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श्रमिकों और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से मिले CM यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सभी वर्गों को मूलभूत सुविधाएं तथा आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। सभी के हित के लिए विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सभी विभाग, प्रदेश में सक्रिय उनसे संबंधित श्रमिक संघों और कर्मचारी संगठनों से सतत् संवाद में रहें। इससे उनकी कठिनाईयों का समय रहते समाधान संभव होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार विभिन्न कर्मचारी संगठनों और मजदूर संघों के प्रतिनिधियों से मंत्रालय में चर्चा के दौरान व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारी हितों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है। संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की समस्याओं को भी तत्परता से हल किया जाएगा। श्रमिक संघ और कर्मचारी संगठनों की भूमिका सदैव रचनात्मक रही है। परस्‍पर बातचीत के लिए राज्य सरकार के दरवाजें सदैव खुले हैं। राज्य सरकार द्वारा पदोन्नति, अनुकंपा नियुक्ति जैसे प्रकरणों को तेजी से निपटाया जा रहा हैं। रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित करने की दिशा में भी हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में उपमुख्यमंत्री द्वय श्री जगदीश देवड़ा तथा श्री राजेन्द्र शुक्ल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदयप्रताप सिंह, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया, कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री गौतम टेटवाल तथा मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और भारतीय मजदूर संघ सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी सम्मिलित हुए।  

CM मोहन यादव का निर्देश, कम वर्षा वाले जिलों पर रखें खास ध्यान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के बारह जिलों क्रमश: आलीराजपुर, धार, झाबुआ, रतलाम, बैतूल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, हरदा और शाजापुर में सामान्य से कम वर्षा हुई हैं। आनेवाले दिनों में इन जिलों में जल प्रबंधन का विशेष ध्यान रखना होगा। सर्वोच्च प्राथमिकता पेयजल को दी जाएं, इसके साथ ही किसानों को कम पानी वाली फसलें लेने के लिए भी प्रेरित किया जाएं। सामान्य से कम वर्षा वाले जिलों में इस स्थिति से निपटने के लिए वातावरण निर्मित करने में जल उपभोक्ता समितियां भी अपनी भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश प्रदेश में मानसून और वर्षा की स्थिति की समीक्षा के लिए मंत्रालय में आयोजित बैठक में दिए। बैठक में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, जल संसाधन श्री तुलसी सिलावट, मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के प्रमुख बांधों, जलाशयों में जलभराव की स्थिति, कम वर्षा वाले जिलों और उनके जल स्त्रोतों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही नदियों में जलप्रवाह, भू-जलस्तर, मृदा में नमी जैसे बिंदुओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामान्य से कम वर्षा वाले जिलों में रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से जलगंगा अभियान के अंतर्गत गतिविधियां आरंभ करने के संबंध में भी निर्देश दिए। बैठक में राजस्व, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।  

इंदौर का करोड़पति हेड कांस्टेबल! आय से 575% अधिक संपत्ति का खुलासा, 22 खातों की जांच जारी

देवास  पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी) इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त जांच में अब तक करीब 13.07 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों पर व्यय किए जाने की जानकारी सामने आई है। लोकायुक्त के आधिकारिक अपडेट के अनुसार, यह राशि उसकी ज्ञात आय की तुलना में 575 प्रतिशत अनुपातहीन है। 14 अक्टूबर को विभिन्न ठिकानों पर तलाशी के बाद अब जांच बैंक खातों, निवेश और संपत्तियों से जुड़े वित्तीय अभिलेखों पर केंद्रित है। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, अब तक सामने आए 22 बैंक खातों की जानकारी के लिए संबंधित बैंकों को पत्र भेजे गए हैं। इनमें से 17 खातों में अंतिम शेष राशि के रूप में 10 लाख 6 हजार 382 रुपये मिले हैं। शेष पांच खातों का विवरण प्राप्त किया जा रहा है। खातों से राशि निकासी पर रोक लगाने के लिए भी बैंकों को पत्र भेजे गए हैं। शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश की जानकारी जुटाने के साथ वाहनों के सत्यापन के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय सहित अन्य विभागों से अभिलेख मांगे गए हैं। पुराने विवाद भी चर्चा में कार्रवाई के बाद देवास में फिरोज खान से जुड़े पुराने विवाद भी चर्चा में हैं। वर्ष 2019 में शक्ति नगर पहुंच मार्ग को निजी जेसीबी से खोदने के मामले में तत्कालीन एसपी ने नोटिस दिया था। वर्ष 2024 में घर के पास सरकारी बाउंड्रीवाल तोड़ने की शिकायत पर नगर निगम ने प्रकरण दर्ज कराया था। आदर्श नगर में शासकीय मार्ग खोदने की शिकायत भी रहवासियों और पार्षद ने की थी।  

