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तेजस्वी यादव का बड़ा बयान — सरकार बनी तो एक नहीं, कई डिप्टी सीएम; मुस्लिम और दलित नेताओं को मिलेगा सम्मान

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान में अब महज कुछ दिन बचे हैं। इस बीच, राजद नेता तेजस्वी यादव ने महागठबंधन को सत्ता में लाने पर कई उपमुख्यमंत्री बनाने का संकेत दिया है, जिनमें मुस्लिम और दलित भी शामिल होंगे। महागठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरे ने कहा कि विभिन्न वर्गों की चिंताओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने अशोक गहलोत की टिप्पणी और मुकेश साहनी के संदर्भ में कहा कि मुस्लिम और दलित उपमुख्यमंत्री जरूर होंगे। इससे पहले, हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में भी तेजस्वी ने गहलोत के बहु-उपमुख्यमंत्री वाले बयान का जिक्र किया था।   तेजस्वी यादव ने भाजपा पर तंज कसा कि विपक्ष की ओर से उपमुख्यमंत्री पद के लिए नामों की घोषणा पर विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'बीजेपी को ईबीसी समुदाय के प्रतिनिधि को उपमुख्यमंत्री बनाने पर आपत्ति है। उनकी आईटी सेल हमें उन समुदायों के प्रतिनिधि न बनाने पर ट्रोल कर रही है, जिन्हें वे घुसपैठिए कहते हैं।' हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं कहा कि उनके नेतृत्व में बिहार में मुस्लिम उपमुख्यमंत्री होगा या नहीं। तेजस्वी ने कहा, 'हम इस संभावना से इनकार नहीं कर रहे। इंतजार कीजिए और देखिए। यह किसी भी समुदाय से हो सकता है।' बिहार बुलाए गए अशोक गहलोत कांग्रेस के सीनियर नेता अशोक गहलोत को पिछले महीने बिहार में इंडिया गठबंधन की सीट-बंटवारे की उलझनों को सुलझाने के लिए लाया गया था। बाद में उन्होंने कहा कि गठबंधन सहयोगियों के बीच कुछ सीटों पर मैत्रीपूर्ण मुकाबला को मतभेद नहीं माना जाना चाहिए। बिहार में 243 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव का मंच तैयार है। मतदान दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होगा। मतगणना और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी गठबंधन ने अपने घोषणापत्र जारी कर दिए हैं।  

पहले 80 गिरफ्तार, अब अनंत सिंह — मोकामा में सख्त प्रशासन, DM बोले सब नियंत्रण में

