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थोड़ी सी सावधानी, बड़ा फायदा: इलेक्ट्रिक स्कूटर बैटरी केयर क्यों है जरूरी

नई दिल्ली   भारत में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों, शहर के भीड़भाड़ वाले ट्रैफिक ने लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की ओर प्रेरित किया है। इतना ही नहीं, बेहतर होते ईवी चार्जिंग नेटवर्क के चलते अब लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बा रहे हैं। लेकिन किसी भी इलेक्ट्रिक स्कूटर की असली उपयोगिता उसकी बैटरी पर निर्भर करती है। बैटरी की सेहत यह तय करती है कि स्कूटर कितनी दूरी तय करेगा, कितने साल चलेगा और लंबे समय में आपका खर्च कितना रहेगा। गर्मी, चार्जिंग की आदतें, राइडिंग स्टाइल और स्टोरेज, ये सभी चीजें लिथियम-आयन बैटरी की लाइफ और परफॉर्मेंस पर सीधा असर डालती हैं। अच्छी बात यह है कि कुछ समझदारी भरी आदतों को अपनाकर आप अपनी ई-स्कूटर बैटरी की उम्र को कई साल बढ़ा सकते हैं। हर बार 0 से 100 प्रतिशत चार्ज करने से बचें लिथियम-आयन बैटरियां तब सबसे बेहतर काम करती हैं, जब उन्हें 20 से 80 प्रतिशत चार्ज के बीच रखा जाए। बैटरी को बार-बार पूरी तरह खत्म होने देना सेल्स को जल्दी कमजोर करता है। इसी तरह रोजाना 100 प्रतिशत तक चार्ज करना भी लंबे समय में बैटरी की सेहत को नुकसान पहुंचाता है। रोज के दफ्तर या लोकल सफर के लिए आंशिक चार्ज पर्याप्त होता है। पूरी चार्जिंग को लंबी यात्रा के लिए ही बचाकर रखना बेहतर रहता है। गर्मी से बैटरी को बचाना है बेहद जरूरी भारत में गर्मी इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती हैं। तेज धूप में लंबे समय तक स्कूटर खड़ा रखने से बैटरी का केमिकल एजिंग तेज हो जाता है। कोशिश करें कि स्कूटर को छांव में या इनडोर पार्किंग में रखें। लंबी और तेज राइड के तुरंत बाद चार्जिंग से बचें और पहले बैटरी को ठंडा होने का समय दें। यह आदत बैटरी की उम्र बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाती है। सही चार्जर का इस्तेमाल करें हमेशा वही चार्जर इस्तेमाल करें, जो स्कूटर के साथ कंपनी ने दिया हो। सस्ते या लोकल आफ्टरमार्केट चार्जर में वोल्टेज कंट्रोल सही नहीं होता। जिससे बैटरी को नुकसान पहुंच सकता है या उसकी क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। अगर चार्जर खराब हो जाए, तो केवल अधिकृत और कंपनी द्वारा सुझाया गया चार्जर ही लगवाएं। टायर प्रेशर और राइडिंग स्टाइल भी असर डालते हैं कई लोगों को यह बात अजीब लग सकती है, लेकिन टायर प्रेशर का बैटरी से सीधा संबंध होता है। कम हवा वाले टायर मोटर और बैटरी पर ज्यादा दबाव डालते हैं, जिससे चार्ज जल्दी खत्म होता है। कंपनी द्वारा सुझाए गए प्रेशर लेवल पर टायर रखें। इसके अलावा, अचानक तेज एक्सीलरेशन और आक्रामक राइडिंग स्टाइल न सिर्फ रेंज घटाती है, बल्कि बैटरी सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव भी डालती है। सॉफ्टवेयर अपडेट को न करें नजरअंदाज आजकल के ज्यादातर इलेक्ट्रिक स्कूटर बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ आते हैं। ये अपडेट चार्जिंग व्यवहार, थर्मल कंट्रोल और रेंज की सटीक जानकारी को बेहतर बनाते हैं। एप के जरिए या सर्विस के दौरान इस बात की जरूर जांच करें कि स्कूटर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है या नहीं। ईवी की समय पर सर्विस क्यों है जरूरी नियमित सर्विसिंग सिर्फ मैकेनिकल पार्ट्स के लिए ही नहीं, बल्कि बैटरी की सेहत के लिए भी जरूरी है। सालाना या छह महीने में होने वाली सर्विस से वायरिंग, कनेक्टर्स, कूलिंग सिस्टम और बैटरी माउंटिंग की स्थिति सही बनी रहती है। अच्छी तरह मेंटेन की गई बैटरी अचानक क्षमता गिरने की समस्या से भी बची रहती है। छोटी आदतें, बड़ा फायदा स्मार्ट चार्जिंग, गर्मी से बचाव, स्मूद राइडिंग और समय पर सर्विस- ये सभी छोटी-छोटी आदतें मिलकर आपकी इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी को वारंटी अवधि से कहीं ज्यादा समय तक बेहतर हालत में रख सकती हैं। थोड़ी सी समझदारी न सिर्फ परफॉर्मेंस और रेंज को बेहतर बनाती है। बल्कि लंबे समय में आपकी जेब पर पड़ने वाला खर्च भी कम करती है।

