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हाथी हर्री गांव में घुस गए थे,जहां चार कच्चे मकानों में तोड़फोड़ करते हुए अंदर रखा अनाज खाया

शहडोल संभागीय मुख्यालय के आसपास चालीस किलोमीटर के क्षेत्र में तीन दिन से चार जंगली हाथियों का मूवमेंट बना हुआ है। मंगलवार की साम तक हाथियों का दल बुढ़ार वन परिक्षेत्र के धनपुरा पहुंच गया था और एक गन्ने के खेत में रुका था,जिसकी निगरानी वन विभाग की टीम कर रही है। मंगलवार की रात में हाथी हर्री गांव में घुस गए थे,जहां चार कच्चे मकानों में तोड़फोड़ करते हुए अंदर रखा अनाज खा लिया है। उधिया गांव में घुस गए और वहां भी खेतों में लगे भुट्टे एवं अन्य फसल को खाया और रौंदते हुए चले गए।मंगलवार की रात में तो शहडोल बुढार हाइवे में आ गए थे,जिसके कारण कुछ देर तक सड़क पर आवागमन भी बंद करना पड़ा था।रात भर 15 घंटे में चार गांव की बस्ती से गुजरते हुए हाथियों ने 30 किलोमीटर का सफर तय करते हुए कई घरों व खेतों को नुकसान पहुंचा है।हां इतना जरुर है कि जन हानि नहीं पहुंचाई है,जबकि लोगों ने इन्हें खूब छेड़ा है,लेकिन ये आक्रामक नहीं हुए हैं।   उल्लेखनीय है कि 12 जुलाई की रात में हाथियों का यह दल विचारपुर नर्सरी पहुंचा था और सिंहपुर रोड पार करते हुए,रात में कंचनपुर ,हर्री एवं धुरवार गांव की बस्ती के बीच से हो कर हाथी गुजरे हैं। शहडोल बुढार हाईवे पर धुरवार टोल प्लाजा के पास हाथी पहुंच गए थे, जिसकी वहज से कुछ समय के लिए रास्ता बंद हो गया था। मंगलवार की सुबह चारों हाथी उधिया बस्ती के अंदर प्रवेश किया और फसलों को खाते राैंदते हुए सुबह 10 बजे तक इसी क्षेत्र में विचरण कर रहे। इसके बाद धीरे-धीरे बस्तियों के पास से होते हुए बुढ़ार क्षेत्र के धनपुरा गांव पहुंच गए हैं और गन्ने के खेत में रुके हैं। जिला प्रशासान और पुलिस के अधिकारियों के साथ वन विभाग का अमला हाथियों पर नजर बनाए हुए है और लोगों को सर्तक कर रहा है कि हाथियों के पास न जांए। वनपरिक्षेत्र अधिकारी शहडोल रामनरेश विश्वकर्मा ने बताया कि मंगलवार की साम को हाथी धनपुरा गांव बुढ़ार पहुंच गए हैं। 

डीजीपी मकवाना ने मुख्यमंत्री के संदेश एवं अभियान के पोस्टर का किया विमोचन 30 जुलाई तक चलेगा राज्य स्तरीय अभियान

नशे से दूरी है जरूरी अभियान का शुभारंभ नशा केवल स्वास्थ्य नहीं सामाजिक ताने-बाने को भी करता है छिन्न-भिन्न : मुख्यमंत्री डॉ. यादव डीजीपी मकवाना ने मुख्यमंत्री के संदेश एवं अभियान के पोस्टर का किया विमोचन 30 जुलाई तक चलेगा राज्य स्तरीय अभियान प्रदेशवासियों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करेगी मध्यप्रदेश पुलिस भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नशा एक सामाजिक बुराई है। जो युवाओं, परिवार और समाज की जड़ों को खोखला बना रही है। नशे की जद में आकर कई परिवार उजड़ जाते हैं। नशा नाश की जड़ है, जो न केवल स्वास्थ्य को खत्म करता है बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी छिन्न-भिन्न करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में मंगलवार से 30 जुलाई तक प्रारंभ हुए नशामुक्ति अभियान – "नशे से दूरी है जरूरी" के शुभारंभ अवसर पर वीडियो संदेश के माध्यम से यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अत्यंत दु:खद है कि युवाओं के बीच नशे का चलन तेजी से बढ़ रहा है। युवा देश का भविष्य हैं, उन्हें इस दलदल से बचाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह संकल्पित है। "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान चलाने का उद्देश्य न केवल नशे को रोकना है बल्कि समाज में नई चेतना जागृत करना भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से म.