पटना  बिहार की मोकामा विधानसभा सीट को हॉट सीट माना जाता है। इस सीट से जनता दल यूनाइटेड के प्रत्याशी अनंत सिंह के गिरफ्तार हो जाने के बाद यहां अब चुनावी दंगल और भी ज्यादा दिलचस्प हो गया है। चर्चित दुलारचंद यादव मर्डर केस में पटना पुलिस ने देर रात बाहुबली कहे जाने वाले अनंत सिंह को गिरफ्तार किया है। अब अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद पटना के जिलाधिकारी डॉक्टर त्यागराजन ने कहा है कि मोकामा में अब हालात सामान्य हैं और उन्होंने यहां निष्पक्ष चुनाव का वादा भी किया है। अनंत सिंह को गिरफ्तार करने के बाद रविवार को अनंत सिंह को एसएसपी कार्यालय स्थित रंगदारी सेल में रखा गया है। अनंत सिंह के सहयोगी सुबह पूर्व विधायक के लिए चाय लेकर यहां पहुंचे थे। हालांकि, यहां प्रशासन ने इन्हें अनंत सिंह से मिलने नहीं दिया। हालांकि, वहां मौजूद स्टाफ ने चाय ले ली थी। बता दें कि यह सेल काफी सुरक्षित माना जाता है और यहां आसपास सुरक्षा के काफी पुख्ता इंतजाम भी है। इधर देर रात अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद पटना के डीएम ने कहा, 'इस हत्याकांड को काफी गंभीरता से लिया गया है। हमने 48 घंटे तक दिन से लेकर रात तक वहां कैंप किया। अब हालात बिल्कुल सामान्य हैं। यह चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है इसलिए हर एंगल से इसकी जांच-पड़ताल की गई है। सभी असामाजिक तत्वों के खिलाफ ऐक्शन लिया गया है। कल तक 80 लोगों को गिरफ्तार किया गया था और आज मुख्य अभियुक्त अनंत सिंह को भी अरेस्ट कर लिया गया है। हमलोगों ने उन लोगों की पहचान कर ली है जो चुनाव को प्रभावित करना चाहते हैं।' CAPF जवान तैनात, सुरक्षा कड़ी डीएम ने बताया कि सीएपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है और अवैध हथियारों को जब्त करने के लिए छापेमारी की जा रही है। मोकामा में निष्पक्ष मतदान का वादा करते हुए पटना के जिलाधिकारी ने पत्रकारों से कहा, 'मोकामा विधानसभा क्षेत्र में हुई घटना को जिला प्रशासन औऱ पुलिस ने काफी गंभीरता से लिया है। हमने इस केस में कई ऐक्शन लिए हैं। पूरी चुनावी प्रक्रिया में आदर्श चुनाव आचार संहिता काफी मजबूत स्तंभ है। चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक, हम निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए कटिबद्ध हैं। अगर कोई भी असामाजिक तत्व चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी वैध हथियार जल्द ही जमा करा लिए जाएंगे। पटना के डीएम ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा में 50 चेकिंग प्वााइंट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सीएपीएफ भी लगातार चेकिंग कर रहा है। पटना से ज्यादा से ज्यादा जब्ती की जा चुकी है। भारी संख्या में सीएपीएफ की तैनाती की गई है। वो लोग मजिस्ट्रेट और पुलिस के साथ को-ऑर्डिनेट कर काम कर रहे हैं।' जनसुराज समर्थक दुलारचंद यादव की हुई थी हत्या आपको बता दें कि 30 अक्तूबर को जनसुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या दो पक्षों के बीच हुई फायरिंग में हो गई थी। मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे जिसके बाद यह घटना हुई थी। मोकमा में 6 नवंबर को पहले चरण में मतदान होंगे। राष्ट्रीय जनता दल ने इस सीट से वीणा देवी को मैदान में उतारा है।  

‘हिंदू पर्व फालतू, पर हैलोवीन जरूरी?’ लालू यादव के जश्न पर सियासत गरमाई

नई दिल्ली  राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव एक बार फिर राजनीतिक विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर हैलोवीन मनाते हुए उनके वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन पर तीखा हमला बोला है। दरअसल, लालू यादव की बेटी और आरजेडी नेता रोहिणी आचार्य ने शनिवार को एक्स पर कुछ तस्वीरें साझा कीं, जिनमें लालू यादव अपने पोते-पोतियों के साथ हैलोवीन मनाते दिखाई दे रहे हैं। बच्चों ने इस मौके पर हैलोवीन की पारंपरिक वेशभूषा पहन रखी थी। पोस्ट में रोहिणी ने लिखा, “हैप्पी हैलोवीन टू एवरीवन।”   वीडियो सामने आने के बाद भाजपा किसान मोर्चा के आधिकारिक अकाउंट ने पोस्ट करते हुए लिखा, “बिहार के लोगों, मत भूलो कि यही लालू यादव हैं जिन्होंने आस्था और अध्यात्म के भव्य पर्व महाकुंभ को बेकार बताया था और अब विदेशी त्योहार हैलोवीन मना रहे हैं। जो आस्था पर चोट करेगा, उसे बिहार की जनता वोट नहीं देगी।” महाकुंभ को लेकर क्या बोले थे लालू? गौरतलब है कि इसी वर्ष फरवरी में, लालू यादव ने महाकुंभ को फालतू बताया था। महाकुंभ को लेकर बढ़ती भीड़ के बारे में पूछे जाने पर आरजेडी प्रमुख ने कहा था, "अरे ये सब कुंभ का क्या कोई मतलब है, फालतू है कुंभ।" उस वक्त भी बीजेपी ने उन्हें हिंदू धार्मिक भावनाओं का अपमान करने का आरोप लगाते हुए घेरा था। भाजपा प्रवक्ता मनोज शर्मा ने कहा था, “लालू यादव का यह बयान उनकी तुष्टिकरण की राजनीति को दर्शाता है। आरजेडी नेताओं ने हमेशा हिंदू आस्था का अपमान किया है।” यह नया विवाद ऐसे समय में उठा है जब बिहार विधानसभा चुनाव अपने अंतिम दौर में पहुंच चुके हैं। पहले चरण के लिए 6 नवंबर और दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को मतदान होंगे। 14 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे।  