मध्य प्रदेश में शराबबंदी के पक्ष में बोले धीरेंद्र शास्त्री, अब नशामुक्ति के लिए निकालेंगे यात्रा

टीकमगढ़   बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने टीकमगढ़ में अपनी यात्रा को राजनीतिक नहीं, बल्कि ‘राम नैतिक’ बताया। उन्होंने हिंदू एकता, सामाजिक भेदभाव और शराबबंदी जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। शास्त्री ने बुंदेलखंड में छुआछूत को हिंदू समाज के बंटवारे की वजह बताते हुए लोगों से आपसी भेदभाव छोड़कर एकजुट रहने की अपील की। छुआछूत छोड़कर एकजुट होने का संदेश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हिंदू समाज की सच्ची एकता केवल बातों से नहीं, बल्कि मुश्किल समय में एक-दूसरे के साथ खड़े होने से दिखाई देती है। उन्होंने बुंदेलखंड में छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों को एकता के रास्ते की बाधा बताया और लोगों से भेदभाव खत्म करने की अपील की। शराबबंदी के लिए युवाओं से आगे आने की अपील धीरेंद्र शास्त्री ने टीकमगढ़ के लोगों से शराब छोड़ने और गांवों में शराबबंदी के लिए पहल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब युवा अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर सकते हैं, तो समाज को शराब के नुकसान से बचाने के लिए भी आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने लोगों से व्यक्तिगत स्तर पर शराब छोड़ने के साथ-साथ गांवों में जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक सहयोग से इस दिशा में काम करने की अपील की। ‘शराब बंद होनी चाहिए, नशा नाश की जड़ है’ रहली क्षेत्र में मीडिया से चर्चा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शराबबंदी पर अपनी बात रखी। उन्होंने बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों का जिक्र करते हुए नशे के दुष्परिणामों पर चिंता जताई। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि जीवन को बेहतर बनाने के लिए नशे के बजाय भगवान का नाम लेना चाहिए। शास्त्री ने कहा, “जाम पीना है तो भगवान का नाम पीकर देखो, जिंदगी संवर जाएगी।” उन्होंने लोगों से अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और नशे से दूरी बनाए रखने का आह्वान किया। बोले- यात्रा राजनीतिक नहीं, ‘राम नैतिक’ है अपनी यात्रा को लेकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक जागरूकता है। उन्होंने इसे ‘राम नैतिक’ यात्रा बताते हुए अपने अभियान को राम और हिंदू समाज से जुड़े संदेशों पर केंद्रित बताया। दिल्ली में CJP के प्रदर्शन पर क्या बोले? दिल्ली में चल रहे CJP के प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि देश में अलग-अलग विचारों वाले युवा हैं और उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि विरोध या प्रदर्शन के दौरान देश की छवि खराब होने से बचना चाहिए। गढ़ाकोटा से रहली होते हुए सागर पहुंची रथयात्रा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता एवं गौ सम्मान रथयात्रा गढ़ाकोटा से रवाना होकर रहली और ढाना होते हुए सागर पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया और दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। बालाजी मंदिर में लगा दिव्य दरबार सागर पहुंचने के बाद देर रात बालाजी मंदिर में दिव्य दरबार का आयोजन किया गया। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दर्शन के लिए पहुंचे। उनके आगमन को लेकर क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा। विरोध को लेकर भी दिया बयान धीरेंद्र शास्त्री ने अपने विरोध को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उनके विरोध में हिंदू ही आगे आते हैं, जबकि मुस्लिम समुदाय के लोग उन पर फूल बरसाते हैं। उनका यह बयान भी चर्चा का विषय बना हुआ है। टीकमगढ़ में दिए गए इन बयानों के जरिए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू एकता, सामाजिक समानता और शराबबंदी जैसे मुद्दों पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।  

