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बिहार में 217 रेलवे फाटकों पर बनेंगे नए रेलवे ओवर ब्रिज (ROB), रेलवे मंत्रालय ने दी मंजूरी

पटना   बिहार में लोगों को रेलवे फाटक पर खड़े होकर इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. आने वाले कुछ सालों में रेलवे फाटक रुकावट नहीं बनेंगे. दरअसल, राज्य के मुख्य सड़कों के बीच आने वाले रेलवे फाटकों पर लगभग 217 रेलवे ओवर ब्रिज बनाये जायेंगे. इसके साथ ही रेलवे अंडर ब्रिज भी बनाये जाने की योजना है. आने वाले साल में बिहार के लोगों को बड़ा तोहफा मिल सकता है. साल 2019 में साइन किया गया था एमओयू जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार की तरफ से कवायद शुरू कर दी गई है. साल 2019 में राज्य सरकार और रेल मंत्रालय के बीच आरओबी को लेकर एक एमओयू साइन किया गया था. उस वक्त बिहार में 44 रेलवे ओवर ब्रिज बनाने को लेकर फैसला हुआ था. उस समय आरओबी के निर्माण में खर्च होने वाली राशि में बिहार सरकार की भी सहभागिता थी. इतने आरओबी के लिये टेंडर का काम पूरा एमओयू के मुताबिक, 35 आरओबी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को करना था. इसके साथ ही 9 आरओबी का निर्माण बिहार राज्य पथ निगम के जरिये होना था. पूरे 44 आरओबी में 41 के लिये टेंडर का काम पूरा हो चुका है. जबकि बाकी के बचे 3 आरओबी के लिये टेंडर की प्रक्रिया चल रही है. ऐसे में अब 217 रेलवे ओवर ब्रिज और रेलवे अंडर ब्रिज का निर्माण होने वाला है. बिहार में रेल कनेक्टिविटी को मिल रहा बढ़ावा खास बात यह भी है कि सभी रेलवे ओवर ब्रिज और रेलवे अंडर ब्रिज बनाने की पूरी राशि केंद्र सरकार ही वहन करेगी. इससे साफ है कि राज्य सरकार की तरफ से रुपये खर्च नहीं करना पड़ेगा. इस तरह से आरओबी के बनने से लोगों को बड़ी सुविधा मिलने वाली है. मालूम हो, बिहार में रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिये कई पहल किये जा रहे हैं. कई जिलों में नई रेलवे लाइन बिछाई जा रही है. ताकि जिलों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ सके. इस तरह से रेल मंत्रालय ने बड़ा फैसला ले लिया है.

बढ़ती ठंड ने बढ़ाई छात्रों की चिंता, बिहार में स्कूलों की विंटर वेकेशन कब से?

पटना  बिहार में जैसे-जैसे सर्दी का असर बढ़ रहा है और तापमान लगातार गिर रहा है, वैसे-वैसे छात्रों और अभिभावकों की नजरें बिहार स्कूल विंटर वेकेशन 2025-26 के ऐलान पर टिकी हैं। हर साल ठंड के मौसम में बच्चों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में शीतकालीन अवकाश दिया जाता है, ताकि नए साल से पहले पढ़ाई के बीच एक छोटा सा ब्रेक मिल सके।   पिछले वर्षों के शैक्षणिक कैलेंडर और मौजूदा छुट्टियों के ट्रेंड को देखें तो बिहार के सरकारी और निजी स्कूलों में विंटर वेकेशन दिसंबर 2025 के आखिरी हफ्ते में शुरू होने की संभावना है। हालांकि, बिहार शिक्षा विभाग की ओर से अभी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन संभावित तारीखें पहले की तरह ही मानी जा रही हैं। बिहार में संभावित विंटर वेकेशन शेड्यूल जानकारी के मुताबिक, बिहार में स्कूलों की शीतकालीन छुट्टियां 25 दिसंबर 2025 यानी क्रिसमस के दिन से शुरू हो सकती हैं। 26 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक विंटर ब्रेक रहने की संभावना है, जबकि स्कूल 2 जनवरी 2026 से फिर से खुल सकते हैं। इस तरह कुल मिलाकर करीब 7 दिनों का शीतकालीन अवकाश रहने का अनुमान है। छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि ये तारीखें फिलहाल संभावित हैं। मौसम की स्थिति और राज्य सरकार के आधिकारिक आदेश के आधार पर इनमें बदलाव भी हो सकता है। ऐसे में किसी भी अंतिम जानकारी के लिए शिक्षा विभाग की ओर से जारी नोटिस पर नजर बनाए रखना जरूरी है।

