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शपथ से पहले भावुक पल: पिता नीतीश कुमार का पैर छूकर लिया आशीर्वाद

पटना  आखिरकार नीतीश कुमार ने अपने बेटे को सत्ता का सारथी बना दिया। सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल के विस्तार में कुल 31 मंत्रियों को शामिल किया जा रहा है, जिनमें सबसे अधिक चर्चा नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की हो रही है। निशांत कुमार की सरकार में डायरेक्ट एंट्री कैबिनेट के तौर पर हो रही है। मंत्री पद की गरिमा संभालने से ठीक पहले निशांत ने अपनी पारिवारिक परंपरा को निभाया। उन्होंने अपने पिता नीतीश कुमार का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान नीतीश कुमार ने भावुक होकर अपने बेटे को गले लगाया निशांत को मिला पिता नीतीश का आशीर्वाद निशांत कुमार ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए निकलने से पहले अपने पिता नीतीश कुमार का पैर छूकर अभिवादन किया। नीतीश कुमार ने न केवल उनके सिर पर हाथ रखकर विजयी होने का आशीर्वाद दिया, बल्कि उन्हें गले से भी लगा लिया। पिता-पुत्र के बीच का ये भावुक पल वहां मौजूद सभी लोगों के लिए खास रहा। बेटे को आशीर्वाद देने के बाद नीतीश ने लगाया गले बेटे निशांत को आशीर्वाद देने के बाद नीतीश कुमार गले लगा लिया। जब निशांत आशीर्वाद ले रहे थे, तब वहां पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह सहित जदयू के कई दिग्गज नेता मौजूद थे। निशांत ने अपने पिता के बाद ललन सिंह के भी पैर छुए, जिस पर ललन सिंह ने उनकी पीठ थपथपाकर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। नीतीश ने संजय झा और ललन सिंह ​से दिलवाया आशीर्वाद फिर नीतीश कुमार ने निशांत को संजय झा और ललन सिंह से भी आशीर्वाद दिलवाया। नई कैबिनेट के गठन में गठबंधन के सभी दलों का ध्यान रखा गया है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली इस नई टीम में भाजपा के 15, जदयू के 13 और चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) के 2 मंत्रियों को स्थान दिया गया है। निशांत कुमार को जदयू कोटे से मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है।  

जेडीयू में मंत्री पद पर निशांत कुमार की संभावना, नीतीश से हो रही है बैठक

पटना  बिहार में आज  7 मई को कैबिनेट विस्तार होने जा रहा है. पटना के गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी पूरी हो चुकी है. इस बीच एक बड़ी चर्चा यह है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं. हालांकि इसको लेकर जेडीयू की तरफ से कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।  बता दें कि कैबिनेट विस्तार से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. जेडीयू नेता संजय झा और डिप्टी सीएम विजय चौधरी पटना स्थित 7 सर्कुलर रोड पहुंचे. जहां उनकी नीतीश कुमार से मुलाकात हुई. माना जा रहा है कि इस बैठक में मंत्रिमंडल के नामों के साथ-साथ निशांत कुमार को लेकर भी चर्चा हुई है. यह बैठक कैबिनेट विस्तार से पहले काफी अहम मानी जा रही है।  क्या है निशांत की इच्छा? इस बीच जेडीयू एमएलसी संजय गांधी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि पार्टी के कई नेता चाहते हैं कि निशांत कुमार मंत्री बनें. लेकिन निशांत की इच्छा है कि वे पहले बिहार का दौरा पूरा करें, उसके बाद ही मंत्रिमंडल में शामिल होने पर फैसला लें. संजय गांधी ने साफ कहा कि अंतिम फैसला निशांत कुमार को ही लेना है. बता दें कि वे नीतीश कुमार और निशांत के करीबी माने जाते हैं. यह बयान उन्होंने पटना के सात सर्कुलर रोड से बाहर निकलने के बाद दिया।  जिम्मेदारी लेने से किया था मना पिछले महीने नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद चर्चा थी कि उनके बेटे निशांत कुमार डिप्टी सीएम बन सकते हैं. पार्टी के कई नेताओं ने उन्हें इसके लिए मनाने की कोशिश भी की. लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया. सूत्रों के मुताबिक, निशांत का कहना था कि बिना चुनाव जीते वे कोई बड़ा पद नहीं लेना चाहते. उनका मानना है कि पहले जनता के बीच काम करके अनुभव लेना जरूरी है. इसलिए उन्होंने तय किया कि वे पहले चुनाव लड़कर विधायक बनेंगे, उसके बाद ही बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे. इसके लिए वे करीब छह महीने तक जमीनी स्तर पर काम करेंगे और लोगों के बीच रहेंगे. इन दिनों वे बिहार के अलग-अलग इलाकों का दौरा भी कर रहे हैं. निशांत कुमार 8 मार्च को जेडीयू में शामिल हुए थे।  कौन-कौन बनेंगे मंत्री सूत्रों के मुताबिक एनडीए की ‘टीम सम्राट’ लगभग तैयार है. इस बार मंत्रिमंडल में पुराने और अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को भी मौका मिल सकता है. बीजेपी अपने कोटे से बड़े नेताओं को शामिल कर रही है, वहीं जेडीयू भी अपने भरोसेमंद नेताओं पर दांव लगा रही है. चर्चा है कि बीजेपी से विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, डॉ. दिलीप जायसवाल और डॉ. प्रमोद कुमार जैसे नेताओं को जगह मिल सकती है. वहीं युवा चेहरों में श्रेयसी सिंह और आनंद मिश्रा जैसे नाम भी चर्चा में हैं। 

