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जनसुराज में बड़ा भूचाल: प्रशांत किशोर के करीबी नेता ने दिया इस्तीफा, जानिए कारण

पटना बिहार की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, भोजपुरी गायक एवं अभिनेता रितेश पांडे (Ritesh Pandey) ने जन सुराज पार्टी (Jan Suraj) से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसका ऐलान किया है। रितेश पांडे ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "एक जिम्मेदार भारतीय होने के नाते और अधिकार से मैंने जन सुराज पार्टी के साथ जुड़कर लोक तंत्र के महापर्व में भाग लिया, परिणाम अनुकूल नहीं रहे पर मुझे इसका तनिक भी अफसोस नहीं है क्यों की मैंने अपना काम ईमानदारी से किया"। उन्होंने आगे लिखा कि, "खैर-अब उसी काम के माध्यम से आप सभी का सेवा जारी रखना है जिससे आप लोगो ने मुझ जैसे एक मामूली किसान परिवार के लड़के को इतना प्यार दुलार और सम्मान दे कर यहां तक पहुंचाया और इसमें किसी राजनैतिक दल का सक्रिय सदस्य रहकर काम करना बहुत मुश्किल है। करगहर से लड़ा था चुनाव भोजपुरी गायक ने आगे लिखा, आज मैं जन सुराज पार्टी की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे रहा हूं। कम शब्दों में अपनी बात को कहने का प्रयास किया है उम्मीद है आप लोग समझेंगे।" बता दें कि रितेश पांडे ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अपनी किस्मत आजमाते हुए करगहर से चुनाव लड़ा था। उन्होंने जन सुराज की टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन वे जीत हासिल नहीं कर पाए।

डिजिटल पेमेंट के जरिए चल रहा था देह व्यापार, कम उम्र की लड़कियों के शोषण का खुलासा

पटना बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के चर्चित रेड लाइट एरिया चतुर्भुज स्थान में देह व्यापार के एक काले खेल का पर्दाफाश हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद यहां नाबालिग लड़कियों से जबरन जिस्मफरोशी कराई जा रही थी। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब दिल्ली की एक संस्था ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के साथ मिलकर एक गुप्त ऑपरेशन चलाया। दिल्ली से बुना गया रेस्क्यू ऑपरेशन का जाल देह व्यापार की यह घिनौनी हकीकत तब सामने आई जब दिल्ली की संस्था रेस्क्यू फाउंडेशन को सूचना मिली कि मुजफ्फरपुर की गलियों में 13 से 17 साल की बच्चियों को बंधक बनाकर रखा गया है। संस्था के अधिकारी संजय प्रसाद गुप्ता ने इसकी जानकारी राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को दी। आयोग के निर्देश पर दिल्ली और मुंबई से विशेषज्ञों की एक विशेष टीम मुजफ्फरपुर पहुंची। स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर 8 जनवरी को शुक्ला रोड और मैना गली में अचानक रेड मारी गई। दो ठिकानों पर रेड, 6 बच्चियां बरामद  मैना गली (सबाना खातून का घर): यहां से 13, 16 और 17 साल की तीन लड़कियां रेस्क्यू की गईं। मौके से सबाना खातून और उसकी सहयोगी बानो खातून को गिरफ्तार किया गया। लड़कियों ने बताया कि उनसे जबरन धंधा कराया जाता था और सारा पैसा ये महिलाएं रख लेती थीं। शुक्ला रोड (कुमारी पल्लवी का घर): यहां से भी 17 साल की तीन लड़कियां मिलीं। हालांकि मुख्य आरोपी पल्लवी पुलिस के आने से पहले ही फरार होने में कामयाब रही।   हाईटेक हुआ धंधा: कैश नहीं तो स्कैनर तैयार छापेमारी के दौरान पुलिस तब दंग रह गई जब शुक्ला रोड स्थित ठिकाने से एक ATM/डिजिटल स्कैनर बरामद हुआ। बचाई गई लड़कियों ने खुलासा किया कि पल्लवी बहुत शातिर थी यदि किसी ग्राहक के पास नकद (Cash) नहीं होता था तो वह डिजिटल स्कैनर के जरिए ऑनलाइन पेमेंट लेती थी। आगे की कार्रवाई नगर थानेदार कमलेश कुमार के मुताबिक पुलिस ने इमोरल ट्रैफिकिंग एक्ट (अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पकड़ी गई दोनों महिलाओं को जेल भेज दिया गया है। सभी 6 नाबालिग लड़कियों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के सामने पेश किया गया है। अब उनके बयान दर्ज किए जाएंगे और उन्हें सुरक्षित पुनर्वास केंद्रों में भेजा जाएगा।  