नाम कई चले, कयास कई लगे… लेकिन पटना से दिल्ली पहुंचे नवीन, बढ़ी सियासी हलचल

पटना  भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन मनोनयन के बाद सोमवार को पटना से दिल्ली जा रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले रविवार शाम को पटना के बांकीपुर से विधायक और नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री नितिन नवीन की नियुक्ति को एक जमीनी कार्यकर्ता, कुशल संगठनकर्ता और चुनाव प्रबंधक के प्रोमोशन की तरह देखा जा रहा है। संयोग देखिए कि भाजपा इस समय 45 साल पुरानी पार्टी है और उसके नेतृत्व के लिए जिन नितिन नवीन को आगे लाया जा रहा है, वो भी 45 साल के ही हैं। भाजपा की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई थी, जबकि नितिन नवीन का जन्म 23 मई 1980 को हुआ।   नितिन नवीन को पार्टी ने फिलहाल कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। 2019 में पार्टी अध्यक्ष रहे अमित शाह के नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री बनने के बाद जेपी नड्डा को पहले कार्यकारी और 2020 में पूर्ण अध्यक्ष बनाया गया था। राजनीति के जानकार नितिन नवीन की नियुक्ति को 2026 की शरुआत में होने वाले बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव से पहले उस नजरिए से देख रहे हैं। कायस्थ जाति से ताल्लुक रखने वाले नितिन की ताजपोशी से भाजपा काडर को संदेश जाएगा कि आबादी में जातीय हिस्सा कम भी हो, लेकिन काम में दम हो तो पार्टी का मुखिया भी बना जा सकता है। शिवराज, धर्मेंद्र, भूपेंद्र, खट्टर जैसे बड़े नेताओं का चल रहा था नाम जेपी नड्डा की जगह पर भाजपा अध्यक्ष बनने की रेस में शिवराज सिंह चौहान, धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, मनोहर लाल खट्टर, केशव प्रसाद मौर्य समेत कई बड़े-बड़े नेताओं के नाम चल रहे थे। लेकिन नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने हर बार की तरह अगले बीजेपी अध्यक्ष को लेकर सबको चौंका दिया है। नितिन का चयन और प्रोमोशन निश्चित रूप से कई वजहों से हुआ होगा, लेकिन अपनी सीट बांकीपुर से बार-बार जीत और छत्तीसगढ़ में पार्टी की चुनावी सफलता दो अहम कारण रहे होंगे। नीतीश सरकार में बतौर मंत्री नितिन नवीन का कामकाज का तरीका विवादों से दूर रहकर जमीन पर काम करने वाले नेता की रहा है। नितिन नवीन के पार्टी अध्यक्ष बनने से नई टीम में युवाओं की हिस्सेदारी भी बढ़ने के प्रबल आसार हैं, क्योंकि जब अध्यक्ष ही 45 का है तो उपाध्यक्ष और महासचिव किस उम्र के होंगे, यह समझा जा सकता है। बिहार से पहली बार, सबसे कम उम्र के भाजपा अध्यक्ष भी होंगे नितिन नवीन नितिन नवीन भाजपा अध्यक्ष बनने पर अपने साथ कई पहली बार लेकर आएंगे। बिहार से भाजपा का कोई नेता पहली बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेगा। एक छोटे जाति समूह से आने वाला कोई नेता भी पहली बार अध्यक्ष बनेगा। 45 साल की उम्र में अध्यक्ष बनकर नितिन नवीन भाजपा के सबसे कम उम्र के पहले अध्यक्ष भी बनेंगे। नितिन नवीन पार्टी के मूल राष्ट्रीय संगठन में बिना किसी अहम पद पर रहे अध्यक्ष बनने वाले पहले नेता भी होंगे। जेपी नड्डा की टीम में नितिन राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और छत्तीसगढ़ के प्रभारी हैं। अनुराग ठाकुर जब बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष हुआ करते थे, तब नितिन नवीन भाजयुमो के महासचिव थे।