प्र. पुलिस द्वारा संचालित नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने का आहवान किया है। डीजीपी ने किया अभियान का शुभारंभ पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने पुलिस मुख्यालय, भोपाल में मंगलवार को वृहद नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी’’ का शुभारंभ किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के वीडियो संदेश तथा अभियान के पोस्टर का विमोचन भी किया। विशेष पुलिस महानिदेशक सी.आई.डी. पवन श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नारकोटिक्स के.पी. वेंकटेश्वर, पुलिस महानिरीक्षक ए.एन.ओ. डॉ. आशीष, पी.एस.ओ.टू. डीजीपी विनीत कपूर, सहायक पुलिस महानिरीक्षक संजीव कुमार कंचन एवं एसओ टू डीजीपी मलय जैन उपस्थित थे। डीजीपी मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रेरणा से समाज में नशे की प्रवृत्ति की प्रभावी रोकथाम के लिए यह जनजागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी’’ मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन युवाओं को खोखला कर उनके परिवारों को भी बर्बाद कर रहा है। देश एवं प्रदेश के शीर्षस्थ राजनैतिक नेतृत्व भी इस विकराल समस्या से चितिंत एवं इसके निदान के लिये प्रयासरत है। समाज की ये नैतिक जिम्मेदारी है कि नशे के दुष्प्रभावों से विशेषकर किशोर बच्चों और युवाओं को अवगत कराएँ और नशे से दूर रखें। उन्होंने कहा कि ‘’हमारा है यही संदेश- नशा मुक्त हो मध्यप्रदेश’’। अभियान में उच्च शिक्षा, ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, खेल एवं युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास और स्कूल शिक्षा विभागों सहित एनजीओ और धार्मिक संस्थान की सक्रिय सहभागिता रहेगी। हर दिन होंगी जागरूकता की गतिविधियां अभियान के अंतर्गत पूरे प्रदेश में प्रतिदिन विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी जिनमें स्थानीय रेडियो और एफएम चैनलों के माध्यम से प्रसारण, सार्वजनिक स्थलों पर बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स का प्रदर्शन और पंपलेट का वितरण शामिल है। प्रिंट मीडिया, बस अड्डों और प्रमुख चौराहों पर डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से वीडियो प्रचार किया जाएगा। सफाई वाहनों पर लगे पीए सिस्टम से नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर हैशटैग #नशे_से_दूरी_है_जरूरी, #Say No To Drugs, #NashamuktMP के माध्यम से व्यापक संदेश भी प्रसारित किए जाएंगे। अभियान के दौरान प्रत्येक आयोजन स्थल पर नशामुक्ति से संबंधित ‘सेल्फी पॉइंट’ बनाए जाएंगे जिससे आमजन की भागीदारी को और प्रोत्साहन मिल सके। नारकोटिक्स से संबंधित शिकायतों और परामर्श के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933 एवं 14446 और वेबसाइट https://ncbmanas.gov.in का व्यापक प्रचार किया जाएगा। अभियान में प्रचार सामग्री जैसे कैप्स, रिस्ट बैंड्स, बैजेस, पोस्टर और बैनर भी वितरित किए जाएंगे। प्रदेश के सभी स्कूलों और कॉलेजों के छात्रावासों में ‘छात्रावास नशामुक्ति समितियों’ का गठन किया जाएगा। अभियान में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था, अखिल भारतीय गायत्री परिवार, आर्ट ऑफ लिविंग, हार्टफुलनेस जैसे सामाजिक व धार्मिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है। सामाजिक न्याय एवं एमएसएमई विभाग द्वारा प्रशिक्षित "मास्टर वॉलंटियर्स" नागरिकों व छात्रों को नशामुक्ति के लिए प्रेरित करेंगे। "कला पथक दल" द्वारा नुक्कड़ नाटक, गीत, संगीत के माध्यम से भी जनजागरूकता फैलाई जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं जैसे Alcoholics Anonymous और Narcotics Anonymous भी इस अभियान में अपना योगदान देंगी। शिक्षा विभाग द्वारा संचालित "युवा संगम" के अंतर्गत "प्रहरी क्लब"/ "ओजस क्लब" और "उमंग मॉड्यूल" के माध्यम से छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित "Manhit App" के माध्यम से नशा पीड़ित व्यक्तियों को चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। मेडिकल और टेक्नीकल कॉलेजों सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के सहयोग से पोस्टर, शॉर्ट मूवी और जागरूकता संदेश साझा किए जाएंगे।  