दुमका में दिल दहला देने वाला मर्डर! नींद में मौत के घाट उतारा दुकानदार

दुमका झारखंड के दुमका जिले में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कारीकादर गांव में अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से वार कर एक नाश्ता दुकानदार की निर्मम हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे गांव को दहशत का माहौल कायम कर दिया है।   मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान कारीकादर गांव निवासी 38 वर्षीय लखन मंडल के रूप में हुई है। वह बीते कई वर्षों से गांव के बाहर सड़क किनारे नाश्ते की दुकान चलाकर अपने परिवार का गुजर-बसर करता था। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार की रात लखन मंडल अपनी दुकान के बाहर खाट पर सोया हुआ था। तभी अज्ञात हमलावरों ने उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। शुक्रवार की सुबह जब उसकी पत्नी लीलावती मंडल दुकान पहुंची तो उसने अपने पति को खून से लथपथ मृत अवस्था में देखा। यह द्दश्य देखकर वह जोर-जोर से चीख पड़ी और पड़ोसी ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इधर घटना की सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) विजय महतो के नेतृत्व में पुलिस टीम गांव पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमाटर्म के लिए भेज दिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पुरानी रंजिश के चलते लखन मंडल की हत्या किए जाने की आशंका है। मृतक की पत्नी लीलावती मंडल ने पुलिस को दिए बयान में पड़ोसी गांव चैनपुर के कालीचरण राय, लालचरण राय समेत चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। बताया गया कि ये सभी संदिग्ध घटना के बाद से गांव छोड़कर फरार हैं।        पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। साथ ही मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। एसडीपीओ विजय महतो ने बताया कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।  

‘मोंथा’ तूफान ने झारखंड में मचाई तबाही, खेतों में डूबा किसानों का पसीना

रांची  चक्रवाती तूफान मोंथा ने झारखंड में तबाही मचाई हुई है। राज्य में तीसरे दिन भी बारिश से जनजीवन ठप रहा। बारिश से खेत डूब गए। इसके अलावा बिजली भी बाधित रही। बारिश से धान की फसलें पूरी तरह बर्बाद पाकुड़ की बात करें तो यहां बीते शुक्रवार की शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश रात भर जारी रही और बूंदाबांदी अभी भी जारी है। आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं। बारिश इतनी तेज थी कि जिले के कई इलाकों में जनजीवन पूरी तरह ठप पड़ गया। लगातार हो रही बारिश से धान की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। खेतों में पानी भर जाने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। केवल धान ही नहीं, बल्कि सरसों की खेती को भी इस तूफान का असर झेलना पड़ा है। किसानों में चिंता का माहौल तेज हवा और बारिश से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। कई जगहों पर धान की फसलें खेतों में गिर गई हैं। इससे किसानों में चिंता का माहौल है। किसानों का कहना है कि अगले एक सप्ताह में धान की कटाई शुरू होने वाली थी, लेकिन अचानक आए इस मौसम बदलाव ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया।  

वाम-दल एकजुट: भाकपा (माले) ने JMM को दिया समर्थन, दीपंकर भट्टाचार्य का BJP पर तीखा वार