12वीं रिजल्ट में बेटियों का जलवा, रशीदा नाज ने झारखंड टॉप किया, छोटी कुमारी आर्ट्स में अव्वल

रांची. जैक ने इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया। इस वर्ष तीनों संकाय आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस में छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। आर्ट्स संकाय में 96.14 प्रतिशत, विज्ञान संकाय में 82.92 प्रतिशत, कॉमर्स संकाय में 93.37 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने सफलता प्राप्त किया। इंटरमीडिएट आर्ट्स संकाय में छोटी कुमार (बोकारो) ने 478 अंक लाकर पहला स्थान प्राप्त किया। दूसरे स्थान पर अंकित कुमार (दुमका) 474 अंकों के साथ रहे, जबकि तीसरे स्थान पर अंशु कुमारी (रांची) ने 473 अंक प्राप्त किए। कॉमर्स में स्वेता प्रसाद अव्वल कॉमर्स संकाय में स्वेता प्रसाद (योगोदा सत्संग इंटरमीडिएट महाविद्यालय, रांची) ने 478 अंक के साथ राज्य में पहला स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर कृष कुमार बरनवाल (बाल कृष्णा +2 हाई स्कूल) 472 अंकों के साथ रहे, जबकि तीसरे स्थान पर प्रियंशी खत्री (सेंट जेवियर्स गर्ल्स इंटर कॉलेज, चाईबासा) ने 471 अंक प्राप्त किए। साइंस में रशीदा नाज ने मारी बाजी साइंस संकाय में इस बार शानदार प्रदर्शन करते हुए रशीदा नाज (डीएवी+2 पाथरडीह, धनबाद) ने 489 अंक के साथ टॉप किया। दूसरे स्थान पर मो फैजान आलम (आरके +2 हाई स्कूल, पाटन) 483 अंक के साथ रहे। तीसरे स्थान पर संयुक्त रूप से आकांक्षा कुमारी (SS +2 हाई स्कूल, सिमरिया) और सना आफरीन (+2 सरबोदया हाई स्कूल, सतबरवा) ने 481 अंक प्राप्त किए।

पटना में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी, सम्राट मंत्रिमंडल में निशांत कुमार को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