EPFO को लेकर बड़ा अपडेट: 51 लाख कर्मचारियों को मिल सकता है फायदा, जबलपुर में अंतिम तिथि घोषित

 जबलपुर कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने ईपीएफओ की अनिवार्य कवरेज सीमा बढ़ाने की घोषणा की है। भविष्य निधि, पेंशन और बीमा का लाभ अब 15 हजार रुपये की जगह 25 हजार रुपये प्रतिमाह तक वेतन पाने वाले अधिक कर्मचारियों को ईपीएफओ के दायरे में लाने की तैयारी है। इससे देशभर में 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों को भविष्य निधि, पेंशन और बीमा का लाभ मिलने का अनुमान है। नई व्यवस्था 17 सितंबर 2026 से प्रभावी यह जानकारी क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1 कैलाश चंद्र जोशी ने पत्रकारवार्ता में दी। इस दौरान सहायक भविष्य निधि आयुक्त संदीप मिश्रा भी मौजूद रहे। जोशी ने बताया कि नई व्यवस्था 17 सितंबर 2026 से प्रभावी होने की जानकारी दी गई है। इसका मकसद अधिक से अधिक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है। हाथ में आने वाले वेतन में कुछ कमी हो सकती है क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने बताया कि ईपीएफ में योगदान बढ़ने से कर्मचारियों के हाथ में आने वाले वेतन में कुछ कमी हो सकती है, लेकिन इसका फायदा लंबे समय में बचत, पेंशन और बीमा सुरक्षा के रूप में मिलेगा। छूटे कर्मचारियों को जोड़ने का अभियान कैलाश चंद्र जोशी ने बताया कि कर्मचारी नामांकन अभियान-2026 31 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत ऐसे पात्र कर्मचारियों को ईपीएफओ से जोड़ा जा सकेगा, जो पहले किसी कारण से इससे बाहर रह गए हैं। उमंग ऐप के माध्यम से डिजिटल पंजीकरण और फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा भी उपलब्ध है। पुराने मामलों में नियोक्ताओं को राहत विश्वास-2026 योजना के तहत पात्र नियोक्ताओं को पुराने लंबित जुर्माने और हर्जाने के मामलों के निपटारे का अवसर मिलेगा। निर्धारित शर्तों के तहत जुर्माने में 45 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान है। योजना दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। पहली नौकरी पर 15 हजार तक प्रोत्साहन पत्रकारवार्ता में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की भी जानकारी दी गई। इसके तहत पहली बार औपचारिक रोजगार पाने वाले पात्र युवाओं को 15 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जा सकता है। वहीं नए कर्मचारियों को नौकरी देने वाले पात्र नियोक्ताओं को भी मासिक प्रोत्साहन देने का प्रवि‍धान है। सामाजिक सुरक्षा मजबूत करना उद्देश्य कैलाश चंद्र जोशी ने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा मजबूत करना, युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ना और नियोक्ताओं के लिए नियमों का पालन आसान बनाना है।