मुजफ्फरपुर में पिता ने पत्नी की मौत के बाद पांच बच्चों के साथ फांसी लगाई, दो की जान बची

 मुजफ्फरपुर बिहार के मुजफ्फरपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. सकरा थाना क्षेत्र के नवलपुर मिश्रौलिया गांव में एक पिता ने अपने पांच बच्चों के साथ फांसी लगाने की कोशिश की. इस हृदयविदारक घटना में पिता और उसकी तीन बेटियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो मासूम बेटों की किस्मत अच्छी थी और वो किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे. पांच बच्चों के साथ लगाई फांसी मृतक की पहचान अमरनाथ राम (40) के रूप में हुई है. मृत बेटियों में राधा कुमारी (11), राधिका (9) और शिवानी (7) शामिल हैं. बताया जा रहा है कि अमरनाथ राम की पत्नी की इसी साल जनवरी में मौत हो गई थी. पत्नी की मौत के बाद से वह मानसिक तनाव में था और अकेले ही अपने पांचों बच्चों का पालन-पोषण कर रहा था. परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, रविवार की रात पूरे परिवार ने एक साथ खाना खाया था. सोमवार की अहले सुबह अमरनाथ राम ने पत्नी की साड़ी से फंदा बनाकर अपने तीनों बेटियों और दो बेटों के गले में फंदा डाला. इसके बाद साड़ी को छत से बांधकर सभी बच्चों को ट्रंक से कूदने के लिए कहा गया. दो बेटों की बच गई जान बताया जा रहा है कि पिता के कहने पर तीनों बेटियां उसके साथ कूद गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, छह साल का शिवम कुमार ने गला कसने पर सूझबूझ दिखाते हुए फंदा ढीला कर लिया और अपने छोटे भाई चंदन (4) के गले से भी फंदा खोल दिया. दोनों बच्चे किसी तरह घर से बाहर निकले और शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे. घटना की सूचना मिलते ही सकरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. एक ही परिवार में एक साथ चार मौतों से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है. ग्रामीणों ने कहा, 'भगवान ने बचाई जान' ग्रामीणों का कहना है कि पत्नी की मौत के बाद अमरनाथ राम पूरी तरह टूट चुका था. वह नियमित रूप से काम नहीं करता था और जो भी थोड़ा-बहुत राशन मिलता था, उसी से परिवार का गुजारा चलता था. बड़ी बेटी ही घर का काम और खाना बनाने की जिम्मेदारी संभाल रही थी. ग्रामीणों ने कहा कि दो बेटों की किस्मत अच्छी थी और भगवान ने ही उन्हें बचा लिया. पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.  

झारखंड में सुरक्षाबलों पर हमला, IED ब्लास्ट में CRPF का जवान जख्मी

चाईबासा झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा के घने जंगलों में रविवार को चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के विस्फोट में सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन 209 का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना छोटानगरा थाना क्षेत्र के बलिबा गांव के पास की बताई जा रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान के तहत जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा पहले से बिछाए गए आईईडी में अचानक विस्फोट हो गया, जिसकी चपेट में आकर कोबरा बटालियन का जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। विस्फोट के तुरंत बाद ऑपरेशन में शामिल अन्य सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति संभालते हुए घायल जवान को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया। जवान की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की गई। प्रशासन द्वारा घायल जवान को जल्द से जल्द एयरलिफ्ट कर रांची ले जाने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि उसे उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और अतिरिक्त बलों की तैनाती के साथ सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है। आशंका जताई जा रही है कि इलाके में नक्सलियों ने और भी आईईडी बिछा रखे हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अत्यंत सतर्कता के साथ इलाके की गहन तलाशी ले रही हैं। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और क्षेत्र में किसी भी तरह की संदिग्ध हलचल को लेकर कड़ी निगरानी की जा रही है। फिलहाल ऑपरेशन जारी है और स्थिति पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है।

