्म एवं शुष्क हवाओं के प्रभाव से दिन के समय तेज गर्मी महसूस होगी। रात में भी न्यूनतम तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहने के कारण लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने कहा कि 20 जून को भी उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है। इसके साथ ही उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने के आसार हैं। वहीं 21 जून को दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य जिलों में कुछ स्थानों पर उष्ण लहर चलने की संभावना जताई गई है। वहीं उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार के कई इलाकों में मेघ गर्जन, वज्रपात तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। मौसम विभाग ने कहा कि 22 जून को भी दक्षिण-पश्चिम बिहार में हीट वेव का असर जारी रह सकता है। दूसरी ओर अररिया, किशनगंज सहित सीमांचल क्षेत्र के कुछ हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। कटिहार, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा और सुपौल जिलों में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। पिछले 24 घंटें में कहां-कैसा रहा मौसम? पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के मौसम में मिले-जुले हालात देखने को मिले। मधुबनी जिले के एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई, जबकि राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। वहीं सारण, बक्सर और कैमूर जिलों में उष्ण लहर (हीट वेव) का प्रभाव बना रहा। राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान कैमूर (भभुआ) में 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में 22.2 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान 29.9 से 42.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.2 से 29.9 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मोतिहारी में 46 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सबसे तेज हवा चली। वर्षा की बात करें तो राजनगर में सर्वाधिक 83 मिमी बारिश हुई, जबकि लौकही में 53.2 मिमी, बरबीघा में 53 मिमी, गिरियक में 50.4 मिमी और बेनीपट्टी में 46.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इससे कई क्षेत्रों में लोगों को गर्मी से राहत मिली, हालांकि दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ जिलों में गर्मी का असर बरकरार रहा। भीषण गर्मी का स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लू के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, अत्यधिक थकान और अन्य गर्मी जनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसका सबसे अधिक असर बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं, लंबे समय से बीमार लोगों और खुले में काम करने वाले श्रमिकों पर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने स्पष्ट कहा कि लंबे समय तक धूप में रहने या अत्यधिक शारीरिक श्रम करने से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में अधिक सावधानी बरतें। मौसम विभाग ने कहा कि लोगों को अत्यधिक गर्मी में कठिन और श्रमसाध्य कार्य करने से बचें। साथ ही चाय, कॉफी, कार्बोनेटेड शीतल पेय और अधिक प्रोटीनयुक्त या बासी भोजन के सेवन से भी परहेज करने को कहा गया है। लक्षण दिखें तो फौरन डॉक्टर को कॉल करें मौसम विभाग ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति में तेज बुखार, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, सिरदर्द, भ्रम की स्थिति या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर ले जाएं तथा प्राथमिक उपचार देने के बाद नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करें।