झारखंड में सरकारी कंबल चोरी करते BDO की गाड़ी ग्रामीणों ने रोकी

हरिहरगंज/पलामू. पिपरा प्रखंड में कंबल वितरण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पंचायत जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने बीडीओ व कर्मचारियों पर कंबल चोरी करने का आरोप लगाया और उनकी गाड़ी को सड़क पर रोक दिया। यह हंगामा छतरपुर थाना क्षेत्र के दीनादाग मोड़ के पास एनएच 98 पर हुआ। इससे, काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही। जाकारी के अनुसार, पिपरा के बीडीओ अपनी सरकारी गाड़ी से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान पंचायत प्रतिनिधियों व स्थानीय ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया। ग्रामीणों का आरोप था कि बीडीओ सरकारी कंबल चोरी कर बाहर ले जा रहे हैं। इसी दौरान प्रखंड में तैनात एक अन्य कर्मचारी की मोटरसाइकिल को भी रोका गया। इसके पास दो कंबल पाए गए। बीडीओ की गाड़ी से 10 कंबल मिला। आक्रोशित कई ग्रामीण व जनप्रतिनिधियों ने बीडीओ की गाड़ी की चाबी छीन ली। स्थिति बिगड़ती देख छतरपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंचकर हस्ताक्षेप कर मामले को शांत कराया। पुलिस के समझाने के बाद बीडीओ की गाड़ी की चाबी वापस कर दी गई। छुट्टी के दिन कंबल ले जाने पर उठे सवाल पिपरा के प्रखंड प्रमुख विक्रांत सिंह यादव ने कहा कि बीडीओ पहले भी 10 कंबल लेकर जा चुके थे। जरूरतमंद लगातार कंबल की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छुट्टी के दिन बीडीओ कंबल लेकर प्रखंड क्षेत्र से बाहर जा रहे थे, जो संदेहास्पद है। कंबल वितरण के लिए था तो प्रखंड क्षेत्र में ही गाड़ी रोकी जा सकती थी। जानबूझकर छतरपुर क्षेत्र में ले जाकर उन्हें कंबल बाहर ले जाने की कोशिश की गई। बीडीओ ने आरोपों को किया खारिज इस मामले में पिपरा के बीडीओ विनय कुमार ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि प्रखंड को कुल 800 कंबल उपलब्ध कराए गए थे। इनमें से करीब 700 का वितरण पहले हो चुका है। उनकी गाड़ी में हर समय कुछ कंबल रहते हैं, ताकि जरूरतमंदों को तुरंत दिया जा सके। छुट्टी के दिन वह बस पकड़ने के लिए छतरपुर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी गाड़ी को रोक दिया गया। चाबी छीन ली गई। पूरे मामले के कानूनी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।

आज राष्ट्रीय युवा दिवस: स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती पर CM हेमंत का नमन

रांची आज 12 जनवरी को भारत के महान आध्यात्मिक गुरु और सबसे बड़े युवा आइकन स्वामी विवेकानन्द जी की जयंती है। स्वामी विवेकानन्द को करोड़ों युवा अपना आदर्श मानते हैं और उनके जोशीले विचारों से प्रेरणा लेते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वामी विवेकानंद को नमन किया है। CM हेमंत ने राष्ट्रीय युवा दिवस की दी बधाई मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिखा, युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सादर नमन। आज राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं, जोहार।         राजयपाल ने भी किया नमन राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सोशल मीडिया पर लिखा, युगपुरुष एवं महान दार्शनिक स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन तथा राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ। भारतीय संस्कृति को विश्व-पटल पर गौरव दिलाने वाले स्वामी विवेकानंद जी के विचार और आदर्श युवाओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत हैं। विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता के एक बंगाली परिवार में हुआ था। उनके पिता विश्वनाथ दत्त कलकत्ता के उच्च न्यायालय में एक वकील थे। विवेकानंद के जन्म के समय उनका नाम नरेंद्र नाथ दत्त रखा गया था। 25 साल की आयु में विवेकानंद ने स्वामी रामकृष्ण परमहंस से प्रेरित हो कर अपना घर छोड़ दिया था और एक सन्यासी की तरह अपना जीवन बिताने लगे थे। स्वामी विवेकानंद की 39 वर्ष की आयु में 4 जुलाई 1902 को मृत्यु हो गई थी। उनकी मृत्यु का कारण रात 9 बजे ध्यान करते समय मस्तिष्क में रक्त वाहिका का टूटना बताया गया था।

