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ईडी ने नरेश केजरीवाल के खिलाफ रांची, मुंबई और सूरत में चलाया छापा अभियान

रांची प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार सुबह झारखंड के चर्चित चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) नरेश केजरीवाल के ठिकानों पर फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) के तहत बड़ी कार्रवाई की है. उनके रांची, मुंबई और सूरत के कुल 15 ठिकानों पर सुबह छह बजे से ईडी की टीमों ने एक साथ दबिश दी है. नरेश केजरीवाल कई प्रमुख राजनेताओं के वित्तीय मामलों को संभालते रहे हैं. विदेशों में अवैध रूप से धन निवेश और नियमों के उल्लंघन से जुड़े आरोपों के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है. ईडी की टीम रांची में चर्च कॉम्प्लेक्स स्थित केजरीवाल के कार्यालय के अलावा उनके आवासीय परिसरों की भी तलाशी ले रही है. फेमा के तहत की गई झारखंड में ईडी की यह पहली छापेमारी बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक, आयकर विभाग की ओर से पूर्व में की गई छापेमारी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल डेटा मिले थे. इन्हीं तथ्यों के आधार पर ईडी ने फेमा के तहत जांच प्रारंभ की. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि केजरीवाल और उनसे जुड़े व्यक्तियों की ओर से दुबई और अमेरिका समेत कुछ अन्य देशों में धन का निवेश किया गया है. जांच अधिकारियों को विदेशों में किए गए निवेश से जुड़े लेनदेन, कंपनियों और बैंक खातों के बारे में अहम जानकारी मिली है. ईडी का कहना है कि विदेशों में किए गए निवेश के दौरान निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया. प्रारंभिक जांच में कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जो फेमा के प्रावधानों के उल्लंघन की ओर संकेत करते हैं. इसी आधार पर मंगलवार को बहु-राज्यीय कार्रवाई की गई. तलाशी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, कंप्यूटर डेटा, विदेशी लेनदेन के कागजात और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. 

डॉ. प्रेम कुमार: 35 साल की विधायक यात्रा, 9वीं बार विधायक और नए स्पीकर

पटना भाजपा के वरिष्ठ विधायक डॉ. प्रेम कुमार को निर्विरोध और सर्वसम्मति से बिहार विधानसभा का अगला अध्यक्ष चुना गया. चुनाव की औपचारिक घोषणा होते ही सदन में “हर हर महादेव” और “जय श्री राम” के नारे गूंज उठे. प्रेम कुमार गया टाउन, यानी गयाजी शहरी क्षेत्र के मतदाताओं के प्रतिनिधि चुनकर 9वीं बार भी विधानसभा पहुंचे हैं. 202 सीटों की बड़ी जीत के साथ ही उनका नाम चल निकला था. इंतजार हो रहा था कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लें और मंत्रिपरिषद् के बाकी सदस्यों का भी शपथ ग्रहण हो जाए. तभी यह हुआ और तय हो गया कि डॉ. प्रेम कुमार के सामने इस कुर्सी के लिए किसी की ओर से कोई विकल्प नहीं है. डॉ. प्रेम कुमार ने सोमवार को नामांकन भरा. 35 विधायकों वाले महागठबंधन से किसी अन्य ने इस पद के लिए नामांकन नहीं भरा. यानी, प्रेम कुमार को निर्विरोध चुना गया. जिसके बाद सभी नेताओं ने उन्हें बधाई दी. प्रेम कुमार ने अपने संबोधन की शुरुआत गीता के श्लोक से की.उन्होंने कहा कि- आप सभी ने सर्वसहमति से मुझे चुना इसके लिए आभार. अध्यक्ष के रूप में मेरा कर्तव्य होगा कि सदन के संचालन के नियमों का पालन करते हुए सभी सदस्यों के अधिकारों का पालन हो. आवश्यकता है विचारों के विविधता के बीच संवाद को बढ़ाएं. हमें जनता की सेवा का मौका मिला है. मेरे लिए सरकार और विपक्ष दिनों समान रूप से होंगे. कौन हैं डॉ. प्रेम कुमार डॉ. प्रेम कुमार 35 साल से गया जिले की टाउन सीट से विधायक हैं. वह लगातार 9 बार से विधायकी जीत रहे हैं. एनडीए सरकार में कई बार मंत्री भी रहे हैं. उनकी गिनती भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में होती है. वे सुशील मोदी, नंद किशोर यादव, नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के जमाने के नेता हैं. प्रेम कुमार अति पिछड़ी जाति कहार जाती से आते हैं. 70 साल के प्रेम कुमार एलएलबी और पीएचडी कर चुके हैं. उनकी संपत्ति की बात की जाए, तो उनकी पास 13 करोड़ से अधिक की संपत्ति है. इसके अलावा उनके ऊपर 18 आपराधिक मुकदमे भी दर्ज हैं.  