लालू यादव की संपत्ति जब्त कर बनाए जाएंगे सरकारी स्कूल, सम्राट चौधरी का बड़ा दावा, सियासी तूफान तेज

पटना  बिहार में नई सरकार बनते ही माफिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। इसी कड़ी में गृह मंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) की जब्त की गई संपत्तियों पर सरकारी स्कूल (Government School) खोले जाएंगे। वहीं उनके इस बयान से राजनीति गरमा गई है।  "भ्रष्टाचार की संपत्ति पर ताला नहीं, स्कूल खुलेंगे"  गृह मंत्री ने एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि ED और CBI पहले ही लालू यादव की कई संपत्तियों को अटैच कर चुकी हैं। इनमें पटना के चिड़ियाघर के पास स्थित एक बड़ी बिल्डिंग भी शामिल है, जिस पर करीब 20 वर्षों से ताला लगा हुआ है। सम्राट चौधरी ने कहा कि जनता के टैक्स से अर्जित घोटाले के पैसों से बनी संपत्तियों पर ताला नहीं रहने दिया जाएगा। इन संपत्तियों की रंगाई-पुताई कर वहां सरकारी स्कूल खोले जाएंगे, ताकि गरीब और जरूरतमंद बच्चों को सीधा लाभ मिल सके।  "अपराधी चाहे कितना भी बड़ा हो, कानून से ऊपर कोई नहीं"  सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले में करीब 950 करोड़ रुपये के मामलों में दोषी ठहराए जा चुके हैं। भ्रष्टाचार से कमाई गई संपत्ति का इस्तेमाल अब जनता के हित में होगा। गृह मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अपराधी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार सरकार भ्रष्टाचार से अर्जित हर इंच जमीन और संपत्ति जब्त कर उसका उपयोग जनकल्याण के कार्यों में करेगी। 

रविशंकर प्रसाद का राहुल गांधी पर पलटवार: बोले– ‘मुझसे ही असहज हो जाते हैं’

पटना  संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वे मुझे तो झेल नहीं पाते हैं और गृह मंत्री शाह को कैसे झेल सकते हैं। भाजपा सांसद का यह बयान उस वक्त आया, जब राहुल गांधी ने एसआईआर को लेकर टिप्पणी की थी। राहुल गांधी ने कहा था कि मेरे सवालों पर गृह मंत्री नर्वस हो जाते हैं, जवाब नहीं दे पाते हैं। भाजपा सांसद ने पटना में शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें झूठ बोलने की आदत हो गई है। उन्होंने कहा कि अभी मैंने संसद में राहुल गांधी को करारा जवाब दिया। वह मेरे जवाब भी नहीं संभाल पा रहे हैं, तो गृह मंत्री अमित शाह को कैसे संभालेंगे? मैंने उनकी हर बात का जवाब दिया। राहुल गांधी द्वारा वोट चोरी का मुद्दा उठाए जाने पर भाजपा सांसद ने कहा कि वे लगातार वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं, जबकि जनता कह रही है कि वोट चोरी नहीं हुआ। वे बेवजह का झूठ फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने एक भी शिकायत दर्ज नहीं कराई, और न ही कांग्रेस पार्टी की ओर से शिकायत की गई। एसआईआर को लेकर राहुल गांधी और इंडी अलायंस ने हंगामा किया। वोटर अधिकार यात्रा निकाली गई। जनता को भ्रमित करने का काम किया गया। लेकिन, परिणाम क्या निकला? करारी हार का सामना करना पड़ा और कांग्रेस के खाते में आई पांच सीट। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को झूठ बोलने का यह कैसा अहंकार है। जनता भलीभांति जानती है कि क्या सच है। भाजपा सांसद ने कहा कि अमित शाह ने विस्तार से बताया कि एसआईआर उनके समय में भी होता था। अगर कांग्रेस जीतती है, तो चुनाव आयोग अच्छा है; अगर कांग्रेस हारती है, तो चुनाव आयोग बुरा है। तो, इसका क्या जवाब दिया जा सकता है? जनता उन्हें वोट नहीं देती है और भविष्य में भी नहीं देगी।