बोट क्लब पर ट्रैफिक प्रतिबंध: सुबह 5 से 9 तक नहीं मिलेगी एंट्री, 26 जुलाई तक लागू

भोपाल  15 से 26 जुलाई 2025 तक बोट क्लब पर आयोजित वायु सेना अग्नि वीर भर्ती के चलते मुख्यमंत्री निवास गेट-1 से वन विहार गेट तक के मार्ग पर सुबह 5 से 9 बजे तक ट्रैफिक पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान इस मार्ग से किसी भी प्रकार के वाहन नहीं गुजर सकेंगे।15 से 26 जुलाई 2025 तक बोट क्लब पर आयोजित वायु सेना अग्नि वीर भर्ती के कारण मुख्यमंत्री निवास गेट-1 से वन विहार गेट तक का मार्ग सुबह 5 से 9 बजे तक पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान इस मार्ग से किसी भी प्रकार के वाहन की आवाजाही नहीं हो सकेगी। वन विहार जाने वालों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था वन विहार की ओर जाने वाले पर्यटक और नागरिकों के लिए ट्रैफिक पुलिस ने गेट नंबर-02 से प्रवेश करने की व्यवस्था की है। ऐसे में वन विहार घूमने की सोच रहे लोग सीधे इस वैकल्पिक गेट का उपयोग करें, ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो। ट्रैफिक पुलिस की अपील, नियमों का पालन करें यातायात पुलिस भोपाल ने आम जनता से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और प्रतिबंधित मार्ग पर सुबह के समय अनावश्यक रूप से न जाएं। किसी प्रकार की परेशानी की स्थिति में यातायात हेल्पलाइन नंबर 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है। वन विहार की ओर जाने वाले पर्यटकों और नागरिकों के लिए ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। ऐसे लोग जो वन विहार जाना चाहते हैं, उन्हें गेट नंबर-02 से प्रवेश करने की सलाह दी जाती है, ताकि उन्हें किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और प्रतिबंधित मार्ग पर अनावश्यक रूप से सुबह के समय यात्रा से बचें। किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करने पर यातायात हेल्पलाइन नंबर 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है।

गुडिया लौट आओ नाटक की भव्य प्रस्तुति

भोपाल   स्थानीय रविन्द्र भवन सभागार में यूनाइटेड अवेयरनेस मिशन के तत्वावधान में भोपाल शहर के दसवी एवं बारहवी कक्ष के मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान मैं एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के  नागरिको ने शिरकत की जिस में मुख्य अतिथि MLA मध्य विधान जनाब आरिफ़ मसूद साहब एवं पूर्व पार्षद जनाब शावर मंसूरी साहब शिरकत की इस कार्यक्रम में "दिशा वल्फेयर एवं कल्चरल सोसायटी समिति द्वारा नाटक" गुडिया लौट आओ" का मंचन किया गया ! उक्त नाटक में यह संदेश देने का प्रयास दिया गया कि हमारे बच्चों और  नौ जवाने को अपने माता पिता वं बुजुर्गों की दी हुई सीख को अपनाने की जरूरत है। एक गलत कदम आपका भविष्य तबाह कर सकता है। कुदरत ने हमे जो जीवन प्रदान दिया है वह अनमोल है इसलिए इस जीवन मैं हमारे लक्ष्य एसे होने चाहिये कि हम परिवार, समाज एवं देश का भविष्य संवार सके! उक्त नाटक के निर्देशक शकील चाँद लेखक उमर असलम, मंच पर  एस.एम अली , नाएमा अली काज़मी, फ़िरोज़, नोया नूर अंसारी मंच परे मंच व्यवस्थापक फीरोज, संगीत एवं मंच सज्जा जावेद खान, लाइट शावेज़ सिकंदर इस पर स्तुति को भव्यता प्रदान की गई ।