घाटशिला झारखंड के घाटशिला (अनुसूचित जनजाति) विधानसभा क्षेत्र के लिए हो रहे उपचुनाव में भाकपा (माले) की केंद्रीय कमेटी ने झामुमो उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की है। पार्टी महासचिव कॉमरेड दीपंकर भट्टाचार्य ने विश्वास व्यक्त किया है कि भाजपा को घाटशिला में करारी हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन एकजुट होकर इस चुनाव में झामुमो के साथ खड़ा है। भट्टाचार्य ने उम्मीद जाहिर की है कि झामुमो उम्मीद्वार सोमेश सोरेन विजय होकर घाटशिला की जनता की आकांक्षाओं को पूरी करेंगे। भाकपा माले के विधायक कॉ अरूप चटर्जी और कॉ चंद्रदेव महतो लगातार घाटशिला की जनता से संपर्क बनाए हुए हैं और शीघ्र ही वहां उनका प्रचार-अभियान शुरू होने वाला है। झारखंड और बिहार में भाजपा लिए कोई जगह खाली नहीं भाकपा माले ने झारखंड की जनता को सतर्क करते हुए कहा कि सावधानी हटी, दुर्घटना घटी। भाकपा माले ने कहा कि भाजपा को झारखंड में अलग-थलग किए बगैर झारखंडियों के जल-जंगल-जमीन और रोजगार के संघर्ष को अपने मुकाम पर नहीं पहुंचाया जा सकता है। झारखंड की जनता अभी भी भाजपा के डबल इंजन राज में व्याप्त भ्रष्टाचार, कॉरपोरेट लूट, किसानों की जमीन की छिनतई, भुखमरी और बेरोजगारी को भूले नहीं हैं। भाकपा माले ने कहा कि वर्तमान उपचुनाव में भाजपा को करारी शिकस्त देकर दिल्ली में मोदी सरकार को यह संदेश दे दिया जाए कि झारखंड और बिहार में भाजपा लिए कोई जगह खाली नहीं है।  

बिहार के नाम नीतीश का संदेश: विकास, विश्वास और ‘एक और मौका’ की अपील

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को 3 मिनट 53 सेकंड वीडियो जारी किया और कहा कि उनकी सरकार ने 2005 से पूरी ईमानदारी से राज्य के लोगों की सेवा की है, बिहार को एक ऐसे राज्य से बदल दिया है जहां बिहारी कहलाना अपमान की बात थी, अब यह सम्मान की बात है। जदयू (JDU) सुप्रीमो ने कहा कि उनकी सरकार ने शुरुआत में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया था, जो "बहुत खराब" स्थिति में थी। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल, कृषि और युवा रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार लाए हैं। पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब थी मुख्यमंत्री ने कहा, "आपने मुझे वर्ष 2005 से लगातार बिहार के लोगों की सेवा करने का अवसर दिया है। हम आपको बताना चाहते हैं कि जिस स्थिति में हमें बिहार मिला था, उस समय बिहारी कहलाना अपमान की बात थी। तब से, हमने पूरी ईमानदारी और मेहनत से दिन-रात मेहनत करके आपकी सेवा की है। आप जानते हैं कि पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब थी। सबसे पहले इसे ठीक करने का काम किया गया।" सीएम नीतीश कुमार ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने अपने परिवार के लिए कुछ किए बिना समाज के सभी वर्गों – हिंदू, मुस्लिम, सवर्ण, पिछड़े, अति पिछड़े, दलित और महादलित – के विकास के लिए काम किया है। "पिछली सरकार ने महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया। हमने अब महिलाओं को इस हद तक सशक्त बनाया है कि वे अब किसी पर निर्भर नहीं हैं और अपने परिवार और बच्चों की देखभाल खुद कर सकती हैं। हम आपको बताना चाहते हैं कि हमने शुरू से ही समाज के सभी वर्गों का विकास किया है।" चाहे हिंदू हों, मुसलमान हों, सवर्ण हों, पिछड़े हों, अति पिछड़े हों, दलित हों, महादलित हों, सबके लिए काम किया गया है। हमने अपने परिवार के लिए कुछ नहीं किया। अब बिहारी कहलाना अपमान की नहीं, बल्कि सम्मान की बात है।" एनडीए को, एक और मौका दें बिहार के मुख्यमंत्री ने 2005 से अपनी सरकार की जनता की ईमानदारी से सेवा करने की प्रतिबद्धता पर भी प्रकाश डाला, जिससे बिहार एक ऐसा राज्य बन गया है जिस पर उसके निवासी गर्व कर सकते हैं। उन्होंने कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और युवाओं के लिए रोजगार में सुधार पर ज़ोर दिया। कुमार ने कहा कि उनके प्रशासन ने सभी समुदायों के विकास, महिलाओं को सशक्त बनाने और विभिन्न सामाजिक समूहों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए काम किया है। उन्होंने बिहार के विकास को बढ़ावा देने में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने वीडियो संदेश में कहा, "आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का भी बिहार के विकास में पूरा सहयोग मिल रहा है। केवल एनडीए ही बिहार का विकास कर सकता है। केंद्र और राज्य दोनों में एनडीए सरकार होने के कारण विकास की गति बहुत तेज़ हुई है।" इसलिए, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस चुनाव में एनडीए उम्मीदवारों को भारी मतों से जिताएं। आप हमें, यानी एनडीए को, एक और मौका दें," , भविष्य में और भी काम किए जाएंगे नीतीश कुमार ने आगे कहा, "इसके बाद, भविष्य में और भी काम किए जाएंगे, जिससे बिहार इतना विकसित हो जाएगा कि देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हो जाएगा। इसलिए, आगामी 6 और 11 नवंबर को आप भारी संख्या में अपने मतदान केंद्र पहुंचें और अपना वोट डालें। जय हिंद, जय बिहार।" 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होगा, जबकि सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की आठ सीटों के लिए उपचुनाव 11 नवंबर को होंगे। दोनों के नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।  