नीतीश सरकार का बड़ा प्रशासनिक फैसला: 36 IAS अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, विभागों में बदलाव

पटना  बिहार में नीतीश कुमार सरकार ने एक बार फिर प्रशासनिक मशीनरी को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर फेरबदल किया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने शुक्रवार शाम को 36 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग की अधिसूचना जारी की। इस लिस्ट में कई महत्वपूर्ण विभागों जैसे कृषि, मत्स्य पालन, सूचना एवं जनसंपर्क, पंचायती राज, स्वास्थ्य और शिक्षा आदि में नए निदेशक और अपर सचिव नियुक्त किए गए हैं। साथ ही उप विकास आयुक्त (DDC) और अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) स्तर पर भी अहम बदलाव किए गए हैं। यह कदम राज्य की विकास योजनाओं को गति देने और कुशल प्रशासन सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया माना जा रहा है।  प्रमुख नियुक्तियां: फल-सब्जी निगम से लेकर स्वास्थ्य समिति तक नए प्रबंध निदेशक वरिष्ठ IAS अधिकारी शीर्षत कपिल अशोक को बिहार राज्य फल एवं सब्जी विकास निगम का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। धर्मेंद्र कुमार को सामाजिक सुरक्षा निदेशक, उपेंद्र प्रसाद को श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग में अपर सचिव और नवीन कुमार सिंह को पंचायती राज विभाग में निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा डॉ. विद्या नंद सिंह हस्तशिल्प निदेशक बने हैं, सुनील कुमार (क्रमांक-1) को नियोजन एवं प्रशिक्षण निदेशक, आदित्य प्रकाश को पंचायती राज विभाग में अपर सचिव और अमित कुमार पांडेय को राज्य स्वास्थ्य समिति का कार्यपालक निदेशक (साथ ही स्वास्थ्य विभाग में अपर सचिव का अतिरिक्त प्रभार) नियुक्त किया गया है। अन्य महत्वपूर्ण विभागों में नए चेहरे: सूचना एवं जनसंपर्क से कृषि तक श्याम बिहारी मीणा को बिहार राज्य योजना परिषद में अपर सचिव बनाया गया। सुनील कुमार बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक बने हैं। सुहर्ष भगत को भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशक, अमन समीर को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग निदेशक और मनेश कुमार मीणा को खान निदेशक की कमान सौंपी गई है। तुषार सिंगला मत्स्य निदेशक बने हैं, विजय कुमार शिक्षा विभाग में अपर सचिव, मनोज कुमार रजक नगर विकास एवं आवास विभाग में अपर सचिव, धनंजय कुमार स्वास्थ्य विभाग में अपर सचिव और आरिफ अहसन राज्य परिवहन आयुक्त नियुक्त हुए हैं।  अनिल कुमार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का निदेशक (साथ ही बिहार राज्य संवाद समिति के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार) बनाया गया है। कुमार अनुराग बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक बने हैं। सुमित कुमार को बिहार एड्स नियंत्रण सोसाइटी का परियोजना निदेशक, सौरभ सुमन यादव को कृषि निदेशक, नवीन कुमार को बिहार शिक्षा परियोजना परिषद का परियोजना निदेशक, यतेन्द्र कुमार पाल को बिहार राज्य पाठ्य पुस्तक प्रकाशन निगम का प्रबंध निदेशक, विक्रम विरकर को प्राथमिक शिक्षा निदेशक और प्रियंका रानी को अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण निदेशक बनाया गया है। DDC और SDO स्तर पर बदलाव: जिलों में नए चेहरे तैनात उप विकास आयुक्त के पदों पर आकाश चौधरी को बेगूसराय, नीलिमा साहू को नवादा और निहारिका छवि को बक्सर नियुक्त किया गया है। अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में निशांत सिहारा को मोतिहारी सदर (पूर्वी चंपारण), प्रधुम्न सिंह यादव को कटिहार, अंजली शर्मा को अरेराज (पूर्वी चंपारण), शिप्रा विजयकुमार चौधरी को आरा सदर (भोजपुर), डॉ. नेहा कुमारी को सासाराम (रोहतास) और कृष्ण चंद्र गुप्ता को कहलगांव (भागलपुर) की जिम्मेदारी दी गई है। यह व्यापक फेरबदल राज्य में विकास कार्यों को नई गति देने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने का संकेत देता है। आने वाले दिनों में और बदलाव की संभावना बनी हुई है।  