शिबू सोरेन की कॉफी टेबल बुक देख भावुक हुईं रूपी सोरेन

रांची. शिबू सोरेन पर प्रकाशित कॉफी टेबल बुक के विमोचन के साथ ही झामुमो के सीनियर नेता कॉफी टेबल बुक लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के पास पहुंचे। वहां एक-एक पन्ना पलटकर झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने रूपी सोरेन को पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन से जुड़ी पुरानी तस्वीरें दिखाईं। झामुमो नेता मनोज पांडेय भी इस दौरान उनके साथ मौजूद रहे। सामूहिक तस्वीरों में रूपी सोरेन ने शैलेंद्र महतो, सूरज मंडल, निर्मल महतो आदि की तस्वीरों को पहचाना और इस क्रम में उनके अधरों पर मुस्कान की हल्की लकीर भी दिखी। तस्वीरों को देखने के क्रम में उन्हें अपने ज्येष्ठ पुत्र दुर्गा सोरेन की याद आ गई और इस याद के साथ ही उनकी आंखें डबडबा गईं। कंपकंपाते होठों से उन्होंने दुर्गा सोरेन का नाम भी लिया और पार्टी नेताओं की ओर देखा। तस्वीर में शिबू भाषण देते दिख रहे थे और दुर्गा सोरेन खड़े थे। झामुमो नेताओं को यह बात समझते देर नहीं लगी कि मामला अब गमगीन हो सकता है सो उन्होंने दूसरी तस्वीरें दिखानी शुरू कर दीं। रूपी अपने परिवार के अन्य सदस्यों को कॉफी टेबल बुक में देखकर प्रसन्न भी हुईं। कॉफी कौतूहल के साथ सभी तस्वीरों को देखा। एक-एक पन्ना पलटा। इसके बाद वे मौके पर मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों के साथ चर्चा करने में जुट गईं।