दिसंबर की दस्तक के साथ झारखंड में ठंड तेज, तीन दिन बाद चलेगी शीतलहर

रांची झारखंड में दिसंबर की शुरुआत होते ही कड़ाके की ठंड ने लोगों की रफ्तार पकड़ ली है। रांची, पलामू, लोहरदगा, खूंटी और लातेहार जैसे जिलों में बर्फीली हवाएं हड्डियां जमा रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आज न्यूनतम तापमान 10-13 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि अधिकतम 24-27 डिग्री तक पहुंचा। इन इलाकों में ठंड का असर सबसे ज्यादा पड़ा जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां में न्यूनतम पारा 16 डिग्री तक दर्ज हुआ, लेकिन ठंडी हवाओं ने सुबह-शाम कंपकंपी बढ़ा दी। रांची के मैक्लुस्कीगंज और कांके में पारा 5 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से रातें और ज्यादा ठंडी होंगी। पिछले 24 घंटे में चाईबासा का अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री रहा, जबकि गुमला का न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री दर्ज किया गया। दिन में हल्की गर्माहट महसूस हुई, लेकिन हवा की ठंडक ने स्वेटर पहनना लोगों की मजबूर कर दिया है। रांची, कोडरमा, गढ़वा, लातेहार, गुमला और पलामू में न्यूनतम तापमान 10-11 डिग्री पर अटका रहा, जिससे इन इलाकों में ठंड का असर सबसे ज्यादा पड़ा। हिमालयी प्रभाव से राज्य में शुष्क मौसम बना हुआ है, कोई बारिश की संभावना नहीं। सुबह-शाम गर्म कपड़े, ग्लव्स और मफलर पहनें मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 और 5 दिसंबर को कई जिलों में शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है। जिन जगहों पर पारा 4 से 5 डिग्री तक पहुंचेगा, वहां पाला पड़ने की आशंका भी है। सुबह घना कोहरा और धुंध छाएगी, द्दश्यता बेहद कम हो जाएगी। न्यूनतम तापमान 4-8 डिग्री तक गिर सकता है, तेज बर्फीली हवाएं चलेंगी। रांची सहित कई जिलों में अगले चार दिनों तक ठंड और कोहरे का दौर रहेगा। किसानों को फसलों को पाला और ठंड से बचाने की सलाह दी गई है। विभाग ने कहा कि मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन ठंड बढ़ने से नुकसान हो सकता है। आम लोगों से अपील है कि सुबह-शाम गर्म कपड़े, ग्लव्स और मफलर पहनें। वाहन चालकों को कोहरे में सावधानी बरतने को कहा गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए गर्म भोजन करने की आवश्यकता बताया है।  

बिहार में चक्रवात का प्रभाव: तापमान गिरा, कोहरे से जनजीवन प्रभावित

पटना दित्वाह चक्रवात का असर आज से बिहार में दिखने लगा है। सोमवार की सुबह राज्य के ज्यादातर हिस्सों में धूप नदारद रही। पटना, पूर्णिया, बेतिया, बेगूसराय, मोतिहारी, गोपालगंज समेत कई जिलों में देर रात से कोहरा छाया रहा। पछुआ हवा चलने के कारण सुबह और रात में ठंड अचानक बढ़ गई। मौसम विभाग ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि चक्रवाती प्रणाली की वजह से अगले कुछ दिनों में राज्य के अधिकतर हिस्सों में ठंड और तेज़ी से बढ़ेगी। बताया गया है कि 5 दिसंबर के बाद न्यूनतम तापमान गिरावट के साथ 10 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जिससे ठंड का असर और व्यापक होगा। बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क रहा और राज्य के किसी भी हिस्से में बारिश दर्ज नहीं की गई। अधिकतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस से 29.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जिसमें अररिया में 29.4 डिग्री सेल्सियस का सर्वाधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस से 20.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा और किशनगंज में सबसे कम 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूर्णिया में 500 मीटर की न्यूनतम दृश्यता के साथ सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा, जबकि तापमान में कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के ऊपर बहने वाली हवाओं की दिशा और दबाव में बदलाव फिलहाल दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के कारण है। उत्तरी पंजाब और आसपास ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसका असर उत्तरी हरियाणा तक पहुंच रहा है। इसके साथ ही 5.8 किमी ऊंचाई पर मौजूद द्रोणिका के रूप में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ 20 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में 61 डिग्री पूर्वीदेशांतर की ओर बढ़ रहा है। इन दोनों प्रणालियों की वजह से पछुआ हवा लगातार बिहार में प्रवेश कर रही है, जिससे ठंड का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ने लगा है।   मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना जताई है और वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। आगामी 4 से 5 दिनों में अधिकतम तापमान में किसी खास परिवर्तन की उम्मीद नहीं है, जबकि न्यूनतम तापमान अगले 48 घंटों तक स्थिर रहेगा। इसके बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में रात का पारा नीचे जाने के आसार हैं, जिससे ठंड और बढ़ेगी।  