भारतीय एमएसएमई उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच, डीपी वर्ल्ड और जाफजा अधिकारियों से महत्वपूर्ण बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘भारत मार्ट’ को बताया वैश्विक व्यापार का प्रवेशद्वार मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स और निर्यात का हब बनाने की दिशा में मजबूत कदम भारतीय एमएसएमई उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच, डीपी वर्ल्ड और जाफजा अधिकारियों से महत्वपूर्ण बैठक भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई यात्रा के तीसरे दिन डीपी वर्ल्ड और जेबेल अली फ्री ज़ोन (JAFZA) के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट कर “भारत मार्ट” परियोजना और उससे जुड़ी लॉजिस्टिक्स संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। यह बैठक भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को वैश्विक बाज़ार से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत मार्ट को “वैश्विक व्यापार का प्रवेशद्वार” बताते हुए कहा कि यह आधुनिक व्यापार केंद्र भारतीय उत्पादों, विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण, कृषि और हस्तशिल्प जैसे उत्पादों की मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरोप जैसे बाजारों तक सीधी पहुँच उपलब्ध कराएगा। भारत मार्ट 2026 में परिचालन में आएगा और ‘लोकल से ग्लोबल’ की नीति को नई दिशा देगा। “भारत मार्ट” भारत और यूएई के बीच व्यापारिक संबंधों का प्रतीक भारत मार्ट, जेबेल अली फ्री ज़ोन (JAFZA), दुबई में लगभग 2.7 मिलियन वर्ग फुट में विकसित किया जा रहा एक बहुआयामी अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र है। इसकी आधारशिला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम द्वारा फरवरी 2024 में संयुक्त रूप से रखी गई थी। यह केंद्र डीपी वर्ल्ड द्वारा संचालित किया जा रहा है और इसमें 1500 से अधिक शोरूम, अत्याधुनिक गोदाम और कार्यालय सुविधाएं शामिल होंगी। यह परियोजना भारतीय एमएसएमई को वैश्विक मंच प्रदान करने के लिए तैयार की जा रही है, जिससे वे अपनी गुणवत्ता युक्त वस्तुओं का निर्यात आसानी से कर सकें। भारत मार्ट, वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी को बढ़ाने वाला एक मजबूत स्तंभ बनेगा। मध्यप्रदेश से भारत मार्ट तक निर्बाध लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी बैठक में विशेष रूप से मध्यप्रदेश में डीपी वर्ल्ड द्वारा प्रस्तावित रेल टर्मिनल और उज्जैन–नागदा रूट को भारत मार्ट तक निर्बाध माल आपूर्ति का एक निर्णायक माध्यम बताया गया। यह लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी भारत से दुबई तक तेज़, किफायती और सुगम माल परिवहन सुनिश्चित करेगी, जिससे राज्य के निर्यातकों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “हमारी सरकार इस यात्रा को केवल व्यापार नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के आर्थिक भविष्य की नींव मान रही है। भारत मार्ट के ज़रिये हमारा प्रदेश वैश्विक आपूर्ति शृंखला में एक मज़बूत कड़ी बनेगा।” डीपी वर्ल्ड: भारत और मध्यप्रदेश के लिए संभावनाओं से भरा साझेदार डीपी वर्ल्ड, दुबई स्थित एक अग्रणी वैश्विक लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला समाधान प्रदाता है, जो 78 से अधिक देशों में 100 से अधिक टर्मिनलों और पोर्ट्स का संचालन करता है। प्रति वर्ष 70 मिलियन TEU कंटेनर हैंडल करने वाली यह कंपनी विश्व की सबसे बड़ी पोर्ट ऑपरेटरों में गिनी जाती है। भारत में संचालन डीपी वर्ल्ड भारत के मुंबई, मुंद्रा, कोचीन, चेन्नई और विशाखापत्तनम जैसे प्रमुख बंदरगाहों पर छह टर्मिनलों का संचालन करती है। साथ ही यह कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स, कंटेनर फ्रेट स्टेशन और एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट सेवाओं का भी प्रबंधन करती है। म.