पटना. बिहार की राजनीति में 7 मई का दिन बड़ा बदलाव लेकर आने वाला है। राजधानी पटना के गांधी मैदान में प्रस्तावित सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सत्ता गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सबसे अधिक चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर है। जानकारी के अनुसार, जदयू नेताओं के साथ हुई बैठक में निशांत ने मंत्री पद की जिम्मेदारी स्वीकारने पर सहमति जता दी है। जदयू नेताओं के समझाने पर माने न‍िशांत जानकारी के अनुसार निशांत सरकार का हिस्‍सा बनने से इनकार कर रहे थे। सीनियर नेताओं के समझाने और मौजूदा सरकार में उनकी अहम‍ियत बताने के बाद वे तैयार हुए। निशांत कुमार के संभावित मंत्रिमंडल में शामिल होने की खबर ने बिहार की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। इसे जदयू में नई पीढ़ी की एंट्री और पार्टी के भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। कहा जा रहा है क‍ि इसी वजह से 7 मई को प्रस्तावित उनकी सद्भाव यात्रा भी स्थगित कर दी गई है। अब यह यात्रा 9 मई से दोबारा शुरू हो सकती है, जिसका नया कार्यक्रम जल्द जारी होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि उन्‍हें समाज कल्‍याण व‍िभाग सौंपा जा सकता है। फिलहाल वे किसी सदन के सदस्‍य नहीं हैं। रालोमो सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के बेटे भी ब‍िना क‍िसी सदन के सदस्‍य बने मंत्री पद की शपथ लेंगे। सूत्रों के मुताबिक, नए मंत्रिमंडल में कुल 36 सदस्यों को जगह मिल सकती है। संवैधानिक सीमा के अनुसार मुख्यमंत्री समेत 36 सदस्यीय टीम में 33 विधायकों को मंत्री पद मिलने की संभावना है। व‍िजय कुमार सिन्‍हा पर टिकीं नजरें  भाजपा कोटे से पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, दिलीप कुमार जायसवाल, राम कृपाल यादव और संजय सिंह टाइगर का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं, श्रेयसी सिंह, अरुण शंकर प्रसाद, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी और सुरेंद्र मेहता की दोबारा वापसी की चर्चा भी तेज है। भाजपा इस बार दो नए चेहरों को भी मौका दे सकती है। जदयू कोटे से श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, सुनील कुमार, जमा खान, रत्नेश सदा और जयंत राज के नाम प्रमुख दावेदारों में बताए जा रहे हैं। इनके अलावा निशांत कुमार, मांजरिक मृणाल, अतिरेक कुमार और रूहेल रंजन के नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में हैं। महिला प्रतिनिधित्व को संतुलित करने के लिए शीला कुमारी को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है।

बिहार में कैबिनेट विस्तार की हलचल, गांधी मैदान से लेकर सड़कों तक दिख रही चमक

पटना. सम्राट चौधरी मंत्र‍िमंडल विस्‍तार कार्यक्रम के लिए पटना का ऐतिहासि‍क गांधी मैदान तैयार हो रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री, गृह मंत्री व अन्‍य गणमान्‍य के आगमन के रास्‍ते भी सज-धज रहे हैं। गांधी मैदान में व‍िशाल पंडाल और हैंगरों का निर्माण अंतिम चरण में है। एयरपोर्ट से गांधी मैदान तक के रास्‍ते में जगह-जगह रंगरोगन किया जा रहा है। मंंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर हलचल तेज है। इस बीच चर्चा यह भी हो रही है कि पूर्व सीएम न‍ीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी मंत्री पद की शपथ लेंगे।  सुरक्षा एवं सफाई के विशेष इंतजाम   जिला प्रशासन के साथ नगर निगम कार्यक्रम को लेकर पूरी तरह मुस्‍तद है। नगर आयुक्‍त यशपाल मीणा लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं। गांधी मैदान की गहन साफ-सफाई के लिए लगभग 40 सफाई कर्मियों को लगाया गया है। परिसर एवं शौचालयों की स्वच्छता बनाए रखने, पेयजल वितरण तथा जल निकासी के लिए 300 से अधिक सफाईर्मी लगाए गए हैं। सभी 50 प्रभारी निरीक्षकों को अपने वार्ड से पांच-पांच सफाई कर्मियों की टीम तैयार करने का निर्देश दिया गया है। चयनित सभी सफाई कर्मियों को पहचान पत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे। संभावित वर्षा को देखते हुए जल निकासी के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। निगम द्वारा पांच सुपर सकर मशीनें तैनात की गई है, जिनमें से चार मशीनें गांधी मैदान परिसर के भीतर रहेंगी। पिंक टॉयलेट एवं लू कैफे की सुविधा आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिसर में तीन पिंक टॉयलेट एवं पांच लू कैफे विभिन्न स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे। साथ ही गेट संख्या 7 के समीप स्थित ग्रीन टॉयलेट की नियमित साफ-सफाई के लिए भी निगम कर्मियों की तैनाती की गई है।