पत्नी की हत्या के बाद रातभर सोता रहा पति, सुबह खुद थाने पहुंचकर किया सरेंडर

खरगोन  शहर के शास्त्री नगर में चरित्र शंका को लेकर पति-पत्नी के बीच हुआ विवाद जानलेवा साबित हुआ। रात में हुए विवाद के दौरान तैश में आकर पत्नी की लकड़ी से इस हद तक पिटाई की कि उसने दम तोड़ दिया। इसके आरोपित पति सो गया। हत्या का खुलासा उस वक्त हुआ गुरुवार सुबह जब पति नींद से जागा। पत्नी के शरीर में कोई हलचल नहीं होने पर उसके होश उड़ गए और आनन-फानन में कोतवाली पहुंचा। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अभिरक्षा में लेकर पंचनामे की कार्रवाई के बाद पीएम के लिए जिला अस्पताल भेजा। आरोपित पति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी बीएल मंडलोई ने बताया कि शाबासपुरा थाना भगवानपुरा हाल मुकाम शास्त्री नगर निवासी रुपसिंह ने सुबह सात बजे कोतवाली पहुंचकर सूचना दी कि उसने रात को अपनी पत्नी शारदा (35) की बुधवार रात लकड़ी से पिटाई की थी, अब वह होश में नहीं आ रही। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची। यहां महिला के शरीर पर चोट के निशान मिले। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पूछताछ में रुपसिंह ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी शारदा के बीच चरित्र शंका को लेकर आए दिन झगड़े होते रहते थे। यह भी पढ़ें- लिव-इन पार्टनर की कार में गला दबाकर हत्या, यमुना में फेंका शव; 40 किमी तक सर्च ऑपरेशन जारी बुधवार रात भी दोनों के बीच इसी बात पर तीखा विवाद हुआ। विवाद के दौरान रूपसिंह ने आवेश में आकर पास रखी जलाऊ लकड़ी उठाई और शारदा के सिर पर वार कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने से शारदा वहीं गिर पड़ी और उसकी मौत हो गई। पिटाई के बाद रुपसिंह सो गया। गुरुवार सुबह जब शारदा नहीं जागी, तो रूपसिंह को अपनी गलती का एहसास हुआ। वह तत्काल कोतवाली थाने पहुंचा और पुलिस को सारी जानकारी दी।  

निकम के जीवन पर केन्द्रित फीचर फिल्म प्रहार के प्रमोशन से संबंधित

पद्मश्री निकम का राज्य सरकार की ओर से किया अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को सामाजिक संस्था 'सार्थक' द्वारा इंदौर में आयोजित एक समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित किया। यह समारोह देश के प्रसिद्ध विशेष लोक अभियोजक एवं वर्तमान में राज्यसभा सांसद पद्मश्री उज्ज्वल निकम के जीवनवृत पर केंद्रित फीचर फिल्म 'प्रहार' के प्रमोशन को लेकर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के लिए जीना ही वास्तविक जीना है। निकम ने अपनी प्रखर राष्ट्रवादी एवं अत्यंत तर्कपूर्ण दलीलों से मुम्बई आतंकवादी हमले के जीवित आरोपी को अंततः सज़ा दिलाकर एक नई मिसाल कायम की। उन्होंने कहा कि इस केस में जीत हासिल कर निकम ने न्याय के प्रति देशवासियों की आस्था और विश्वास को और भी मजबूती दी। संघर्षपूर्ण जीवन के बावजूद निकम ने न केवल अपने नाम 'उज्ज्वल' को 'सार्थक' किया, अपितु न्याय सेवकों की भावी पीढ़ी (पब्लिक प्रासिक्यूटर्स) के लिए भी एक मानक स्थापित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पद्मश्री उज्ज्वल निकम का व्यक्तिश: और पूरी सरकार की ओर से मध्यप्रदेश की धरती पर स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम को उज्ज्वल निकम एवं अन्य ने भी संबोधित किया। उल्लेखनीय है कि उज्ज्वल निकम ने सालों पहले देश की कमर्शियल कैपिटल मुम्बई पर हुए सुनियोजित आतंकी हमले में मुठभेड़ के बाद जीवित पकड़े गए आतंकवादी अज़मल कसाब के विरुद्ध पैरवी कर उसे सज़ा दिलाई थी। इनके जीवन पर केंद्रित फीचर फिल्म प्रहार में प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता राजकुमार राव ने निकम का किरदार निभाया है। कार्यक्रम में पद्मश्री भालू मोंढे, जीतू जिराती, श्रीमती ज्योति उज्ज्वल निकम (ज्योतिजी मूलतः धार जिले से हैं), सार्थक संस्था के संस्थापक दीपक जैन (टीनू), राहुल सेठी एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।  

मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार, 7 जिलों में बनेंगे इंडस्ट्रियल हब; रोजगार पर जोर

जबलपुर, भोपाल और इंदौर को जोड़ते हुए 7 जिलों में विकसित किए जाएंगे विश्वस्तरीय इंडस्ट्रियल हब जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरीडोर के समेकित विकास के लिए विशेष प्रयोजन कंपनी के गठन की स्वीकृति "हर अंचल में निवेश, हर जिले में रोजगार" के संकल्प के साथ आगे बढ़ेगा मध्यप्रदेश स्थानीय स्तर पर 6 लाख से अधिक रोजगार का होगा सृजन प्रदेश में संतुलित और तीव्र औद्योगिकीकरण के नए युग का सूत्रपात मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का दूरगामी एवं ऐतिहासिक निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के "हर अंचल में निवेश और हर जिले में रोजगार" के संकल्प को साकार करते हुए मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के सर्वांगीण, समावेशी और संतुलित क्षेत्रीय विकास को अभूतपूर्व गति देने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक और युगांतरकारी निर्णय लिया है। प्रदेश के तीन सबसे बड़े आर्थिक, व्यापारिक और ज्ञान केंद्रों जबलपुर, भोपाल और इन्दौर जोड़ते हुए 'इंडस्ट्रियल कॉरीडोर' समेकित एवं योजनाबद्ध विकास को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस दूरगामी परियोजना के माध्यम से 7 प्रमुख जिलों इंदौर, भोपाल, जबलपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, सीहोर और देवास में विश्वस्तरीय आर्थिक और औद्योगिक संकुलों की स्थापना की जाएगी। इससे महाकौशल, मध्य क्षेत्र और मालवा अंचल के जन-जीवन में व्यापक आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। शासन का यह प्रयास राज्य के औद्योगिक विकास को बड़े महानगरों तक सीमित न रखकर प्रदेश के शहरी और ग्रामीण अंचलों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर-जीवन स्तर में आयेगा गुणात्मक सुधार राज्य शासन की इस विकास पहल का सर्वोच्च ध्येय स्थानीय नागरिकों और युवाओं के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाना है। जबलपुर से इन्दौर तक नियोजित औद्योगिक हब में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मध्यप्रदेश के हुनरमंद युवाओं को रोजगार अथवा आजीविका की तलाश में अपने गृह नगर और राज्य से पलायन न करना पड़े। कॉरीडोर के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही उच्च गुणवत्ता वाले आधुनिक रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे युवा अपनी योग्यता के अनुरूप सम्मानजनक आजीविका प्राप्त कर सकेंगे और देश-दुनिया के बड़े निवेशक मध्यप्रदेश की धरती पर निवेश करने के लिए आकर्षित होंगे। किसानों की समृद्धि का आधार बनेगा नरसिंहपुर और रायसेन मे एग्री-प्रोसेसिंग क्लस्टर औद्योगिक कॉरीडोर में कृषक कल्याण को केंद्रीय प्राथमिकता दी गई है। नर्मदा घाटी की समृद्ध कृषि पट्टी से जुड़े नरसिंहपुर और रायसेन जिलों में आधुनिक फूड पार्क्स, उन्नत कृषि-प्रसंस्करण इकाइयां, वेयरहाउसिंग और कोल्ड चेन नेटवर्क स्थापित किए जाएंगे। इस पहल से स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित फसलों, दलहन, तिलहन, फल एवं सब्जियों का स्थानीय स्तर पर ही प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन सुनिश्चित होगा। किसानों को बिचौलियों से मुक्ति पाकर अपनी उपज का लाभकारी व बेहतर मूल्य सीधे प्राप्त होगा। साथ ही ग्रामीण युवाओं को अपने ही गांव व तहसील के निकट कृषि-आधारित उद्योगों में रोजगार प्राप्त होगा। जबलपुर में रक्षा व इंजीनियरिंग विनिर्माण को मिलेगी नई पहचान महाकौशल क्षेत्र में जबलपुर और उसके आसपास के भू-भाग को उन्नत विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए ठोस कार्य योजना बनाई गई है। इस क्षेत्र में भारी इंजीनियरिंग, आधुनिक विनिर्माण, रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र की सहायक इकाइयों तथा