झारखंड में पुराने वाहनों के फिटनेस नियम हुए सख्त

रांची/रामगढ़. जिले व इसके आसपास यानी पड़ोसी बोकारो जिले के पुराने वाहन मालिकों के लिए थोड़ी परेशानी बढ़ गई है। पहले जिन पुराने वाहनों के फिटनेस के लिए आसानी से जिला परिवहन कार्यालय जाकर वाहनों की जांच करा फिटनेस सर्टिफिकेट प्राप्त करते थे। अब यह व्यवस्था पूरे राज्य में जनवरी महीने से बंद हो गई है। सड़क परिवहन राज मार्ग मंत्रालय के निर्देशानुसार अब ऐसे वाहनों को फिटनेस के लिए निजी स्तर पर एटीएस यानी आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन में जाकर कराना होगा। जानकारों की मानें तो यह वर्तमान में दो रांची, एक जमशेदपुर व एक हजारीबाग में यानी पूरे प्रदेश के केवल चार स्थानों पर ही है। यहां के सभी प्रकार के निजी व व्यवसायिक वाहनों का फिटनेस कराने के लिए या तो हजारीबाग का चक्कर लगाना होगा या फिर रांची का। दोनों ही स्थिति में वाहन मालिकों व ट्रांसपोर्टरों को 120 से 130 किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी होगी। इसके अलावा राजधानी रांची जाने के दौरान नो इंट्री आदि के चक्कर में पड़ेंगे सो अलग से व प्रमंडलीय मुख्यालय हजारीबाग बड़कागांव रोड में यह एटीएस बना है। चूंकि रामगढ़, बोकारो व धनबाद जिला अधिकतर हिस्से में कोल इंडिया की कोलियरियां व अन्य औद्योगिक ईकाइयों में चलने वाले भारी मालवाहक वाहन हैं। ऐसे में इतनी दूरी तय करना यहां के ट्रांसपोर्टरों व वाहन मालिकों के लिए परेशानी का सबब बनेंगी। इससे अतिरिक्त खर्च भी इनके जेब पर भारी पड़ेगी। ट्रांसपोर्टरों की मानें तो क्षेत्र की कोलियरियों में छुट्टी अगर रविवार को होगी तो गाड़ी का फिटनेस रविवार को नहीं हो पाएगा क्योंकि एटीएस रविवार को को बंद रहेंगी। अब तक एमवीआई करते आ रहे थे फिटनेस का कार्य सड़क पर चल रही पुरानी हो चुकी छोटी बड़ी निजी व व्यवसायिक वाहनों का फिटनेस जिला परिवहन कार्यालय में कार्यरत एमवीआई करते आ रहे थे। संबंधित व्यवसायिक वाहनों मसलन बस आदि को फिटनेस कराने जाने के लिए रूट परमिट आदि की समस्याओं से दो-चार होना पड़ेगा। नहीं तो इस स्थिति में कभी प्रशासनिक कार्रवाई की जद में भी इनके वाहन आएंगे जो वाहन मालिकों के लिए परेशानी का सबब बनेगा। रामगढ़ में फिटनेस का कार्य बंद होने से उनके समक्ष परेशानी बढ़ी है। अब तक रामगढ़ में पूर्व की व्यवस्था होने से उन्हें परेशानी नहीं थी, अब रांची व हजारीबाग का चक्कर लगाना उनके लिए परेशानियों से भरा होगा। – राजू प्रसाद, ट्रांसपोर्टर अगर एटीएस रामगढ़ जिले में स्थापित होता तो इससे पास के बोकारो, धनबाद जिले के वाहन मालिकों व ट्रांसपोर्टरों को सुविधा होती लेकिन वर्तमान आदेश के बाद हम सभी के लिए परेशानी बढ़ेगी। – दिनेश साहू, वाहन मालिक सह ट्रांसपोर्टर रांची हजारीबाग गाड़ी ले जाना संभव नहीं है। कोलियरियों व रेलवे साइडिंग में एक दिन भी छुट्टी नहीं होती। छुट्टी अगर रविवार को होगी तो उनका रविवार को काम नहीं हो पाएगा, क्योंकि रविवार को एटीएस बंद रहेंगी। यह हमलोगों के लिए व्यर्थ की पेरशानी व जेब पर भारी पड़ने वाला निर्णय है। – संतोष कुमार, ट्रांसपोर्टर

झारखंड सरकार लड़कियों को पढ़ाई के लिए देगी 30 हजार रुपए

रांची. झारखंड सरकार के उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग (उच्च शिक्षा निदेशालय) ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से संचालित अजीम प्रेमजी छात्रवृत्ति योजना के क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक सहयोग प्रदान करना है, ताकि वित्तीय बाधाएं उनकी शैक्षणिक प्रगति में रोड़ा न बनें। उच्च शिक्षा निदेशक सुधीर बाड़ा की ओर से सभी विवि के रजिस्ट्रार को जारी पत्र में छात्राओं को इस छात्रवृत्ति योजना से जोड़ने को कहा गया है। छात्रवृत्ति उन छात्राओं के लिए है जिन्होंने 10वीं-12वीं सरकारी स्कूलों से उत्तीर्ण की हो और शैक्षणिक सत्र 2025-26 में किसी मान्यता प्राप्त स्नातक या डिप्लोमा पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में नामांकन लिया हो। योजना के तहत चयनित छात्राओं को प्रतिवर्ष 30,000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी, जिसका उपयोग ट्यूशन फीस या अन्य शिक्षा-संबंधी खर्चों में किया जा सकेगा। यह सहायता पाठ्यक्रम की पूरी अवधि के लिए दी जाएगी।