झारखंड बोर्ड 12वीं रिजल्ट: छोटी, रशीदा और श्वेता बनीं टॉपर, टॉप करने वाले लड़कों की भी सूची

रांची  झारखंड में 12वीं के छात्रों का अपने परीक्षा परिणाम का इंतजार खत्म हो गया है. झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने वार्षिक इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के नतीजे 6 मई, 2026 दिन बुधवार को जारी कर दिया है. इस परीक्षा परिणाम में कुल 81,144 सफल रहे. वहीं, 85,104 छात्रों एग्जाम दिया था. इंटरमीडिएट के रिजल्ट में एक बार फिर छात्राओं ने बाजी मारी है. मगर, छात्र भी पीछे नहीं रहे. लड़कियों के साथ लड़कों ने भी अपना परचम परीक्षा में लहराया है।  झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से जारी इंटरमीडिएट के रिजल्ट में बोकारो की छोटी कुमारी 478 नंबर के साथ आर्ट्स की टॉपर बनी. जबकि, दुमका के अंकित कुमार को दूसरा स्थान और सदमा रांची की अंशु कुमारी आर्ट में थर्ड टॉपर बनी. वहीं, कॉमर्स में रांची के छात्र-छात्राओं का शानदार प्रदर्शन रहा।  कॉमर्स में 478 मार्क्स के साथ श्वेता प्रसाद साइंस में टॉप किया. कृष कुमार बरनवाल सेकंड टॉपर और प्रियांशी खत्री थर्ड टॉपर बनी.  श्वेता प्रसाद धुर्वा स्थित योगदान सत्संग इंटरमीडिएट महाविद्यालय की छात्रा हैं. कृष कुमार बरनवाल बाल कृष्णा हाई स्कूल छात्र हैं. संत जेवियर गर्ल्स इंटर कॉलेज चाईबासा की छात्रा प्रियांशी खत्री हैं।  अब बात करें साइंस में झारखंड 12वीं बोर्ड परीक्षा में किसने बाजी मारी, तो साइंस स्ट्रीम में धनबाद की रशीदा नाज ने पहला स्थान हासिल किया है. नाज ने 489 नंबर लाकर टॉप किया है. वह वह डीएवी +2 हाई स्कूल की छात्रा हैं. वहीं, पाटन के रहने वाले फैजान आलम साइंस के सेकंड टॉपर बने हैं. उनको 483 अंक मिला है. 481 नंबर के साथ आकांक्षा कुमारी सिमरिया और सना आफरीन सतबरवा ने संयुक्त रूप से तीसरे स्थान हासिल किया है।  आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस: मिलिए झारखंड के स्टेट टॉपर्स से झारखंड बोर्ड की इस परीक्षा में छोटी कुमारी, रशीदा नाज और श्वेता प्रसाद ने अपने-अपने स्ट्रीम में टॉप कर राज्य का मान बढ़ाया है।  साइंस स्ट्रीम (Science): धनबाद की रशीदा नाज़ ने 500 में से 489 अंक प्राप्त कर पूरे राज्य में टॉप किया है. वो DAV +2 हाई स्कूल, पाथरडीह की छात्रा हैं।  आर्ट्स स्ट्रीम (Arts): बोकारो की छोटी कुमारी ने 478 अंक लाकर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है. छोटी KN +2 हाई स्कूल, हरनाद की छात्रा हैं।  कॉमर्स स्ट्रीम (Commerce): रांची की श्वेता प्रसाद ने 478 अंकों के साथ राज्य में टॉप किया है. वे योगदा सत्संग इंटर कॉलेज, रांची की छात्रा हैं।  बेटियों का शानदार प्रदर्शन राज्य स्तरीय आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष भी छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत छात्रों से बेहतर रहा है. आर्ट्स स्ट्रीम में जहाँ 96.68% छात्राएं सफल रहीं, वहीं छात्रों का सफलता प्रतिशत 95.34% रहा. गुमला और लोहरदगा जैसे जिलों में छात्राओं का प्रदर्शन शत-प्रतिशत के करीब रहा है, जो राज्य में महिला शिक्षा के बढ़ते स्तर को दर्शाता है.  परीक्षार्थी अपना विस्तृत रिजल्ट DigiLocker के माध्यम से results.digilocker.gov.in पर देख सकते हैं.