लॉजिस्टिक्स हब का विकास किया जाएगा। क्लस्टर के विकास से न केवल स्थानीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बड़े पैमाने पर काम मिलेगा बल्कि महाकौशल के तकनीकी व गैर-तकनीकी युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर हजारों नए रोजगार सृजित होंगे। भोपाल को आधुनिक ज्ञान और उच्च प्रौद्योगिकी के वैश्विक केंद्र के रूप में किया जाएगा विकसित राजधानी भोपाल और उसके समीपवर्ती क्षेत्र को आधुनिक ज्ञान और उच्च प्रौद्योगिकी के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहाँ सूचना प्रौद्योगिकी, आईटी-सक्षम सेवाओं, नॉलेज सर्विसेज, इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग और अनुसंधान एवं विकास से जुड़े आधुनिक क्लस्टर्स स्थापित होंगे। इससे राजधानी के विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग और प्रबंधन संस्थानों से निकलने वाले उच्च-शिक्षित युवाओं को अत्याधुनिक और उच्च-वेतन वाले रोजगार के अवसर अपने शहर में ही उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही इस क्षेत्र में उच्च स्तरीय नागरिक व सामाजिक अधोसंरचना का भी विस्तार किया जाएगा जिससे संपूर्ण क्षेत्र का जीवन स्तर बेहतर होगा। मालवा-निमाड़ के औद्योगिक क्षेत्र का होगा सुदृढ़ीकरण मध्य और पश्चिमी मध्यप्रदेश के आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाले सीहोर एवं देवास क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, विनिर्माण उद्योग, वेयरहाउसिंग और रणनीतिक लॉजिस्टिक्स हब स्थापित किए जाएंगे। देश की वाणिज्यिक राजधानी इन्दौर को एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, आधुनिक आईटी सेवाओं और वैश्विक सेवा उद्योग के केंद्र के रूप में और अधिक विस्तार दिया जाएगा। इस नए कॉरीडोर का सीधा जुड़ाव देवास और पीथमपुर के पहले से विकसित सुदृढ़ औद्योगिक इको सिस्टम से किया जाएगा, जिससे समूचे मालवा-निमाड़ अंचल में परिवहन, होटल, खुदरा व्यापार और सहायक सेवाओं में अभूतपूर्व आर्थिक वृद्धि होगी। औद्योगिक टाउनशिप का श्रमिक कल्याण के साथ होगा निर्माण राज्य सरकार द्वारा इस कॉरीडोर के सड़क के किनारे सुनियोजित औद्योगिक टाउनशिप निर्माण का प्रारूप तैयार किया गया है। इन हबों के भीतर केवल कारखाने ही नहीं होंगे बल्कि कार्यरत श्रमिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और कर्मचारियों के लिए सर्वसुविधायुक्त आवासीय परिसर तैयार किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए टाउनशिप्स में अत्याधुनिक अस्पताल, उच्च गुणवत्ता वाले विद्यालय, डे-केयर केंद्र, आधुनिक कौशल विकास संस्थान, खेल परिसर और सघन हरित क्षेत्र अनिवार्य रूप से विकसित किए जाएंगे। इस तरह के प्रकल्प से श्रमिकों को कारखानों के समीप ही सुरक्षित, स्वस्थ और उच्च स्तरीय जीवन परिवेश प्राप्त होगा। उद्योगों के लिए 'प्लग-एंड-प्ले' मॉडल से सीधे उत्पादन की सुविधा होगी उपलब्ध निवेशकों और उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए इस कॉरीडोर में अत्याधुनिक 'प्लग-एंड-प्ले' अधोसंरचना उपलब्ध कराई जाएगी। उद्योगपतियों को समतल व विकसित भूमि, चौड़ी आंतरिक सड़कें, 24 घंटे निर्बाध गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति, प्रचुर औद्योगिक जल, कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, वैज्ञानिक सीवरेज प्रणाली और हाई-स्पीड डिजिटल कनेक्टिविटी पहले से पूरी तरह तैयार मिलेगी। निवेशक इन बुनियादी सुविधाओं के साथ अपनी मशीनरी स्थापित कर तत्काल उत्पादन प्रारंभ कर सकेंगे। इससे परियोजनाओं की स्थापना अवधि में भारी कमी आएगी और उत्पादन लागत घटेगी। स्थानीय स्तर पर 6 लाख से अधिक रोजगार के अवसर का सृजन परियोजना के प्रथम चरण में 7 जिलों के रणनीतिक स्थानों पर लगभग 10 हजार एकड़ क्षेत्र में 3 से 5 प्राथमिक औद्योगिक हब विकसित किए जाएंगे। प्रारंभिक आंकलन और अध्ययन के अनुसार मार्च 2028 … Read more