ठंड ने बढ़ाई कंपकंपी! झारखंड में इस बार पड़ेगी सबसे सख़्त सर्दी

रांची   दिसंबर महीने की शुरूआत हो चुकी है। महीने के पहले दिन ही ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। दिन में भी कड़ाके की ठंड महसूस होने लगी है। मौसम विभाग के मुताबिक, अब दिन-प्रतिदिन सर्दी का सितम बढ़ेगा। दिन में आंशिक बादल देखने को मिल सकते हैं मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में अगले 12 घंटे के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की वृद्धि होगी। इसके बाद तापमान में गिरावट आने लगेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, कल यानी मंगलवार के बाद से राज्य के अधिकांश हिस्सों में सुबह के समय कोहरा या धुंध छाए रहने की संभावना है। इसके साथ ही दिन में आंशिक बादल देखने को मिल सकते हैं। वहीं 03 दिसंबर से 06 दिसंबर तक सुबह में कोहरा या धुंध बनी रहेगी, लेकिन बाद में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। पारा के साथ ओस गिरने की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक, झारखंड के मौसम में आज से लेकर अगले 5 दिनों तक किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। सुबह के वक्त धुंध छाया रहेगा और दिन के समय मौसम शुष्क रहेगा। इस दौरान बादल छाये रहेंगे। हालांकि आज यानी रविवार को पारा के साथ ओस गिरने की संभावना है। न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।  

नीतीश सरकार का बड़ा फैसला: पानी की फिजूलखर्ची रोकने को नया नियम लागू

पटना बिहार सरकार ने ‘हर घर नल का जल’ योजना को और प्रभावी बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद अब पानी की बर्बादी करना सीधे जेब पर भारी पड़ेगा। सरकार का साफ कहना है—अब नल खुला छोड़ना या बेवजह पानी बहाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। क्या लागू हुआ नया नियम? राज्य में लगातार गिरते भू-गर्भीय जलस्तर को देखते हुए सरकार ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए सख्त पेनल्टी सिस्टम लागू किया है। जो लोग नल बहता छोड़ देते हैं या घरेलू पेयजल का गलत उपयोग करते हैं, उनके खिलाफ अब पंचायत स्तर पर तुरंत कार्रवाई होगी। अब ये गलती की… तो जुर्माना तय सरकार ने तीन-स्तरीय पेनल्टी का प्रावधान बनाया है:     पहली बार गलती: ₹150 जुर्माना     दूसरी बार: ₹400 जुर्माना     तीसरी बार: ₹5,000 जुर्माना + पानी का कनेक्शन तत्काल काट दिया जाएगा अगर कोई उपभोक्ता जुर्माना नहीं भरता है, तो उसके खिलाफ सर्टिफिकेट वाद दर्ज कर वसूली की प्रक्रिया शुरू होगी। कनेक्शन कट गया तो दोबारा कैसे मिलेगा? दुबारा पानी का कनेक्शन चाहिये तो उपभोक्ता को सभी बकाया राशि और लगाया गया जुर्माना पूरी तरह जमा करना होगा। इसके बाद WIMC यानी वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति की अनुमति पर ही कनेक्शन बहाल होगा। पेयजल का गलत उपयोग करने पर सख्त प्रतिबंध सरकार ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि पेयजल का उपयोग सिर्फ घरेलू और पीने से जुड़ी जरूरतों के लिए किया जाए। इन कामों पर पूरी तरह पाबंदी होगी:     नल खुला छोड़कर पानी बहाना     गाड़ी, आंगन या घर धोने में पेयजल का उपयोग     जानवरों को नहलाने के लिए नल का पानी     खराब या लीक टोंटी को नजरअंदाज करना     कहीं भी लीकेज देखने पर सूचना न देना मोटर पंप लगाया तो मुश्किल में पड़ जाएंगे सरकारी नल पर मोटर पंप चलाना अब अपराध माना जाएगा।     तुरंत ₹5,000 का जुर्माना     मोटर पंप जब्त     बार-बार गलती पर FIR दर्ज सरकार का कहना है कि यह कदम उन लोगों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है जो सरकारी सुविधा का दुरुपयोग कर रहे थे। सरकार ने क्यों अपनाई कड़ी नीति? जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, और कई जगहों पर पेयजल की कमी देखी जा रही है। सरकार के अनुसार “योजना का उद्देश्य हर घर को स्वच्छ पानी देना है, लेकिन कुछ लोग गैर-जरूरी उपयोग कर पानी की बर्बादी बढ़ा रहे हैं। नए नियम जल संरक्षण और सामुदायिक जिम्मेदारी दोनों को मजबूत करेंगे।” अगर आप भी ‘हर घर नल का जल’ योजना के लाभार्थी हैं, तो इन नए नियमों का पालन करना अब जरूरी है, नहीं तो भारी जुर्माना झेलना पड़ेगा।