पंचायत चुनाव से पहले दरभंगा प्रशासन का बड़ा कदम, जनसंख्या आंकड़ों पर 18 मई तक आपत्ति दर्ज कराने का मौका

दरभंगा. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया के पहले चरण के तहत प्रपत्र-1 यानी निर्वाचन क्षेत्रों की आबादी का प्रारूप जारी कर दिया है। यह प्रकाशन 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर है। अब इन आंकड़ों के आधार पर ही मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति और जिला परिषद जैसे पदों पर आरक्षण की स्थिति निर्धारित होगी। यानी जनसंख्या का यह प्रारूप ही पंचायतों में तय करेगा कि कौन-सी सीट एससी, एसटी, ओबीसी या महिला के लिए आरक्षित होगी। आयोग ने जनता से इस बारे में सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। जिन लोगों को जनसंख्या के इन आंकड़ों या सीमाओं पर कोई संदेह है, वे 18 मई तक दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इन आपत्तियों का निपटारा 22 मई तक किया जाएगा। फिर पांच जून को प्रपत्र-1 का अंतिम प्रकाशन होगा। जिले के गजट में प्रपत्र-1 का प्रकाशन नौ जून को होगा। जानकारी या शिकायत के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने टोल-फ्री नंबर 1800-3457-243 जारी किया है। मतदाता यहां सीधे संपर्क कर सकते हैं। जिन क्षेत्रों में भौगोलिक बदलाव हुए हैं या जो क्षेत्र शहरी निकायों यानी नगर परिषद या नगर पंचायत में शामिल हो गए हैं, वहां नए सिरे से डेटा मिलान किया जा रहा है। दावा या आपत्ति के लिए इन आंकड़ों की सूचना जिला समाहरणालय के सूचना पट्ट, जिला पंचायत के सूचना पट्ट, अनुमंडल कार्यालय के सूचना पट्ट, पंचायत कार्यालय के सूचना पट्ट के अलावा जिले की वेबसाइट पर देनी होगी। इतना ही नहीं, राज्य चुनाव आयोग ने प्रपत्र-1 के प्रारूप प्रकाशन पर दावा या आपत्ति के लिए विभिन्न मीडिया में विज्ञापन के साथ-साथ ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों में डुगडुगी बजाकर लोगों को सूचित करने को भी कहा है। ईवीएम से होगा चुनाव पहली बार मल्टी पोस्ट ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा। जिससे एक साथ छह अलग-अलग पदों के लिए मतदान होगा। यह बदलाव चुनाव प्रक्रिया को अधिक तेज, व्यवस्थित और तकनीकी रूप से आधुनिक बनाने में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस व्यवस्था के तहत मतदाता को अलग-अलग पदों के लिए बार-बार वोट देने की जरूरत नहीं होगी। एक ही मशीन में सभी पदों के लिए मतदान किया जा सकेगा। मई तक उपलब्ध होगी मशीनें जिला पंचायत राज पदाधिकारी पवन कुमार यादव ने बताया कि जिले को 951 ईवीएम, 5706 कंट्रोल यूनिट और डेटा संग्रहीत करने को लेकर 951 चिप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पंचायत चुनाव को लेकर 15 टेबल बनाए जाएंगे। ईवीएम को 24 घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाएगा। एक साथ सभी छह पदों पर मतदान की सुविधा होगी। मतदाता एक साथ छह पदों के लिए वोट डाल सकेंगे। पंचायत चुनाव में मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद के लिए अब तक इन सभी पदों के लिए अलग-अलग प्रक्रिया अपनानी पड़ती थी। जिससे समय और संसाधन दोनों अधिक लगते थे। नई व्यवस्था से यह प्रक्रिया आसान और तेज हो जाएगी।