नाइटलाइफ को बढ़ावा: झारखंड में बार खोलने का समय बढ़ा, 4 बजे तक मिलेगी शराब

रांची झारखंड में शराब के शौकीनों और बार संचालकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य का आबकारी विभाग बार के संचालन समय बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। अगले वित्तीय वर्ष से बार सुबह 4 बजे तक खुले रह सकते हैं। फिलहाल अभी बार खुले रखने की टाइमिंग 12 बजे तक है। उत्पाद मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत बार सुबह 4 बजे तक खुले रहेंगे। जिसके लिए शुल्क का भुगतान कर लाइसेंस प्राप्त करना जरुरी होगा। इस व्यवस्था के तहत सरकार के राजस्व में भी इजाफा होगा। साथ ही मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि नियमों की पालना न करने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।  

भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बने नितिन नबीन, बिहार मंत्रिमंडल से किया किनारा

पटना भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन ने बिहार में मंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया। बताया गया कि पार्टी में एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत पर अमल करते हुए उन्होंने ऐसा किया। जानकारी के मुताबिक, नितिन नबीन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना त्यागपत्र भेज दिया है। नितिन नबीन बिहार की नीतीश सरकार में पथ निर्माण विभाग और नगर विकास एवं आवास विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसकी जिम्मेदारी किसे सौंपते हैं।  14 जनवरी के पहले बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की कोई संभावना नहीं दिख रही है। बता दें कि दो दिन पहले बिहार के मंत्री नितिन नबीन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए गए। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने इसकी घोषणा की। राष्ट्रीय महासचिव ने नियुक्ति पत्र में कहा कि भाजपा के संसदीय बोर्ड ने बिहार के मंत्री नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने आगे यह भी लिखा है कि यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। इस आदेश की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, सभी प्रदेश प्रभारियों, प्रदेश अध्यक्षों और संगठन महामंत्रियों को प्रेषित कर दी गई है। नितिन नबीन ने सोमवार को भाजपा मुख्यालय पहुंचकर पदभार भी ग्रहण कर लिया। पार्टी के इस फैसले को संगठनात्मक स्तर पर एक अहम कदम माना जा रहा है। नितिन नबीन की नियुक्ति से राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के संगठन को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बता दें कि भाजपा लगातार संगठन में बदलाव कर रही है। भाजपा ने बिहार प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी दिलीप जायसवाल को हटाकर दरभंगा के विधायक संजय सरावगी को जिम्मेदारी सौंपी है।

बिहार कैबिनेट में विभागों का फेरबदल: नितिन नवीन का मंत्रालय अब किसके हिस्से—विजय सिन्हा या दिलीप जायसवाल?

पटना बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन ने बिहार सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद खाली हुए दो विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। पथ निर्माण विभाग का जिम्मा दिलीप जायसवाल को दिया गया है। जबकि नगर विकास विभाग डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को सौंपा गया है। नीतीश सरकार में जायसवाल के पास अब दो विभागों की जिम्मेदारी हो गई है। पहले से उनके पास उद्योग विभाग है। वहीं डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के पास भी तीन विभाग हो गए हैं। पहले से उनके पास भूमि एवं राजस्व विभाग और खनन विभाग का चार्ज है। अब नगर विकास का भी जिम्मा मिल गया है। आपको बता दें नितिन नवीन ने मंगलवार को बिहार सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा दिया है। उनके पास दो विभागों का चार्ज था, जिसमें पथ निर्माण विभाग और नगर विकास विभाग शामिल था। नितिन नवीन बीजेपी कोटे से नीतीश सरकार में मंत्री थे। जिसके चलते उनके इस्तीफे के बाद उनके दोनों विभाग भाजपा कोटे ही दो मंत्रियों को मिले हैं। नितिन नवीन ने सोमवार को दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में कार्यकारी अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया था। केंद्रीय मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें कुर्सी पर बिठाया था। इस दौरान भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और समर्थकों ने उन्हें बधाई दी।  