प्र. में ड्राय पोर्ट के विकास में दिखाई रूचि डीपी वर्ल्ड ने मध्यप्रदेश में इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD), मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP), कृषि-लॉजिस्टिक्स हब और ड्राय पोर्ट के विकास में गहरी रुचि दिखाई है। यह राज्य की लॉजिस्टिक्स और निर्यात नीति के अनुरूप है, और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के माध्यम से दीर्घकालिक अधोसंरचना विकास को मजबूती देने वाला कदम है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व युवा कौशल दिवस पर दीं शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों विशेष रूप से युवाओं को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि वर्ष 2025 की थीम एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) और डिजिटल कौशल से युवा सशक्तिकरण' है। वर्तमान समय में एआई देश-प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं को असीमित अवसर मिलें, इस उद्देश्य से राज्य सरकार तकनीकी-व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण को गति प्रदान कर रही है और प्रदेश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए हरसंभव कदम उठा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि PM मोदी ने दुबई के माध्यम से विश्व में व्यापार के एक नए द्वार को खोलने का कार्य किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 से 15 जुलाई के दौरान अपने दुबई प्रवास के दौरान विभिन्न व्यापारिक बैठकों और निवेश संवाद कार्यक्रमों में शामिल हुए। दौरे के समापन पर मुख्यमंत्री ने दुबई से एक विशेष संदेश जारी कर इस यात्रा को “विकास यात्रा की एक मजबूत नींव” बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “मेरे दुबई प्रवास के दौरान अनेक व्यापारिक बैठकों का आयोजन हुआ। मैं यहां के निवेशकों, भारतीय समुदाय के नागरिकों, सरकार के अधिकारियों और भारत के महावाणिज्य दूत का हृदय से धन्यवाद करता हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुबई की सामर्थ्य को पहचाना है और 2015 से ही उन्होंने इस शहर को वैश्विक व्यापार का प्रवेश द्वार बनाने की दिशा में कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी ने दुबई के माध्यम से विश्व में व्यापार के एक नए द्वार को खोलने का कार्य किया है,” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगे कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की ओर से इस ‘विकास यात्रा’ को इस भावना के साथ डिज़ाइन किया गया है कि यह राज्य के आर्थिक विकास और वैश्विक साझेदारियों के लिए एक मजबूत आधार बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस दौरे के दौरान दुबई स्थित डीपी वर्ल्ड, जाएफजा (जेबेल अली फ्री ज़ोन), भारतीय उद्यमियों और निवेशकों के साथ कई रणनीतिक बैठकों का आयोजन हुआ, जिसमें भारत मार्ट जैसे महत्वाकांक्षी वैश्विक व्यापार केंद्र को लेकर सहमति भी बनी।  

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने खत्म की EWS अभ्यर्थियों की आयु सीमा में छूट, बदलाव की ओर MPPSC