घर बैठे गन्ना खेती की पूरी जानकारी, 32 हजार किसान ऐप से जुड़े

जगदीशपुर  बिहार की पहली चीनी मिल मझौलिया शुगर इंडस्ट्री है, जो घर बैठे गन्ना किसानों को सरकार की योजनाएं एवं गन्ना की उन्नतशील खेती के लिए देश के नामवर कृषि वैज्ञानिकों के सुझाव पहुंचाने की तैयारी में है। इसके लिए चीनी मिल ने बीते मार्च में एक मोबाइल एप्लिकेशन (ऐप) लांच किया। एप का नाम जयश्री किसान परिवार रखा है। महज एक महीनों में इस एप से चीनी मिल रिजर्व क्षेत्र के 32 हजार किसान जुड़ गए हैं। पेराई सत्र 2025- 26 में इस चीनी मिल में कुल 34 हजार किसान रजिस्टर्ड थे। मतलब, मात्र दो हजार किसान ऐसे शेष हैं, जिनके मोबाइल में जयश्री किसान परिवार एप नहीं है। चीनी मिल के अधिकारियों का मानना है कि ये वे किसान है , जिनके पास एंड्रायड मोबाइल नहीं है। अन्यथा यह ऐप इतना उपयोगी है कि सभी किसान इससे जुड़ने को आतुर हैं। ऐप में किसानों के लिए ये सुविधाएं चीनी मिल के चीफ केन मैनेजर अखिलेश सिंह ने बताया कि ऐप के माध्यम से किसान घर बैठे ही अपने गन्ना सर्वे, चालान, भुगतान, नए प्रभेद (वैरायटी) की जानकारी समेत विभिन्न सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। ऐप से किसानों को गन्ना फसल से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। गन्ना रोगों की पहचान और उनके निदान के उपाय भी देश के नामवर गन्ना विशेषज्ञ देंगे। जिससे किसानों को समय पर सही मार्गदर्शन मिल सकेगा। साथ ही, किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए भी इसमें विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें मिल या कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एप किसानों के लिए वन स्टाप समाधान यह एप किसानों के लिए वन-स्टाप समाधान साबित होगा। गन्ना सर्वे से लेकर पेमेंट तक की पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल हो जाएगी। विशेषज्ञों के परामर्श से किसान कम लागत में गन्ने का बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकेंगे। किसान अमित कुमार ने कहा कि ऐप से पेराई सीजन 2026- 27 में भुगतान की जानकारी मिलेगी, जो बड़ी सुविधा है। किसान पवन सिंह ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों का भरोसा मजबूत होगा। अब किसी तरह की जानकारी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। किसान अभय प्रसाद ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि गन्ना रोग और नई किस्मों की जानकारी समय पर मिलने से फसल उत्पादन में सुधार होगा। किसान धीरेन्द्र ओझा ने कहा कि यह एप किसानों के लिए काफी लाभदायक साबित होगा।     मिल का उद्देश्य किसानों को पारदर्शी और सरल व्यवस्था उपलब्ध कराना है। जयश्री किसान परिवार ऐप के जरिए किसानों के बेहतर उत्पादन के साथ साथ मिल प्रबंधन और किसानों के बीच के विश्वास का रिश्ता भी मजबूत होगा।     उदयवीर सिंह, यूनिट हेड, मझौलिया चीनी मिल।  