6 दरिंदों ने किया हैवानियत का शिकार, अगवा कर शराब पिलाई और लड़की पर किया हमला

 पूर्णिया,    दिल्ली से करीब 1300 किलोमीटर दूर बिहार के पूर्णिया में गैंगरेप की एक ऐसी वारदात हुई है जिसे जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. छह दरिंदों ने एक मासूम युवती को जबरन कार में खींचा, 25 किलोमीटर दूर ले जाकर उसे बंधक बनाया और फिर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. लड़की चीखती रही, चिल्लाती रही लेकिन न तो किसी ने उसकी मदद की और ना दरिदों को उस पर तरस आई. जिस युवती का सपना सिर्फ अपने परिवार को बेहतर जिंदगी देना था, उसी की जिंदगी को दरिंदों ने नरक में बदल दिया. अब पीड़िता गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है और जिंदगी की जंग लड़ रही है. पहले अगवा किया, फिर जबरन शराब पिलाई उस युवती के साथ दरिंदों ने ऐसा अमानवीय व्यवहार किया कि इंसानियत भी शर्मसार हो जाए. पीड़िता अपने परिवार का पेट पालने के लिए आर्केस्ट्रा में काम करती थी. वह सपने देखती थी और बेहतर जीवन की तलाश में संघर्ष कर रही थी, लेकिन कुछ दरिंदों ने उसकी जिंदगी को नरक बना दिया. आर्केस्ट्रा में काम करने वाली उस युवती का आधा दर्जन युवकों ने पहले अपहरण किया, फिर उसे जबरन शराब पिलाई और पूरी रात उसके साथ हैवानियत करते रहे. फिलहाल युवती पूर्णिया के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है. इस वारदात से जुड़ी जो जानकारी सामने आई है, वह और भी चौंकाने वाली है. पुलिस के अनुसार, पीड़िता पूर्णिया के नेवलाल चौक से पैदल अपने घर लौट रही थी. इसी दौरान एक कार में सवार छह युवकों ने उसे रास्ते में रोक लिया. लड़की ने विरोध किया, तो आरोपियों ने जबरन उसे गाड़ी में खींच लिया और उसका मुंह दबाकर शोर मचाने से रोका. इसके बाद आरोपी उसे बरियार चौक स्थित जया ट्रेडर्स के एक कमरे में ले गए, जहां उसे बंधक बना लिया गया. दरवाजा तोड़ कर पुलिस ने बचाई पीड़िता की जान वहां युवती को जबरन शराब पिलाई गई और नशे की हालत में छह आरोपियों ने उसके साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया. इस भयावह परिस्थिति में भी पीड़िता ने अद्भुत साहस दिखाया. जब मुख्य आरोपी मोहम्मद जुनेद नशे की हालत में सो गया, तब पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर उसी के मोबाइल फोन से डायल 112 पर कॉल किया और पुलिस को अपनी लोकेशन बताई. सूचना मिलते ही डगरूआ थाने की पुलिस गश्ती टीम सक्रिय हुई और लोकेशन के आधार पर जया ट्रेडर्स पहुंची. कमरे के बाहर ताला लगा देखकर पुलिस ने दरवाजा तोड़ा और अंदर का दृश्य देखकर स्तब्ध रह गई. पीड़िता बदहवास हालत में पड़ी थी, जबकि मुख्य आरोपी पास में नशे की हालत में सो रहा था. पुलिस ने मौके से मोहम्मद जुनेद को गिरफ्तार कर लिया है. एक आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश डगरूआ थाना की एसआई पूर्णिमा कुमारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह सामूहिक दुष्कर्म का मामला है. एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य पांच की पहचान की जा रही है. उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी टीम गठित कर दी गई है.