भोपाल मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने एक बड़ा और असरदार फैसला लेते हुए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को मिलने वाली पांच साल की आयु छूट को समाप्त कर दिया है। यह निर्णय मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है, जिससे अब ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों को अन्य सामान्य वर्ग की तरह अधिकतम 40 वर्ष की आयु सीमा में ही आवेदन करना होगा। क्या था पुराना नियम? फरवरी 2022 में आयोग ने ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को SC, ST और OBC वर्ग के समान 45 वर्ष तक की आयु छूट का लाभ देना शुरू किया था। इसके बाद से आयोग की कई परीक्षाओं में EWS वर्ग के हजारों उम्मीदवारों को इस सुविधा का लाभ मिला। लेकिन अब, MPPSC द्वारा जारी नवीनतम नोटिफिकेशन के अनुसार, यह लाभ समाप्त कर दिया गया है। हाईकोर्ट का निर्देश क्यों आया? हाईकोर्ट में इस नियम को लेकर चुनौती दी गई थी कि आयु में छूट केवल आरक्षित वर्गों के लिए लागू होती है, जबकि ईडब्ल्यूएस वर्ग को संविधान में सिर्फ 10% आरक्षण का प्रावधान दिया गया है, न कि आयु छूट जैसी सुविधाएं। कोर्ट ने यह माना कि ईडब्ल्यूएस को सामाजिक रूप से पिछड़ा वर्ग नहीं माना गया है, इसलिए उन्हें आयु सीमा में छूट देना नियमों के विरुद्ध है। इससे बड़ा यह झटका, पहले की परीक्षा से भी बाहर होंगे     इसमें भी एक बड़ा झटका यह लगा है कि जिन भर्ती विज्ञापनों में यह छूट मिली थी वह सभी खत्म बैकडेट से खत्म हो गई है। क्योंकि यह छूट याचिका 2022 के अनुपालन में ही मिली थी, इसके बाद ही आयोग ने विविध भर्ती विज्ञापन में यह छूट के लिए लाइन डाली थी, लेकिन अंतिम आदेश के बाद इसे लागू कर दिया गया है। यानी जिन भी भर्ती परीक्षा में ईडब्ल्यूएस पुरुष उम्मीदवारों ने यह छूट ली है, उन्हें बाहर किया जाएगा।     इसका असर पुरानी भर्ती परीक्षा में भी होगा। उन सभी में जिसमें आयु छूट सीमा के तहत आयोग ने 2108/22 की याचिका का हवाला देकर ईडब्ल्यूएस वालों को छूट दी थी। इस फैसले का असर किन पर होगा?     जिन ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों की उम्र 1 जनवरी 2025 तक 40 वर्ष से अधिक हो चुकी है, वे आगामी परीक्षाओं में आवेदन नहीं कर सकेंगे। वर्तमान में प्रक्रियाधीन परीक्षाएं, जैसे कि राज्य सेवा परीक्षा, वन सेवा परीक्षा आदि में यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू होगा। आयोग को 2022 से अब तक आयु छूट के आधार पर चयनित ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों की नियुक्ति रद्द करनी पड़ सकती है। प्रभावित होंगे हजारों उम्मीदवार इस आदेश से बड़ी संख्या में ईडब्ल्यूएस वर्ग के युवाओं को झटका लगा है। वे जो आयु छूट के कारण परीक्षा में शामिल हुए थे, अब उनकी नियुक्तियां भी संकट में पड़ सकती हैं। कई उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया पर इस फैसले का विरोध भी शुरू कर दिया है और इसे असमानता भरा निर्णय बताया है। यह सूचना जारी की है आयोग ने आयोग द्वारा भर्ती विज्ञापन में आयु सीमा में उल्लेख था कि ईडब्ल्यूएस के उम्मीदवारों द्वारा याचिका 2108/2022 में हाईकोर्ट द्वारा 8 फरवरी 2022 को जारी आदेश के अनुपालन में एसटी, एससी व ओबीसी के समान ईडब्ल्यूएस को भी आयु सीमा में छूट होगी। यानी जिन उम्मीदवारों की आयु 1 जनवरी 2025 को 45 साल से अधिक नहीं है वह आवेदन भर सकेंगे। लेकिन यह छूट याचिका 2108/22 के कोर्ट आदेश के अधीन होगी इस याचिका पर कोर्ट द्वारा 17 मार्च 2025 को अंतिम आदेश जारी करते हुए याचिका खारिज कर दी गई है। इसलिए आयोग विज्ञापनों में ईडब्ल्यूएस के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा अब अधिकतम 40 साल ही रहेगी। इसलिए जिन पुरुष उम्मीदवारों की सीमा 40 साल से अधिक है वह अपात्र माने जाएंगे। MPPSC का आधिकारिक नोटिफिकेशन आयोग की ओर से सोमवार को जारी अधिसूचना में कहा गया 'अब से ईडब्ल्यूएस वर्ग को आयु में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। उन्हें सामान्य वर्ग के समान अधिकतम 40 वर्ष की सीमा में आवेदन करना होगा। यह आदेश हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में पारित किया गया है।' EWS पुरुषों को छूट खत्म का पूरा मामला 5 पॉइंट्स में     आयु सीमा छूट खत्म: MPPSC ने EWS पुरुष उम्मीदवारों के लिए 5 साल की उम्र छूट खत्म की, अब अधिकतम आयु 40 साल होगी।     