रांची में वेतन भुगतान ठप, सत्यापन प्रक्रिया बनी बड़ी वजह

 रांची झारखंड में सामने आए ट्रेजरी घोटाले के बाद सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर व्यापक असर पड़ा है। राज्य के कई प्रमुख विभागों में कर्मियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है, जिसकी सबसे बड़ी वजह अब शुरू की गई सख्त सत्यापन प्रक्रिया बताई जा रही है। इस प्रक्रिया के तहत प्रत्येक कर्मचारी का ब्योरा दोबारा जांचा जा रहा है और शपथ पत्र लेना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे भुगतान में विलंब हो रहा है। सबसे अधिक असर स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे अहम क्षेत्रों पर पड़ा है। रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में डाक्टरों और अन्य कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पाया है। इसके अलावा राज्य के विभिन्न सरकारी स्कूलों के शिक्षक भी वेतन भुगतान में देरी से जूझ रहे हैं। वहीं, 108 एम्बुलेंस सेवा के काल सेंटर में कार्यरत कर्मियों को भी वेतन नहीं मिलने के कारण हड़ताल जैसी स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। सत्यापन प्रक्रिया से बढ़ी देरी सरकारी सूत्रों के अनुसार, ट्रेजरी से जुड़े अनियमितताओं के सामने आने के बाद सरकार ने पूरे भुगतान सिस्टम को पारदर्शी बनाने के लिए सभी कर्मचारियों का पुन सत्यापन शुरू किया है। इसके तहत कर्मचारियों को अपना व्यक्तिगत व सेवा संबंधी विवरण फिर से जमा करना पड़ रहा है, साथ ही एक शपथ पत्र भी देना अनिवार्य किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में समय लग रहा है, जिसके कारण वेतन निर्गमन बाधित हो गया है। मालूम हो कि हाल ही में ट्रेजरी सिस्टम में गड़बड़ियों और अनियमित भुगतान के मामलों ने सरकार को सतर्क कर दिया। आशंका जताई गई कि कुछ मामलों में फर्जी या गलत तरीके से भुगतान हुआ है, जिसके बाद पूरे सिस्टम की समीक्षा और जांच शुरू की गई। इसी कड़ी में ट्रेजरी से भुगतान की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोककर व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। कर्मचारियों पर बढ़ा आर्थिक दबाव इधर, समय पर वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि नियमित सेवाएं देने के बावजूद यदि समय पर वेतन नहीं मिलेगा तो कामकाज प्रभावित होना स्वाभाविक है। शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों ने भी बच्चों की फीस, बैंक लोन और दैनिक खर्चों को लेकर चिंता जताई है। कई कर्मचारियों का कहना है कि वे पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें वेतन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। स्थिति को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में अन्य सरकारी विभागों में भी वेतन भुगतान प्रभावित हो सकता है। फिलहाल सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सत्यापन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता न हो सके। इससे संबंधित अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों का वेतन रोका नहीं गया है, बल्कि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही भुगतान किया जाएगा।

झारखण्ड हाई कोर्ट ने हिरासत में मानवाधिकार उल्लंघन पर मांगा जवाब

 रांची झारखंड हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत में प्रताड़ना के गंभीर मामले पर सख्ती दिखाते हुए स्वत: संज्ञान लिया है. चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य प्रशासन से कड़े सवाल पूछे. कोर्ट ने साफ संकेत दिया कि हिरासत में मानवाधिकारों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सीसीटीवी और निगरानी व्यवस्था पर सवाल सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने सरायकेला एसपी से पूछा कि राज्य के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं. अदालत ने यह जानने की कोशिश की कि क्या हिरासत में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं. कोर्ट का यह रुख दर्शाता है कि निगरानी व्यवस्था की कमी को गंभीरता से लिया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग से भी मांगा जवाब अदालत ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को भी तलब किया है. कोर्ट ने निर्देश दिया कि वे यह स्पष्ट करें कि पीड़ित तरुण महतो को “फिट फॉर कस्टडी” का प्रमाण पत्र देने वाले चिकित्सक के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है. यह सवाल इसलिए अहम है क्योंकि हिरासत में किसी व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन डॉक्टर की जिम्मेदारी होती है, और इसमें लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है. पीड़ित को मिला मुआवजा राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पीड़ित तरुण महतो को 1.50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है. हालांकि, अदालत का ध्यान केवल मुआवजे तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पूरे मामले में जवाबदेही तय करना चाहती है. कोर्ट यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो. घटना की पृष्ठभूमि यह मामला 19 नवंबर 2025 की रात का है, जब ईचागढ़ पुलिस तरुण महतो को हिरासत में लेकर गई थी. आरोप है कि थाने में उसकी बेरहमी से पिटाई की गई. इस घटना के बाद पीड़ित की पत्नी ने चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई थी. इसी पत्र को आधार बनाकर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया और इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया. अगली सुनवाई 18 जून को खंडपीठ ने सभी संबंधित अधिकारियों को अगली सुनवाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 18 जून को निर्धारित की गई है. अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन कोर्ट के सवालों का क्या जवाब देता है और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है.