मौसम का मिज़ाज बदला: IMD ने इन इलाकों के लिए जारी किया अलर्ट, कोहरे का कहर जारी

पटना  बिहार के कई जिलों में शीतलहर तेज हो गई है, जिसके चलते भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले सात दिनों के लिए राज्य में अलर्ट (IMD Alert) जारी किया है।  वहीं आज और कल रात और सुबह के समय कई जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। IMD के अनुसार, आने वाले दिनों में दिन और रात दोनों (Kal Ka Mausam Kaisa Rahega) का तापमान और गिरने की उम्मीद है। 22 दिसंबर के बाद, बिहार के कुछ हिस्सों में गंभीर शीतलहर (Cold Wave)की स्थिति हो सकती है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है।  पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि मौजूदा मौसम का पैटर्न बने रहने की उम्मीद है, जिसमें सुबह और शाम के समय ठंड सबसे ज़्यादा महसूस होगी। हालांकि दिन का तापमान अपेक्षाकृत हल्का रह सकता है, लेकिन कुल मिलाकर ठंड (Kal Ka Mausam Kaisa Rahega) बढ़ने वाली है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर सुबह के समय, और बदलते मौसम को देखते हुए बाहरी गतिविधियों की योजना बनाने को कहा गया है। पूर्वानुमान के अनुसार, आज और कल रात और सुबह के समय कई जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, रोहतास, मधुबनी, किशनगंज, जमुई, बांका और भागलपुर शामिल हैं। दक्षिण बिहार में कोहरे और ठंड का असर ज़्यादा होने की उम्मीद है, जहां ऐसी स्थिति लंबे समय तक बनी रह सकती है।  ठंड के साथ घने कोहरे की भी चेतावनी   मौसम विभाग ने पटना सहित कई जिलों में सुबह और शाम के समय कड़ाके की ठंड के साथ घने कोहरे की भी चेतावनी दी है। हालांकि दिन में थोड़ी देर के लिए धूप निकल सकती है, लेकिन इससे ज़्यादा राहत मिलने की संभावना नहीं है। IMD ने कहा कि 22 दिसंबर के बाद, कुछ जिलों में 'ठंडे दिन' की स्थिति देखी जा सकती है, जब अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम रहेगा। सारण, भागलपुर, बक्सर, गया, पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।  अधिकांश हिस्सों में शुष्क रहेगा मौसम  बुजुर्गों, बच्चों और अन्य कमजोर समूहों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है, हालांकि अगले दो दिनों में बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद सहित जिलों में 30 किमी प्रति घंटे तक की हवाएं चलने की संभावना है। अगले तीन दिनों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। दिन का तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि रात का तापमान 8 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

