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थावे मंदिर में बड़ी चोरी: झारखंडी कारोबारी द्वारा अर्पित 51 लाख का मुकुट गायब

पटना बिहार के गोपालगंज जिले से एक बेहद ही चौंकाने वाली घटना सामने आई है। दरअसल यहां के प्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर में चोरों ने एक चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। भारी सुरक्षा के बीच बेखौफ चोर मंदिर के गर्भगृह में घुसकर मां दुर्गा का बेशकीमती सोने का मुकुट और  दानपेटी चुरा कर फरार हो गए। वहीं घटना को लेकर भक्तों में भारी रोष है। इस घटना ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गहनों के साथ 50 किलो की दानपेटी भी चुराई चोरी की घटना का खुलासा उस समय हुआ जब गुरुवार की सुबह मंदिर के पुजारी और भक्त पूजा-अर्चना के लिए मां के दरबार पहुंचे। जब वहां गहने और दानपेटी गायब देखे तो उनके होश उड़ गए। मंदिर का लॉकर टूटा हुआ था और सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था। बताया जा रहा है कि गहनों के साथ 50 किलो की दानपेटी भी चुरा ले गए।   झारखंड के कारोबारी ने किया था अर्पित बता दें कि मुकुट झारखंड के एक कारोबारी ने मां के दरबार में अर्पित किया था। मां थावेवाली को 251 ग्राम वजन का करीब 51 लाख रुपये मूल्य का सोने का मुकुट चढ़ाया था। वहीं मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। सीसीटीवी फुटेज से पता लगा है कि चोर पीछे के रास्ते से सीढ़ी लगाकर अंदर घुसे। कटर की सहायता से मंदिर के ताले तोड़ चोरी की वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस वारदात की गहनता से जांच कर रही है।

लखपति दीदी मिशन को मिलेगी रफ्तार, सरकार की नई योजना से बदलेगी जीविका दीदियों की तकदीर

पटना  लखपति दीदी योजना बिहार के तहत राज्य की जीविका दीदियों को एक बार फिर बड़ी सौगात मिलने जा रही है। बिहार सरकार अब उन महिलाओं का विशेष सर्वे कराएगी, जिनकी वार्षिक आय 60 हजार रुपये या उससे अधिक है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पहले ही महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है और अब सरकार उन्हें “लखपति दीदी” बनाने की दिशा में अगला कदम उठाने जा रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार लखपति दीदी योजना बिहार को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की जा रही है। जीविका से जुड़ी महिलाओं को इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की लाभुक महिलाओं को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि चयनित महिलाओं की सालाना आय को बढ़ाकर न्यूनतम एक लाख रुपये तक पहुंचाया जाए। जीविका दीदियों को मिलेगी ट्रेनिंग और तकनीकी सहयोग लखपति दीदी बनाने की योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं होगी। सरकार की ओर से महिलाओं को विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। जो महिलाएं पहले से किसी काम से जुड़ी हैं, उन्हें तकनीकी सहायता, स्किल डेवलपमेंट और बाजार से जोड़ने में भी मदद मिलेगी। लखपति दीदी योजना बिहार से जुड़ेगा महिला रोजगार अभियान लखपति दीदी योजना को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से जोड़कर आगे बढ़ाया जाएगा। इस योजना के तहत पहले ही हजारों महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी जा चुकी है। अब इन्हीं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आय बढ़ाने की नई कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। चुनाव से पहले शुरू हुई थी योजना, अब मिलेगा अगला लाभ बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की घोषणा की गई थी। उस दौरान विपक्ष ने इसे लेकर सवाल भी उठाए थे। हालांकि, अब विवादों से आगे बढ़ते हुए सरकार योजना के अगले चरण पर काम कर रही है। जल्द ही 60 हजार रुपये या उससे अधिक आय वाली महिलाओं का सर्वे कराकर उन्हें लखपति दीदी बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।  

हार के बाद खामोशी: गुमनामी में सीता सोरेन, क्या BJP में होगी सियासी वापसी?