हाईकोर्ट आदेश: 17 मार्च 2025 को हाईकोर्ट ने EWS की आयु सीमा छूट को खारिज कर दिया।     बैकडेट से लागू: पहले दी गई छूट अब बैकडेट से खत्म, उम्मीदवार अपात्र होंगे।     प्रभावित परीक्षाएं: राज्य सेवा, असिस्टेंट प्रोफेसर, इंजीनियरिंग और मेडिकल ऑफिसर परीक्षाएं प्रभावित होंगी।     आधिकारिक निर्णय: हाईकोर्ट ने EWS को केवल आर्थिक आरक्षण दिया, उम्र छूट नहीं दी। यह सभी परीक्षाएं होंगी प्रभावित राज्य सेवा परीक्षा राज्य सेवा परीक्षा 2023 के इंटरव्यू शुरू हुए हैं। इसमें तो असर होगा ही, साथ ही राज्य सेवा परीक्षा 2024 जिसके इंटरव्यू अगस्त-सितंबर में प्रस्तावित हैं, साथ ही राज्य सेवा परीक्षा 2025 जिसकी प्री हो चुकी है और अब मेंस का इंतजार है, इसमें भी यह असर आएगा। इसमें कोई चयन सूची में आया है, वह अब अपात्र होगा। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती अभी साल 2022 की भर्ती के रिजल्ट आए हैं और आगे भी कुछ इंटरव्यू होना है। वहीं भर्ती 2024 की भी प्रक्रिया जारी है। इन सभी पर असर होगा। वहीं अभी इसी भर्ती का अगला चरण 27 जुलाई को होना है। इन सभी से यह बाहर होंगे राज्य इंजीनियरिंग परीक्षा और मेडिकल ऑफिसर भर्ती राज्य इंजीनियरिंग परीक्षा 23 पदों के लिए तो मेडिकल ऑफिसर भर्ती 890 पदों के लिए होना है। इन सभी पर इनका असर होगा। इसके साथ ही अन्य कई परीक्षाएं इसमें आएंगी जिनके लिए भी इस याचिका का हवाला देकर छूट की बात लिखी थी। हाईकोर्ट ने यह कहा था आदेश में जबलपुर में लगी रिट अपील में ईडब्ल्यूएस को भी एसटी, एससी और ओबीसी की तरह ही परीक्षा में बैठने के अधिक बार मिलने वाले अवसर और उम्र छूट सीमा का मुद्दा था। इसमें सभी पक्ष सुनने के बाद 17 मार्च 2025 को हाईकोर्ट ने आदेश दिए और कहा कि ईडब्ल्यूएस को 103वें संविधान संशोधन के तहत आर्थिक आधार पर यह आरक्षण … Read more

श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में बड़ा खुलासा: छात्राओं के यौन उत्पीड़न पर सीनियर डॉक्टर पर गिरी गाज

रीवा  रीवा के श्यामशाह मेडिकल कालेज की 80 नर्सिंग छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न और अभद्रता करने के मामले में ईएनटी विभाग के सीनियर डॉक्टर मो अशरफ को सस्पेंड कर दिया गया। उन्हें सस्पेंड करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मेडिकल कालेज में जमकर हंगामा किया गया था और उन पर कार्रवाई की मांग की थी। हाल ही में रीवा के श्यामशाह मेडिकल कालेज की 80 छात्राओं ने मेडिकल कालेज से संबद्ध गांधी स्मृति चिकित्सालय के ईएनटी विभाग के सीनियर डॉक्टर मो अशरफ पर यौन उत्पीड़न और अभद्रता सहित कई आरोप लगाए थे। बीएससी नर्सिंग की 80 छात्राओं ने यौन दुर्व्यवहार और असहज व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। छात्राओं ने नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य को लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने कहा था कि डॉक्टर के व्यवहार से वे खुद को असुरक्षित और मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रही हैं। इसके बाद इस मामले ने काफी तूल पकड़ लिया। नर्सिंग काॉलेज के प्राचार्य ने छात्राओं के विभाग में जाने पर रोक लगा दी थी। इस मामले की जांच के लिए नेत्र रोग विभागाध्यक्ष शशि जैन के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाई गई थी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भी छात्राओं के समर्थन में उतर आया था और डाक्टर पर कार्रवाई की मांग को लेकर मेडिकल कालेज में हंगामा किया था। अस्पताल प्रशासन द्वारा उन्हें 10 दिनों का आश्वासन दिया गया था। अब डॉक्टर अशरफ पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन पत्र में बताया गया है कि डॉक्टर अशरफ द्वारा प्रस्तुत जवाब संतुष्ट नहीं पाए जाने पर उन पर निलंबन की कार्रवाई की जा रही है।