इंदौर में जल संकट पर सख्ती: GPS से होगी टैंकरों की निगरानी, पीने के पानी से गाड़ी धोने पर जुर्माना

इंदौर  मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में जल संकट से निपटने के लिए गुरुवार को कई उपायों की घोषणा की गई। इनमें GPS आधारित निगरानी प्रणाली के जरिए टैंकरों से पानी की आपूर्ति करना और ट्यूबवेल की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत करना शामिल है। इंदौर जिले में 1 जून से 30 सितंबर के बीच 633.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य मानसून बारिश (868.1 मिमी) से 27 प्रतिशत कम है। 30 प्रतिशत हिस्से में अभी भी नर्मदा की पाइपलाइनें नहीं पहुंची इंदौर शहर अपनी पेयजल जरूरतों के लिए मुख्य रूप से नर्मदा नदी पर निर्भर है। नगर निगम की पाइपलाइनों के जरिए लगभग 80 किमी दूर खरगोन जिले के जलूद से नर्मदा का पानी इंदौर लाया जाता है। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि लगभग 35 लाख की आबादी वाले इस शहर के 30 प्रतिशत हिस्से में अभी भी नर्मदा की पाइपलाइनें नहीं पहुंची हैं।  

MP में MSP पर खरीदी की तैयारी तेज, ज्वार-बाजरा और धान के लिए 8,77,947 से ज्यादा किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन

समर्थन मूल्य पर ज्वार, बाजरा एवं धान उपार्जन के लिये 8 लाख 77 हजार 947 से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन : मंत्री राजपूत भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये कुल 8 लाख 76 हजार 7 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसमें से धान के लिये 8 लाख 68 हजार 214, ज्वार के लिये 2 हजार 39 और बाजरे के लिये 7 हजार 694 किसानों ने पंजीयन कराया है। प्रदेश में 1100 से अधिक पंजीयन केन्द्र बनाये गये थे। जबलपुर संभाग में 4 लाख 7 हजार 926, नर्मदापुरम में 35 हजार 394, भोपाल में 27 हजार 920, रीवा में 2 लाख 53 हजार 979, शहडोल में 73 हजार 944, सागर संभाग में 66 हजार 142, ग्वालियर में 1599, चंबल में 821, उज्जैन में 779 और इंदौर संभाग में 46 किसानों ने पंजीयन कराया है। इस बार किसानों की एग्री स्टेक आईडी, जिसमें किसानों के सभी खसरे रहते है, के माध्यम से पंजीयन कराया गया था।