रांची झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) से अलग होकर भाजपा का दामन थामने और 2024 के चुनावी मैदान में उतरने के बाद मिली हार के बाद सीता सोरेन गुमनामी में है। एक्स पर उनके पोस्ट अधिकतर प्रतीकात्मक जयंती, पुण्यतिथि या सांस्कृतिक अवसरों तक सिमट गए हैं। चुनाव में मिली करारी हार के बाद गुमनामी में सीता सोरेन दरअसल, सीता सोरेन ने जब बीजेपी का दामन थामा तो वह झामुमो पर लगातार हमला बोलती थी। वह लगातार हेमंत सरकार पर निशाना साधा करती थी। भाजपा में शामिल होने के दौरान सीता सोरेन को आदिवासी महिला चेहरे के रूप में आगे बढ़ाने की चर्चा थी, लेकिन चुनाव में उन्हें मिली करारी हार के बाद सब धरा का धरा रह गया। चुनावी हार मिलने के बाद सीता सोरेन न तो पार्टी के प्रमुख कार्यक्रमों में नियमित दिखीं और न ही प्रदेश राजनीति की बहसों में उनकी मुखर भूमिका नजर आई। चुनाव के बाद सीता सोरेन कहीं गुमनाम सी हो गई हैं। उन्होंने राजनीति से दूरी बनाई हुई हैं। अब देखना ये होगा कि क्या वे किसी नए रोल, नए मुद्दे या नए राजनीतिक प्रयोग के साथ वापसी कर पाएंगी या फिर उनकी भूमिका सीमित प्रभाव वाली रह जाएगी?  

Reception Party में दिखी सियासी शालीनता, राज्यपाल के बेटे की शादी पर CM हेमंत सोरेन रहे मौजूद

रांची  सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन दिल्ली में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार के पुत्र अपूर्व गंगवार और उनकी पुत्रवधू के विवाह रिसेप्शन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने नवविवाहित दंपती को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने नवविवाहित दंपती के सुखद, सफल एवं मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों के गणमान्य व्यक्ति, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग भी मौजूद रहे। वहीं, सीएम हेमंत ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "झारखण्ड के माननीय राज्यपाल संतोष गंगवार जी के सुपुत्र श्री अपूर्व गंगवार जी के विवाह उपरांत आयोजित रिसेप्शन में सम्मिलित हुआ एवं वर–वधू को सुख, समृद्धि एवं मंगलमय दाम्पत्य जीवन के लिए बधाई एवं आशीर्वाद प्रेषित किया।"  

तेजस्वी यादव पर BJP का पोस्टर अटैक: लापता की तलाश लिखकर साधा निशाना

पटना बिहार बीजेपी ने नेता प्रतिपक्ष पर जोरदार निशाना साधा है। सोशल मीडिया पर बीजेपी ने पोस्टर जारी कर तेजस्वी यादव को लापता बताया है। "लापता की तलाश! नाम- तेजस्वी यादव, पहचान- 9वीं फेल…", सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए बिहार बीजेपी ने लिखा कि लापता का तलाश! नाम- तेजस्वी यादव, पहचान- 9वीं फेल, आखिरी बार कब देखा- मीडिया से मुंह छिपाकर भागते हुए। लापता की तलाश! नाम: तेजस्वी यादव पहचान: 9वीं फेल pic.twitter.com/wNb41hnwOZ      बता दें कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दो दिन ही सदन की कार्यवाही में शामिल रहे और विपक्ष के नेता चुने जाने के बावजूद सेशन की बाकी कार्यवाही में मौजूद नहीं रहे। 1-2 दिसंबर को सदन में हाज़िर रहने के बाद 3 दिसंबर से तेजस्वी यादव से गायब है। उनकी अचानक अनुपस्थिति बिहार की सियायत में चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि, इसके कुछ ही समय बाद परिवार संग उनके विदेश यात्रा पर जाने की खबर सामने आई, वहीं विरोधी दलों के नेताओं द्वारा उन पर जमकर निशाना साधा है। बिहार विधानसभा चुनाव में लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल सिर्फ 25 सीटों ही कब्जा कर पाई। वहीं हार के बाद तेजस्वी यादव ने कोई बयान दिया। मीडिया से दूरी बनाकर रखी हुई। हालांकि अभी तक आरजेडी का इस पोस्ट पर कोई रिएक्शन नहीं आया।