स्पीकर पद BJP के हिस्से, प्रेम कुमार बने दावेदार—नामांकन प्रक्रिया पूरी

पटना बिहार विधानसभा का पहला सत्र आज यानी एक दिसंबर से शुरू हो गया है। बिहार विधानसभा के नए स्पीकर के लिए बीजेपी के विधायक डॉ. प्रेम कुमार ने सोमवार को विधानसभा सचिवालय में अपना नामांकन भर दिया। वहीं स्पीकर का पद बीजेपी के खाते में आ गया है। बता दें कि प्रेम कुमार पिछले तीन दशकों से लगातार चुनाव जीतते आए हैं और संगठन में भी उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। प्रेम कुमार गया टाउन से लगातार नौ बार जीते चुके है। वे मंत्री के रूप में भी कई महतवपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं। कृषि, पशुपालन, पर्यटन, सहकारिता, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण और स्वास्थ्य इंजीनियरिंग जैसे लगभग हर बड़े विभाग का कुश्लतापूर्वक संचालन किया है।  

तेजस्वी ने सम्राट से मिलाया हाथ, विजय सिन्हा ने छुए सीएम नीतीश के पैर—सदन में दिखे रोचक पल

पटना बिहार विधानसभा की 18वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार को नवनिर्वाचित विधायकों के शपथग्रहण के साथ शुरू हुआ। वहीं, शीतकालीन सत्र के पहले दिन सदन में कई रोचक पल भी देखने को मिले। तेजस्वी ने सम्राट से हाथ मिलाया दरअसल, गृहमंत्री सम्राट चौधरी की शपथ के बाद विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव अपनी सीट से खड़े हो गए और सम्राट चौधरी के साथ हाथ मिलाकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। वहीं, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुनार के पैर छुए। इसके बाद तेजस्वी यादव से गले मिले। शपथ ग्रहण के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच सौहार्द दिखाई दिया। बता दें कि तारापुर विधानसभा सीट से निर्वाचित उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सबसे पहले शपथ ली। उनके बाद उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शपथ ली, जो लगातार चौथी बार लखीसराय से विधायक हैं। शपथ ग्रहण के बाद मंत्रियों ने प्रोटेम स्पीकर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अभिवादन किया। गौरतलब हो कि राजनीतिक दृष्टि से यह सत्र खास माना जा रहा है। लगभग 10 वर्षों बाद सत्ता पक्ष में 200 से अधिक विधायक बैठेंगे, जिससे सदन का समीकरण पूरी तरह बदल गया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रचंड बहुमत के कारण सरकार के लिए विधायी एजेंडा आगे बढ़ाना आसान होगा, जबकि विपक्ष मात्र 38 सदस्यों तक सिमट गया है। ऐसे में विपक्ष पर अधिक प्रभावी ढंग से अपनी भूमिका निभाने का दबाव रहेगा। गौरतलब है कि इससे पहले 2010 में राजग विधायकों की संख्या 200 से अधिक थी। 

सरकारी योजनाओं से 17 आदिवासी परिवारों का किनारा, SIR बहिष्कार से जिला प्रशासन अलर्ट