मौसम ने खींची ब्रेक: प्रियंका गांधी की खगड़िया रैली बारिश के कारण स्थगित

खगड़िया खगड़िया जिले के बेलदौर में शनिवार को होने वाली कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी की चुनावी रैली खराब मौसम के कारण रद्द कर दी गई। यह जानकारी पार्टी के एक नेता ने दी। इसकी जानकारी बेलदौर के कांग्रेस प्रत्याशी मिथलेश निषाद ने सोशल मीडिया अकाउंट पर दी। बता दें कि बेलदौर विधानसभा क्षेत्र के गांधी इंटर स्कूल मैदान में यह सभा होनी थी, लेकिन भारी बारिश के कारण उनकी सभा स्थगित कर दी गई।गौरतलब है कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए दो चरण में 06 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान कराया जाना है। 14 नवंबर को मतगणना होगी और चुनाव की प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी हो जायेगी। बिहार विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। 2025 के बिहार चुनाव में मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और महागठबंधन के बीच होगा। एनडीए में भारतीय जनता पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं। राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाले महागठबंधन में कांग्रेस पार्टी, दीपांकर भट्टाचार्य के नेतृत्व वाली भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (सीपीआई-एमएल), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीएम) और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) शामिल हैं। इसके अलावा, प्रशांत किशोर की जन सुराज ने राज्य की सभी 243 सीटों पर दावा ठोक दिया है।  

BJP सांसद को मिली जान से मारने की धमकी, बिहार पुलिस में मचा हड़कंप

पटना बिहार चुनाव के बीच भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन  को जान से मारने की धमकी और गाली-गलौज वाले फ़ोन कॉल आए, जिसके बाद उन्होंने के गोरखपुर रामगढ़ ताल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। भाषणों को लेकर फोन पर दी धमकी गोरखपुर के शहर SP अभिनव त्यागी ने कहा, "एक घटना सामने आई है जहां एक अज्ञात व्यक्ति ने सांसद रवि किशन को बिहार चुनाव प्रचार के दौरान उनके भाषणों को लेकर फोन पर धमकी दी। मामला दर्ज कर लिया गया है। रामगढ़ पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।" प्राथमिकी के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 302, 351(3) और 352 के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र के रवि किशन शुक्ला के निजी सचिव शिवम द्विवेदी ने दर्ज कराई है। एक्स पर एक पोस्ट में, रवि किशन ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया। उनकी पोस्ट में लिखा है, "मुझे हाल ही में फोन पर अभद्र भाषा का सामना करना पड़ा, यहां तक कि मेरी मां के बारे में भी अभद्र टिप्पणी की गई। मुझे जान से मारने की धमकी दी गई और भगवान श्री राम के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द कहे गए। यह न केवल मेरी व्यक्तिगत गरिमा पर बल्कि हमारी आस्था और भारतीय संस्कृति के मूल तत्वों पर भी सीधा हमला है। " उन्होंने कहा कि इस तरह के कृत्यों का उद्देश्य "घृणा और अराजकता फैलाना" है, लेकिन इसका "लोकतांत्रिक ताकत और वैचारिक संकल्प" से सामना किया जाएगा। "मैं इन धमकियों से नहीं डरता हूं" रवि किशन ने कहा, इस तरह के कृत्य घृणा फैलाने के प्रयास हैं और समाज में अराजकता की भावना को बढ़ावा दिया जाएगा और उनका लोकतांत्रिक ताकत और वैचारिक संकल्प से प्रेरित होकर जवाब दिया जाएगा। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि मैं न तो इन धमकियों से डरता हूं और न ही इनके आगे झुकता हूं। जनसेवा, राष्ट्रवाद और धर्म के मार्ग पर चलना मेरे लिए कोई राजनीतिक रणनीति नहीं है – यह जीवन का संकल्प है। मैं हर परिस्थिति में इस मार्ग पर अडिग रहूंगा, चाहे इसके लिए मुझे कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े।" उन्होंने आगे कहा, "यह मार्ग कठिन है, लेकिन इसी में मैं अपने जीवन को सार्थक मानता हूं। मेरे लिए, यह संघर्ष स्वाभिमान, आस्था और कर्तव्य की रक्षा का प्रतीक है, और मैं अंत तक दृढ़ और समर्पित रहूंगा।"  