सरकारी हॉस्टल का खाना बना ज़हर! किशनगंज में हलुआ खाने से 18 छात्राएं अस्पताल में भर्ती, दो गंभीर

पटना  बिहार के किशनगंज सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत महेश बथना स्थित पिछड़ा वर्ग कन्या प्लस-2 आवासीय उच्च विद्यालय के हॉस्टल में शुक्रवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खाने के कुछ ही देर बाद दर्जनों छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। रात के भोजन में परोसे गए हलुए को खाने के बाद छात्राओं को उल्टी, दस्त और चक्कर आने की शिकायत शुरू हुई, जिससे पूरे हॉस्टल में चीख-पुकार मच गई। अचानक बिगड़ी तबीयत, मच गया हड़कंप छात्राओं के अनुसार, भोजन के बाद जैसे ही हलुआ परोसा गया, उसे खाने के 20 से 30 मिनट के भीतर कई छात्राओं को तेज उल्टियां होने लगीं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कुछ छात्राएं बेहोश भी हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने एंबुलेंस की व्यवस्था कर सभी बीमार छात्राओं को किशनगंज सदर अस्पताल पहुंचाया। 18 छात्राएं अस्पताल में भर्ती, दो की हालत गंभीर अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, इस घटना में कुल 18 छात्राएं फूड पॉइजनिंग की शिकार हुई हैं। इनमें से दो छात्राओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जिन्हें डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है। सभी छात्राएं बिहार के अलग-अलग जिलों से हैं और सरकारी योजना के तहत हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। डॉक्टरों ने की फूड पॉइजनिंग की पुष्टि सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच के बाद इसे स्पष्ट रूप से फूड पॉइजनिंग का मामला बताया है। डॉक्टरों का कहना है कि हलुए में इस्तेमाल की गई सामग्री दूषित हो सकती है या फिर भोजन तैयार करने में लापरवाही बरती गई होगी।   स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद न तो विद्यालय के प्राचार्य और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी अस्पताल पहुंचा। कुछ शिक्षकों ने कैमरे के सामने घटना की जानकारी से अनभिज्ञता जताई, जिससे स्कूल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। इस घटना ने सरकारी आवासीय विद्यालयों में खानपान की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। SDM ने अस्पताल पहुंचकर लिया हाल, जांच के आदेश घटना की गंभीरता को देखते हुए किशनगंज के एसडीएम अनिकेत कुमार सदर अस्पताल पहुंचे और बीमार छात्राओं की स्थिति की जानकारी ली। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। फिलहाल सभी छात्राओं का इलाज जारी है और अस्पताल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

18 साल पुराने भ्रष्टाचार मामले में न्याय: 23 हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए BEO सूर्यकांत सिंह दोषी करार

पटना  बिहार की राजधानी पटना स्थित एक विशेष अदालत ने रिश्वत लेने के जुर्म में शुक्रवार को एक तत्कालीन प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा के साथ बीस हजार रूपए का जुर्माना भी किया। निगरानी के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद रुस्तम ने मामले में सुनवाई के बाद भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड के तत्कालीन प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सूर्यकांत सिंह को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को एक माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी। मामले के विशेष लोक अभियोजक प्रभारी ट्रैप केसेस किशोर कुमार सिंह ने बताया की अनुकंपा के आधार पर बहाल हुए एक प्रखंड शिक्षक को विद्यालय आवंटन करने के एवज में दोषी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। उन्होंने बताया की 28 जून 2007 को निगरानी के अधिकारियों ने दोषी को कोईलवर रेलवे स्टेशन के मुसाफिरखाना में शिकायतकर्ता से 23 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में आरोप साबित करने के लिए अभियोजन ने अदालत में नौ गवाहों का बयान कलम बंद करवाया था।