कोहरे में डूबा पलामू, कांपा गुमला: जानिए झारखंड में आगे कैसा रहेगा मौसम

रांची झारखंड के कई जिलों में बीते 24 घंटे के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। कहीं ठंड में बढ़ोतरी हुई है तो कहीं दिन के तापमान में मामूली गिरावट से लोगों को थोड़ी राहत मिली है। राहत की बात यह है कि राज्य के किसी भी हिस्से में शीतलहर की स्थिति नहीं बनी है। सुबह-शाम ठंड का असर, शीतलहर से फिलहाल राहत        मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बना हुआ है, जिसके कारण सुबह और शाम के समय ठंड महसूस की जा रही है। हालांकि दिन में धूप निकलने से लोगों को कुछ सुकून मिल रहा है। फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है और अगले कुछ दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। कोहरे की वजह से कई इलाकों में द्दश्यता काफी कम हो गई। वहीं शीतलहर का भी कोई अलर्ट नहीं है। डालटनगंज में घने कोहरे से 300 मीटर तक सिमटी दृश्यता पलामू जिले के डालटनगंज में द्दश्यता घटकर 300 मीटर रह गई, जबकि राजधानी रांची में 700 मीटर और जमशेदपुर में 800 मीटर रिकॉर्ड की गई। बेतला क्षेत्र में घने कोहरे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह करीब 9 बजे तक कोहरा छाया रहा, जिससे सड़कों पर चलना जोखिमभरा रहा। ठंड के कारण किसान, मजदूर और छोटे व्यवसायी ठिठुरते हुए काम करते नजर आए। शाम ढलते ही ठंड बढ़ने से लोग जल्दी घरों में दुबक गए। स्कूल और कोचिंग जाने वाले बच्चों को भी सुबह की ठंड झेलनी पड़ी। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के लगभग सभी जिलों में सुबह के समय कोहरा या धुंध देखी जा रही है, जबकि दिन में आसमान साफ रहता है। गुमला का तापमान पहुंचा 7 डिग्री राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री सेल्सियस गुमला में रिकॉर्ड किया गया। वहीं पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे अधिक है। डालटनगंज में अधिकतम तापमान 0.4 डिग्री गिरकर 25.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री बढ़कर 8.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 0.6 डिग्री घटकर 24.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री बढ़कर 10.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री और न्यूनतम 12.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम केंद्र रांची के अनुसार  अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।

धनबाद में तीन मंजिला बिल्डिंग में लगी आग, 2 लोगों की गई जान

धनबाद झारखंड के धनबाद जिले में एक तीन मंजिला इमारत में आग लगने से एक बुजुर्ग महिला समेत एक ही परिवार के दो सदस्यों की जलने से मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार रात सेराइढेला पुलिस थाना क्षेत्र के विकास नगर की है। दमकल कर्मियों ने बाद में आग पर काबू पा लिया और अन्य निवासियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। सेराइढेला पुलिस थाना प्रभारी मंजीत कुमार ने बताया, "इमारत से दो जले हुए शव बरामद किए गए और दो अन्य घायल लोगों को शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है।" पुलिस थाना प्रभारी मंजीत कुमार ने बताया कि मृतकों की पहचान चिंता देवी (70) और प्रशांत कुमार (22) के रूप में हुई है। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि आग लगने का सटीक कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है लेकिन प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट इसका कारण प्रतीत होता है। उन्होंने कहा, "हालांकि, यह भी दावा किया गया है कि आग कमरे को गर्म रखने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हीटर से लगी। मामले की आगे जांच चल रही है।"  

संजय सरावगी ने साझा किया आशीर्वाद और नई जिम्मेदारी का अनुभव

दरभंगा दरभंगा भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद संजय सरावगी अपने पैतृक जिला दरभंगा पहुंचे और मिथिलांचल के प्रसिद्ध श्यामा माई मंदिर में माथा टेककर मां का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने जिस विश्वास के साथ उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। संजय सरावगी ने कहा कि जैसे ही प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा हुई, वह बिना पार्टी कार्यालय या अपने आवास गए सीधे मां श्यामा माई के दरबार पहुंचे। उन्होंने कहा कि इसी शक्तिपीठ से उन्हें ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है और मां के आशीर्वाद से ही उन्हें लगातार छठी बार जनता की सेवा करने का अवसर मिला है। 'सभी सहयोगी दलों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करेंगे' उन्होंने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को धरातल पर उतारना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली प्रचंड जीत के बाद सभी सहयोगी दलों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर भाजपा संगठन को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर नितिन नवीन ने संजय सरावगी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की विशेषता है कि यहां छोटे से छोटे कार्यकर्ता को भी उसके परिश्रम और समर्पण के आधार पर बड़े दायित्व और सम्मान दिए जाते हैं। कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी करके मनाया जश्न भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद पर संजय सरावगी के नाम की औपचारिक घोषणा होते ही श्यामा माई मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की और गुलाल उड़ाकर खुशी का इजहार किया। संजय सरावगी ने स्वयं सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मंदिर पहुंचने की जानकारी साझा की। गौरतलब है कि दरभंगा का प्रसिद्ध श्यामा माई मंदिर दरभंगा महाराज रामेश्वर सिंह की चिता स्थल पर निर्मित है। मंदिर परिसर में दरभंगा राज परिवार के कई सदस्यों की चिताएं स्थित हैं, जिन पर विभिन्न मंदिर बनाए गए हैं। वर्ष 1988 में आए विनाशकारी भूकंप में इस मंदिर को कोई क्षति नहीं पहुंची थी। भूकंप के बाद यहां प्रतिवर्ष नौ दिनों तक विशाल नवाहन यज्ञ का आयोजन किया जाता है, जिसमें विधायक संजय सरावगी का उल्लेखनीय योगदान रहा है।  