रेलवे Reservation चार्टिंग प्रक्रिया में हुआ महत्त्वपूर्ण परिवर्तन,वेटिंग में अटका टिकट कंफर्म हुआ या नहीं 8 घंटे पहले हो जाएगी खबर

भोपाल  पैसेंजर्स की सुविधा और ट्रेन सिस्टम में रिफॉर्म के लिए रेलवे लगातार ताबड़तोड़ कदम उठा रही है. OTP से टिकट बुकिंग हो या नया रेलवे सुपर ऐप, रेलवे ने पिछले कुछ दिन में कई सारे बड़े कदम उठाए हैं. इसी कड़ी में रेलवे ने रिजर्वेशन चार्ट के नियमों में भी बड़ा परिवर्तन कर दिया है. रेलवे के नए नियमों के मुताबिक, अब लोगों को एक दिन पहले ही पता चल जाएगा कि उनका टिकट कंफर्म हुआ या नहीं.  यह नई व्यवस्था 15-16 जुलाई 2025 की मध्यरात्रि से लागू होगी और भोपाल मंडल सहित देशभर में एकसाथ प्रभावी होगी। अब तक यह चार्टिंग प्रक्रिया ट्रेन चलने के 4 घंटे पहले की जाती थी, लेकिन नई प्रणाली में यह समय सीमा बढ़ाकर 8 घंटे कर दी गई है। इससे वेटिंग और आरएसी यात्रियों को उनकी सीट की स्थिति पहले ही पता चल सकेगी, जिससे वे वैकल्पिक योजना बना सकेंगे। चार्टिंग का नया समय इस तरह होगा     ट्रेन प्रस्थान सुबह 5:00 से दोपहर 2 के बीच: पहला चार्ट पिछली रात 10 बजे तक तैयार होगा।     ट्रेन प्रस्थान दोपहर 2 से अगली सुबह 5 के बीच: पहला चार्ट प्रस्थान से 8 घंटे पूर्व बनेगा।     दूसरा चार्ट: वर्तमान समयानुसार प्रस्थान से 30 मिनट पहले ही तैयार किया जाएगा।     रिमोट लोकेशन (दूरस्थ स्टेशनों): इन पर भी यह नियम समान रूप से लागू होगा। भोपाल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि, अब इमरजेंसी कोटे के आवेदन भी एक दिन पहले ही स्वीकार किए जाएंगे। जिससे आवंटन में पारदर्शिता और समय प्रबंधन बेहतर होगा। उनके अनुसार, "इस बदलाव से यात्रियों की यात्रा योजना बेहतर होगी और सीट कन्फर्मेशन की स्थिति समय से पता चलने पर उनकी असुविधाएं कम होंगी। यह नवाचार रेलवे की यात्री हितैषी नीतियों की दिशा में एक बड़ा कदम है।" कब बन जाएगा टिकट रिजर्वेशन चार्ट रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, अब ट्रेन के प्रस्थान (departure) समय के अनुसार चार्टिंग के नियम इस प्रकार होंगे- 1. सुबह 5:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक रवाना होने वाली ट्रेनें इन ट्रेनों का पहला आरक्षण चार्ट पिछली रात 9:00 बजे (21:00) तक तैयार कर लिया जाएगा. 2. दोपहर 2:00 बजे से रात 11:59 बजे और रात 12:00 से सुबह 5:00 बजे तक जाने वाली ट्रेनें इनका पहला आरक्षण चार्ट ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले तैयार किया जाएगा. पैसेंजर्स को होगा क्या फायदा बुकिंग स्टेटस पहले ही क्लियर हो जाएगा जिससे वेटलिस्ट या RAC वाले यात्रियों को समय रहते यात्रा की योजना बनाने में सुविधा होगी और अधिक सीटों की उपलब्धता करंट बुकिंग में बढ़ेगी. रात में सफर करने वालों को पहले चार्ट मिल जाने से ट्रैवल की पुख्ता तैयारी हो सकेगी. ट्रेनों में बेहतर सीट अलॉटमेंट संभव होगा जिससे अंतिम समय की गड़बड़ियों से बचा जा सकेगा. रेलवे ने क्यों बदल दिए ये नियम रेलवे ने यह बदलाव यात्रियों को बेटर कस्टमर एक्सपीरियंस, अधिकतम सीट यूटिलाइजेशन और डिजिटल चार्टिंग सिस्टम के तहत ट्रेनों की समय से चार्टिंग के लिए किया है. इससे करंट बुकिंग से मिलने वाला रेवेन्यू भी बढ़ेगा और यात्रियों को यात्रा शुरू होने से पहले ही अपने टिकट स्टेटस की जानकारी मिल जाएगी.