राहत देने वाला हीटर बना जानलेवा, नानी और नाती की मौत से मचा हड़कंप

धनबाद झारखंड के धनबाद में हीटर ने 2 लोगों की जान ले ली है जबकि छह अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मामला जिले के सरायढेला थाना क्षेत्र के विकास नगर का है। बताया जा रहा है कि एक महिला हीटर चलाकर कमरे में सो रही थीं। इसी दौरान अचानक आग लग गई और आग ने विकराल रूप ले लिया। महिला और 15 दिन पहले नानी के घर आया उसका नाती आग की चपेट में आ गए जिससे दोनों की मौत हो गई। इतना ही नहीं आग की चपेट में आने से परिवार के ही छह अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। इलाके में पसरा मातम कहा जा रहा है कि सभी लोग गहरी नींद में सो रहे थे। सूचना मिलते ही पहुंची दमकल की गाड़ियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वहीं, घटना के बाद इलाके में मातम पसर गया है।  

दुलारचंद हत्याकांड: कोर्ट का सख्त रुख, अनंत सिंह जेल में ही रहेंगे

पटना बिहार की राजधानी पटना स्थित एक विशेष सत्र अदालत ने बहुचर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में मंगलवार को विधायक अनंत सिंह की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। सांसदों एवं विधायकों के आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष सत्र अदालत के न्यायाधीश धनंजय कुमार मिश्रा की अदालत में जमानत याचिका पर बहस करते हुए अनंत सिंह के अधिवक्ता सुनील कुमार ने अपने मुवक्किल को इस मामले में निर्दोष बताया और नियमित जमानत पर मुक्त किए जाने की प्रार्थना की थी। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने अनंत सिंह को नियमित जमानत पर मुक्त करने से इनकार कर दिया। इससे पहले 20 नवंबर 2025 को विशेष निचली अदालत ने विधायक सिंह की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद अनंत सिंह की ओर से सत्र अदालत में उपरोक्त नियमित जमानत याचिका दाखिल की गई थी। क्या है पूरा मामला? गौरतलब है कि पटना जिले के घोसवारी थाना क्षेत्र स्थित बसावनचक गांव में 30 अक्टूबर 2025 को एक राजनीतिक पार्टी के नेता दुलारचंद यादव की उस समय हत्या कर दी गई थी जब वह विधानसभा चुनाव में प्रचार कर रहे थे। इस संबंध में मृतक के पौत्र नीरज कुमार ने गोसवारी थाना में प्राथमिकी संख्या -110/2025 दर्ज करवाई थी है। यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) तथा 3(5) एवं शस्त्र अधिनियम की धारा 27 के तहत दर्ज की गई थी। पुलिस ने इस मामले में अनंत सिंह समेत तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। 

घना कोहरा बना हवाई सफर में बाधा, पटना से उड़ानों पर लगा ब्रेक

पटना बिहार में धुंध और कोहरे का असर धीरे-धीरे शुरू हो गया है। कम विजिबिलिटी के कारण विमान सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं। धुंध और कोहरे के कारण विजिबिलिटी घटने से पटना हवाई अड्डे की विमान सेवाओं पर असर पड़ा है। नए विंटर शेड्यूल के मुताबिक, कोहरे के कारण पटना एयरपोर्ट से कई उड़ानें रद्द कर दी गई है। केवल 41 जोड़ी उड़ानों का संचालन किया जाएगा। यह शेड्यूल 17 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। इनमें इंडिगो एयरलाइंस की 29 जोड़ी उड़ानें शामिल है। वहीं एयर इंडिया 6 जोड़ी फ्लाइट्स का संचालन करेगी। स्पाइसजेट और एयर इंडिया एक्सप्रेस की 3-3 जोड़ी उड़ानें होंगी। साथ ही इस अवधि तक गुवाहाटी, देवघर और जयपुर के लिए कोई भी विमान सीधी उड़ान नहीं भरेगी। यात्रियों को अब कनेक्टिंग फ्लाइट्स के जरिए इन शहरों का सफर करना होगा। वहीं उड़ानों के समय में भी बदलाव किया गया है। पटना से दिल्ली के लिए पहली फ्लाइट एयर इंडिया की होगी। यह फ्लाइट सुबह 9:40 बजे दिल्ली से पटना पहुंचेगी। इसके बाद 10:25 बजे पटना से दिल्ली के लिए उड़ान भरेगी। वहीं दिल्ली के लिए आखिरी फ्लाइट पटना से स्पाइसजेट की होगी। यह 10:25 बजे पटना से रवाना होगी। अन्य शहरों के लिए भी उड़ानों का संचालन सीमित और तय समय के भीतर किया जाएगा। विमान यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति की जानकारी जरूर लें, ताकि किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।