कांकेर छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जिला प्रशासन की टीम जब आदिवासी परिवारों के पास पहुंची तो उन्होंने फॉर्म लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने न केवल एसआईआर बल्कि सरकार की अन्य योजनाओं का भी सामूहिक बहिष्कार कर दिया है. करीब 17 आदिवासी परिवार स्वीकृति के बाद न तो पीएम आवास और न ही आवंटित सरकारी राशन ले रहे हैं. आदिवासियों के इस सामूहिक बहिष्कार से जिला प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई है. दरअसल, पूरा मामला सरोना तहसील के ग्राम पंचायत लेंडारा का है. ग्राम स्तर पर कई बार बैठक कर समझाइश और संवाद की कोशिशें की गईं. लेकिन परिवार प्रशासन से किसी भी तरह की बातचीत को तैयार ही नहीं है. बीएलओ टीम के अनुसार, कई बार तो आदिवासी परिवार के लोग सीधे मुंह बात तक नहीं करते हैं. वहीं राशन दुकान संचालक रामकुमार यादव का कहना है कि पहले 4 परिवार ही राशन लेने से मना कर रहे थे, लेकिन नवंबर महीने से अन्य परिवार भी राशन नहीं लेने की बात कह रहे हैं. ग्राम पंचायत सचिव संतोष कुमार निषाद ने बताया कि शासकीय योजनाओं के विरोध की जानकारी मिलने पर गांव में बैठक कराई गई. हालांकि इन परिवारों ने किसी भी मुद्दे पर जानकारी देने से इनकार कर दिया. अब तो आवास निर्माण से भी मना कर रहे हैं. गांव में SDM, तहसीलदार, BLO को भेजकर करेंगे बातचीत की कोशिश इस मामले में जिले के कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने कहा कि लेडारा गांव के कुछ ग्रामीण शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं ले रहे है और एसआईआर फॉर्म नहीं भर रहे हैं ऐसी जानकारी मिली है. उस गांव में एसडीएम, तहसीलदार,बीएलओ व कर्मचारियों को भेजकर ग्रामीणों से बातकर किया जाएगा.

एक साथ 7 IAS अफसरों के तबादले, बिहार सरकार ने दी नई जिम्मेदारियों की मंजूरी

पटना  नवंबर महीने की आखिरी तारीख को बिहार में प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। राज्य सरकार ने एक साथ पांच वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को स्थानांतरण (IAS Transfer 2025) किया गया है। प्रधान सचिव,  अपर मुख्य सचिव और आयुक्त समेत कई पदों के प्रभार में बदलाव देखा गया है। इसके अलावा दो अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। कुछ को एडिशनल चार्ज से मुक्त भी किया गया है। तबादले और नियुक्ति से संबंधित आदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने 30 नवंबर 2025 रविवार को जारी कर दिया है। बैच 1991 के आईएएस अधिकारी सी.के अनिल, परामर्शी, बिहार राज्य योजना परिषद पटना को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग पद पर पदस्थ किया गया है। दीपक कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, ग्रामीण कार्य विभाग को महानिदेशक सह मुख्य जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन अधिकारियों को मिला एडिशनल चार्ज बैच  2010 के आईएएस अधिकारी कौशल किशोर को पर मंडलीय आयुक्त तिरहुत प्रमंडल मुजफ्फरपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वर्तमान में वह प्रमंडलीय आयुक्त दरभंगा प्रमंडल पद पर कार्यरत हैं।  संजय कुमार सिंह को विशेष कार्य पदाधिकारी गृह विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला है। वर्तमान में वह सचिव वाणिज्य कर विभाग पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा सचिव स्वास्थ्य विभाग, वाणिज्य कर आयुक्त, वस्तु एवं सेवा कर-जीएसटी के अपर आयुक्त और जांच आयुक्त सामान्य प्रशासन विभाग पद का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं। इसके अलावा कार्तिकेय धनजी को धारित सचिव उद्योग विभाग के अतिरिक्त प्रभाव से मुक्त किया गया है। इन आईएएस अफसरों का भी हुआ तबादला  मिहिर कुमार सिंह को विकास आयुक्त बिहार के पद बिहार पद पर नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह अपर मुख्य सचिव उद्योग विभाग पद का पद पर कार्यरत थे। साथ ही अतिरिक्त प्रभार के तौर पर अपर मुख्य सचिव परिवहन विभाग और महानिदेशक सह जांच आयुक्त पद की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। कुंदन कुमार को सचिव उद्योग विभाग पद पर भेजा गया है।  राज कुमार को सचिव परिवहन विभाग के पद पर पदस्थापित किया गया है, जो पहले प्रमंडलीय आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल मुजफ्फरपुर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।