कैबिनेट ने दी हरी झंडी: बिहार की नई पांच साल की योजना और तीन मुख्य प्राथमिकताएँ

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई गई है। मुख्यमंत्री सचिवालय के मंत्रिमंडल कक्ष में कैबिनेट की बैठक करेंगे। आज की बैठक काफी महत्वपूर्ण है। सीएम रोजगार और नौकरी समेत कई प्रमुख एजेंडों पर मुहर लगा सकते हैं। बैठक में सभी मंत्री और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। इससे नौ दिसंबर को हुई बैठक में सीएम नीतीश कुमार ने 19 एजेंडों पर मुहर लगाई थी। इसमें तीन नए विभागों बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई थी। इसके बाद विभागों की संख्या बढ़कर 48 हो गई। सरकार की ओर से कहा गया था कि तीन विभागों का गठन रोजगार और नौकरी के अवसर बढ़ाने के लिए हुआ है। सीएम नीतीश कुमार अपने एक्स पर लिखते हैं कि  24 नवंबर 2005 को जब से हमलोगों की सरकार बनी, तब से राज्य में कानून का राज है और लगातार 20 वर्षों से सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया गया है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि राज्य में सुशासन के कार्यक्रमों के अन्तर्गत सात निश्चय (2015-2020) और सात निश्चय-2 (2020-2025) में न्याय के साथ विकास से जुड़े निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के बाद बिहार को सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु अब सात निश्चय-3 कार्यक्रमों को लागू करने का निर्णय लिया गया है। ये हैं सात अहम बिंदु 1.दोगुना रोजगार- दोगुनी आय 2. . समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार 3.कृषि में प्रगति-प्रदेश की समृद्धि 4.उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य 5.सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन 6.मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार 7.सबका सम्मान-जीवन आसान

सीएम नीतीश का बड़ा दांव: सात निश्चय पार्ट-3 के तहत 1 करोड़ रोजगार, 50 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य