‘नीतीश माफी मांग लें वरना…’ हिजाब मुद्दे पर पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी का बड़ा बयान

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक मुस्लिम महिला के चेहरे से हिजाब खींचने के विवाद में अब एक पाकिस्तानी डॉन भी कूद पड़ा है। पाकिस्तान के कुख्यात डॉन शहजाद भट्टी ने अपना एक वीडियो जारी कर धमकी दी है कि सीएम नीतीश माफी मांग लें वरना फिर ये मत कहना है कि चेतावनी नहीं दी गई थी। सबसे पहले हम आपको बताते हैं कि हिजाब को लेकर सीएम नीतीश के साथ यह विवाद जुड़ा कैसे। दरअसल सोमवार को बिहार की राजधानी पटना में नवनियुक्त एक आयुष चिकित्सक उस समय असहज हो गई, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नियुक्ति पत्र प्रदान करने के दौरान उनके चेहरे से हिजाब हटा दिया। इस घटना का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है। यह घटना मुख्यमंत्री सचिवालय ‘संवाद’ में सोमवार को आयोजित उस कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां एक हजार से अधिक आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे थे। नियुक्ति पत्र देने के दौरान जब नुसरत परवीन की बारी आई, जो चेहरे पर हिजाब डाले हुई थीं, तो 75 वर्षीय मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा, “यह क्या है?” इसके बाद मुख्यमंत्री उनके चेहरे से हिजाब हटा दिया। घबराई हुई नवनियुक्त चिकित्सक को इसके बाद वहां मौजूद एक अधिकारी ने तुरंत एक ओर कर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री के बगल में खड़े उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उन्हें रोकने के प्रयास में उनकी आस्तीन खींचते हुए नजर आए। क्या बोला पाकिस्तान डॉन शहजाद भट्टी पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने अपना एक वीडियो जारी कर कहा है कि सभी लोगों ने देेखा होगा कि बिहार में क्या हुआ। एक बड़े पद पर बैठा व्यक्ति एक मुस्लिम महिला के साथ व्यवहार करता है। फिर बाद में मुझपर आरोप लगाए जाते हैं कि शहजाद भट्टी ने यह कर दिया, वह कर दिया। उस व्यक्ति के पास अभी भी समय है कि वह उस बच्ची और उस महिला से माफी मांगे। अगर आज माफी नहीं मांगी गई तो जिम्मेदार संस्थानों को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। बाद में यह मत कहना है कि चेतावनी नहीं दी गई थी। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शहजाद भट्टी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का रहने वाला है। शहाजद भट्टी के बारे में बताया जाता है कि वो भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियां फैलाने में भी शामिल रहा है। सोशल मीडिया पर वो खुद को इस्लाम और पाकिस्तान का सिपाही भी बनाता है।