मोकामा में राजनीति बनाम अपराध का मुकाबला, अनंत सिंह-दुलारचंद यादव की पुरानी अदावत फिर चर्चा में

पटना  बिहार का मोकामा विधानसभा क्षेत्र सुर्खियों में हैं। यहां गुरुवार दोपहर जन सुराज और जेडीयू समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़प में 75 साल के दुलारचंद यादव की मौत हो गई। दुलारचंद अलग-अलग समय में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और मोकामा के बाहुबली नेता अनंत सिंह तीनों के करीबी रह चुके थे। ताजा घटना उस समय हुई जब जन सुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी और जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह के काफिले तरतार गांव के बसावनचक मोड़ पर आमने-सामने आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले पथराव हुआ और फिर गोलियां चलीं। इस दौरान दुलारचंद को गोली लगी और बाद में उन्हें वाहन ने कुचल दिया। करीब एक दर्जन लोग घायल हुए।   चुनाव आयोग ने घटना पर रिपोर्ट तलब की है। पुलिस ने चार एफआईआर दर्ज की हैं। उनमें से एक अनंत सिंह के खिलाफ दुलारचंद के परिजनों ने दर्ज कराई है, जबकि दूसरी एफआईआर अनंत समर्थकों ने जन सुराज कार्यकर्ताओं पर कराई है। मोकामा की राजनीति लंबे समय से अपराध, जाति और बाहुबल के संगम के लिए कुख्यात रही है। यह इलाका भूमिहार बाहुबलियों का गढ़ माना जाता है। दुलारचंद यादव इस क्षेत्र के कुछ गिने-चुने गैर-भूमिहार नेताओं में थे। उनके खिलाफ 1991 से लेकर 2010 तक 11 आपराधिक मामले दर्ज थे। उनमें हत्या, अपहरण, रंगदारी और अवैध हथियारों के मामले शामिल हैं। उनका नाम कांग्रेस कार्यकर्ता सीताराम सिंह की हत्या में आया था। उनके साथ आरोपी अनंत सिंह के भाई दिलीप सिंह और नीतीश कुमार भी थे। नीतीश और दुलारचंद को बाद में बरी कर दिया गया और जेडीयू सुप्रीमो और CM के खिलाफ केस को पटना हाई कोर्ट ने 2019 में खत्म कर दिया। दूसरी ओर अनंत सिंह, जिन्हें ‘छोटे सरकार’ कहा जाता है, 2005 से अब तक इस सीट पर प्रभाव बनाए हुए हैं। उनके खिलाफ 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2019 में यूएपीए मामले में उन्हें 10 साल की सजा हुई थी, हालांकि 2024 में पटना हाई कोर्ट ने सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया। 2015 में अनंत सिंह को किडनैपिंग और मर्डर के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी पुलिस के एक बड़े छापे के बाद हुई थी जिसमें 500 पुलिसकर्मी और दंगा रोकने वाली गाड़ियां शामिल थीं। बताया गया कि वहां से हथियार, बुलेटप्रूफ जैकेट और खून से सने कपड़े बरामद हुए थे। अब आरजेडी ने इस सीट से सुरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को उम्मीदवार बनाया है। सुरजभान भी भूमिहार समुदाय से हैं और उन पर भी 26 आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं, हालांकि वे फिलहाल चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित हैं। माना जा रहा है कि दुलारचंद और अनंत सिंह के बीच तनाव तब बढ़ा जब दुलारचंद ने इस बार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का साथ दे दिया था।