पटना    बिहार की नीतीश सरकार ने अब अपने महत्वकांक्षी सात निश्चय कार्यक्रमों के तीसरे पार्ट को लागू करने फैसला किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद सात निश्चय-3 को लागू किए जाने का ऐलान एक्स पर किया है। मुख्यमंत्री ने बताया है कि बिहार कैबिनेट ने सात निश्चय पार्ट-3 को मंजूरी प्रदान की है। सीएम नीतीश कुमार ने एक्स पर लिखा, '24 नवम्बर 2005 को जब से हमलोगों की सरकार बनी, तब से राज्य में कानून का राज है और लगातार 20 वर्षों से सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया गया है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि राज्य में सुशासन के कार्यक्रमों के अन्तर्गत सात निश्चय (2015-2020) और सात निश्चय-2 (2020-2025) में न्याय के साथ विकास से जुड़े निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के बाद बिहार को सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु अब सात निश्चय-3 कार्यक्रमों को लागू करने का निर्णय लिया गया है। 1. दोगुना रोजगार- दोगुनी आय सात निश्चय-3 का पहला निश्चय ‘दोगुना रोजगार- दोगुनी आय’ रखा गया है। इसका उद्देश्य राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना करना है। इसके लिए कई कार्यक्रमों एवं योजनाओं को लागू किया गया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हमलोग राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10 हजार रूपए दे रहे हैं। इस योजना के लाभुकों को अपना रोजगार आगे बढ़ाने के लिए 02 लाख रूपए तक की सहायता दी जाएगी। हमलोगों ने वर्ष 2023 में राज्य में जाति आधारित गणना के साथ सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण भी कराया था, जिसमें चिह्नित 94 लाख गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार योजनाओं से आच्छादित किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी। बिहार के उत्पादों की ब्रिक्री के लिए हाट-बाजारों को विकसित किया जाएगा। अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं के लिए नौकरी और रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए वर्तमान में अलग से युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन किया जा चुका है। 2. समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार सात निश्चय-3 का दूसरा निश्चय ‘समृद्ध उद्योग- सशक्त बिहार’ है। इसके तहत राज्य में तेजी के उद्योगों के विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया जा चुका है। इन समितियों के गठन का मुख्य उद्देश्य है- बिहार को पूर्वी भारत का नया प्रौद्योगिकी केंद्र (Tech Hub) बनाना, बिहार को विश्वस्तरीय कार्य स्थल (Work Place) के रूप में विकसित करना और राज्य के प्रतिष्ठित उद्यमियों तथा प्रतिभाशाली युवाओं को राज्य के अंदर उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है। राज्य के सभी जिलों में उद्योग लगाने के लिए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। हमलोगों ने अगले 05 वर्षों में राज्य में कम से कम 50 लाख करोड़ का निजी निवेश सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान नई सरकार बनने के बाद राज्य में उद्योग विभाग के अंतर्गत छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग निदेशालय का गठन किया गया है तथा राज्य के स्थानीय उत्पादों के निर्यात एवं बाजार विकास के लिए एक नए बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम की स्थापना की गई है। हमलोगों ने निर्णय लिया है कि बंद पड़ी 9 चीनी मिलों को चरणबद्ध रूप से चालू किया जाएगा तथा 25 नई चीनी मिलों की स्थापना भी की जाएगी। 3. कृषि में प्रगति-प्रदेश की समृद्धि सात निश्चय-3 का तीसरा निश्चय ‘कृषि में प्रगति- प्रदेश की समृद्धि’ है। इसके तहत किसानों की आय बढ़ाने के लिए वर्ष 2024 से 2029 के लिए गठित चौथे कृषि रोड मैप के काम में और तेजी लाई जाएगी। साथ ही मखाना रोड मैप बनाकर मखाना के उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाएगा। डेयरी एवं मत्स्य पालन पर विशेष जोर दिया जाएगा तथा राज्य के सभी गावों में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन एवं प्रत्येक पंचायत में ‘‘सुधा‘‘ बिक्री केंद्र की स्थापना की जाएगी। साथ ही हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के काम को और आगे बढ़ाया जाएगा। 4. उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य सात निश्चय-3 का चौथा निश्चय ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ है। इसके तहत राज्य में अलग उच्च शिक्षा विभाग का गठन कर दिया गया है। अब राज्य के पुराने प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा तथा राज्य में नई एजुकेशन सिटी का निर्माण भी किया जाएगा। 5. सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन सात निश्चय-3 का पांचवां निश्चय ‘सुलभ स्वास्थ्य- सुरक्षित जीवन’ है। इसके तहत प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र (Speciality Hospital) के रूप में तथा जिला अस्पतालों को अति विशिष्ट चिकित्सा केंद्र (Super Speciality Hospital) के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य के नए मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में बेहतर पढ़ाई एवं इलाज के लिए लोक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।  दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सकों को अलग से प्रोत्साहन की व्यवस्था एवं सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की नीति लाई जाएगी। 6. मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार सात निश्चय-3 का छठा निश्चय ‘मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार’ है। इसके तहत राज्य में शहरी क्षेत्रों का विस्तार एवं नागरिक सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। साथ ही, नए आधुनिक नियोजित शहरों का विकास किया जाएगा तथा शहरी गरीबों के लिए सस्ते आवास की व्यवस्था की जाएगी। शहरों में सुलभ संपर्कता के लिए 5 नई एक्सप्रेस-वे सड़कों का निर्माण और ग्रामीण सड़कों का चरणबद्ध तरीके से 2 लेन चौड़ीकरण कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त विद्युत से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं का सुदृढ़ीकरण एवं सभी इच्छुक लोगों के घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही राज्य के पर्यटन स्थलों को विकसित कर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थलों के रूप में स्थापित किया जाएगा। पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले सर्किट में सभी प्रकार की पर्यटकीय सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राज्य में महत्वपूर्ण स्थलों पर हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में फिल्मों की शूटिंग के लिए फिल्म सिटी का निर्माण तथा फिल्म व्यवसाय को प्रोत्साहित किया जाएगा। पटना में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स सिटी के निर्माण के साथ ही राज्य के सभी जिलों में खेलों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। राज्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खेल … Read more