झारखंड में 34 लाख लोगों को मिल रही 1 हजार रुपए पेंशन

रांची. सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत 34.40 लाख से अधिक लाभुकों को राज्य सरकार प्रतिमाह 1000 रुपए पेंशन का भुगतान कर रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 अंतर्गत अप्रैल माह से बीते 7 जनवरी तक 34,40,509 लाभुकों के खाते में 3 अरब 44 करोड़ 5 लाख 9 हजार रुपए का भुगतान किया गया है। बीते गुरुवार (8 जनवरी) को विकास आयुक्त की अध्यक्षता में महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग अंतर्गत चल रही कल्याणकारी योजनाओं की स्थिति समीक्षा की गई थी। समीक्षा में 30 से अधिक कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च की गई राशि की उपलब्धि, नए निर्माण कार्य एवं संबंधित योजना में कितने लाभुकों को लाभ पहुंचाया गया, की जानकारी ली गई। इसमें आंगनबाड़ी सेवाएं, पोषण अभियान, स्वच्छ एक्शन प्लान, शक्ति सदन, नेशनल क्रेच स्कीम, मिशन शक्ति, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सखी निवास, चाइल्ड प्रोटेक्शन सर्विस, वन स्टॉप सेंटर, चाइल्ड हेल्पलाइन, नेशनल एक्शन प्लान फॉर सीनियर सिटीजन सहित चार प्रमुख पेंशन योजना आदि प्रमुखता से शामिल हैं। उत्पीड़न से ग्रसित 1181 महिलाओं को पहुंचाई गई सहायता: वन स्टॉप सेंटर के तहत राज्य की 1181 महिलाओं को सहायता पहुंचाई गई है। वर्तमान में राज्य में 35 सेंटर का संचालन किया जा रहा है। मिशन शक्ति (संबल) के तहत महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने, उन्हें उनका अधिकार दिलाने तथा अत्याचार से बचाव के लिए सभी जिलों में यह कार्यरत है। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा रांची, पूर्वी सिंहभूम एवं धनबाद में एक-एक वन स्टॉप सेंटर भवन निर्माण कराया जाना है। नोडल विभाग द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। 1891 को संस्थानों के माध्यम से पहुंचाई सहायता राज्य में बच्चों की सुरक्षा के लिए चाइल्ड प्रोटेक्शन सर्विस की सुविधा भी संचालित है। वर्तमान में झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, राज्य दत्तक ग्रहण संसाधन (एसएआरए), 24 जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू), 24 बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), 26 किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में 1891 बच्चों को निम्न तरीके से सहायता पहुंचाई गई है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना : परिवार के 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के असहाय वृद्ध व्यक्तियों को प्रति लाभुक प्रतिमाह पेंशन राशि का भुगतान होता है। 60-79 वर्ष आयु वर्ग : 8,07,704 लाभार्थियों को प्रतिमाह 1000 रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। 80 वर्ष एवं उससे अधिक : 95,565 लाभार्थियों को प्रतिमाह 1000 रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना : परिवार की 40 वर्ष या उससे अधिक आयु की असहाय विधवा को पेंशन मिलती है। 25,11,828 लाभार्थियों को प्रतिमाह 1000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना : परिवार के 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के असहाय तथा 80% से अधिक दिव्यांगता से ग्रसित व्यक्ति को पेंशन मिलती है। वर्तमान में 24,412 लाभार्थियों को प्रतिमाह पेंशन का लाभ दिया गया है।

मकर संक्रांति से पहले दूध के 100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचे दाम

पटना/अकबर नगर. मकर संक्रांति पर्व को लेकर अकबरनगर सहित आसपास के शहरी व ग्रामीण इलाकों में दूध की मांग अचानक बढ़ गई है। मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं होने के कारण दूध, दही और पनीर की कीमतों में उछाल आया है। स्थिति यह है कि बाजार में भैंस का दूध 90 से 100 रुपये प्रति लीटर, जबकि गाय का दूध 50 से 60 रुपये प्रति लीटर तक बिक रहा है। स्थानीय पशुपालकों के अनुसार अकबरनगर क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 8 से 10 हजार लीटर दूध का उत्पादन होता है, जिसमें से आधे से अधिक दूध स्थानीय क्षेत्र में ही खप जा रहा है। पर्व को लेकर दही-चूड़ा की बढ़ी मांग के कारण बाहर दूध की आपूर्ति प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर नियमित ग्राहकों को भी तय मात्रा से कम दूध दिया जा रहा है। तिलकुट व तिलवा की बिक्री में उछाल मकर संक्रांति को लेकर अकबरनगर बाजार में तिलकुट, तिलवा व तिल के लड्डुओं की दर्जनों दुकानें सज गई हैं। तिलकुट विक्रेता राजीव कुमार ने बताया कि गुड़ व चीनी का तिलकुट 220 से 260 रुपये किलो, पापड़ी 240 से 280 रुपये किलो, तिलवा 70 से 80 रुपये किलो तथा काले व पीले तिल के लड्डू 280 से 300 रुपये किलो बिक रहे हैं। पर्व नजदीक आते ही बिक्री में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पतंगबाजी की परंपरा को देखते हुए अकबरनगर में पतंग की दुकानों में भी चहल-पहल देखी जा रही है। दुकानदार संतोष ने बताया कि 5 रुपये से लेकर 50 रुपये तक की पतंगों की अच्छी बिक्री हो रही है।