थोड़ी सी सावधानी, बड़ा फायदा: इलेक्ट्रिक स्कूटर बैटरी केयर क्यों है जरूरी

नई दिल्ली   भारत में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों, शहर के भीड़भाड़ वाले ट्रैफिक ने लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की ओर प्रेरित किया है। इतना ही नहीं, बेहतर होते ईवी चार्जिंग नेटवर्क के चलते अब लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बा रहे हैं। लेकिन किसी भी इलेक्ट्रिक स्कूटर की असली उपयोगिता उसकी बैटरी पर निर्भर करती है। बैटरी की सेहत यह तय करती है कि स्कूटर कितनी दूरी तय करेगा, कितने साल चलेगा और लंबे समय में आपका खर्च कितना रहेगा। गर्मी, चार्जिंग की आदतें, राइडिंग स्टाइल और स्टोरेज, ये सभी चीजें लिथियम-आयन बैटरी की लाइफ और परफॉर्मेंस पर सीधा असर डालती हैं। अच्छी बात यह है कि कुछ समझदारी भरी आदतों को अपनाकर आप अपनी ई-स्कूटर बैटरी की उम्र को कई साल बढ़ा सकते हैं। हर बार 0 से 100 प्रतिशत चार्ज करने से बचें लिथियम-आयन बैटरियां तब सबसे बेहतर काम करती हैं, जब उन्हें 20 से 80 प्रतिशत चार्ज के बीच रखा जाए। बैटरी को बार-बार पूरी तरह खत्म होने देना सेल्स को जल्दी कमजोर करता है। इसी तरह रोजाना 100 प्रतिशत तक चार्ज करना भी लंबे समय में बैटरी की सेहत को नुकसान पहुंचाता है। रोज के दफ्तर या लोकल सफर के लिए आंशिक चार्ज पर्याप्त होता है। पूरी चार्जिंग को लंबी यात्रा के लिए ही बचाकर रखना बेहतर रहता है। गर्मी से बैटरी को बचाना है बेहद जरूरी भारत में गर्मी इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती हैं। तेज धूप में लंबे समय तक स्कूटर खड़ा रखने से बैटरी का केमिकल एजिंग तेज हो जाता है। कोशिश करें कि स्कूटर को छांव में या इनडोर पार्किंग में रखें। लंबी और तेज राइड के तुरंत बाद चार्जिंग से बचें और पहले बैटरी को ठंडा होने का समय दें। यह आदत बैटरी की उम्र बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाती है। सही चार्जर का इस्तेमाल करें हमेशा वही चार्जर इस्तेमाल करें, जो स्कूटर के साथ कंपनी ने दिया हो। सस्ते या लोकल आफ्टरमार्केट चार्जर में वोल्टेज कंट्रोल सही नहीं होता। जिससे बैटरी को नुकसान पहुंच सकता है या उसकी क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। अगर चार्जर खराब हो जाए, तो केवल अधिकृत और कंपनी द्वारा सुझाया गया चार्जर ही लगवाएं। टायर प्रेशर और राइडिंग स्टाइल भी असर डालते हैं कई लोगों को यह बात अजीब लग सकती है, लेकिन टायर प्रेशर का बैटरी से सीधा संबंध होता है। कम हवा वाले टायर मोटर और बैटरी पर ज्यादा दबाव डालते हैं, जिससे चार्ज जल्दी खत्म होता है। कंपनी द्वारा सुझाए गए प्रेशर लेवल पर टायर रखें। इसके अलावा, अचानक तेज एक्सीलरेशन और आक्रामक राइडिंग स्टाइल न सिर्फ रेंज घटाती है, बल्कि बैटरी सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव भी डालती है। सॉफ्टवेयर अपडेट को न करें नजरअंदाज आजकल के ज्यादातर इलेक्ट्रिक स्कूटर बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ आते हैं। ये अपडेट चार्जिंग व्यवहार, थर्मल कंट्रोल और रेंज की सटीक जानकारी को बेहतर बनाते हैं। एप के जरिए या सर्विस के दौरान इस बात की जरूर जांच करें कि स्कूटर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है या नहीं। ईवी की समय पर सर्विस क्यों है जरूरी नियमित सर्विसिंग सिर्फ मैकेनिकल पार्ट्स के लिए ही नहीं, बल्कि बैटरी की सेहत के लिए भी जरूरी है। सालाना या छह महीने में होने वाली सर्विस से वायरिंग, कनेक्टर्स, कूलिंग सिस्टम और बैटरी माउंटिंग की स्थिति सही बनी रहती है। अच्छी तरह मेंटेन की गई बैटरी अचानक क्षमता गिरने की समस्या से भी बची रहती है। छोटी आदतें, बड़ा फायदा स्मार्ट चार्जिंग, गर्मी से बचाव, स्मूद राइडिंग और समय पर सर्विस- ये सभी छोटी-छोटी आदतें मिलकर आपकी इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी को वारंटी अवधि से कहीं ज्यादा समय तक बेहतर हालत में रख सकती हैं। थोड़ी सी समझदारी न सिर्फ परफॉर्मेंस और रेंज को बेहतर बनाती है। बल्कि लंबे समय में आपकी जेब पर पड़ने वाला खर्च भी कम करती है।